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  • इस इलाके में पुलिस की दबिश, 5 ट्रांसजेंडर सहित 18 अवैध बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

    इस इलाके में पुलिस की दबिश, 5 ट्रांसजेंडर सहित 18 अवैध बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

    नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अशोक विहार में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रहे बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। उत्तर-पश्चिम जिले के अशोक विहार इलाके से पुलिस ने 18 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 5 लोग ट्रांसजेंडर के भेष में ट्रैफिक सिग्नलों पर भीख मांगते हुए पकड़े गए। पुलिस के मुताबिक, ये लोग बिना पासपोर्ट और वीजा के भारत में कई दिनों दे रह रहे थे और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा संकट बन सकते थे। जानकारी के अनुसार पुलिस की विदेशी सेल को गुप्त जानकारी मिली थी कि अशोक विहार क्षेत्र की झुग्गियों में कुछ लोग अवैध रूप से निवास कर रहे हैं।

    इस जानकारी के तहत पुलिस ने 2 टीमों का गठन किया और इलाके की करीब 100 झुग्गियों और 150 गलियों में सघन जांच-पड़ताल की। स्थानीय लोगों और दुकानदारों से मिली जानकारी के अनुसार संदिग्धों की पहचान की गई। जांच के पहले चरण में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्त में लिया, जो खुद को भारतीय बता रहा था, लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद उसने कबूल किया कि वह बांग्लादेशी है। उसकी जानकारी पर उसके परिवार के अन्य 12 सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनमें 10 वयस्क और 3 बच्चे शामिल थे। जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से 7 स्मार्टफोन भी बरामद किये गए हैं, जिनमें बांग्लादेश में प्रतिबंधित IMO ऐप इंस्टॉल था।

    इसी ऐप के माध्यम वे बांग्लादेश में अपने रिश्तेदारों से संपर्क में रहते थे, जिससे देश की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े हुए हैं। डीसीपी भीष्म सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) को सौंप दिया गया है और उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साथ ही, दिल्ली पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच में जुटी हुई है, ताकि ऐसे एजेंटों और गिरोहों का पता चल सके, जो अवैध घुसपैठ को अंजाम दे रहे हैं। बता दे, यह कार्रवाई न केवल अवैध प्रवासियों पर नकेल कसने के मार्ग में एक बड़ा कदम है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को लेकर भी पुलिस और खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर रही है।

     

  • Punjab News: मजीठिया के मामले में पूर्व ED अधिकारी निरंजन का आया बड़ा बयान, देखें वीडियो

    Punjab News: मजीठिया के मामले में पूर्व ED अधिकारी निरंजन का आया बड़ा बयान, देखें वीडियो

    मोहालीः पंजाब में आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया था। जिसके बाद कोर्ट से विजिलेंस ने मजीठिया का 7 दिन का रिमांड हासिल किया था। वहीं इस केस में मजीठिया की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। बीते दिन मजीठिया के खिलाफ ड्रग केस को लेकर पूर्व डीजीपी डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय विजिलेंस के समक्ष पेश हुए थे। वहीं इस केस को लेकर ईडी के पूर्व डिप्टी डॉयरेक्टर निरंजन सिंह को विजिलेंस विभाग ने पूछताछ के लिए तलब किया था, जिसके बाद उन्होंने आज अपने बयान दर्ज करवाए हैं।

    निरंजन सिंह ने कहा कि 2021 में उनके रिटायर होने तक यह जांच जारी थी और अदालत में इसकी स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल की जा चुकी है, इसलिए फिलहाल वह ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकते। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि 6 हजार करोड़ के भोला वाले ड्रग मामले में उनकी तरफ से जांच की गई थी। इस मामले में 17 लोगों को सजा हो चुकी है। उस समय बिक्रम मजीठिया का नाम सीधे तौर पर नहीं आया था। लेकिन जब भोला व बिट्‌टू औलख की स्टेटमेंट्स ली गई तो उसमें बिक्रम मजीठिया का जिक्र था।

