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  • पंजाबः स्वतंत्रता दिवस पर आंगनवाड़ी सैटरों को लेकर कैबिनेट मंत्री ने जारी किए आदेश 

    पंजाबः स्वतंत्रता दिवस पर आंगनवाड़ी सैटरों को लेकर कैबिनेट मंत्री ने जारी किए आदेश 

    चंडीगढ़: सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने समूह बाल विकास प्रोजैक्ट अफसरों को राज्य के आंगनवाड़ी सैटरों में स्वतंत्रता दिवस मनाने की हिदायत दी है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पंजाब के अलग-अलग आंगनवाड़ी केन्द्रों में देश-भक्ति की भावना पैदा करने के लिए ‘स्वतंत्रता दिवस’ मनाने का प्रोग्राम बनाया गया है। बच्चों को देश की आज़ादी के इतिहास के बारे में अवगत करवाना बहुत ज़रूरी है।

    नयी पीढ़ी के बच्चे अपने देश की आज़ादी की ऐतिहासिक पृष्टभूमि संबंधी जानकारी हासिल कर सकेंगे।  मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा समूह बाल विकास प्रोजैक्ट अफसरों को उनके अधीन आने वाले समूह आंगनवाड़ी सैंटरों में स्वतंत्रता दिवस मनाने सम्बन्धी पत्र भी जारी किया गया है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बच्चों के माँ-बाप को आंगनवाड़ी सैंटरों में हिस्सा लेने की अपील की।

  • NMC के नए नियमों में कई प्रावधान, जेनेरिक दवाएं ना लिखने पर दंडित होंगे डॉक्टर

    NMC के नए नियमों में कई प्रावधान, जेनेरिक दवाएं ना लिखने पर दंडित होंगे डॉक्टर

    नई दिल्ली : राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने अपने नए नियमों में कई प्रावधान किए हैं। एनएमसी के नए नियमों के मुताबिक सभी डॉक्टरों को जेनेरिक दवाएं लिखनी होंगी। ऐसा न करने पर दंडित किया जाएगा और यहां तक ​​कि प्रैक्टिस करने का लाइसेंस भी कुछ समय के लिए निलंबित किया जा सकता है। चिकित्सक और उनके परिवार के सदस्य दवा कंपनियों या उनके प्रतिनिधियों, वाणिज्यिक स्वास्थ्य देखभाल प्रतिष्ठानों और चिकित्सा उपकरण कंपनियों से किसी भी रूप में कोई उपहार या अन्य सुविधाएं नहीं लेंगे। दो अगस्त को जारी ‘पंजीकृत चिकित्सक के व्यावसायिक आचरण से संबंधित विनियम’ चिकित्सकों को किसी भी दवा ब्रांड, दवा और उपकरण का समर्थन करने या उनका विज्ञापन करने से रोकते हैं।

    नियमों के अनुसार, किसी अस्पताल में मरीज के रिकॉर्ड के लिए जिम्मेदार पंजीकृत चिकित्सक (आरएमपी) को मेडिकल रिकॉर्ड के लिए मरीजों या अधिकृत परिचारक द्वारा किए गए किसी भी अनुरोध को विधिवत स्वीकार किया जाना चाहिए और दस्तावेजों को 72 दिन के मौजूदा प्रावधान के स्थान पर पांच कार्य दिवस के भीतर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। नियमों में कहा गया है कि आपात चिकित्सा स्थिति के मामले में, मेडिकल रिकॉर्ड जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाना चाहिए। नियमों के अनुसार, रिकॉर्ड तुरंत प्राप्त करने और सुरक्षा के लिए रोगी के मेडिकल रिकॉर्ड को कम्प्यूटरीकृत करने का प्रयास किया जाएगा।

