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Jalandhar News: बस को क्रॉस कर रहा बाइक सवार अनियंत्रित होकर गिरा, मौत, देखें वीडियो
जालंधर, ENS: फिल्लौर के निकटवर्ती गांव में लंबे समय से सड़क के बीच में खड़े गंदे पानी की निकासी ना होने के कारण यह सड़क अब खूनी सड़क के नाम से जानी जाने लगी है। इस सड़क पर खड़े गंदे पानी के कारण गांव रसूलपुर की एक स्कूटर सवार महिला की मौत हो चुकी है, इससे सैकड़ों लोग घायल हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से आज तक इसका कोई पक्का समाधान नहीं किया गया है।
शनिवार को इस खूनी सड़क ने गांव सैफाबाद के एक युवक को निगल लिया। मृतक की पहचान 19 वर्षीय लखविंदर पुत्र राम शरण निवासी गांव सैफाबाद के रूप में हुई है। लखविंदर सिंह अपने भाई अभय के साथ पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार होकर राहों साइड से फिल्लौर की ओर आ रहा था। मौके पर मौजूद ड्राइवर अंकुश ने बताया कि उक्त मोटरसाइकिल चालक एक बस को क्रॉस कर रहे थे कि अचानक मोटरसाइकिल पानी के कारण स्लिप हो गई और यह हादसा हो गया।
लगातार बढ़ रहे इन हादसों के कारण आज बहुजन समाज पार्टी की ओर से अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बसपा फिल्लौर के हलका इंचार्ज खुशी राम नंगल ने कहा कि इस खूनी सड़क ने अब तक कई कीमती जानें ले ली हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से हादसा होने पर ही यहां आकर मामले का समाधान करने का ऐलान कर महज़ खानापूर्ति ही की जाती रही है, पर कोई पक्का समाधान नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब बसपा पार्टी तब तक धरना प्रदर्शन करेगी, जब तक इस मामले का प्रशासन की ओर से कोई पक्का समाधान नहीं किया जाता।
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Punjab News: BJP ने नियुक्त किया नया जिला अध्यक्ष, ताजपोशी में शामिल हुए केवल ढिल्लों, देखें वीडियो
अमृतसरः जिले में भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष सलील कपूर की ताजपोशी समारोह के दौरान पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों विशेष तौर पर पहुंचे। समारोह के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला और नए जिला अध्यक्ष को पद संभालने पर बधाईयां दी गईं। इस मौके पर अपने संबोधन में नवनियुक्त जिला अध्यक्ष सलील कपूर ने पार्टी हाईकमान और पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों का धन्यवाद करते हुए कहा कि पार्टी ने उन पर बड़ा भरोसा जताया है।
उन्होंने कहा कि वे पार्टी द्वारा दी गई इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएंगे और संगठन को और मजबूत बनाने के लिए हर कार्यकर्ता को साथ लेकर काम करेंगे। वहीं पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सलील कपूर को बधाई देते हुए कहा कि आज श्री हरिमंदिर साहिब और श्री दुग्याना मंदिर में नतमस्तक होने के उपरांत सलील कपूर को जिला अध्यक्ष के रूप में पद संभालने की रस्म अदा की गई है।
उन्होंने कहा कि भाजपा एक एकजुट पार्टी है और इसमें अन्य पार्टियों की तरह आंतरिक खींचतान नहीं है। उन्होंने सलील कपूर को सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को साथ लेकर चलने की सलाह भी दी। उन्होंने दावा किया कि अमृतसर में भाजपा का मजबूत आधार बन रहा है और आने वाले चुनावों में अमृतसर की पांचों विधानसभा सीटें भाजपा के खाते में जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट दिए हैं और डबल इंजन की सरकार ही पंजाब को पुनः तरक्की के रास्ते पर लेकर जा सकती है।
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Punjab News: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस नेता राजकुमार वेरका ने घेरी भाजपा सरकार, देखें वीडियो
अमृतसर: कांग्रेसी नेता डॉ. राजकुमार वेरका ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र, युवाओं और संविधान की जीत है। उन्होंने कहा कि लगातार 39 दिन चले संघर्ष के बाद सरकार को झुकना पड़ा, जो युवाओं की एकता की बड़ी जीत है।