    आज की जांच ड्रग मामले में नहीं, आय से अधिक संपत्ति के मामले में है। लेकिन ग्राउंड वही है। इसलिए उन्हें स्टेटमेंट देने के लिए बुलाया गया। उन्होंने विजिलेंस को बताया कि अन्य आरोपियों व भोला ने उन्हें क्या-क्या कहा है। जो ईडी में मैंने जांच के दौरान अपनी स्टेटमेंट्स दी थी, वे बता दी हैं। मेरी जांच रिपोर्ट के आधार पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की गई थी। इसी को आधार पर हाईकोर्ट ने एसटीएफ को जांच व कार्रवाई के लिए कहा था। एसटीएफ ने भी अपनी अब्जर्वेशन लगा कर रिपोर्ट हाईकोर्ट में दी।

    हाईकोर्ट ने रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए कहा था, लेकिन तब की सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया। 2021 में मेरी व एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर होती है। ये मामला विजिलेंस ने किया है। ये सभी मामले एक दूसरे से लिंक हैं। आगे विजिलेंस जांच करेगी। बता दें कि निरंजन सिंह वही अधिकारी हैं, जिन्होंने 2014 में मजीठिया के खिलाफ ईडी की जांच में अहम भूमिका निभाई थी। वे पहले भी बता चुके हैं कि पुलिस की एफआईआर में उनका नाम नहीं था, लेकिन आरोपियों से पूछताछ के दौरान उनका नाम सामने आया था। बाद में मामले के वित्तीय पहलुओं की जांच भी उन्होंने ही की थी।

  • सैनिकों के काफिले पर हुआ आत्मघाती हमला, 13 की मौत, 2 घरों की उड़ी छतें, कई घायल

    सैनिकों के काफिले पर हुआ आत्मघाती हमला, 13 की मौत, 2 घरों की उड़ी छतें, कई घायल

    खैबर पख्तूनख्वाः पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी हिस्से में सैनिकों के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में 13 सैनिकों की मौत हो गई। इस भीषण आत्मघाती हमले में 10 सैनिक गंभीर रुप से घायल होने की सूचना है। वहीं हमले में 19 आम नागरिकों को भी चोटें आई हैं। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान जिले में एक स्थानीय सरकारी अधिकारी ने बताया कि एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरे वाहन को सैन्य काफिले में घुसा दिया। इसके बाद हुए धमाके में 13 सैनिक मारे गए, 10 सैन्यकर्मी और 19 नागरिक घायल हो गए।

    विस्फोट से आस-पास के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फोट के कारण दो घरों की छतें भी गिर गईं, जिससे 6 बच्चे घायल हो गए। अब तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, यह पाकिस्तान के सबसे तनावपूर्ण इलाकों में से एक है। यहां अक्सर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के हमले होते रहे हैं।

    पाकिस्तान में पिछले कुछ समय में आतंकी हमले बढ़े हैं। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकी हमले तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में एक और बड़ा हमला पाकिस्तान की चिंता बढ़ाने वाला है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल मार्च में पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि उसने टीटीपी से संबंध रखने वाले 10 संदिग्ध आतंकवादियों को मार गिराया है। दक्षिणी वजीरिस्तान में जंडोला चेकपोस्ट के पास फ्रंटियर कोर के शिविर पर एक आत्मघाती हमला हुआ था। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंकवादियों को मार गिराया था।

    पिछले एक साल में पाकिस्तानी सेना पर कई आतंकी हमले हुए हैं। दिसंबर 2024 में एक हमले में 16 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे और 8 घायल हुए थे। यह हमला अफगानिस्तान सीमा के पास हुआ, जिसकी जिम्मेदारी टीटीपी ने ली। वहीं, जनवरी में बलूच लिबरेशन आर्मी ने केच में 35 हमले किए, जिसमें 94 सैनिकों की मौत का दावा किया गया। जून में ग्वादर के सयाबद में बलोच आर्मी ने हमला किया था, जिसमें 16 सैनिकों के मारे जाने की खबर सामने आई थी।

