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  • श्री सिद्ध चानों मंदिर बडोआ में 28 जनवरी को दहाजा कार्यक्रम एवं भंडारे का आयोजन

    श्री सिद्ध चानों मंदिर बडोआ में 28 जनवरी को दहाजा कार्यक्रम एवं भंडारे का आयोजन

    ऊना/सुशील पंडित: उप तहसील जोल की ग्राम पंचायत खरयालता तलमेहडा के गांव बडोआ स्थित श्री सिद्ध चानों मंदिर में 28 जनवरी वुधवार रात्रि 8:30 बजे  परंपरागत दहाजा कार्यक्रम एवं भंडारे का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की जाएगी। आयोजन को लेकर मंदिर समिति व ग्रामवासियों में उत्साह देखा जा रहा है।

    मंदिर के संस्थापक मक्खन सिंह ने बताया कि दहाजा कार्यक्रम धार्मिक आस्था एवं लोक परंपरा का प्रतीक है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन एवं पूजा-अर्चना भी की जाएगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों व श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

    भंडारे में सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया जाएगा। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया जाएगा। मक्खन सिंह एंड पार्टी के मशहूर कलाकार करेंगे प्रस्तुति दहाजा कार्यक्रम के दौरान मक्खन सिंह एंड पार्टी के मशहूर कलाकारों द्वारा भजन-कीर्तन व धार्मिक गायन की विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। कलाकारों की मधुर भजन संध्या से श्रद्धालु आध्यात्मिक माहौल का आनंद लेंगे।

     

  • Jalandhar News: PM Modi के दौरे को लेकर पूर्व BJP मंत्री कालिया का आया बयान, देखें वीडियो

    Jalandhar News: PM Modi के दौरे को लेकर पूर्व BJP मंत्री कालिया का आया बयान, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक फरवरी को पंजाब के दौरे पर आ रहे है। इस दौरान वह जालंधर के डेरा सचखंड बल्ला में नतमस्तक होंगे। दरअसल, 1 फरवरी को गुरु रविदास जी की जयंती है। ऐसे में पीएम मोदी पंजाब दौरे के दौरान 649वीं जयंती पर डेरे में नतमस्तक होंगे। इस दौरान पीएम मोदी के पंजाब दौरे को लेकर भाजपा के पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया का बयान सामने आया है।

    मीडिया से बात करते हुए कालिया ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री श्री गुरु रविदास जी के 649 में जयंती के अवसर पर जालंधर डेरा सचखंड बल्ला में नतमस्तक होने आ रहे है। उन्होंने कहा कि यह उनका धार्मिक दौरा है। पीएम मोदी धार्मिक स्थलों पर जाते हैं। हाल ही में श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के लिए गए थे। इससे पहले वह कुंभ स्नान करने के लिए प्रयागराज गए थे। इसी तरह अब श्री गुरु रविदास जी के पावन अवसर पर डेरा सचखंड बल्ला में नतमस्तक होने आ रहे है।

    देश के प्रधानमंत्री के जालंधर दौरे को लेकर कालिया ने कहा यह जालंधर वासियों के लिए एक मान की बात है। इस तरह कालिया ने पंजाब में आई बाढ़ को लेकर केंद्र के पास रुके फंड को लेकर कहा कि किसी कारणों से पैसे रुके हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र के पास पैसा रुकता है तो किसी बात से रूकता है।

     

     

     

  • बालिका संरक्षण गृह से सिर पर कंबल ओढ़कर 5 लड़कियां हुईं फरार, मचा हड़कंप

    बालिका संरक्षण गृह से सिर पर कंबल ओढ़कर 5 लड़कियां हुईं फरार, मचा हड़कंप

    मथुरा। उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित राजकीय बालिका संरक्षण गृह से रात के अंधेरे में 5 लड़कियां फरार होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस खबर की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में सभी पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे जिसके बाद बालिका गृह में लगे सीसीटीवी चैक किया। जिसमें देखा जा रहा कि बीती रात एक से 1.30 बजे के बीच ये सभी लड़कियां सिर पर कंबल ओढ़कर फरार हो रही हैं।

    इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने बताया कि फरार 5 लड़कियों में से 2 अपने घर पहुंची है। बाकी 3 की तलाश की जा रही है। ये सभी लड़कियां 14 से 17 साल आयु वर्ग की हैं, जिन्हें अलग-अलग कारणों से कोर्ट में चल रहे मामलों में बालिका संरक्षण गृह भेजा गया था।

    सीसीटीवी फुटेज आया सामने
    मामले संबंधी जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार ने बताया कि बालिका संरक्षण गृह की अधीक्षक गायत्री वर्मा ने मामले के बारे सूचना दी। जिसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंच कर जानकारी हासिल कर छानबीन में जुट गई।

    पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फरार हुईं शेष तीन लड़कियां आगरा व अलीगढ़ जिले की रहने वाली हैं। इसके लिए तीन अलग-अलग टीम बनाकर भेजी गई हैं और उन्हें भी जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा। इस मामले की जांच के बाद, जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

  • पंचायत स्तोथर स्थित माँ मोक्षदाती प्राचीन मंदिर में भंडारे का आयोजन, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया मां का आशीर्वाद

    पंचायत स्तोथर स्थित माँ मोक्षदाती प्राचीन मंदिर में भंडारे का आयोजन, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया मां का आशीर्वाद

    ऊना/ सुशील पंडित: उपमंडल अंब के अंतर्गत पंचायत स्तोथर में स्थित मां मोक्षदाती के प्राचीन मंदिर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रद्धा व आस्था के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर माँ मोक्षदाती के दर्शन किए, आशीर्वाद प्राप्त किया तथा भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।

    कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः विधिवत हवन-यज्ञ से की गई, जिसमें स्थानीय पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई। इसके उपरांत मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ तथा माता की आरती का आयोजन किया गया। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा।

    भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन व पारंपरिक पकवान परोसे गए, जिनका सभी ने प्रसाद रूप में ग्रहण किया। आयोजन की विशेष बात यह रही कि यह भंडारा हर वर्ष की तरह इस बार भी सभी ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से संपन्न हुआ। ग्रामवासियों ने एकजुट होकर सेवा भाव से व्यवस्था संभाली, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफल रहा।

    माँ मोक्षदाती का यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि माँ मोक्षदाती अपने भक्तों की सच्चे मन से की गई प्रार्थनाओं को पूर्ण करती हैं तथा कष्टों से मुक्ति प्रदान करती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार वर्षों से इस मंदिर में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था बनी हुई है और यहाँ आने से मन को शांति व सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है।

    कार्यक्रम के अंत में मंदिर समिति एवं ग्रामवासियों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों को मिल-जुलकर आयोजित करने की बात कही।

  • मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री से की मुलाकात, शिमला एयरपोर्ट का उठाया मुद्दा

    मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री से की मुलाकात, शिमला एयरपोर्ट का उठाया मुद्दा

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से भेंट की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए केंद्रीय मंत्री से सहयोग और इस परियोजना के लिए विशेष केंद्रीय सहायता (अनुदान) प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने भूमि से जुड़े विभिन्न मामलों के शीघ्र निपटारे का अनुरोध करते हुए कहा कि कांगड़ा जिला में पर्यटन की दृष्टि से अपार संभावनाएं विद्यमान हैं और राज्य सरकार पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रही है।

    कम दृष्यता की स्थिति में भी उड़ानों के संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष विजुअल फ्लाइट रूल्स लागू करने का आग्रह किया, ताकि न्यूनतम दृष्यता मापदंड को वर्तमान 5 किलोमीटर से 2.5 किलोमीटर किया जा सके।

    मुख्यमंत्री ने कम उड़ान संचालन और यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए कुल्लू और शिमला हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था को सीआईएसएफ के स्थान पर राज्य पुलिस को सौंपने पर भी चर्चा की, इससे राज्य का वित्तीय बोझ कम किया जा सकेगा। शिमला हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन का समय बढ़ाकर दोपहर 4 बजे तक करने का भी अनुरोध किया, ताकि उड़ानों की संख्या में वृद्धि हो सके।

    चंडीगढ़ शिमला और शिमला चंडीगढ़ के बीच उड़ानों की आवृति बढ़ाने तथा प्रस्तावित चार हेलीपोर्ट् को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का भी आग्रह किया। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ने अधिकारियों को कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए संबंधित विभागों के साथ संयुक्त बैठक कर डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए और राज्य को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह भी उपस्थित थे।

  • Punjab News: लाखों का कर्ज लेकर पढ़ाई के लिए इकलौते पुत्र को भेजा था कनाडा, हुई मौत

    Punjab News: लाखों का कर्ज लेकर पढ़ाई के लिए इकलौते पुत्र को भेजा था कनाडा, हुई मौत

    गांव में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया अंतिम संस्कार 

    बरनाला। कनाडा में पढ़ाई और बेहतर भविष्य की तलाश में गए पंजाबी युवाओं की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन किसी न किसी गांव से दुखद खबर सामने आ रही है। वहीं, ताजा मामला बरनाला जिले के हलका महल के गांव गुरम का आया है। 23 वर्षीय युवक राजप्रीत सिंह की कनाडा में बीमारी के चलते मौत हो गई। जैसे ही आज उसकी पार्थिव देह गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

