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  • मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस से पहले नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली पर निर्णय का दिया आश्वासन

    मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस से पहले नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली पर निर्णय का दिया आश्वासन

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्राथमिक शिक्षकों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार शिक्षक दिवस से पहले नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली पर उचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस व्यवस्था की सहानुभूतिपूर्वक समीक्षा करेगी और यह तय करेगी कि इसमें सुधार की आवश्यकता है या इसे पूरी तरह वापस लिया जाए।

    आज शिमला के चौड़ा मैदान में आयोजित प्राथमिक शिक्षक संघ की आम सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और शिक्षक संघ के बीच होने वाली आगामी बैठक में इस विषय पर निष्पक्ष एवं सहानुभूतिपूर्ण निर्णय लिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्राथमिक शिक्षकों के विरुद्ध की गई निलंबन की कार्रवाइयों, विभागीय जांचों तथा दर्ज एफआईआर को वापस लिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्य अध्यापकों, केंद्र मुख्य अध्यापकों तथा खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों के अधिकारों की शक्तियों में कमी नहीं की जाएगी। साथ ही, प्राथमिक विद्यालयों में खेल गतिविधियों को भी पुनः शुरू किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जेबीटी शिक्षकों को टीजीटी पदों पर पदोन्नति प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्राथमिक शिक्षक संघ की मांगों पर शनिवार को सचिवालय में संघ के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में विस्तार से चर्चा की गई है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि उनके हितों की पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार लागू कर रही है और शिक्षकों के सहयोग से प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों को राज्य के सर्वश्रेष्ठ विद्यालय बनाया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा पहले ही शुरू की जा चुकी है। उन्होंने इस दिशा में प्राथमिक शिक्षकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि सीबीएसई विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति लगभग पूरी हो चुकी है और शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की थी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसी राजनीतिक कारण से नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और कल्याण को ध्यान में रखकर लिया गया। उन्होंने कहा, मैं स्वयं एक सरकारी कर्मचारी का बेटा हूं। हमने ओपीएस इसलिए बहाल की क्योंकि नई पेंशन योजना के तहत कई कर्मचारियों को मात्र 3,000 रुपये तक पेंशन मिल रही थी, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और सम्मान प्रभावित हो रहा था। ओपीएस लागू होने के बाद अनेक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अब लगभग 30,000 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और संसाधनों की सुरक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उसने राज्य के हितों की रक्षा नहीं की। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से हुए आर्थिक नुकसान तथा लगभग 10,000 करोड़ रुपये की देनदारियां वर्तमान सरकार के लिए छोड़ दी गईं। उन्होंने प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए सभी से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

  • Jalandhar News: कारगिल विजय दिवस पर ताजा हुईं शहीदों की पुरानी यादें, देखें वीडियो

    Jalandhar News: कारगिल विजय दिवस पर ताजा हुईं शहीदों की पुरानी यादें, देखें वीडियो

    शहीदों को याद कर भावुक हुए परिवार, फूल अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

    जालंधऱः कारगिल विजय दिवस पर जालंधर के जल विलास पैलेस में शहीद परिवारों के लिए के कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे परिवारों ने शहीदों को याद करते हुए उन्हें फूल भेंट करके श्रद्धांजलि दी और उनकी यादों को ताजा किया।

    शहीद सरदार कुलविंदर सिंह की पत्नी राजविंदर ने बताया कि उनके पति ने देश के लिए शहीद हुए थे। उन्होंने बताया कि जब वह घर से निकलते हैं तो कोई उनकी पति के शहादत के बारे में चर्चा करता है तो उन्हें इस बात पर मान महसूस होता है और हर साल उन्हें सम्मानित किया जाता है। वह जब कारगिल विजय दिवस पर पहुंचती हैं तो पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं। उन्हें मान महसूस होता है पिक ने देश के लिए शहादत दी।