     

  • Punjab News: नहर में पड़ी 20 फीट बड़ी दरार, खेतों में पहुंचा पानी, फसलों को हुआ नुकसान, देखें वीडियो

    Punjab News: नहर में पड़ी 20 फीट बड़ी दरार, खेतों में पहुंचा पानी, फसलों को हुआ नुकसान, देखें वीडियो

    संगरूरः लहरा गागा में बहती हुई घग्गर शाखा में गांव कोटड़ा के पास लगभग 20 फीट की दरार पड़ गई। इस दरार के कारण 25 से 30 एकड़ फसल में पानी भर गया। प्रशासन मौके पर पहुंचकर दरार को पूरी तरह ठीक करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यदि घग्गर शाखा की बात करें तो कई जगह नहर खराब हालत में होने के कारण नुकसान का खतरा बना रहता है।

    मामले की जानकारी देते हुए किसान बिंदर सिंह ने बताया कि नहर टूटने से 25 से 30 एकड़ फसल में पानी भर गया है। यह नहर सुबह लगभग 5 बजे टूट गई थी। यह पानी गांव गागा और आलमपुर के खेतों तक पहुंच गया है। इस पानी से मूंग, नरमा, मक्का और जीरे की फसल को नुकसान हुआ है। किसान ने बताया कि यह नहर केवल एक जगह नहीं, कई जगहों पर टूटी हुई है। मौके पर पहुंची अधिकारी किरनदीप कौर ने बताया कि सुबह 4-5 बजे उन्हें सूचना मिली थी कि नहर में दरार पड़ गई है।

    जिसके बाद वह मौके पर मनरेगा और नहरी विभाग के पूरे प्रशासन के साथ मौके पर पहुंच गए और दरार को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं। लहरा गागा के तहसीलदार प्रवीण शीबर ने बताया कि नहरी विभाग और प्रशासन मौके पर पहुंच गया है और जल्द ही इस नहर की दरार को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे खेतों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, यदि कहीं नुकसान हुआ है तो उसका सर्वे करके सरकार को भेजा जाएगा।

  • Punjab News: मजीठिया के बाद पिता की बढ़ी मुश्किलें, बर्खास्त 65 सदस्यों में नाम शामिल, देखें List

    Punjab News: मजीठिया के बाद पिता की बढ़ी मुश्किलें, बर्खास्त 65 सदस्यों में नाम शामिल, देखें List

    अमृतसरः सिख समुदाय की प्राचीन और प्रतिष्ठित संस्था माने जाने वाले चीफ खालसा दीवान में चल रहे अंदरूनी विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। बताया जा रहा है कि चीफ खालसा दीवान के कुल 400 सदस्यों में से 280 सदस्यों के गैर अमृतधारी होने को लेकर आपत्ति जताई गई है। यह मामला सीधे श्री अकाल तख्त साहिब के खुफिया तंत्र तक पहुंच गया है।

    श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने इनमें से 31 सदस्यों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। उन्होंने इस मामले पर गंभीरता से विचार किया है और सिख शिष्टाचार और चीफ खालसा दीवान के संविधान संबंधी नियमों का पालन करने की जरूरत पर जोर दिया है।

    इसके साथ ही चीफ खालसा दीवान ने 65 विवादित सदस्यों को पहले ही सदस्यता से निष्कासित कर दिया है जिनमें अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के पिता सत्य मजीठिया का नाम भी शामिल है। संगठन के भीतर उठ रही आलोचना और धार्मिक शिष्टाचार के उल्लंघन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया।

    आशंका जताई जा रही है कि अगर दोनों पक्षों ने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है। सिख संगत इस पूरे मामले पर गंभीरता से नजर रख रही है, क्योंकि यह सिख आध्यात्मिक और प्रशासनिक संस्थाओं की पवित्रता से जुड़ा मामला है।

  • Punjab News: जग्गू भगवानपुरिया के परिवार ने लगाया धरना, किया रोड जाम, देखें Live