    माता-पिता का इकलौता सहारा था राजप्रीत सिंह
    राजप्रीत सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता कुलवंत सिंह, जो पेशे से एक प्राइवेट बस ड्राइवर हैं, ने अपने बेटे के उज्ज्वल भविष्य के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपनी करीब 2 एकड़ जमीन पर लोन लेकर और कर्ज़ उठाकर बेटे को विदेश भेजा।

    बेटे की पढ़ाई के लिए खर्च किए 23 लाख रुपए
    परिवार ने बताया कि राजप्रीत सिंह को ढाई साल पहले पढ़ाई के लिए कनाडा के ब्रैम्पटन भेजा गया था। उसकी पढ़ाई और विदेश भेजने पर पिता ने करीब 23 लाख रुपए खर्च किए थे। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा पढ़-लिखकर परिवार की हालत सुधारेगा।

    अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान हुई थी मौत
    परिजनों के अनुसार, राजपूत को कुछ दिन पहले अचानक पेट में तेज दर्द हुआ था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान 17 जनवरी को उसकी मौत हो गई। यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    शव भारत लाने के लिए फिर लेना पड़ा कर्ज़
    दर्द यहीं खत्म नहीं हुआ। बेटे की मृतक देह को कनाडा से पंजाब लाने के लिए भी पिता को करीब 9.50 लाख रुपए का कर्ज़ लेना पड़ा। एक तरफ बेटे को खोने का ग़म, दूसरी तरफ भारी कर्ज-परिवार पूरी तरह टूट गया है।

    पृतक गांव में किया गया अंतिम संस्कार
    आज गांव गुरम में राजप्रीत सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरे गांव में मातम पसरा रहा। हर आंख नम थी और हर दिल दुख से भरा हुआ था।

    मां से रोज बात करने का वादा अधूरा रह गया
    अंतिम संस्कार के मौके पर रोते-बिलखते माता-पिता ने बताया कि राजप्रीत सिंह ने कनाडा जाते समय वादा किया था कि वह रोज सुबह-शाम अपनी मां से फोन पर बात करेगा। लेकिन किसे पता था कि यह वादा अधूरा ही रह जाएगा।

    पीड़ित परिवार ने पंजाब सरकार से की मांग
    पीड़ित परिवार ने पंजाब सरकार से अपील की है कि उन पर चढ़ा सारा कर्ज़ माफ किया जाए, और परिवार को आर्थिक मदद दी जाए, ताकि वे इस मुश्किल समय में अपना जीवन किसी तरह चला सकें।

     

  • अखिल भारतीय हिमाचल सामाजिक संस्था संघ के मुख्य सलाहकार लक्ष्मी नारायण ठाकुर का निधन

    अखिल भारतीय हिमाचल सामाजिक संस्था संघ के मुख्य सलाहकार लक्ष्मी नारायण ठाकुर का निधन

    सामाजिक जगत को अपूरणीय क्षति

    ऊना/सुशील पंडित: अखिल भारतीय हिमाचल सामाजिक संस्था संघ के मुख्य सलाहकार, सामूहिक विकास मंच लम्बाग्रां के संस्थापक प्रधान एवं समाज सेवा के पुरोधा  लक्ष्मी नारायण ठाकुर का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने 21 जनवरी 2026 को अपने निवास स्थान पर अंतिम सांस ली। उनके निधन से हिमाचल सहित देशभर में कार्यरत हिमाचली सामाजिक संस्थाओं में शोक की लहर दौड़ गई है।

    27 नवम्बर 1936 को हिमाचल प्रदेश के लम्बाग्रां में जन्मे लक्ष्मी नारायण ठाकुर ने जीवन का अधिकांश समय समाज सेवा को समर्पित किया। प्रारंभिक सेवाकाल में उन्होंने हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड में अपनी सेवाएं दीं। सेवा निवृत्ति के पश्चात वे पूर्ण रूप से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हो गए और समाज के उत्थान को ही अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया।

    अखिल भारतीय हिमाचल सामाजिक संस्था संघ की स्थापना के समय से ही वे डी.डी. डोगरा, कुंवर हरि सिंह, शालिग राम भारद्वाज जैसे वरिष्ठ समाजसेवियों के साथ जुड़े रहे। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को संघ के साथ जोड़ने, समन्वय बनाए रखने तथा संगठन को मजबूत आधार प्रदान करने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। संघ में विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने निष्काम भाव से समाज सेवा की।

