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  • हरियाणा में अग्नि सुरक्षा को लेकर चलेगा व्यापक अभियान, उपायुक्त करेंगे संवेदनशील प्रतिष्ठानों की पहचान एवं निरीक्षण

    हरियाणा में अग्नि सुरक्षा को लेकर चलेगा व्यापक अभियान, उपायुक्त करेंगे संवेदनशील प्रतिष्ठानों की पहचान एवं निरीक्षण

    चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील एवं अधिक भीड़भाड़ वाले सभी प्रतिष्ठानों की व्यापक पहचान और निरीक्षण के लिए अभियान चलाएं। इसमें कोचिंग सेंटर, पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास, होटल, औद्योगिक इकाइयां, व्यावसायिक भवन तथा अन्य ऐसे प्रतिष्ठान शामिल होंगे, जहां अग्नि दुर्घटना की आशंका अधिक रहती है। इस अभियान का उद्देश्य अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान कर निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना है।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने-अपने जिलों में ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की सूची तैयार करें, उनकी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत ऑडिट कराएं तथा जिन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उनके विरुद्ध तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

    उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों के संचालकों, होटल मालिकों, कोचिंग सेंटर संचालकों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठकें की जाएं। इन बैठकों में उन्हें अग्नि सुरक्षा से संबंधित आवश्यक सावधानियों, अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं तथा आग की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी नियंत्रण के लिए उपलब्ध नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी जाए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नगर पार्षदों तथा वार्ड समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ये जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों के निवासियों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से सीधे जुड़े होने के कारण अग्नि सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    मुख्य सचिव ने अग्निशमन विभाग को निर्देश दिए कि चिन्हित सभी प्रतिष्ठानों का समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाए तथा उनकी नियमित निगरानी जारी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अग्नि सुरक्षा केवल औपचारिक अनुपालन का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी ने बताया कि विभाग में अत्याधुनिक अग्निशमन उपकरणों तथा रोबोट एवं ड्रोन आधारित तकनीक से लैस आधुनिक फायर टेंडरों की खरीद की प्रक्रिया जारी है। इन आधुनिक प्रणालियों के उपयोग से खास तौर पर बहुमंजिला इमारतों, औद्योगिक परिसरों तथा अन्य दुर्गम स्थानों पर आपातकालीन स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य करना आसान होगा।

  • कांग्रेस सांसद सड़क हादसे का शिकार, गाड़ी के खुले एयरबैग, देखें वीडियो

    कांग्रेस सांसद सड़क हादसे का शिकार, गाड़ी के खुले एयरबैग, देखें वीडियो

    जींदः हरियाणा के जींद हाईवे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हिसार से कांग्रेस सांसद जयप्रकाश जेपी की गाड़ी पशु से टकरा गई। मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली-पटियाला हाईवे पर उनकी गाड़ी के आगे अचानक एक बैल आ गया था। टक्कर इतनी जबरदस्ती थी कि गाड़ी के सारे एयरबैग खुल गए। वहीं गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

    काफिले में साथ चल रहे वर्कर सांसद को उचाना के अस्पताल लेकर गए। जहां उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। हादसे में जेपी के ड्राइवर को भी चोटें आई हैं। अस्पताल से एक वीडियो भी सामने आई है, जिसमें मेडिकल टीम सांसद की जांच कर रही है। डॉक्टरों के मुताबिक अचानक जोर का झटका लगने से सांसद अभी घबराहट व सदमे में हैं और सिर घूमने की शिकायत कर रहे हैं। साथ ही घुटने में भी चोट लगी है।

    71 वर्षीय सांसद के सभी टेस्ट जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी हेल्थ को लेकर सटीक जानकारी मिलेगी। हिसार सांसद जयप्रकाश शुक्रवार को अपने काफिले के साथ जींद से उचाना की ओर आ रहे थे। इसी दौरान उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी के आगे अचानक एक बैल आ गया। बैल से टकराते ही गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में कार ड्राइवर सोनू घायल हो गया। उन्हें पास के ही एक नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं जयप्रकाश का भी डॉक्टरों की देखरेख में इलाज चल रहा है। मेडिकल टीम उनका ब्लड प्रेशर चेक कर रही है।

     

