Home Punjab>Ludhiana Punjab News: आजादी समारोह में Civil Surgeon की एंट्री पर रोक मामले में Inspector और ASI पर गिरी गाज, देखें वीडियो

Punjab News: आजादी समारोह में Civil Surgeon की एंट्री पर रोक मामले में Inspector और ASI पर गिरी गाज, देखें वीडियो

0
Punjab News: आजादी समारोह में Civil Surgeon की एंट्री पर रोक मामले में Inspector और ASI पर गिरी गाज, देखें वीडियो

लुधियानाः पीएयू मैदान में राज्य स्तरीय आजादी दिवस के दौरान सिविल सर्जन जसबीर सिंह औलख की आजादी समारोह में एंट्री नहीं होने दी गई। बताया जा रहा हैकि सिविल सर्जन के पास समारोह का निमंत्रण पत्र भी था। लेकिन उसके बावजूद पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें समारोह में नहीं जाने दिया। सिविल सर्जन की एंट्री ना होने को लेकर यह मामला गरमा गया। दरअसल, जैसे ही मामला डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी के पास पहुंचा तो उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए डिप्टी कमिश्नर ने जिला पुलिस कमिश्नर को पत्र लिख दिया। जिसके बाद इस मामले में पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल के आदेश पर सब इंस्पेक्टर जसपाल सिंह और एएसआई जसपाल सिंह को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं 2 पुलिस कर्मचारियों को पुलिस लाइन लुधियाना भेज दिया गया है। सीपी के आदेशानुसार एएसआई जसपाल सिंह रोजाना रोल कॉल और परेड में मौजूद रहेंगे। इन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

दरअसल, सिविल सर्जन जसबीर सिंह ओलख ने सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर पोस्ट शेयर की थी। जिसमें उन्होंने लिखा- आज आजादी दिवस था, लुधियाना में भी मनाया गया। मुझे भी VIP कार्ड नंबर 962 जारी हुआ था। मैं 8.40 बजे PAU काम्प्लैक्स (जहां जिला स्तरी समागम था) में पहुंच गया। गेट पर तैनात कर्मचारियों/अधिकारियों ने सूची चैक की। बतौर सिविल सर्जन लुधियाना मेरा नाम उस सूची में नहीं था। खैर मैं अपना VIP पत्र और अपना पहचान पत्र कार्ड भी उन्हें दिखाया लेकिन एक अन्य कर्मचारी ने मुझे बाजु से पकड़ कर गेट से बाहर निकाल दिया। मेरे सामने काफी महमान बिना पास और पहचान पत्र कार्ड के अंदर जा रहे थे। मैने बहसबाजी करने की बजाय गांधी गिरी का रास्ता अपनाया।

मैंने सारा समारोह सरकारी गाड़ी में बैठकर सुना, राष्ट्रीय गान के समय खड़े होकर बनता सम्मान भी दिया। इसकी सूचना/शिकायत डिप्टी कमिश्नर लुधियाना को ईमेल की गई, जिन्होंने एक एसडीएम की इस मामले में डयूटी लगाई जबकि सिविल सर्जन स्तर के अधिकारी द्वारा भेजा गई शिकायत पर तुरंत एक्शन होना बनता था। यह बेइज्जती डा. जसबीर सिंह ओलख की नहीं बल्कि समस्त पंजाब सिविल मैडिकल सर्विसज (PCMS) केडर की है, जो की पहले ही RMO/ आम आदमी क्लीनिक वगैरा-वगैरा में बांट कर आखरी सांसों पर है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here