महिला डॉक्टर की मौत मामले में हाथ पर लिखा सुसाइड नोट, पुलिसकर्मी पर लगाएं रेप के आरोप

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महाराष्ट्रः जिले के सतारा स्थित एक ज़िला अस्पताल की महिला डॉक्टर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उसने एक सुसाइड नोट लिखकर आरोप लगाया कि एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) ने 5 महीनों में उसके साथ 4 बार बलात्कार किया। महिला के सुसाइड से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। डॉ. संपदा मुंडे सतारा जिले के फलटण उपजिला अस्पताल में तैनात महिला डॉक्टर के तौर पर तैनात थी। सूत्रों के मुताबिक, डॉ. मुंडे पिछले कुछ महीनों से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच चल रहे एक विवाद में फंसी हुई थीं। बताया जा रहा है कि एक मेडिकल जांच से जुड़े मामले में पुलिस अधिकारियों से उनके बीच वाद-विवाद हुआ था, जिसके बाद उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई थी। उसने सुसाइड नोट में पुलिस इंस्पेक्टर पर चार बार रेप करने का आरोप भी लगाया है।

उसने अपने हाथ में कुछ नाम लिखे हैं और उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. मुंडे ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी थी कि मेरे साथ अन्याय हो रहा है, अगर ऐसा चलता रहा तो मैं आत्महत्या कर लूंगी। दुर्भाग्यवश, बीती रात उन्होंने यह कदम उठा लिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। महिला ने हथेली पर लिखे सुसाइड नोट में बलात्कार का आरोप लगाया है। सुसाइड नोट में संपदा ने लिखा, PSI गणेश बदने ने 4 बार रेप किया। मेरे मरने का कारण पुलिस निरीक्षक गोपाल बदने हैं। 4 बार उसने मेरा बलात्कार किया। 5 महीने से अधिक (समय तक) बलात्कार और उत्पीड़न किया था। SI को मुख्यमंत्री के आदेश के बाद निलंबित कर दिया गया है।

वहीं इस मामले में अब मृतका के भाई ने बड़ा खुलासा किया है। मृत डॉक्टर के चचेरे भाई ने आरोप लगाया कि, “उन पर पुलिस और राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था ताकि वे गलत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार करें। उन्होंने इस बारे में शिकायत करने की भी कोशिश की थी।” उन्होंने कहा, “मेरी बहन के साथ अन्याय हुआ है। उसे न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। वहीं इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा, “यह एक बहुत गंभीर और दुखद मामला है। इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को सख्त जवाबदेही तय करनी चाहिए।” उन्होंने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री इस मामले पर खुद नजर रख रहे हैं। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। महाराष्ट्र जैसे राज्य में ऐसी घटना का होना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।”

डॉक्टर मुंडे ने इस मामले और पुलिस से हो रही दिक्कत के बारे में पहले भी अपने सीनियर डॉक्टरों से शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि उनके साथ गलत व्यवहार हो रहा है। अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वो आत्महत्या कर लेंगी। संपदा महाराष्ट्र के बीड की रहने वाली थीं और फाल्टण जिला अस्पताल में काम करती थीं। उनके साथ काम कर रहे लोगों ने बताया कि पुरानी मेडिकल जांच की वजह से बहुत प्रेशर में थी। वो हमेशा स्ट्रेस में रहती थी। इस मामले का संज्ञान महाराष्ट्र महिला आयोग ने भी ले लिया है। आयोग प्रमुख रुपाली चंद्राकर ने कहा है कि जांच के लिए अलग टीमें बना ली गई हैं।

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