  • भीषण सड़क हादसे में बच्चे सहित परिवार के 4 लोगों की मौत

    भीषण सड़क हादसे में बच्चे सहित परिवार के 4 लोगों की मौत

    पंचकूलाः देहरादून-पंचकूला हाईवे पर रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के हलगोया के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। इस घटना में गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। वहीं हादसे में 2 महिलाओं, एक बुजुर्ग और एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार सोनीपत जनपद के मंढोरा निवासी चरण सिंह अपने परिवार के साथ कार में हरिद्वार जा रहे थे। पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक कार ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे कार में सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मृतकों में दो महिलाएं, एक बुजुर्ग और एक बच्चा शामिल हैं।

    वहीं हादसे में प्रवीण, सहदेव और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, सोनीपत के मंडोरा गांव निवासी चरण सिंह अपने परिवार के साथ टाटा टियागो कार (HR 10AL 7732) से हरिद्वार दर्शन के लिए जा रहे थे।

    जैसे ही उनकी कार सरसावा थाना क्षेत्र में देहरादून–पंचकूला हाईवे पर पहुंची, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक बोलेरो ने टियागो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने चरण सिंह की पत्नी सुदेश, पुत्रवधू प्रीति, पोते शिवांश और एक बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया। पुलिस पीछे से टक्कर मारने वाली कार के चालक की तलाश कर रही है। यह हादसा सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही का एक और गंभीर उदाहरण है, जिसने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

     

  • 26 हजार से अधिक किसानों ने 3.41 लाख एकड़ में धान की सीधी बुवाई की

    26 हजार से अधिक किसानों ने 3.41 लाख एकड़ में धान की सीधी बुवाई की

    चंडीगढ़ : पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) के अंतर्गत आने वाले रकबे में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि राज्य सरकार द्वारा भूजल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान को किसानों से मिल रहे व्यापक समर्थन का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि अब तक 26,896 किसानों ने 3.41 लाख एकड़ भूमि पर डीएसआर तकनीक अपनाई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 25,853 किसानों ने 2.93 लाख एकड़ क्षेत्र में डीएसआर पद्धति अपनाई थी। इस सकारात्मक रुझान को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में डीएसआर योजना के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाकर 40 करोड़ रुपये कर दी है, जो वर्ष 2025 में वितरित 35.16 करोड़ रुपये की सहायता राशि से अधिक है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पंजीकृत किसान को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 1,500 रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। कृषि मंत्री ने बताया कि किसान डीएसआर योजना के लिए 30 जून तक agrimachinerypb.com पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि धान उत्पादक प्रमुख जिलों में रोपाई का कार्य अभी भी जारी है, जो जुलाई के मध्य तक चलने की संभावना है। ऐसे में आने वाले सप्ताहों में डीएसआर के अंतर्गत रकबे में और वृद्धि होने की उम्मीद है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों की ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण और बैंक खातों के सत्यापन में सहायता के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि डीबीटी का लाभ बिना किसी बाधा के किसानों तक पहुंच सके। स.गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा, “डीएसआर के अंतर्गत 16 प्रतिशत की वृद्धि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की टिकाऊ कृषि नीति में किसानों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। वर्ष 2026-27 के लिए 40 करोड़ रुपये के बढ़े हुए बजट के साथ हम किसानों की लागत कम करने के साथ-साथ पंजाब के कृषि भविष्य को सुरक्षित बनाने के प्रयासों को और तेज कर रहे हैं। हम केवल वित्तीय सहायता ही नहीं दे रहे, बल्कि जल संरक्षण को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। डीएसआर के तहत आने वाला प्रत्येक एकड़ क्षेत्र आने वाली पीढ़ियों के लिए भूजल बचाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।” उन्होंने जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, उनसे अंतिम तिथि से पहले आगे आकर योजना का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि डीएसआर तकनीक में न तो नर्सरी तैयार करने और न ही धान की रोपाई की आवश्यकता होती है, जिससे सिंचाई के पानी की खपत 15 से 20 प्रतिशत तक कम हो जाती है तथा मजदूरी पर होने वाला खर्च भी काफी घट जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए डीएसआर तकनीक को एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में लगातार प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत किसानों को पारंपरिक धान रोपाई पद्धति से डीएसआर तकनीक अपनाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान, प्रदर्शन कार्यक्रम तथा हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
  • BJYM चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अभय झा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सौंपा पत्र

    BJYM चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अभय झा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सौंपा पत्र