डॉ. वेरका ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ़ एक पेपर लीक की नहीं, बल्कि देश के लाखों युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इस मुद्दे को ज़ोरदार ढंग से उठाया और युवाओं की आवाज़ बने। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान ने हर नागरिक को अपनी बात रखने और अपने हक़ों के लिए संघर्ष करने का अधिकार दिया है और यह जीत उसी संवैधानिक प्रणाली की भी जीत है।
उन्होंने कहा कि जब तक देश में लोकतंत्र ज़िंदा है, तब तक जनता अपनी आवाज़ इसी तरह बुलंद करती रहेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नसीहत देते हुए कहा कि सरकार को फ़ैसले सोच-समझकर लेने चाहिए। उन्होंने किसान आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी केंद्र सरकार को किसानों के लंबे संघर्ष के बाद कृषि कानून वापस लेने पड़े थे और अब युवाओं के रोष के कारण सरकार को यह कदम उठाना पड़ा है।
डॉ. वेरका ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाएं अकेला मामला नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक नहीं, बल्कि क़रीब 30 पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि अगर एक ही एजेंसी का नाम बार-बार सामने आ रहा है तो उसे बार-बार ज़िम्मेदारी क्यों दी जाती है।
कांग्रेसी नेता ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में सरकार की भूमिका भी शक के घेरे में है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री देश के युवाओं से माफ़ी मांगें और इस मामले में ज़िम्मेदार मंत्रियों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करके क़ानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों की गिरफ़्तारी करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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Punjab News: सराफा बाज़ार में बिजली की तारों में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी, देखें वीडियो
लुधियानाः शहर के सराफा बाज़ार में बिजली की तारों में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। इस घटना को लेकर लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ऐसे में दुकानदारों द्वारा पहले खुद ही आग बुझाने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन आग भीषण रूप धारण कर लिया। इसकी वीडियो भी सामने आई हैै, जिसमें देखा जा सकता है कि बिजली की तारों में काफी देर तक पटाखे बजते रहे। घटना के दौरान भारी संख्या में लोगों के वाहन खड़े थे। ऐसे में लोगों ने वाहन हटाने शुरू कर दिए। लोगों द्वारा बिजली विभाग को काफी देर तक सप्लाई बंद करने के लिए अपील की गई।
इस घटना को लेकर लोगों द्वारा बिजली विभाग के खिलाफ रोष जाहिर किया गया। इस घटना में ज्वैलर की दुकान का बोर्ड जल गया। गनीमत यह रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। मामले की जानकारी देते हुए गुरमीत सिंह ने कहाकि बाजार में 5 दिन से बिजली की तारों को आग लग रही है। इस दौरान 2 वाहन इसकी चपेट में आ चुकी है। उन्होंने कहा कि 5 दिनों से दुकानदारों द्वारा बिजली विभाग को सूचित किया जा रहा है। बिजली विभाग की ओर से सरकारी तार बदलने के लिए 30 हजार रुपए की मांग को लेकर कहा गया है।
दुकानदार ने कहा कि विभाग द्वारा टेपरेंरी तार को ठीक कर दिया जाता है, लेकिन तारों को बदला नहीं जा रहा। उन्होंने कहा कि दुकानदार टेक्स अदा करते है। उन्होंने प्रशासन से बाजार की तारों को बदलने की अपील की है। दुकानदारों का कहना है कि आज बड़ा हादसा होने से टल गया। दुकानदारों ने कहा कि घटना को लेकर लोगों में दहशत का माहौल पाया जा रहा है। उनका कहना है कि कई बार बिजली विभाग को इस बारे में सूचित किया गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई। गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले भी कई बार ऐसी घटना हो चुकी है, जिसको लेकर दुकानदारों में काफी रोष पाया जा रहा है।
