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  • शुरुआती गिरावट के बाद शेयर बाजार में आया उछाल, अदाणी ग्रुप को राहत

    शुरुआती गिरावट के बाद शेयर बाजार में आया उछाल, अदाणी ग्रुप को राहत

    नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार में आज यानी शुक्रवार को उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। बाजार खुलते ही निवेशकों को थोड़ा झटका लगा, जब सेंसेक्स 151 अंक गिरकर 77,837 के स्तर पर और निफ्टी 37 अंक फिसलकर 24,159 पर ओपन हुआ। हालांकि, यह गिरावट ज्यादा देर नहीं टिकी और निचले स्तरों पर हुई खरीदारी ने बाजार को तुरंत संभाल लिया। सुबह 9:20 बजे तक बाजार हरे निशान में लौट आया और सेंसेक्स 153 अंकों (0.20%) की बढ़त के साथ 78,141 पर ट्रेड करने लगा। वहीं, निफ्टी भी संभलकर 24,218 के पार निकल गया।

    आज अदाणी समूह के ज्यादातर शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे। सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर करीब ₹10.30 (0.47%) बढ़कर ₹2,214 पर पहुंच गया, वहीं अदाणी टोटल गैस में सबसे ज्यादा तेजी दिखी और यह ₹16.70 (2.79%) चढ़कर ₹614.30 पर ट्रेड करता नजर आया. इसके अलावा अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन का शेयर ₹6.80 (0.44%) बढ़कर ₹1,556.60 पर पहुंचा, अदाणी पावर ₹0.89 (0.46%) की बढ़त के साथ ₹194.08 पर रहा, और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस भी ₹10.40 (0.85%) चढ़कर ₹1,233 पर कारोबार करता दिखा।

  • Stock Market की बढ़त के साथ शुरुआत, Sensex 565 और Nifty 156 अंक चढ़ा

    Stock Market की बढ़त के साथ शुरुआत, Sensex 565 और Nifty 156 अंक चढ़ा

    बिजनेसः दुनिया भर से मिले पॉजिटिव संकेतों और US और Iran के बीच शांति समझौते की उम्मीदों के चलते 16 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। Sensex 565.18 अंक या 0.72 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,676.42 पर, और Nifty 156.20 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,387.50 पर खुला।

    Nifty पर सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में ईटरनल, इनफोसिस, बजाज फाइनानस, टेक महिंद्रा और हिंडाल्को शामिल हैं, जबकि सबसे अधिक गिरावट सन फार्मा, नेस्ले, ओएनजीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में देखने को मिल रही है। वहीं Pharma सेक्टर को छोड़कर, बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, जिनमें आईटी, मेटल और रीएलिटी सेक्टर में 1-1 प्रतिशत की बढ़त है।

    वहीं एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गई। जापान का निक्केई 225 0.81% और टॉपिक्स 0.70% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.03% चढ़ा, जबकि कोस्डैक 0.77% ऊपर रहा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.22% की मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।

  • ईरान युद्ध ने बिगाड़ा बजटः खुदरा महंगाई दर मार्च में बढ़कर 3.40% पर; जानें आपके जेब पर क्या पड़ेगा असर

    ईरान युद्ध ने बिगाड़ा बजटः खुदरा महंगाई दर मार्च में बढ़कर 3.40% पर; जानें आपके जेब पर क्या पड़ेगा असर

    Food Inflation India : भारत में मार्च महीने में खुदरा महंगाई (CPI) थोड़ी बढ़कर 3.4% हो गई है, जबकि फरवरी में यह 3.21% थी। सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार यह बढ़ोतरी ज्यादा बड़ी नहीं है और अभी भी महंगाई 4% के सुरक्षित स्तर से नीचे बनी हुई है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत है। खाने-पीने और ईंधन की कीमतों का असर महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों और पेय पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी रही है। इसके अलावा ऊर्जा (तेल-गैस) की कीमतों में उछाल ने भी इसमें योगदान दिया है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का भी असर देखने को मिला है, जिससे सप्लाई और कीमतों पर दबाव पड़ा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महंगाई