    राजकीय उच्च विद्यालय, हल्लोमाजरा के उन्नयन की उठाई मांग चंडीगढ़: भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अभय झा ने आज चंडीगढ़ दौरे पर आए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भेंट की। इस अवसर पर अभय झा ने धर्मेंद्र प्रधान को एक पत्र सौंपा, जिसमें राजकीय उच्च विद्यालय, हल्लोमाजरा, चंडीगढ़ को वर्तमान दसवीं कक्षा के स्तर से सीनियर सेकेंडरी विद्यालय (12वीं कक्षा) के स्तर तक उन्नत करने तथा क्षेत्र में निवासरत छात्रों के हित में विद्यालय की शैक्षणिक आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने हेतु उनका ध्यान आकृष्ट किया गया। सौंपे गये पत्र को लेकर अभय झा ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में केवल दसवीं कक्षा तक की शिक्षा उपलब्ध है, जिसके कारण छात्रों को ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षा के लिए अपने क्षेत्र से दूर स्थित विद्यालयों में प्रवेश लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था अभिभावकों, विशेषकर मध्यम वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से जुड़े अभिभावकों पर एक महत्वपूर्ण व्यावहारिक एवं आर्थिक भार डालती है। पत्र में विद्यालय में कक्षा-कक्षों की कमी तथा उचित खेल मैदान एवं खेल सुविधाओं के अभाव की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया गया,  जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु आवश्यक हैं। अभय झा ने बताया कि यह विषय हल्लोमाजरा के निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग रहा है। इस संदर्भ में चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा विद्यालय पर निरंतर दिए गए ध्यान की सराहना की, जिसके अंतर्गत पंजाब के राज्यपाल एवं प्रशासक, चंडीगढ़ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति का आकलन करने हेतु विद्यालय का दौरा भी किया है। इस सतत प्रयास को आगे बढ़ाते हुए पत्र के माध्यम से केंद्र सरकार से यह आग्रह किया गया है कि विद्यालय के उन्नयन एवं आधारभूत संरचना सुधार कार्य को शीघ्र पूर्ण किया जाए। राजकीय उच्च विद्यालय, हल्लोमाजरा का सीनियर सेकेंडरी विद्यालय के रूप में उन्नयन हमारे स्थानीय समुदाय की एक वास्तविक एवं लंबे समय से प्रतीक्षित मांग है। मुझे विश्वास है कि धर्मेंद्र प्रधान के सक्षम नेतृत्व में छात्रों के व्यापक हित में इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र कार्यवाही की जाएगी। अभय झा ने अपने पत्र के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष निम्नलिखित मांगें प्रस्तुत की हैं।
    1. राजकीय उच्च विद्यालय, हल्लोमाजरा, चंडीगढ़ को सीनियर सेकेंडरी विद्यालय (बारहवीं कक्षा) के स्तर तक उन्नत किया जाए।
    2. अतिरिक्त कक्षा-कक्षों एवं आधुनिक शैक्षणिक आधारभूत संरचना के निर्माण को स्वीकृति दी जाए।
    3. छात्रों के लिए उचित खेल मैदान एवं खेल सुविधाओं का विकास किया जाए।
    4. सह-शैक्षणिक एवं खेल गतिविधियों हेतु पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
    5. छात्रों एवं स्थानीय समुदाय के हित में संबंधित अधिकारियों को शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया जाए।
       
  • लोगों की शिकायतों का पारदर्शिता के साथ निवारण करें अधिकारी, अन्यथा होगी कार्रवाई -शिक्षा मंत्री

    लोगों की शिकायतों का पारदर्शिता के साथ निवारण करें अधिकारी, अन्यथा होगी कार्रवाई -शिक्षा मंत्री

    चंडीगढ़/सोनीपत: हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच है और अधिकारियों को शिकायतों का निस्तारण पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को सोनीपत लघु सचिवालय में आयोजित समिति की मासिक बैठक में उन्होंने 16 शिकायतों की सुनवाई की, जिनमें से 9 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में अधिकारियों को अगली बैठक से पहले कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए।

    बैठक के दौरान शास्त्री कॉलोनी निवासी सुनीता देवी द्वारा बिजली विभाग की लापरवाही के कारण 71,102 रुपये का गलत बिल भेजे जाने की शिकायत पर शिक्षा मंत्री ने संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता से यह राशि वसूल नहीं की जाएगी क्योंकि इसमें उसकी कोई गलती नहीं है। वहीं, अहमदपुर गांव में सिंचाई के खाल पर कब्जे की शिकायत पर उपायुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की गई, जबकि स्कूल में कथित गबन और पैतृक संपत्ति हड़पने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए अलग-अलग समितियां बनाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

    इसके अलावा, नगर निगम से एनओसी में आ रही दिक्कत, निजी अस्पताल से जुड़ी शिकायत और गांव निजामपुर माजरा में पेयजल आपूर्ति जैसे मामलों पर भी मंत्री ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