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Jalandhar News: लगा Power Cut, आज मेले से पहले सप्लाई बंद को लेकर लोग परेशान, देखें वीडियो
पार्षद ने दी चौक जाम करने की धमकी
जालंधर, ENS: मखदूमपुरा इलाके में बिजली की सप्लाई ठप होने से लोग काफी परेशान है। लोगों का कहना हैकि आज इलाके में धार्मि मेले का आयोजन है। ऐसे में सुबह 4 बजे इलाके की बिजली बंद है। वह कई बार बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को सूचित कर चुके है, लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा। जिसको लेकर लोगों में भारी रोष पाया जा रहा है। जिसके बाद भारी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पार्षद शैरी चड्ढा मौके पर पहुंचे। पार्षद ने कहाकि 12 घंटे से इलाके में बिजली की सप्लाई बंद है। उन्होंने कहाकि वह अधिकारियों को कई बार वह खुद फोन कर चुके है। पार्षद ने कहा कि जेई तलविंदर को फोन किया तो वह आने का आश्वासन दे रहे है, लेकिन 12 घंटों से कोई कर्मी नहीं घटना स्थल पर भेजा गया। वहीं एसडीओ से बात की गई तो उसका कहना था कि कर्मी हड़ताल पर है। पार्षद ने कहाकि गर्मी में 12 घंटे से इलाका निवासी काफी परेशान है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहाकि अगर आधे घंटे तक बिजली बहाल नहीं की गई तो वह स्काईलार्क चौक पर धरना लगाया जाएगा। ऐसे में अगर जब भी बिजली की सप्लाई बंद होगी तो सभी चौकों पर धरना लगाकर बंद किया जाएगा। उन्होंने कहाकि पीरों की जगह पर बाबा मखदूमशाह जी का सलाना मेले का आयोजन है। ऐसे में बिजली विभाग से आज सप्लाई बहाल करने की अपील की गई, लेकिन फिर भी कोई अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचा और ना ही बिजली बहाल की गई। -

Jalandhar News: छात्रों के प्रदर्शन को लेकर BJP पर बरसे कांग्रेस विधायक कोटली, देखें वीडियो
जालंधर, ENS: जंतर-मंतर पर हो रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर आदमपुर से विधायक सुखविंदर कोटली ने केंद्र पर जमकर निशाने साधे। उन्होंने कहा कि देश का शिक्षा सिस्टम आज इस स्तर पर गिर चुका है कि पेपर लीक के मामलों के कारण कई छात्र-छात्राओं को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मिलीभगत के चलते ये मामले लगातार हो रहे हैं, इसलिए उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है। पूरा देश का विद्यार्थी आज सड़कों पर है और जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन का समर्थन कर रहा है। जब छात्र संसद का घेराव करने जा रहे हों, तो उन्हें शांति से भी समझाया जा सकता है, लेकिन उन पर लाठियां और पैलेट गन से गोलियां चलाई जा रही हैं। अगर छात्रों को इंसाफ नहीं मिलेगा और पेपर लीक होते रहेंगे, तो हमारे बच्चे कब तक आत्महत्या करते रहेंगे? आज जालंधर के अंदर हो रहे इस बड़े प्रदर्शन की हिमायत करने के लिए मैं पार्टी स्तर से ऊपर उठकर यहां आया हूं, क्योंकि छात्र भी यही चाहते थे कि हमें मिलकर संघर्ष लड़ना चाहिए।
जब इतने संघर्ष के बाद भी यह खबर सामने आ रही है कि महाराष्ट्र में टेट (TET) का पेपर लीक हो गया है, तो यह बेहद चिंताजनक है। यदि ऐसा लगातार हो रहा है, तो देश के प्रधानमंत्री को तुरंत पूरे देश से माफी मांगकर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना चाहिए और उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल में डालना चाहिए। सरकार या प्रधानमंत्री को बार-बार अपनी ही सरकार के मंत्री के कारण क्यों शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है? जालंधर के संघर्ष ने यह साबित कर दिया है कि देश और पंजाब का हर युवा और छात्र वर्ग दिल्ली के संघर्ष के समर्थन में सड़कों पर उतर आया है।