    ग्रामीण इलाकों में महंगाई: 3.63% शहरी इलाकों में महंगाई: 3.11%

    इससे साफ है कि गांवों में महंगाई का असर शहरों की तुलना में थोड़ा ज्यादा महसूस किया गया। आम लोगों की जेब पर असर मार्च में फूड इन्फ्लेशन (खाद्य महंगाई) बढ़कर 3.87% हो गया, जो फरवरी में 3.47% था। इसका मतलब है कि रोजमर्रा की चीजें जैसे दाल, सब्जी, दूध और अन्य खाद्य पदार्थ महंगे हुए हैं। इसका सीधा असर आम आदमी की रसोई और बजट पर पड़ रहा है। रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं  हर महीने की तरह इस बार भी आंकड़े आने से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। RBI खास तौर पर तेल की बढ़ती कीमतों पर नजर रखे हुए है, क्योंकि इससे पूरी अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। साथ ही बैंक ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर वह महंगाई और बाजार की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा सकता है। किन राज्यों में सबसे ज्यादा महंगाई ताजा आंकड़ों के अनुसार अलग-अलग राज्यों में महंगाई का स्तर अलग रहा। तेलंगाना: 5.83% (सबसे ज्यादा) आंध्र प्रदेश: 4.05% कर्नाटक: 3.96% तमिलनाडु: 3.77% राजस्थान: 3.64%    
  • डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से शेयर बाजार में आई भारी गिरावट, मचा कोहराम

    डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से शेयर बाजार में आई भारी गिरावट, मचा कोहराम

    नई दिल्लीः अमेरिका की ईरान के साथ बातचीत विफल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बैन लगाने की धमकी का सोमवार को बाजार पर जोरदार असर हुआ। कच्चे तेल के भाव उछल गए जिसकी वजह से स्टॉक मार्केट सोमवार को तेज गिरावट के साथ खुले। सप्ताह के पहले ही दिन बाजार में हाहाकार मच गया और सेंसेक्स-निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए। बाजार खुलते ही सेंसेक्स 1400 अंक से ज्यादा टूट गया, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये पल भर में स्वाहा हो गए।

    बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों के भीतर बिकवाली का दबाव और ज्यादा बढ़ गया है, जिससे निवेशकों में अफरातफरी का माहौल है। सुबह 9:20 बजे तक सेंसेक्स की गिरावट बढ़कर 1,624.21 अंक (2.09%) तक पहुंच गई, जिसके बाद इंडेक्स 75,926.04 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। निफ्टी में भी भारी बिकवाली जारी है और यह 471.15 अंक (1.96%) टूटकर 23,579.45 के करीब पहुंच गया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के खतरों और कच्चे तेल की कीमतों में आए अचानक उछाल ने भारतीय बाजार के सेंटीमेंट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है, जिससे हर सेक्टर के शेयरों में लाल निशान नजर आ रहा है।

    आज सुबह 9:15 बजे जैसे ही बाजार खुला, बीएसई (BSE) सेंसेक्स 1,446.37 अंक (1.87%) की भारी गिरावट के साथ 76,103.88 के स्तर पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 373.25 अंक (1.55%) लुढ़ककर 23,677.35 पर खुला। बता दें कि प्री-ओपनिंग सेशन में तो गिरावट और भी डरावनी थी, जहां सेंसेक्स 1600 अंकों तक नीचे चला गया था। बाजार में इस क्रैश की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है। इसके तुरंत बाद ट्रंप प्रशासन ने ईरानी बंदरगाहों के चारों ओर नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने की योजना का ऐलान कर दिया। ऊपर से इजरायल द्वारा ईरान पर फिर से हमले शुरू करने की खबरों ने आग में घी डालने का काम किया।

  • शेयर बाजार में आया उछाल, फिर से लौटी रौनक

    शेयर बाजार में आया उछाल, फिर से लौटी रौनक

    नई दिल्लीः सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन आज यानी शुक्रवार 10 अप्रैल को सेंसेक्स 500 अंक (0.66%) की तेजी के साथ 77,150 कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 160 अंकों की तेजी है, ये 23940 पर पहुंच गया है। हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मजबूत डॉलर निवेशकों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में 1 से 2 प्रतिशत तक की तेजी ने ग्लोबल मार्केट में पॉजिटिव माहौल बनाया है। हांगकांग और चीन के बाजार भी हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। यह रैली बताती है कि निवेशकों का रिस्क लेने का रुझान बढ़ा है। कच्चे तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जो भारत जैसे आयातक देश के लिए नकारात्मक संकेत है।