    नियमों में कहा गया है कि रोगी की निजता की रक्षा के लिए इन विनियमों के प्रकाशन की तारीख से तीन साल के भीतर, चिकित्सक आईटी अधिनियम, डेटा संरक्षण और गोपनीयता कानूनों, या समय-समय पर अधिसूचित किसी भी अन्य लागू कानूनों, नियमों और विनियमों के प्रावधानों का पालन करते हुए पूरी तरह से डिजिटलीकृत रिकॉर्ड सुनिश्चित करेगा। बिना किसी संस्थान से जुड़े चिकित्सिक को एनएमसी द्वारा निर्धारित मानक प्रारूप में उपचार के लिए रोगी के साथ अंतिम संपर्क की तारीख से तीन साल तक रोगियों (इनपेशेंट्स) के मेडिकल रिकॉर्ड को कायम रखना होगा। एनएमसी द्वारा गजट अधिसूचना में जारी नियमों के अनुसार, पंजीकृत चिकित्सक को हर साल नियमित रूप से निरंतर व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों में भाग लेना चाहिए, हर पांच साल में कम से कम 30 क्रेडिट घंटे।

    केवल मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य संस्थान या ईएमआरबी/राज्य चिकित्सा परिषदों द्वारा मान्यता प्राप्त या अधिकृत मेडिकल सोसायटी ही इस उद्देश्य के लिए प्रशिक्षण और क्रेडिट घंटे की पेशकश कर सकते हैं। नियमों के अनुसार, ‘‘चिकित्सकों और उनके परिवारों को दवा कंपनियों या उनके प्रतिनिधियों, वाणिज्यिक स्वास्थ्य देखभाल प्रतिष्ठानों, चिकित्सा उपकरण कंपनियों से कोई उपहार, यात्रा सुविधाएं, आतिथ्य, मौद्रिक लाभ, परामर्श शुल्क या मनोरंजन सुविधा तक किसी भी तरह से पहुंच नहीं मिलनी चाहिए।’’

    नियमों में कहा गया है कि इसमें वेतन और लाभ शामिल नहीं हैं जो पंजीकृत चिकित्सकों को इन संस्थानों के कर्मचारियों के रूप में मिल सकते हैं। इसके अलावा, चिकित्सकों को सेमिनार, कार्यशाला, सम्मेलन जैसी किसी भी तीसरे पक्ष की शैक्षिक गतिविधि में शामिल नहीं होना चाहिए, जिसमें दवा कंपनियों या संबद्ध स्वास्थ्य क्षेत्र से प्रत्यक्ष या परोक्ष प्रायोजन शामिल हो। नियमों में कहा गया है कि रोगी की देखभाल करने वाला चिकित्सक अपने कार्यों के लिए पूरी तरह से जवाबदेह होगा और उचित शुल्क का हकदार होगा। रोगियों या रिश्तेदारों द्वारा हिंसा के मामले में चिकित्सक व्यवहार का दस्तावेजीकरण और रिपोर्ट कर सकता है और रोगी का इलाज करने से इनकार कर सकता है। ऐसे मरीजों को आगे के इलाज के लिए कहीं और भेजना चाहिए।

    एनएमसी ने यह भी कहा है कि ड्यूटी के दौरान या ड्यूटी के बाद शराब या अन्य नशीले पदार्थों का इस्तेमाल पेशेवर कार्य को प्रभावित कर सकता है और ऐसा करने को कदाचार माना जाएगा। साथ ही, पहली बार आपातकालीन शब्द को ‘जीवन बचाने की प्रक्रिया’ के रूप में परिभाषित किया गया है। पहले, आपातकालीन शब्द को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया था। पंजीकृत चिकित्सक को अपने नाम के साथ केवल एनएमसी द्वारा मान्यता प्राप्त और मान्यता प्राप्त चिकित्सा डिग्री/डिप्लोमा प्रदर्शित करना होगा, जैसा कि नियमों के नामकरण में दिया गया है और एनएमसी वेबसाइट पर सूचीबद्ध है। ऐसी डिग्री और डिप्लोमा की सूची वेबसाइट पर होगी और नियमित रूप से अपडेट की जाएगी। 

  • जालंधरः इनोसेंट हार्ट्स देशभक्ति से ओतप्रोत : विद्यार्थियों ने साइक्लोथाॅन से दिया ‘मेरी माटी, मेरा देश’ का संदेश

    जालंधरः इनोसेंट हार्ट्स देशभक्ति से ओतप्रोत : विद्यार्थियों ने साइक्लोथाॅन से दिया ‘मेरी माटी, मेरा देश’ का संदेश

