Category: Breaking News

  • PNB धोखाधड़ी के आरोपी मेहुल चोकसी के खिलाफ इंटरपोल ने  हटाया रेड कॉर्नर नोटिस

    PNB धोखाधड़ी के आरोपी मेहुल चोकसी के खिलाफ इंटरपोल ने  हटाया रेड कॉर्नर नोटिस

    नई दिल्लीः पंजाब नेशनल बैंक से 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस वापस ले ल‍िया है। इंटरपोल की नजर में अब मेहुल चोकसी भगोड़ा नहीं रहा है। अब वह भारत को छोड़कर पूरी दुनिया में कहीं भी आराम से आ जा सकता है। र‍िपोर्ट के मुताब‍िक इस आदेश के जारी होने के बाद मेहुल चोकसी किसी भी देश में स्वतंत्र रूप से उड़ान भरने में सक्षम हो गया है। इसके बाद भारत के लिए उस देश से आगे की प्रत्यर्पण कार्रवाई  का पता लगाना और उसको शुरू करना मुश्किल हो जाएगा। एजेंसी के ल्योन-मुख्यालय की ओर से जारी क‍िया गया रेड कॉर्नर नोटिस भारत को भगोड़े का पता लगाने और प्रत्यर्पण कार्रवाई शुरू करने में सक्षम बनाता है। लेक‍िन अब इसको हटा द‍िया गया है। इसके बाद भारत के ल‍िए उसका प्रत्‍यर्पण व पता लगाना बड़ा मुश्‍क‍िल हो जाएगा।

    सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो औपचारिक रूप से इंटरपोल के फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियां, विदेश मंत्रालय के माध्यम से कथित अपहरण मामले में एंटीगा अदालत के आदेश को भी चुनौती देंगी, जिसने रेड नोटिस को वापस लेने का आधार बनाया था। रेड नोटिस को वापस लेने से ज्यादा, इंटरपोल का आदेश सरकार के लिए एक बड़ी शर्मिंदगी है, क्योंकि इसने कथित तौर पर इस विवाद को स्वीकार किया कि 2022 में मेहुल चोकसी को अगवा करने की साजिश भारत सरकार के इशारे पर की गई थी।

    हालांकि, रेड कॉर्नर नोटिस को रद्द करने से उस मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जो पहले से ही एडवांस स्‍टेज में है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि एक संधि है – जैसे ही चोकसी को गिरफ्तार किया जाएगा, उचित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी। मेहुल चोकसी के एक प्रवक्‍ता के मुताब‍िक एंटीगा पुलिस की रिपोर्ट, और एंटीगा के हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही में चोकसी द्वारा भारत सरकार के राज्य प्रायोजित अपहरण, यातना और प्रस्तुतीकरण के मामले में सबूत पेश उसकी तरफ इशारा कर रहे हैं। रेड नोटिस वापसी इन शंकाओं को और मजबूत करता है।

  • बड़ी ख़बरः अमृतपाल सिंह के चाचा को लेकर डिब्रूगढ़ जेल पहुंची पंजाब पुलिस, देखें वीडियो

    बड़ी ख़बरः अमृतपाल सिंह के चाचा को लेकर डिब्रूगढ़ जेल पहुंची पंजाब पुलिस, देखें वीडियो

    नई दिल्लीः खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है लेकिन पुलिस ने उसके चाचा हरजीत सिंह और ड्राइवर हरप्रीत सिंह को सरेंडर करने के बाद अरेस्ट कर लिया गया था। वहीं पंजाब पुलिस की एक टीम खालिस्तान समर्थक नेता हरजीत सिंह को लेकर मंगलवार सुबह डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंच गई है। असम पुलिस की सुरक्षा में टीम गुवाहाटी से सड़क मार्ग से सुबह 7:10 बजे जेल पहुंची। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पुलिस अपने साथ कितने खालिस्तान समर्थक को अपने साथ लेकर आई है।

    इसके अलावा अमृतपाल सिंह के दो और सहयोगियों कुलवंत सिंह और गुर औजला पर एनएसए लगाया जाएगा। इन दोनों बंदियों को भी असम के डिब्रूगढ़ जेल भेजा जा रहा है। अमृतपाल के ड्राइवर और उसके चाचा ने रविवार-सोमवार देर रात पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। जानकारी के मुताबिक अमृतपाल के चाचा ने पंजाब पुलिस को फोन कर बताया था कि वह शाहकोट के बुलंदी गुरुद्वारे में हैं। इसके बाद उन्हें और अमृतपाल के ड्राइवर को 12 पोस्ट मेहतपुर ले जाया गया। वहां उन्होंने सरेंडर किया।