    Punjab News: जग्गू भगवानपुरिया के परिवार ने लगाया धरना, किया रोड जाम, देखें Live

    बटालाः जिले के कादिया रोड पर सरेआम गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया की मां और नौजवान का 2 दिन पहले गोलियां मारकर कत्ल कर दिया गया था। इस घटना की जिम्मेदारी बंबीहा गैंग ने ली थी। वहीं आज जग्गू के परिवार संस्कार ना करने का ऐलान किया है। इस दौरान जग्गू की मां का शव बटाला एसएसपी कार्यालय के बाहर रखकर धरना लगा दिया। मामले की जानकारी देते हुए मृतिका के परिवारिक सदस्य ने बताया कि उन्होंने पुलिस को घटना में इंसाफ दिलाने को लेकर बात की थी।

    इस दौरान पुलिस अधिकारी को लिखित में शिकायत दी थी, लेकिन उक्त आरोपियों के खिलाफ पर्चा दर्ज नहीं किया गया। इस दौरान महिला ने कहा कि बीते दिन ही पुलिस अधिकारियों को कह दिया गया था कि अगर उक्त हमलावारों के खिलाफ पर्चा दर्ज नहीं किया गया तो वह एसएसपी दफ्तर के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे। इसी को लेकर आज उनके द्वारा आज एसएसपी दफ्तर के बाहर शव रखकर धरना लगाया जा रहा है। इस दौरान परिजनों द्वारा रोड जाम कर दिया गया है। जिसके चलते राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    वहीं परिजनों द्वारा धरना लगाए जाने की सूचना के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए है और पुलिस अधिकारियों द्वारा परिजनों से बात की जा रही है। लेकिन दूसरी ओर परिजनों का कहना है कि उन्हें घटना से पहले आरोपियों द्वारा धमकियां मिल रही थी। जिसे लेकर पुलिस को पहले ही अवगत करवा दिया गया था। वहीं अब भी घटना को लेकर पुलिस को आरोपियों के नाम बता दिए गए है, लेकिन पुलिस द्वारा अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर परिजनों में भारी रोष पाया जा रहा है।

    बता दें कि इस घटना की जिम्मेदारी लेने के बाद आज फिर से बंबीहा गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की है। जिसमें बंबीहा गैंग ने कहा कि वह जग्गू की माता को टारगेट करने नहीं आए थे। गलती के साथ उनकी माता की मौत हुई है जिसके लिए वह अफसोस प्रगट कर चुके हैं। वहीं इसके बाद आज एक और पोस्ट सामने आई है जो कि जग्गू भगवान पुरिया की टीम के द्वारा पोस्ट की गई है जिसमें लिखा गया है कि हमें कोई गलत न कहें, अब हद पार हो गई।

  • Punjab News: मजीठिया मामले में विजिलेंस दफ्तर पहुंचे पूर्व ED अधिकारी

    Punjab News: मजीठिया मामले में विजिलेंस दफ्तर पहुंचे पूर्व ED अधिकारी

    चंडीगढ़: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने आमदनी से अधिक जायदाद के मामले में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। दरअसल, इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच में सहयोग के लिए इनफोरसमेंट डायरेक्टोरेट (ई.डी.) के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह को तलब किया गया है। जिसके चलते आज वह विजिलेंस हेडक्वार्टर पहुंचे। जहां पूर्व ईडी अधिकारी ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग देंगे।

