Category: Lifestyle

  • रोज मोमोज खाने से होती हैं ये बीमारियां, आज से ही हो जाएं सावधान, नहीं तो…

    रोज मोमोज खाने से होती हैं ये बीमारियां, आज से ही हो जाएं सावधान, नहीं तो…

    आजकल फास्ट फूड का चलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। खासकर मोमोज की स्टॉल पर उठती गर्म भाप और तीखी चटनी की खुशबू हर किसी को अपनी ओर खींच ही लेती है। यह सस्ता, स्वादिष्ट और आसानी से मिलने वाला स्नैक अब लगभग हर शहर में पसंद किया जाने लगा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोजाना मोमोज खाने की आदत आपकी सेहत पर कई तरह के बुरे असर डाल सकती है? आइए इसे विस्तार से जानते हैं…
    1. पाचन पर बुरा असर
    मैदा से बनी लेयर मोमोज की बाहरी परत मैदा से बनती है। मैदा में फाइबर बहुत कम होता है। फाइबर की कमी से कब्ज, गैस, पेट फूलना, खाना ठीक से न पचना जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। कम पोषक तत्व मोमोज में ज़्यादातर सिर्फ कार्बोहाइड्रेट होता है। इसमें विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन जैसे जरूरी पोषक तत्व लगभग नहीं होते। यानी रोज़ाना मोमोज खाने का मतलब है-कैलोरी तो ज्यादा मिल रही है, लेकिन शरीर को सही पोषण नहीं मिल रहा।
    1. चटनी में अनहेल्दी फैट्स
    मोमोज के साथ मिलने वाली लाल चटनी आमतौर पर बहुत नमकीन और तीखी होती है। इसमें अनहेल्दी फैट्स भी होते हैं। इससे हो सकता है शरीर में पानी रुकना, पाचन तंत्र पर दबाव, ब्लड प्रेशर बढ़ना यानी मोमोज जितने नुकसानदायक हैं, उनकी चटनी भी उतनी ही खतरनाक हो सकती है।
    1. वजन बढ़ने का खतरा
    मोमोज “खाली कैलोरी” देते हैं—यानी ऐसी कैलोरी जो पोषण नहीं देती। अगर आप रोज़ मोमोज खाते हैं, तो धीरे-धीरे वजन बढ़ना पेट और कमर पर फैट जमा होना जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।  
  • गधी के दूध से बने Soap से नहाने की वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

    गधी के दूध से बने Soap से नहाने की वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

    Donkey Milk Soap: आजकल हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा (स्किन) चमकदार और जवां दिखे। इसके लिए लोग तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं-कोई महंगी क्रीम्स खरीदता है, तो कोई घरेलू नुस्खों का सहारा लेता है। भारत में जहां लोग आयुर्वेद और प्राकृतिक चीजों पर भरोसा करते हैं, वहीं अब दुनिया के कुछ देशों में एक अनोखा ब्यूटी ट्रेंड देखने को मिल रहा है-गधी के दूध से बना साबुन (Donkey Milk Soap)।

    क्या है गधी के दूध वाला साबुन ट्रेंड?
    पहली बार सुनकर यह थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन यह सच है कि अब दुबई, जॉर्डन और कई अन्य देशों में लोग गधी के दूध से बने साबुन का इस्तेमाल कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड की खूब चर्चा है। लोग दावा करते हैं कि यह साबुन स्किन को ग्लोइंग बनाता है, झुर्रियों को कम करता है, और उम्र बढ़ने के असर (एजिंग इफेक्ट) को धीमा करता है।

    जॉर्डन से शुरू हुई यह अनोखी पहल
    गल्फ न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Attan Donkey Milk Soap नाम की एक कंपनी ने जॉर्डन की राजधानी अम्मान से लगभग 35 किलोमीटर दूर मदाबा (Madaba) नाम के इलाके में इस साबुन का उत्पादन शुरू किया है।

    कंपनी के पास 12 गधी हैं और इन्हीं के दूध से साबुन तैयार किया जाता है। शुरुआत में जब इस साबुन की बात सामने आई, तो लोग इसे मजाक समझने लगे। लेकिन जब लोगों ने इसे इस्तेमाल किया, तो उन्हें इसके फायदे महसूस हुए। अब हालात ऐसे हैं कि इसकी डिमांड तेजी से बढ़ रही है और विदेशों से भी ऑर्डर आ रहे हैं।