    वहीं डॉलर इंडेक्स में मजबूती और रुपये में कमजोरी विदेशी निवेशकों के फ्लो को प्रभावित कर सकती है। ये दोनों फैक्टर बाजार की तेजी को सीमित कर सकते हैं और वोलैटिलिटी बढ़ा सकते हैं। आज के कारोबार में बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी है। शेयर बाजार में कल 9 अप्रैल को गिरावट रही। सेंसेक्स 931 अंक (1.20%) नीचे 76,632 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 222 अंक (0.93%) गिरकर 23,775 पर आ गया। ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली रही। मेटल और फार्मा शेयरों में तेजी रही। कल अमेरिकी बाजारों में भी निचले स्तरों से शानदार रिकवरी दिखी थी। नैस्डैक में करीब एक फीसदी की तेजी आई थी। ये सब भारतीय बाजारों के लिए अच्छे संकेत हैं।

  • शेयर मार्केट में आई भारी गिरावट, निवेशकों को लगा झटका

    शेयर मार्केट में आई भारी गिरावट, निवेशकों को लगा झटका

    नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार आज कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच लाल निशान पर खुला। अमेरिका- ईरान के बीच 2 सप्ताह के संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघन की खबरों से निवेशकों का सेंटीमेंट बदला है। आज सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बेंचमार्क इंडेक्स गैप-डाउन ओपन हुए। एशियाई बाजारों में भी गिरावट का रुख रहा, जबकि तेल की कीमतों में फिर से उछाल देखा गया। सेंसेक्स 589 अंक या 0.76% लुढ़ककर 76,973 के लेवल पर खुला, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स ने 147 अंक या 0.7% की गिरावट के साथ कामकाज की शुरुआत की। बिकवाली के भारी दबाव के कारण निवेशकों में थोड़ी चिंता देखी गई।

    आज के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में सबसे ज्यादा NTPC के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। यह 1.60% की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था, जबकि टाटा स्टील के शेयरों में 1.15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद पावर ग्रिड के शेयर 0.76% की मजबूती के साथ कामकाज कर रहे हैं, जबकि BEL में 0.51% का उछाल आया है। वहीं, सन फॉर्मा के शेयर 0.50% चढ़कर कारोबार कर रहे हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में आई अस्थिरता और अमेरिका-ईरान के बीच हुए सीजफायर को लेकर निवेशकों के मन में संदेह बना हुआ है।

    हालांकि सीजफायर का ऐलान हो चुका है, लेकिन सप्लाई चेन और वैश्विक आर्थिक स्थितियों को लेकर ट्रेडर्स अभी भी वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से हो रही बिकवाली ने भी घरेलू बाजार पर दबाव बनाया है। आज के शुरुआती कारोबार में एनटीपीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), मैक्स हेल्थकेयर, बजाज ऑटो और हिंडाल्को जैसी कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखी गई। दूसरी तरफ, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स, इंफोसिस और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे बड़े नाम आज बिकवाली के दबाव में रहे और टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल हुए। बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो लगभग 1215 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि 1288 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, 174 शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ।

  • अमेरिका और ईरान के बीच जंग थमने के बाद शेयर बाजार में आया भारी उछाल

    अमेरिका और ईरान के बीच जंग थमने के बाद शेयर बाजार में आया भारी उछाल

    नई दिल्लीः अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम के समझौते की खबर ने वैश्विक बाजारों के साथ-साथ दलाल स्ट्रीट में भी भारी उत्साह भर दिया है। इस सकारात्मक खबर का असर सुबह बाजार खुलते ही दिखा और भारतीय शेयर बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई। भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। बुधवार की सुबह जैसे ही बाजार खुला, इन्वेस्टर्स के चेहरे खिल गए। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही रॉकेट की रफ्तार से ऊपर भागे।