    जालंधर, ENS:  बौरी मेमोरियल एजुकेशनल एंड मेडिकल ट्रस्ट के तत्वाधान में चलाए जा रहे ‘दिशा- एक इनीशिएटिव’ के अंतर्गत इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप के स्टाफ, विद्यार्थियों तथा अभिभावकों ने आजा़दी का अमृत महोत्सव मनाते हुए इनोसेंट हार्ट्स ग्रीन मॉडल टाऊन से जालंधर शहर में  विद्यालय की स्टूडेंट काउंसिल द्वारा साइक्लोथाॅन का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने विशाल साइकिल रैली निकालकर ‘मेरी माटी, मेरा देश’ के अंतर्गत अपने देश की माटी का सम्मान करने, उसकी रक्षा के लिए हर वक्त तैयार रहने और इसके साथ-साथ अपने पर्यावरण की रक्षा करने का संदेश दिया।
    डॉ. पलक बौरी गुप्ता (डायरेक्टर सीएसआर ) ने तिरंगे के रंग के गुब्बारे उड़ाकर रैली का उद्घाटन किया। इस रैली में भाग लेने वाले सदस्यों ने अपने तिरंगे का सम्मान करने, भारत की अखंडता तथा मातृभूमि की रक्षा करने की शपथ ली। तत्पश्चात डॉ. पलक ने हरी झंडी दिखाकर रैली आरंभ करवाई। सारा वातावरण ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूँज उठा। इस साइक्लोथाॅन में लगभग 1000 विद्यार्थी तथा स्टाफ मेंबर्स ने  भाग लिया। इस रैली के दौरान प्रतिभागियों की सुरक्षा व स्वास्थ्य का पूर्णरूप से ध्यान रखा गया। विद्यार्थियों के देशभक्ति के गीतों ने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग से सराबोर कर दिया। प्रतिभागियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए पूरे रास्ते में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर स्काउट्स के सदस्य तथा अध्यापक दिशा-निर्देशों के लिए उपस्थित थे।
    इनोसेंट हार्ट्स मल्टीस्पेशिएलिटी अस्पताल की डॉक्टर्स की टीम तथा एंबुलेंस किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद थी। साइकिल रैली के सुरक्षित संचालन के लिए पुलिस प्रशासन की तरफ से संपूर्ण सहयोग मिला। बच्चों का स्वागत करने के लिए इनोसेंट हार्ट्स के चेयरमैन डॉ. अनूप बौरी, मैनेजिंग डायरेक्टर मेडिकल सर्विसेज़ डॉ.चंदर बौरी, एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर ऑफ़ स्कूल्स शैली बौरी, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ऑफ़ कॉलेजिस आराधना बौरी, डॉ.रोहन बौरी तथा मैनेजमेंट के सभी सदस्य उपस्थित थे। फिनिशिंग लाइन पर ढोल की थाप पर भांगड़ा के साथ साइकिल चालकों का स्वागत किया गया‌।  
    इनोसेंट हार्ट्स के चेयरमैन डॉ. अनूप बौरी द्वारा विद्यार्थियों के इस प्रयास को खूब सराहा गया। प्रत्येक प्रतिभागी को ‘दिशा-एक इनीशिएटिव’ के अंतर्गत रिफ्रेशमेंट भी दी गई, जिसे प्रान फूड्स की ओर से स्पॉन्सर किया गया।
  • पंजाबः साढे़ 3 किलो हेरोइन सहित 3 तस्कर गिरफ्तार, देखें वीडियो

    पंजाबः साढे़ 3 किलो हेरोइन सहित 3 तस्कर गिरफ्तार, देखें वीडियो

    फिरोजपुर: पंजाब सरकार द्वारा नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। सीआईए स्टाफ ने 3 तस्करों को काबू करके नशे की बड़ी खेप बरामद की है। मामले की जानकारी देते हुएअ सीआईए स्टाफ के अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम ने 3 तस्करों को काबू करके उनसे साढ़े 3 किलो हेरोइन बरामद की है। 

