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  • शेयर बाजार में आया उछाल, निफ्टी 23,550 के पार

    शेयर बाजार में आया उछाल, निफ्टी 23,550 के पार

    नई दिल्लीः घरेलू शेयर बाजार में आज तेजी आई है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स में 400 अंक से अधिक तेजी आई जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी करीब 150 अंक उछल गया। सुबह 9.22 बजे सेंसेक्स 451.52 अंक यानी 0.61% की तेजी के साथ 75,060.50 अंक पर ट्रेड कर रहा था। निफ्टी 156.60 अंक यानी 0.67% ऊपर 23,569.20 अंक पर आ गया। इससे पहले लगातार चार सत्र की गिरावट के बाद बुधवार को शेयर बाजार मामूली तेजी के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 तेजी के साथ खुले। अडानी पोर्ट्स, एनटीपीसी, ट्रेंट, पावरग्रिड और एलएंडटी में एक फीसदी से अधिक तेजी आई। एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, बीईएल और भारती एयरटेल में भी उल्लेखनीय तेजी रही। दूसरी ओर इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस और एचसीएल टेक में गिरावट रही।

    निफ्टी में सिप्ला, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स में सबसे ज्यादा तेजी रही। ब्रॉडर मार्केट्स में निफ्टी मिडकैप में 0.49 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.59 फीसदी तेजी आई। सेक्टरवाइज देखें तो निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर में सबसे ज्यादा तेजी आई। दूसरी ओर निफ्टी आईटी में गिरावट रही। कच्चा तेल 0.36 फीसदी तेजी के साथ 106 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन पहुंच चुके हैं। उनकी इस यात्रा से दुनिया के दो सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देशों के बीच रिश्तों में नया दौर शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। भारत समेत दुनियाभर के निवेशकों को ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बैठक के नतीजों का इंतजार है। दोनों नेताओं के बीच ईरान मुद्दे पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

  • Import Duty बढ़ने के बाद सोने-चांदी की कीमतों में आया भारी उछाल, जानें नए Rate

    Import Duty बढ़ने के बाद सोने-चांदी की कीमतों में आया भारी उछाल, जानें नए Rate

    नई दिल्लीः सरकार की तरफ से मंगलवार रात सोने पर लगने वाली कस्‍टम ड्यूटी बढ़ा दी जिसका असर आज सोने-चांदी की कीमतों पर दिखना शुरू हो गया है। बुधवार सुबह के कारोबार में एमसीएक्‍स पर सोने का रेट रिकॉर्ड लेवल को छू गया। MCX पर सोना 10 हजार और चांदी 18 हजार रुपए महंगी हो गई।

    10 ग्राम सोने का भाव 1.63 लाख रुपए और 1 किलो चांदी का भाव 2.97 लाख रुपए पर पहुंच गया है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी।

    वहीं, इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि टैक्स बढ़ने से तस्करी बढ़ सकती है। इससे पहले जब ड्यूटी कम की गई थी, तब स्मगलिंग में कमी आई थी। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सरकार ने करंट अकाउंट डेफिसिट (चालू खाता घाटा) को काबू में रखने के लिए यह कदम उठाया है। पहले से ही ऊंची कीमतों के बीच यह फैसला मांग को प्रभावित कर सकता है।

  • गिरने के बाद संभला शेयर बाजार, फिर लौटी रौनक

    गिरने के बाद संभला शेयर बाजार, फिर लौटी रौनक

    नई दिल्लीः आज हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स हरे निशान में खुले। हालांकि, शुरुआत में इसकी ओपनिंग कमजोर रही। एक तरफ सेंसेक्स 119 अंकों के नुकसान के साथ 74439 पर खुला। इसी तरह से निफ्टी भी 17 अंक नीचे 23362 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की। लेकिन देखते ही देखते खुद को संभालते हुए सेंसेक्स ने 127 अंकों की बढ़त हासिल की और 74687 पर पहुंच गया। निफ्टी भी 32 अंक ऊपर चढ़कर अभी 23412 पर है।

