Category: Lifestyle
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Paise के चक्कर में लड़की ने 20 Boyfriends को लूटा, खरीदा Iphone, यूजर्स बोले – ‘क्या अकल है’
नई दिल्ली: चीन में एक लड़की ने ऐसा कारनामा कर डाला है जिसको सुनकर किसी को भी हैरानी हो जाएगी। हो सकता है कुछ लड़कियां उससे जलने भी लग जाएं। शेन्जेन की रहने वाली शियाओली (Xiaoli) ने अपने 20 ब्वॉयफ्रैंड्स से एक-एक आईफोन 7 गिफ्ट में मांगा। फिर उसने इन सभी फोन को एक मोबाइल रीसेल कंपनी को बेच दिए। बेचकर जो पैसे मिले उससे गांव में एक घर के लिए डाउन पेमेंट कर दिया। लड़की का शातिरपन देखकर तो लोगों का प्यार से विश्वास ही उठ सकता है। इस किस्से को सबसे पहले प्राउड कियाओबा नाम की एक ब्लॉगर ने चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर शेयर की थी। उसने बताया कि शियायोली ने सितंबर 2016 में जब आईफोन 7 लॉन्च हुआ था तो उसने अपने 20 बॉयफ्रैंड्स से अलग-अलग गिफ्ट में वही फोन मांग लिया। लड़कों ने भी दिल खोलकर पैसे खर्च किए और हर किसी ने एक ब्रांड न्यू आईफोन 7 शियाओली को गिफ्ट कर दिया। इसके बाद शियाओली इन सभी फोन को लेकर मोबाइल रिसाइक्लिंग कंपनी हुई शू बाओ। कंपनी ने बताया कि अक्टूबर 2016 की शुरुआत में एक महिला ने एक साथ 20 आईफोन बेच दिए थे। उस समय हर एक फोन के बदले उसे करीबन 5750 युआन दिए गए थे यानी की कुल मिलाकर उसको 1.20 लाख युआन मिल गए। शियाओली ने इस पैसे से चीन के ग्रामीण इलाके में अपने लिए एक घर डाउन पेमेंट करवा दिया। -

देशभर में बढ़े सोने के भाव, लोगों की बढ़ी चिंता, जानें सोने का Latest Price
नई दिल्ली: सोने-चांदी की कीमतें लगातार बदलती जा रही हैं। कभी ऊपर तो कभी नीचे दामों में उतार चढ़ाव हो रहा है परंतु सोने ने 1 लाख रुपये कर धमाल मचा दी है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, (IBJA) की वेबसाइट के अनुसार, गुरुवार सुबह तक 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 100542 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। वहीं चांदी की कीमत बढ़कर 113485 रुपये किलो हो गई है। देश के बड़े राज्यों में 1 किलोग्राम चांदी का भाव 1,16,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। कल की तुलना में आज चांदी के भाव में 1000 रुपये की तेजी आई है। पिछले दिन ये था सोने-चांदी का भाव न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार, अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने बताया है कि स्टॉकिस्ट की ओर से लगातार खरीदारी किए जाने से बुधवार को भारत की राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 200 रुपये बढ़कर 99,.020 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत पिछले बाजार सत्र में 98,820 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। दिल्ली में 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोना बीते दिन 100 रुपये बढ़कर 98,600 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। मंगलवार को यह 98,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सर्राफा संघ ने बताया है कि बुधवार को चांदी की कीमतें 500 रुपये बढ़कर 1,12,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। पिछले सत्र में चांदी 1,12,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। न्यूयॉर्क में हाजिर सोना 17.51 डॉलय या 0.52 प्रतिशत गिरकर 3,363.35 डॉलर प्रति औसत रह गया है। अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर हाजिर चांदी 0.12 प्रतिशत कम होकर 37.76 डॉलर औस रह गई है।
