जालंधर, ENS: नीट पेपर लीक मामले दिल्ली के जंतर मंतर में हो रहे प्रदर्शन को लेकर मामला गरमा गया है। हालांकि देर रात मेंदाता अस्पताल में जेपी नड्डा पहुंचे और उन्होंने सोनम वांगचुक का अनशन तुड़वाया। दरअसल, सोनम वांगचुक की तीन शर्तों के बाद अनशन तोड़ा गया। लेकिन अभी भी नीट पेपर लीक मामला गरमाया हुआ है। दरअसल, दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में आज से युवा नेता रवीश राज शर्मा ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के सामने पुडा परिसर में न्याय सत्याग्रह शुरू किया गया। इस दौरान उन्होंने12 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
उन्होंने देशभर के लोगों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह न्याय सत्याग्रह किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं, बल्कि सामाजिक मंच से आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे इस आंदोलन का समर्थन करें और युवाओं की आवाज को मजबूत बनाने में सहयोग दें। रवीश राज शर्मा ने कहा कि दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है।
यदि विद्यार्थियों की मांगों का जवाब संवाद से देने के बजाय बल प्रयोग किया जाएगा तो इससे युवाओं का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा। रवीश राज शर्मा ने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि जब-जब युवाओं ने अपने अधिकारों और देश के भविष्य के लिए आवाज उठाई है, तब-तब सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि आज भी युवाओं को अपने भविष्य की रक्षा के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाए। इसके अलावा दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई गई।