    पूरी तरह नेचुरल और केमिकल-फ्री साबुन
    कंपनी का कहना है कि उनका साबुन पूरी तरह से प्राकृतिक (Natural) और केमिकल-फ्री (Chemical-Free) है।इसमें किसी भी तरह का हानिकारक पदार्थ नहीं डाला जाता। लोग बताते हैं कि यह साबुन त्वचा को नर्म और मुलायम बनाता है और चेहरे की चमक बढ़ाता है।

    क्यों खास है गधी का दूध?
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, गधी के दूध में प्रोटीन, मिनरल्स और विटामिन्स की भरपूर मात्रा होती है। ये तत्व त्वचा को मॉइस्चराइज रखते हैं और उसे ड्राई होने से बचाते हैं। साथ ही, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को सूरज की किरणों, प्रदूषण और झुर्रियों से बचाते हैं। यही वजह है कि यह साबुन एजिंग की प्रक्रिया को धीमा करता है।

    क्या है एक्सपर्ट्स की राय…
    अम्मान के एक ब्यूटी सेंटर की डाइटिशियन बताती हैं कि गधी के दूध में मैग्नीशियम, कॉपर, सोडियम, मैंगनीज, जिंक, कैल्शियम और आयरन जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं, जो स्किन को पोषण देते हैं और उसे हेल्दी बनाए रखते हैं। उनके मुताबिक, इसमें पाया जाने वाला व्हे प्रोटीन (Whey Protein) भी बहुत फायदेमंद होता है।

    इसमें एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, यानी यह त्वचा पर वायरस और बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है। इससे स्किन संक्रमण (इन्फेक्शन) से सुरक्षित रहती है और स्वस्थ और चमकदार दिखती है।

     

  • वैज्ञानिकों का बड़ा दावा, अब इंसान 50-100 नहीं 150 साल तक जी पाएंगे

    वैज्ञानिकों का बड़ा दावा, अब इंसान 50-100 नहीं 150 साल तक जी पाएंगे

    दुनिया भर में लोग अपनी उम्र बढ़ाने के लिये अच्छा खान-पान व व्याम करते हैं। साथ ही वैज्ञानिक भी इस खोज में हमेशा शोध करते रहते हैं, कि इंसानों की उम्र 50 से 100 साल नहीं, बल्कि 150 साल तक कर दिया जाए। वहीं, चीन के वैज्ञानिक ऐसी ही एक दवा पर काम कर रहे हैं जो उम्र बढ़ाने का दावा करती है। वैज्ञानिक ने यह दवा अंगूर के बीज से निकले एक प्राकृतिक तत्व पर आधारित है। लेकिन वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है की यह अभी सिर्फ दावा है, इंसानों पर टेस्टिंग अभी भी बाकी है।

    कंपनी का दावा- उम्र बढ़ने का प्रोसेस रुकेगा
    कंपनी लॉनवी बायोसाइंसेज इस दवा पर रिसर्च कर रही है। दवा का मेन इंग्रीडिएंट प्रोस्यानिडिन सी1 (PCC1) है, जो अंगूर के बीज के अर्क में मिलता है। कंपनी ने कहा कि यह दवा शरीर के कमजोर टिश्यू को चुनिंदा तरीके से खत्म करेगी, जबकि हैल्थी टिश्यू को प्रोटेक्ट करेगी। इससे उम्र बढ़ने का प्रोसेस रुकेगा और लाइफ लंबी हो जाएगी।

    चूहों पर किया गया सफल टेस्टिंग
    यह दावा 2021 में नेचर मेटाबॉलिज्म जर्नल में छपी एक स्टडी पर आधारित है। चूहों पर किए गए टेस्ट में PCC1 ने कमाल दिखाया। इसमें पुराने टिश्यू को चुनिंदा तरीके से खत्म किया। हैल्थी टिश्यू को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। दवा लेने वाले चूहों की जिंदगी औसतन 9% ज्यादा लंबी हुई। इलाज शुरू होने के बाद की उम्र गिनें तो 64.2% ज्यादा हुई। कंपनी अब इसी तकनीक को इंसानों के लिए गोली के रूप में तैयार कर रही है।

    वैज्ञानिकों ने दी ये चेतावनी
    विशेषज्ञ ने चेतावनी देते हुए कहा कि चूहों पर टेस्टिंग का रिजल्ट सही आया है, लेकिन इंसानों पर इसे अप्लाई करना अभी सही नहीं होगा। दवा की सुरक्षा और इफेक्टिवनेस साबित करने के लिए बड़े क्लिनिकल ट्रायल जरूरी है।

    रिसर्च को मिली राष्ट्रीय प्राथमिकता
    सरकार और निजी कंपनियां लंबी उम्र की रिसर्च में भारी निवेश कर रही हैं। दुनिया भर में एंटी-एजिंग स्टडीज बढ़ रही हैं, रिसर्चों ने बताया कि अभी इस रिसर्च को सफलता मिलने में सालों लगेंगे।

  • अब बिना Internet के भी होगी UPI Transaction, बस फॉलो करने पड़ेंगे ये Steps

    अब बिना Internet के भी होगी UPI Transaction, बस फॉलो करने पड़ेंगे ये Steps

    नई दिल्ली: भारत में इन दिनों यूपीआई ने पैसों का लेन-देन बहुत आसान बना दिया है। ज्यादातर लोग अब नकद पैसे रखने की जगह मोबाइल से ही पैमेंट करना पसंद करते हैं परंतु कई बार नेटवर्क की समस्या या फिर बैंक सर्वर डाउन होने के कारण यूपीआई ट्रांजेक्शन फेल हो जाती है। ऐसे में अब सवाल यह आता है कि क्या इंटरनेट के बिना यूपीआई से पैसे भेजे जा सकते हैं? ऐसे में आपको बता दें कि बिना इंटरनेट के भी यूएसएसडी सेवा की मदद से आप ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं।

    ऑफलाइन पेमेंट से पहले करें ये काम

    ऑफलाइन पेमेंट करने के लिए सबसे पहले आपका मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट से लिंक होना चाहिए। इसके बाद अपने बैंक की ऐप या फिर वेबसाइट से यूपीआई पिन सेट कर लें। एक बार जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाए तो आप आसानी से ऑफलाइन ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।

    ऐसे करें ऑफलाइन पेमेंट

    . सबसे पहले अपने फोन के कॉल डायलर में जाएं। इसके बाद आपको वहां पर *99# पर कॉल करनी होगी। . फिर आपके फोन स्क्रीन पर मेन्यू ओपन हो जाएगा। इसमें Send Money, Check Balance, Request Money जैसे ऑप्शन्स दिखेंगे। . इसके बाद आप बैंक अकाउंट को सेलेक्ट करें जिससे आप पेमेंट करना चाहते हैं। . इसके बाद जहां पैसे भेजना चाहते हैं तो उसका मोबाइल नंबर यूपीआई आईडी या बैंक अकाउंट नंबर और आईएफएससी के साथ डालें। . अब जितना पैसा भेजना हो वह टाइप करें और अंत में अपना यूपीआई पिन डाल दें। इतना करते ही कुछ सैकेंड में आपकी पेमेंट हो जाएगी बिना इंटरनेट कनेक्शन की।

    इस बात का भी रखें ध्यान

    इस सेवा के जरिए आप ज्यादा से ज्यादा 5,000 रुपये तक की ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। हर ट्रांजेक्शन पर आपको रुपये 0.50 का मामूली शुल्क लिया जाएगा। यह सुविधा यूजर्स के लिए 24*7 उपलब्ध होगी। छुट्टियों में भी यह काम करती है। सभी मोबाइल नेटवर्क और हैंडसेट्स पर यह सपोर्टेड है।
  • भारतीय युवाओं में बढ़ रहा Travelling का Craze, पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों ने किया खुलासा

    भारतीय युवाओं में बढ़ रहा Travelling का Craze, पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों ने किया खुलासा

    नई दिल्ली: यह बात आपने कई बार सुनी होगी कि दुनिया बहुत खूबसूरत है बस आपको अपने घर से बाहर निकलने की जरुरत है। इस बात में 100% सच्चाई है कि दुनिया सच में बहुत खूबसूरत है और आप भी इसका अनुभव तभी कर पाएंगे जब अपने ऑफिस वाले माहौल से शांति और सुकून ढूंढने के लिए बाहर निकलेंगे। यह जानकार शायद आप हैरान हो सकते हैं कि भारतीय घूमने-फिरने के मामले में तेजी से आगे जा रहे हैं। पर्यटन मंत्रालय के हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, कम उम्र में विदेशी यात्रा करने वालों में भारतीय सबसे आगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों में 15 से 44 साल की उम्र के लोग सबसे ज्यादा है। इस उम्र वर्ग में भारतीयों की संख्या करीबन 60% से ज्यादा है। वहीं विदेश से भारत घूमने आने वाले इसी उम्र के लोगों की संख्या काफी कम है। ऐसे में यह देखा जा सकता है कि भारतीय युवा जहां जल्दी-जल्दी ट्रिप प्लान करते हैं वहीं विदेशी सैलानी ज्यादा उम्र में यात्रा करते हैं।

    युवाओं में बढ़ रहा ट्रैवलिंग का क्रेज

    पर्यटन मंत्रालय ने जो आंकड़े जारी किए हैं उसके अनुसार, 15 से 24 साल के भारतीय पर्यटकों को विदेश जाना लगभग 10.5% है। वहीं 25 से 34 साल के यात्रियों की हिस्सेदारी इसमें 27.46% है। 35 से 44 साल के लोगों का प्रतिशत 24.57% दर्ज किया गया है। इसके अनुसार, 55 साल से ज्यादा के भारतीय यात्रियों की संख्या काफी कम है। इन आंकड़ों के अनुसार, भारतीय युवा अब घूमने-फिरने को सिर्फ छुट्टी या शौक नहीं बल्कि लाइफस्टाइल के तौर पर देख रहे हैं। बहुत से ऐसे युवा भी हैं जो काम या स्टडी ब्रेक के दौरान ट्रैवल का प्लान बना लेते हैं। कम समय में नए देश देखना और वहां के कल्चर को समझना अब युवाओं की प्राथमिकता बन चुका है।

    विदेशी पर्यटकों की अलग है सोच

    इस मामले में विदेशी पर्यटकों का रुझान अलग है। आकंड़ों के अनुसार, ज्यादातर विदेशी लोग 55 साल की उम्र के बाद घूमने के लिए जाते हैं। ऐसे में भारत में जहां युवा कम उम्र में ही दुनिया को देखने के लिए निकलते हैं। वहीं दूसरे देशों में लोग रिटॉयरमेंट के बाद ट्रैवलिंग एंजॉय करते हैं। पर्यटन एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतीयों के लिए अब ट्रैवल स्टेटस सिंबल से ज्यादा एक्सपीरियंस बन चुका है। लोग कम पैसे और सीमित समय में ही विदेश यात्राओं की योजना बना लेते हैं। वहीं विदेशी पर्यटक घूमने से पहले यहां लंबी तैयारी करते हैं और अक्सर एक ही ट्रिप में कई देशों का भ्रमण करते हैं। मंत्रालय की रिपोर्ट में यह भी साफ हो गया है कि 2024 में भारत से बाहर जाने वाले पर्यटकों की संख्या में 11% की बढ़ोतरी हुई है। भारत में जहां साल 2024 में 99 लाख 51 हजार विदेशी आए थे वहीं भारत से विदेश जाने वाले लोगों की संख्या 3 करोड़ 8 हजार के आस-पास थी। इसके साथ ही देश में आने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या में 11 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
  • Premanand Maharaj से मिलने वृंदावन में पहुंचे पारस छाबड़ा, बताई अपने दिल की बात

    Premanand Maharaj से मिलने वृंदावन में पहुंचे पारस छाबड़ा, बताई अपने दिल की बात

    नई दिल्ली: बिग बॉस 13 से फैंस के दिलों में जगह बनाने वाले पारस छाबड़ा इन दिनों यूट्यूब पर अपना कमाल दिखा रहे हैं। पारस यूट्यूब की दुनिया का एक बड़ा नाम बन चुके हैं हालांकि वो ग्लैमर वर्ल्ड की दुनिया का भी हिस्सा है परंतु फिर भी अपने संस्कारों के साथ जुड़े हुए हैं। अब हाल ही में एक्टर वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। उन्होंने महाराज के साथ अपने दिल की बड़ी कश्मकश शेयर की जिसके बाद महाराज ने उन्हें बड़ी सलाह दी।

    ‘ऐसा नहीं कहना है’

    पारस छाबड़ा ने प्रेमानंद महाराज से कहा कि – ‘मझे राधा रानी से प्रेम है इसलिए मैं सुखद अनुभव सबसे साथ साझा कर देता हूं’। इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए सब ये नहीं कर पाएंगे और आप खाली हो जाएंगे। पारस कहते हैं कि- ‘मेरा एक शो है यूट्यूब पर जिस पर मैं बोलता हूं जहां मैं राधा रानी की बात करता हूं’। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि- ‘उनकी बात करना अलग है लेकिन ये बात कहना है कि मुझे ऐसा अनुभव हो रहा है मुझे ऐसा फील हो रहा है इससे या तो आप पाखंड में आ जाएंगे या तो आपका अनुभव खत्म हो जाएगा क्योंकि सत्य सिद्धांत हैं। हम अपने अनुभव दूसरों के साथ ऐसे शेयर कर सकते हैं कि मुझे संत ने ऐसा कहा है कि ऐसा कर लें लेकिन मुझे अनुभव होता है वो नहीं कहना है’।
     
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    ‘मैं एक आम आदमी हूं’

    पारस ने आगे कहा कि – ‘मैं एक आम आदमी हूं संत नहीं हूं मुझे लगता है कि जिसने राधा नाम जपना शुरु किया और लीलाएं होने लगी। राधा रानी चमत्कार दिखाने लगी तो लगता है कि बताओ लेकिन अब से मैं संतों का नाम लूंगा’। प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि – ‘अपनी बात को दूसरों को ऐसे बताओ कि हमें ऐसे-ऐसे साधक मिले जो बिल्कुल राधा नाम नहीं जपते थे लेकिन जब उन्होंने जपना शुरु किया तो बहुत फायदा मिला। प्रेमानंद महाराज ने उनसे कहा कि अपनी बात बताइए लेकिन किसी साधक का नाम लेकर। इससे आप अपनी बात भी बोल देंगे और बच भी जाएंगे’।

    ‘बिग बॉस 13’ में नजर आ चुके हैं पारस

    पारस छाबड़ा के करियर की अगर बात करें तो वह कई सारे टीवी रिएलिटीज शो में दिख चुके हैं परंतु उन्हें असली पहचान ‘बिग बॉस 13’ से मिली थी। बिग बॉस से बाहर निकलने के बाद वह डिप्रेशन में भी रहे थे परंतु फिर उन्होंने दोबारा से कमबैक किया। अब वो अपने पॉडकास्ट के जरिए लोगों के साथ जुड़े हैं। पारस का भक्तिमय रुप फैंस को खूब भाता है। उनके राधा नाम जपने की भी काफी तारीफ होती है।  
  • World Food Day 2025: भारत ही नहीं विदेशों में भी खूब पसंद किए जाते हैं ये 5 पकवान

    World Food Day 2025: भारत ही नहीं विदेशों में भी खूब पसंद किए जाते हैं ये 5 पकवान

    नई दिल्ली: खाना सभी की पहली जरुरत होता है। भारत में कई तरह के व्यंजन हैं जिनको सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी लोग काफी पसंद करते हैं। खाने के महत्व को दुनियाभर में समझाने के लिए हर साल 16 अक्टूबर को वर्ल्ड फूड डे मनाया जाता है। वैसे तो भारत के खाने का रंग और स्वाद दोनों ही अलग है। फिर चाहे गुजरात का ढोकला, अमृतसर के नान, हैदराबाद की बिरयानी, बिहार का लिट्टी चोखा भारत के हर कोने में आपको कई तरह के फ्लेवर और जायके मिल जाएंगे। वर्ल्ड फूड डे के खास दिन पर आपको 5 ऐसे फूड बताते हैं जिन्हें लोग विदेश में भी बहुत पसंद करते हैं।

    बिरयानी

    इसका नाम सुनते ही हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है। लंबे-लंबे चावल और मसाले की खुशबू इसे एक क्लासिक इंडियन डिश बनाती है। भारत में जहां हैदराबाद और मुरादाबादी बिरयानी सबसे मशहूर है। इसके अलावा गल्फ देशों और यूरोप में भी इसको लोग बड़े शौक के साथ खाते हैं।

    मसाला चाय

    भारत में कई लोग ऐसे हैं जिनकी सुबह की शुरुआत मसाला चाय के साथ होती है परंतु इसका स्वाद विदेशों में भी लोगों को दीवाना बना रहा है। अमेरिका और यूरोप में लोग इसको लाटे चाय के नाम से पसंद करते हैं। ऐसे में अब चाय विदेशों की संस्कृति का स्वाद भी बन रही है।

    बटर चिकन

    उत्तर भारत की मशहूर डिश बटर चिकन न सिर्फ भारत में बल्कि इंग्लैंड और अमेरिका जैसे देशों में भी लोगों की पहली पसंद बन गया है। क्रीमी और बटर फ्लेवर वाला यह नॉनवेज डिश अपने स्वाद और माइल्ड मसालों के कारण हर जगह पसंद की जा रही है।

    दाल तड़का और नान

    विदेश के भारतीय रेस्टोरेंट में दाल तड़का और नान का कॉम्बो भी काफी ज्यादा पसंद किया जाता है। विदेशों में यह डिश सबसे ज्यादा ऑर्डर की जाती है। गर्मा-गर्म दाल और बटर नान सिर्फ भारत तक ही नहीं बल्कि ग्लोबल लेवल पर लोग इंडियन सोल फूड के तौर पर मशहूर हो चुका है।

    समोसा

    भारत का प्रिय स्ट्रीट फूड समोसा भी विदेशों में बहुत पसंद किया जाता है। आलू और मसाले से भरा यह कुरकुरा स्नैक्स शाम को चाय के साथ सभी बहुत पसंद करते हैं। अब समोसा सिर्फ भारत ही नहीं कनाडा, यूके और अमेरिका तक पहुंच चुका है। इन देशों में समोसे को इंडियन स्नैक्स के तौर पर पहचाना जाता है।  
  • Premanand Maharaj से मिलने वृंदावन पहुंचे Elvish Yadav, महाराज ने दी Youtuber को ये सलाह

    Premanand Maharaj से मिलने वृंदावन पहुंचे Elvish Yadav, महाराज ने दी Youtuber को ये सलाह

    नई दिल्ली: मशहूर यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी 2 के विनर एल्विश यादव वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए पहुंचे। एल्विश प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर काफी चिंतित थे। ऐसे में उन्होंने वृंदावन में जाकर महाराज जी से मुलाकात की। यूट्यूबर से बात करते हुए प्रेमानंद महाराज ने कहा कि अब स्वास्थ्य के बारे में क्या कहें?

    दोनों किडनियां हो गई हैं फेल

    उन्होंने बताया कि – ‘दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं लेकिन भगवान की कृपा से आप सभी से मिल सकता हूं, बात कर सकता हूं। अब ठीक होने को कुछ नहीं बचा। आज नहीं तो कल सबको जाना है। प्रेमानंद महाराज की बातें सुनकर वहां खड़े सभी श्रद्धालु भावुक हो गए। प्रेमानंद महाराज ने एल्विश से पूछा कि नाम जप करते हो’?

    जरुर करो नाम जप

    एल्विश ने सच्चाई के साथ जवाब दिया और कहा कि नहीं। प्रेमानंद महाराज ने यूट्यूबर से कहा कि – ‘करना चाहिए। थोड़ा-थोड़ा ही सही आज तुम सफर हो पूर्व जन्मों के कर्म से लेकिन आज के लिए क्या करोगे? भगवान का नाम जपो क्या चला जाएगा? काउंटर रिंग पहन लो और रोज 10,000 बार राधा का नाम जपो, करोगे? एल्विश यादव ने प्रेमानंद महाराज से सहमति जताई और उनको यह वादा भी किया कि वो रोज राधा नाम का जाप 10,000 बार करेंगे’।

    लाखों लोग आपको देखकर करेंगे यह काम

    प्रेमानंद महाराज ने एल्विश से कहा कि – ‘अगर आप हाथ में शराब लेकर दिखाओेगे तो लाखों लोग आप से वहीं सिखेंगे। अगर आप राधा नाम का जप करोगे तो लोग आपको देखकर वही करेंगे। एल्विश और प्रेमानंद महाराज की बात सुनकर फैंस काफी भावुक हो गए हैं’।

    अब ठीक है महाराज की तबीयत

    बीते दिन सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज की सेहत से जुड़ी काफी झूठी अफवाहें उड़ रही थी। ऐसे में श्री हित राधा केलि कुंज परिसर की ओर से उनकी सेहत के बारे में जानकारी दी गई थी। इसमें कहा था कि – ‘पूज्य गुरुदेव श्रीहित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है। गुरुदेव पूर्ववत अपनी दैनिक दिनचर्या में स्थित है। सिर्फ प्रात: कालीन पदयात्रा अनिश्चित काल के लिए स्थगित की गई है। इसके साथ ही परिसर ने सभी भक्तों से विनम्र निवेदन भी किया है कि कृपया किसी भी तरह की झूठी या निराधार अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही उन्हें फैलाएं’। यह अपडेट हाल ही में प्रेमानंद महाराज के ऑफिशियल सोशल मीडिया पेज भजन मार्ग पर दिया गया है। इस सूचना के बाद से भक्त काफी खुश है और उनके आगे भी स्वस्थ रहने की कामना कर रहे हैं।
  • बालों में Hair Color करवाना पड़ा लड़की को भारी, किडनी में आई सूजन

    बालों में Hair Color करवाना पड़ा लड़की को भारी, किडनी में आई सूजन

    नई दिल्ली: बदलते हुए इस फैशन के दौर में हर कोई अपने मनपसंदीदा एक्टर या एक्ट्रेस जैसा दिखना चाहता है। इसके लिए लोग उनके फैशन और ब्यूटी टिप्स भी फॉलो करते हैं लेकिन कई बार दूसरों के जैसे दिखने की चाहत आपके लिए परेशानी का कारण भी बन सकती है। अब चीन में भी एक ऐसा ही मामला आया है। 20 साल की लड़की ने अपनी पसंद की सेलिब्रिटी की तरह दिखने की तरह हेयर कलर करवा लिया परंतु यह हेयर कलर इसे इतना भारी पड़ा कि उसको किडनी संबंधी बीमारी हो गई। जब लड़की को दिक्कत होने लगी तो वह अस्पताल में पहुंची। इस दौरान उसे पता चला कि उसकी किडनी में सूजन आ गई है।

    हेयर कलर बना जान का दुश्मन

    लड़की का नाम HUA था और उसकी उम्र 20 साल थी। हर महीने अपने पसंदीदा स्टार के जैसे दिखने की चाहत में वह अपने बालों को कलर करवाने के लिए सैलून में जाती थी और अपने बालों में उसी रंग का कलर करवा लेती थी जो उसका फेवरेट स्टार करता था। कुछ समय बाद इस लड़की को पेट और जोड़ों में दर्द और पैरों पर लाल निशान जैसी शिकायत होने लगी। जब वो डॉक्टर के पास गई तो पता चला कि उसको किडनी में सूजन है।

    इस वजह से हुई दिक्कत

    एक्सपर्ट्स के अनुसार, अक्सर बालों में कलर करवाने से स्कैल्प के जरिए शरीर में जहरीले तत्व जमना शुरु हो जाते हैं। यह तत्व फेफड़े-किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं और कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं। मार्केट में कई तरह के कलर और डाई मौजूद हैं जिसमें सीसा और पारा जैसे खतरनाक तत्व भी मौजूद होते हैं हालांकि लड़की ने किसी भी स्टार का नाम नहीं बताया परंतु वो कोई कोरियन पॉप स्टार से जुड़ा हो सकता है क्योंकि वो लोग ही अक्सर अपने लुक्स और प्रमोशन के जरिए अपने बालों का रंग बदलते रहते हैं।

    हेयर डाई करवाते समय रखें ध्यान

    . यदि आप अपने बालों में हेयर कलर या फिर डाई करवा रहे हैं तो हमेशा अमोनिया फ्री और पैराबीन फ्री हेयर डाई या कलर ही इस्तेमाल करें। सस्ते ब्रांड्स का इस्तेमाल न करें। . डाई लगाने से पहले हमेशा पैच टेस्ट करें। इस टेस्ट में बालों के थोड़े से हिस्से पर कलर लगाया जाता है और देखा जाता है कि कोई रिएक्शन तो नहीं हुआ। . यदि आपके बाल पहले से ही ज्यादा ड्राई या डैमेज्ड हैं तो पहले डीप-कंडीशनिंग करें या किसी एक्सपर्ट से सलाह लें। इसके बाद ही बालों में हेयर कलर करवाएं। . हेयर कलर करवाने के तुरंत बाद बालों को धोने से बचें क्योंकि इसमें नैचुरल ऑयल पाया जाता है जो आपके स्कैल्प को कैमिकल से बचाएगा।
  • Zomato ने लॉन्च किया Healthy Mode, फाउंडर Deepinder Goyal ने किया ऐलान

    Zomato ने लॉन्च किया Healthy Mode, फाउंडर Deepinder Goyal ने किया ऐलान

    नई दिल्ली: जोमैटो से खाना ऑर्डर करने वालों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो की ओर से ऐप में हेल्दी मोड लॉन्च कर दिया गया है। इस बात की जानकारी खुद जोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल से सोशल मीडिया एक्स के जरिए सबको दी है। इस ऐप का फीचर अभी सिर्फ गुरुग्राम के यूजर्स के लिए ही लाइव होगा परंतु जल्द इस फीचर को बाकी शहरों में भी लॉन्च कर दिया जाएगा।

    अब हर डिश के साथ आपको दिखेगा हेल्दी स्कोर

    दीपिंदर गोयल ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि – ‘कई सालों से जोमैटो के बारे में मुझे एक बात बहुत खटकती थी। हमने लोगों के लिए बाहर जाकर खाने की जगह घर पर ऑर्डर करना तो आसान कर दिया परंतु लोगों को सच में पौष्टिक और हेल्दी खाना खाने में कभी मदद नहीं की। हां आप सलाद या स्मूदी बाउल ढूंढ सकते हैं लेकिन अगर आप पौष्टक और हेल्दी खाना खाना चाहते थे तो जोमैटो उसमें ज्यादा मददगार नहीं था। ये बात मुझे हमेशा से खटकती थी क्योंकि जब हम कहते हैं कि हमारा मिशन है बेटर फूड फॉर मोर पीपल और इस बेटर का मतलब सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि सेहत भी होना चाहिए। आज हमने इसी कमी को ठीक करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। हम जोमैटो पर हेल्दी मोड लॉन्च कर रहे हैं। इस मोड में हर डिश के साथ आपको एक हेल्दी स्कोर मिलेगा। यह स्कोर लो से लेकर सूपर तक होगा’।

    प्रोफेशनल एथलीट भी ले पाएंगे सर्विस का फायदा

    ये कोई आम हेल्दी मोड नहीं है। हमने इसका लेवल इतना ऊंचा रखा है कि प्रोफेशनल एथलीट भी इसे भरोसे के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं। ये मेरे लिए बहुत पर्सनल है मुझे हमेशा ये गिल्ट रहा है कि जोमैटो ने आपकी क्रेविंगस को पूरा करना आसान कर दिया परंतु आपके शरीर की जरुरतों को पूरा करना नहीं। ऐसे में हमारी यह गलती सुधारने में यह पहला कदम होगा। अभी ये गुरुग्राम में लाइव होगा पर जल्द ही हम इसे बाकी जगहों पर भी ले आएंगे। इसको आजमाएं और इसकी खामियां निकालें हमें बताएं कि कहां पर कमी रह गई है क्योंकि ये तो सिर्फ शुरुआत है और पहली बार मुझे लग रहा है कि हम अपने मिशन बेटर फूड फॉर मोर पीपल को सच में पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।