इस वजह से बढ़े सोने के भाव अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दवाओं और चिप्स पर नए शुल्क लगाने की चेतावनी दी है। ऐसे में इससे वैश्विक बाजार में डर का माहौल बन चुका है क्योंकि नए टैक्स अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल सकते हैं। जब भी ऐसी अस्थिरता होती है तो लोग सोने को सुरक्षित निवेश मानकर खरीदते हैं जिससे उसकी कीमत बढ़ जाती है। इसी कारण सोने के दामों में भी तेजी आई है। स्टॉकिस्ट यानी थोक कारोबारी लगातार सोना खरीद रहे हैं। ऐसे में जब बाजार में मांग बढ़ती है तो कीमतें भी ऊपर जाती है। इसके अलावा लोगों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना खरीदना शुरु कर दिया है क्योंकि उन्हें आर्थिक हालात में अनिश्चितता महसूस हो रही है। इससे भी कीमतें ऊपर चढ़ गई हैं। अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी कुछ घटनाओं के चलते सोने की कीमतों पर असर हुआ है।#indicative #Retail Selling #Rates for #Jewellery To get these rates on your phone give a missed call on – 8955664433 For more details contact: Saurabh +91 9004120120 / 022-23426971 / 022-23427459 Follow us on Twitter : https://t.co/lXovVzctug Follow us on Instagram :… pic.twitter.com/pb6mSi3p7R
— IBJA (@IBJA1919) August 6, 2025 -

हर किसी की जुबान पर छाया Kulfi का स्वाद, Taste Atlas की List में इस नंबर पर बनाई जगह
लाइफस्टाइल: जब बात ठंडी मिठाईयों की करें तो दुनिया भर में आइसक्रीम और जैलैटो के आपको कई लोग शौकिन मिल जाएंगे पर कुल्फी वो लोगों को कितनी पसंद है इस बात का अंदाजा आप TasteAtlas के द्वारा जारी की गई लिस्ट से लगा सकते हैं। TasteAtlas ने जुलाई 2025 की ताजा रिपोर्ट में दुनिया के 50 बेस्ट फ्रोजन डेजटर्स की लिस्ट जारी की है। इसमें भारत की कुल्फी को 8वां स्थान मिला है।View this post on Instagramइस तरह शुरु हुआ सफर
कुल्फी का इतिहास आज का नहीं बल्कि काफी पुराना है। एक्सपर्ट्स की मानें तो शाही मिठास 16वीं सदी के मुगल काल से जुड़ी हुई है। उस दौर में रॉयल बावर्ची गाढ़े दूध, केसर और मेवों से बनी धातु के सांचे में जमाते थे। इसके बाद इसको हिमालय से लाई गई बर्फ में रखा जाता था ताकि वह जम जाए। यह उस समय की कोल्ड स्टोरेज तकनीक मानी जाती थी।यादें भी जोड़ता है स्वाद
कुल्फी का गाढ़ा और मलाईदार स्वाद लोगों को बचपन की गलियां, ठेले पर बिकती हुई कुल्फी और त्योहारों की गर्मियां आज भी याद दिला देती हैं। सबसे खास बात यहां पर यह है कि कुल्फी शाकाहारी लोगों के लिए भी पसंदीदा बन गई है। इसको लेकर कुछ सेलिब्रिटी शेफ यह भी कहते हैं कि कुल्फी शब्द पारसी भाषा के कुल्फी से लिया गया है। इसका मतलब होता है ढका हुआ कप जैसे वह सांचा जिसमें इसको जमाया जाता है। समय के साथ यह डेजर्ट मैटकों, पत्तों और कटोरियों तक पहुंच चुकी है। आम आइसक्रीम के मुकाबले कुल्फी को फेंट कर नहीं जमाया जाता है। इसका टेक्सचर ज्यादा गाढ़ा और ठोस होता है। यह धीरे-धीरे मुंह में जाकर पिघलती जाती है और एक बेहतरीन स्वाद छोड़ जाती है। इसमें इलायची, केसर, गुलाबजल, बादाम, पिस्ता जैसे देसी फ्लेवर भी शामिल होते हैं।लोगों की पहली पसंद बनी कुल्फी
आज के समय में आपको मलाई कुल्फी, पिस्ता कुल्फी, आम कुल्फी, फालूदा कुल्फी, मटका कुल्फी जैसे कई फ्लेवर्स उपलब्ध हैं। TasteAtlas की ग्लोबल लिस्ट में दुनिया भर की अन्य मशहूर फ्रोजन डेजर्ट के बीच में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई गई है। यह भारतीय खाने की विरासत के लिए एक गर्व की बात है। कुल्फी के अलावा कुल्फी फालूदा ने भी इस लिस्ट में टॉप 50 में अपनी जगह बनाई हुई है। कुल्फी फालूदा को इस लिस्ट में 31वां स्थान मिला है। -

Premanand Maharaj- Aniruddhacharya के बयान पर मचा बवाल, खुशबू पटानी ने दिया ये बयान
