चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने सरकारी योजनाओं, परियोजनाओं तथा अन्य विभागीय कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को उपलब्ध मानव संसाधन का सर्वोत्तम उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा हाल ही में हुई एक समीक्षा बैठक में कुछ विभागों द्वारा कार्यों में देरी का कारण मैनपावर की कमी बताए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई थी। इसके बाद मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा संबंधित अधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग मानव संसाधन से संबंधित समस्याओं का समय रहते समाधान सुनिश्चित करें ताकि सरकार की योजनाओं, विकास परियोजनाओं तथा अन्य सौंपे गए कार्यों के क्रियान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। निर्देशों में सभी विभागाध्यक्षों से कहा गया है कि वे अपने विभाग तथा अधीनस्थ कार्यालयों एवं संस्थानों में उपलब्ध मानव संसाधन की व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा करें और उसका सर्वोत्तम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें। जहां कहीं भी कर्मचारियों की कमी पाई जाए, वहां प्रचलित सरकारी नीतियों के अनुरूप उपलब्ध सभी विकल्पों का उपयोग करते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इनमें कर्मचारियों की युक्तिसंगत पुनः तैनाती (रैशनल रिडेप्लॉयमेंट), अनुमोदित माध्यमों से आवश्यक कर्मियों की नियुक्ति तथा आवश्यकता अनुसार नियमित भर्ती की प्रक्रिया शामिल है।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी सरकारी कार्य, परियोजना अथवा विभागीय दायित्व के निष्पादन में देरी के लिए मैनपावर की कमी को कारण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक विभाग का दायित्व है कि वह अपनी मानव संसाधन आवश्यकताओं का समय रहते आकलन करे, उपलब्ध व्यवस्थाओं के माध्यम से पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करे तथा सभी सरकारी कार्यक्रमों और परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करे।
सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि मानव संसाधन संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कर्मचारियों की कमी के कारण किसी भी विकास कार्य, सरकारी योजना अथवा विभागीय जिम्मेदारी के निर्वहन में कोई बाधा उत्पन्न न हो। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस विषय को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता पर कार्रवाई करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।



इस संस्थान से जुड़े व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि कॉलेज जीवन के दौरान बिशप कॉटन स्कूल में वे कई बार क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए आए थे, इसलिए इस विद्यालय से उनका विशेष जुड़ाव रहा है। जब भी शिमला के प्रतिष्ठित संस्थानों की बात होती है, तो बिशप कॉटन स्कूल का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। इस विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों ने देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर संस्थान का नाम गौरवान्वित किया है और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अवसर केवल विद्यालय की स्थापना का उत्सव नहीं है, बल्कि उन शाश्वत मूल्यों को स्मरण करने का भी अवसर है जिन पर इस महान संस्थान की नींव रखी गई थी। समय परिवर्तनशील है और बदलते समय के साथ-साथ नित नई तकनीकें विकसित हो रही हैं। वर्तमान में ईमानदारी, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और सेवा जैसे मूल्यों की प्रासंगिकता बढ़ी है। यही गुण असाधारण व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं।
वे केवल सफलता प्राप्त करने का लक्ष्य न रखें, बल्कि ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण करें जो समाज में सार्थक परिवर्तन ला सके। विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज, प्रदेश और राष्ट्र के विकास में अपना योगदान देना चाहिए, यही हमारा ध्येय होना चाहिए। शिक्षा की मजबूत नींव पर प्रगतिशील समाज का निर्माण होता है। इसी संकल्पना के साथ वर्तमान राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है। गर्व का विषय है कि हिमाचल प्रदेश ने 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य बनने का ऐतिहासिक गौरव प्राप्त किया है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। असर रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश के बच्चों ने देश में पढ़ने की सर्वश्रेष्ठ क्षमता का प्रदर्शन किया है। परख मूल्यांकन में प्रदेश ने वर्ष 2021 में 21वें स्थान से उल्लेखनीय सुधार करते हुए देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में स्थान बनाया है। इसी प्रकार, शिक्षा मंत्रालय के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में प्रदेश सात स्थान की छलांग लगाकर राष्ट्रीय स्तर पर छठा स्थान हासिल किया है। ये उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य सरकार केवल शिक्षा की पहुंच बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने विद्यालय के संस्थापक बिशप जॉर्ज एडवर्ड लिंच कॉटन की स्मृति में बने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा विद्यालय का ध्वज फहराया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय के विद्यार्थियों के माउंटेनियरिंग अभियान-2026 को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 28 जुलाई से 8 अगस्त तक लेह-लद्दाख में माउंट यालुंग नोंग (6090 मीटर) तक आयोजित किया जाएगा। इस अभियान में विद्यालय के विद्यार्थी अमोद तलवलकर, लालदिनजुआला, अल्तमाश नोमानी, तेनजिन त्सेवांग, मनराज सिंह ग्रोवर तथा अमन अग्रवाल भाग ले रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के ओएसडी सौरभ चौहान, विद्यालय के बोर्ड सदस्य मानव सिंह, विद्यालय के प्रधानाचार्य मैथ्यू पी. जॉन, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।