    वहीं शहीद परिवार के पंजाब पुलिस से रिटायर्ड हुए एएसआई सुरिंदर सिंह ने बताया कि वह एक साल के थे, जब उसके पिता बलकार सिंह ने देश के लिए शहीदी दी थी। उन्हें मान महसूस होता है कि पिता ने देश के लिए कुर्बानी दी।

    उन्होंने बताया कि हर साल देश में 26 जुलाई को कारगिल दिवस मनाया जाता है और उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया जाता है तो पिता की याद आती है और गर्व महसूस होता है कि पिता ने देश के लिए शहीदी दी। उन्होंने कहां ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए ताकि आज के यूथ का ध्यान आर्मी की भर्ती के लिए ओर बढ़े।

     

  • Phagwara News: सांपला फाउंडेशन के कार्यक्रम में सीएम नायब सैनी ने की शिरकत

    Phagwara News: सांपला फाउंडेशन के कार्यक्रम में सीएम नायब सैनी ने की शिरकत

    चंडीगढ़: हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी फगवाड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने नव्या हेल्पिंग हैंड्स सांपला फाउंडेशन द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया। इस दौरान अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस वेंटिलेटर एम्बुलेंस का लोकार्पण किया।

    मुख्यमंत्री सैनी ने कार्यक्रम के आयोजक सांपला फाउंडेशन तथा नव्या हेल्पिंग हैंड्सकी सेवाभावना की सराहना करते हुए कहा कि इन्होंने सेवा को अपना मिशन बनाया है। समाज में ऐसे संगठनों की संख्या जितनी बढ़ेगी, हमारा देश उतना ही मजबूत बनेगा। उन्होंने मासूम बेटी नव्या को असमय खो देने की गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए उनके परिवार द्वारा उसकी याद में की जा रही सेवा की विराट साधना को नमन किया।

    उन्होंने युवाओं को रक्तदान करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि रक्त की कोई फैक्टरी नहीं होती। इसे किसी मशीन में तैयार नहीं किया जा सकता। विज्ञान ने बहुत प्रगति की है, लेकिन रक्त का निर्माण केवल मानव शरीर में होता है। जरूरतमंद तक यह तभी पहुंचता है, जब कोई रक्तदान करता है।

    इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला, राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल, संत गुरचरण सिंह पांडवा के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

     

     

     

     

  • कारगिल विजय दिवस के 27 वर्ष, सेना प्रशिक्षण कमान ने ऑपरेशन विजय के अमर वीरों के शौर्य को किया नमन

    कारगिल विजय दिवस के 27 वर्ष, सेना प्रशिक्षण कमान ने ऑपरेशन विजय के अमर वीरों के शौर्य को किया नमन

    शिमला: मुख्यालय सेना प्रशिक्षण कमान (एआरटीआरएसी) ने आज कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर वर्ष 1999 के ऑपरेशन विजय के दौरान देश की संप्रभुता की रक्षा करते हुए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और सर्वाेच्च बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

    स्मृति समारोह का शुभारंभ अनाडेल स्थित श्रद्धांजलि स्थल पर हुआ, जहां सेना प्रशिक्षण कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम ने समस्त अधिकारियों एवं जवानों की ओर से शहीद वीरों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर बिगुल की धुन पर ‘लास्ट पोस्ट’ बजाई गई तथा शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया।

    ऑपरेशन विजय के वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सेना कमांडर ने कारगिल की दुर्गम एवं बर्फीली चोटियों पर विषम परिस्थितियों में उनके असाधारण साहस, अटूट संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीरों की गौरवगाथा और उनका अदम्य जज्बा आज भी भारतीय सेना के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है तथा देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के प्रति सेना की अटूट प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करता है।

    इस अवसर पर सेना कमांडर ने अन्नाडेल स्थित आर्मी हेरिटेज म्यूजियम का भी दौरा किया। मनोरम घाटी अनाडेल स्थित यह संग्रहालय विभिन्न पीढ़ियों के भारतीय सैनिकों के अद्वितीय साहस, वीरता और बलिदान की गौरवशाली गाथा को संजोए हुए है। सेना कमांडर ने संग्रहालय द्वारा बहुमूल्य सैन्य धरोहर, युद्ध स्मृतिचिह्नों तथा ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे देशभक्ति और सैन्य सम्मान की विरासत आने वाली पीढ़ियों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही है।

