वहीं दूसरे यूजर ने मजाक के अंदाज में लिखा विकास की एक झलक। एक और यूजर ने कमेंट किया अरे वाह क्या शानदार सीन है, तो एक यूजर ने चुटकी लेते हुए कहा यह पुअर रेलवे मैनेजमेंट नहीं, एक्वेरियम टूरिज्म है। हीं एक और यूजर कमेंट करता है अच्छा लगा कि किसी ने मछलियों को नुकसान नहीं पहुंचाया। लास्ट में एक और यूजर कमेंट करता है शायद यह पुराना वीडियो है। बता दें कि मुंबई में हाल ही में हुई भारी बारिश के दौरान हुए 2 दर्दनाक हादसों में जान गंवाने वाले परिवारों को महाराष्ट्र सरकार की ओर से 4-4लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। चांदीवली विधानसभा क्षेत्र के साकीनाका इलाके में रहने वाले दोनों मृतकों के परिजनों को विधायक दिलीप लांडे ने उनके घर जाकर सहायता राशि का चेक सौंपा और सरकार की ओर से शोक संवेदना व्यक्त की। बारिश के दौरान पहला हादसा साकीनाका के खैरानी रोड पर हुआ था, जहां 55 वर्षीय असलम इसाक शेख खुले मैनहोल में गिर गए थे। उस समय बीएमसी (BMC) के मल-निस्सारण विभाग की ओर से मैनहोल पर सुरक्षा जाली लगाने का काम चल रहा था। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने ‘एल’ वार्ड के सहायक आयुक्त धनाजी हेरलेकर समेत 4 इंजीनियरों को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया था। इसके अलावा संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश भी दिए गए थे। दूसरा हादसा गोरेगांव की आरे कॉलोनी में हुआ था, जहां पेड़ गिरने से हसन रज़ा जहांगीर सैयद की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भी शहर में पेड़ों की सुरक्षा और मानसून से पहले उनकी समय पर छंटाई को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल उठे थे। दोनों मृतकों के परिवार चांदीवली विधानसभा क्षेत्र के साकीनाका इलाके में रहते हैं। विधायक दिलीप लांडे ने दोनों परिवारों से मुलाकात कर आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। लांडे ने कहा कि आर्थिक मदद से परिवारों का नुकसान पूरा नहीं हो सकता, लेकिन सरकार ने मानवीय आधार पर यह मदद दी है। उन्होंने मांग की कि दोनों परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी या बीएमसी में नौकरी दी जाए।View this post on Instagram
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बारिश के बाद रेलवे ट्रैक पर भरे पानी में तैरती दिखीं मछलियां, वीडियो वायरल
मुंबईः मानसून की बारिश मुंबई में हर साल कई हैरान करने वाले नजारे सामने लाती है, लेकिन इस बार वायरल हो रहे एक वीडियो ने लोगों को चौंका दिया है। दरअसल, लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक अनोखा नजारा देखने को मिला। जहां जलभराव के बाद रेलवे ट्रैक पर मछलियां तैरती नजर आईं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है, वहीं इसके बाद रेलवे ट्रैक पर जमा पानी में मछलियां दिखाई दीं, यह अनोखा नजारा जिसने भी देखा हो हैरान रह गया, सोशल मीडिया पर यूजर्स इसपर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा बांद्रा में मानसून के दौरान ऐसा नजारा पहले भी देखने को मिला था, मछलियां नालों से ट्रैक तक पहुंच जाती है। -

टला हादसाः अचानक सड़क पर गिरा सदियों पुराना विशाल पेड़, देखें CCTV
पुणे: मानसून की भारी बारिश ने भारत के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर मुश्किलें और खतरनाक हालात पैदा कर दिए हैं। वहीं महाराष्ट्र के पुणे में भारी बारिश के दौरान बड़ा हादसा होने से टल गया। दरअसल, पार्वती पहाड़ी के पास मौजूद सदियों पुराना एक विशाल पेड़ टूटकर गिर गया, जिससे लोगों में अफरातफरी मच गई। पेड़ गिरने से कुछ पल पहले ही भागकर एक युवती बाल-बाल बच गई। हालांकि इस घटना में एक ऑटो-रिक्शा पूरी तरह पिचक गया। घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि पेड़ गिरने के दौरान लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
