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  • पंजाबः सीएम मान ने स्पैशलिस्ट डॉक्टरों, लैब टैक्नीशियन्स और हैल्परों को सौंपे नियुक्ति पत्र 

    पंजाबः सीएम मान ने स्पैशलिस्ट डॉक्टरों, लैब टैक्नीशियन्स और हैल्परों को सौंपे नियुक्ति पत्र 

    चंडीगढ़ः नौजवानों के लिए रोजग़ार के नए अवसर सृजन करने के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के केवल 10 महीनों में पंजाब के नौजवानों को 25,886 सरकारी नौकरियां दी हैं। आज म्यूंनिसिपल भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में भर्ती 271 स्पैशलिस्ट डॉक्टरों, 90 लैब टैक्नीशियनों और 17 हैल्परों को नियुक्ति पत्र देते हुए जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिस ऑडीटोरियम में यह समागम हो रहा है, वह अलग-अलग सरकारी विभागों में हज़ारों नौजवानों को नौकरियाँ मिलने का गवाह है।

    उन्होंने कहा कि जब से उन्होंने पद संभाला है, तब से अब तक अलग-अलग विभागों में 25,886 नौजवानों को नियुक्ति पत्र सौंपे जा चुके हैं। भगवंत मान ने कहा कि केवल 10 महीनों के दौरान इतने बड़े स्तर पर दी गईं नौकरियों से राज्य सरकार की नौजवानों के कल्याण को सुनिश्चित बनाने और उनके लिए रोजग़ार के नए अवसर सृजन करने की प्रतिबद्धता झलकती है।   मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार राज्य को दुनिया भर में ‘स्वास्थ्य देखभाल हब’ के तौर पर उभारने के लिए दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा कि पंजाब में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आगामी पाँच सालों में 16 नए मेडिकल कॉलेज बनाने का फ़ैसला लिया है, जिससे राज्य में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढक़र 25 हो जायेगी और राज्य के हरेक जि़ले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना सुनिश्चित बनेगी। भगवंत मान ने कहा कि यह कॉलेज एक ओर विद्यार्थियों को मानक शिक्षा मुहैया करेंगे, दूसरी ओर लोगों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं मुहैया करने में भी मददगार होंगे। 

    आम आदमी क्लीनिकों के द्वारा राज्य में स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में क्रांति आने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रोज़ाना इन क्लीनिकों में आने वाले कुल मरीज़ों में से 95 प्रतिशत से अधिक को अपनी बीमारियों से निजात मिली है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त, 2022 में अपनी शुरुआत के बाद इन क्लीनिकों में अब तक 10 लाख से अधिक मरीज़ अपने इलाज के लिए आ चुके हैं। भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में स्वास्थ्य देखभाल ढांचे की कायाकल्प करने में यह क्लीनिक अहम भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजग़ार के क्षेत्र में मुकम्मल बदलाव लाने के लिए राज्य सरकार शिद्दत से काम कर रही है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन क्षेत्रों की कायाकल्प करने के लिए प्रतिबद्ध है और इन क्षेत्रों में सुधार पर ज़ोर दिया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक लोग इन क्षेत्रों से लाभ लेने के योग्य हो सकें। भगवंत मान ने अफ़सोस प्रकट किया कि पिछली सरकारों में से किसी ने भी इन क्षेत्रों की ओर ध्यान नहीं दिया, जिस कारण राज्य इन क्षेत्रों में पीछे रह गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए अथक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान उद्योगपति ख़ासकर राजनीतिक परिवारों के साथ ही बातचीत और समझौते करते थे, परन्तु अब उद्योगपति पंजाब और पंजाब के तीन करोड़ लोगों के साथ समझौते करते हैं। भगवंत मान ने उम्मीद अभिव्यक्त की कि राज्य सरकार की कोशिशों से पंजाब देश भर में औद्योगिक हब के रूप में उभरेगा।  