    आज डॉलर के मुकाबले रुपया 3 पैसे की मामूली मजबूती के साथ 95.59 पर खुला. कल यह 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। आज 13 मई को एशियाई बाजारों मिश्रित और उतार-चढ़ाव भरा रुझान देखने को मिला। अमेरिका में उम्मीद से ज्यादा बढ़ी महंगाई और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज करने के बाद पैदा हुए भू-राजनीतिक तनाव का असर आज एशियाई बाजारों में देखने को मिला। इस दौरान जापान का निक्केई 225 0.52 परसेंट गिरा, जबकि टॉपिक्स ने 0.28 परसेंट की मामूली बढ़त हासिल की। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 2.15 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई और स्मॉल-कैप कोस्डैक भी 0.74 परसेंट नीचे लुढ़क गया। ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 भी नीचे कारोबार कर रहा था और शुरुआती कारोबार में 0.56 परसेंट नीचे था।

    मंगलवार के सेशन में वॉल स्ट्रीट गिरावट के साथ बंद हुआ, जिसमें S&P 500 और Nasdaq Composite दोनों ही अपने रिकॉर्ड स्तरों से नीचे आ गए. S&P 500 में 0.16 परसेंट की गिरावट आई, जबकि Nasdaq Composite 0.71 परसेंट तक नीचे लुढ़क गया। इसके विपरीत, Dow Jones Industrial Average सकारात्मक दायरे में बने रहने में सफल रहा, और 56.09 अंक या 0.11 परसेंट की बढ़त दर्ज की।

    6 विदेशी मुद्राओं की एक बास्केट के मुकाबले डॉलर की कीमत को मापने वाला US डॉलर इंडेक्स (DXY) बुधवार सुबह 0.02 परसेंट की बढ़त के साथ 98.32 पर ट्रेड करता नजर आया। यह इंडेक्स ब्रिटिश पाउंड, यूरो, स्वीडिश क्रोना, जापानी येन, स्विस फ्रैंक जैसी करेंसीज के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी का आकलन करता है। बुधवार को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतें नीचे रहीं। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.57 परसेंट गिरकर 101.56 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 0.61 परसेंट गिरकर 107.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

  • CPI Inflation: आपकी जेब पर पड़ा महंगाई का बोझ, अप्रैल में 3.48% पर पहुंची महंगाई दर

    CPI Inflation: आपकी जेब पर पड़ा महंगाई का बोझ, अप्रैल में 3.48% पर पहुंची महंगाई दर

    CPI Inflation: देश में अप्रैल महीने के दौरान आम लोगों को महंगाई का झटका लगा है। सरकार की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक रिटेल महंगाई दर में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.48 फीसदी पर पहुंच गई, जबकि मार्च महीने में यह 3.40 फीसदी थी। यानी महंगाई में 0.08 फीसदी का इजाफा हुआ है।

    खाने-पीने की चीजें हुईं महंगी
    महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी मानी जा रही है। खासकर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से लोगों का बजट प्रभावित हुआ है। सब्जियां, अनाज और अन्य जरूरी सामान पहले के मुकाबले महंगे हुए हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।

    लगातार छठे महीने बढ़ी महंगाई
    अक्टूबर 2025 के बाद से देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। अक्टूबर 2025 में रिटेल महंगाई दर घटकर 0.25 फीसदी तक पहुंच गई थी, लेकिन उसके बाद से हर महीने इसमें बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अप्रैल 2026 ऐसा लगातार छठा महीना है जब महंगाई दर में इजाफा हुआ है।

    फूड इंफ्लेशन में भी तेजी
    खाद्य महंगाई यानी फूड इंफ्लेशन में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल 2025 की तुलना में अप्रैल 2026 में अखिल भारतीय उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) पर आधारित खाद्य महंगाई दर 4.20 फीसदी रही है। मार्च महीने में यही आंकड़ा 3.87 फीसदी था। इससे साफ है कि खाने-पीने की चीजों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।

    गांवों में ज्यादा बढ़ी खाद्य महंगाई
    सरकारी आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई शहरी इलाकों के मुकाबले ज्यादा रही है। गांवों में खाद्य महंगाई दर 4.26 फीसदी दर्ज की गई, जबकि शहरों में यह 4.10 फीसदी रही। इसका मतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर महंगाई का असर ज्यादा पड़ा है।