  • गाय का कहर, युवक पर बेरहमी से किया हमला, देखें CCTV

    गाय का कहर, युवक पर बेरहमी से किया हमला, देखें CCTV

    रेवाड़ी: हरियाणा के रेवाड़ी में स्थित सेक्टर 4 में गाय का कहर देखने को मिला। जहां गाय ने अंशुल बेनीवाल नामक युवक पर हमला कर दिया। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कैसे गाय अंशुल के पीछे भागती है। अंशुल भी खुद को बचाने की कोशिश करता है, लेकिन गाय उसे टक्कर मार देती है। इसके बाद वो अंशुल को पैरों से रौंदती है। आसपास के लोग अंशुल को बचाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं, गाय उन पर भी अटैक की कोशिश करती दिखाई दे रही है। कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने अंशुल को गाय के चंगुल से छुड़ाया। इस घटना में अंशुल घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायल अंशुल को घर भेज दिया गया। फिलहाल अंशुल बेनीवाल की हालत अच्छी बताई जा रही है। घायल अंशुल के परिजनों ने बताया कि अंशुल घर से बाइक से पास के पार्क में खेलने के लिए जा रहा था। इस दौरान उसके पीछे से एक आवारा गोवंश दौड़ पड़ी और उसे बाइक समेत गिरा दिया। अशुंल जान बचाने के लिए दौड़ा, तो उसके पीछे गाय भी दौड़ पड़ी। घबरा कर अंशुल खाली प्लॉट में गिर गया। जिसके बाद गाय ने उसको टक्कर मारी और पैरों से रौंदती रही। अंशुल की चीख-पुकार सुनकर आसपास के तीन-चार लोग बचाने दौड़े, लेकिन गाय उनको भी मारने के लिए दौड़ी। कड़ी मशक्कत के बाद गाय को वहां से खदेड़ा गया।
  • कहीं आपका Instagram कोई और तो नहीं चला रहा ? ऐसे करे घर बैठे Log Out

    कहीं आपका Instagram कोई और तो नहीं चला रहा ? ऐसे करे घर बैठे Log Out

    टेकः आज के समय में Instagram काफी पॉपूलर हो गया है। हर किसी का Instagram पर अकाउंट होना लाजिमी है। ऐसे में ऐप की प्राइवेसी को लेकर यूजर्स के मन में कई तरह के सवाल आता है कि कहीं कोई और तो नहीं उनके इंस्टाग्राम अकाउंट का यूज कर रहा है। कई बार ऐसा भी होता है कि आप किसी काम से अपने दोस्त या किसी दूसरे के फोन या फिर लैपटॉप पर अपना अकाउंट ओपन करते हैं। काम हो जाने के बाद उसे लॉग आउट करना भूल जाते हैं। या फिर पासवर्ड उस फोन से सेव हो जाता है, इसलिए बाद में वे आपके अकाउंट का यूज करते हैं।

    हालांकि, इससे बचने के लिए इंस्टाग्राम आपको एक ऐसी सुविधा देता है, जिसकी मदद से आप अपने फोन से ही देख सकते हैं कि किस-किस डिवाइस में आपका इंस्टाग्राम ओपन है। आप उसे वहां से लॉग आउट भी कर सकते हैं।

    बता दें कि इंस्टाग्राम की सेटिंग में एक ऐसा ऑप्शन मिलता है, जो आपको अपने ही फोन से किसी भी डिवाइस में लॉग इन अकाउंट को लॉग आउट करने की सुविधा देता है। इसके लिए आपको कोई थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड नहीं करनी होगी।इसके लिए आपको अपने फोन की सेटिंग में जाना होगा। उसके बाद राइट साइड में प्रोफाइल आइकन पर क्लिक करना होगा। आपको सबसे ऊपर राइट साइड में हैमबर्ग आइन पर क्लिक कर दें। फिर आपको Account Center पर क्लिक करना होगा। अब अकाउंट सेटिंग में जाकर Password and Security पर क्लिक कर दें।

    इसके बाद आपको सबसे नीचे आना है। फिर Where you are logged in पर क्लिक करना है। फिर फेसबुक को सिलेक्ट कर लें। अब आपको उन सभी डिवाइस की लिस्ट दिख जाएगी, जिन पर आपका अकाउंट लॉग इन है। अब आप जिस डिवाइस से लॉग आउट करना चाहते हैं, उस पर क्लिक करें। ऐसा करते ही आपको लॉग आउट का ऑप्शन दिखेगा। इस पर क्लिक करके आप अकाउंट को उस डिवाइस से लॉग आउट कर सकते हैं।

  • सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है ये Jagannath Temple, 2 रुपए के दान से हुआ था निर्माण

    सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है ये Jagannath Temple, 2 रुपए के दान से हुआ था निर्माण

    धर्मः जगन्नाथ भगवान विष्णु के 8वें अवतार भगवान कृष्ण के रूपों में से एक हैं। उन्हें ब्रह्मांड का स्वामी कहा जाता है, स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल तीनों लोकों का। भगवान जगन्नाथ उड़ीसा के लिए अद्वितीय देवता हैं, कोई अन्य क्षेत्र उनके जैसे विष्णु के रूप की पूजा नहीं करता है। जगन्नाथ के देश में कई मंदिर हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में स्थित पांडादाह गांव का जगन्नाथ मंदिर अविभाजित मध्यप्रदेश का सबसे प्राचीन जगन्नाथ मंदिर है। पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बना यह मंदिर आस्था और विरासत का केंद्र है।

    मंदिर का इतिहास साल 1707 से जुड़ा है। कल्चुरी वंश की पराजय के बाद भोसले शासक बिंबाजी राव के समय में महंत प्रहलाद दास की भजन मंडली पांडादाह आई। रियासत की पटरानी ने प्रभावित होकर उन्हें सम्मान दिया। पटरानी के आदेश पर हर मालगुजार से मिले 2 रुपए के दान से मंदिर का निर्माण शुरू हुआ था।

    महंत प्रहलाद दास के बाद उनके शिष्य हरिदास बैरागी मंदिर के उत्तराधिकारी बने। हरिदास बैरागी राजनांदगांव रियासत के पहले शासक भी बने। उन्होंने किला और अन्य स्थापत्य का निर्माण करवाया। बाद में महंत घासी दास, बलराम दास और दिग्विजय दास ने रियासत की सत्ता संभाली।

    बैरागी राजवंश में संतानहीनता के कारण गुरु-शिष्य परंपरा में गद्दी का हस्तांतरण होता रहा। एक ब्राह्मण महिला जीराबाई ने मंदिर को 300 एकड़ भूमि दान में दी। यह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में “ठाकुर जुगल किशोर मंदिर” के नाम दर्ज है। कुल मिलाकर मंदिर को 500 एकड़ जमीन दान में मिली। वर्तमान में इस संपदा की देखरेख रानी सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा कर रही है।

    भगवान को कंधे पर उठाने की परंपरा

    यहां की सबसे अनोखी परंपरा है अरज दूज के दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की कंधे पर यात्रा। मान्यता है कि महंत हरिदास को स्वप्न में भगवान ने आदेश दिया कि रथ में नहीं, उन्हें कंधे पर उठाकर मंदिर परिसर में परिक्रमा कराई जाए।

    एक बार ब्रिटिश अधिकारी की जिद पर महंत बलराम दास को रथ यात्रा करनी पड़ी, लेकिन रथ यात्रा के अगले ही दिन उस अंग्रेज अफसर की मौत हो गई। तब से आज तक यहां भगवान की यात्रा रथ पर नहीं, कांधों पर होती है। पुजारी और भक्त मूर्ति को कंधे में उठाकर मंदिर के भीतर 5 परिक्रमा कराते हैं। खैरागढ़ के घने वनांचल में बसे पांडादाह में न केवल यह मंदिर बल्कि त्रिकोणीय कुआं, संगमरमर की मूर्तियां, आमनेर नदी, सियारसुरी मंदिर और सांकरा का महामाया मंदिर जैसे कई दर्शनीय स्थल हैं।

    पांडवों ने यहां किया था विश्राम

    इतिहासकारों का मत है कि महाभारत काल में पांडवों ने यहां विश्राम किया था, इसीलिए इसे पहले पांडवदाह कहा जाता था, जो बाद में पांडादाह बन गया। इसके बावजूद, यह ऐतिहासिक गांव आज भी पर्यटन विकास और सरकारी संरक्षण की प्रतीक्षा में है।