नई दिल्ली: पिछले दिनों कथावाचक अनिरुद्धाचार्य अपने बयानों के चलते विवाद में आ गए थे। उन्होंने लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाली लड़कियों पर एक भद्दा बयान दिया था। इस पर देशभर की महिलाओं का गुस्सा फूटा था। ऐसे में अब एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी ने भी कथावाचक के बोल को गलत ठहराकर उनको लताड़ दिया था परंतु उनके बयान को प्रेमानंद महाराज जी के साथ जोड़ा गया ऐसे में इसके बाद हर तरफ हलचल मच गई।प्रेमानंद महाराज के बयान पर बोली खुशबू पटानी
जिस समय कथावाचक अनिरुद्ध ने लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाली लड़कियों पर भद्दा कमेंट किया था। उसी दौरान प्रेमानंद महाराज का भी एक वीडियो वायरल हुआ था। ऐसे में लोगों को यह लगने लग गया था कि खुशबू ने कथावाचक को नहीं बल्कि प्रेमानंद महाराज जी को बोला है। अब उन्होंने इस मामले में अपनी ओर से सफाई दी है और यह साफ कर दिया है कि उन्होंने प्रेमानंद को कुछ नहीं कहा था। ऐसे में खुशबू ने प्रूफ के लिए वीडियो भी इंस्टाग्राम पर शेयर किया है जिसके ऊपर उन्होंने बयान दिया था। उन्होंने बताया कि वो कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बयान पर भड़की थी। प्रेमानंद महाराज पर जिनके साथ उनका नाम जोड़ा गया है। खुशबू ने लिखा कि – ‘मैंने अपना बयान इस वीडियो पर दिया था जिसको तोड़-मोड़ कर गलत तरीके से मीडिया पर पेश किया गया। झूठी खबर फैलाई गई। जानबूझकर मेरा बयान तोड़-मरोड़ कर गलत संदर्भ में पेश किया गया है’।
उन्होंने उन लोगों पर भी अपनी भड़ास निकाली है जिन्होंने सच को तोड़-मरोड़ कर दुनिया के सामने पेश किया है ताकि उनकी छवि खराब हो पाए हालांकि उनका कहना है कि सच ज्यादा समय तक नहीं छिप पाया। ‘झूठ चाहे जितनी बार फैले, आखिर में जीत हमेशा सच की ही होती है क्योंकि शैतानों को डर लग गया कि इसने तो अब आवाज उठा दी इसलिए मेरा नाम जानबूझकर दूसरे संतों जैसे प्रेमानंद महाराज से जोड़ा गया,ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके, और मेरी छवि को नुकसान पहुंचे ताकि मेरी बात को दबाया जा सके,ताकि मुझे घृणा और नफरत का सामना करना पड़े’। गौरतलब है कि कथावाचक अनिरुद्धाचार्य से एक आदमी ने पूछा था कि वो कैसे उस लड़की पर यकीन कर पाए कि जिसे वो अपने घर लेकर आ रहा है वो उसके घर के लिए सही है या नहीं? तो इस पर कथावाचक ने कहा था कि आजकल के लड़के 25-25 साल की लड़कियों को लाते है जो 4-5 जगह मुंह मारकर आती हैं।View this post on Instagram -

Friendship Day 2025: क्या AI भी बन सकता है आपका सच्चा दोस्त? जानें
नई दिल्ली: 21वीं सदी की इस शुरुआत में जहां दोस्ती चाय की दुकान पर घंटो तक बाते करना, पार्क में एक-दूसरे के साथ टहलकर दुख की बातें करना या स्कूल-कॉलेज की कॉमन यादें हुआ करती थी। ऐसे में आज दोस्ती की परिभाषा ही तेजी से बदल चुकी है। अब इंसान न सिर्फ इंसानों से बल्कि एआई असिस्टेंट्स के साथ भी बात कर रहा है। अपने दिल की बातें कर रहा है और अकेलेपन को कम करने का यह आज के समय में जरिया बन चुका है। कई रिपोर्ट्स में यह बताया गया है कि एआई आज सिर्फ जानकारी ही नहीं देता बल्कि भावनाओं को समझने और जवाब देने की क्षमता भी रखता है। चैट जीपीटी जैसे मॉडलों के साथ यूजर्स अब रिलेशनशिप, मानसिक तनाव, करियर से जुड़े हुए सवाल यहां तक की अकेलेपन की बातें भी शेयर कर रहे हैं। उन्हें तुरंत बिना किसी परेशानी के अपने सवालों का जवाब मिलता है।70% से ज्यादा किशोरों ने किया AI Assitant का इस्तेमाल