    केंद्रीय जांच एजेंसियां भी एक्टिव मोड में आ गई हैं। अमृतपाल के 4 करीबी सहयोगियों से राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) पूछताछ करेगी। इन चारों आरोपियों सरबजीत सिंह कलसी, भगवंत सिंह, गुरमीत सिंह गिल और बसंत सिंह  को असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल भेजा गया है। पुलिस अब तक अमृतपाल सिंह के 100 से ज्यादा करीबियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इतना ही नहीं पुलिस ने उस गाड़ी को भी बरामद कर लिया है, जिससे अमृतपाल फरार हुआ था। जालंधर में महतपुर के सलीना गांव से अमृतपाल की PB 10 FW6797 नंबर वाली गाड़ी लावारिस मिली थी। इस गाड़ी से एक 315 बोर राइफल समेत 57 जिंदा कारतूस, एक तलवार और एक वॉकी-टॉकी सेट बरामद किया गया था। यह गाड़ी अनोखरवाल के मनप्रीत सिंह की है, उसे भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

  • विदेश में बैठे खालिस्तान समर्थक रच रहे बड़ी साजिश, जांच में हुआ खुलासा

    विदेश में बैठे खालिस्तान समर्थक रच रहे बड़ी साजिश, जांच में हुआ खुलासा

    इन देशों में बने खालिस्तानी तत्वों के सुरक्षित ठिकाने 

    नई दिल्लीः अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस की कार्रवाई से विदेश में सक्रिय खालिस्तान समर्थकों की बेचैनी बढ़ गई है। कई देशों में बैठे खालिस्तान समर्थकों ने सोशल मीडिया पर भारत और पंजाब के खिलाफ मुहिम शुरु कर रखी है। सोशल मीडिया पर खालिस्तान समर्थक भारत और पंजाब के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। अमृतपाल और खालिस्तान समर्थकों पर नजर रख रही खुफिया एजेंसियों ने बीते तीन दिन के दौरान सोशल मीडिया पर भड़काऊ और सांप्रदायिक संदेशों को रिकॉर्ड पर लेना शुरु कर दिया है। दरअसल, अब तक छिपकर गतिविधियां चला रहे लोग भी खुलकर सामने आ गए हैं। खुफिया एजेंसियां, संदेश अपलोड करने वाले लोगों का पता लगाने के साथ ही कौन-कौन से देश से यह संदेश अपलोड किए जा रहे हैं, से संबंधित सुरक्षा एजेंसियों से संदेशों को साझा करने की तैयारी शुरु कर दी है। 

    एजेंसियों ने यह भी पाया है कि पिछले तीन दिन के दौरान ही खालिस्तान और अमृतपाल के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर नए अकाउंट भी खोले हैं। अमृतपाल के समर्थकों ने एक वैश्विक टूलकिट तैयार कर लिया है। अब खालिस्तान समर्थक विदेशी गठजोड़ के हरकत में आने से यह साफ हो गया है कि अमृतपाल के तार कहां तक जुड़े हैं और कौन लोग फंडिंग दे रहे हैं। जांच करने पर एजेंसियों ने पाया है कि बीते तीन दिन के दौरान खालिस्तान समर्थक एजेंडा मुख्य रूप से कनाडा, अमेरिका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया से आ रहा है और यह चारों देश इन दिनों आईएसआई समर्थित खालिस्तानी तत्वों के सुरक्षित ठिकाने बन चुके हैं। बताया जा रहा है कि अमृतपाल का समर्थन कनाडा के सिख राजनेता भी कर रहे हैं।

    ये सभी भारत में लोकतंत्र की दुहाई देने के साथ ही मानवाधिकारों की चिंता और बचाव के नाम पर खालिस्तान समर्थक भावनाओं को भड़काने में लगे हैं। कनाडा के अलबर्टा से जसराज सिंह हालन, टिम एस. उप्पल, हीथर मैक फरसन, ब्रिटिश कोलंबिया से जगमीत सिंह व रणदीप सिंह सराई, ओंटारियों से सुखपाल सिद्धू व इशविंदर गहीर समेत कनाडा के सांसदों ने भी ट्विटर पर खालिस्तान और अमृतपाल के समर्थन में कॉपी-पेस्ट का सहारा लिया। इससे उनकी खालिस्तान समर्थकों से साठगांठ का पर्दाफाश हो गया है।  

    भगोड़े अमृतपाल के समर्थन में कई हैशटैग का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। #WeStandWithAmritpalSingh प्रमुख है। इस हैशटैग पर कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से सबसे ज्यादा ट्वीट हो रहे हैं। यह भी खुलासा हुआ है कि इस हैशटैग पर सक्रिय अधिकांश खाते इसी माह बने हैं। ऐसी स्थिति 2020 में किसान आंदोलन के दौरान सामने आई थी। यह भी सामने आया है कि दुनिया भर के देशों में फैले खालिस्तान समर्थक परस्पर जुटे हैं और सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे के अभियान का समर्थन और प्रचार-प्रसार करने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। असलियत में यह खालिस्तान संबंधी टूलकिट का हिस्सा हैं। 

  • बिजली उपकरण के डेमो के दौरान हुआ ब्लास्ट, बाल-बाल बच गए मंत्री और अफसर 

    बिजली उपकरण के डेमो के दौरान हुआ ब्लास्ट, बाल-बाल बच गए मंत्री और अफसर 

    बरेली: शहर में आज एक बड़ी घटना होते होते रह गई। हादसे में बिजली विभाग का लाइन मैन बुरी तरह घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है। वहीं, हादसे में वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार और उनके साथ मौजूद कई अधिकारी भी बाल-बाल मच गए। फिलहाल लाइनमैन का उपचार जारी है, लेकिन उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार बरेली शहर में आयोजित भूमिगत बिजली लाइन में फॉल्ट तलाशने के लिए स्मार्ट सिटी द्वारा दिए उपकरण के डेमो के कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

    लेकिन इस कार्यक्रम के दौरान जैसे ही लाइनमैन ने मशीन को चालू करने के लिए तार लगाया, वैसे ही एक जोरदार धमाका हुआ। इस धमाके में लाइनमैन बुरी तरह से घायल हो गया। लाइनमैन के घायल होते ही मंत्री डॉ. अरुण कुमार भी खुद आगे आए और लाइनमैन को अस्पताल भिजवाया। लाइनमैन को तुरंत अस्पताल में एडमिट कराया गया। यह हादसा कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, डीएम शिवाकांत दिवेदी, नगर आयुक्त निशीगुप्त वत्स, चीफ इंजीनियर पॉवर कार्पोरेशन की मौजूदगी में हुआ। धमाके होते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। मंत्री डॉ. अरुण कुमार खुद घायल लाइनमैन को मदद के लिए आगे आए और घायल को अस्पताल भिजवाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

    इस मामले में जिला कलेक्टर ने कहा, ‘एक मशीन का उद्घाटन करने के लिए माननीय मंत्रीजी गए थे, हम भी गए थे, साथ में कमिश्नर महोदया भी थी, दुर्भाग्यवश जैसे ही मशीन को स्टार्ट करने का प्रयास किया गया छोटा सा ब्लास्ट हुआ, धमाके से एक कर्मचारी गिर गया, मगर वह अब सुरक्षित है, एक मंत्रीजी के साथी थे, उनको भी थोड़ा सा शॉक लगा है।’ हादसे की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि’अर्थिंग टच हो गई है इसलिए ऐसा हुआ, फिर भी हमने उसकी जांच का आदेश दे दिया है, किसी भी वीआईपी को बुलाने से पहले ट्रायल कर लेना चाहिए था तो यह घटना ना होती।

  • जी20 की बैठक में भाजपा सांसद और राहुल गांधी की हुई बहस

    जी20 की बैठक में भाजपा सांसद और राहुल गांधी की हुई बहस

    नई दिल्लीः जी-20 के एजेंडे सहित अन्य विदेशी मामलों को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अध्यक्षता में आज सलाहकार समिति की बैठक बुलाई गई थी। बैठक के दौरान भाजपा सांसद और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर को दोनों के बीच दखल देना पड़ गया। केंद्रीय मंत्री की दखल के बाद ही दोनों के बीच बहस शांत हुई। मिली जानकारी के भाजपा सांसद महेश जेठमलानी ने इस मीटिंग में गौतम अडानी पर आई हिंडनबर्ग रिपोर्ट, जॉर्ज सोरोस के भारतीय लोकतंत्र पर बयान और पीएम नरेंद्र मोदी पर बीबीसी की डॉक्युमेंट्री का मुद्दा उठाया।