    बीएसई सेंसेक्स लगभग 2,600 अंकों की बढ़त के साथ 77,250 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी में भी 770 अंकों से ज्यादा का उछाल देखा गया। यह तेजी इतनी जबरदस्त थी कि बाजार के खुलते ही इंवेसेटर्स की चांदी हो गई। बाजार की इस लहर में लगभग हर सेक्टर में खरीदारी देखी गई। सबसे ज्यादा फायदा रियल्टी एस्टेट सेक्टर को हुआ। शुरुआती कारोबार में अडानी पोर्ट्स, अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 3-3.5 परसेंट, श्रीराम फाइनेंस के शेयर में 5 परसेंट की तेजी दिख रही है। इसके अलावा, लार्सन एंड ट्रुबो और इंडिगो के शेयर भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। 3.53 परसेंट की तेजी के साथ हिंडाल्को इंडस्ट्रीज भी टॉप पर बना हुआ है। इसी तरह से विप्रो, टेक महिंद्रा, ITC के शेयरों में भी क्रमश: 1.83 परसेंट, 0.79 परसेंट और 0.73 परसेंट की तेजी दिख रही है।

    तेल सस्ता होने की वजह से ONGC और कोल इंडिया जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। एक्स्पर्ट्स का मानना है कि जब तक निफ्टी 23,000 के स्तर से ऊपर बना रहता है, तब तक रिकवरी की उम्मीद बरकरार है। बाजार में उतार-चढ़ाव मापने वाला इंडेक्स (India VIX) भी 18% नीचे गिरा है, जिसका मतलब है कि इन्वेस्टर्स का डर कम हुआ है। साथ ही, आरबीआई (RBI) द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने की उम्मीद ने भी बाजार के मूड को बेहतर बनाया है। एशियाई बाजारों (जापान, कोरिया) में भी ऐसी ही बड़ी तेजी देखी गई है, जो भारतीय इन्वेस्टर्स के लिए एक पाजिटिव साइन है।

  • बाजार खुलते ही शेयर मार्केट में आई गिरावट, निवेशकों की बढ़ी चिंता

    बाजार खुलते ही शेयर मार्केट में आई गिरावट, निवेशकों की बढ़ी चिंता

    नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 7 अप्रैल को लाल निशान में कामकाज की शुरुआत हुई है। इससे पहले, सोमवार को जोरदार तेजी के साथ कारोबार की समाप्ति हुई थी। आज बाजार खुलने के पांच मिनट के अंदर बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 824.44 अंकों या लगभग 1% की गिरावट के साथ 73,282.41 के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 248.95 अंक या करीब 1% टूटकर 22,719.30 के निचले स्तर पर आ गया। व्यापाक बाजार में बिकवाली हावी है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1% से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी 0.5% से ज्यादा की गिरावट देखी गई।

    सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें, तो निफ्टी मेटल्स को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट देखी गई, जिनमें निफ्टी ऑटो, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी फार्मा, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं और $110 के ऊपर हैं। वहीं, पिछले दो दिनों के रुझान से यह भी साफ हुआ है कि मार्केट बुल्स अभी 22,000 के स्तर को छोड़ने के मूड में नहीं हैं। आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी भी है। साथ ही आरबीआई एमपीसी मीटिंग का दूसरा दिन भी है।

    सुबह 9:35 बजे सेंसेक्स पैक से टेक महिंद्रा में लगभग 1% की बढ़ोतरी देखी जा रही है, जबकि बजाज फाइनेंस के शेयर 0.70 % उछाल के साथ कामकाज कर रहे हैं। इसके बाद HCL Tech में भी 0.70% की मजबूती आई है, जबकि सनफार्मा में 0.60% से ज्यादा का उछाल रहा। वहीं, टीसीएस के शेयर 0.5% से ज्यादा चढ़कर कामकाज कर रहे हैं। दूसरी तरफ, सबसे अधिक इंडिगो के शेयरों में 1.8% से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी 1.7% से ज्यादा लुढ़क गए। इसके बाद इटर्नल के शेयर 1.6% कमजोर होकर कामकाज कर रहे हैं, जबकि एक्सिस बैंक में 1.4% की गिरावट आई है।

    वहीं, अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर भी 1 प्रतिशत ज्यादा कमजोर होकर ट्रेड कर रहे हैं। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि होरमुज जलडमरूमध्य खोलो, वरना नर्क देखोगे। राष्ट्रपति की धमकियों में अक्सर असंगति देखी जाती है, फिर भी बाजार के लोग इस पर नजर रखे हुए हैं। इस गिरावट में डिजिटल प्लेटफॉर्म वाले ग्रोथ शेयर सुधर चुके हैं, इनकी वैल्यूएशन अब किफायती हो गई है और इनमें खरीदारी शुरू हो गई है।”