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शिक्षा एवं स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र को मज़बूत करने के साथ-साथ रोजग़ार के नए अवसर सृजन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे पढ़े-लिखे युवाओं को राज्य से विदेशों की ओर जाने के रुझान पर रोक लगेगी। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार नौजवानों की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाने के लिए यत्नशील है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अपनी भावनात्मक सांझ की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने एक डॉक्टर द्वारा पाँच साल की उम्र में किए अपने एक बड़े ऑपरेशन की याद साझा की। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों को कहा कि वह मरीज़ों ख़ास तौर पर पिछड़े वर्ग के मरीज़ों के साथ अपनत्व के साथ पेश आएं। भगवंत मान ने कहा कि मानवता की इस असली सेवा को मिशनरी उत्साह के साथ करने की ज़रूरत है।  

    मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वह अपने वाहनों में मेडिकल सहायता किटें रखें, जिससे इमरजैंसी की हालत में लोगों की कीमती जानें बचाई जा सकें। उन्होंने कहा कि इमरजैंसी हालात में पहला घंटा बहुत ज़्यादा नाजुक होता है। इस ‘गोल्डन ऑवर’ में लोगों की कीमती जान बचाने पर ध्यान केन्द्रित करना सुनिश्चित बनाया जाये। भगवंत मान ने सडक़ हादसों के मामले में ज़ख्मियों की जान बचाने के लिए लोगों से सहयोग की मांग की। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, स्वास्थ्य सचिव अजौए कुमार शर्मा और अन्य उपस्थित थे।

  • Yeti Airlines के क्रेश से पहले प्लेन का एक और नया वीडियो आया सामने

    Yeti Airlines के क्रेश से पहले प्लेन का एक और नया वीडियो आया सामने

    नेपालः पोखरा के एयरपोर्ट पर हुए भीषण विमान हादसे की एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि जब प्लेन हवा में ही था उस वक्त उसके राइट विंग में आग लग गई थी। इसी वजह से प्लेन का बैलेंस बिगड़ गया और यह दर्दनाक हादसा विमान के उतरने से पहले हो गया। इससे पहले भी एक वीडियो सामेन आ चुका है जिसमें एक यात्री विमान के अंदर से फेसबुक लाइव कर रहा था और उसमें प्लेन के अंदर धधकती आग भी रकॉर्ड हो गई थी।

    हादसे में 68 यात्रियों की मौत

    बता दें कि पिछले तीस सालों में यह सबसे बड़ा विमान हादसा था जिसमें 68 यात्रियों की मौत हो गई है। रविवार को हुए येती एयरलाइंस के विमान के इस हादसे में बचावकर्मियों ने कुछ शवों को बाहर निकाला था लेकिन कुछ शव अंदर ही मलबे में दबे रह गए थे। जिसके बाद सोमवार सुबह फिर से बचावकर्मी मलबे में दबे हुए शवों को बाहर निकालने में जुट गए हैं। बताया जा रहा था कि विमान सेती नदी में गिर गया जहां पर बड़ी खाई थी जिसकी वजह से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

    ब्लैक बॉक्स बरामद, 4 की तलाश जारी

    येती एयरलाइंस के दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स सोमवार को दुर्घटनास्थल से बरामद कर लिया गया जबकि हादसे के बाद से अब तक लापता चार लोगों का पता लगाने के लिए बचाव एवं तलाशी अभियान को तेज कर दिया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यती एयरलाइंस का एटीआर-72 विमान रविवार को रिजार्ट शहर पोखरा के नवनिर्मित हवाई अड्डे पर उतरने के दौरान नदी तट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें चालक दल के चार सदस्यों और पांच भारतीयों समेत 72 लोग सवार थे। इनमें 68 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है और अन्य चार की तलाश जारी है।

    68 में से 35 शवों की शिनाख्त हुई

    अधिकारियों ने कहा कि अब तक मिले 68 शवों में से 35 की पहचान हो गई है। नेपाल में सोमवार को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) दोनों को बरामद कर लिया गया है। रात को खोज और बचाव अभियान को रोक दिया गया था और आज सुबह बचाव दल ने 300 मीटर गहरी खाई में उतरकर फिर से अपना अभियान शुरू किया।

