Home Punjab>Jalandhar राज्यपाल के Jalandhar में नशा मुहिम को लेकर सासंद चन्नी ने कसा तंज, देखें वीडियो

राज्यपाल के Jalandhar में नशा मुहिम को लेकर सासंद चन्नी ने कसा तंज, देखें वीडियो

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राज्यपाल के Jalandhar में नशा मुहिम को लेकर सासंद चन्नी ने कसा तंज, देखें वीडियो

किसानों के मुद्दे पर भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

जालंधर, ENS: रंगला पंजाब और नशा मुक्त पंजाब के तहत आज राज्यपाल गुलाब चंद कटारियां के जालंधर दौरे को लेकर कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी का बयान सामने आया है। चन्नी ने राज्यपाल पर तंज कसते हुए कहा कि वह लोगों द्वारा चुने हुए नेताओं को इस मुहिम में शामिल नहीं करना चाहते। नशा मुहिम को लेकर जालंधर दौरे पर राज्यपाल को सभी पार्टी के नेताओं के साथ बातचीत करनी चाहिए थी और उन्हें साथ लेकर मुहिम की शुरुआत करनी चाहिए थी। इस तरह से अलग कैंपेन चलानी ठीक नहीं है। यह लोकत्रंत राज है और यहां पर लोगों को साथ लेकर चलना राज्यापाल का फर्ज है। इस दौरान वह अपील करते है कि चाहे यह मुहिम लोगों के हित में है, लेकिन उन्हें सभी पार्टी के नेताओं और लोगों को साथ लेकर चलना चाहिए था। डेमोक्रेसी के अनुसार राज्यपाल के कुछ सीमित पॉवर है। ऐसे में राजनीतिक कामों में दाखिल होना बनता नहीं है, लेकिन अगर उन्होंने शामिल होना है तो वह लोगों द्वारा चुने गए नेताओं को साथ लेकर चले। बॉर्डर पर 50 किलोमीटर तक केंद्र सरकार का राज है, लेकिन उसके बावजूद पंजाब सरकार और केंद्र सरकार ड्रोन के जरिए आ रहे नशे और असलहे पर क्यों रोक नहीं लगाई जा रही। चन्नी ने कहा कि सरकार या तो उनके साथ मिली हुई या फिर राज करने के योग्य नहीं है। किसानों के दिल्ली कूच के दौरान आंसू गैस के गोले दागने को लेकर केंद्र और पंजाब सरकार मिलकर पंजाब की अर्थ व्यवस्था को खराब करना चाहती है और पंजाब के माहौल को खराब करना चाहती है। उन्हें पता है कि पंजाब की अर्थव्यवस्था किसानों के इर्द-गिर्द घूमती है। किसानों ने पहले ही 101 जत्थे ने पैदल दिल्ली कूच करने का ऐलान किया था और इसके लिए उन्होंने मांग पत्र भी दिया था। ऐसे में किसी को कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए। चन्नी ने कहाकि इसमें भी पीएम नरेंद्र मोदी को एतराज है। अगर किसान सड़कों पर उतरते है तो कहा जाता है कि वह आम जनता को परेशान कर रही है। किसानों को आपस में लड़वाया जा रहा है, लेकिन किसान का आढ़तियों के साथ नाखून-मांस का रिश्ता है और वह जल्द आपस में लड़ने वाले नहीं है। किसानों की मांगे जायज है उनकी मांगों को मानना चाहिए और मसले को जल्द खत्म करना चाहिए। वहीं पंजाब की हद में हरियाणा सरकार ने बैरियर लगाकर सील किया हुआ है और पंजाब के मुख्यमंत्री को खुद वहां जाकर रास्ते को खुलवाना चाहिए। पंजाब की जनता को इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  

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