इस दौरान एक युवती को मामूली चोटें आई है। गनीमत रही कि घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। दरअसल, मुंबई में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश से सड़कों पर पानी भर गया, ट्रैफिक जाम हो गया और लोकल ट्रेनों, हाई-स्पीड रेल और उड़ानों पर असर पड़ा, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में अचानक आई बाढ़ से हाईवे का एक बड़ा हिस्सा बह गया, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। अधिकारियों ने लोगों से नदियों और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की। जम्मू-कश्मीर के बारामूला में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे सड़कें पानी और मलबे से भर गईं और अफरातफरी मच गई। अनंतनाग में बाढ़ के पानी में स्कूली बच्चे फंस गए, जिन्हें इमरजेंसी टीमों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं, डोडा में चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण अधिकारियों ने चेतावनी जारी की और एसडीआरएफ टीमों को हाई अलर्ट पर रखा। पूरे भारत में भारी बारिश से लोगों की जान, बुनियादी ढांचे और परिवहन व्यवस्था पर खतरा बना हुआ है।View this post on Instagram -

टला हादसाः Airport पर एक ही रनवे पर आमने-सामने आ गए 2 विमान
मुबंईः महाराष्ट्र के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देर रात को बड़ा हादसा होने से टल गया। दरअसल, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान एक ही रनवे पर आमने-सामने आ गए थे। एयर इंडिया का विमान दिल्ली के लिए रवाना होने वाला था और एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के बाद रनवे से हटा नहीं था, जिससे बड़ी चूक हुई। सूत्रों के अनुसार, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) से निर्देश मिलने के बाद एअर इंडिया के विमान ने उड़ान भरने की प्रक्रिया (टेक-ऑफ रन) को बीच में ही रोक दिया, जिससे एक संभावित दुर्घटना टल गई।
इस घटना को लेकर एअर इंडिया ने एक बयान जारी किया है। एअर इंडिया ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा, ‘सात जुलाई को मुंबई से दिल्ली जाने वाली उड़ान संख्या AI816 के चालक दल ने एअर ट्रैफिक कंट्रोल से निर्देश मिलने के बाद टेक-ऑफ रन को रोक दिया और विमान को वापस बे (पार्किंग क्षेत्र) में ले आए। मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार अब विमान की आवश्यक जांच की जाएगी।
इस बीच, यात्रियों को जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।’ सूत्रों ने बताया कि सिलीगुड़ी से आया एअर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के बाद रनवे से पूरी तरह हटा भी नहीं था कि उसी रनवे से दिल्ली जाने वाला एअर इंडिया का विमान उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था। सूत्रों ने बताया कि, मुंबई से दिल्ली जाने वाली एअर इंडिया की उड़ान संख्या AI816 में बड़े आकार का बोइंग 777-300 ईआर विमान इस्तेमाल हो रहा था। वहीं, सिलीगुड़ी से मुंबई आई एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संख्या AIX1547 में छोटे आकार का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान शामिल था।
बता दें कि आमतौर पर टेक-ऑफ रन का मतलब विमान के उड़ान भरने की गति हासिल करने से पहले रनवे पर दौड़ने की प्रक्रिया से होता है। एअर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि एटीसी के निर्देशों के बाद ही उड़ान भरने की प्रक्रिया को रोका गया था। हालांकि, इस घटना से जुड़ी अन्य खास जानकारियां अभी सामने नहीं आई हैं। दोनों विमानों में कुल कितने यात्री सवार थे, इस बात का पता तुरंत नहीं चल सका है।
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तेज रफ्तार का कहर, दीवार को तोड़कर घर में घुसी कार, देखें वीडियो