    बरामद की गई हेरोइन की कीमत 17 करोड़ 50 हजार रुपए बताई जा रही है। आरोपी से स्कूटी और मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। जानकारी मिली है नशा तस्कर को फिरोजपुर सिविल अस्पताल के नजदीक से काबू किया है। जिक्रयोग्य है कि कुछ दिन पहले काउंटर इंटेलिजेंस के हाथ भी नशे की बड़ी खेप हाथ लगी थी। काइंटर इंटेलिजेंस ने 77 करोड़ हेरोइन बरामद की थी जिसकी कीमत लगभग 400 करोड़ के करीब थी। सीएआई स्टाफ द्वारा नशा तस्कर से पूछताछ करके और जानकारी हासिल की जाएगी।

  • पंजाबः दिनदहाड़े युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले  में एक गिरफ्तार

    पंजाबः दिनदहाड़े युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में एक गिरफ्तार

    अमृतसरः बटाला रोड स्थित बांके बिहारी गली में दिन दहाड़े युवक की हत्या करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राहुल उर्फ डड्डू निवासी जवाहर नगर गली बांके बिहारी बटाला रोड के रूप में हुई है। वहीं घटना का मुख्य आरोपी विक्की उर्फ जॉन फरार चल रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि विक्की उर्फ जॉन को लगता था कि मृतक राहुल उर्फ सोमा निवासी बांके बिहारी गली उसकी मुखबिरी करता था। फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है पुलिस का दावा है कि जल्दी उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    पुलिस का दावा है कि यह मामला उन्होंने 5 घंटे में ही सुलझाकर आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया था। उल्लेखनीय है कि बीते दिन शाम साढ़े चार बजे के करीब दिन दिहाड़े उक्त इलाके में दो बाइक सवार आए और युवक को सरेआम गोलियां मार कर फरार हो गए थे। घायल अवस्था में युवक को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आज एक आरोपी को काबू कर लिया है।

  • ढह गया 600 साल पुराना किला, देखें वीडियो

    ढह गया 600 साल पुराना किला, देखें वीडियो

    सोलनः 15वीं शताब्दी में राजा बिक्रम चंद द्वारा हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला के नालागढ़ में निर्मित किले का एक हिस्सा इस क्षेत्र में भारी बारिश के चलते धराशायी हो गया। बारिश से किले के पिछले हिस्से के चार कमरों को भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण किले के एक हिस्से के नीचे की जमीन धंस गई और इसका मलबा नीचे सडक़ पर आ गिरा। 

    गनीमत यह रही कि मलबे और पत्थरों की चपेट में कोई वाहन या व्यक्ति नहीं आया अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। भूमि कटाव होने के कारण अब समूचे किले को ही बड़ा खतरा पैदा हो गया है। हादसे में किले को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। हेरिटेज किले रिजॉर्ट के प्रबंधकों के अनुसार घटना 11 बजे तेज बारिश के बाद घटी, जिसमें देखते ही देखते चार कमरे ढह गए। होटल प्रबंधकों को कमरों से सामान निकालने का भी मौका नहीं मिला।

    गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त इन में कमरों में कोई नहीं ठहरा हुआ था। उल्लेखनीय है कि इस किले का निर्माण 1421 में किया गया था। इसे अब एक हेरिटेज होटल में परिवर्तित किया जा चुका है, जहां देश विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और यहां ठहरते भी हैं। छह सौ साल से अधिक पुराने इस किले में अंतिम शासक राजा सुरेंद्र सिंह रहे। उनके बेटे विजेंद्र सिंह ने गद्दी नहीं संभाली, लेकिन वह नालागढ़ के पांच बार विधायक निर्वाचित हुए और राज्य सरकार में एक बार मंत्री भी रहे। वर्तमान में यह किला एक हरिटेज रिजार्ट है।

  • 2 दिनों तक जमकर बरसेंगे बादल, IMD ने जारी किया बारिश का ‘रेड’ अलर्ट

    2 दिनों तक जमकर बरसेंगे बादल, IMD ने जारी किया बारिश का ‘रेड’ अलर्ट

    हरिद्वार: भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को उत्तराखंड के लिए ‘रेड’ अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, 13 और 14 अगस्त को उत्तराखंड में भारी बारिश की भी संभावना है। मौसम विभाग ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है और संभावना जताई है कि अगले दो दिनों तक राज्य में भारी बारिश के साथ आंधी तूफान आने का खतरा है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वह घरों में ही रहे और बाहर कम से कम निकले।