    समारोह का समापन मुख्यालय एआरटीआरएसी के सभी अधिकारियों एवं जवानों द्वारा राष्ट्रभक्ति, साहस और निस्वार्थ सेवा के सर्वाेच्च आदर्शों का पालन करने की सामूहिक शपथ के साथ हुआ। उन्होंने संकल्प लिया कि कारगिल के वीरों का सर्वाेच्च बलिदान सदैव राष्ट्र की सामूहिक स्मृति में अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों सहित करोड़ों भारतीयों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

     

  • युवा पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए PM Modi ने हुनरमंद लोगों के कौशल को किया सांझा: CM Saini

    युवा पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए PM Modi ने हुनरमंद लोगों के कौशल को किया सांझा: CM Saini

    लाडवा विधानसभा क्षेत्र के धनौरा जाटान बूथ पर मुख्यमंत्री ने नागरिकों के साथ सुना मन की बात कार्यक्रम

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की युवा पीढ़ी को प्रेरणा देने के लिए हुनरमंद लोगों के कौशल को मन की बात कार्यक्रम के दौरान सांझा किया। प्रधानमंत्री हर महीने मन की बात की कार्यक्रम में ऐसे लोगों के कौशल को सांझा करते है, जो दूसरे लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वरोजगार शुरु करने का हौंसला देते है। यह कदम प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने की महत्वपूर्ण कड़ी है।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कुरुक्षेत्र के लाडवा विधानसभा क्षेत्र के आईजीएन कॉलेज में स्थित धनौरा जाटान बूथ पर प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को नागरिकों के साथ सुना। इसके उपरांत उन्होंने नागरिकों से इस विषय पर चर्चा भी की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर विभिन्न खेलों के विजेता खिलाडिय़ों को बधाई दी। इसके साथ ही एक पेड़ मां के नाम लगाने की अपील की।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ 86 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पौधे रोपित किए जा रहे है। मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि परिवार में किसी खुशी के मौके जैसे जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ इत्यादि पर पौधा रोपित जरूर करे।

    इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन, एडीसी विवेक आर्य, एसडीएम अनुभव मेहता, चेयरमैन सुभाष कलसाना, भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभगवान शर्मा डीडी, चेयरमैन गुरनाम सैनी, रविंद्र सांगवान, जिलाध्यक्ष रमेश सैनी, चेयरपर्सन साक्षी खुराना सहित गणमान्य मौजूद रहे।

     

  • युवा पीढ़ी को संत कबीर की शिक्षाओं से जोड़ने के लिए राज्य स्तर पर मनाई जा रही संत कबीर जयंती – राज्यपाल

    युवा पीढ़ी को संत कबीर की शिक्षाओं से जोड़ने के लिए राज्य स्तर पर मनाई जा रही संत कबीर जयंती – राज्यपाल

    चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संत कबीर जयंती राज्य स्तर पर मनाई जाती है ताकि समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी, महान संत कबीर की कालजयी शिक्षाओं को समझे, आत्मसात करे और उन्हें अपने जीवन में अपनाए। उन्होंने कहा कि संत कबीर का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके जीवनकाल में था, और भविष्य में भी मानवता का पथ-प्रदर्शन करता रहेगा।

    राज्यपाल आज चंडीगढ़ में सद्गुरु कबीर महासभा द्वारा आयोजित संत कबीर प्रकाश उत्सव के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने लोगों से संत कबीर की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का आह्वान करते हुए सत्य के मार्ग पर चलने, मानव सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाने, शिक्षा एवं नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण करने, महिलाओं का सम्मान सुनिश्चित करने, नशा-मुक्त समाज के निर्माण, सामाजिक सद्भाव को सुदृढ़ बनाने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

