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  • Jalandhar News: विवादित मामले में इस दिन माफ़ी मांगेंगी रितु नूरां, महिला का आया बयान, देखें वीडियो

    Jalandhar News: विवादित मामले में इस दिन माफ़ी मांगेंगी रितु नूरां, महिला का आया बयान, देखें वीडियो

    जालंधर: सूफी गायक नूरा सिस्टर्स का परिवार लगातार चर्चा में चल रहा है। कई बार वह परिवारिक मसले के कारण विवादों रह चुका है, लेकिन इस बार कुल्ले वाली सरकार के बाबा सोमनाथ जी के बारे में गलत टिप्पणी करने को लेकर मामला गरमा गया। भारी हंगामा होने के बाद मुख्य पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करवाया। जिसके बल अनु सिद्धू ने वीडियो जारी करके बताया कि रितु नूरां वीरवार को कुल्ले वाली सरकार के बाबा सोमनाथ जी के बारे में की गई विवादित टिप्पणी को लेकर वीरवार दोपहर 12:00 बजे उनके दरबार पहुंचकर माफ़ी मांगेंगे। बता दें कि इसी को लेकर आज लोगों द्वारा परिवार के खिलाफ रोष पाया गया। विवादित टिप्पणी करने को लेकर जब लोग परिवार से रीतू नूरां और मंगी खान को लेकर माफी मांगने की बात करने पहुंचे तो मामला गरमा गया। इस दौरान लोगों ने परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाए।

    महिला अनू सिद्धू ने आरोप लगाते हुए कि रीतू नूरां और मंगी खान के बारे में परिवार से बात करने के लिए पहुंचे तो उनके साथ लड़ने की कोशिश की गई। महिला ने कहा कि परिवार कहता है कि उनके पास पैसा नहीं लेकिन सोने हद से ज्यादा पहना हुआ है। उन्होंने कहा कि आज गुरु के बारे में की गई विवादित टिप्पणी को लेकर परिवार से बात करने पहुंचे तो परिवार द्वारा उनके खिलाफ गलत व्यवहार किया गया। उन्होंने कहाकि रितू नूरां अभी भी मेले में जा रही है। लेकिन उन्हें बाबा जी के बारे में की गई विवादित टिप्पणी को लेकर कुछ नहीं कह रहे।

    महिला ने समाज से विवादित टिप्पणी को लेकर परिवार का बॉयकाट करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उनके पास रिकार्डिंग की मौजूद है, जिसमें रितू नूरां ने गालियां निकाली और सेवादार के घर पर गोलियां चलाने की धमकी दी। इस मामले को लेकर पुलिस को भी शिकायत दे दी गई है।

    वहीं गुलशन मीर से बात करने की बात की गई तो उन्होंने कहाकि बच्चों से गलती हुई है और वह गलत बोले है, लेकिन उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता है। वहीं मां ने कहा कि बच्चों को नहीं पता था कि बाबा जी का नाम सोमनाथ है। आरोप है कि बाबा जी ने 3 से 4 बार हल्ला किया।

    बच्चे प्रोग्राम पर गए और उनके साथ टोका टाकी की, उस्ताद जी के साथ गए तब भी उन्हें टोका गया। इस दौरान आरोप है कि बाबा जी ने मंगी को डंडा मार दिया। जिसके बाद विवाद गरमा गया और वह गुस्से में उन्हें बोल पड़े। लेकिन बच्चों को नहीं पता था कि वह कुल्ले वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि आज लोग धरना लगाने के लिए आ गए, उनके घर में मेला चल रहा था। इस दौरान परिवार का आरोप है कि लोग हथियार लेकर आ गए। घटना के बाद पुलिस को सूचित कर दिया गया है।

     

     

     

  • Punjab News: पार्किंग विवाद को लेकर पड़ोसियों के बीच हुई खूनी झड़प,  युवक गंभीर घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: पार्किंग विवाद को लेकर पड़ोसियों के बीच हुई खूनी झड़प, युवक गंभीर घायल, देखें वीडियो

    लुधियानाः जिले के जमालपुर थाना क्षेत्र के जीटीबी नगर स्थित वीर पैलेस के पीछे एक मामूली पार्किंग विवाद ने बड़ा हिंसक रूप ले लिया। कार पार्क करने को लेकर शुरू हुई बहस देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इस घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके सिर पर कई टांके लगाने पड़े। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पूरी वारदात कैद हो गई है।

