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Punjab News: 4 लाख लगाकर रूस गए युवक ने लौटकर किए चौंकाने वाले खुलासे, देखें वीडियो

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Punjab News: 4 लाख लगाकर रूस गए युवक ने लौटकर किए चौंकाने वाले खुलासे, देखें वीडियो

कपूरथला: रूस में नौकरी का सपना दिखाकर भारतीय युवाओं के साथ हो रही ठगी का एक और मामला सामने आया है। हरियाणा के अंबाला के रहने वाले 25 वर्षीय युवक दीपक ने रूस से वापस आकर रौंगटे खड़े करने वाले खुलासे किए हैं। दीपक ने बताया कि उसे ट्रैवल एजेंट ने मॉस्को में 90 हजार रुपये महीना वेतन वाली नौकरी का लालच देकर 4 लाख रुपये लेकर रूस भेजा था, पर वहां उसे तकलीफों और जेल की यात्रा का सामना करना पड़ा। यह खुलासे उसने सल्तानपुर लोधी में निर्मल कुटिया में राज सभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मिलने के दौरान किए। दीपक ने बताया कि दिल्ली से मॉस्को की सीधी उड़ान सिर्फ 6 घंटे में पहुंच जाती है, पर एजेंट ने उसे इतना लंबा रूट बताया कि विभिन्न देशों और स्थानों से होकर वह 6 दिनों बाद मॉस्को पहुंचा।

वहां एक कंपनी में काम करावाया गया पर एक महीने काम करने के बाद जब उसने वेतन मांगा तो उसे काम से ही निकाल दिया गया। इसके बाद एजेंट ने उसे 500 किलोमीटर दूर एक अन्य कंपनी में लगवा दिया। वहां भी एक महीने काम करने के बाद 90 हजार रुपये देने की बजाय उसके हाथ पर सिर्फ 5 हजार रुपये ही रखे गए। हालत इतनी खराब हो गई कि उसके लिए रोटी-पानी का जुगाड़ करना भी कठिन हो गया और किराए के कमरे का भुगतान करना भी मुश्किल हो गया।

दीपक ने बताया कि जब वह बीमार हो गया और किराया नहीं दे सका तो मकान मालिक ने उसका पासपोर्ट छीन लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। मॉस्को के थाने में तीन दिन रखा गया जहां उसे पानी के अलावा कुछ भी खाने नहीं दिया गया। उसने बताया कि जब उसने खाने के लिए पुलिस कर्मियों से विनती की तो उसे करंट के झटके भी लगाए गए। तीन दिन बाद उसे इमिग्रेशन जेल में भेज दिया गया जहां विभिन्न देशों के नौजवान कैद थे।

दीपक के मुताबिक इस जेल में लगभग 150 के करीब भारतीय नौजवान भी थे, जिनमें से अधिकतर पंजाब और हरियाणा से संबंधित थे। जेल में मिलने वाले मानसिक उत्पीड़नों और खराब खाने के कारण कई नौजवान बहुत परेशान रहते थे। दोपहर और रात के खाने में सुअर का मास होता था, जिसे कोई भी भारतीय नहीं खाता था और वह सिर्फ तीन ब्रैड के साथ ही गुजरारा कर रहे थे। उसने बताया कि जेल के हालात इतने खतरनाक थे कि कई बार उसका मन करता था कि अगर एक महीने और यहां रहना पड़ गया तो शायद वह जिंदा वापस नहीं आ सके। वापस आने के बाद उसकी सेहत इतनी खराब हो गई कि उसे 10-15 दिनों अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।

बता दें कि दीपक के परिवार ने 2 फरवरी को राज सभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से संपर्क किया था। उनकी तत्काल कोशिशों से दीपक 17 फरवरी को सही सलामत वापस भारत आ गया। इस मौके पर संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पंजाब और हरियाणा के नौजवानों से अपील की कि वह ठग ट्रैवल एजेंटों के झांसे में आकर विदेश जाने की कोशिश न करें, क्योंकि ऐसे मामलों में युवाओं को बहुत खतरनाक हालत का सामना करना पड़ता है।

 

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