  • मिडिल ईस्ट संकट के बीच सोना-चांदी में आई गिरावट

    मिडिल ईस्ट संकट के बीच सोना-चांदी में आई गिरावट

    नई दिल्लीः मिडिल ईस्ट संकट के बीच आज सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। यह कमजोरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान को धमकी देने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की वजह से आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज एक बार फिर ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गए। घरेलू कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी दोनों धातुओं की कीमतों में लगभग 2.67 प्रतिशत की गिरावट आई है। दरअसल, अमेरिका ने एक बार फिर से ईरान को युद्ध के लिए फाइनल अल्टीमेटम दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए फिर से धमकी दी है।

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट के जरिए ईरान पर फाइनल हमले की तारीख और समय तय कर दी है। ट्रंप ने ‘मंगलवार, रात 8:00 बजे!’ का समय तय किया है। अमेरिकी की ओर से ट्रंप की इस धमकी का असर ईरान पर हो ना हो, लेकिन बाजार पर पूरा दिखा है। इधर ट्रंप ने धमकी दी और उधर सोना-चांदी भयंकर क्रैश हो गया। ऐसे में 6 अप्रैल को MCX पर सुबह 6:55 बजे सोने की कीमत में 2.67 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।

    5 जून डिलीवरी के वाले सोने की कीमत 4098 रुपये गिरकर 1,49,610 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। MCX पर सोना 2.14 फीसदी क्रैश हो गया तो स्पॉट मार्केट में सोने की कीमत में 0.8% की गिरावट आई और कीमत $4,637.60 प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में 1.5% की गिरावट आई और सिल्वर $71.95 पर पहुंच गया।आमतौर पर युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव के समय सोने का रेट चढ़ता है। लेकिन, इस बार उल्‍टी गंगा बह रही है और पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर होने के बावजूद सोने की कीमतों में जोरदार गिरावट आई है, इसके पीछे कई कारण हैं।

  • ट्रंप के बयानों का नहीं दिखा असर, प्री ओपन में सेंसेक्‍स में आया उछाल

    ट्रंप के बयानों का नहीं दिखा असर, प्री ओपन में सेंसेक्‍स में आया उछाल

    नई दिल्लीः मिडिल ईस्‍ट में जारी जंग के चलते बिगड़े सेंटिमेंट के बीच आज सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों के बीच थोड़ी उम्‍मीद दिखाई है। तीन दिन के लॉन्‍ग वीकेंड के बाद हफ्ते के पहले कारोबारी दिन कमजोर संकेतों के बावजूद प्री ओपनिंग सेशन में सेंसेक्‍स हल्‍की बढ़त के साथ खुला है। सोमवार करीब 9:05 बजे इसमें 185 अंकों का उछाल दिखा। वहीं निफ्टी 50 में भी हल्‍का उछाल देखा गया।

    ये 0.30 फीसदी या 67.20 अंकों के उछाल के साथ 22,780 के लेवल पर कारोबार करता दिखा। इससे पहले बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे थे। सुबह करीब 8:30 बजे गिफ्ट निफ्टी 22,623 के स्तर पर कारोबार करता दिखा था। इसमें करीब 82 अंकों (-0.36%) की गिरावट देखी गई थी। बता दें कि मिडिल ईस्‍ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण वैश्विक संकेत नकारात्मक बने हुए हैं।

    ईरान ने दुन‍ियाभर को अपनी ताकत द‍िखाने के ल‍िए होर्मुज को बंद कर रखा है। इस अहम समुद्री मार्ग को खोलने के ल‍िये ट्रंप की तरफ से ईरान को तबाह करने की चेतावनी दी गई है। इन बयानों से ट्रंप की बौखलाहट नजर आ रही है। यूएस मार्केट के सूचकांक S&P 500 और नैस्‍डैक में कारोबार बंद है। 3 अप्रैल को बंद हुए कारोबारी सत्र में दोनों ही सूचकांक हरे न‍िशान के साथ बंद हुए थे। इसके अलावा डाउ जोन्‍स फ्यूचर में भी आज तेजी देखी जा रही है।