चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील एवं अधिक भीड़भाड़ वाले सभी प्रतिष्ठानों की व्यापक पहचान और निरीक्षण के लिए अभियान चलाएं। इसमें कोचिंग सेंटर, पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास, होटल, औद्योगिक इकाइयां, व्यावसायिक भवन तथा अन्य ऐसे प्रतिष्ठान शामिल होंगे, जहां अग्नि दुर्घटना की आशंका अधिक रहती है। इस अभियान का उद्देश्य अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान कर निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने-अपने जिलों में ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की सूची तैयार करें, उनकी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत ऑडिट कराएं तथा जिन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उनके विरुद्ध तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों के संचालकों, होटल मालिकों, कोचिंग सेंटर संचालकों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठकें की जाएं। इन बैठकों में उन्हें अग्नि सुरक्षा से संबंधित आवश्यक सावधानियों, अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं तथा आग की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी नियंत्रण के लिए उपलब्ध नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी जाए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नगर पार्षदों तथा वार्ड समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ये जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों के निवासियों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से सीधे जुड़े होने के कारण अग्नि सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्य सचिव ने अग्निशमन विभाग को निर्देश दिए कि चिन्हित सभी प्रतिष्ठानों का समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाए तथा उनकी नियमित निगरानी जारी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अग्नि सुरक्षा केवल औपचारिक अनुपालन का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी ने बताया कि विभाग में अत्याधुनिक अग्निशमन उपकरणों तथा रोबोट एवं ड्रोन आधारित तकनीक से लैस आधुनिक फायर टेंडरों की खरीद की प्रक्रिया जारी है। इन आधुनिक प्रणालियों के उपयोग से खास तौर पर बहुमंजिला इमारतों, औद्योगिक परिसरों तथा अन्य दुर्गम स्थानों पर आपातकालीन स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य करना आसान होगा।





पत्र में विद्यालय में कक्षा-कक्षों की कमी तथा उचित खेल मैदान एवं खेल सुविधाओं के अभाव की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया गया, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु आवश्यक हैं।
अभय झा ने बताया कि यह विषय हल्लोमाजरा के निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग रहा है। इस संदर्भ में चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा विद्यालय पर निरंतर दिए गए ध्यान की सराहना की, जिसके अंतर्गत पंजाब के राज्यपाल एवं प्रशासक, चंडीगढ़ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति का आकलन करने हेतु विद्यालय का दौरा भी किया है। इस सतत प्रयास को आगे बढ़ाते हुए पत्र के माध्यम से केंद्र सरकार से यह आग्रह किया गया है कि विद्यालय के उन्नयन एवं आधारभूत संरचना सुधार कार्य को शीघ्र पूर्ण किया जाए।
राजकीय उच्च विद्यालय, हल्लोमाजरा का सीनियर सेकेंडरी विद्यालय के रूप में उन्नयन हमारे स्थानीय समुदाय की एक वास्तविक एवं लंबे समय से प्रतीक्षित मांग है। मुझे विश्वास है कि धर्मेंद्र प्रधान के सक्षम नेतृत्व में छात्रों के व्यापक हित में इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।
अभय झा ने अपने पत्र के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष निम्नलिखित मांगें प्रस्तुत की हैं।