जब बीजेपी की तरफ से यह कहा जाता है कि छात्रों को विपक्षी दलों ने उकसाया है, तो यह बेबुनियाद है। विपक्ष और चुने हुए नुमाइंदों की यह जिम्मेदारी बनती है कि अगर किसी भी वर्ग के साथ अन्याय या ज्यादती हो, तो वे संसद के अंदर खड़े होकर सरकार से सवाल पूछें। राहुल गांधी लगातार संसद के अंदर चर्चा की मांग कर रहे हैं, लेकिन हाउस को एडजोइन करना पड़ रहा है और उन्हें बोलने तक का समय नहीं दिया जा रहा है। अगर संसद में बोलने नहीं दिया जाएगा, तो विपक्ष और नेता सड़कों पर उतरकर जनता और छात्रों की लड़ਾਈ लड़ेंगे। बीजेपी नेता विजय सांपला को शायद कोई जानकारी नहीं है कि संसद के अंदर क्या चल रहा है; उन्हें घरों से बाहर निकलकर टीवी देखना चाहिए ताकि पता चल सके कि विपक्ष को चर्चा के लिए कोई समय तक नहीं दिया जा रहा है।
केंद्र सरकार देश को तबाही के रास्ते पर ले जा रही है। जिन युवाओं को देश का इंजीनियर, वकील और डॉक्टर बनना है, अगर आप उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करेंगे, तो देश के भविष्य की क्या उम्मीद की जा सकती है? यह सब केंद्र सरकार और आरएसएस के माध्यम से चलाया जा रहा है ताकि छात्र इसी तरह सड़कों पर रुल्ते रहें, लेकिन हम ऐसा बिल्कुल नहीं होने देंगे। लाठीचार्ज और हिंसा से बचने के लिए छात्रों को मंदिरों के कपाट बंद करने पड़े और मजबूर होकर गुरु घर (गुरुद्वारों) की ओट लेनी पड़ी, जहां जाकर उन्होंने अपनी जान बचाई। यहां तक कि जो छात्र वहां केवल माथा टेकने जाते थे, उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया गया, जो कि बेहद निंदनीय है। गुरुद्वारे, मंदिर और मस्जिद सभी के सांझे होते हैं। यदि गुरुघर के अंदर जाकर छात्रों को लंगर मिला या उन्होंने खुद को सुरक्षित किया, तो यह गुरुओं के उस पैगाम की मिसाल है जो हमेशा गरीबों, विद्यार्थियों और संघर्षशील लोगों की सहायता करता है। यह बाबा नानक की धरती और गुरु गोबिंद सिंह का देश है, जिसने हमें अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया है।
कल सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की मीटिंग में दो मांगों पर तो सहमति जता दी गई, लेकिन मुख्य मांग—धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे—पर अभी तक सहमति नहीं बनी है। छात्रों द्वारा किए गए सुसाइड्स के लिए मुआवजा और मुकदमे वापस लेना तो सेकेंडरी बातें हैं, असली जिम्मेदार तो देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र उनका इस्तीफा लेने से क्यों भाग रहे हैं? यदि बच्चे शांत हो सकते हैं और उन्हें इंसाफ मिल सकता है, तो प्रधानमंत्री चुप क्यों बैठे हैं? इसका मतलब यह है कि सरकार खुद कहीं न कहीं इस खेल में शामिल है और समझौते के चक्कर में इस आंदोलन को खत्म करना चाहती है, लेकिन बच्चों ने जो मजबूत स्टैंड लिया है, वह सराहनीय है।
बच्चे पीएम नरेंद्र मोदी से कोई अपनी जमीन-जायदाद नहीं मांग रहे हैं, वे तो केवल अपने ऊपर हुए जुल्म के खिलाफ इंसाफ की मांग कर रहे हैं। यदि देश के मंत्रियों और प्रधानमंत्री से इंसाफ की उम्मीद नहीं होगी, तो यह संघर्ष यूं ही जारी रहेगा और ये लोग प्रधानमंत्री को भी झुकाकर मानेंगे। यह बहुत चिंता का विषय है कि जिन छात्रों को कॉलेज और यूनिवर्सिटी में बैठकर पढ़ाई करनी चाहिए थी, उन्हें रातें जागकर सड़कों पर संघर्ष करना पड़ रहा है। इस दर्द को या तो वे माता-पिता समझ सकते हैं या फिर वे लोग समझ सकते हैं जो खुद संघर्षों की भट्ठी से उठकर आए हैं।
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Punjab News: मरीज ले जाने के लिए आए एंबुलेंस चालक पर तेजधार हथियारों से हमला, देखें वीडियो
मोगाः जिले में सरे बाजार गुंडागर्दी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। अभी गत दिवस चैंबर रोड पर दिन दिहाड़े कार मालिक पर हुए हमले में पुलिस द्वारा अभी मामला पुलिस द्वारा दर्ज भी नहीं किया गया कि अब एक अन्य घटना में शहर के भीड़ भाड़ वाले इलाके से सामने आ गई। दरअसल, मंडी राम गंज में एक एम्बुलेंस मालिक से सरे बाजार दिनदिहाड़े हमला कर दिया गया। एक निजी एम्बुलेंस मालिक को मंडी राम गंज में 2200 रुपए में बात तय करके बुलाया गया था। ऐसे में उसे कहा गया था कि एक मरीज को मोगा से फरीदकोट लेकर जाना है, लेकिन जैसे ही एम्बुलेंस मालिक फोन पर व्यक्ति द्वारा बताए स्थान पर पहुंचा, तो पहले से एम्बुलेंस मालिक का इंतजार कर रहे दो नकाबपोश युवकों में से एक के पास एक तलवार जबकि दूसरे के पास एक हॉकी थी, उन्होंने उसपर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