    गौरतलब है कि बारिश के कारण राज्य में बाढ़ और भूस्खलन भी हो सकता है। मालूम हो कि पिछले कई दिनों से राज्य में बारिश हो रही है। कई जिले लगातार बारिश के कारण जलजमाव और बाढ़ से प्रभावित है। वहीं, आज रुद्रप्रयाग में भूस्खलन के कारण पांच तीर्थयात्रियों की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को कहा कि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के चौकी फाटा के अंतर्गत तारसाली में भूस्खलन के मलबे के नीचे दब गए।

    अधिकारियों के अनुसार, जब यह घटना घटी तो मारे गए लोग, जिनमें एक गुजरात का भी था, केदारनाथ जा रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि इस घटना के कारण शुक्रवार को केदारनाथ धाम की ओर जाने वाला गुप्तकाशी-गौरीकुंड राजमार्ग भी यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया, जबकि लगभग 60 मीटर सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और बह गई। जानकारी के मुताबिक, राज्य के कई जिले रुद्रप्रयाग समेत पूरे प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। 

    वहीं, मौसम विभाग की ओर से राज्य के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि आईएमडी ने अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि आज राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

  • स्कूल गैस लीक मामले में अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज

    स्कूल गैस लीक मामले में अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज

    नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के नारायणा इलाके में बीते दिन इंद्रपुरी के निगम प्रतिभा विद्यालय के 28 छात्र स्कूल की कुछ क्लासों में ‘दुर्गंध’ से भर जाने के बाद बीमार हो गए। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के नारायणा इलाके में गैस रिसाव की संदिग्ध घटना के बाद कथित तौर पर हानिकारक दुर्गंध में सांस लेने के कारण बीमार पड़े नगर निगम स्कूल के 28 छात्रों को शुक्रवार को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से दो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। दिल्ली की मेयर शैली ओबरॉय ने कहा कि राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखी गई दो लड़कियां और अन्य छात्र ठीक हैं।

    पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 284 (जहरीले पदार्थ के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण), 336 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कार्य) और 337 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कार्य से चोट पहुंचाना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

    अस्पताल में बीमार छात्रों से मुलाकात करने वाले आम आदमी पार्टी (आप) के एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने कहा कि ऐसा दावा किया जा रहा है कि पास में रेलवे ट्रैक से गुजर रही एक ट्रेन से गैस लीक हुई। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने एक बयान में कहा, “गैस रिसाव पास में रेलवे की पटरी पर हुआ।” एमसीडी ने कहा कि आचार्य भिक्षुक अस्पताल में भर्ती कराए गए सभी नौ छात्रों को छुट्टी दे दी गई है। वहीं, आरएमएल में भर्ती 19 छात्रों में से 15 को सुबह 11 बजकर 28 मिनट पर, जबकि चार अन्य को दोपहर 3 बजे लाया गया था।

    इससे पहले, पुलिस ने बताया कि उसे इंद्रपुरी स्थित निगम प्रतिभा विद्यालय के कुछ विद्यार्थियों के बीमार पड़ने और उन्हें उल्टी होने की सूचना मिली थी। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि शुरुआती जांच के मुताबिक,”गैस की दुर्गंध कुछ क्लास रूम में फैल गई, जिससे बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। गैस की दुर्गंध कम हो गई है, लेकिन एहतियातन सभी क्लास रूम खाली करा दिए गए हैं।” 

    ‘आप’ के एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने आरएमएल अस्पताल में पीड़ित छात्र-छात्राओं से मुलाकात की और कहा कि वे सभी ठीक हैं। उन्होंने बताया, डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग की संभावना से इनकार किया गया है। यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि यह गैस कहां से आई, क्योंकि स्कूल में ऐसा कुछ भी नहीं था, जिससे रिसाव होता। पाठक ने कहा, ”लोग कह रहे हैं कि एक ट्रेन गुजर रही थी और संभवत: यह गैस की दुर्गंध वहीं से आई। एमसीडी की एक टीम इसकी जांच कर रही है। हमने डॉक्टरों से बात की है। बच्चों को देर शाम तक छुट्टी दे दी जाएगी।”