    पीड़ित परिवार ने बताई पूरी घटना
    घायल युवक सुमित कुमार और उनकी पत्नी रंजीत ने बताया कि उनके घर के बाहर खाली जगह को लेकर पड़ोसियों के साथ विवाद हुआ था। पड़ोसियों ने अपनी कार वहां खड़ी कर दी थी। इसके बाद बची हुई जगह पर रंजीत ने अपनी एक्टिवा पार्क कर दी।

    रंजीत के मुताबिक, इसी बात को लेकर पड़ोसियों ने आपत्ति जताई और दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि पड़ोसी अपनी कार से नीचे उतरा और सुमित पर हमला कर दिया।

    लोहे के भारी कड़े से किए गए कई वार
    पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमलावर ने पहले सुमित का कॉलर पकड़कर उन्हें जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद उसने अपने हाथ में पहने भारी लोहे के कड़े से सुमित के सिर पर लगातार कई वार किए।

    हमले में सुमित के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में उपचार के दौरान कई टांके लगाने पड़े। घटना के दौरान जब रंजीत अपने पति को बचाने पहुंचीं तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई। आरोप है कि उनके बाल खींचे गए और उन्हें जमीन पर गिरा दिया गया, जिससे उनकी बांह पर भी चोट लगी।

    सोने की चेन गायब होने और वाहन को नुकसान पहुंचाने का आरोप
    पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान सुमित की सोने की चेन भी गायब हो गई। उनका कहना है कि झड़प के दौरान चेन कहीं गिर गई या फिर कोई उसे लेकर चला गया। इसके अलावा उनकी गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया गया है।

    सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई पूरी घटना
    घटना के बाद इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सामने आई है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हो रहा है और एक व्यक्ति सुमित पर हमला कर रहा है।

    पीड़ित परिवार का कहना है कि फुटेज में हमलावर द्वारा लोहे के कड़े से वार करते हुए भी देखा जा सकता है। यह फुटेज पुलिस को सौंप दी गई है ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।

    पीड़ित रंजीत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद रात करीब 11 बजे वे शिकायत दर्ज कराने के लिए जमालपुर थाने पहुंचे थे। पुलिस मौके पर भी आई और जांच की, लेकिन उन्हें कार्रवाई में तेजी नजर नहीं आई।

    पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है, जिससे वे डर और दहशत में हैं। उन्होंने प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई, हुए नुकसान की भरपाई और न्याय की मांग की है।

    पुलिस टीम का आया बयान
    मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी बलविंदर सिंह ने बताया कि 28 जून की शाम जीटीबी नगर की गली नंबर 3 में दो पड़ोसियों के बीच पार्किंग को लेकर झगड़ा हुआ था।

    उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें दर्ज करवाई गई हैं। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिल गई है। फिलहाल मेडिकल रिपोर्ट (एमएलआर) और वीडियो फुटेज के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

     

     

     

  • राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित, 10 जुलाई तक कर सकते हैं अप्लाई

    राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित, 10 जुलाई तक कर सकते हैं अप्लाई

    चंडीगढ़: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने ‘नेशनल अवॉर्ड फॉर टीचर्स 2026’ के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह पुरस्कार देश के शिक्षकों को दिए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है। इसका उद्देश्य उन शिक्षकों को सम्मानित करना है जिन्होंने विद्यालयी शिक्षा के माध्यम से देश के भविष्य को संवारने में उत्कृष्टता, नवाचार और समर्पण का परिचय दिया है।

    पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब के इच्छुक शिक्षक इस पुरस्कार के लिए http://nationalawardstoteachers.education.gov.in⁠पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए सभी नियमित शिक्षक तथा स्कूल प्रमुख/इंचार्ज पात्र हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

    10 जुलाई के बाद जिला चयन समिति प्राप्त आवेदनों की जांच करेगी। इसके उपरांत राज्य चयन समिति योग्य शिक्षकों की शॉर्टलिस्ट तैयार करेगी और 31 जुलाई 2026 तक स्वतंत्र राष्ट्रीय जूरी को राज्य की ओर से छह नामांकन भेजेगी। इसके बाद राष्ट्रीय जूरी अंतिम विजेताओं का चयन करेगी।

    शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को स्वतंत्र राष्ट्रीय जूरी के समक्ष अपने कार्य, उपलब्धियों तथा नवाचारी शिक्षण पद्धतियों की प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस प्रस्तुति में विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार, नवीन शिक्षण पद्धतियों को अपनाने तथा उनके सर्वांगीण विकास में दिए गए योगदान का मूल्यांकन किया जाएगा। व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया के आधार पर सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले शिक्षक को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

  • क्रूरता की हदें पार, दहेज के लिए गर्भवती को तेजाब पिलाकर मार डाला

    क्रूरता की हदें पार, दहेज के लिए गर्भवती को तेजाब पिलाकर मार डाला

    ग्वालियरः मध्य प्रदेश के ग्वालियर से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। जहां एक गर्भवती नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला के परिवार ने आरोप लगाया है कि दहेज की मांग को लेकर उसे लंबे समय से परेशान किया जा रहा था और इसी दौरान उसे जबरन तेजाब पिलाया गया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने महिला के पति, सास और ननद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

    अस्पताल में भर्ती कराने के बाद हुई मौत
    जानकारी के अनुसार, ठाठीपुर थाना क्षेत्र की न्यू मेहर कॉलोनी निवासी निशा राठौर को 22 जून को गंभीर हालत में जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और इलाज के दौरान दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना में सबसे दुखद बात यह रही कि निशा गर्भवती थी। उसकी मौत के साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे की भी जान चली गई।

    मौत से पहले वीडियो में लगाए गंभीर आरोप
    मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब निशा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। यह वीडियो उसकी मौत से पहले अस्पताल में रिकॉर्ड किया गया था।

    वीडियो में निशा ने अपने पति गजेंद्र राठौर और सास उषा राठौर पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। निशा ने यह भी दावा किया कि उसे जबरन तेजाब पिलाया गया, जिसके कारण उसकी हालत इतनी खराब हो गई। वीडियो में वह बेहद दर्द और तकलीफ में दिखाई दे रही थी और अपनी आपबीती बता रही थी।

    शादी के बाद से चल रहा था विवाद
    पुलिस जांच में पता चला है कि निशा और गजेंद्र की शादी करीब ढाई साल पहले हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गए थे। परिजनों का आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर निशा को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था। उसे अक्सर मारपीट और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था।

    पहले भी दर्ज कराई थी शिकायत
    जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि करीब ढाई साल पहले निशा ने अपने पति के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। उस समय उसने प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था और मामला आगे नहीं बढ़ा। लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी प्रताड़ना का सिलसिला बंद नहीं हुआ।

    सात दिन की जांच के बाद पुलिस ने दर्ज किया केस
    ग्वालियर के एसडीओपी मनीष यादव ने बताया कि पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सात दिनों तक प्रारंभिक जांच की। जांच के दौरान मृतका के बयान, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों को आधार बनाया गया।

    इसके बाद पुलिस ने पति गजेंद्र राठौर, सास उषा राठौर और ननद मनीषा राठौर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और आत्महत्या के लिए उकसाने सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

    आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
    एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

     

     

     

  • एशियन, विश्व और ओलंपिक चैंपियनों की नर्सरी बनकर उभरेगा संगरूर

    एशियन, विश्व और ओलंपिक चैंपियनों की नर्सरी बनकर उभरेगा संगरूर

    संगरूर : पंजाब को भारत का खेल केंद्र बनाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज संगरूर में 9.50 करोड़ रुपये की लागत से बने ओलंपिक स्तर के स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संगरूर जिला एशियन, विश्व और ओलंपिक चैंपियनों की नर्सरी के रूप में उभरेगा। खेलों के बुनियादी ढांचे में सरकार द्वारा किए गए अभूतपूर्व निवेश का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी भी पंजाब का खेल बजट 200 करोड़ रुपये से अधिक नहीं बढ़ाया था, जबकि हमारी सरकार ने खेल बजट को बढ़ाकर 1,790 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहली बार पंजाब को एशियन हॉकी चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेजबानी मिली है और राज्य अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाओं को निखारने के लिए क्रिकेट और हॉकी प्रीमियर लीग शुरू करने के लिए भी तैयार है।