    लक्ष्मी नारायण ठाकुर का व्यक्तित्व सरल, स्पष्टवादी और अनुशासनप्रिय था। वे मानते थे कि समाजसेवा को राजनीति से दूर रहकर ईमानदारी और निष्ठा से करना चाहिए। उन्होंने कभी किसी व्यक्ति विशेष या विचारधारा का पक्ष नहीं लिया, बल्कि सदैव समाज हित को सर्वोपरि रखा। दहेज प्रथा, नशाखोरी और गौ-हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ वे जीवनभर मुखर रहे।

    हिमाचली हितों के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य करना उनका सपना और जुनून था। प्रत्येक हिमाचली संस्था के साथ उनकी गहरी आत्मीयता थी। एक कवि, गायक, राष्ट्रवादी सोच के धनी और निर्भीक वक्ता के रूप में वे समाज में विशेष पहचान रखते थे। उन्होंने जिंदादिली से जीवन जिया और उम्र को कभी अपने कार्यों में बाधा नहीं बनने दिया।

    उनके निधन पर अखिल भारतीय हिमाचल सामाजिक संस्था संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के.एम. लाल, महासचिव  राकेश शर्मा (दिल्ली) सहित अमृतसर, ऊना, नंगल, काठगढ़, डैहर, नागपुर, सुंदरनगर, दिल्ली, पटियाला, देहरादून, विकासनगर, फतेहाबाद (हरियाणा), लखनऊ, भोपाल, कालका, चंडीगढ़, करनाल, सोलन, झंडूता, बिलासपुर, पछवादून, सिरमौर, खरड़, मुंबई, लुधियाना, पालमपुर, धर्मशाला, पधरा सहित देशभर में कार्यरत हिमाचली सामाजिक संस्थाओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

    सभी संस्थाओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।

  • SYL मुद्दे पर हरियाणा–पंजाब के मुख्यमंत्रियों की अहम बैठक

    SYL मुद्दे पर हरियाणा–पंजाब के मुख्यमंत्रियों की अहम बैठक

    चंडीगढ़: हरियाणा और पंजाब के मध्य एसवाईएल के विषय को लेकर मंगलवार को चंडीगढ़ में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस विषय पर बिंदुवार विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी और पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिन्द्र गोयल भी मौजूद रहे। बैठक के उपरांत हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर बैठक की जानकारी दी।

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने “पवन गुरु पानी पिता माता धरत महत,” का संदेश दिया है। यह गुरुओं की पावन धरती है और गुरुओं की शिक्षाएं आज भी हमारे लिए अनमोल रतन हैं, जो हमारे लिए मार्गदर्शक है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह बैठक बेहद सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई है। जब बातचीत अच्छे माहौल में होती है, तो उसका परिणाम भी सार्थक निकलता है।

    दोनों राज्यों ने आपसी सहमति से यह निर्णय लिया है कि एसवाईएल से जुड़े मुद्दे पर आगे विस्तृत चर्चा के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों के स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि व्यावहारिक और स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

    माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लगातार बैठकों का आयोजन किया जा रहा है और आज की बैठक भी उसी दिशा में आयोजित की गई। पहले भी केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सीआर पाटील की मध्यस्थता में बैठक हो चुकी है।

    प्रेस वार्ता के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आज की बैठक बड़े ही अच्छे माहौल में हुई है और इस बात पर सहमति बनी है कि पहले दोनों राज्यों के अधिकारी मिलकर इस मसले पर बैठक करेंगे।

    इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, पंजाब के मुख्य सचिव के पी सिन्हा, हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल सहित दोनों राज्यों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इनके अलावा, दोनों राज्यों के एडवोकेट जनरल भी मौजूद रहे।

     

  • छैला–नेरीपुल सड़क परियोजना को लेकर केंद्र ने दी हरी झंडी, केंद्रीय मंत्री से मिले CM Sukhu

    छैला–नेरीपुल सड़क परियोजना को लेकर केंद्र ने दी हरी झंडी, केंद्रीय मंत्री से मिले CM Sukhu

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट की। बैठक में राज्य में सड़क अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण के संबंध में विस्तृत विचार विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से सड़कों और पुलों की मरम्मत एवं रख-रखाव के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया।

    केंद्रीय मंत्री ने सीआरआईएफ के अंतर्गत छैला नेरी पुल यशवंत नगर ओच्छघाट सड़क के लिए सैद्धांतिक रूप से 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की, इससे प्रदेश के सेब उत्पादकों को व्यापक लाभ मिलेगा। शिमला मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रगति से केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया। यह राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य की राजधानी को 8 जिलों सहित पड़ोसी राज्यों से जोड़ता है। उन्होंने क्षेत्र की पर्वतीय भौगोलिक स्थिति और भू-वैज्ञानिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए शिमला से शालाघाट तथा भगेड़ से हमीरपुर तक अधिक से अधिक संख्या में सुरंगों के निर्माण का आग्रह किया।