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आरएमएल अस्पताल में पीड़ित छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि न तो छात्र-छात्राएं और न ही शिक्षक बता पा रहे हैं कि यह घटना किस कारण से हुई। सचदेवा के अनुसार, एमसीडी को इस मामले की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में 16 विद्यार्थी थे और वे सभी ठीक हैं। भाजपा नेता के मुताबिक, छात्रों ने बताया कि वे अपनी क्लास में बैठे थे, तभी बहुत तेज दुर्गंध आई, जिससे उन्हें उल्टी हुई और वे बेहोश हो गए।

  • बड़ी राहतः अब रेलवे स्टेशनों पर भी मिलेंगी सस्ती दवाएं

    बड़ी राहतः अब रेलवे स्टेशनों पर भी मिलेंगी सस्ती दवाएं

    नई दिल्लीः केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आम जनता को सस्ती गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए गली-मोहल्लों के बाद अब देशभर के रेलवे स्टेशनों पर भी ‘जन औषधि केंद्र’ खोलने जा रही है। प्रथम चरण में विभिन्न राज्यों के 50 रेलवे स्टेशनों को इसके लिए चुना गया है। इसके बाद सभी बड़े-प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। जन औषधि केंद्रों पर रेल यात्री सहित आम नागरिक सस्ती दवाइयां खरीद सकेंगे। वहीं, इस कदम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। रेलवे बोर्ड ने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (पीएमबीजेके) के तहत रेलवे स्टेशेनों पर केंद्र खोलने संबंधी नीति लागू कर दी है।

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे स्टेशनों के परिसर में यह जन औषधि केंद्र ऐसे स्थानों पर खोले जाएंगे, जहां रेल यात्री सहित आम जनता का आवागमन हो। देशभर में 50 रेलवे स्टेशनों पर ऐसे केंद्र खोलने के लिए विशेष प्रकार के स्टॉल बनाए जाएंगे। इसकी डिजाइन राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) तैयार करेगा। औषधि केंद्र ऑनलाइन टेंडर के जरिए आवंटित किए जाएंगे, जहां पर जेनेरिक दवाइयां बेची व स्टोर की जा सकेंगी। इसके पूर्व केंद्र को चलाने वाले को रसायन और उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइस ब्यूरो (पीएमबीआई) के साथ समझौता करना होगा। अधिकारी ने बताया कि केंद्रों के आवंटन में व्यक्तिगत उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

  • चिंतपूर्णी में श्रावण अष्टमी मेला के दौरान 17 से 25 अगस्त तक लागू रहेगी धारा 144 – उपायुक्त

    चिंतपूर्णी में श्रावण अष्टमी मेला के दौरान 17 से 25 अगस्त तक लागू रहेगी धारा 144 – उपायुक्त

    ऊना/सुशील पंडित :  जिला दंडाधिकारी ऊना राघव शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में श्रावण अष्टमी मेला के दृष्टिगत कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला ऊना में 17 से 25 अगस्त तक धारा 144 लागू रहेगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान कानून एवं व्यवस्था में तैनात जवानों को छोडकर किसी भी व्यक्ति द्वारा हथियार लेकर चलने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।उपायुक्त राघव शर्मा ने बताया कि श्रावण अष्टमी मेला के दौरान ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए मंदिर न्यास को छोडकर अन्यों द्वारा लाऊड स्पीकर के इस्तेमाल करने पर पूर्ण मनाही रहेगी। इसके अतिरिक्त ब्रॉस बैंड़, ड्रम, लंबे चिम्टे इत्यादि के लाने पर भी पूर्ण पाबंदी रहेगी। यदि कोई व्यक्ति इन वस्तुओं को अपने साथ लाता है तो उन्हें पुलिस द्वारा स्थापित बैरियर पर ही जमा करवाना होगा। साथ ही इस दौरान पॉलीथीन के इस्तेमाल पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। खुले में और सडक किनारे लंगर लगाने पर भी प्रतिबंध रहेगा और आतिशबाजी इत्यादि की भी अनुमति नहीं होगी।उपायुक्त ने कहा कि मेलावधि के दौरान चिंतपूर्णी में तीर्थयात्री दर्शनार्थ हेतू पर्ची काउंटर पर अपना पंजीकरण करवाना अवश्य सुनिश्चित करें। बिना पंजीकरण के दर्शनों की अनुमति नहीं होगी।