    इस कार्यक्रम का वीडियो ‘एक्स’ पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “आज संगरूर के लोगों को खेलों के क्षेत्र में बड़ा प्रोत्साहन मिला है क्योंकि वार हीरोज स्टेडियम में ओलंपिक स्तर के आधुनिक स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया गया है। 9.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 50×21 मीटर आकार का स्विमिंग पूल खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण ढांचा उपलब्ध कराएगा।” उन्होंने आगे लिखा, “पंजाब की खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए हमारी सरकार ने खेल बजट को 200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,790 करोड़ रुपये कर दिया है। खिलाड़ियों को अब प्रशिक्षण के लिए अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक के लिए 1 करोड़ रुपये, रजत पदक के लिए 75 लाख रुपये और कांस्य पदक के लिए 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।”

    पोस्ट के अंत में लिखा गया, “खेल संस्कृति को और बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार जल्द ही पंजाब प्रीमियर लीग और पंजाब हॉकी लीग शुरू करेगी। इसके अलावा, अक्टूबर-नवंबर के दौरान मोहाली और जालंधर में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी (हॉकी) की मेजबानी की जाएगी, जिससे देश में खेलों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में पंजाब की स्थिति और मजबूत होगी।” उद्घाटन के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज का दिन संगरूर के लोगों, विशेष रूप से युवाओं के लिए अत्यंत गौरव और खुशी का दिन है, क्योंकि यह नया अत्याधुनिक स्विमिंग पूल उन्हें समर्पित किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह स्विमिंग पूल मात्र एक इमारत नहीं है, बल्कि यह हमारे भविष्य के ओलंपियन खिलाड़ियों की नर्सरी के रूप में उभरेगा।” खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विश्वस्तरीय स्विमिंग पूल पंजाब को देश का नंबर एक खेल राज्य बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह स्विमिंग पूल अंतरराष्ट्रीय मानकों और ओलंपिक विनिर्देशों के अनुरूप 9.50 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसका आकार 50 मीटर × 21 मीटर है, इसकी गहराई 4.5 फीट से 7.5 फीट तक है तथा इसमें 2.5 लाख लीटर पानी की क्षमता है।” इस परिसर में विकसित सुविधाओं का विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों और खिलाड़ीाओं की सुविधा के लिए अलग-अलग आधुनिक शॉवर, चेंजिंग रूम, प्रशिक्षकों के लिए विशेष कक्ष तथा स्टोर रूम बनाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता और फिटनेस बढ़ाने के लिए आधुनिक जिमनेजियम भी स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “7 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए एक विशेष मिनी स्विमिंग पूल भी तैयार किया गया है।”

    मुख्यमंत्री ने बताया कि इस स्विमिंग पूल का निर्माण विश्वस्तरीय ‘मिर्था रेनोवएक्शन’ और ‘क्लासिक मॉड्यूलर सिस्टम’ तकनीक का उपयोग करके किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इसमें लैमिनेटेड पीवीसी और स्टेनलेस स्टील के पैनल लगाए गए हैं, जो इसे देश के सबसे आधुनिक स्विमिंग पूलों में से एक बनाते हैं। स्वच्छ और सुरक्षित पानी सुनिश्चित करने के लिए यूरोपीय मानकों के अनुरूप फिल्ट्रेशन और डिसइन्फेक्शन सिस्टम स्थापित किया गया है।” संगरूर तथा आसपास के क्षेत्रों के अभिभावकों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अपने बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित करें। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि खेलों के विकास के लिए सुविधाओं अथवा धन की कभी कोई कमी न आने पाए।” राज्यभर में खेलों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार खेलों को बढ़ावा देने तथा युवाओं को नशे की बुराई से दूर रखने के उद्देश्य से पूरे पंजाब में 3,100 खेल मैदानों का निर्माण कर रही है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत तथा तरुनप्रीत सिंह सौंद भी उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री ने नेरी में स्थापित किए जा रहे देश के पहले बायोचार संयंत्र की प्रगति की समीक्षा की

    मुख्यमंत्री ने नेरी में स्थापित किए जा रहे देश के पहले बायोचार संयंत्र की प्रगति की समीक्षा की

