Tuesday, 2 Jun 2026
  • My Feed
  • My Interests
  • My Saves
  • History
Subscribe
Laptop World daily samvad logo
  • होम
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • देश
  • राजनीति
  • पंजाब
    • जालंधर
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उत्तर प्रदेश
  • एजुकेशन
  • जम्मू-कश्मीर
Reading: Haryana: पांच IAS अधिकारियों से अब CBI करेगी पूछताछ, ब्यूरोक्रेसी में मचा हड़कंप
Share
  • 🔥
  • पंजाब
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • देश
  • एजुकेशन
  • हरियाणा
  • जालंधर
  • उत्तर प्रदेश
  • राजनीति
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
Font ResizerAa
Laptop WorldLaptop World
  • My Saves
  • My Interests
  • My Feed
  • History
Search
  • होम
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • देश
  • राजनीति
  • पंजाब
    • जालंधर
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उत्तर प्रदेश
  • एजुकेशन
  • जम्मू-कश्मीर
Have an existing account? Sign In
Follow US
हरियाणा

Haryana: पांच IAS अधिकारियों से अब CBI करेगी पूछताछ, ब्यूरोक्रेसी में मचा हड़कंप

Mahabir
Last updated: May 10, 2026 12:00 am
Mahabir
Share
SHARE

डेली संवाद, चंडीगढ़। Haryana Bank Scam News: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा हरियाणा के बहुचर्चित ₹590 करोड़ के IDFC बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले की जांच अब बड़े प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचती दिखाई दे रही है। जांच एजेंसी ने इस मामले में 5 IAS अधिकारियों से पूछताछ के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-A के तहत हरियाणा सरकार से अनुमति मांगी है।

Contents
  • प्रशासनिक हलकों में हलचल
  • अफसरों पर बढ़ा दबाव
  • क्यों जरूरी है 17-A की अनुमति?
  • पूछताछ में सामने आए कई नाम
  • कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जांच के दायरे में
  • क्या है ₹590 करोड़ का बैंक घोटाला?
  • अब तक क्या कार्रवाई हुई?

हरियाणा (Haryana) के इस बड़े घोटाले में कईयों पर गाज गिरनी तय है। सूत्रों के अनुसार, अनुमति से संबंधित फाइल मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के पास पहुंच चुकी है और सरकार अगले सप्ताह सोमवार या मंगलवार तक इस पर फैसला ले सकती है।

प्रशासनिक हलकों में हलचल

सरकारी और प्रशासनिक हलकों में इस घटनाक्रम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अब तक इस मामले में कार्रवाई मुख्य रूप से वित्तीय अधिकारियों, विभागीय कर्मचारियों और बैंक अधिकारियों तक सीमित थी। लेकिन अब वरिष्ठ IAS अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है।

Haryana Bank Scam
Haryana Bank Scam

अफसरों पर बढ़ा दबाव

सूत्रों का कहना है कि सरकार के लिए CBI को अनुमति देने से पीछे हटना आसान नहीं होगा, क्योंकि राज्य सरकार पहले ही इस पूरे मामले की जांच CBI को सौंप चुकी है। ऐसे में यदि जांच एजेंसी ने प्रारंभिक जांच और दस्तावेजों के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की जरूरत जताई है तो सरकार पर अनुमति देने का दबाव स्वाभाविक माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा

राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष पहले से ही इस घोटाले को लेकर सरकार को घेरता रहा है और अब यदि अनुमति देने में देरी होती है तो सरकार पर जांच प्रभावित करने के आरोप लग सकते हैं।

क्यों जरूरी है 17-A की अनुमति?

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-A के तहत किसी भी लोक सेवक के खिलाफ उसके आधिकारिक फैसलों से जुड़े मामलों में जांच या पूछताछ से पहले संबंधित सरकार की अनुमति लेना जरूरी होता है। यही कारण है कि CBI ने औपचारिक प्रक्रिया के तहत हरियाणा सरकार से अनुमति मांगी है।

जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में नियमों और न्यायिक व्याख्याओं में हुए बदलावों के बाद वरिष्ठ नौकरशाहों के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई अपेक्षाकृत आसान हुई है। यदि सरकार अनुमति देती है तो यह हरियाणा की नौकरशाही के लिए बड़ा संदेश माना जाएगा।

पूछताछ में सामने आए कई नाम

CBI सूत्रों के मुताबिक, अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों और पूछताछ में शामिल व्यक्तियों के बयानों में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। जांच एजेंसी को कुछ ऐसे दस्तावेज और फाइल मूवमेंट भी मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर नियमों से हटकर फैसले लेने, आपत्तियों को नजरअंदाज करने और वित्तीय मंजूरियों में अनियमितता के संकेत मिले हैं।