    सीवीआर कॉकपिट में रेडियो प्रसारण और अन्य ध्वनियां रिकॉर्ड करता है, जैसे पायलटों के बीच बातचीत, और इंजन से आने वाली आवाज आदि। एफडीआर 80 से अधिक विभिन्न प्रकार की जानकारी जैसे गति, ऊंचाई और दिशा, साथ ही पायलट क्रियाओं और महत्वपूर्ण प्रणालियों के प्रदर्शन को रिकॉर्ड करता है। काठमांडू हवाई अड्डे के अधिकारियों के अनुसार येती एयरलाइंस के 9एन-एएनसी एटीआर-72 विमान के उतरने से कुछ मिनट पहले पुराने हवाई अड्डे और नए हवाई अड्डे के बीच सेती नदी के तट पर दुर्घटनाग्रस्त होने के एक दिन बाद दुर्घटना स्थल से सीडीआर व एफडीआर बरामद किए गए।

  • पंजाबः अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अमृतपाल का आया बयान, देखें वीडियो

    पंजाबः अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अमृतपाल का आया बयान, देखें वीडियो

    अमृतसरः वारिस पंजाब के सुप्रीमो अमृतपाल सिंह को देर रात अमृतसर के फ़ोर्टीज़ अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। आज सुबह फोर्टिस एस्कोर्ट अस्पताल के डॉक्टरों ने अमृतपाल के कुछ टेस्ट करवाए थे, जिनमें सभी टेस्ट ठीक आए हैं। इसी दौरान उनकी एमआरआई भी करवाई गई है। जिसके बाद अब उन्हें डॉक्टरों से अस्पताल से छुट्टी दे दी है। वहीं छुट्टी मिलने के बाद अमृतपाल ने मीडिया कर्मियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि अब उनकी सेहत में सुधार है। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी है। कुछ दिन आराम करने के बाद वह दोबारा संगत के साथ रू-ब-रू होंगे।

    बता दें कि मुक्तसर साहिब में अमृतपाल को देर रात 2.30 बजे अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जानकारी के मुताबिक उनकी आंखों के आगे अचानक अंधेरा आने लगा था और उनको घबराहट महसूस हो रही थी। जिसके चलते उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। डॉक्टर्स के अनुसार उनका बीपी बढ़ा हुआ था। डॉक्टर्स के अनुसार उनकी हालत में अब सुधार है। रात बीपी के कारण उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ा। अब उनकी हालत स्थिर है।

  • होशियारपुरः राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुई नवजोत कौर सिद्धू, देखें वीडियों

    होशियारपुरः राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुई नवजोत कौर सिद्धू, देखें वीडियों

    जालंधर/वरुणः राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा आज जालंधर से होशियापुर में दाखिल हो चुकी है। भारत जोड़ो यात्रा में जहां कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की पत्नी शामिल हुई, वहींं पंजाब प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी भी परिवार सहित इस यात्रा में शामिल हुई। बता दें कि नवजोत सिद्धू इस समय जेल में बंद है, वह 26 जनवरी को रिहा हो रहे है। नवजोत सिद्धू की गैरहाजरी में उनकी पत्नी राहुल गांधी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलती हुई यात्रा में दिखाई दे रही है।

    डॉ. नवजोत कौर खरल कलां पहुंची हैं। जहां उन्होंने पहले राहुल गांधी से मुलाकात की और अब उनके साथ कदम से कदम मिला कर चल रही हैं। राहुल गांधी 3 बजे चलने के लिए तैयार थे, लेकिन इसी बीच यात्रा स्थल पर पहुंचे गतका व घोड़े को नाचता देखने के लिए रुक गए। राहुल गांधी की यह यात्रा 2 पड़ाव में हो रही है। पहला पड़ाव खत्म हो चुका है, 3 बजे राहुल गांधी टांडा के लिए रवाना होंगे। राहुल गांधी अपने समर्थकों के साथ 23 किलोमीटीर पैदल चलेंगे।

  • कपूरथला जेल में पहुंचे सीएम भगवंत मान, देखें वीडियो 

    कपूरथला जेल में पहुंचे सीएम भगवंत मान, देखें वीडियो 

    कपूरथलाः पंजाब के सीएम भगवंत मान आज कपूरथला जेल में औचक निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान सीएम मान ने बैरकों में जाकर कैदियों की मुश्किलें सुनीं। पिछले दिनों पंजाब की जेल लगातार चर्चा का विषय बन रही थी। क्योंकि तलाशी के दौरान कैदियों से मोबाइल और सिम कार्ड बरामद किए गए थे। जेल पहुंच कर सीएम मान ने जेल प्रशासन और कैदियों से उनकी समस्याएं सुनी।

