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  • नागरिकों की शिकायतों का प्राथमिकता से किया जाए निवारण- लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा

    नागरिकों की शिकायतों का प्राथमिकता से किया जाए निवारण- लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा

    जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में सुने गए 16 परिवाद, 8 का मौके पर निपटारा किया

    मंत्री रणबीर गंगवा ने बाल भवन सभागार के नवीकरण स्वरूप का लोकार्पण भी किया

    चंडीगढ़: हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा है कि अधिकारी समय पर आम नागरिकों की शिकायतों का निवारण करें। किसी भी शिकायत को अधिक समय तक लंबित रखे जाने की वजह से ही लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा शुक्रवार को रेवाड़ी के बाल भवन के सभागार में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कुछ मामले ऐसे आए, जो कि विभाग में दस-बारह सालों से ही लंबित चले आ रहे हैं और आज तक उनमें फरियादी को न्याय नहीं मिल पाया है। बैठक में कुल 16 शिकायतें रखी गई, जिनमें से 8 का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया। सादत नगर निवासी गजराज सिंह ने शिकायत रखी कि कोसली में उनकी कालोनी को सरकार ने नियमित कर दिया है, किंतु आज तक इसका प्रशासनिक व सामाजिक दृष्टि से सही प्रारूप तैयार नहीं हो पाया है। उनके प्लॉट में भी आम रास्तों को नक्शा में दिखाया गया है। मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने इस मामले में एडीसी राहुल मोदी को जांच करने और जिला नगर योजनाकार कार्यालय में शिकायत का निवारण ना होने के कारणों की रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। वहीं, दुर्गा कालोनी के निवासियों ने सीवरेज जाम रहने की समस्या को अध्यक्ष के समक्ष रखा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री को बताया गया कि अमृत योजना के तहत यहां सीवरेज लाइन बिछाई गई थी, जो कि नगर परिषद के अंतर्गत आती है। मंत्री ने निर्देश दिए कि इस लाइन की सफाई करवाई जाए। पब्लिक हेल्थ व एमसी रेवाड़ी के अधिकारी ठेकेदार के खिलाफ प्रभावी एक्शन लें। ठेकेदार को लाइन बिछाने के बाद 5 साल तक उसकी देखरेख करनी होती है। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक शुरु होने से पहले लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने बाल भवन सभागार के नवीकरण स्वरूप का लोकार्पण किया। सभागार के नवीनीकरण कार्य में 27 लाख की राशि खर्च की गई है। बैठक में रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ,कोसली के विधायक अनिल यादव, बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार, डीसी अभिषेक मीणा, पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र मीणा, एडीसी राहुल मोदी, भाजपा जिलाध्यक्ष डा. वंदना पोपली भी मौजूद रहे।
  • शिक्षा को कौशल और उद्योग से जोड़ना है जरूरी – शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

    शिक्षा को कौशल और उद्योग से जोड़ना है जरूरी – शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

    प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं और अकादमिक प्रतिनिधियों ने की भागीदारी, शिक्षा में कौशल के समन्वय पर हुआ मंथन

    चंडीगढ़: पलवल स्थित विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में आज हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के तत्वावधान में उच्च शिक्षा में कौशल-आधारित पाठ्यक्रम एवं माइक्रो क्रेडेंशियल की कार्यशाला का आयोजन किया गया। हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि शिक्षा को कौशल और उद्योग से जोड़ना नितांत आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं एवं अकादमिक प्रतिनिधियों से विद्यार्थियों को रोजगार सक्षम एवं उद्यमशील बनाने का आह्वान किया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने उच्च शिक्षा के स्वरूप को लचीला और रोजगारोन्मुखी बनाया है। हमें इन नीतियों को धरातल पर लागू करना होगा। इसी से भारत आर्थिक महाशक्ति और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा। सभी विश्वविद्यालयों में हमें स्किल को समन्वित करना है। इससे हरियाणा की उच्च शिक्षा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों से कौशल आधारित कार्यक्रमों और माइक्रो क्रेडेंशियल पर किए गए कार्यों की रिपोर्ट भी ली। इससे पूर्व शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने नव निर्मित कॉन्फ्रेंस रूम का उद्घाटन किया और न्यूज़ लैटर कौशल संवाद का विमोचन भी किया। उन्होंने परिसर में एक पौधा भी लगाया। इस दौरान प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं और अकादमिक प्रतिनिधियों ने की भागीदारी, शिक्षा में कौशल के समन्वय पर मंथन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर कैलाश चंद्र शर्मा, एसवीएसयू के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
  • मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में 13 लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया

    मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में 13 लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज लाहौल-स्पीति जिला के करूनाला में एक सड़क दुर्घटना में 13 लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। वाहन में सवार सभी यात्री कुल्लू से पांगी जा रहे थे। मुख्यमंत्री ने उपायुक्त लाहौल-स्पीति को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता और घायलों को बेहतरीन इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत की आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिवारों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।

     

  • पंजाब सरकार द्वारा छात्राओं की शिकायत पर अध्यापक निलंबित

    पंजाब सरकार द्वारा छात्राओं की शिकायत पर अध्यापक निलंबित

    छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जा सकता : हरजोत सिंह बैंस

    चंडीगढ़: छात्राओं द्वारा गलत व्यवहार और धमकियां देने की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज मोगा जिले के गाँव मोठांवाली के सरकारी मिडिल स्कूल में तैनात सामाजिक शिक्षा अध्यापक को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के निर्देशों पर जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), मोगा द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर की गई है। छठी और आठवीं कक्षा की छात्राओं ने आरोप लगाया था कि उक्त अध्यापक ने उन्हें गलत तरीके से छुआ और उन्हें धमकी दी कि यदि इस हरकत के बारे में किसी को बताया तो उन्हें फेल कर दिया जाएगा। इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हर बच्चे की सुरक्षा और भलाई को प्रमुख प्राथमिकता दी जाती है। शिक्षा मंत्री ने कहा, “पंजाब के सरकारी स्कूलों में प्रत्येक छात्र की सुरक्षा, सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा बच्चों को धमकाने या नुकसान पहुँचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करने वाले किसी भी अध्यापक को क्षमा नहीं किया जाएगा। इस मामले की समयबद्ध जाँच के आदेश दिए गए हैं और दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश भर के प्रत्येक सरकारी स्कूल में छात्रों के लिए सुरक्षित और सुखद वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से संबंधित किसी भी शिकायत से तुरंत और सख्ती से निपटा जाएगा। निलंबन अवधि के दौरान आरोपी को सेवा नियमों के अनुसार गुजारा भत्ता मिलेगा। कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), मोगा को उसका मुख्य कार्यालय निर्धारित किया गया है, जहां उसे अगले आदेशों तक प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
  • Punjab News: PAU के बाहर थार और कार में हुई भीषण टक्कर, देखें CCTV

    Punjab News: PAU के बाहर थार और कार में हुई भीषण टक्कर, देखें CCTV

    लुधियानाः जिले के पी.ए.यू. थाना क्षेत्र में थार और इंडेवर कार में भीषण टक्कर हो गई। घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि दोनों वाहन बुरी तरह से टकराए और थार हादसे के बाद कच्चे रास्ते पर उतर गई। वहीं घटना के बाद इंडेवर कार में पुलिस कर्मी बाहर निकला। जिसके बाद अन्य लोग घटना स्थल पर हादसे देख रूक गए और मदद के लिए आगे आए। वहीं पुलिस कर्मी थार सवार की मदद करने की बजाये सड़क किनारे जाकर खड़ा हो गया। गनीमत यह रही कि हादसे में कोई भी घायल नहीं हुआ।
    हादसे में शामिल एक कार के चालक अतुल ने बताया कि वह पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) में फूडटेक का छात्र है। उसने जानकारी दी कि वह अपनी कार से पीएयू के गेट नंबर-5 से बाहर निकल रहा था, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उसकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गाड़ियों के अगले हिस्से बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के तुरंत बाद दोनों कारों के चालकों के बीच कुछ देर कहासुनी और बहस हुई। स्थिति को बिगड़ता देख वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया और पी.ए.यू. थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों का निरीक्षण करने के बाद चालकों को थाने तलब किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और दुर्घटना के सही कारणों की पुष्टि के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।  
  • युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान में माताएं, पत्नियां और बहनें बन रही हैं भगवंत मान सरकार की सबसे बड़ी ताकत

    युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान में माताएं, पत्नियां और बहनें बन रही हैं भगवंत मान सरकार की सबसे बड़ी ताकत

    हर सफल नशा मुक्ति की शुरुआत परिवार के साथ से होती है; पंजाब के ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान में महिलाएं बन रही हैं वास्तविक परिवर्तन की आधारशिला : डॉ. बलबीर सिंह

    चंडीगढ़: भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान में महिलाएं आशा, साहस और परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभर रही हैं। हाल ही में मोगा में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम ने पूरे पंजाब में यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि माताएं, पत्नियां, बहनें और परिवार की अन्य महिलाएं अपने परिजनों को उपचार के लिए प्रेरित कर तथा उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने में अहम भूमिका निभाकर नशे के खिलाफ इस लड़ाई का नेतृत्व कर रही हैं। जब कोई परिवार नशे की चपेट में आता है तो उसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव महिलाओं और बच्चों को झेलना पड़ता है। आर्थिक संकट, मानसिक तनाव और घरेलू हिंसा जैसी समस्याएं पूरे परिवार को भीतर तक झकझोर देती हैं। लेकिन अब पंजाब में परिवार नशे को अपराध नहीं, बल्कि एक बीमारी के रूप में स्वीकार कर रहे हैं। वे अपने प्रियजनों को उपचार के लिए प्रेरित कर रहे हैं, उनके पुनर्वास की प्रक्रिया में साथ दे रहे हैं और उन्हें दोबारा नशे की गिरफ्त में जाने से बचाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। नशा मुक्ति की इस पूरी प्रक्रिया में महिलाएं केवल देखभाल करने वाली ही नहीं, बल्कि मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत के रूप में सामने आई हैं। इतना ही नहीं, वे अपने रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को भी नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचने और उपचार लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं, ताकि वे भी सामान्य जीवन की ओर लौट सकें। इन प्रेरणादायक अनुभवों की गूंज एस.एफ.सी. कॉलेज, जलालाबाद में आयोजित “मीनेस ऑफ सब्सटेंस एब्यूज–अनकवरिंग द बर्डन ऑन वुमेन” विषयक कार्यक्रम में भी सुनाई दी। इस अवसर पर नशे की लत से उबर चुके लोगों और उनके परिवारों की महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार उनके धैर्य, साहस और दृढ़ संकल्प ने उनके परिजनों को नशे के अंधकार से बाहर निकालकर फिर से सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद की। लुधियाना की रागिनी कौर ने बताया, “मेरे पति हमारे विवाह से पहले ही नशे के आदी थे, लेकिन मुझे इसका पता शादी के बाद चला। हमने लगभग उम्मीद छोड़ दी थी। तभी किसी ने हमें उन्हें नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र ले जाने की सलाह दी। वहां हुए उपचार से उन्हें नया जीवन मिला और आज वे पूरी तरह नशा-मुक्त हैं। इसके बाद हमने अपने मामा के बेटे को भी उसी केंद्र में इलाज के लिए भेजा और वह भी सफलतापूर्वक नशे की लत से बाहर आ गया।” मोगा जिले के गांव बुट्टर कलां की बलविंदर कौर ने भी अपने पति के नशा मुक्त होने की कहानी साझा की। उन्होंने कहा, “नशे ने हमारे परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था। काउंसलिंग के दौरान हमें समझाया गया कि नशा मुक्ति एक ऐसी यात्रा है जिसमें पूरे परिवार की भागीदारी आवश्यक होती है। मैं स्वयं अपने पति को नशा मुक्ति केंद्र लेकर गई। आज वे पूरी तरह नशा-मुक्त हैं। इतना ही नहीं, हमारे पड़ोस का एक युवक, जो हेरोइन का आदी था, वह भी सफलतापूर्वक नशे से बाहर आ चुका है।” ऐसी प्रेरणादायक सफलता की कहानियां इस बात को और मजबूत करती हैं कि पंजाब की नशा मुक्ति रणनीति में परिवारों, विशेषकर महिलाओं, को केंद्र में रखना कितना आवश्यक है। महिलाओं की इस महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में प्रत्येक मरीज के उपचार के दौरान पारिवारिक काउंसलिंग को अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए। लुधियाना के जिला नोडल मनोचिकित्सक डॉ. अरविंद गोयल ने कहा, “नशे की लत से मुक्ति सबसे अधिक सफल तब होती है, जब उपचार के साथ परिवार का मजबूत सहयोग भी मिले। राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में निःशुल्क उपचार, काउंसलिंग और नशा मुक्ति सेवाओं को सशक्त बनाया है, लेकिन परिवार की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। परिवार भावनात्मक संबल देता है, उपचार को नियमित रूप से जारी रखने के लिए प्रेरित करता है, कठिन परिस्थितियों में हौसला बढ़ाता है और ऐसा वातावरण तैयार करता है जिससे व्यक्ति लंबे समय तक नशा-मुक्त जीवन जी सके। हमने अनेक मामलों में देखा है कि माताएं, पत्नियां और बहनें लोगों को नशा मुक्ति के मार्ग पर बनाए रखने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। नशा मुक्ति एक सामूहिक प्रयास है और परिवार जीवन को पुनः संवारने का सबसे प्रभावी साथी साबित होता है।” पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “हर सफल नशा मुक्ति के पीछे एक परिवार, एक समुदाय और ऐसी सरकारी व्यवस्था होती है जो आशा और संवेदनशीलता को प्राथमिकता देती है। माताएं, पत्नियां और बहनें स्वस्थ, नशा-मुक्त और रंगले पंजाब के निर्माण की मशालवाहक बन रही हैं। भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने नशे के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन का रूप दे दिया है और हम इस परिवर्तन का नेतृत्व कर रही महिलाओं की आवाज को आगे भी केंद्र में रखते रहेंगे।”
  • Punjab News: फिर शर्मसार हुई पुलिस! थाना प्रभारी ने SHO पर लगाए दुष्कर्म के आरोप, FIR दर्ज