Haryana Bank Scam
Haryana Bank Scam

बताया जा रहा है कि कुछ IAS अधिकारियों की भूमिका सीधे भुगतान प्रक्रियाओं, सरकारी फंड के ट्रांसफर और बैंक खातों के संचालन से संबंधित फाइलों में जांच के दायरे में आई है। CBI इन्हीं तथ्यों के आधार पर अधिकारियों से औपचारिक पूछताछ करना चाहती है।

कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जांच के दायरे में

सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कुछ कथित ऑडियो और डिजिटल रिकॉर्डिंग भी एजेंसी के हाथ लगी हैं। इन रिकॉर्डिंग्स में आरोपियों और कुछ अधिकारियों के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बातचीत में फंड ट्रांसफर, बैंक खातों के संचालन और कार्रवाई से बचने जैसे विषयों पर चर्चा के संकेत मिले हैं।

हालांकि, इन रिकॉर्डिंग्स की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन CBI इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज चुकी है। एजेंसी पूछताछ के दौरान इन रिकॉर्डिंग्स का क्रॉस-वेरिफिकेशन भी करना चाहती है।

क्या है ₹590 करोड़ का बैंक घोटाला?

यह पूरा मामला हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन से संबंधित बताया जा रहा है। आरोप है कि सरकारी धन को नियमों के विपरीत निजी बैंकों — IDFC FIRST Bank और AU Small Finance Bank — में जमा कराया गया। बाद में इन्हीं खातों से संदिग्ध लेन-देन और कथित फर्जीवाड़े के जरिए करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका पैदा हुई।

सरकार द्वारा कार्मिक मंत्रालय को भेजे गए पत्र के अनुसार, यह मामला धोखाधड़ीपूर्ण बैंकिंग संचालन और फर्जी लेन-देन से जुड़ा है। आरोप है कि सरकारी धन को स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट, एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड, कैप को फिनटेक सर्विसेज, आरएस ट्रेडर्स और अन्य संबंधित फर्मों एवं व्यक्तियों के खातों में स्थानांतरित किया गया।

Suspend
Suspend

जांच में सामने आया है कि वित्तीय प्रक्रियाओं में कई स्तरों पर नियमों की अनदेखी हुई। सरकारी धन के निवेश और ट्रांसफर से जुड़े कई निर्णय सवालों के घेरे में हैं।

अब तक क्या कार्रवाई हुई?

इस मामले में अब तक कई अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। राज्य सरकार 3 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर चुकी है, जबकि कुछ IAS अधिकारियों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। इसके अलावा संबंधित बैंक अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई की गई है।

CBI ने 8 अप्रैल को इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद से एजेंसी लगातार दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram
Previous Article Haryana: हरियाणा में नगर निगम और पंचायत चुनाव, मतदान के लिए उत्साह, 13 मई को आएगा निकायों का परिणाम
Next Article Punjab News: पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार, ED को मिली 7 दिन की रिमांड
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your Trusted Source for Accurate and Timely Updates!

Our commitment to accuracy, impartiality, and delivering breaking news as it happens has earned us the trust of a vast audience. Stay ahead with real-time updates on the latest events, trends.
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
LinkedInFollow
MediumFollow
QuoraFollow
- Advertisement -
Ad image

You Might Also Like

हरियाणा

Haryana News: सीएम नायब सिंह सैनी ने हरियाणा पुलिस को सौंपीं 312 नई ERV वाहन

By Mahabir
हरियाणा

Haryana News: ‘मेक इन हरियाणा’ नीति लॉन्च, 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हुए समझौते

By Mahabir
हरियाणा

Haryana News: मंत्री राव नरबीर सिंह की अध्यक्षता में हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन

By Mahabir
हरियाणा

Haryana News: सीएम ने हरियाणा स्टेट एनवायरमेंट प्लान 2025 का किया शुभारंभ

By Mahabir
Laptop World daily samvad logo
Facebook Twitter Youtube Rss Medium

डेली संवाद (Daily Samvad) एक विश्वसनीय हिंदी समाचार पोर्टल है, जो पंजाब, देश-विदेश, राजनीति, सरकारी योजनाओं, शिक्षा, रोजगार और जनहित से जुड़ी खबरें पाठकों तक पहुंचाता है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और त्वरित समाचार प्रदान करना है।

Top Categories
  • About Us
  • Advertising and Sponsored Content Policy
  • Contact Us
  • Cookie Policy
  • Copyright Policy
  • Corrections Policy
  • Disclaimer
  • DMCA and Copyright Infringement Policy
  • Editorial Policy
  • Fact-Checking Policy
  • Grievance Redressal Policy
  • Home
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
Usefull Links
  • Contact Us
  • Advertise with US
  • Complaint
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Submit a Tip

© Daily Samvad. All Rights Reserved. Developed by iTree Network Solutions.