    कपूरथला जेल में पहुंचने के बाद सीएम मान ने कहा कि हमने जेल प्रशासन और कैदियों से उनकी समस्याएं सुनी। क्योंकि जेल को सुधार गृह कहा जाता है। वह अपनी सजा पूरी करके जेल से भार जाएं और काम करें। अपने परिवार के साथ बैठकर खाना खाएं

    बता दें कि पंजाब की जेलों से लगातार मोबाइल फोन मिल रहे हैं। फिरोजपुर की केंद्रीय जेल से पिछले दिनों 4 स्मार्ट फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए थे। वहीं तरनतारन की जेल से भी पुलिस तलाशी के दौरान कैदियों से मोबाइल मिले थे। गौर हो कि सीएम मान जगह-जगह जाकर चैंकिंग अभियान कर रहे हैं। पिछले दिनों वह शहीद भगत सिंह एयरपोर्ट पर चैंकिंग करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से काम का जायजा भी लिया। वहीं शहीद भगत सिंह के स्टैच्यू को बनाने में भी तेजी लाने के लिए कहा था।

  • पंजाब भर के कॉलेजों को ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने बंद रखने का किया ऐलान, जाने मामला 

    पंजाब भर के कॉलेजों को ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने बंद रखने का किया ऐलान, जाने मामला 

    अमृतसरः नॉन-गवर्नमेंट एडेड कॉलेजेज मैनेजमेंट फेडरेशन (एनजीसीएमएफ), प्रिंसिपल्स एसोसिएशन, पंजाब चंडीगढ़ कॉलेज टीचर्स यूनियन (पीसीसीटीयू) और एसोसिएशन ऑफ अनएडेड प्राइवेट कॉलेजेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) ने 18 जनवरी को सभी कॉलेजों को ‘बंद’ करने की घोषणा की है। जिससे 200 से अधिक शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। इस संबंध में सभी जिला मुख्यालयों में डिप्टी कमिश्नरों को मांग पत्र दे दिए गए हैं। फैडरेशन के अध्यक्ष राजिंदर मोहन सिंह छीना ने आज मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि उक्त संगठनों के समूह की संयुक्त कार्रवाई कमेटी की बैठक हाल ही में गुरु नानक खालसा कॉलेज फॉर वूमेन लुधियाना में हुई। जिसमें 18 जनवरी को सभी कॉलेजों को बंद रखने का निर्णय लिया गया।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह चीमा से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद मुद्दों पर विचार नहीं किया जा रहा है, वह कुछ समय के लिए हड़ताल पर जाएंगे, जिस दौरान प्रभावित बच्चों की शिक्षा के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। राजिंदरमोहन छीना ने एक बातचीत में कहा कि पंजाब में केंद्रीकृत कॉलेज प्रवेश पोर्टल और सेवानिवृत्ति की आयु 58 साल घटाने सहित अध्यापकों के सेवा नियमों से छेड़छाड़ करने संबंधी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। जेएसी व गैर ऐडिड कालेजों की संयुक्त बैठक में उक्त मुद्दे पर गहन चर्चा हुई। मान सरकार कालेजों की जायज मांगों को नहीं सुन रही है, इसलिए उक्त दिन सभी कालेज बंद रहेंगे।  मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री ने राज्य में उच्च शिक्षा के सामने आने वाले मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक तक का समय नहीं दिया है।

    इस संबंध में सरकार से अपील की हैं कि पंजाब के कॉलेजों की समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीकृत पोर्टल को लागू करने का निर्णय सरकार द्वारा बिना किसी सहमति के लिया गया है और चंडीगढ़ में उच्च शिक्षा सचिव के साथ बैठक के दौरान उठाई गई कठिनाइयों को नजरअंदाज करते हुए उक्त एकतरफा आदेश जारी किए गए हैं, जिसे माध्यम से लागू किया जा रहा है। पंजाब के मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी द्वारा लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय हितधारकों के हितों पर विचार किए बिना लिया जा रहा है और इससे राज्य के निजी यूनिवर्सिटीस को लाभ होगा।

    उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम उचित नहीं है क्योंकि इससे कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को परेशानी होगी। बीएड और लॉ कॉलेजों में पहले भी इस तरह के कदम बुरी तरह विफल हो चुके हैं। बैठक के दौरान महाविद्यालयों में पूर्ण अनुदान सहायता योजना की बहाली का मुद्दा भी उठाया गया और सभी प्रतिनिधियों ने आने वाले समय में सरकार के खिलाफ मिलकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। उक्त मुद्दे के समाधान के संबंध में विरोधी पार्टी के नेता अश्विनी शर्मा,  प्रताप सिंह बाजवा और सुखबीर सिंह बादल से चर्चा की जाएगी। 

  • उक्त सड़क का पूर्व मन्त्री ने मई में किया भूमि पूजन , 11 अक्तूवर में खुला टैंडर ,इस पर श्वेत पत्र जारी करें पूर्व मंत्री

    उक्त सड़क का पूर्व मन्त्री ने मई में किया भूमि पूजन , 11 अक्तूवर में खुला टैंडर ,इस पर श्वेत पत्र जारी करें पूर्व मंत्री

    विधायक के सड़क भूमि पूजन पर भाजपा के बयान पर तल्ख कुटलैहड़ कांग्रेस 

    हारे नकारे नहीं बल्कि जनता के चुने विधायक करते हैं भूमि पूजन, याद रखे भाजपा

    ऊना/सुशील पंडित : कुटलैहड़ विस क्षेत्र के बिधायक देवेंद्र भुट्टो पर बोहरु ओलिंडा सड़क निर्माण के लिए भूमि पूजन पर भाजपा द्वारा की गई टिप्पणी पर कुटलैहड़ कांग्रेस ने कड़ा एतराज जताया है। और कुटलैहड़ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राम आसरा शर्मा महासचिब एवं पूर्व प्रधान अजय शर्मा अरलू पँचायत के उपप्रधान भूषण शर्मा जसाना के पूर्व प्रधान प्रवीण पादा चमन लाल फोरमैन व अन्य बरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि कुटलैहड़ के बोहरु अलिंडा सड़क के लिए 11अक्तूवर 2022 को टैंडर खुला था। ओर उसके वाद साढ़े दस करोड़ सड़क को धन स्वीकृत हुआ था। लेकिन पूर्व मन्त्री को ऐसी क्या मजबूरी आ गयी थी कि टैंडर खुलने के 6 माह पूर्ब 17 मई 2022 को उक्त सड़क का भूमि पूजन कर दिया था। अब इस पर पूर्व मन्त्री अपना श्वेत पत्र जारी करें कि आखिर क्यों कुटलैहड़ की जनता के साथ धोखा किया जा रहा था।

    उन्होंने कहा कि जिस कोई नई योजना अथवा कार्य का शुभारंभ किया जाता है। तो सबसे पहले चुने हुए विधायक ही भूमि पूजन करते है न कि हारे नकारे नेताओ को बुलाकर भूमि पूजन करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि जिस बोहरु ओलिंडा सड़क की भाजपा बात कर रही है। उसके लिए साढ़े दस करोड़ की धनराशि अभी स्वीकृत हुई है। और उक्त सड़क को पक्का किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भूमि पूजन भाजपा द्वारा किया गया था। उसमें पुल नालियों का ही निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ में 20 वर्षों तक राज करने बाले पूर्व बिधायक को अपने नाम की पाटिकाऐं लगाकर तसल्ली नहीं हुई। और साढ़े सात हजार से हार कर भी अभी अपने आप को कुटलैहड़ विस क्षेत्र का विधायक मान रहे हैं।  यह उन्हें ज्ञात होना चाहिए कि अब कुटलैहड़ की जनता ने आपको नकार दिया है। और देवेन्द्र भुट्टो को कुटलैहड़ की जनता ने विधायक चुन लिया है।

    उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार में चुनावी बेला पर पूर्व विधायक आधे अधूरे भवनों पर अपनी पाटिकाऐं चिपकाकर उद्घाटन कर गए। बंगाणा में जायज़ा भवन खण्ड बिकास भवन आदि दर्जनों भवनों का जो पूर्व बिधायक ने बोट की राजनीति का लाभ लेने के लिए आनन फानन में उद्घाटन किए है। उनका काम अभी भी प्रगति पर चला हुआ है। उन्होंने कहा कि 20 वर्षों से पूर्व विधायक जनता को बेबकूफ बनाकर बोट बैंक की राजनीति करते आये थे। लेकिन 2022 के विस चुनावो में कुटलैहड़ की जनता ने झूठ की राजनीति पर ऐसा तमाचा मारा है कि 32 वर्षों बाद कांग्रेस पार्टी को देवेन्द्र भुट्टो नामक नेता का कुटलैहड़ की जनता ने विधायक  के रूप में चयन करके भाजपा की झूठ की राजनीति सदा के लिए खत्म कर दी है। उन्होंने भाजपा के जिलाध्यक्ष मनोहर लाल शर्मा को भी नसीहत देते हुए कहा कि पूर्व विधायक  की बातों में आकर कुटलैहड़ के बरिष्ठ समाज सेवी और कांग्रेस विधायक भुट्टो पर अनाप शनाप ब्यान वाज़ी न करें। जिलाध्यक्ष पद से नैतिकता के आधार पर त्याग पत्र दें। उन्होंने कहा कि जिला ऊना में मनोहर लाल शर्मा की अध्यक्षता में भाजपा ने चुनाव लड़ा है। और पांच सीटो में से चार पर कांग्रेस ने हजारों की बढ़त से सफलता हासिल की है। 

    भाजपा जिलाध्यक्ष बताएं कि कुटलैहड़ में किसानों को बकरियों का क्यों नही मिला मुआबजा

     जिलाध्यक्ष मनोहर लाल शर्मा बताएं कि उनकी सरकार में कुटलैहड़ से कृषि मंत्री थे। लेकिन जो किसानों को बीमार बकरियां दी। वह मर गईं। उनका मुआवजा क्यों नहीं मिला। क्या मुर्गे सूअर बकरियां देना बिकास है। उन्होंने कहा कि किस पात्र परिवार को आर्थिक सहायता बीती भाजपा सरकार में कुटलैहड़ को मिली है।गायों की सब्सिडी आज तक किसानों को नहीं मिल पाई है। अपने चेहतों को सब्सिडी के ट्रैक्टर दे दिए गए। तव भाजपा के जिलाध्यक्ष मनोहर लाल शर्मा कहां थे। कुटलैहड़ में पूर्व मन्त्री के भवनों में सरकारी कार्यलय चल रहे है। लेकिन इन सव बातों पर भाजपा के जिलाध्यक्ष ने चुप्पी साधी थी।  अगर कुटलैहड़ के बिधायक देवेन्द्र भुट्टो बिकास कार्यो का भूमि पूजन कर रहे हैं तो अपनी राजनीति चमकाने के लिए मीडिया में अनाप शनाप बयानबाज़ी कर रहे हैं। 

  • IPL के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी का केके मोदी फैमिली ट्रस्ट से इस्तीफा, जाने किसे सौंपी जिम्मेदारी

    IPL के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी का केके मोदी फैमिली ट्रस्ट से इस्तीफा, जाने किसे सौंपी जिम्मेदारी

    नई दिल्लीः आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी लंदन में ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। ​​​​उन्हें दो हफ्ते में दूसरी बार कोरोना हो गया है। बीमारी के बीच उन्होंने बड़ा फैसला लिया। अपना सबकुछ बच्चों को सौंप दिया। ललित मोदी को उन्हें तीन दिन पहले ही मेक्सिको सिटी से एयरलिफ्ट करके लंदन के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अस्पताल से ही उन्होंने फैमिली ट्रस्ट से इस्तीफा देकर बेटे रुचिर को परिवार की कमान सौंपने का ऐलान किया। ललित मोदी ने केके मोदी फैमिली ट्रस्ट की ललित कुमार मोदी (LKM) ब्रांच बेटे रुचिर को सौंप दी।

    ललित मोदी ट्रस्ट के लाभार्थी नहीं रहेंगे। उन्होंने अपने इस्तीफे का भी ऐलान किया। इस ट्रस्ट को लेकर ललित मोदी की मां बीना और बहन के बीच कानूनी लड़ाई जारी है। इस फैसले पर उनकी मां बीना मोदी ने अभी कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है। ललित मोदी ने ट्वीट किया- मैं जिस दौर से गुजरा हूं, उससे यह सबक मिला कि अब रिटायर होने और आगे बढ़ने का वक्त है। यह बच्चों को बढ़ाने का वक्त है, मैं उन्हें सब सौंप रहा हूं।