    मिडिल ईस्ट संकट बढ़ा सकता है परेशानी
    आर्थिक जानकारों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संकट लंबे समय तक बना रहता है, तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। तेल की कीमतों और आयात पर असर पड़ने से रोजमर्रा की चीजें और महंगी हो सकती हैं, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

  • शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के

    शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के

    नई दिल्लीः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर लगातार दूसरे दिन भी देखने को मिला। मंगलवार 12 मई को बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। निवेशकों की चिंता इस बात को लेकर बढ़ गई है कि अमेरिका-ईरान तनाव लंबा खिंच सकता है, जिससे तेल सप्लाई और महंगाई दोनों पर दबाव बढ़ेगा। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्यूल बचाने और सोने की खरीद टालने की अपील ने भी बाजार सेंटीमेंट पर असर डाला है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ शांति वाला लाइफ सपोर्ट पर है।

    इससे साफ है कि पश्चिम एशिया में हाल-फिलहाल शांति बहाल होने की उम्मीद नहीं है। इसका असर आज घरेलू शेयर पर भी दिख रहा है। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 400 अंक से अधिक गिर गया जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स में 100 अंक फिसल गया। सुबह 9.22 बजे सेंसेक्स 411.94 अंक यानी 0.54% गिरावट के साथ 75,603.34 अंक पर आ गया। निफ्टी 103.70 अंक यानी 0.44% फिसलकर 23,712.15 अंक पर आ गया। पिछले सत्र में सेंसेक्स में 1312.91 अंक की गिरावट आई थी जबकि निफ्टी 360.30 अंक गिरा था। इस बीच रुपया डॉलर का मुकाबले आज 0.2 फीसदी गिरावट के साथ ऑल टाइम लो पर खुला।

    इससे पहले सोमवार को भी बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बीएसई सेंसेक्स 1,312.91 अंक टूटकर 76,015.28 पर बंद हुआ था, जबकि एनएसई निफ्टी 360.30 अंक गिरकर 23,815.85 पर आ गया था। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,370 अंक तक लुढ़क गया था। एनएसई के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सोमवार को 84.38 अरब रुपये के शेयर बेच दिए। यह 24 अप्रैल के बाद सबसे बड़ी बिकवाली मानी जा रही है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 59.4 अरब रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा दिया।

  • ट्रंप के बयान से शेयर बाजार में मचा हाहाकार, आई भारी गिरावट

    ट्रंप के बयान से शेयर बाजार में मचा हाहाकार, आई भारी गिरावट

    नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार सोमवार,11 मई को खुलते ही धाराशायी हो गया। दरअसल, शेयर बाजार में भारी गिरावट के साथ कामकाज की शुरुआत हुई। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा लुढ़ककर 76,406.11 के लेवल पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 260 अंक लुढ़ककर 23,915.90 के लेवल पर आ गया। शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद ग्लोबल मार्केट में हड़कंप मच गया है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर दिख रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में आए उबाल और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।

    आज सुबह के कारोबार में HCL Tech को छोड़कर सभी स्टॉक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा गिरावट टाइटन कंपनी के शेयरों में देखी गई, ये 6% से अधिक लुढ़ककर कामकाज कर रहा है। वहीं, इंडिगो के शेयर 2.86% टूटकर कारोबार कर रहे हैं, जबकि SBI के शेयरों में 2.8% कमजोर होकर कामकाज कर रहा है। इसके अलावा, इटर्नल के शेयर 2.6% और भारती एयरटेल 1.9% की गिरावट के साथ कामकाज कर रहा है। ऑयल मार्केट और ग्लोबल इकोनॉमी में मची इस हलचल की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का टूटना है।