    Punjab News: फिर शर्मसार हुई पुलिस! थाना प्रभारी ने SHO पर लगाए दुष्कर्म के आरोप, FIR दर्ज

    लुधियानाः जिले में एक बार फिर से पुलिस के शर्मसार होने की घटना सामने आई है। जहां महिला एसएचओ गुरशिंदर कौर ने थाना सुधार के एसएचओ साहिबजीत सिंह पर शादी का झांसा जेकर दुष्कर्म के आरोप लगाए है। इस मालमे को लेकर थाना मॉ़डल टाउन की एसएचओ ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई है। जिसकेक बाद पुलिस द्वारा थाना सुधार के एसएचओ ने दुष्कर्म के आरोप को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। मिली जानाकारी के अनुसार दोनों एसएचओ पहले से शादीशुदा है। पीड़िता ने कहा कि उसकी शादी साल 2022 में गुरविंदर सिंह पुत्र अजमेर सिंह के साथ हुई थी।

    पीड़िता का कहना है कि उसकी 2023 में एसएचओ साहिबमीत सिंह से सोशल मीडिया पर जान पहचान हुई थी। आरोप है कि एसएचओ ने उसे नवंबर 2023 में चाय-पानी पिलाने के बहाने ग्रैंड मैरीविला मुल्लांपुर बुलाया। जहां मुझे पीने के लिए कोल्ड ड्रिंक दी उसके बाद वह बेहोश हो गई और उसे कुछ पता नहीं लगा। करीब 2 घंटे बाद जब उसे होश आया तो उसके शरीर पर वस्त्र नहीं थे। आरोप है कि उसे मुझे कोल्ड ड्रिंक में कोई नशीली वस्तु पिलाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरदस्ती संबंध बनाए गए। इस दौरान एसएचओ ने बताया कि उसने अश्लील वीडियो मोबाइल में बना ली। इस दौरान उसने धमकी दी कि अगर तू शोर मचाया तो वह इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। एफआईआर के अनुसरा एसएचओ ने अपना लाइसेंसी पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।

    जिसके बाद अश्लील वीडियो का फायदा उठाकर मुझे अलग-अलग जगहों पर बुलाकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने कहा कि एसएचओ ने वीडियो वायरल ना करने को लेकर उसे तालाक लेने की धमकी दी। आरोप है कि एसएचओ ने डरा-धमका कर उसका तलाक करवा दिया और उसके बाद एसएचओ ने माता नवनीत कौर से मिलाया। जहां माता ने दोनों की शादी करवाने का आश्वासन दिया। इस दौरान पीड़िता ने एसएचओ की माता नवनीत कौर को बताया कि साहिबमीत ने 3 बार मुझे दवाई खिलाकर मेरा गर्भपात भी करवाया। पीड़िता ने साहिबमीत सिंह और उसकी माता नवनीत कौर के खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई करने की प्रशासन से अपील की है। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

  • सामाजिक सुरक्षा पेंशनर एक माह के भीतर करवाएं E-KYC सत्यापन

    सामाजिक सुरक्षा पेंशनर एक माह के भीतर करवाएं E-KYC सत्यापन

    शिमला: अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों का सत्यापन (ई-केवाईसी) जिला कल्याण अधिकारी व तहसील कल्याण अधिकारी के माध्यम से जुलाई 2025 में आरम्भ किया गया था।

    उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा सत्यापन की अन्तिम तिथि 28 फरवरी, 2026 निर्धारित की गई थी और कुल 7,84,976 लाभार्थियों का आधार आधारित ई-केवाईसी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि ऐसे सामाजिक सुरक्षा पेंशनर जिन्होंने अभी तक अपना ई-केवाईसी सत्यापन नहीं किया है वे सम्बधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में एक माह के भीतर अपनी ई-केवाईसी सत्यापन सुनिश्चित करवाएं। इस अंतिम अवसर के उपरांत, पेंशन लाभार्थी द्वारा अपनी ई-केवाईसी सत्यापित नहीं करने की स्थिति में उसे सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।

    यदि किसी असहाय पेंशनभोगी का आधार कार्ड किसी कारण से नहीं बना है या उसे अपडेट करने की आवश्यकता है, तो इस बारे में वह संबंधित जिला कल्याण अधिकारी व तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकते है। प्रवक्ता ने बताया कि ई-केवाईसी सत्यापन के लिए आवश्यक जानकारी के दृष्टिगत प्रार्थी अपने नजदीकी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

  • Jalandhar News: भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में उमड़े श्रद्धालु, लोगों में भारी उत्साह, देखें वीडियो

    Jalandhar News: भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में उमड़े श्रद्धालु, लोगों में भारी उत्साह, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: ओड़िशा स्थित भगवान जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर आज शहर में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान भारी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए है। यह जगन्नाथ सेवा समिति द्वारा श्री राम चौक से भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा श्रद्धापूर्वक निकाली जा रही है। ऐसे में दोपहर 3 बजे श्री राम चौक से यात्रा शुरू की गई और साईं दास स्कूल की ग्राउंड में संपन्न होगी।

    इस यात्रा में नगर निगम मेयर विनीत धीर, कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत सहित अन्य नेता मौजूद रहे। दरअसल, 4 बजे वेद ध्वनि मंत्रोच्चारण एवं रथ यात्रा प्रारंभ किया गया। वहीं रात 8 बजे क्रेन द्वारा 56 भोग लगाए जाएंगे। जिसके बाद 8:30 बजे साईं दास ग्राउंड में महाआरती का आयोजन होगा और 9 बजे भजन क्लबिंग के साथ समापन किया जाएगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भजनों पर झूमते हुए दिखाई दिए और भगवान जगन्नाथ का गुणगाण करते दिखे।

    मामले की जानकारी देते हुए मेयर विनीत धीर ने बताया कि आज शहर में भगवान जगन्नाथ आरंभ हो रही है। उन्होंने कहा कि शहरवासियों पर भगवान जगन्नाथ का आर्शीवाद इसी तरह बना रहे और हर साल यात्रा का आयोजन किया जाए। इस यात्रा के दौरान उन्होंने प्रबंधक कमेटी का आभार व्यक्त किया।