    यही नहीं राहुल गांधी का नाम लिए बिना ही नरसिम्हा राव ने कहा कि कुछ लोग कुछ चीजें बोलते हैं… लेकिन भारतीय लोकतंत्र पर असली धब्बा तो आपातकाल था। इस पर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र जितना मजबूत था, उतना ही है। किसी के कुछ कहने या फिर डॉक्युमेंट्री से उसे प्रभावित नहीं होना चाहिए। इस बीच राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा सांसदों के सवालों का मैं जवाब देना चाहता हूं। वह जवाब देने के लिए व्यग्र नजर आए। हालांकि मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे एस. जयशंकर ने कहा कि आप अपने बयान को संसद के लिए रखें। वहीं राहुल गांधी कहते रहे कि मुझे यहां भी बोलने का मौका मिलना चाहिए।

    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने मीटिंग के दौरान कहा कि भारतीय लोकतंत्र पर हमला हो रहा है, यह बात सही है। लेकिन मैंने इस मामले में विदेशी हस्तक्षेप की मांग नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि क्या यह सच नहीं है कि ईडी की ओर से विपक्ष के नेताओं को टारगेट किया जा रहा है। इस बहस के बीच भाजपा के नामित सांसद महेश जेठमलानी ने दखल दिया और राहुल गांधी से कहा कि यह मीटिंग तो जी-20 के एजेंडे के लिए है। ऐसे में इसे मुद्दे से भटकाना नहीं चाहिए। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि मैंने नहीं बल्कि भाजपा के सांसदों ने ही दूसरा मुद्दा इस मीटिंग में छेड़ दिया।

  • बड़ी ख़बरः बीते 24 घंटों में कोरोना के 66 हजार नए मरीज आए सामने

    बड़ी ख़बरः बीते 24 घंटों में कोरोना के 66 हजार नए मरीज आए सामने

    नई दिल्ली : जैसे-जैसे गर्मी नजदीक आ रही है वैसे-वैसे भारत समेत दुनिया के कई देशों में एक बार फिर से कोरोना अपने पैर पसारने लगा है। भारत में दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात समेत तमाम प्रदेशों में एक बार फिर कोरोना संक्रमण फैलना शुरू हो गया है। पूरे देश की बात करें तो पिछले 24 घंटे के अंदर कोरोना के करीब 66000 मरीज अभी तक सामने आ चुके हैं। वहीं अब मेडिकल एक्सपर्ट की चिंता भी बढ़ती जा रही है। एक बार फिर से लोगों को सचेत रहने की हिदायत दी गई है। भीड़भाड़ वाले इलाके में लोगों को अपने को सुरक्षित रखना होगा।

    राजधानी दिल्ली में 24 घंटे के अंदर कोविड के 72 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही पॉजिटिविटी रेट 3.95 फीसदी हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक एक ओर जहां दिल्ली में H3N2 एंटीवायरस के साथ ही कोरोना के केसों में बढ़ोतरी हुई है। वहीं शनिवार को कोरोना कि पॉजिटिविटी रेट 3.52 फीसदी, जबकि शुक्रवार को 3.13 फीसदी थी। महाराष्ट्र में रविवार को 236 नए केस सामने आए हैं। मुंबई में 52 मामले सामने आए हैं, इसके अलावा मुंबई के ठाणे में 33, मुंबई सर्कल में 109, पुणे में 69, नासिक में 21 और कोल्हापुर और अकोला में 13-13 नए मामले आए हैं।

    भारत में करीब चार महीने बाद कोरोना के केस बढ़ने लगे हैं, वैज्ञानिकों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों में भारत में कोरोना वायरस के मामलों में हालिया उछाल के पीछे कोविड-19 XBB वैरिएंट का वंशज XBB 1.16 हो सकता है। भारत के अलावा चीन, सिंगापुर, संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य सहित विभिन्न देशों में भी यह वैरिएंट तेजी से फैला है। एक रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 के इस वैरिएंट से नई लहर की आशंका बढ़ सकती है। कोविड वैरिएंट्स पर नजर रखने वाले एक इंटरनेशनल प्लेटफफॉर्म के मुताबिक, भारत में अभी कोरोना के XBB 1.16 वैरिएंट मामलों के मामलों की सबसे अधिक संख्या दर्ज की है।