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की तरफ से भेजे गए शांति प्रस्ताव (को Totally Unacceptable यानी पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया। ट्रंप के इस कड़े रुख के बाद निवेशकों की उम्मीदें टूट गईं और बाजार में यह डर बैठ गया कि अब युद्ध जैसी स्थिति और गहरी हो सकती है। सप्लाई चेन रुकने की चिंता में निवेशकों ने धड़ाधड़ बिकवाली शुरू कर दी। इस तनाव बढ़ने का सबसे बड़ा असर तेल की कीमतों पर पड़ा है। सोमवार को बाजार खुलते ही ब्रेंट क्रूड और WTI में तेज उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 3.5% उछलकर 104.80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 99 डॉलर प्रति बैरल के बेहद करीब ट्रेड कर रहा है। भारत जैसे देश के लिए कच्चा तेल महंगा होना महंगाई की घंटी है, क्योंकि हम अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करते हैं।

  • शेयर बाजार में आई भारी गिरावट, तेल की कीमतों में हुआ सुधार

    शेयर बाजार में आई भारी गिरावट, तेल की कीमतों में हुआ सुधार

    नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिल रही है। आज दोनों प्रमुख सूचकांक बीएससी सेंसेक्स और एनएससी निफ्टी दोनों लाल निशान पर खुले। निफ्टी 50 158 अंक या 0.65% गिरकर 24,169 पर खुला, जबकि सेंसेक्स 501 अंक या 0.64% गिरकर 77,343 पर खुला। एशियाई सूचकांकों में गिरावट के साथ शुरुआत हुई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.88% गिरा, जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक 0.56% ऊपर रहा। जापान का निक्केई 225 वीरवार को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद कुछ मुनाफावसूली के चलते 0.62% फिसल गया। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स 26,285 पर था, जो सूचकांक के पिछले बंद भाव 26,626.28 से कम था।

    वीरवार को अमेरिकी बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए, हालांकि तेल की कीमतों में भारी गिरावट से कुछ सुधार हुआ और व्यापारी अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले घटनाक्रमों पर नजर रखे हुए थे। एसएंडपी 500 सूचकांक 0.38% गिरकर 7,337.11 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 0.13% गिरकर 25,806.20 पर बंद हुआ। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 313.62 अंक या 0.63% गिरकर 49,596.97 पर आ गया।

    बाजार में यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतें अचानक $100 के पार चली गईं। ब्रेंट क्रूड 3% बढ़कर $102.7 प्रति बैरल तो वहीं, अमेरिकी तेल (WTI) भी 2.58% की तेजी के साथ $97.26 प्रति बैरल पर पहुंच गया। जिससे निवेशकों में घबराहट का माहौल है।

  • शेयर बाजार की तेज शुरुआत से ऑटो स्टॉक्स ने पकड़ी रफ्तार

    शेयर बाजार की तेज शुरुआत से ऑटो स्टॉक्स ने पकड़ी रफ्तार

    नई दिल्लीः घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली। संसेक्स 200 अंक से ज्यादा चढ़ा, जबकि निफ्टी 24,350 के ऊपर कारोबार करता दिखा। IT, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती उतार-चढ़ाव के बीच मजबूती देखने को मिली। संसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते दिखे। ऑटो, मेटल और मिडकैप शेयरों में शानदार खरीदारी रही, जबकि IT और FMCG शेयरों में दबाव देखने को मिला। Nifty Auto इंडेक्स 1.61 फीसदी उछल गया। ऑटो कंपनियों में खरीदारी से बाजार को मजबूत सपोर्ट मिला। इसके अलावा मेटल, फार्मा और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।

    शुरुआती कारोबार में निफ्टी पर सबसे अधिक बढ़त बनाने वाले शेयरों में ट्रेंट, HDFC Life, Bajaj Auto, Eternal और Max Healthcare शामिल हैं, जबकि नुकसान वाले शेयरों में Kotak Mahindra Bank, Titan Company, Power Grid Corp, Hindalco और Interglobe Aviation शामिल हैं। बाजार में व्यापक खरीदारी का माहौल बना हुआ है। Nifty Midcap 100 करीब 0.55 फीसदी और Smallcap 100 इंडेक्स 0.59 फीसदी चढ़ा। Microcap 250 इंडेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज हुई। इससे संकेत मिल रहे हैं कि निवेशकों का भरोसा मिड और स्मॉलकैप शेयरों में लगातार बढ़ रहा है।