जिसमें एम्बुलेंस मालिक मनिंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावारों द्वारा मनिंदर सिंह की एंबुलेंस की भी तोड़फोड़ की गई। घटना की सूचना मिलते ही समाज सेवा सोसाइटी के मेंबर घायल मनिदर सिंह को सरकारी हस्पताल ले गए, जहां फिलहाल मनिंदर का इलाज चल रहा है। हलांकि मनिंदर खतरे से बाहर है, लेकिन फिर भी वह गंभीर जख्मी है। इस घटना की दो सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई हैं, जिनमें से एक में एम्बुलेंस मालिक से हो रही मारपीट जबकि दूसरी वीडियो में हमलावरों को भागते देखा जा सकता है।
मीडिया के रूबरू घायल मनिंदर के पिता हरजिंदर सिंह ओर समाज सेवा सोसाइटी के प्रधान गुरसेवक सिंह सन्यासी ने बताया कि मनिदर को फोन आया था कि राम गंज मंडी से एक मरीज को फरीदकोट लेकर जाना है। मनिदर ने 2500 रुपये मांगे, लेकिन बात 2200 रुपए में तय हो गई। मनिंदर एंबुलेंस लेकर उनके बताए हुए स्थान पर राम गंज मंडी में पहुंच गया ओर वह अभी एंबुलेंस से बाहर भी नहीं उतरा था कि उस पर तलवार से वार कर दिये ओर एंबुलेंस की तोड़ फोड़ भी की, हमलावरों की तलवार का मुट्ठा भी टूट कर गाड़ी में ही गिरा पड़ा है।
मनिंदर के पिता ने कहा कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं है, फिर भी ये हमला उनकी समझ से बाहर है। पीड़ित पक्ष के लोगों ने कहा कि इतनी भीड़ भाड़ वाले इलाके में दिन दिहाड़े हुई ये घटना एक बहुत चिंता का विषय है। उन्होंने इंसाफ की गुहार लगाई है। इधर, सरकारी हस्पताल की डाक्टर रजनी ने बताया कि एक मनिंदर सिंह नाम का युवक जिसकी उमर 36 साल है गंभीर हालत में यहां आया है। जिसकी बाजू ओर सिर पर घाव है। हम एक्सरे ओर सी.टी स्कैन करवा रहे हैं और मरीज की स्थिति ठीक है।
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मुख्यमंत्री ने विदेश से एमबीबीएस करने वाले स्नातकों की इंटर्नशिप अवधि एक वर्ष करने के निर्देश दिए
शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पात्र विदेशी चिकित्सा महाविद्यालयों से एमबीबीएस कर चुके और कोविड-19 महामारी में उत्पन्न अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से अध्ययन करने वाले स्नातकों को एक वर्ष की इंटर्नशिप की अनुमति प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज यहां विद्यार्थियों और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित विद्यार्थियों की चिंताओं का समाधान निष्पक्ष, व्यावहारिक और छात्र हितैषी दृष्टिकोण के साथ करेगी। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोविड-19 महामारी के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों के कारण प्रभावित योग्य विद्यार्थियों को किसी प्रकार की हानि न उठानी पड़े।
सुक्खू ने कहा कि विदेश से चिकित्सा स्नातक करने वाले विद्यार्थियों की इंटर्नशिप अवधि को लेकर अनिश्चितता उत्पन्न हो गई थी, क्योंकि एक ही शैक्षणिक बैच के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग अवधि निर्धारित की गई थी। कुछ विद्यार्थियों को एक वर्ष की इंटर्नशिप करने की अनुमति दी गई, जबकि समान परिस्थितियों में कोविड-19 के दौरान पढ़ाई करने वाले अन्य छात्रों को दो वर्ष की इंटर्नशिप करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने महामारी के दौरान ऑनलाइन माध्यम से पढ़ने वाले विदेशी चिकित्सा स्नातकों के लिए प्रतिपूरक प्रशिक्षण अवधि की उपयुक्तता का आकलन करने का अधिकार राज्य सरकारों को सौंपा है। एनएमसी के प्रावधानों तथा विद्यार्थियों द्वारा झेली गई वास्तविक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पात्र अभ्यर्थियों के लिए इंटर्नशिप अवधि एक वर्ष निर्धारित करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर आवश्यक आदेश जल्द जारी किए जाएं, ताकि प्रभावित छात्र अविलंब अपनी इंटर्नशिप शुरू या पूरी कर सकें। इस निर्णय से प्रभावित चिकित्सा स्नातकों को बड़ी राहत मिलेगी और वे अनावश्यक बाधाओं के बिना अपने चिकित्सा करियर को आगे बढ़ा सकेंगे। इससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बनी रहेगी। बैठक में प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार तथा चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. गोपाल बेरी भी उपस्थित थे।