     

  • Punjab News: प्रॉपर्टी डीलर व आप नेता के दफ्तर पर चली गोलियां

    Punjab News: प्रॉपर्टी डीलर व आप नेता के दफ्तर पर चली गोलियां

    पटियालाः राजपुरा में गोलियां चलने की घटना सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसर राजपुरा कस्बे में 2 नकाबपोश बदमाशों ने कथित तौर पर प्रॉपर्टी डीलर व आप नेता के कार्यालय पर गोलियां चलाई। घटना को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। राजपुरा-पटियाला मार्ग पर अंडरब्रिज के पास स्थित लक्ष्मी प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय में हुई।

    इस घटना को लेकर लोगों में दहशत का माहौल पाया जा रहा है। पीड़ित ने घटना की सूचना पुलिस को दी। राजपुरा सिटी के थाना प्रभारी (एसएचओ) गुरसेवक सिंह, पटियाला थाना प्रभारी प्रदीप बाजवा तथा अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, हमलावर स्कूटर पर आए और 8 गोलियां चलाकर फरार हो गए। जांच में सामने आया है कि आरोपी सुबह से ही रेकी कर रहे थे। ऑफ़िस की दीवारों पर गोलियों के निशान दिखाई दे रहे हैं। इस मामले में कोई भी पुलिस अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों में से एक कार्यालय के भीतर गया और वहां मौजूद लोगों से मालिक रमेश पाहूजा के बारे में पूछा। जब कार्यालय में मौजूद एक महिला कर्मचारी ने बताया कि पाहूजा वहां मौजूद नहीं हैं तो आरोपी ने कथित तौर पर रिवॉल्वर निकालकर गोलीबारी शुरू कर दी और बाद में अपने साथी के साथ फरार हो गया। वहीं पुलिस दलों ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं और आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। गोलीबारी के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

     

  • अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी निवारण दिवस को ‘एंटी-चिट्टा दिवस’ के रूप में आयोजित किया गया

    अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी निवारण दिवस को ‘एंटी-चिट्टा दिवस’ के रूप में आयोजित किया गया

    शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा 15 नवंबर, 2025 को आरम्भ किए गए ऐतिहासिक प्रदेशव्यापी ‘एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन’ के अंतर्गत चिट्टा-मुक्त हिमाचल के संकल्प को धरातल पर पूरी तत्परता से लागू करने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस बल निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए 26 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी निवारण दिवस’ को सम्पूर्ण हिमाचल में ‘एंटी-चिट्टा दिवस’ के रूप में आयोजित किया गया। हिमाचल के इतिहास में यह पहला ऐसा अवसर है, जब संपूर्ण प्रदेश में एक साथ एक ही समय पर इतनी विशाल मात्रा में नशीले पदार्थों के वैज्ञानिक निस्तारण की कार्रवाई को मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत द्वारा फ्लैग ऑफ कर संचालित और मॉनिटर किया गया।

    इस अवसर पर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा नशे के सौदागरों की रीढ़ तोड़ने के उद्देश्य से एक अभूतपूर्व एवं दूरगामी कार्रवाई अमल में लाई गई है। नशे के काले कारोबार के विरुद्ध प्रदेश सरकार की शून्य सहनशीलता की नीति को अपनाते हुए प्रदेशभर में 10 विभिन्न स्थानों पर एन.डी.पी.एस. अधिनियम के तहत दर्जनों मुकद्मों में भारी मात्रा में जब्त की गई मादक पदार्थों की केस प्रॉपर्टी (जब्तशुदा माल) को सामूहिक रूप से पूरी तरह नष्ट किया गया। प्रदेश भर में नष्ट किए गए इन मादक पदार्थों का कुल अनुमानित अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग 13.28 करोड़ रुपये आंका गया है।
    इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल प्रशासनिक तौर पर जब्त मादक पदार्थों का सुरक्षित निपटारा करना मात्र नहीं है, बल्कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त अंतरराज्यीय और स्थानीय ड्रग माफिया और असामाजिक तत्वों को यह स्पष्ट संदेश देना है कि हिमाचल प्रदेश में उनके काले साम्राज्य के खिलाफ एक निर्णायक कार्यवाही आरम्भ हो चुकी है।

