दरअसल 24 दिन पहले एक बुजुर्ग का इ-रिक्शा पटल गया था। उसके पैर की हड्डी टूट गई। डाक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर किया, लेकिन एम्बुलेंस मौके पर न पहुंचने के कारण परिवार को मजबूरी में टैक्सी बुक करवा मरीज को चंडीगढ़ पीजीआई ले जाना पड़ा। इस मामले की जानकारी देते हुए 65 वर्षीय बुजुर्ग छेदीलाल ने बताया कि करीब 24 दिन पहले उनका ई रिक्शा चलाते हुए शिवपुरी में एक्सीडेंट हुआ था। ई-रिक्शा उनके पैर पर पलट गया जिससे उनके पैर की हड्डी टूट गई। राहगीरों ने उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां से उन्हें मंगलवार की बाद दोपहर चंडीगढ़ के PGI अस्पताल में रेफर कर दिया। छेदीलाल मुताबिक उसने अपने बच्चों को घर से बुलाया, जो पिता को लेकर पहले अस्पताल के बरांदे में बैठकर 108 एंबुलेंस का इंतज़ार करते रहे। फिर बजुर्ग पिता को लेकर बच्चे अस्पताल के मेन गेट पर बैठकर एम्बुलेंस की प्रतीक्षा करते रहै, लेकिन एम्बुलेंस नहीं पहुंची। वह कई बार 108 नंबर पर फोन कर एम्बुलेंस की मांग करते रहे, लेकिन उन्हें कुछ समय बाद का बता ऑपरेटर फोन काट देता था। सड़क पर बैठे-बैठे जब पिता छेदीलाल की हालत बिगड़ने लगी तो बेटे ने ऑनलाइन एप से एक टेक्सी बुक करवाई, जिसके आने के बाद रात 9 बजे घायल बुजुर्ग छेदीलाल को चंडीगढ़ ले जाया गया। परिवार की जिला सेहत प्रशासन से मांग है कि एम्बुलेंस की व्यवस्था सही करवाई जाए ताकि गरीब लोगों का सही उपचार समय पर हो सके।Punjab: Ambulance did not reach the patient lying on the road for 4 hours, family took him to PGI in a taxi, watch video#Punjab #Ambulance #not #reach #patient #lying #road #4hours #family #took #him #PGI #taxi #watch #video #KhelKhelMein #ShareDotMarket pic.twitter.com/kMipB1WhA9
— Encounter News (@Encounter_India) July 24, 2024