  • बड़ी ख़बरः चपरासी के मोबाइल से विज्ञान का पेपर लीक, केंद्राध्यक्ष समेत 6 कर्मचारियों पर गिरी गाज

    बड़ी ख़बरः चपरासी के मोबाइल से विज्ञान का पेपर लीक, केंद्राध्यक्ष समेत 6 कर्मचारियों पर गिरी गाज

    दमोहः जिले के तेंदूखेड़ा विकासखंड के शासकीय हाईस्कूल सेलवाड़ा में सोमवार सुबह कक्षा दसवीं के विज्ञान विषय का पेपर लीक आउट हो गया। इस मामले को लेकर कलेक्टर ने एक बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर ने मामले में 6 लोगों पर निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी है, वहीं पुलिस में भी इन लोगों पर एफआईआर कराई जा रही है। बता दें कि सोमवार को कक्षा दसवीं का अंतिम विज्ञान विषय का पेपर सुबह नौ बजे से शुरू था।

    दमोह के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के शासकीय हाईस्कूल सेलवाड़ा में सोमवार सुबह पेपर के पेज की फोटो सुबह 8 बजकर 47 मिनट पर वायरल हो गई। इस बात की जानकारी भोपाल में माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड के अधिकारियों को लगी तो उन्होंने दमोह कलेक्टर एसकृष्ण चैतन्य को सूचित किया। कलेक्टर ने तत्काल ही इस मामले में तेंदूखेड़ा एसडीएम, तहसीलदार एवं अन्य अधिकारियों को निर्देशित करते हुए स्वयं एसपी के साथ स्कूल पहुंचकर जांच शुरू की। बहरहाल कलेक्टर ने इस मामले में केंद्राध्यक्ष समेत 6 कर्मचारी को निलंबित कर दिया है।

  • चिकित्सकों और पुलिसकर्मियों में झड़प दौरान लाठीचार्ज, फटे कपड़े, देखें वीडियो

    चिकित्सकों और पुलिसकर्मियों में झड़प दौरान लाठीचार्ज, फटे कपड़े, देखें वीडियो

    जयपुरः राजस्थान सरकार की ओर से लाए जा रहे “स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक” के विरोध में चिकित्सकों ने राजधानी जयपुर में मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। विधानसभा का घेराव करने जा रहे चिकित्सकों को पुलिसकर्मियों ने पहले तो रोकने की कोशिश की, लेकिन जब चिकित्सक बेकाबू हो गए तो पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान निजी अस्पतालों के मालिक और चिकित्सकों की पुलिसकर्मियों के साथ धक्कामुक्की भी हुई, जिसमें चिकित्सकों के कपड़े फट गए और सड़क पर गिर गए। कई चिकित्सक पुलिस के लाठीचार्ज और सड़क पर गिरने से लहूलुहान हो गए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने महिला चिकित्सकों के साथ बदसलूकी की है।

    निजी चिकित्सक संघ के आह्वान पर करीब ढ़ाई हजार निजी अस्पतालों के संचालक और चिकित्सक सोमवार को सड़कों पर उतरे। चिकित्सक जयपुर के एसएमएस अस्पताल परिसर में बने मेडिकल एसोसिएशन के सभागार में जुटे और फिर वहां से मार्च करते हुए जेएलएन मार्ग होते हुए त्रिमूर्ति सर्किल गए। यहां से नारायण सिंह सर्किल होते हुए सेंट्रल पार्क के सामने से स्टैच्यू सर्किल पहुंचे।

    स्टैच्यू सर्किल पर पुलिस ने चिकित्सकों को विधानसभा की तरफ जाने से रोका तो दोनों पक्षों में धक्कामुक्की हुई। चिकित्सक वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान सरकार के विरूद्ध नारेबाजी कर रहे चिकित्सकों की पुलिसकर्मियों के साथ झड़क हो गई। चिकित्सकों को काबू में करने के लिए पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया। निजी अस्पताल एवं नर्सिंग सोसायटी के सचिव डॉ. विजय कपूर ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने महिला चिकित्सकों के साथ बदसलूकी की उनके कपड़े फाड़ दिए।

    निजी अस्पताल संचालकों एवं चिकित्सकों का कहना है कि विधेयक में आपातकालीन उपचारको परिभाषित नहीं किया गया है। यह नहीं उल्लेख किया गया कि मरीज के नि:शुल्क इलाज के खर्च का पुनर्भारण कौन करेगा। साथ ही एक निजी अस्पताल से दूसर किसी भी अस्पताल से मरीज को भेजने के लिए एंबुलेंस का खर्चा किसे वहन करना होगा। इस बात का उल्लेख नहीं है।

