जालंधर, 15 जुलाई: विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस के अवसर पर पसरीचा अस्पताल, जालंधर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई। साथ ही अस्पताल का संस्थापक दिवस भी मनाया गया, जो अस्पताल के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. के.के. पसरीचा की जयंती के रूप में हर वर्ष मनाया जाता है। वे पंजाब के पहले मेडिकल स्पेशलिस्ट माने जाते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। इस अवसर पर डॉ. पुनीत पसरीचा और डॉ. सीमा पसरीचा ने कहा कि अस्पताल आज भी अपने संस्थापक के सेवा और बेहतर इलाज के सिद्धांतों पर कार्य कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के वरिष्ठ स्टाफ को सम्मानित भी किया गया।
डॉ. आरुष पसरीचा ने अपने दादा स्वर्गीय डॉ. के.के. पसरीचा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग की उपलब्धियों की जानकारी दी।
प्लास्टिक सर्जन डॉ. आरुष पसरीचा ने बताया कि भारत में हर साल 15 जुलाई को विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में प्लास्टिक सर्जरी को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करना और इसके महत्व के बारे में जागरूक करना है।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक सर्जरी केवल सुंदरता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जले हुए शरीर के हिस्सों का इलाज, जन्मजात विकृतियों जैसे कटे होंठ और तालु (क्लेफ्ट) को ठीक करने, हाथ की गंभीर चोटों का उपचार करने और मरीजों का आत्मविश्वास लौटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्लास्टिक सर्जरी की शुरुआत भारत से मानी जाती है। करीब 2,500 वर्ष पहले महर्षि सुश्रुत ने इस चिकित्सा पद्धति की नींव रखी थी, इसलिए भारत का इस क्षेत्र में विशेष योगदान रहा है।
डॉ. आरुष पसरीचा ने बताया कि हाल ही में आयोजित अमेरिकन सोसायटी ऑफ प्लास्टिक सर्जरी (ASPS) के वैश्विक सम्मेलन में एसोसिएशन ऑफ प्लास्टिक सर्जन्स ऑफ इंडिया (APSI) के अध्यक्ष प्रो. आर.के. खजांची के प्रस्ताव पर 15 जुलाई को विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस के रूप में मान्यता दी गई। इसका उद्देश्य दुनिया भर में प्लास्टिक सर्जरी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इस चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान करना है।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. पुनीत पसरीचा और डॉ. सीमा पसरीचा ने अस्पताल के वरिष्ठ कर्मचारियों को सम्मानित किया। इसके अलावा अस्पताल में इलाज करा रहे क्लेफ्ट से पीड़ित छोटे बच्चों को स्कूल बैग भी वितरित किए गए।