    वहीं कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि आज उनके सहित शहर वासियों को भगवान जगन्नाथ जी के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मोहिंदर भगत ने कहा कि वह इस पावन अवसर पर अरदास करते है कि हर साल इसी तरह लोगों पर कृपा बनी रहे और हर साल यात्रा का आयोजन किया जाए।

    वहीं नीतिन कोहली ने कहा कि भगवान जगन्नाथ कमेटी द्वारा पहली बार यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। सारे शहरवासी भगवान जगन्नाथ के रंग में रंग गया। इस दौरान कमेटी द्वारा किए गए आयोजन का आभार व्यक्त किया और आशा कि है कमेटी द्वारा हर साल यात्रा का आयोजन करवाते रहे।

  • सीसीटीवी की चौकस निगाहों में ऊना ज़िला, कानून व्यवस्था को मिली नई मजबूती

    सीसीटीवी की चौकस निगाहों में ऊना ज़िला, कानून व्यवस्था को मिली नई मजबूती

    सामर्थ्य’ के तहत विकसित तकनीक आधारित निगरानी तंत्र से अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को मिला नया आयाम

    ऊना, सुशील पंडित : ऊना की सड़कों, बाजारों, प्रमुख चौकों और सार्वजनिक स्थलों पर अब आधुनिक कैमरों की चौबीसों घंटे नजर है। कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, अपराधों पर पैनी निगरानी रखने तथा सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने जिले में तकनीक आधारित निगरानी तंत्र को नई मजबूती दी है। उपायुक्त जतिन लाल की पहल पर संचालित ‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम के तहत जिला रेडक्रॉस सोसायटी और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के सीएसआर सहयोग से यह आधुनिक व्यवस्था विकसित की गई है। बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर जिले में आधुनिक निगरानी तंत्र का तेजी से विस्तार किया गया है। सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों को सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ने के बाद संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने, घटनाओं की त्वरित जानकारी जुटाने, जांच के लिए साक्ष्य उपलब्ध कराने और अपराधों की रोकथाम में पुलिस को मदद मिल रही है। इससे सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा का माहौल भी मजबूत हुआ है। जिले के ऊना, बंगाणा, मेहतपुर, अंब और चिंतपूर्णी क्षेत्रों में कुल 50 स्थानों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) प्रणाली स्थापित की गई है। प्रत्येक स्थान पर दो एएनपीआर और दो एविडेंस कैमरे लगाए गए हैं। इस प्रकार इन 50 स्थानों पर कुल 200 कैमरों का नेटवर्क तैयार किया गया है। इसके अलावा ऊना शहर में कुल 100 कैमरे लगाए गए हैं। इनमें 30 एएनपीआर, 60 एविडेंस तथा 10 पैन-टिल्ट-ज़ूम (पीटीजेड) कैमरे शामिल हैं, जिनकी चौबीसों घंटे निगरानी ऊना कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जा रही है। यह व्यवस्था कानून व्यवस्था तक ही सीमित नहीं है। जिले में आठ स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) तथा 30 स्थानों पर व्हीकल एक्ट्यूएटेड स्पीड साइनेज स्थापित किए गए हैं। इन प्रणालियों के माध्यम से यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन, तेज रफ्तार वाहनों पर निगरानी तथा सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। निगरानी तंत्र का विस्तार जिले के अन्य क्षेत्रों तक भी किया गया है। बंगाणा में 32 तथा गगरेट में 16 कैमरे स्थापित किए गए हैं। निगरानी तंत्र का विस्तार जिले के अन्य क्षेत्रों तक भी किया गया है। बंगाणा में 32 तथा गगरेट में 16 कैमरे स्थापित किए गए हैं। वहीं, हरोली में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की पहल तथा जिला प्रशासन के समन्वय से विकसित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के तहत 200 कैमरे स्थापित किए गए हैं। उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि ‘सामर्थ्य’ का उद्देश्य विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ समाज की जरूरतों के अनुरूप ऐसे स्थायी समाधान विकसित करना है, जिनका सीधा लाभ आम लोगों को मिले। आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी तंत्र इसी सोच का हिस्सा है। इससे अपराधों पर प्रभावी निगरानी, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।