नो टेकी नाम की रिपोर्ट में यह बताया गया है कि 70% से ज्यादा किशोरों ने कम से कम एक बार एआई अस्टिटेंट जैसे रिपलिका (Replica) या ऐसे तमाम एआई का इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 52% लोग इसका नियमित रुप से इस्तेमाल करते हैं। वहीं 31% किशोरों के अनुसार, एआई चैट बराबर या उससे बेहतर महसूस होता है जितना असली दोस्त से संवाद करना। इस बात से यह साफ हो जाता है कि एआई आज सिर्फ जानकारी देने वाला ही नहीं बल्कि भावनाओं को समझने और जवाब देने की क्षमता भी रखता है। चैटजीपीटी जैसे मॉडलों के साथ यूजर्स अब रिलेशनशिप, मानसिक तनाव, करियर से जुड़े सवाल यहां तक कि अकेलापन भी शेयर कर देते हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि उन्हें साथ में ही अपने सवालों का जवाब मिल जाता है। -

बालों पर Hair Serum लगाने से पहले रखे खास ध्यान, नहीं तो पहुंच सकता है नुक्सान
लाइफस्टाइलः अक्सर हमारे बाल रूखे, बेजान लगते हैं। ऐसे में बालों को मैनेज करने के लिए हेयर सीरम काफी फायदेमंद होते हैं। हेयर सीरम से बाल चिपचिपे नहीं होते हैं इन्हें मैनेज करना काफी आसान हो जाता है। हेयर सीरम को अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो आपको काफी मदद मिल सकती है।
हम में से ज़्यादातर लोग वही सीरम लेते हैं जो ट्रेंड में हो या जिसकी खुशबू अच्छी हो। लेकिन अगर आपके बाल रूखे हैं, तो आपको थोड़ा सोच-समझकर सीरम चुनना चाहिए। अगर आपके बाल रूखे नहीं हैं, तो फ्रिज कंट्रोल के लिए बने सीरम का इस्तेमाल न करें। आर्गन ऑयल, जोजोबा ऑयल या केराटिन जैसे तत्वों वाले सीरम चुनें। ये हल्के, हाइड्रेटिंग होते हैं और आपके बालों को भारी नहीं बनाते। अगर बाल रूखे लेकिन पतले हैं, तो हल्का सीरम चुनें। अगर बाल घने और रूखे हैं, तो ज़्यादा गाढ़ा सीरम बेहतर हो सकता है।
अगर आप सूखे बालों पर सीरम लगा रहे हैं, तो भी सुनिश्चित करें कि वे साफ हों। उलझे हुए या गंदे बालों पर सीरम नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि ये गंदगी को अंदर ही रोक देता है।
आपको हेयर सीरम की सिर्फ कुछ बूंदे ही बालों पर अप्लाई करनी चाहिए। कंधे तक लंबे बालों के लिए, मटर के दाने के बराबर मात्रा ही काफी है। इसे अपनी हथेली में लें, हाथों को आपस में रगड़कर गर्म करें और फिर लगाएं। सीरम को हमेशा बालों के सिरों पर लगाना चाहिए, जड़ों पर नहीं। जड़ों में नेचुरली ऑयल निकलता है। आपके बालों के सिरे, खासकर अगर आपके बाल रूखे या डैमेज हैं। तो उन्हें ही देखभाल की जरूरत होती है।
जरूरत पड़ने पर ही सीरम को दोबारा लगाएं
रूखे बालों को हर कुछ घंटों में दोबारा सीरम लगाने की ज़रूरत नहीं होती, लेकिन अगर आपके बाल बहुत जल्दी सीरम सोख लेते हैं या आप रूखे मौसम में हैं, तो थोड़ा सा टच-अप मददगार हो सकता है। अपने बैग में सीरम की एक छोटी बोतल रखें, ताकि ज़रूरत पड़ने पर आप टच-अप कर सकें। टचअप के लिए शुरुआत में जितना सीरम लगाया था, उसका आधा हिस्सा लें। इसे अपनी हथेलियों के बीच फिर से गर्म करें। बालों के सिरों पर हल्के से मलें और जड़ों पर ज्यादा सीरम लगाने से बचें। -

Google Map पर User ने देखा अजीब चेहरा, वैज्ञानिकों ने बताया पूरा सच
नई दिल्ली: सहारा रेगिस्तान में दबे हुए यूएफओ से लेकर अंटार्कटिका के रहस्यमयी दरवाजों तक गूगल मैप्स यूजर्स ने पिछले कुछ सालों में दर्जनों अनोखी चीजें खोजी हैं। अब हाल ही में एक अजीबोगरीब चेहरा लोगों को मैप पर नजर आया तो चलिए आपको बताते हैं कि यह रहस्यमयी चेहरा क्या है और कहां पर देखा गया। डेली मेल की रिपोर्ट्स के अनुसार, गूगल मैप्स के यूजर्स ने चिली में एक पर्वत की चोटी पर एक रहस्यमय चेहरा देखा है। यह चेहरा देश के दक्षिण में एख सुदूर द्वीप पर स्थित है। कुछ दर्शकों ने इस चेहरे को लेकर दावा किया है कि यह एलियन बेस का भी हो सकता है।आखिर क्या है एलियन बेस?