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PM Modi से बोले अभिजीत, सुबह हो गई मामू… देश वासियों से की ये खास अपील, देखें वीडियो
RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान के कुछ घंटों बाद बैकफुट पर आई सरकार
नई दिल्लीः केंद्रिय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने पीएम नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत के बयान के बाद सरकार बैकफुट पर आई है। दरअसल, मोहन भागवत ने कहा था कि आज की नई पीढ़ी बहुत सारे सवाल पूछती है। हमें आदेश देने की बजाय उनसे बातचीत करनी चाहिए। उन्हें हर बात के पीछे का तर्क समझाना चाहिए, न कि आदेश देना चाहिए। संवाद के जरिए ही उन्हें सही दिशा दिखाई जा सकती है। ऐसे में भागवत का बयान आने के 4 घंटे बाद ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। वहीं इस्तीफे को लेकर सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके का बयान सामने आया है। अभिजीत ने कहाकि वह पीएम नरेंद्र मोदी से कहना चाहते है, सुबह हो गई मामू… सुबह हो गई, डेमोक्रेसी की सुबह हो गई और देश की जनता जाग गई है। अभिजीत ने कहाकि यह पहल विकेट है। ऐसे में वह यहां नहीं रूकेंगे, अभी तो शुरुआत हुई है। इसी के साथ अभिजीत ने सभी युवाओं का शुक्रिया अदा किया जो 36 दिनों से यहां पर बैठे हुए है। पुलिस ने पानी बंद कर दिया, खाना बंद कर दिया, लेकिन युवाओं की हिम्मत टूटी नहीं, वह डटकर शांतिमय ढंग से प्रदर्शन करते रहे। इसी के साथ अभिजीत ने देश भर के लोगों से अपील की है कि आज शाम 6 बजे सभी राज्यों में शहीद हुए स्टूडेंट्स के लिए कैंडल मार्च निकाला जाए, जिनकी हत्या के जिम्मेदार केंद्रिय शिक्षा मंत्री है। वहीं अन्य वीडियो में कहाकि धरना जारी रहेगा, क्योंकि अभी 2 मांगे बाकी है। दरअसल, केंद्रिय मंत्री जेपी नड्डा के साथ बीते दिन हुई मीटिंग में छात्रों ने 3 मांगे और 5 सुझाव रखे थे। ऐसे में अभी केंद्र सरकार द्वारा एक मांग मानी गई है। अभिजीत ने कहाकि धरने से हम ऐसे नहीं वापिस जाएंगे हम कॉकरोच है, एक घूसता तो निकलता नहीं है। उन्होंने कहाकि जिन बच्चों ने सुसाइड की है, उनके परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाने की मांग बाकी है। वहीं दूसरी मांग पुलिस वालों ने 20 तारीख को जो लाठीचार्ज किया था, ऐसे में उक्त पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होना बाकी है। जिसमें से डीसीपी संदीप लांबा, एसीपी अजय शर्मा, सचिन शर्मा सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होना बाकी है। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली पुलिस अधिकारी याद रखें कि उन्होंने कॉकरोच से पंगा लिया है। हमने तो एक मंत्री का इस्तीफा ले लिया, तो तुम लोग क्या चीज हो। छात्रों पर केस वापस होने चाहिए। भैया, ये लोकतंत्र है। मुझे एक महीने से लोग कहते थे- क्या कर रहे हो, कब तक बैठोगे, ये इस्तीफा नहीं देंगे। ये मनमानी सरकार है, लेकिन हमने कर दिखाया। बता दें कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान के कुछ घंटों के बाद इस्तीफा दिया गया। दरअसल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार सुबह दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा था, ‘हम मनमानी करेंगे, शक्ति से सबके मालिक बनेंगे, ऐसा नहीं हो सकता।’ बता दें कि नीट पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा- वे कहते थे, इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए। प्रधान ने इस्तीफे को लेकर चिट्ठी पोस्ट की।
