पंजाब में आम आदमी पार्टी छोड़ कर भाजपा ज्वाइन करने वाले राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल युनिवर्सिटी के चांसलर अशोक मित्तल को उनके रिश्तेदार के माध्यम से घेरने की कवायद शुरू हो गई है। अशोक मित्तल का यह रिश्तेदार नगर निगम जालंधर में ठेकेदारी का काम करता है। इस रिश्तेदार का नाम है गौरव गुप्ता।
ठेकेदार गौरव गुप्ता पर आरोप है कि शहर की सफाई का ठेका लेने के लिए फर्जीवाड़ा किया। गौरव गुप्ता ने ट्रालियों का ठेका लेने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए हैं। ये आरोप नगर निगम के पूर्व कर्मचारी सतपाल गिल ने लगाया है। सतपाल गिल नगर निगम में पहले कर्मचारी थी, जिन्होंने पिछले साल अपने पद से इस्तीफा देकर अपने बेटे के नाम से ठेकेदारी का काम शुरू किया है। सतपाल गिल के मुताबिक आकाश कांट्रैक्टर के नाम से वे ठेकेदारी करते हैं।
सतपाल गिल ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया है कि गौरव गुप्ता फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों रुपए का टैंडर हासिल करना चाहते थे, जिसका पर्दाफाश उन्होंने किया और उनकी शिकायत पर नगर निगम के कमिश्नर संदीप ऋषि ने टैंडर ही कैंसल कर दिया। सतपाल गिल कहते हैं कि ठेकेदार गौरव गुप्ता भाजपा नेता और एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल का रिश्तेदार है। जिससे उसके खिलाफ कोई जांच नहीं हो रही है।
आपको बता दें कि अशोक मित्तल पहले आम आदमी पार्टी के बड़े नेता थे। उनके घर, दफ्तरों और संस्थानों पर ईडी का छापा पड़ा, उसके बाद वे आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा में चले गए। अब ठेकेदार गौरव गुप्ता के जरिए अशोक मित्तल को सरकार घेर सकती है। इसे लेकर जालंधर नगर निगम के पूर्व कर्मचारी सतपाल गिल ने मुख्यमंत्री को भी शिकायत दी है। अब देखना यह है कि क्या गौरव गुप्ता के करोड़ों रुपए के कामों की जांच सरकार करवाएगी।