महाराष्ट्रः पुणे में आज सुबह पुणे के घोरपड़े पेठ इलाके में एक भीषण दुर्घटना की खबर मिली है, जहां एक तेज रफ्तार कार पीएमसी कॉलोनी नंबर 8 में एक घर से सीधे टकरा गई, जिससे निवासियों में दहशत फैल गई। अचानक घटी घटना से स्थानीय लोग अचंभित रह गए और आस-पड़ोस में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वाहन अनियंत्रित होकर दीवार से टकरा गया और दीवार को तोड़ती हुई गाड़ी आरपार हो गई।
गनीमत यह रही कि घटना में किसी को गंभीर चोटें नहीं आई हैं और न ही किसी की जान गई है। हालांकि, इस दुर्घटना ने घनी आबादी वाले क्षेत्रों में लापरवाही से वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अधिकारियों द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच करने और संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन करने की उम्मीद है। इस घटना की वीडियो भी सामने आई है। वीडियों में देखा जा सकता है कि गाड़ी दीवार को तोड़ते हुए आरपार हो गई और वहीं रूक गई। जिसके कारण बड़ा हादसा होने से टल गया। इस घटना से घर का काफी नुकसान हुआ है।
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महिला डॉक्टर की मौत मामले में हाथ पर लिखा सुसाइड नोट, पुलिसकर्मी पर लगाएं रेप के आरोप
महाराष्ट्रः जिले के सतारा स्थित एक ज़िला अस्पताल की महिला डॉक्टर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उसने एक सुसाइड नोट लिखकर आरोप लगाया कि एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) ने 5 महीनों में उसके साथ 4 बार बलात्कार किया। महिला के सुसाइड से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। डॉ. संपदा मुंडे सतारा जिले के फलटण उपजिला अस्पताल में तैनात महिला डॉक्टर के तौर पर तैनात थी। सूत्रों के मुताबिक, डॉ. मुंडे पिछले कुछ महीनों से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच चल रहे एक विवाद में फंसी हुई थीं। बताया जा रहा है कि एक मेडिकल जांच से जुड़े मामले में पुलिस अधिकारियों से उनके बीच वाद-विवाद हुआ था, जिसके बाद उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई थी। उसने सुसाइड नोट में पुलिस इंस्पेक्टर पर चार बार रेप करने का आरोप भी लगाया है।

उसने अपने हाथ में कुछ नाम लिखे हैं और उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. मुंडे ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी थी कि मेरे साथ अन्याय हो रहा है, अगर ऐसा चलता रहा तो मैं आत्महत्या कर लूंगी। दुर्भाग्यवश, बीती रात उन्होंने यह कदम उठा लिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। महिला ने हथेली पर लिखे सुसाइड नोट में बलात्कार का आरोप लगाया है। सुसाइड नोट में संपदा ने लिखा, PSI गणेश बदने ने 4 बार रेप किया। मेरे मरने का कारण पुलिस निरीक्षक गोपाल बदने हैं। 4 बार उसने मेरा बलात्कार किया। 5 महीने से अधिक (समय तक) बलात्कार और उत्पीड़न किया था। SI को मुख्यमंत्री के आदेश के बाद निलंबित कर दिया गया है।
वहीं इस मामले में अब मृतका के भाई ने बड़ा खुलासा किया है। मृत डॉक्टर के चचेरे भाई ने आरोप लगाया कि, “उन पर पुलिस और राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था ताकि वे गलत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार करें। उन्होंने इस बारे में शिकायत करने की भी कोशिश की थी।” उन्होंने कहा, “मेरी बहन के साथ अन्याय हुआ है। उसे न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। वहीं इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा, “यह एक बहुत गंभीर और दुखद मामला है। इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को सख्त जवाबदेही तय करनी चाहिए।” उन्होंने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री इस मामले पर खुद नजर रख रहे हैं। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। महाराष्ट्र जैसे राज्य में ऐसी घटना का होना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।”