    एक तरफ ऑटो और मेटल शेयरों में तेजी रही, वहीं दूसरी तरफ IT और FMCG सेक्टर दबाव में दिखे। Nifty IT इंडेक्स करीब 0.47 फीसदी टूट गया, जबकि FMCG इंडेक्स में भी कमजोरी रही। वैश्विक टेक शेयरों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय IT कंपनियों पर दिख रहा है। INDIA VIX 16.71 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में उतार-चढ़ाव सीमित रहने से निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। बाजार की चौड़ाई भी मजबूत दिख रही है, जिससे आने वाले सत्रों में तेजी का मूड कायम रह सकता है। अमेरिकी और एशियाई बाजारों की मजबूती का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। हालांकि GIFT Nifty कमजोर था, लेकिन घरेलू बाजार में निवेशकों की खरीदारी ने माहौल सकारात्मक बनाए रखा।

  • मिडिल ईस्ट संकट घटने से शेयर बाजार में आया उछाल

    मिडिल ईस्ट संकट घटने से शेयर बाजार में आया उछाल

    नई दिल्लीः घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत आज तेजी के साथ हुई। एक तरफ सेंसेक्स 406 अंकों की बढ़त के साथ 77424 के लेवल पर खुला। वहीं, निफ्टी भी 138 अंक उछलकर 24171 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की। अभी के कारोबार में बाजार में चौतरफा हरियाली छाई हुई है। निफ्टी से लेकर IT, निफ्टी ऑटो और Metals में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है।

    अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता पर बात आगे बढ़ने की खबरों से कच्चे तेल की कीमतों में आज 4 परसेंट तक की गिरावट आई। इससे शेयर बाजार को सहारा मिला। ऊपर से आज भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सोमवार के बंद भाव 95.28 के मुकाबले 95.04 प्रति डॉलर के स्तर पर मजबूत खुला है। इससे भी निवेशकाें के सेंटिमेंट्स को सहारा मिला।

    बुधवार सुबह एशियाई इंडेक्स की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते की उम्मीदों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और AI शेयरों में उछाल से निवेशकों में उत्साह चरम पर है। इस दौरान दक्षिण कोरिया का Kospi 4.50 परसेंट की बढ़त के साथ अपने नए ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड पर पहुंच गया। वहीं, स्मॉल-कैप Kosdaq में 0.15 परसेंट की गिरावट देखने को मिली। हांगकांग के Hang Seng इंडेक्स के फ्यूचर्स 25860 पर थे, जबकि इसकी पिछली क्लोजिंग 25898.61 पर हुई थी। जापान में शेयर बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण आज बंद है।

     

  • शेयर बाजार में आई गिरावट, निफ्टी 24,000 के करीब

    शेयर बाजार में आई गिरावट, निफ्टी 24,000 के करीब

    नई दिल्लीः ग्लोबल मार्केट से मिल रहे मिले-जुले संकेतों के बीच आज, 5 मई को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 320.20 अंक (0.41%) गिरकर 76,949.20 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 98.30 अंक (0.41%) की गिरावट के साथ 24,021.00 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया. बाजार खुलने के समय निफ्टी 23,950 के निचले स्तर के आसपास बना हुआ था। स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज को लेकर हालात फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव बढ़ने से ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई है। यह इलाका दुनिया के लिए तेल सप्लाई का अहम रास्ता है, इसलिए यहां तनाव बढ़ने का सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है।

    आज के कारोबार में निफ्टी ऑटो, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी इन्फ्रा, कंज्यूमर ड्यूरेबल और मेटल सेक्टर्स में भारी बिकवाली देखी गई. Nifty Auto, Nifty Private Bank, Nifty PSU Bank, Nifty Metal जैसे इंडेक्स करीब 0.7% तक गिरावट के साथ टॉप लूजर्स थे। हालांकि, Nifty IT और Nifty FMCG में हल्की मजबूती देखने को मिली। निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी एनर्जी गेनर्स थे। सेंसेक्स पर लिस्टेड शेयरों में इन्फोसिस, टीसीएस, आईटीसी, एचयूएल, टेक महिंद्रा और टाइटन गेनर्स थे। मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, एमएंडएम, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, इंडिगो और एचटीएल टेक लूजर्स थे।