डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर के चार बड़े रिएल एस्टेट कारोबारियों और बिल्डर्स के खिलाफ स्थानीय निकाय विभाग, पुडा और स्टेट विजीलैंस में शिकायत हुई है। शिकायत पर इन कालोनाइजरों की जांच शुरू हुई है। चंडीगढ़ रोड पर नार्थ वुड समेत चार प्रोजैक्ट की जांच की मांग गई है। आरोप है कि इनके प्रोजैक्ट में अफसरों ने दरियादिली दिखाई है, जिससे न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ है, बल्कि सरकारी जमीन को भी खुर्द बुर्द किया गया है।
जालंधर (Jalandhar) के आरटीआई एक्टिविस्ट द्वारा स्थानीय निकाय विभाग, पुडा और स्टेट विजीलैंस से शिकायत की गई है। इसके साथ ही स्थानीय विकाय विभाग के चीफ विजीलैंस अफसर (सीवीओ) को अलग से शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि फगवाड़ा से चंडीगढ़ हाईवे पर बंगा से पहले चक मंडेर गांव के पास नार्थ वुड (North Wood) के नाम से एक प्रोजैक्ट शुरू किया गया है। यह प्रोजैक्ट गांव के श्मशानघाट से सटाकर काट दिया गया। आरोप यह है भी कि इस प्रोजैक्ट में श्मशानघाट का सरकारी रास्ता बंद कर दिया गया है।

अफसरों के खिलाफ शिकायत
शिकायतकर्ता ने कहा है कि जिस लेआउट और डिजाइन पर यह प्रोजैक्ट पास किया गया है, उसके अनुरूप ये प्रोजैक्ट नहीं बन रहा है। फिलहाल इसकी विस्तृत शिकायत तथ्यों के आधार पर की गई है। इसमें नवांशहर के डीटीपी से लेकर कुछ अफसरों पर भी आरोप लगाए गए हैं। अफसरों पर आरोप यह है कि इस प्रौजैक्ट की मानीटरिंग नहीं की जा रही है, जिससे मौके पर बिल्डर अपने हिसाब से नियमों का उल्लंघन कर प्रोजैक्ट तैयार करवा रहा है।
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इसके साथ ही जालंधर के तीन बिल्डर के खिलाफ भी शिकायत की गई है। इसमें एक होटलियर और दो कालोनाइजर है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के दो होटल बनाए गए है, इन होटलों पर नगर निगम की कृपा हुई है। जबकि होटल के साथ ही बेसमेंट की खुदाई शुरू कर दी गई है। इस प्लाट पर पीएसपीसीएल का 5 करोड़ रुपए बकाया है, जिस पर बिजली बोर्ड ने किसी भी कंस्ट्रक्शन पर रोक लगा रखी है।
कालोनाइजरों के खिलाफ शिकायत
इसके अलावा दो कालोनाइजरों के खिलाफ भी शिकायत की गई है। इन कालोनाइजरों की इनकम टैक्स भी शिकायत की गई है। शिकायत के मुताबिक ये दोनों कालोनाइजर अरबों का कारोबार करते हैं, लेकिन इनकम टैक्स की चोरी कर रहे हैं। इसके साथ ही इन्होंने कई अवैध कालोनियां काटी है।
