Category: Rashifal

  • पुलिस के सामने सरेआम युवकों में चली लाठियां और लात-घूंसे, देखें वीडियो

    पुलिस के सामने सरेआम युवकों में चली लाठियां और लात-घूंसे, देखें वीडियो

    हिमाचल प्रदेश: धर्मशाला के मैक्लोडगंज चौक पर सरेआम मारपीट करते पर्यटकों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियों में देखा जा सकता है कि करीब 12 से 15 लोग विवाद के बाद डंडे और लात-घूंसे चलाते नजर आ रहे है। हैरानी की बात यह है कि इस मारपीट दौरान एक पुलिस कर्मी वहां पर मौजूद था, लेकिन फिर भी बेखौफ युवक एक दूसरे पर डंडों से पिटाई करते रहे।

    इस दौरान वहां मौजूद कुछ शख्स ने मारपीट का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि अभी इस विवाद की वजह सामने नहीं आई है।

  • मणिकर्ण में पंजाबी युवकों की गुंडागर्दी, बाजार और घरों में की तोड़फोड़-मारपीट, देखें वीडियो

    मणिकर्ण में पंजाबी युवकों की गुंडागर्दी, बाजार और घरों में की तोड़फोड़-मारपीट, देखें वीडियो

    उधर, इस मामले को लेकर डीजीपी गौरव यादव का आया बयान

    कुल्लूः हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की धार्मिक नगरी मणिकर्ण में पंजाब से आए सैलानियों ने खूब गुंडागर्दी मचाई। देर रात बाजार में हुड़दंग मचाया। कुछ लोगों के साथ मारपीट भी की। लोगों के घरों और कारों पर पत्थर बरसा कर शीशे भी तोड़े। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, झंडे लेकर चल रहे कुछ पंजाबी युवकों ने इलाके में दहशत का माहौल बनाया। उन्होंने बाजार में निकल कर हुड़दंग मचाया।

    वहीं रास्ते में जो भी मिला उसके साथ मारपीट की। मणिकर्ण में कई मकानों के शीशे टूटने की जानकारी है। बाजार व गांव में खौफ का माहौल है। वहीं आज इस मामले को लेकर डीजीपी गौरव यादव ने ट्वीट कर जानकारी दी है। उन्होंने लोगों से शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की और कहा कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश के डीजीपी से बात की है। उन्होंने लोगों से फेक न्यूज न फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस स्थान पर देश भर के तीर्थयात्रियों का स्वागत है।

    मिली जानकारी के अनुसार, हुड़दंग मचा रहे युवक मणिकर्ण पुल पर एकत्रित हुए और उसके बाद हुड़दंग मचाते हुए मार्केट में आए। वे एक ढाबे में भी जबरन घुस गए और वहां लोगों से मारपीट करने पर उतारू हो गए। यह घटना रात करीब 12 बजे की है। गौरतलब है कि मणिकर्ण घाटी में हुई इस घटना के बाद माहौल दहशत भरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हुड़दंगी पर्यटकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। हुड़दंग मचाने का वीडियो सामने आया है।

    हिमाचल पुलिस ने मणिकर्ण में पंजाब के टूरिस्टों द्वारा मचाई गई गुंडागर्दी की जानकारी पंजाब सरकार को दी है। हिमाचल पुलिस के डीजीपी संजय कुंडू ने इस बारे में पंजाब सरकार के चीफ सेक्रेटरी विजय कुमार जंजुआ को बताया। इसके अलावा हिमाचल सरकार के चीफ सेक्रेटरी प्रबोध सक्सेना को भी पूरी घटना की जानकारी दी गई। डीजीपी का कहना है कि देवभूमि में इस तरह की हुड़दंगबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीआईजी सेंट्रल रेंज मधुसूदन शर्मा और SP कुल्लू साक्षी वर्मा मौके पर जाकर मामले की तफ्तीश कर रहे हैं।