    सभा को संत कबीर के श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों का ‘महाकुंभ’ बताते हुए प्रो. घोष ने कहा कि संत कबीर ने भले ही किसी विश्वविद्यालय से औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की थी, लेकिन उनके पास जीवन के अनुभव, आध्यात्मिक अनुभूति और गहन चिंतन से अर्जित अद्वितीय ज्ञान था। उनका मानना था कि सच्चा ज्ञान केवल पुस्तकों से नहीं, बल्कि प्रेम, आत्मबोध और सदाचरण से प्राप्त होता है।

    राज्यपाल ने कहा कि संत कबीर ने ऐसे समाज की परिकल्पना की थी, जहाँ व्यक्ति की पहचान उसकी जाति, पंथ, क्षेत्र या सामाजिक स्थिति से नहीं, बल्कि उसके चरित्र, सद्गुणों और मानवीय मूल्यों से हो। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों, धार्मिक रूढ़ियों और भेदभाव का निर्भीकता से विरोध करते हुए समानता, सामाजिक समरसता और मानवीय गरिमा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत कबीर की यही सार्वभौमिक एवं समावेशी दृष्टि उन्हें पूरे देश में सम्मान दिलाने का आधार बनी और उनकी शिक्षाओं को कालातीत बना गई।

    प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि संत कबीर की शिक्षाएं आज भी गरीबों के कल्याण, सामाजिक न्याय की स्थापना तथा सामाजिक विषमताओं को दूर करने के प्रयासों को निरंतर प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि इन आदर्शों को आत्मसात करना तथा करुणा, समानता, पारस्परिक सम्मान और मानवीय गरिमा पर आधारित समाज के निर्माण में योगदान देना प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।

    इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष, चंडीगढ़ के महापौर श्री सौरभ जोशी, संजय टंडन, हरियाणा के पूर्व मंत्री अनूप धानक, हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त अमरजीत सिंह सोलंकी, सद्गुरु कबीर महासभा के अध्यक्ष सुरजीत सिंह प्रधान, भाजपा चंडीगढ़ के अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा सहित सद्गुरु कबीर महासभा के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • सीएम मान ने कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि की अर्पित

    सीएम मान ने कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि की अर्पित

    कहापंजाब का इतिहास वीरों की बहादुरी और बलिदानों से लिखा गया है

    चंडीगढ़: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि जवानों की अद्वितीय वीरता, साहस और अतुलनीय सेवा आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।

    मुख्यमंत्री ने वार मेमोरियल पर पुष्पमाला अर्पित कर कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद जवानों के परिजनों और पूर्व सैनिकों से मुलाकात की, दिव्यांग पूर्व सैनिकों को पांच दोपहिया वाहन वितरित किए तथा एनसीसी कैडेटों के साथ-साथ महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट और माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट, मोहाली के कैडेटों को सशस्त्र बलों में शामिल होकर देश सेवा करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों के परिवारों तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति पंजाब सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।

    अपने प्राणों की आहुति देने वाले 527 वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं
    इस अवसर की एक झलक साझा करते हुए सीएम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “आज 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मैं हमारे देश की एकता, अखंडता और गौरव की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले 527 वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। इनमें पंजाब के 65 वीर सपूत भी शामिल थे, जिनका बलिदान प्रत्येक पंजाबी को गर्व से भर देता है।”

    शहीद जवान केवल एक परिवार के नहीं होते, वे पूरे देश की सबसे बड़ी धरोहर हैं। आज हम जिस स्वतंत्रता और सुरक्षा का आनंद ले रहे हैं, वह हमारे वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। उनकी शहादत को स्मरण करना और उनकी महान विरासत का सम्मान करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। जय हिंद।

    जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर सैनिकों का अद्वितीय बलिदान नई पीढ़ियों को देशभक्ति, समर्पण और निस्वार्थ भाव से राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान 527 जवानों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें पंजाब के 65 से अधिक वीर सपूत शामिल थे। उनकी वीरता और शहादत सदैव प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

