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कल मनाई जाएगी ज्येष्ठ पूर्णिमा, आखिर इस दिन क्या करें क्या नहीं जानें यहां

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कल मनाई जाएगी ज्येष्ठ पूर्णिमा, आखिर इस दिन क्या करें क्या नहीं जानें यहां
धर्म: इस बार 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा को मनाई जाएगी। ज्येष्ठ पूर्णिमा सनातन वाले धर्म में एक बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। इस दिन स्नान, दान और व्रत करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यदि आप ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत रख रहे हैं या इस दिन की पूजा-अर्चना करने जा रहे हैं तो आपके लिए यह जानना बेहद जरुरी है कि इस दिन क्या करना शुभ होता है और किन कामों से बचना चाहिए।

आखिर क्या नहीं करना चाहिए?

तामसिक भोजन न खाएं

ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भूलकर भी मांस, मदिर, लहसुन या प्याज जैसी तामसिक चीजों का सेवन न करें। इस दिन पूरी तरह सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।

देर तक न सोएं

पूर्णिमा की सुबह को बेहद ऊर्जावान माना जाता है इसलिए इस दिन सूर्योदय के बाद तक सोने की गलती न करें। सुबह जल्दी उठकर पूजा-पाठ में मन लगाएं।

उधार न लें

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूर्णिमा के दिन न तो किसी को पैसा उधार देना चाहिए और न ही किसी से लेना चाहिए। ऐसा करने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।

कलह से क्रोध से बचें

पूर्णिमा के दिन घर का माहौल शांतिपूर्ण रखना चाहिए। इस दिन किसी से वाद-विवाद न करें, न ही क्रोध में आकर किसी को अपशब्ध कहें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं।

किसी का अपमान न करें

इस दिन अपने घर के बड़ों, महिलाओं या किसी भी जरुरतमंद/भिक्षुक का अपमान न करें। यदि कोई द्वार पर आए तो उसे खाली हाथ में लौटाएं।

क्या करें?

पवित्र नदी में स्नान व दान

पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें। यदि ऐसा संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद अपने क्षमता के अनुसार, तिल, कपड़ा, अनाज या पानी से भरा घड़ा दान करें।

माता लक्ष्मी का अभिषेक

पूर्णिमा की शाम को धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उनका मखाने की खीर से भोग लगाएं और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।

चंद्रदेव का अर्घ्य

चूंकि पूर्णिमा पर चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में होता है इसलिए रात को कच्चे दूध में गंगाजल और अक्षत मिलाकर चंद्रदेव को अर्घ्य जरुर दें। इससे कुंडली में चंद्र दोष दर होता है और मानसिक तनाव से मुक्ति होती है।

पीपल के पेड़ की करें पूजा

पीपल के वृक्ष में त्रिदेव का वास माना जाता है। इस दिन पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं।  

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