    शिमला: हमीरपुर जिले के नेरी में देश का पहला स्वदेशी बायोचार संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण में महत्त्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित करेगी। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जन-जागरूकता बढ़ाने में भी यह महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।

    हमीरपुर जिले के नेरी और जाहू में दो बायोचार संयंत्र स्थापित करने के लिए पिछले वर्ष अगस्त माह में डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, वन विभाग और प्रोक्लाइम सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई के बीच त्रिपक्षीय समझौता हस्ताक्षरित किया गया था।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां राज्य में स्थापित किए जा रहे बायोचार संयंत्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परियोजना रोजगार के अवसर बढ़ाने, वन संसाधनों के सतत् प्रबंधन को प्रोत्साहित करने तथा राज्य को कार्बन क्रेडिट अर्जित करने में सहायक सिद्ध होगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राज्य के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। परियोजना के लिए एकत्रित बायोमास की खरीद 2.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जा रही है तथा गुणवत्ता बनाए रखने पर प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत चीड़ की पत्तियांे (पाइन नीडल्स), लैंटाना, बांस तथा अन्य वृक्ष एवं पौध-आधारित बायोमास का उपयोग कर बायोचार का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना की 10 वर्ष की परिचालन अवधि में लगभग 28,800 कार्बन क्रेडिट उत्पन्न होने का अनुमान है, जिससे हिमाचल प्रदेश की हरित पहलों को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा।

    सुक्खू कहा कि हिम एवरग्रीन इंटीग्रेटेड क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर एंड एग्रो-फॉरेस्ट्री कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि प्रणालियों में वृक्षों का समावेश किया जाएगा। इससे जलवायु परिवर्तन के प्रति प्रयास बढ़ेंगे तथा किसानों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक अवसर सृजित होंगे। हिमाचल प्रदेश के 50,000 हेक्टेयर पात्र कृषि क्षेत्र में लागू होने वाला यह कार्यक्रम 1.35 करोड़ (13.5 मिलियन) टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के प्रबंधन में योगदान देगा। इससे मृदा स्वास्थ्य में सुधार, जैव विविधता का संरक्षण, कृषि की जलवायु अनुकूलता में वृद्धि तथा कार्बन अवशोषण के माध्यम से मापनीय जलवायु परिणाम प्राप्त होंगे। कार्यक्रम के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय कार्बन बाजार मानकों के अनुरूप जीआईएस, रिमोट सेंसिंग तथा डिजिटल डेटा संग्रह प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।

    प्रोक्लाइम के सलाहकार मंडल के सदस्य एवं संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के पूर्व कार्यकारी निदेशक एरिक सोलहाइम ने कहा कि संस्था जलवायु संकट से निपटने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के समन्वय के लिए प्रतिबद्ध है। कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में हिमाचल प्रदेश सरकार के रहे प्रयासों की सराहना की। पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव सुशील कुमार सिंगला और प्रोक्लाइम के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) केविन कुमार कंदासेमी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

  • आईएएस अधिकारी धीरेंद्र खड़गटा को अतिरिक्त जिम्मेदारी

    आईएएस अधिकारी धीरेंद्र खड़गटा को अतिरिक्त जिम्मेदारी

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने आईएएस अधिकारी श्री धीरेंद्र खड़गटा को तत्काल प्रभाव से फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। धीरेंद्र खड़गटा वर्तमान में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में विशेष सचिव तथा नगर निगम फरीदाबाद के आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं।

     

  • तोशाम रोड से कैमरी गंगवा लिंक रोड का होगा निर्माण: Cabinet Minister Ranbir Gangwa

    तोशाम रोड से कैमरी गंगवा लिंक रोड का होगा निर्माण: Cabinet Minister Ranbir Gangwa

    चंडीगढ़: प्रदेश में सडक़ नेटवर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरियाणा सरकार ने हिसार के तोशाम रोड (कैमरी माइनर के साथ) से कैमरी गंगवा लिंक रोड तक सड़क के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्ताव के अनुसार इस परियोजना पर 23.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह कार्य मुख्यमंत्री घोषणा के तहत प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर एवं सुरक्षित सडक़ संपर्क उपलब्ध होगा।