डॉक्टर मुंडे ने इस मामले और पुलिस से हो रही दिक्कत के बारे में पहले भी अपने सीनियर डॉक्टरों से शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि उनके साथ गलत व्यवहार हो रहा है। अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वो आत्महत्या कर लेंगी। संपदा महाराष्ट्र के बीड की रहने वाली थीं और फाल्टण जिला अस्पताल में काम करती थीं। उनके साथ काम कर रहे लोगों ने बताया कि पुरानी मेडिकल जांच की वजह से बहुत प्रेशर में थी। वो हमेशा स्ट्रेस में रहती थी। इस मामले का संज्ञान महाराष्ट्र महिला आयोग ने भी ले लिया है। आयोग प्रमुख रुपाली चंद्राकर ने कहा है कि जांच के लिए अलग टीमें बना ली गई हैं।
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Mumbai News: 13 वर्षीय मंदबुद्धि युवती से रेप के आरोपी आईआईटी छात्र की जमानत खारिज
ठाणेः ठाणे सत्र न्यायालय ने आईआईटी खड़गपुर के तृतीय वर्ष के छात्र अद्वैत उदय खोचरे की जमानत याचिका खारिज कर दी है। उसे 10 जून को एक 13 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने और कथित कृत्य को रिकॉर्ड करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। न्यायालय की अध्यक्षता कर रहे न्यायाधीश डी.एस. देशमुख ने कहा कि आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत मौजूद हैं जो दर्शाते हैं कि उसने जानबूझकर यह कृत्य किया।
आदेश की प्रति में कहा गया है कि जांच अधिकारी द्वारा जमा की गई पेन ड्राइव में नाबालिग पीड़िता के साथ आरोपी द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न का एक वीडियो है, जिसे आरोपी ने खुद रिकॉर्ड किया था। फिर उसने यह वीडियो अपने दोस्त सनी कांबले को भेजा, जिसने बाद में पुलिस को घटना की सूचना दी।
आगे कहा गया है कि वीडियो देखने के बाद, पुलिस पीड़िता के घर गई क्योंकि मानसिक रूप से बीमार लड़की ने अपनी मां को घटना के बारे में नहीं बताया था। वीडियो देखने के बाद, पीड़िता की मां ने पीड़ित लड़की की पहचान अपनी बेटी के रूप में की और बाद में शिकायत दर्ज कराई। जमानत अर्जी पर सुनवाई के समय, पेन ड्राइव को लैपटॉप पर चलाया गया जिसमें यौन शोषण की घटना साफ देखी जा सकती है। आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत मौजूद हैं। उसने जानबूझकर पीड़ित बच्ची की मानसिक बीमारी का फायदा उठाया।पीड़ित बच्ची का परिवार फुटपाथ पर रहता है और पीड़ित बच्ची भीख मांगती थी। संभावना है कि आवेदक उन पर दबाव या लालच दे रहा हो। इसलिए, मुझे लगता है कि यह आरोपी को जमानत देने का उपयुक्त मामला नहीं है,” अदालत ने कहा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अद्वैत ने कथित तौर पर 13 वर्षीय नाबालिग पीड़िता की मानसिक बीमारी का फायदा उठाया। उसने कथित तौर पर उसे बहला-फुसलाकर नए कपड़े दिलाने के बहाने अपने घर ले गया। फिर उसने कथित तौर पर उसे अपने कमरे में बंद कर दिया और उसका यौन उत्पीड़न किया। अद्वैत ने कथित तौर पर इस कृत्य को अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया और अपने दोस्त सनी कांबले को दिखाया।
इस बीच, अद्वैत ने इस आधार पर जमानत के लिए आवेदन किया कि वह निर्दोष है और उसे मामले में झूठा फंसाया गया है। आदेश की प्रति में उल्लिखित जमानत आवेदन की सामग्री में लिखा है, “उसके अनुसार, वह परिस्थितियों का शिकार है। वह एक आईआईटी छात्र है। उसका मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर लिया गया है, और मामले की जांच पूरी हो चुकी है। उसके दोस्त सनी ने कुछ शरारत की है और उसे इस मामले में झूठा फंसाया है। वह नियम और शर्तों का पालन करने के लिए तैयार है।”