    पंजाब का इतिहास अनगिनत बलिदानों से लिखा गया
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का इतिहास अनगिनत बलिदानों से लिखा गया है और जो समाज अपने इतिहास का सम्मान करता है, वही निरंतर प्रगति करता है। उन्होंने कहा कि हमारे शहीद केवल अपने परिवारों के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनकी महान विरासत को संजोना तथा उसका सम्मान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सीएम मान ने कहा कि चाहे कारगिल की बर्फीली चोटियां हों या जैसलमेर का तपता रेगिस्तान, हमारे बहादुर सैनिक देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर समय डटे रहते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध को याद करना प्रत्येक भारतीय को गर्व से भर देता है, क्योंकि उस कठिन समय में पूरा देश अद्वितीय देशभक्ति की भावना के साथ एकजुट होकर खड़ा था।

    हमारी सरकार प्रत्येक सैनिक परिवारों को एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती
    सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारे वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान के सम्मान स्वरूप पंजाब सरकार ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले प्रत्येक सैनिक के परिवार को एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह हमारी सशस्त्र सेनाओं के वीर जवानों और महिला सैनिकों की अमूल्य सेवाओं को सम्मान देने का एक विनम्र प्रयास है।

    सीएम मान ने वार मेमोरियल पर दी श्रद्धांजलि
    सीएम मान ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वार मेमोरियल पर पुष्पमाला अर्पित किया। इस दौरान जवानों के सम्मान में ‘लास्ट पोस्ट’ की धुन बजाई गई तथा दो मिनट का मौन रखा गया।

    मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों और शहीद जवानों के परिजनों से भी मुलाकात कर देश के प्रति उनकी अमूल्य सेवाओं और अटूट समर्पण की सराहना की। इसके उपरांत उन्होंने पीएपी ग्रुप कमांडर डीएसपी दविंदर सिंह सैणी के नेतृत्व में पीएपी बैंड द्वारा प्रस्तुत भव्य गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी भी ली। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत तथा सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित थे।

     

  • Ludhiana News : Rape Case मे वांछित आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला, देखें वीडियो

    Ludhiana News : Rape Case मे वांछित आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला, देखें वीडियो

    लुधियाना : महानगर के एक इलाके मे उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया। जब एक मुक़दमे मे वांछित आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर परिजनों ने हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार थाना मोती नगर की पुलिस पार्टी Rape Case मे आरोपी को पकड़ने गई थी। इस दौरान घर पर मौजूद लोगो ने पुलिस से बदतमीजी करते हुए एक मुलाजिम को थप्पड़ जड़ दिया।

    इस मामले मे जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि शेरपुर कलां इलाके की शहीद भगत सिंह कॉलोनी में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ हुए अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस पार्टी आरोपी को पकड़ने के लिए रेड की थी। जिसका पता चलते ही आरोपी के परिजनों ने पुलिस से हाथापाई शुरू कर दी। जिसके बावजूद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर ले गई और पुलिस पर हमला करने वालो के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

    थाना मोती नगर मे 21 जुलाई को पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि पड़ोस में रहने वाले मनीष और दोस्त सौरव और नरेश ने नाबालिग को अगवा कर, उसे नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया है।

    पुलिस ने BNS की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था। इस केस मे आरोपी मनीष के साथी सौरव और नरेश की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस द्वारा छापेमारी की जा रही है।

     

     

  • वज्र कोर ने कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर वीरता और बलिदान को सम्मान दिया

    वज्र कोर ने कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर वीरता और बलिदान को सम्मान दिया

    जालंधर (Ens): वज्र कोर ने आज कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ निष्ठा और सैन्य परंपराओं के साथ मनाई। इस दौरान 1999 के ‘ऑपरेशन विजय’ में भारतीय सेना के बहादुर सैनिकों की असाधारण वीरता और सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि दी गई।

    इस कार्यक्रम का समापन ‘वज्र शौर्य स्थल’ पर एक समारोह के साथ हुआ, जिसमें पूर्व सैनिकों और वर्तमान सैनिकों समेत कई लोगों ने हिस्सा लिया। शहीदों के सम्मान में वज्र कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) और अन्य उपस्थित लोगों ने पुष्प चक्र अर्पित किए।

