ट्रंप के बयान से शेयर बाजार में मचा हाहाकार, आई भारी गिरावट

Written by

in

नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार सोमवार,11 मई को खुलते ही धाराशायी हो गया। दरअसल, शेयर बाजार में भारी गिरावट के साथ कामकाज की शुरुआत हुई। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा लुढ़ककर 76,406.11 के लेवल पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 260 अंक लुढ़ककर 23,915.90 के लेवल पर आ गया। शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद ग्लोबल मार्केट में हड़कंप मच गया है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर दिख रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में आए उबाल और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।

आज सुबह के कारोबार में HCL Tech को छोड़कर सभी स्टॉक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा गिरावट टाइटन कंपनी के शेयरों में देखी गई, ये 6% से अधिक लुढ़ककर कामकाज कर रहा है। वहीं, इंडिगो के शेयर 2.86% टूटकर कारोबार कर रहे हैं, जबकि SBI के शेयरों में 2.8% कमजोर होकर कामकाज कर रहा है। इसके अलावा, इटर्नल के शेयर 2.6% और भारती एयरटेल 1.9% की गिरावट के साथ कामकाज कर रहा है। ऑयल मार्केट और ग्लोबल इकोनॉमी में मची इस हलचल की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का टूटना है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की तरफ से भेजे गए शांति प्रस्ताव (को Totally Unacceptable यानी पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया। ट्रंप के इस कड़े रुख के बाद निवेशकों की उम्मीदें टूट गईं और बाजार में यह डर बैठ गया कि अब युद्ध जैसी स्थिति और गहरी हो सकती है। सप्लाई चेन रुकने की चिंता में निवेशकों ने धड़ाधड़ बिकवाली शुरू कर दी। इस तनाव बढ़ने का सबसे बड़ा असर तेल की कीमतों पर पड़ा है। सोमवार को बाजार खुलते ही ब्रेंट क्रूड और WTI में तेज उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 3.5% उछलकर 104.80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 99 डॉलर प्रति बैरल के बेहद करीब ट्रेड कर रहा है। भारत जैसे देश के लिए कच्चा तेल महंगा होना महंगाई की घंटी है, क्योंकि हम अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करते हैं।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *