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  • शादी के बंधन से पहले Partner जरूर करें एक-दूसरे से सवाल, ताउम्र के लिए निभेगा रिश्ता

    शादी के बंधन से पहले Partner जरूर करें एक-दूसरे से सवाल, ताउम्र के लिए निभेगा रिश्ता

    लाइफस्टाइलः अगर आप भी शादी करने के बारे में सोच रहे है तो यह खबर जरूर पढ़े। अगर आप भी अपने रिश्ते को ताउम्र के लिए निभाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सगाई और शादी से पहले अपने पार्टनर से कुछ सवाल जरूर पूछने चाहिए। इससे आपका अपने पार्टनर के साथ रिश्ता मजबूत होगा। एक रिपोर्ट के अनुसार बहुत से लोग सगाई होने के बाद पर्सनल बातचीत शुरू करते हैं। यूं तो ये सब पहले कर लेनी चाहिए, लेकिन अगर आप यहां तक आ गए हैं तो अब आपको अपने होने वाले पार्टनर के साथ उन बड़ी और जरूरी बातें करने में देर नहीं करनी चाहिए। कुछ ऐसे सवाल हैं जिन्हें शादी से पहले पूछा जाना जरूरी है।

    – सबसे जरूरी है कि आपको अपने पार्टनर के साथ पैसों के बारे में बात करनी चाहिए। चूंकि वित्तीय मामले जोड़ों के बीच रिश्ते में तनाव का एक बड़ा कारण हो सकते हैं। इसलिए ऐसे में जोड़ों को लोन, खर्च और बचत जैसी चीजों पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए।

    – कई लोग शादी से पहले बच्चों के बारे में बात करते होंगे लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता है। जबकि इस मुद्दे पर आपको अपने होने वाले पार्टनर के साथ लंबा डिस्कशन करना चाहिए कि आप दोनों बच्चे चाहते हैं या नहीं। प्रेग्नेंसी में दिक्कत अक्सर पति-पत्नी के रिश्ते के लिए खराब होती है। ऐसे में आप दोनों की क्या राय होगी। हालांकि समय के साथ आपकी राय बदल सकती है लेकिन इस पर पहले से पार्टनर की राय लेना काफी मददगार हो सकता है।

    – अगर आप दोनों बच्चे चाहते हैं और कितने चाहते हैं, यह सवाल पूछने के बाद अगला सवाल यह होना चाहिए कि उन्हें कैसे पाला जाए। अगर पति-पत्नी दोनों काम करते हैं तो बच्चों की देखभाल कैसे होगी। क्या इसके लिए महिला को घर में रहना होगा, या फिर इस पर उसके पति की क्या राय होगी।

    – शादी का मतलब हर किसी के लिए एक जैसा नहीं होता। कुछ लोगों को लगता है कि यह पूरी तरह से एक पार्टनरशिप है जबकि कुछ लोगों को लगता है कि यह एक कानूनी समझौता है। अपनी-अपनी अपेक्षाओं के बारे में बात करने से यह तय करने में मदद मिल सकती है कि आप दोनों में से किसी की भी जरूरतें या अपेक्षाएं इस रिश्ते में किस हद तक पूरी हो रही हैं या नहीं हो रही हैं।

  • गुस्सा और तनाव को कहें अलविदा: जानिए मन को शांत रखने के 5 तरीके

    गुस्सा और तनाव को कहें अलविदा: जानिए मन को शांत रखने के 5 तरीके

    Lifestyle: यह रहा आपके शीर्षक “बेचैन मन को शांति देंगे 5 टिप्स, छूट जाएगी छोटी-छोटी बातों पर ओवररिएक्ट करने की आदत” पर आधारित एक आकर्षक लेख प्रारूप:

    > बेचैन मन को शांति देंगे ये 5 आसान टिप्स: छोटी-छोटी बातों पर ओवररिएक्ट करने की आदत से भी मिलेगा छुटकारा व्यस्त जीवनशैली और बढ़ता तनाव आजकल हमारे मन को बेचैन बना देता है। ऐसे में छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना या ज़रूरत से ज़्यादा रिएक्ट करना आम हो गया है। अगर आप भी अपने मन को शांत रखना चाहते हैं और ओवररिएक्शन से बचना चाहते हैं, तो ये 5 टिप्स आपके लिए कारगर साबित हो सकते हैं:

    1. गहरी सांस लें और रुकें – ‘पॉज’ की ताकत को समझें
    जब भी आपको लगे कि आप चिड़चिड़े हो रहे हैं या गुस्सा आने वाला है, तुरंत गहरी सांस लें और कुछ सेकंड रुकें। यह सरल अभ्यास आपकी प्रतिक्रिया को नियंत्रित कर सकता है।

    2. डेली मेडिटेशन को बनाएं आदत
    दिन में सिर्फ 10-15 मिनट का ध्यान (Meditation) आपके दिमाग को शांति और स्थिरता दे सकता है। यह बेचैनी कम करता है और सोचने की स्पष्टता बढ़ाता है।

    3. नींद और खानपान का रखें ध्यान
    नींद की कमी और गलत खानपान मन को अशांत बना सकते हैं। पूरी नींद लें और हेल्दी डाइट को अपनाएं—जैसे हरी सब्जियां, फल, नट्स और पर्याप्त पानी।

    4. सोच को री-फ्रेम करें (Reframe Your Thoughts)
    हर परिस्थिति को नेगेटिव नजरिए से न देखें। खुद से पूछें, “क्या यह वाकई इतना बड़ा मुद्दा है?” यह छोटी-छोटी बातों पर ओवररिएक्शन करने की आदत को रोक सकता है।

    5. डिजिटल डिटॉक्स और ‘मी टाइम’
    फोन, सोशल मीडिया और न्यूज़ से थोड़ी दूरी बनाएं। हर दिन कुछ समय अपने लिए निकालें—पढ़ने, टहलने या शौक पूरे करने के लिए।

    * निष्कर्ष:
    बेचैन मन को शांत रखना कोई एक दिन का काम नहीं है, लेकिन थोड़ी सी जागरूकता और इन टिप्स को अपनाकर आप अपनी प्रतिक्रिया पर नियंत्रण पा सकते हैं और छोटी-छोटी बातों पर ओवररिएक्ट करने से बच सकते हैं।

  • मानसून के साथ आता है खतरा! इन कीड़ों से रहें सावधान

    मानसून के साथ आता है खतरा! इन कीड़ों से रहें सावधान

    मानसून के मौसम में नमी और बारिश की वजह से कई प्रकार के कीड़े-मकोड़े और जीव सक्रिय हो जाते हैं। इनमें से कुछ कीड़े मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक (जानलेवा तक) साबित हो सकते हैं। नीचे ऐसे कुछ सामान्य कीटों की सूची दी गई है जो मानसून में अधिक देखे जाते हैं और जिनसे सावधान रहने की जरूरत है:

    मानसून में नजर आने वाले खतरनाक कीड़े और उनकी हानियां:

    1. मच्छर (Mosquitoes)
    • बीमारियाँ: डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जीका वायरस
    • जोखिम: कुछ मामलों में डेंगू और मलेरिया जानलेवा हो सकते हैं
    • बचाव: मच्छरदानी, रिपेलेंट, पानी जमा न होने देना
    2. चींटियाँ (Especially लाल या काली बड़ी चींटियाँ)
    • बीमारियाँ: एलर्जी, त्वचा पर जलन या सूजन
    • जोखिम: कुछ प्रजातियां विषैली होती हैं; एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है
    3. बिच्छू (Scorpions)
    • जोखिम: डंक मारने पर तेज़ दर्द, सूजन और कुछ प्रजातियों में विष जानलेवा भी हो सकता है
    • इलाके: गीले और अंधेरे स्थानों में छिपे रहते हैं (जूतों में, पत्थरों के नीचे)
    4. सांप (Snakes)
    • जोखिम: मानसून में सांप बाहर निकलते हैं; ज़हरीले सांप का डसना जानलेवा हो सकता है
    • सावधानी: झाड़ी या कीचड़ भरे इलाकों में सतर्कता रखें
    5. तिलचट्टे (Cockroaches)
    • बीमारियाँ: टाइफाइड, डायरिया, फूड पॉइजनिंग
    • जोखिम: खाने-पीने की चीजों को दूषित करते हैं
    6. जोंक (Leeches)
    • जोखिम: खून चूसती हैं, और कभी-कभी इंफेक्शन फैला सकती हैं
    • इलाके: गीली मिट्टी, दलदली क्षेत्र

    >मानसून में बचाव के लिए टिप्स:

    • घर के आसपास पानी जमा न होने दें
    • कीटनाशक का उपयोग करें
    • पूरी आस्तीन वाले कपड़े पहनें
    • घर साफ-सुथरा और सूखा रखें
    • जूते पहनकर ही बाहर निकलें
    • बिस्तर पर मच्छरदानी लगाएं
  • बुढ़ापे में भी सेहतमंद रहना चाहते हैं? तो इन आदतों को आज ही अपनाएं

    बुढ़ापे में भी सेहतमंद रहना चाहते हैं? तो इन आदतों को आज ही अपनाएं

    Lifestyle: बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और बढ़ते तनाव के बीच फिट और हेल्दी रहना आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। खासतौर पर बुढ़ापे में शरीर को बीमारियों से बचाकर एक्टिव बनाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों का मानना है कि अगर कुछ छोटी-छोटी आदतों को रोज़मर्रा की ज़िंदबुढ़ापे में भी सेहतमंद रहना चाहते हैं? तो इन आदतों को आज ही अपनाएंगी में शामिल कर लिया जाए तो बढ़ती उम्र के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    1. संतुलित और पौष्टिक आहार लें

    बुढ़ापे तक फिट रहने के लिए सबसे जरूरी है संतुलित आहार। रोज़ाना हरी सब्जियों, फलों, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर भोजन लें। जंक फूड, तले-भुने भोजन और अत्यधिक चीनी से दूरी बनाना जरूरी है।

    2. रोज़ाना एक्सरसाइज या वॉक करें

    बढ़ती उम्र में शरीर को लचीला और मजबूत बनाए रखने के लिए हल्की एक्सरसाइज, योग या तेज़ वॉक बेहद लाभकारी हैं। यह न केवल शारीरिक सेहत को बेहतर बनाते हैं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी हैं।

    3. भरपूर नींद लें

    नींद पूरी न होने से इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और तनाव बढ़ता है। इसलिए रोज़ाना कम से कम 7–8 घंटे की नींद जरूर लें।

    4. हाइड्रेट रहना है ज़रूरी

    बुजुर्गों को अक्सर प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी भी लाभकारी हो सकते हैं।

    5. मानसिक स्वास्थ्य का रखें ध्यान

    बढ़ती उम्र में अकेलापन और तनाव आम समस्या है। इसके लिए मेडिटेशन, पसंदीदा शौक अपनाना, परिवार और दोस्तों से जुड़े रहना जरूरी है।

    6. बुरी आदतों से दूरी बनाएं

    धूम्रपान, शराब और देर रात तक जागने जैसी आदतें उम्र बढ़ने पर सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। इनसे समय रहते दूरी बना लेना बेहतर होता है।

    7. नियमित हेल्थ चेकअप कराएं

    बुजुर्गों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल और आंखों की जांच करवाते रहना चाहिए। इससे बीमारियों का शुरुआती स्तर पर ही पता लगाया जा सकता है। अगर अभी से इन आदतों को अपनाया जाए तो न सिर्फ बुढ़ापे में शरीर एक्टिव रहेगा, बल्कि जीवन की क्वालिटी भी बेहतर होगी। याद रखें – “बुढ़ापा बीमारी नहीं, बल्कि जीवन का एक पड़ाव है, जिसे स्वस्थ और सुखद बनाया जा सकता है।”
  • जानिए वो छोटी-छोटी आदतें जो बन सकती हैं आपकी बड़ी बीमारी का कारण!

    जानिए वो छोटी-छोटी आदतें जो बन सकती हैं आपकी बड़ी बीमारी का कारण!

    नई दिल्लीः क्या आप जानते हैं कि जिस बेडरूम को आप सबसे ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक मानते हैं, वहीं कुछ चीजें आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं? हेल्थ रिपोर्ट्स में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैंः- आपके अपने ही कमरे में मौजूद कुछ रोज़मर्रा की चीज़ें धीमे ज़हर की तरह शरीर को नुकसान पहुंचा रही हैं। ये न सिर्फ आपकी सांसों और त्वचा को प्रभावित कर सकती हैं, बल्कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा सकती हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपका बेडरूम सच में सेफ हो, तो इन 5 चीज़ों को तुरंत बाहर का रास्ता दिखाएं:

    1. परफ्यूम्ड कैंडल्स और एरोमैटिक स्प्रे

    Buy Good Morning, Sunshine Aromatic Room Spray - 100Ml Online | Wishing Chair सुगंधित मोमबत्तियां और रूम फ्रेशनर आपके मूड को भले ही बेहतर बना दें, लेकिन इनमें मौजूद वोलाटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स (VOCs) लगातार सांस के ज़रिए शरीर में प्रवेश करते हैं। रिसर्च बताता है कि लंबे समय तक इनका इस्तेमाल फेफड़ों पर बुरा असर डाल सकता है और कैंसर जैसी बीमारियों का रिस्क बढ़ा सकता है।

    2. केमिकल ट्रीटेड बेडशीट्स और परदे

    डबल लेयर पर्दों का परिचय | अर्बन स्पेस रंगीन और चमकदार कपड़े कई बार फॉर्मलडिहाइड जैसे केमिकल्स से ट्रीट किए जाते हैं। ये धीरे-धीरे हवा में घुलते रहते हैं और त्वचा या सांसों के ज़रिए शरीर में पहुंचते हैं। इससे एलर्जी, सिरदर्द और कैंसर की आशंका हो सकती है।

    3. मोबाइल और लैपटॉप को सिरहाने रखना

    रात को सोते समय सिरहाने न रखें ये 5 चीजें, अमीर को भी कर देंगी कंगाल - Vastu tips in hindi remove five unlucky things from your pillow head side before sleep रातभर मोबाइल फोन या लैपटॉप तकिया के पास रखना आजकल आम हो गया है। लेकिन इन डिवाइसेज़ से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन नींद की गुणवत्ता को बिगाड़ती है और लंबे समय में शरीर की कोशिकाओं में असामान्य बदलाव कर सकती है। कई स्टडीज इसे संभावित कैंसर कारक (Carcinogen) मानती हैं।

    4. बेडरूम में धूल और कारपेट्स का जमाव

    क्या बेडरूम के लिए लैमिनेट फ़्लोरिंग या कालीन बेहतर है? धूल में मौजूद डस्ट माइट्स सांस की दिक्कतें, स्किन एलर्जी और लंबे समय में क्रॉनिक इंफ्लेमेशन को जन्म देते हैं। इससे शरीर में कैंसर सेल्स बनने का जोखिम बढ़ता है। नियमित सफाई और वैक्यूमिंग से ही इससे बचाव संभव है।

    5. सस्ते प्लास्टिक कंटेनर और फर्नीचर

    बाजार में मिलने वाले सस्ते प्लास्टिक आइटम्स और सस्ते फर्नीचर में बिस्फेनॉल-ए (BPA) और अन्य टॉक्सिक केमिकल्स मौजूद हो सकते हैं। ये हार्मोनल असंतुलन, प्रजनन संबंधी समस्याएं और कैंसर के लिए ज़िम्मेदार माने जाते हैं। Disclaimer: यह खबर केवल आपकी जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से बनाई गई है। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी सलाह को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।
  • जन्नत से कम नहीं ये जगहें, दूर-दूर से घूमने आते हैं विदेशी

    जन्नत से कम नहीं ये जगहें, दूर-दूर से घूमने आते हैं विदेशी

    नई दिल्लीः जून की छुट्टियां आते ही बहुत से लोग घूमने का प्लान बनाने लग पड़ते है। दरअसल यह मौसम गर्मी से राहत देता है। इसलिए इसे घूमने के लिए अच्छा माना जाता है। वहीं इस मौसम में नेचुरल ब्यूटी भी काफी बढ़ जाती है। अगर आपका भी कहीं घूमने का प्लान है तो ये जगहें किसी जन्नत से कम नहीं होंगी।

    कूर्ग हिल स्टेशन

    मॉनसून में कर्नाटक का कूर्ग हिल स्टेशन काफी खूबसूरत लगने लगता है। इस हिल स्टेशन को ‘भारत का स्कॉटलैंड’ नाम से जाना जाता है। इसकी खूबसूरती काफी जबरदस्त है। इस हिल स्टेशन की हरी-भरी पहाड़ियों के अलावा कॉफी के बागान भी बहुत फेमस हैं। यहां आपके धुंध से ढकी वादियां भी मिलेंगी।

    एलेप्पी

    मॉनसून में पर्यटकों के लिए एलेप्पी भी बहुत खूबसूरत है। दरअसल यह हिल स्टेशन केरल का वेनिस भी कहलाता है। आप यहां की कई आकर्षक जगहों पर घूमने की प्लानिंग कर सकते हैं। यहां के बैकवॉटर, हाउसबोट और चारों ओर की हरियाली बेहद मंत्रमुग्ध करने वाली है।

    चेरापूंजी

    टूरिस्ट्स के लिए चेरापूंजी काफी शानदार है। दरअसल यहां बहुत बारिश होती है। इसलिए मॉनसून में इस जगह की खूबसूरती काफी बढ़ जाती है। यहां आपको कई बेहतरीन नजारे मिलेंगे। इसे खूबसूरत झरनों, गुफाओं के चलते टूरिस्ट काफी पसंद करते हैं।

    शिलांग


    मॉनसून में घूमने के लिए आपके लिए शिलांग हिल स्टेशन भी जबरदस्त है। यह मेघालय की राजधानी है। बता दें कि ये हिल स्टेशन पूर्वी हिमालय की पहाड़ियों में बसा हुआ है। वहीं इसे पूर्व का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। इस हिल स्टेशन की हरियाली जबरदस्त है। यहां आप शिलॉन्‍ग व्यू पॉइंट, लैत्कोर पीक, स्प्रेअद ईगल फॉल्स, लेडी ह्य्दारी पार्क और एलिफेंट फॉल्स सहित कई जगहों पर घूम सकते हैं।

    मुन्नार हिल स्टेशन


    टूरिस्ट्स के लिए मुन्नार हिल स्टेशन बहुत शानदार है। मॉनसन में यहां की खूबसूरती बहुत बढ़ जाती है। इसलिए आप यहां कई शानदार जगहों पर घूम सकते हैं. यहां के हरे-भरे चाय के बागान धुंध से ढके पहाड़ और ठंडी हवा आकर्षण का केंद्र है। यहां आप पैराग्लाइडिंग भी इंजॉय कर सकते हैं।

  • Pregnancy में Trip का प्लान बना रहे है तो हो जाए सतर्क, ये लापरवाही पड़ सकती है भारी

    Pregnancy में Trip का प्लान बना रहे है तो हो जाए सतर्क, ये लापरवाही पड़ सकती है भारी

    लाइफस्टाइलः प्रेग्नेंसी में महिलाओं को हर समय खास ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे में आप इन दिनों ट्रिप पर जाने का मन बना रहे है तो आपकों थोड़ा सर्तक रहना पड़ेगा। क्योंकि सफर के दौरान मौसम का बदलना, रास्ते की थकान, खाने-पीने में गड़बड़ी या लंबा बैठना-यह सब आपकी और आपके बेबी की हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

    ट्रिप पर निकलने से पहले अपनी सेहत की जांच जरूर करवाएं, अगर आपको कोई पुरानी बीमारी है या आप नियमित दवाएं लेते हैं तो अपनी आवश्यक दवाएं, एक प्राइमरी ट्रीटमेंट किट, सैनिटाइजर और मास्क हमेशा अपने साथ रखें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लें।

    ट्रैवल के दौरान प्रेग्नेंट महिलाएं डाइट का खास ध्यान रखें। अस्वच्छ भोजन और दूषित पानी से बचें। केवल साफ पानी पिएं और ताजा, गरम खाना ही खाएं। अक्सर लोग बाहर घूमते समय कहीं से कुछ भी खरीद के खा लेते हैं जो उन्हें बाद में नुकसान पहुंचा सकता है इसलिए इस बात का विशेष ख्याल रखें कि आपको अपना आहार पूरी तरह से स्वच्छ रखना है। सफर के दौरान अपनी नींद का भी खास ध्यान रखें, पर्याप्त नींद न भुले। थकान और नींद की कमी आपके इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकती है। इसके साथ मानसिक तनाव भी आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इसलिए यदि आप यात्रा पर हैं तो तनाव से दूर रहें और यात्रा का आनंद उठाएं।

  • घर में जगह-जगह मंडरा रहे Cockroach से हो रहे है परेशान तो अजमाएं ये घरेलू नुस्खा

    घर में जगह-जगह मंडरा रहे Cockroach से हो रहे है परेशान तो अजमाएं ये घरेलू नुस्खा

    लाइफस्टाइलः कॉकरोच जिसका नाम सुनते ही अक्सर महिलाएं डरने लग जाती है। कॉकरेच का हर घर में पाया जाना आम हो गया है। चाहे बाथरूम हो या रसोई। यह आपकों कहीं न कहीं ये मंडराता हुआ दिखाई दे ही जाएगा। इसे देखकर ना सिर्फ घिन आती है, बल्कि कई बीमारियों को फैलान का कारण भी बनते हैं। कुछ लोग कॉकरोच को भगाने के लिए बाजार से केमिकल खरीदकर ले आते हैं लेकिन इनकी वजह से बच्चों और पालतू जानवरों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में अच्छा होगा कि आप कॉकरेच से छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपाय आजमा सकते है।

    सबसे पहले केले के छिलके को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। आप चाहें तो इसे थोड़ा मैश भी कर सकते हैं ताकि इसकी गंध ज्यादा फैले। अब एक करोटी लें इसमें 1-2 चम्मच शक्कर डालें। आखिर में 1-2 चम्मच डिटर्जेंट और लगभग आधा कप पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें। यहां आपको बहुत गाढ़ा नहीं, लेकिन एक बहने वाला घोल तैयार करना होगा।

    अब आप इस कटोरी को उन जगहों पर रखें, जहां आपको कॉकरोच सबसे ज्यादा दिखाई देते हैं। आप इसे रसोई के सिंक के नीचे, अलमारियों के कोनों में, फ्रिज के पीछे, या कचरे के डिब्बे के पास रख सकते हैं। चाहें तो बाथरूम में कॉकरोच की तादाज ज्यादा होने पर वहां भी रख सकते हैं।

    दरअसल शक्कर और केले के छिलके की मीठी गंध कॉकरोच को घोल की तरफ अट्रैक्ट करती है। और जब कॉकरोच इस घोल को छूते हैं या इसमें से पीते हैं, तो डिटर्जेंट उनके शरीर पर चिपक जाता है और उनके सांस लेने के रास्ते को बंद कर देता है, जिससे वे मर जाते हैं।

    इस घोल को बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें, भले ही कोई हानिकारक रसायन कम हों। रोजाना या हर दूसरे दिन बदलें, क्योंकि केले के छिलके की गंध समय के साथ कम हो सकती है और डिटर्जेंट भी कम प्रभावी हो सकता है। घर को साफ सुथरा रखना, खाने-पीने की चीजों को ढक कर रखना और नमी वाले इलाकों को सूखा रखना भी बहुत जरूरी है ताकि कॉकरोच दोबारा न आएं।

  • Health Tips: गर्मियों में ऐसे रखें अपनी आंखों का ख्याल – एक्सपर्ट से जानें जरूरी टिप्स

    Health Tips: गर्मियों में ऐसे रखें अपनी आंखों का ख्याल – एक्सपर्ट से जानें जरूरी टिप्स

    गर्मी का मौसम सिर्फ लू और तेज़ धूप ही नहीं, बल्कि आंखों की सेहत के लिए भी चुनौतियां लेकर आता है। ऐसे में आंखों की देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है, वरना जलन, सूखापन, रेडनेस और इन्फेक्शन जैसी समस्याएं आम हो सकती हैं। आई एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कुछ आसान उपायों को अपनाकर आप गर्मियों में अपनी आंखों को स्वस्थ और सुरक्षित रख सकते हैं।

    1. तेज धूप से बचाएं अपनी आंखें

    दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के आई डिपार्टमेंट के डॉ. ए. के. ग्रोवर बताते हैं कि गर्मी में घर से बाहर निकलते समय अच्छी क्वालिटी का सनग्लास ज़रूर पहनें। ये ना सिर्फ सूरज की तेज़ किरणों से आंखों को बचाते हैं, बल्कि धूल-मिट्टी और प्रदूषण से भी सुरक्षा देते हैं। हमेशा UV प्रोटेक्शन वाला चश्मा चुनें और दोपहर के समय तेज़ धूप में बाहर जाने से बचें।

    2. आंखों को रखें हाइड्रेटेड

    गर्मी में शरीर के साथ-साथ आंखों को भी नमी की जरूरत होती है। दिनभर में कम से कम 7-8 गिलास पानी पिएं। इससे आंखों में ड्रायनेस की समस्या नहीं होगी। अगर आंखों में ज्यादा सूखापन महसूस हो तो डॉक्टर से पूछकर आर्टिफिशियल आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    3. आंखों को ठंडक पहुंचाएं

    अगर आंखों में थकान या जलन महसूस हो तो साफ कपड़े में बर्फ के टुकड़े लपेटकर आंखों पर 5-10 मिनट रखें। इसके अलावा खीरे के टुकड़े या गुलाबजल में भीगे कॉटन पैड्स भी राहत दे सकते हैं।

    4. हाथों की सफाई रखें

    गर्मी में पसीना और बार-बार आंखें मलने की आदत से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। दिन में कई बार हाथ धोएं और आंखों को बिना हाथ धोए न छुएं, ताकि कंजक्टिवाइटिस और आई इन्फेक्शन से बच सकें।

    5. सही खानपान है जरूरी

    आंखों की सेहत के लिए विटामिन A, C और E बेहद जरूरी हैं। अपने आहार में हरी सब्जियां, गाजर, पालक, आंवला, आम और पपीता जैसे फल शामिल करें। ये आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मदद करते हैं।

    6. स्क्रीन टाइम करें कंट्रोल

    डॉ. ग्रोवर कहते हैं कि गर्मियों की छुट्टियों में बच्चे और युवा मोबाइल या लैपटॉप पर ज्यादा वक्त बिताते हैं, जिससे आंखों में तनाव बढ़ता है। 20-20-20 रूल अपनाएं: हर 20 मिनट बाद स्क्रीन से नजर हटाकर 20 फीट दूर देखें और 20 सेकंड तक आंखों को आराम दें।

    7. आई मेकअप का करें सावधानी से इस्तेमाल

    गर्मी में आईलाइनर, मस्कारा और काजल पसीने और गर्मी से फैल सकते हैं। इसलिए वाटरप्रूफ और हाइपोएलर्जेनिक प्रोडक्ट्स चुनें और सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह साफ करें।

    8. कब दिखाएं डॉक्टर को?

    अगर आंखों में लगातार जलन, रेडनेस, पानी आना या दर्द महसूस हो तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से कोई दवा न डालें, क्योंकि इससे दिक्कत बढ़ सकती है।

    गर्मी के मौसम में आंखों की देखभाल पर थोड़ी सी सावधानी बरतकर आप आंखों को सुरक्षित और स्वस्थ रख सकते हैं। ये आसान टिप्स आपकी आंखों को तेज़ धूप, प्रदूषण और इंफेक्शन से बचाने में मदद करेंगे।

  • Office Workers में क्यों बढ़ रहा है दिल की बीमारी का खतरा? जानिए 3 बड़ी वजहें

    Office Workers में क्यों बढ़ रहा है दिल की बीमारी का खतरा? जानिए 3 बड़ी वजहें

    Lifestyle: ऑफिस वर्कर्स में दिल की बीमारी का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, और इसके पीछे तीन प्रमुख कारण हैं जो सबसे ज्यादा जिम्मेदार माने जाते हैं 1. बैठे रहने वाली जीवनशैली (Sedentary Lifestyle): ऑफिस का काम ज़्यादातर कुर्सी पर बैठकर कंप्यूटर के सामने होता है, जिससे शारीरिक गतिविधि न के बराबर होती है।
    • लंबे समय तक बैठने से रक्त संचार धीमा हो जाता है।
    • इससे कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर का स्तर बढ़ सकता है।
    • शारीरिक निष्क्रियता से मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जो दिल की बीमारी के मुख्य कारण हैं।
    2. तनाव और मानसिक दबाव (Chronic Stress): ऑफिस में लगातार काम का दबाव, टारगेट, डेडलाइन और नौकरी की असुरक्षा जैसी बातें मानसिक तनाव को बढ़ाती हैं।
    • तनाव से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जो हृदय पर नकारात्मक असर डालता है।
    • तनाव में लोग ज्यादा खाना, धूम्रपान, और अल्कोहल का सहारा लेने लगते हैं, जो जोखिम को और बढ़ा देते हैं।
    • इससे नींद की गुणवत्ता भी खराब होती है, जो दिल के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
    3. अनियमित और अस्वास्थ्यकर खानपान (Poor Eating Habits): ऑफिस वर्कर्स अक्सर जल्दी में या काम के चलते बाहर का खाना खाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
    • ज्यादा फैट, शुगर, और नमक से भरपूर प्रोसेस्ड फूड्स दिल की बीमारी का खतरा बढ़ाते हैं।
    • समय पर न खाना, भूखे रहना, या बार-बार स्नैकिंग जैसी आदतें मेटाबॉलिज्म को गड़बड़ा देती हैं।
    • पानी कम पीना और कैफीन अधिक लेना भी शरीर को डिहाइड्रेट करता है, जिससे रक्तचाप बढ़ सकता है।

    > समाधान:

    • हर घंटे में कम से कम 5 मिनट चलें या स्ट्रेच करें।
    • ऑफिस में तनाव प्रबंधन के लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज, योग या मेडिटेशन अपनाएं।
    • घर का बना संतुलित भोजन खाएं और फास्ट फूड से बचें।
    • नियमित स्वास्थ्य जांच करवाते रहें, खासकर यदि परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास हो।