Home Punjab>Ludhiana पंजाबः लोकसभा चुनाव से पहले एकजुट हो पाएगी पार्टी? कांग्रेस की पहली कन्वेंशन, खरगे अहम मुद्दों पर लेंगे फैसले

पंजाबः लोकसभा चुनाव से पहले एकजुट हो पाएगी पार्टी? कांग्रेस की पहली कन्वेंशन, खरगे अहम मुद्दों पर लेंगे फैसले

0

लुधियानाः पंजाब में कांग्रेस की पहली कन्वेंशन में भाग लेने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पहुंचे। देश के नेताओं के अलावा पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) इंचार्ज देवेंद्र यादव के लिए भी अपना दमखम दिखाने का मौका है। उधर, PPCC के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर पार्टी कार्यक्रम से दूरी बनाई है। अभी तक वह रैली में नहीं पहुंचे। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा, देवेंद्र यादव, राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा, सासंद मनीष तिवारी, अमर सिंह, पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वैडिंग, राजकुमार चब्बेवाल ने स्वागत किया।

कांग्रेस की पंजाब में पहली कन्वेंशन समराला में आयोजित हुई है। रैली में राज्य स्तरीय कई फैसले लिए जाने की संभावना है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उपस्थिति में पंजाब कांग्रेस को मजबूत करने के लिए कुछ कठिन निर्णय होंगे। नवजोत सिद्धू पर भी कुछ निर्णय लेने का हाइकमान पर दबाव है। पंजाब में आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर यह कन्वेंशन अहम मानी जा रही है। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से पार्टी को एकजुट करने की कवायद है। ताकि आने वाले चुनावों में सारी पार्टी एक प्लेटफार्म पर आकर कांग्रेस की मजबूती के लिए काम कर सके। शनिवार को आम आदमी पार्टी की ओर से पंजाब और चंडीगढ़ की सीटों पर अकेले अपने प्रत्याशियों की घोषणा इसी माह करने का ऐलान किया गया है।

चरणजीत चन्नी जनता को संबोधित कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि शिअद और भाजपा का गठबंधन कल भी था और आज भी है। आप तो डूबता जहाज है। डूबते जहाज से चूहे भी भाग जाते है। इनसे कोई समझौता नहीं होगा। वहीं मान को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वह कभी किसान रहे ही नहीं। होते तो किसानों की सुध लेते और उन्हें मुवाजा देते।

रैली पंजाब कांग्रेस के लिए प्री-परीक्षा के समान है। हाईकमान से लड़ते हुए पंजाब कांग्रेस INDIA गठबंधन से हटकर अकेले चुनाव लड़ने की बात कर चुकी है। आपसी कलह के बीच अगर अध्यक्ष खड़गे को पंजाब में प्रदेश इकाई की मजबूत दावेदारी न दिखी तो हाईकमान गठबंधन पर फिर से विचार कर सकती है। आम आदमी पार्टी ने अभी 13 सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने की बात कही है, फरवरी अंत तक सीट बंटवारे के लिए मनाने का विकल्प अभी भी कांग्रेस हाईकमान के पास है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here