    बता दें कि ललित मोदी ने आईपीएल की शुरुआत की थी। वो 2005 से 2010 तक ‌बीसीसीआई के वाइस प्रेसिडेंट रहे थे। 2008 से 2010 तक IPL के चेयरमैन और कमिश्नर रहे। 2010 में ललित को धांधली के आरोप में IPL कमिश्नर के पद से सस्पेंड कर दिया गया था। उन्हें बीसीआई से भी सस्पेंड कर दिया गया था। मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपों के बाद 2010 में ललित देश से फरार हो गए थे। ललित मोदी 2022 में सुष्मिता सेन के साथ उनके रिश्ते को लेकर चर्चा में आए थे। उन्होंने सुष्मिता सेन के साथ खास बॉन्ड वाली तस्वीरें शेयर की थीं। पहले कयास लगाए गए कि दोनों ने शादी कर ली है, लेकिन खुद मोदी ने इससे इनकार किया था।

  • शहीद अमरीक सिंह का सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

    शहीद अमरीक सिंह का सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

    क्षेत्र की जनता ने नम आंखों से दी शहीद को अंतिम विदाई
    ऊना/सुशील पंडित : जम्मू-कश्मीर के माशिल सेक्टर में गत बुधवार को शहीद हुए जिला ऊना के अमरीक सिंह का पार्थिव शरीर सोमवार को उनके पैतृक गांव गणु मंदवाड़ा पहुंचा। शहीद अमरीक सिंह का पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। 
    इस मौके पर कैप्टन राहुल मेहता, लांस नायक नवीन, सूबेदार अरुण कुमार, हवलदार धर्मवीर, हवलदार बलवन्त सिंह, 14 डोगरा ऑल एक्स सर्विस मेन, जिला प्रशासन की आरे एसपी अर्जित सेन, एसडीएम सोमिल गौतम, डीएसपी बसुधा सूद, तहसीलदार घनारी रोहित सिंह ने  श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रदांजलि दी। इसके अतिरिक्त भारी संख्या में उपस्थित क्षेत्र की जनता ने भी शहीद अमरीक सिंह को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
  • पंजाबः एक्ट्रेस रुबीना बाजवा और गुरबख्श चहल का सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड

    पंजाबः एक्ट्रेस रुबीना बाजवा और गुरबख्श चहल का सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड

    चंडीगढ़ः पॉपुलर पंजाबी एक्ट्रेस रुबीना बाजवा और उनके पति गुरबख्श चहल का ट्विटर अकाउंट हाल ही में सस्पेंड कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, गुरबख्श चहल ने अपनी शादी की पहली सालगिरह पर पत्नी के साथ ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया था। दरअसल, गुरबख्श चहल का ट्विटर अकाउंट 7 दिन के लिए सस्पेंड किया गया था, लेकिन छठे दिन रिस्टोर कर लिया गया। कुछ घंटों बाद, गुरबख्श ने अपनी पहली शादी की सालगिरह के उपलक्ष्य में एक और वीडियो साझा किया और ट्विटर ने अज्ञात कारणों से गुरबख्श और उनकी पत्नी रुबीना के अकाउंट को निलंबित कर दिया।

    जानकारी के मुताबिक दोनों के अकाउंट सस्पेंड करने को लेकर ट्विटर की तरफ से कोई सफाई नहीं दी गई है। ट्विटर ने यह कार्रवाई करने से पहले न तो कोई चेतावनी दी और न ही कोई ईमेल भेजा। बता दें कि गुरबख्श का ट्विटर अकाउंट उस समय निलंबित कर दिया गया जब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी और अभिनेत्री रुबीना बाजवा को “बलात्कार” और “यौन उत्पीड़न” की धमकियों का जवाब दिया था। गौरतलब है कि रुबीना और गुरबख्श ने 7 जनवरी 2022 को शादी की थी। लेकिन कोविड के चलते औपचारिक शादी 26 अक्टूबर 2022 को हुआ था।