    प्रदेश की होनहार युवा पीढ़ी को चिट्टा और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स के दलदल से बचाकर उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना इस आंदोलन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और परिवारों को इस आंदोलन से जोड़कर एक सजग प्रहरी के रूप में खड़ा करना है। इस अवसर पर आज प्रदेश की सभी अत्यधिक प्रभावित पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों एवं शासकीय अधिकारियों की उपस्थिति में नशा निवारण समितियों की बैठक का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य नशे के विरुद्ध प्रदेश सरकार की शून्य सहनशीलता की नीति को धरातल पर सख्ती से लागू करना है। प्रदेश के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों और शासकीय कार्यालयों में नशे के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने के लिए शपथ भी दिलाई गई।

    इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा समस्त प्रदेशवासियों से आह्वान किया गया कि चिट्टा अथवा अन्य किसी भी मादक पदार्थ की तस्करी, बिक्री, भंडारण अथवा सेवन से संबंधित कोई भी सूचना तत्काल 112 या निकटतम पुलिस थाना को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा प्राप्त प्रत्येक सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व, जनसहयोग तथा युवाओं की सक्रिय भागीदारी से हिमाचल प्रदेश पुलिस ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता, दृढ़ संकल्प एवं निरंतर कार्रवाई के साथ आगे बढ़ रही है।

  • लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वाले महीपुर के युवा भविष्य शर्मा के परिजनों से मिले सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा

    लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वाले महीपुर के युवा भविष्य शर्मा के परिजनों से मिले सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा

    5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा

    चंडीगढ़- हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने लखनऊ स्थित एक एनीमेशन एवं गेमिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड में गांव महीपुर के युवा भविष्य शर्मा की दुखद मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने गांव महीपुर पहुंचकर दिवंगत भविष्य शर्मा के पिता नरेन्द्र कुमार एवं अन्य परिजनों से मुलाकात की और उन्हें इस असहनीय दुख की घड़ी में सांत्वना दी।

    शुक्रवार दोपहर सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा अपनी धर्मपत्नी डॉ रीटा शर्मा के साथ गोहाना विधानसभा के गांव महीपुर पहुंचे। कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि भविष्य शर्मा एक प्रतिभाशाली और होनहार युवा थे, जो अपने परिवार के सपनों को साकार करने के लिए लखनऊ में एनीमेशन एवं गेमिंग संस्थान में नौकरी करने गए थे। दुर्भाग्यपूर्ण अग्निकांड में उनका असामयिक निधन न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि एक युवा का इस तरह असमय दुनिया से चले जाना अत्यंत पीड़ादायक है और इस दुख को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।

    सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने शोकाकुल परिवार को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में सरकार और समाज पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़े हैं। डॉ. शर्मा ने परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा करते हुए कहा कि भविष्य में भी परिवार को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी दिवंगत भविष्य शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ईश्वर से उनकी पुण्यात्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

  • विभागों को 5 करोड़ रुपये से अधिक के सभी टेंडरों एवं अनुबंधों का ब्यौरा वेबसाइट पर करना होगा अपलोड

    विभागों को 5 करोड़ रुपये से अधिक के सभी टेंडरों एवं अनुबंधों का ब्यौरा वेबसाइट पर करना होगा अपलोड

    चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से सभी विभागों को बड़े टेंडरों एवं अनुबंधों का विवरण अपनी आधिकारिक वेबसाइट तथा राज्य खरीद पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने और हर महीने अनुपालन प्रमाण-पत्र जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों तथा विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को जारी एक पत्र के माध्यम से सरकारी खरीद में पारदर्शिता के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    निर्देशों के अनुसार, 5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की वस्तुओं, निर्माण कार्यों एवं सेवाओं से संबंधित सभी टेंडरों एवं अनुबंधों का विवरण विभागीय वेबसाइट के साथ-साथ उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की नोडल वेबसाइट पर भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। अपलोड की जाने वाली जानकारी में खरीद करने वाले विभाग का नाम, कार्य का संक्षिप्त विवरण, कुल राशि, चयनित एजेंसी का नाम तथा कार्य आवंटन की तिथि का उल्लेख करना होगा।

    प्रत्येक सार्वजनिक खरीद इकाई के मुख्य सतर्कता अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि हर महीने टेंडर या अनुबंध संबंधी समस्त विवरण पोर्टल पर अपलोड किए जाएं तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन का मासिक प्रमाण-पत्र मुख्य सचिव कार्यालय को नियमित रूप से भेजा जाए। आवश्यक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म एवं यूजर लॉगिन उपलब्ध कराने के लिए आपूर्ति एवं निपटान निदेशालय को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं, ताकि सभी विभाग राज्य खरीद पोर्टल पर खरीद संबंधी जानकारी समयबद्ध अपलोड कर सकें।