    इस परियोजना के पूरा होने के बाद कैमरी, गंगवा तथा आसपास के गांवों के निवासियों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। साथ ही कृषि, व्यापार एवं दैनिक यातायात को भी गति मिलेगी। कैमरी माइनर के नीचे अंडरग्राउंड क्रॉसिंग बनने से यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम होगा।

    उन्होंने बताया कि प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगामी कार्रवाई शुरू की जाएगी, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके। यह परियोजना क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ विकास को नई गति प्रदान करेगी।

    कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सडक़ अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर, सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिसके लिए शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। अच्छी सड़कें विकास की आधारशिला होती हैं और यही कारण है कि सरकार सडक़ निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

    राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक गांव को मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण सडक़ नेटवर्क से जोडऩा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

  • आलीशान होटल में चल रहे देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश, दो अभिनेत्रियों को छुड़ाया गया, दलाल गिरफ्तार

    आलीशान होटल में चल रहे देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश, दो अभिनेत्रियों को छुड़ाया गया, दलाल गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरगांव इलाके में चल रहे एक कथित हाई-प्रोफाइल देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह रैकेट एक आलीशान होटल से संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान दो अभिनेत्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और मौके से एक एजेंट को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल (AHTC) द्वारा की गई।

    दो अभिनेत्रियों को किया गया रेस्क्यू
    पुलिस द्वारा बचाई गई दोनों महिलाएं फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी बताई जा रही हैं। इनमें से एक अभिनेत्री मराठी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभा चुकी है, जबकि दूसरी अभिनेत्री बंगाली और हिंदी फिल्मों में छोटे और कैमियो रोल कर चुकी है। पुलिस ने दोनों की पहचान गोपनीय रखी है ताकि उनकी सुरक्षा और निजता बनी रहे।

    मेकअप आर्टिस्ट निकला रैकेट का एजेंट
    जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किया गया एजेंट पेशे से मेकअप आर्टिस्ट है। वह फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े कई लोगों के संपर्क में था। पुलिस को शक है कि इसी नेटवर्क का इस्तेमाल कर महिलाओं को इस अवैध धंधे में फंसाया जा रहा था।

    फर्जी ग्राहक भेजकर जुटाए गए सबूत
    पुलिस को इस रैकेट की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि करने के लिए पुलिस ने पहले एक फर्जी ग्राहक को होटल में भेजा। जब सौदे की पुष्टि हो गई और पुलिस को संकेत मिला, तब टीम ने तुरंत होटल पर छापा मार दिया।

    छापेमारी में महिलाओं को छुड़ाया गया
    पुलिस की कार्रवाई के दौरान दो महिलाओं को रेस्क्यू किया गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि उनसे देह व्यापार कराया जा रहा था और ग्राहकों से इसके बदले बड़ी रकम वसूली जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    होटल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में
    क्राइम ब्रांच इस मामले में होटल प्रबंधन की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस आर्थिक लेन-देन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि रैकेट से जुड़े सभी लोगों तक पहुंचा जा सके।

    आगे हो सकते हैं बड़े खुलासे
    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला काफी बड़ा और हाई-प्रोफाइल हो सकता है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और कुछ बड़े नामों का भी खुलासा हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।

     

     

  • प्रदेश सरकार बच्चों के कल्याण के लिए वचनबद्ध: CM Sukhu

    प्रदेश सरकार बच्चों के कल्याण के लिए वचनबद्ध: CM Sukhu

    शिमला: जिला ऊना बाल कल्याण कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष ओंकार कपिला ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से शिष्टाचार भेंट की तथा मुख्यमंत्री को सम्मानित कर इस नियुक्ति के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने नव नियुक्त अध्यक्ष को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार बच्चों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है तथा उनके सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए राज्य में अनेक योजनाएं आरम्भ की हैं। इन योजनाओं को धरातल तक ले जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और समाज में जागरूकता लाने के लिए कमेटी को निष्ठापूर्वक कार्य करना चाहिए।

    नवनियुक्त अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि वह कर्मठता से सरकार की नीतियों के अनुसार बच्चों के अधिकारों के संरक्षण में कार्य करेंगे। इस अवसर पर पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने जिला ऊना में विकास की गति में तीव्रता लाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आशीर्वाद से जिले के विकास में हरसंभव सहायता मिल रही है। बैठक के दौरान क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अन्य अहम मुद्दों और आगामी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।