    सरकार मरीजों को नि:शुल्क उपचार और सुविधाएं देने की बात कह रही है। लेकिन इस खर्च का पुर्नभरण सरकार करेगी या नहीं यह बात अधिकारिक तौर पर नहीं कही जा रही है। चिकित्सकों की मांग है कि प्रदेश एवं जिला स्तर पर बनने वाली राज्य स्वास्थ्य प्राधिकारण में निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। विधेयक में प्रावधान है कि महामारी के दौरान स्वास्थ्य का अधिकार लोगों को सुरक्षा कवच देगा।लेकिन इसके लिए निजी अस्पतालों की भूमिका का उल्लेख नहीं किया गया है। दो दिन से निजी अस्पतालों में उपचार पूरी तरह से बंद है। चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि सरकार के लिए आम आदमी का स्वास्थ्य आवश्यक है। विधानसभा की प्रवर समिति में चर्चा और निजी अस्पतालों के मालिकों से बातचीत के बाद विधेयक में संशोधन किया गया है। उन्होंने कहा कि विधेयक मंगलवार को विधानसभा में पेश होगा ।

  • बड़ी ख़बरः ऑपरेशन अमृतपाल सिंह: केंद्र ने Directors General को सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट पर रहने के दिए आदेश

    बड़ी ख़बरः ऑपरेशन अमृतपाल सिंह: केंद्र ने Directors General को सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट पर रहने के दिए आदेश

    नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वारिस पंजाब डे’ प्रमुख अमृतपाल सिंह के संभावित प्रयास के मद्देनजर सीमा सुरक्षा बल और सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशकों को सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। अधिकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर आव्रजन अधिकारियों को भी हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दोनों अर्धसैनिक बलों ने पहले ही पगड़ी के साथ और बिना पगड़ी के अमृतपाल की दो तस्वीरों के साथ अपनी फील्ड इकाइयों को सभी आवश्यक इनपुट भेज दिए हैं।

    अधिकारी ने कहा कि पंजाब पुलिस द्वारा अमृतपाल को ‘भगोड़ा’ घोषित किए जाने के मद्देनजर खुफिया एजेंसियों को डर है कि वह भारत-नेपाल सीमा या पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश कर सकता है। एक अधिकारी ने कहा कि चूंकि भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा एसएसबी द्वारा की जाती है और पंजाब में सीमा की निगरानी बीएसएफ द्वारा की जाती है, इसलिए दोनों बलों को सतर्क रहने और सीमा चौकियों पर तैनात सभी कर्मियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। पंजाब पुलिस ने अमृतपाल को शनिवार को जालंधर-मोगा रोड स्थित मेहतपुर से गिरफ्तार करने की योजना बनाई थी। हालांकि वह भागने में सफल रहा, वहीं दूसरी ओर सिंह के परिजन और समर्थक उसकी गिरफ्तारी का आरोप लगा रहे हैं।

  • सोने और चांदी की कीमतों में आया भारी उछाल

    सोने और चांदी की कीमतों में आया भारी उछाल

    नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कीमतों में उतार चढ़ाव के चलते भारतीय बाजार में भी सोने के दाम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। रोजाना सोने और चांदी के दाम घट बढ़ रहे हैं। आज भी सोने की कीमत में उछाल देखने को मिला है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर गोल्ड आज 60,000 के लेवल को पार कर गया है। इसके साथ ही चांदी भी 70,000 रुपए प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने का भाव 1.73 फीसदी की तेजी के साथ 60413 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर ट्रेड कर रहा है। इसके साथ ही इंडियन बुलियन मार्केट में गोल्ड का भाव 58220 रुपए प्रति 10 ग्राम के लेवल पर बंद हुआ था। इसके अलावा चांदी भी आज तेजी के साथ ट्रेड कर रही है। सिल्वर का भाव आज 1.24 फीसदी की तेजी के साथ 69353 रुपये प्रति किलोग्राम के लेवल पर ट्रेड कर रही है। ग्लोबल मार्केट की बात करें तो यहां पर भी गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में जोरादर उछाल देखने को मिल रही है। कॉमैक्स पर सोना 1990 डॉलर प्रति औंस और चांदी 22.58 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा।