Category: Breaking News

  • बड़ी खबरः मनीष सिसोदिया की बड़ी मुश्किलें, एक और मामला हुआ दर्ज

    बड़ी खबरः मनीष सिसोदिया की बड़ी मुश्किलें, एक और मामला हुआ दर्ज

    नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली सरकार की ‘फीडबैक यूनिट’ में कथित अनियमितताओं को लेकर सीबीआई ने दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार का नया मामला दर्ज किया है। जासूसी मामले में दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज किया है। एफआईआर के मुताबिक, फीडबैक यूनिट केस में सिसोदिया समेत 6 लोगों के खिलाफ केस रजिस्टर हुआ है। मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने 26 फरवरी को दिल्ली आबकारी नीति मामले में गिरफ्तार किया था।

    सिसोदिया के अलावा जिन 5 अन्य लोगों पर केस दर्ज हुआ है उनमें तत्कालीन विजिलेंस सेक्रेटरी सुकेश कुमार जैन, रिटायर्ड डीआईजी, सीआईएसएफ एंड स्पेशल एडवाइजर टू सीएम एंड जॉइंट डायरेक्टर फीडबैक यूनिट, रिटायर्ड जॉइंट डिप्टी डायरेक्टर प्रदीप कुमार पुंज (डिप्टी डायरेक्टर FBU), रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट CISF  सतीश खेत्रपाल (फीड बैक अफसर), गोपाल मोहन (दिल्ली सीएम के एडवाइजर) और एक अन्य नाम शामिल हैं।

  • श्रद्धालुओं से भरी पिकअप की टक्कर में 2 की मौत, दर्जनों घायल

    श्रद्धालुओं से भरी पिकअप की टक्कर में 2 की मौत, दर्जनों घायल

    धारः जिले के नालछा थाना अंतर्गत ग्राम बगड़ी के पास तलवाड़ा में सुबह करीब 3:30 बजे भीषण सड़क हादसे में पावागढ़ स्थित माता मन्दिर से दर्शन कर महाराष्ट्र के अमरावती जिले की ओर लौट रहे 2 श्रद्धालुओं की मौत हो गई वही करीब 17 श्रद्धालुओं के घायल होना बताया जा रहे हैं। मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के अमरावती जिले के रहने वाले 20 से 25 महिला पुरुष श्रद्धालु गुजरात के पावागढ़ स्थित माता मंदिर से दर्शन पूजन पश्चात वापस पिकअप से महाराष्ट्र की ओर लौट रहे थे।

    इस दौरान अल सुबह करीब 4 बजे के आसपास नालछा थाना के धार धामनोद रोड स्थित तलवाड़ा में सामने से आ रहे आयशर वाहन से सामने से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन कई हिस्सों में बिखर गया। इस दौरान हादसे में पिकअप सवार श्रद्धालु सुनील एवं ड्राइवर जगदीश की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं 17 से अधिक श्रद्धालू घायल हो गए।

    घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे लोगों एवं नालछा पुलिस द्वारा धार जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां घायलों का उपचार जारी है। घटना में दो बच्चों को गंभीर चोटें भी आई है, वहीं नालछा थाना पुलिस पूरे मामले में जांच पड़ताल में जुटी है। इधर घटना के बाद सुबह जेसीबी की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया गया और यातायात सुचारु किया गया।

  • भारतीय रेलवे का खास तोहफा! राम भक्तों के लिए चलाई स्पेशल ट्रेन

    भारतीय रेलवे का खास तोहफा! राम भक्तों के लिए चलाई स्पेशल ट्रेन

    नई दिल्‍ली : भारतीय रेलवे लोगों को भगवान श्रीराम से जुड़े स्‍थलों के दर्शन कराने के लिए एक और श्री रामायण यात्रा एसी डीलक्‍स ट्रेन शुरू कर रहा है। यह ट्रेन 7 अप्रैल को दिल्‍ली के सफदरजंग रेलवे स्‍टेशन से रवाना होगी। इससे पूर्व 25 भारत गौरव ट्रेन चल चुकी हैं। ट्रेनों के बेहतर रिस्‍पांस को देखते हुए भारतीय रेलवे लगातार ट्रेन चला रहा है।

    भारतीय रेलवे के अनुसार डीलक्‍स ट्रेन में दो तरह के कोच होंगे, पहला फर्स्‍ट एसी और दूसरा सेकेंड एसी। दोनों का किराया अलग अलग होगा। यह ट्रेन इतनी लग्‍जरी होगी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रेन में केवल 156 यात्री ही सफर करेंगे। ट्रेन का पूरा सफर 17 रात और 18 दिन का होगा। भारतीय रेलवे भारत गौरव ट्रेन के तहत देखो अपना देश और एक भारत श्रेष्‍ठ भारत को बढ़ावा दे रहा है।

    इन धार्मिक स्‍थानों के होंगे दर्शन

    रेलवे मंत्रालय के अनुसार श्रीरामायण यात्रा ट्रेन अयोध्‍या, नंदीग्राम, सीतामढ़ी, जनकपुर, वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, नासिक, हम्‍पी, रामेश्‍वरम, भद्रांचल और नागपुर होते हुए वापस दिल्‍ली आएगी. इस तरह  भगवान राम से संबंधित स्‍थानों के दर्शन यात्री कर सकेंगे।

    श्री रामायण यात्रा ट्रेन में सवार होने और उतरने के कई विकल्‍प होंगे। यानी यात्री अपनी सुविधा अनुसार करीबी स्टेशन से सवार हो सकता है और उतर सकता है। इसमें दिल्‍ली के अलावा गजियाबाद, अलीगढ़, टूंडला, इटावा, कानपुर और लखनऊ स्‍टेशनों शामिल हैं।

  • H3N2 वायरस का कहरः 26 मार्च तक सभी स्कूल बंद करने के निर्देश

    H3N2 वायरस का कहरः 26 मार्च तक सभी स्कूल बंद करने के निर्देश

    नई दिल्लीः कोरोना के बाद अब देश में H3N2 वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में इस वायरस से संक्रमित होने के मामले सामने आ रहे हैं। देशभर में इस वायरस की वजह से अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं अब इस वायरस से बचने के लिए एतिहाती कदम उठाने भी शुरू कर दिए गए हैं। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में सरकार ने एच3एन2 इन्फ्लूएंजा वायरस के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर 16 मार्च से 26 मार्च तक आठवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की। विधानसभा में गृह और शिक्षा मंत्री ए। नम्माशिवयम ने कहा कि बच्चों में इन्फ्लूएंजा के प्रसार को देखते हुए सरकार ने पहली क्लास से आठवीं कक्षा तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 26 मार्च तक अवकाश का ऐलान किया।

    महाराष्ट्र में वायरस से दो मौतों का दावा

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र में इस वायरस से कथित तौर पर अब तक दो लोगों की मौत हुई है। इनमें अहमदनगर में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा एक युवा पिछले हफ्ते अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए अलीबाग गया था। वहां से लौटने के बाद उसकी तबीयत खराब होने लगी। जांच में पता चला कि वह कोविड-19 और H3N2 वायरस से संक्रमित था। अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। वहीं, नागपुर में वायरस से संक्रमित 78 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई।

    इंफ्लूएंजा के 79% सैंपल्स में मिला H3N2 वायरस

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि लैब में टेस्ट किए गए इंफ्लूएंजा सैंपल्स में से लगभग 79% में H3N2 वायरस पाया गया है। इसके बाद 14% सैंपल्स में इंफ्लूएंजा बी विक्टोरिया वायरस पाया गया है और 7% में इंफ्यूएंजा ए H1N1 वायरस पाया गया है। H1N1 को आम भाषा में स्वाइन फ्लू भी कहा जाता है। मंत्रालय का कहना है कि मार्च एंड से H3N2 वायरस के मामले कम होने लगेंगे।

  • बड़ा खुलास: इस जेल के अंदर से हुआ था लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू!

    बड़ा खुलास: इस जेल के अंदर से हुआ था लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू!

    जयपुर: जेल के अंदर से लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू का मामला सामने आया है। इस दौरान जयपुर पुलिस का बयान भी सामने आया है। जयपुर में ना किसी मीडिया कर्मी को मिलने दिया ना ही इंटरव्यू हुआ। पेशी भी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई। 7 मार्च को पंजाब पुलिस फ्लोरेंस को जयपुर से पंजाब के लिए ले जा चुकी है। पंजाब से जब लॉरेंस बिश्नोई को जयपुर लाया गया था तभी इंटरव्यू का मामला सामने आया है। हालांकि पुलिस की तरफ से भी जवाब सामने आया है। जेल के अंदर लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू का मामला बताया जा रहा है। जयपुर पुलिस का कहना है कि जयपुर में ना किसी मीडिया कर्मी मिलने दिया है ना ही कोई इंटरव्यू हुआ है। पेशी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई है।

    बता दें कि पंजाब पुलिस इससे पहले भी ये बयान दे चुकी है। कि उसके कब्जे में रहते हुए इंटरव्यू नहीं हुआ होगा। कई एजेंसियां जांच और पूछताछ के सिलसिले में अपने कब्जे में लेती है। उस दौरान इंटरव्यू हुआ होगा। 

    गौरतलब है कि 28 जनवरी की रात जयपुर में जी क्लब पर फायरिंग हुई थी। इसी मामले में जयपुर पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर पंजाब की जेल से उसे गिरफ्तार किया था। 16 फरवरी को उसे जयपुर लाया गया था। 7 मार्च को उसे पंजाब पुलिस वापिस ले गई। ये इंटरव्यू 14 मार्च की शाम प्रकाशित हुआ था। 

    पंजाब और राजस्थान पुलिस दोनों ही इस बात से इनकार कर रही है कि उसके कब्जे में रहते  हुए लॉरेंस ने इंटरव्यू दिया। लेकिन अब भी सबसे बड़ा सवाल यही है। कि आखिर लॉरेंस ने जेल में रहते हुए वीडियो कॉल के जरिए इंटरव्यू कैसे दिया। इतने बड़े अपराधी जब जेलों से खुलेआम इंटरव्यू दे रहे है। तो फिर उनके जेल में रहने का क्या मतलब। फिर तो वो जेल से ही सीधे अपनी पूरी गैंग बड़ी आसानी से चला रहे होंगे। जेल से ही रंगदारी फिरौती और मर्डर की वारदातों को बड़ी आसानी से अंजाम दे रहे होंगे। लॉरेंस विश्नोई का ये इंटरव्यू पुलिस सिस्टम और जेल व्यवस्था की पोल खोल रहा है।

  • हनीमून से घर लौटते ही दु्ल्हन ने दर्ज कराई FIR, जानें मामला

    हनीमून से घर लौटते ही दु्ल्हन ने दर्ज कराई FIR, जानें मामला

    नई दिल्ली : आगरा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। आम तौर पर हनीमून पर दूल्हे को अपनी दुल्हन के साथ होना चाहिए। लेकिन हनीमून पर दूल्हा अपनी पत्नी को जगह अपनी प्रेमिका से वीडियो कॉल के जरिए मीठी-मीठी बातें कर रहा था। दुल्हन ने देखा तो बखेड़ा खड़ा हो गया। होटल में दूल्हे ने दुल्हन की पिटाई लगा दी। मामला इतना बड़ गया कि होटल स्टाफ को दुल्हन को बचाना पड़ा। सुहागरात तो पूरी नहीं हुई अगले दिन ही दोनों अपने घर वापस आ गए।

    आपको बता दे कि पूरा मामला आगरा की एक हाई प्रोफाइल फैमिली का है। अप्रैल 2022 में आगरा की युवती की शादी पंच सितारा होटल में हुई थी। 10 दिन बाद दूल्हा-दुल्हन हनीमून पर शिमला गए थे। दोनों वहां एक रिसोर्ट में रुके। सुहागरात के दौरान जब दूल्हे को अपनी दुल्हन के साथ होना था, तब वो अपनी गर्लफ्रेंड से वीडियो कॉल पर मीठी-मीठी बातें कर रहा था। दुल्हन ने देखा तो उसने विरोध किया। अगले ही दिन दोनों वापस आगरा लौट आए।

    दुल्हन ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद सुहागरात पर जब दोनों शिमला गए तो वहां पर दूल्हे ने कनाडा में मकान खरीदने के लिए 50 लाख की डिमांड की थी। मना करने पर पति उससे गुस्सा हो गया था। ननद ने भी शादी में चढ़ाए जेवर उतारकर अपने पास रख लिए थे। वो सबकुछ सह रही थी, मगर पति शराब पीने का आदी है, जिसने गर्लफ्रेंड के सामने भी उसकी बेइज्जती की। वहीं ससुर ने तो उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त घोषित कर दिया और ननद उसे नींद की गोलियां ख‍िला देती थी। घरवालों के समझाने पर भी ससुरालवालों के व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया।

    एसीपी मयंक त्यागी ने बताया कि युवती की तरफ से थाना हरिपर्वत में तहरीर प्राप्त हुई थी. तहरीर के माध्यम से पीड़िता ने पति और ससुरालीजनो पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इस मामले में दहेज उत्पीड़न, मारपीट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. सबूत इखट्टा कर कानूनी कार्यवाई की जाएगी.

  • दर्दनाक घटना : ईंट भट्ठे में काम कर रहे 5 मजदूरों की मौत

    दर्दनाक घटना : ईंट भट्ठे में काम कर रहे 5 मजदूरों की मौत

    रायपुर : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, यहां ईंट भट्ठे में दम घुटने से 5 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि बाकी काम करने वाले मज़दूर बीमार हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया ​जिले के गढफूलझर गांव में ईंट भट्ठे के ऊपर सो रहे पांच मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई है, उन्होंने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि मंगलवार रात छह मजदूर मिट्टी की ईंटों को पकाने के लिए चबूतरे की तरह बनाए गए ढांचे के ऊपर सो गए थे। ढांचे में आग लगी हुई थी।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार सुबह जब अन्य मजदूरों ने उन्हें उठाया, तब वे नहीं जागे। बाद में मजदूरों ने इसकी जानकारी अन्य ग्रामीणों और पुलिस को दी। पुलिस ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचा और पांचों मृत मजदूरों के शवों तथा बीमार मजदूर को अस्पताल भेजा। पुलिस को आशंका है कि मजदूरों की मौत दम घुटने के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

    प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि मजदूर जहां सो रहे थे, वहां ईंट भट्ठे में कच्चे ईंट को पकाने का काम चल रहा था। इसी दौरान वहां से निकलने वाले धुएं की चपेट में आने से पांचों मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई।

  • खेलते समय बोरवेल में गिरा 7 साल का मासूम, बचाव कार्य जारी, देखें वीडियो

    खेलते समय बोरवेल में गिरा 7 साल का मासूम, बचाव कार्य जारी, देखें वीडियो

    भोपाल : मध्य प्रदेश में मंगलवार को एक 7 साल का बच्चा बोरवेल में गिर गया। बच्चे को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। यह घटना राज्य की राजधानी भोपाल से करीब 60 किलोमीटर दूर विदिशा जिले में हुई। बोरवेल में गिरे बच्चे की पहचान लोकेश अहिरवार के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना, उस समय हुई जब बच्चा खेड़खेड़ी पाथर गांव में खेल रहा था और अचानक वह खुले बोरवेल में गिर गया।

    लटेरी के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट हर्षल चौधरी ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद एक बचाव दल मौके पर पहुंचा और बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए ऑपरेशन शुरू किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन में जेसीबी मशीन की मदद से बच्चे को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। बच्चे की स्थिति को बेहतर तरीके से ट्रैक करने के लिए बोरवेल में एक कैमरा भी उतारा गया है।

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने विदिशा जिला प्रशासन को बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने का निर्देश दिया है। भोपाल से एक रेस्क्यू टीम भी विदिशा भेजी गई।

  • 34 बार चाकू से वार कर लड़की की हत्या करने के मामले में कोर्ट का आया बड़ा फैसला

    34 बार चाकू से वार कर लड़की की हत्या करने के मामले में कोर्ट का आया बड़ा फैसला

    नई दिल्‍ली: गुजरात के राजकोट की एक अदालत ने एक नाबालिग लड़की की 34 बार चाकू मारकर हत्या करने के आरोपी को मौत की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरआर चौधरी की अदालत ने 26 वर्षीय जयेश सरवैया को 11वीं कक्षा की एक छात्रा को 34 बार चाकू मारने के आरोप में मौत की सजा सुनाई, क्योंकि उसने संबंध बनाने से इनकार कर दिया था। उस व्यक्ति ने लड़की के भाई को भी घायल कर दिया था, जिसने मार्च 2021 में हुए हमले के दौरान बीच-बचाव करने की कोशिश की थी।

    विशेष सरकारी वकील जनक पटेल ने कहा कि अदालत ने निर्भया मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई परिभाषा के अनुसार इसे “दुर्लभतम से दुर्लभ मामला” माना। उन्होंने कहा कि दोषी को उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। जयेश सरवैया पर भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पटेल ने कहा, “अदालत ने आईपीसी की धारा 302 के तहत आरोपी को मौत की सजा सुनाई और 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया। यह एक ऐसी हत्या थी, जिसने पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया और इसलिए इसे गंभीरता से लिया गया।”

    उन्होंने कहा कि दोषी को अपील के लिए एक महीने का समय दिया गया है। आरोपी और लड़की जेतपुर के जेतलसर गांव के रहने वाले थे। वह आदमी उसे परेशान कर रहा था और 16 मार्च, 2021 को वह एक प्रस्ताव लेकर उसके घर गया। उसके मना करने पर सरवैया ने लड़की की पिटाई की और जब उसने भागने की कोशिश की, तो उसके घर के बाहर कई बार चाकू से वार किया। हैरान स्थानीय लोगों ने मांग की थी कि उन्हें मृत्युदंड दिया जाए।

  • केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ा झटका, जाने मामला

    केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ा झटका, जाने मामला

    नई दिल्ली : कोरोना महामारी के दौरान रोका गया केंद्रीय कर्मचारियों का अठारह महीनों का महंगाई भत्ता या डीए नहीं दिया जाएगा। लोक सभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में सरकार ने जानकारी दी है कि कोरोना काल में केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता काटकर सरकार ने जो 34,402.32 करोड़ रुपए बचाए हैं। सरकार ने इस पैसे का कोरोना महामारी से उबरने में उपयोग किया है। दरअसल, कोरोना काल में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की तीन किश्तें नहीं दी गईं थीं। जनवरी 2020, जुलाई 2020 और जनवरी 2021 का महंगाई भत्ता और महंगाई राहत नहीं दी गई।

    सरकार ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मौजूदा समय में बजट घाटा FRBM एक्ट के प्रावधानों की तुलना में दोगुना है इसलिए यह डीए देने का प्रस्ताव नहीं है। सरकार का कहना है कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए)/महंगाई की तीन किस्तों को रोकने का निर्णय 1 जनवरी 2021 को कोविड-19 के संदर्भ में लिया गया था, ताकि सरकारी वित्त पर ज्यादा दबाव न पड़ें। लेकिन अभी भी सरकार का राजकोषीय घाटा दोगुने से भी अधिक स्तर पर चल रहा है। अभी सरकार को राजकोषीय घाटा से उबरने में कुछ और समय लग सकता है।

    बता दें कि मौजूदा समय में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 38 फीसदी महंगाई भत्ता (DA) दिया जा रहा है। पिछले साल सितंबर 2022 में महंगाई भत्ते में सरकारी द्वारा बढ़ोतरी की गई थी। केंद्रीय कर्मचारियों को 18 महीने के महंगाई भत्ता मिलने की सरकार से काफी उम्मीदें थी लेकिन सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभागियों को महंगाई भत्ता न देने का फैसला कर डाला जिससे उन्हें बड़ा झटका लगा है। हालांकि कर्मचारी यूनियन सरकार से 18 महीने के डीए की मांग लगातार करते रहे हैं। उनकी दलील है कि महंगाई भत्ता (DA Hike) नहीं बढ़ाने के बावजूद कोरोनाकाल के दौरान अपने जान जोखिम में डालकर काम करते रहे हैं।