  • दर्दनाकः कार में हुआ ब्लास्ट, जिंदा जले चाचा-भतीजा

    दर्दनाकः कार में हुआ ब्लास्ट, जिंदा जले चाचा-भतीजा

    हिमाचलः हिमाचल प्रदेश से एक बुरी खबर सामने आई है। बुधवार की रात को एक सड़क हादसे में 2 युवक जिंदा जल गए। पधर-जोगेंद्रनगर वाया नौहली राजमार्ग में दमेला के पास हुई टक्कर के बाद कार में ब्लास्ट हुआ और आग लग गई, जिसमें कार सवार 2 युवक जल गए और तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हुआ। एक युवक को राहगीरों ने समय रहते कार से निकाल लिया, लेकिन बाकी 2 को नहीं बचा पाए। वहीं दोनों मृतक रिश्ते में चाचा-भतीजा बजाए जा रहे हैं।

    यह हादसा रात करीब साढ़े 11 बजे हुआ। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल युवक को पधर सिविल अस्पताल पहुंचाा, जहां उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर किया गया है। वहीं कार में आग लगने से जिंदा जले दोनों युवकों के कंकाल मात्र शेष बचे, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में लिया। कार भी जब्त कर ली गई है। हादसे के कारणों की जांच जारी है।

    DSP पधर लोकेंद्र नेगी ने बताया कि मृतकों की पहचान भुवन सिंह(38) और सुनील कुमार (28) निवासी सजेहड़ डाकघर नौहली तहसील पधर जिला मंडी हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई है। जख्मी युवक पदम् सिंह (27) पुत्र दौलत राम नौहली पंचायत के चाभ भराड़ू गांव का रहने वाला है। उसके होश में आने पर पता चलेगा कि वे कहां से आ रहे थे और कहां जा रहे थे।

  • झूला झूलते बच्ची की हुई मौत 

    झूला झूलते बच्ची की हुई मौत 

    सोलन: हिमाचल के सोलन में झूला झूलते समय एक बच्ची की जान चली गई। बच्ची चुन्नी से बने झूले पर झूल रही थी। इस दौरान झूले के लगातार गोल-गोल घूमने से चुन्नी बच्ची के गले में फंस गई। जिससे दम घुटने से बच्ची बेहोश हो गई। बेहोश होता देख पास में खेल रही छोटी बहन ने मां-बाप को इसकी सूचना दी। परिजन बच्ची को लेकर आनन फानन अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अर्की अस्पताल भेजा, लेकिन वहां पोस्टमार्टम की सुविधा न होने के चलते शव को IGMC शिमला भेजा गया है।

    जानकारी के अनुसार अर्की की डुमैहर पंचायत के मांडला गांव में सलीम मोहम्मद के घर के बाहर लगे पेड़ पर चुन्नी से झूला बनाया गया था। जिस पर रविवार दोपहर उसकी 9 वर्षीय बेटी सिमरन झूला झूल रही थी । उसके पास में ही छोटी बहन भी खेल रही थी। झूलते समय झूला तेजी से गोल-गोल घूमने लगा। जिसके चलते सिमरन की गर्दन चुन्नी में फंस गई और दम घुटने से बेहोश हो गई। बड़ी बहन को बेहोश होता देख छोटी ने मां-बाप को इसके बारे में सूचना दी। जिसके बाद परिजन तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने देखा की सिमरन की गर्दन चुन्नी में फंसी हुई थी। आनन फानन परिजन सिमरन को झूले से निकालकर कुनिहार अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    डीएसपी दाड़लाघाट संदीप शर्मा ने बताया कि झूला झूलने के दौरान फंदा लगने से बच्ची की मौत की सूचना मिली थी। जिस पर पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। जहां से पोस्टमार्टम के लिए शिव अर्की अस्पताल भेजा, लेकिन वहां पोस्टमार्टम की सुविधा न होने के चलते बच्ची के शव को IGMC भेजा गया है। जहां पर पोस्टमार्टम होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। वहीं, बच्ची की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुराहाल है।

  • सरकारी बस में महिला ने कंडक्टर से की हाथापाई, देखें वीडियो

    सरकारी बस में महिला ने कंडक्टर से की हाथापाई, देखें वीडियो

    शिमलाः हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एचआरटीसी बस का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में बस में सवार महिला कंडक्टर के साथ बहस करती नजर आ रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला कंडक्टर पर अपने पैर से भी हमला कर रही है। कंडक्टर के बार-बार कहे जाने पर भी महिला लगातार हाथापाई करती हुई नजर आ रही है। 

    दरअसल यह बस ढली से खलीनी जा रही थी। टिकट काट रहे कंडक्टर ने महिला के बेटे का पास चेक किया। पास में कुछ स्पेलिंग न होने की वजह से पास चेक करने में समय लग रहा था। इस पर महिला ने कंडक्टर के साथ दुर्व्यवहार किया और पूछा कि क्या वह अनपढ़ है और पढ़ने में इतनी देर क्यों लगा रहा है? जल्दी पास वापस कर दे। 

    इस पर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। परिचालक का आरोप है कि महिला ने उसके साथ गाली-गलौज भी की। इतना ही नहीं महिला बस की पिछली सीट से उठकर आगे आई और उस पर हमला करने लगी। वीडियो में महिला कंडक्टर के मोबाइल फोन पर भी हमला करती हुई नजर आ रही है और वीडियो बनाने से उसे रोक रही है। परिचालक ने मामले की शिकायत दी है।

  • पंजाब के पूर्व सीएम को पगड़ी पर टोपी पहनने पर हुआ विवाद

    पंजाब के पूर्व सीएम को पगड़ी पर टोपी पहनने पर हुआ विवाद

    शिमलाः पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के पगड़ी पर टोपी पहनाने पर विवाद खड़ा हो गया है। हिमाचल सचिवालय में वीरवार को प्रदेश की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार की ओर से चन्नी को पगड़ी पर पहनाई गई टाेपी की फोटो को प्रदेश भाजपा संगठन मंत्री ने सोशल मीडिया पर डाला, जो खूब वायरल हो गई।  देर शाम को सोशल मीडिया पर संत सिपाही सोसायटी लुधियाना के प्रतिनिधि और चन्नी के बीच इस मामले को लेकर हुई बातचीत का ऑडियो भी जारी हो गया, इसमें चन्नी सफाई देते रहे और माफी मांगने की बात की गई।

    देर रात चन्नी ने कहा कि मैं शनिवार को अकाल तख्त जाकर माफी मांगूंगा। प्रदेश भाजपा की ओर से वायरल फोटो को व्यवस्था परिवर्तन का नाम दिया गया है। भाजपा के संगठन महामंत्री पवन राणा सहित कई अन्य नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इसे वायरल किया है। शुक्रवार को दिन भर यह फोटो चर्चा में बनी रही। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए इस फोटो को व्यवस्था परिवर्तन का नाम दिया है। प्रदेश मीडिया प्रभारी करण नंदा सहित कई नेताओं ने इस फोटो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है।

    उधर, वायरल ऑडियो में संत सिपाही सोसायटी लुधियाना के पदाधिकारी देवेंद्र सिंह और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच बातचीत है। इसमें देवेंद्र सिंह ने पगड़ी पर टोपी पहनने पर आपत्ति जताई है। सफाई देते हुए चन्नी ने कहा कि शिमला में जब उन्हें सम्मानित किया तो पगड़ी पर टोपी रख दी। उन्हें इस बारे में पता नहीं था। मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। चन्नी ने कहा कि लाेई पहनाते हुए टोपी रख दी गई। यह जानबूझ कर नहीं हुआ। इस बारे में अकाल साहिब के जत्थेदार के पास जाकर मैं माफी मांगूूंगा। बता दें कि वीरवार को पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी ने शिमला सचिवालय पहुंचकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों से मुलाकात की थी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार भी मुख्यमंत्री कक्ष में मौजूद रहे।


    सीएम सुक्खू के कार्यालय में हुए चन्नी के सम्मान की फोटो को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सचिवालय से पगड़ी के ऊपर पहनाई गई टोपी की फोटो किसने खींचकर जारी की, इस पर सवाल खड़े हो गए हैं। एेसी फोटो खींचने और जारी करने का काम सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का होता है। सवाल यह भी है कि इस गलती का एक और पक्ष सम्मान करने वाले सरकार के लोग भी हैं। क्या वे इसके लिए माफी मांगेंगे या नहीं।

  • शौक का नहीं मूल्यः स्कूटी के नंबर के लिए लगी 1.12 करोड़ की बोली

    शौक का नहीं मूल्यः स्कूटी के नंबर के लिए लगी 1.12 करोड़ की बोली

    शिमलाः हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कोटखाई में जैसे ही वाहनों का पंजीकरण शुरू हुआ, वैसे ही वीआईपी नंबर लेने के लिए लोगों की होड़ लग गई। स्कूटी में वीआईपी नंबर एचपी 99-9999 के लिए ऑनलाइन 1.12 करोड़ रुपये की बोली लगाई गई है। यह नंबर जो अपने आप में चर्चा का विषय बना हुआ है। शुक्रवार शाम पांच बजे नंबरों के लिए आनलाइन बोली लगाने का अंतिम समय है। कोटखाई में बनाए गए नए उपमंडल को एचपी-99 नंबर मिला है, जिसकी आज से ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है।

    कोटखाई में स्कूटी के लिए एचपी 99-9999 के लिए 1.12 करोड़ रुपये की बोली लगी है। वहीं अन्य नंबरों 0009 के लिए 21 लाख, 0005 नंबर के लिए लिए 20 लाख, 0003 नंबर के लिए 10 लाख की बोली लगी है। वीआईपी नंबर के लिए लगी इतनी अधिक बोली को लेकर कई सवाल भी खड़े हो गए हैं, क्योंकि एक स्कूटी के लिए एक करोड़ रुपये से ऊपर की बोली लगना अपने आप में सवालिया निशान लगा रहा है।

    अंदेशा जताया जा रहा है कि एक ही परिवार के सदस्य की ओर से वीआईपी नंबर लेने के लिए अलग-अलग बोली लगाई गई है। एक करोड़ वाला व्यक्ति बाद में अपना आवेदन वापस ले लेगा और अपने ही परिवार व रिश्तेदार के नाम से दी गई दूसरी न्यूनतम बोली पर नंबर को आसानी से ले सकेगा, जिससे सरकार को लाखों का चूना लग सकता है। जिला परिषद सदस्य अनिल काल्टा ने कहा कि काई भी व्यक्ति अपनी स्कूटी के लिए एक करोड़ रुपये का नंबर नही ले सकता है। अगर ऐसा होता है तो मैं अपनी ओर से नंबर के लिए एक करोड़ रुपये जमा करने वाले को एक लाख रुपये का इनाम दूंगा। वहीं, एसडीएम कोटखाई चेतन खड़वाल ने बताया कि उपमंडल कार्यालय में ऑनलाइन पोर्टल नहीं खुल रहा है, जिस कारण इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।

  • मकान में भीषण आग लगने से 12 वर्षीय बच्चे की मौत, 2 लोग झुलसे, देखें वीडियो 

    मकान में भीषण आग लगने से 12 वर्षीय बच्चे की मौत, 2 लोग झुलसे, देखें वीडियो 

    शिमलाः हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रोहड़ू में 12 वर्षीय बच्चे की जिंदा जल जाने से मौत हो गई है। हादसा मकान में आग लगने से हुआ, जिमसें 2 लोग बुरी तरह झुलस भी गए हैं। उन्हें उपचार के लिए IGMC शिमला रेफर किया गया है। 3 अन्य घायल सिविल अस्पताल रोहड़ू में उपचाराधीन हैं। डीएसपी रोहडू चमन लाल ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि मंगलवार देर रात टोडसा निवासी सोहन लाल के 2 मंज़िला लकड़ी के मकान में आग लग गई।

    इस अग्निकांड में 12 वर्षीय पवन पुत्र दीपक लाल की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि परिवार के 2 सदस्य बुरी तरह से झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए IGMC शिमला रेफर किया गया है। डीएसपी ने बताया कि 3 सदस्य इलाज के लिए सिविल अस्पताल रोहडू में भर्ती हैं। परिवार के सभी 7 लोग ऊपरी मंजिल पर सो रहे थे। आग लगने के कारण बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। रोहडू के विधायक एवं सीपीएस मोहन लाल ब्राक्टा ने हादसे पर शोक व्यक्त किया और प्रशासन को पीड़ित परिवार को फौरी राहत प्रदान करने के निर्देश दिए।

  • इस गांव की महिलाएं 5 दिन तक नहीं पहनतीं कपड़े, जाने मामला

    इस गांव की महिलाएं 5 दिन तक नहीं पहनतीं कपड़े, जाने मामला

    नई दिल्लीः भले ही आज दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। भारतीय लोग चांद तक पहुंच गए हैं लेकिन आज भी यहां कुछ परंपराएं और रीति रिवाज ऐसे हैं। जो आपको हैरान कर कर  देगें। अलग-अलग राज्यों में ऐसी प्रथाओं को निभाना जरूरी है। इसी तर्ज पर ही एक राज्य ऐसा है जहां पर महिलाओं को न चाह कर भी एक अजीबोगरीब परंपरा निभानी पड़ती है। यहां बात हिमाचल प्रदेश के मणिकर्ण घाटी के पीणी गांव की जहां एक साल में पांच दिनों तक महिलाएं निर्वस्त्र रहती हैं।

    हालांकि इस प्रथा के पीछे की वजह आपको बताएं उससे पहले आपको ये भी बताते चलें कि इस प्रथा के पालन के लिए आज भी कई एहतियाती कदम उठाए जाते हैं। जैसे इन पांच दिनों के दौरान गांव के लोग किसी भी बाहरी व्‍यक्ति को गांव में प्रवेश की इजाजत नहीं देते हैं। यहां तक बाहर के लोग उनके इस खास त्‍योहार में शामिल भी नहीं हो सकते हैं। क्योंकि इन 5 दिनों में एक खास अनुष्ठान चलता रहता है।

    आज भी निभाई जाती है परंपरा

    पीणी की इस परंपरा का इतिहास काफी पुराना और रोचक है। हालांकि, इन 5 दिनों में ज्‍यादातर महिलाएं घर से बाहर ही नहीं निकलती हैं। लेकिन, कुछ महिलाएं अपनी इच्‍छा से आज भी इस प्रथा का पालन करती हैं। पिणी गांव की महिलाएं हर साल सावन के महीने में 5 दिन कपड़े नहीं पहनती हैं। यहां बसने वाले लोगों का मानना है कि बड़े बूढ़ों के मुंह से उन्होंने जो सुना है, वह सही ही होगा, क्योंकि इस प्रथा का पालन नहीं करने वाली महिला को कुछ ही दिन में कोई बुरी खबर सुनने को मिलती है। या फिर उसके साथ कोई अप्रिय घटना घट जाती है।

    इस नियम के साथ कई तरह की पाबंदियां

    इस दौरान पूरे गांव में लगभग सन्नाटा रहता है। कहा जाता है कि ये प्रथा सदियों से चली आ रही है। इस दौरान पति-पत्‍नी आपस में बात तक नहीं करते और दूरी बना कर रहते हैं। सावन के इन पांच दिनों में पति और पत्‍नी मुस्‍करा भी नहीं सकते हैं। पुरुषों को सावन के इन 5 दिनों के दौरान शराब और मांस का सेवन नहीं करने की परंपरा का पालन करना होता है। कहा जाता है कि अगर कोई पुरुष इस परंपरा का पालन सही से नहीं करता है तो देवता नाराज हो जाते हैं और नुकसान पहुंचाते हैं। इन दोनों ही परंपराओं के पीछे एक लंबा इतिहास और कहानी है।

    प्रथा के पीछे की कहानी

    कहा जाता है कि काफी समय पहले इस गांव में राक्षसों का आतंक था। तभी ‘लाहुआ घोंड’ नाम के देवता आए। उन्होंने राक्षस का वध किया और गांववालों को दहशत से बचाया। बताया जाता है कि राक्षस गांव की सजी धजी और सुंदर कपड़े पहनने वाली शादीशुदा महिलाओं को उठाकर ले जाते थे। देवताओं ने राक्षसों का वध करके महिलाओं को राक्षसों से बचाया। माना जाता है कि अगर महिलाएं कपड़ों में सुंदर दिखेंगी तो आज भी राक्षस उन्‍हें उठाकर ले जा सकते हैं। इसलिए कुछ महिलाएं आज भी इस प्रथा को निभाती हैं।

    समय के साथ आया बदलाव

    हालांकि, अब यह परंपरा थोड़ी सी बदल गई है क्योंकि अब महिलाएं इन पांच दिनों में कपड़े नहीं बदलतीं, लेकिन वह अपने शरीर पर एक पतला कपड़ा जरूर धारण किए रहती हैं। इस परंपरा को मानने वाली पिणी गांव की महिलाएं ऊन से बना एक पटका इस्‍तेमाल कर सकती हैं। इस परंपरा को आज भी इस गांव के लोग पूरी आस्था से निभाते हैं।

  • दर्दनाक हादसाः झुग्गी में भीषण आग लगने से जिंदा जले बच्चे, देखें वीडियो

    दर्दनाक हादसाः झुग्गी में भीषण आग लगने से जिंदा जले बच्चे, देखें वीडियो

    ऊना/सुशील पांडेयः हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बुधवार की देर रात थाना अम्ब के बणे दी हट्टी में झुग्गी में भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से चार बच्चे जिंदा जल गए। सूचना पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने लोगों की मदद से आग पर काबू पाया है। दर्दनाक हादसे में दो भाई और एक बहन समेत चार बच्चों की मौत हुई है।

     

    जानकारी के अनुसार, ऊना जिले के पुलिस थाना अम्ब के बणे दी हट्टी में एक झुग्गी में बुधवार देर रात आग लग गई। आग की चपेट में आने से चार प्रवासी बच्चे जिंदा जल गए। सभी बच्चे झुग्गी में टीवी देख रहे थे। अचानक भड़की आग की सूचना दमकल विभाग को मिली, तुरंत आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन बच्चों को बचाया नहीं जा सका।

    दर्दनाक घटना में नीतू कुमारी (14) पुत्री रमेश दास भोलू कुमार (7) पुत्र रमेश दास, शिवम कुमार (6) पुत्र रमेश दास निवासी निवासी नंदापट्टी बेनीपुर डाकघर अंटार थाना बेहरा जिला दरभंगा बिहार और सोनू कुमार (17) पुत्र काली दास निवासी पौड़ी डाकराम जिला दरभंगा बिहार की मौके पर जलने से मौत हो गई। बच्चों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है। आग लगने की वजह फिलहाल साफ नहीं हो पाई है। डीएसपी अम्ब डॉ वसुधा सूद ने बताया कि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच की जा रही है। वहीं इस घटना को लेकर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दुख व्यक्त किया है।