    इसके अतिरिक्त, उन्होंने पैकेज-4 के अन्तर्गत फोरलेन निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया, जिसमें चीलबाहल स्थित हमीरपुर बाईपास के छोर से भंगबार तक का हिस्सा तथा नया उत्तरी हमीरपुर बाईपास शामिल है।

    गत मानसून के कारण चीलबाहल से पक्का भरोह खंड में विभिन्न स्थानों पर भारी क्षति पहुंची है और पिछले पांच से छह वर्षों में इस सड़क के सुदृढ़ीकरण का कार्य नहीं किया गया। यह सड़क विभिन्न धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में महवत्पूर्ण है। उन्होंने एनएच-03 के चिलबाहल से पक्का भरोह खंड को विकास एवं रखरखाव कार्यों के लिए हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (एनएच विंग) को सौंपने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। एनएचएआई द्वारा 38.37 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान करने की भी अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने इस राशि को मंजूरी प्रदान करते हुए राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह भी उपस्थित थे।

  • Jalandhar News: रूसी सेना में शहीद हुए मनदीप का हुआ अंतिम संस्कार, देखें वीडियो

    Jalandhar News: रूसी सेना में शहीद हुए मनदीप का हुआ अंतिम संस्कार, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: रूस-यूक्रेन में चल रहे युद्ध में जालंधर के गोराया का मनदीप आर्मी में शहीद हो गया था। करीब एक माह पहले 30 वर्षीय मनदीप का शव भारत पहुंचा था। जिसके बाद परिवार ने उसे शहीदी का दर्जा देने सहित प्रशासन के समक्ष अन्य मांगे रखी थी। जिसके कारण परिवार द्वारा मनदीप का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया गया। वहीं आज मनदीप कुमार का नम आंखों से अंतिम संस्कार कर दिया। दरअसल, परिवारिक सदस्य मांग कर रहे थे कि उनके भाई को इंसाफ दिया जाए और प्रशासन उनकी कोई वित्तीय मदद करें। काफी दिनों से मनदीप के शव को मोर्चुरी में रखा हुआ था। मगर आज परिवार ने उसे नम आंखों से विदाई दी। इस मौके पर जब परिवारिक सदस्यों के साथ बात करने की कोशिश की गई, तो कोई भी परिवारिक सदस्य कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हुआ।

    बता दें कि गोराया कस्बे का रहने वाला 30 वर्षीय मनदीप कुमार पिछले काफी समय से रूस में रह रहा था, जहां वह बेहतर भविष्य और रोजगार की तलाश में गया था। परिजनों ने बताया की मनदीप ट्रैवल एजेंटों के झांसे में आ गया था। उसे नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन देकर रूस भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचते ही परिस्थितियां बदल गईं। मनदीप कुमार 17 सितंबर 2023 को एक रिश्तेदार और तीन परिचितों के साथ आर्मेनिया के लिए रवाना हुआ था। मनदीप और उसके साथी अमृतसर से फ्लाइट के जरिए आर्मेनिया पहुंचे। उन्होंने तीन महीनों के लिए आर्मेनिया में मजदूरों के रूप में काम किया। 9 दिसंबर 2023 को वे रूस पहुंचे। हालांकि मनदीप कुमार रूस में ही रहा, जबकि उसका रिश्तेदार और तीन अन्य साथी भारत वापिस आ गए।

    मृतक मनदीप के भाई जगदीप कुमार ने कहा कि वे अब यह जानकारी हासिल करेंगे कि उसके भाई को रूसी सेना में कैसे भर्ती किया गया था, क्योंकि उसका भाई दिव्यांग था और दिव्यांग व्यक्ति सेना में भर्ती होने के योग्य नहीं होते। वे अब इस मामले में विदेश मंत्रालय और रूसी सरकार से बात करेंगे और रूसी अदालत में मुकदमा भी दायर करेंगे। दरअसल, मनदीप के लापता होने के बाद उसके भाई जगदीप ने उसे ढूंढने के लिए हरसंभव प्रयास किया। जगदीप खुद भी रूस गया और वहां अधिकारियों से संपर्क किया। इसके साथ ही उसने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के सामने भी मनदीप का मामला उठाया, ताकि उसे सुरक्षित भारत वापस लाया जा सके। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद परिवार को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई थी। काफी समय के बाद रूसी सेना में मनदीप की मौत की पुष्टि की जिसके बाद उसका शव जब भारत पहुंचा तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।