    सभा को संबोधित करते हुए, GOC ने कारगिल युद्ध के दौरान सैनिकों द्वारा दिखाए गए बेमिसाल साहस को याद किया और शहीदों के परिवारों का साथ देने के सशस्त्र बलों के संकल्प को दोहराया। उन्होंने सभी रैंक के सैनिकों से इस महान विरासत से प्रेरणा लेने और भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा व राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को बनाए रखने का आह्वान किया।

    हर साल 26 जुलाई को पूरे देश में मनाया जाने वाला कारगिल विजय दिवस, 1999 में भारतीय सशस्त्र बलों की निर्णायक जीत का प्रतीक है। इस जीत में सैनिकों ने ऊंचे और मुश्किल पहाड़ी इलाकों, जमा देने वाली ठंड और दुश्मन के मजबूत ठिकानों का सामना करते हुए भारतीय धरती से घुसपैठियों को सफलतापूर्वक खदेड़ दिया था।

    वज्र कोर द्वारा आयोजित ये कार्यक्रम आज़ादी की कीमत की एक भावुक याद दिलाते हैं। ये कार्यक्रम सैनिकों की उस शपथ को और मजबूत करते हैं कि वे कभी नहीं भूलेंगे, कभी माफ नहीं करेंगे और पूरे संकल्प, साहस और सम्मान के साथ देश की रक्षा के लिए हमेशा सतर्क रहेंगे।

  • बेटियों के विवाह के लिए मान सरकार की बड़ी पहल: ‘आशीर्वाद योजना’ के तहत ₹28.01 करोड़ जारी

    बेटियों के विवाह के लिए मान सरकार की बड़ी पहल: ‘आशीर्वाद योजना’ के तहत ₹28.01 करोड़ जारी

    राज्य के 19 जिलों के 5,492 अनुसूचित जाति परिवारों को मिलेगा सीधा आर्थिक लाभ: डॉ. बलजीत कौर

    चंडीगढ़: जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मान और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान ‘आशीर्वाद योजना’ के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के 5,492 लाभार्थियों के लिए ₹28.01 करोड़ की राशि जारी की है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि राज्य के 19 जिलों के पात्र लाभार्थियों के लिए यह वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपनी बेटियों का विवाह सम्मान और आत्मविश्वास के साथ संपन्न कर सकें। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आशीर्वाद पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के आधार पर बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, पटियाला, पठानकोट, रूपनगर, एस.ए.एस. नगर, एस.बी.एस. नगर, संगरूर और मालेरकोटला जिलों के लाभार्थियों को इस नई जारी की गई सहायता राशि का लाभ मिलेगा। जिला-वार आंकड़ों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस राशि से फाजिल्का के 882, पटियाला के 611, फिरोजपुर के 604, लुधियाना के 403, मोगा के 400, श्री मुक्तसर साहिब के 384, होशियारपुर के 333, गुरदासपुर के 297, बरनाला के 288 तथा एस.बी.एस. नगर के 219 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार बठिंडा के 163, फतेहगढ़ साहिब के 160, संगरूर के 160, एस.ए.एस. नगर के 114, जालंधर के 114, रूपनगर के 104, फरीदकोट के 103, मालेरकोटला के 95 तथा पठानकोट के 58 अनुसूचित जाति लाभार्थियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। योजना की विशेषताओं के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पात्र परिवारों को बेटियों के विवाह के लिए ₹51,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदक पंजाब का स्थायी निवासी होना चाहिए, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवनयापन कर रहा हो तथा परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹32,790 से कम हो। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां इस योजना का लाभ प्राप्त करने की पात्र हैं। उन्होंने आगे बताया कि पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए यह सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। डॉ. बलजीत कौर ने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पारदर्शी एवं जनहितैषी पहलों के माध्यम से अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और राज्य में सामाजिक न्याय को और मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।