यूएफओ हंटर स्कॉट सी वारिंग जिन्होंने इस चेहरे को देखा था उन्होंने पूछा क्या ये एलियन हैं? हमारे ब्रह्मांड में सबसे पुराने एलियंस को ऐसी शक्तियों वाले देवदूत या राक्षस के तौर पर देखा जा सकता है यहां तक कि भगवान या देवताओं के तौर पर भी हालांकि वारिंग का मानना है कि यह कोई एलियन बेस हो सकता है परंतु हर कोई इस बात से सहमत नहीं है। वास्तव में वैज्ञानिकों का कहना है कि भ्रामक दृश्य के लिए बहुत ही सरल व्याख्या है। वारिंग ने गूगल मैप्स पर खोजबीन करते समय 55°32’35″S, 69°15’56″W निर्देशांक पर यह चेहरा देखा था।यूट्यूब पर पोस्ट किया वीडियो
उन्होंने अपनी खोज के बारे में खुलासा करते हुए एक यूट्यूब पर वीडियो भी शेयर किया है। ऐसे में कई उत्साहित एलियन शिकारियों ने तुरंत इस पर टिप्पणी की। एक यूजर ने टिप्पणी की है कि मुझे अंटार्कटिका में कुछ मिले थे मैं यह पता नहीं लगा पाया कि वे क्या थे या क्या हैं। पहले मैंने सोचा कि वे किसी तरह की डिजिटल त्रुटि थी परंतु अब मुझे लग रहा है कि आप सही है और ये प्राचीन नास्का ग्लिफ के जैसे हो सकते हैं परंतु यह अच्छी खोज है दोस्त। अन्य यूजर ने कहा कि यह सचमुच अब तक की सबसे जरुरी खोज है शाबाश। एक और ने लिखा कि आप सबसे अच्छे हैं आपके प्रयासों के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।एक्सपर्ट्स ने बताई सच्चाई
कुछ एक्सपर्ट्स ने दावा किया है कि इसके पीछे एक बहुत अच्छा कारण है सभी तरह की भूवैज्ञानिक संरचनाओं को गलती से चेहरा या खोपड़ियां समझ लिया जाता है परंतु जब हमारा सामना जटिल और अलग-अलग पैटर्न वाली संरचनाओं से होता है तो दिमाग इस शोरगुल वाली गतिशील जानकारी को उन पैटर्नों और वस्तुओं में बदल देता है जिनको हम समझ सकते हैं। दिमाग इसको सही कर लेता है परंतु कुछ पूर्वाग्रह त्रुटियों का यह कारण बनते हैं जो हमारी धारणाओं को बिगाड़ देते हैं परंतु विश्वविद्यालय के चेहरे की पहचान के एक्सपर्ट्स डॉ. रोबिन क्रेमर ने बताया कि हमारा चेहरा पहचान तंत्र को पहचानने में काफी अच्छा हो चुका है।आखिर क्या होता है परेइडोलिया?
क्रेमर ने कहा कि जहां पर चेहरे हैं वहां चेहरों को नजरअंदाज करने की जगह जहां कोई चेहरा भी नहीं है। वहां कभी-कभी चेहरे देखकर सावधानी बरतना ज्यादा समझदारी की बात है। वैज्ञानिक इस घटना को पैरेइडोलिया कहते हैं जो कि निर्जीव वस्तुओं में सार्थक पैटर्न देखने की प्रवृत्ति है। फेस पैरेइडोलिया यह बताया है कि हम भूवैज्ञानिक संरचनाओं में और अन्य किसी भी चीज में चेहरे क्यों देख पाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि चेहरों के प्रति हमारी संवेदनशीलत इसलिए विकसित हुई है क्योंकि इससे हमारे पूर्वजों को मित्र ढूंढने और शत्रुओं को पहचानने में मदद मिली। पैरेइडोलिया की उच्च दर किसी व्यक्ति के अलौकिक में विश्वास करने के प्रति पूर्वाग्रह का संकेत हो सकती है। 2012 में हुए एक फिनिश अध्ययन में यह पाया गया है कि धार्मिक या अलौकिक विश्वास रखने वाले लोगों में रैंडम उत्तेजनाओं में चेहरे दिखने की संभावना ज्यादा होती है। इससे यह समझा जा सकता है कि क्यों एलियन हंटर को भूवैज्ञानिक संरचनाओं में चेहरे या पैटर्न इतनी बार मिलते हैं। डॉ. वार्डले ने इसका निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि ज्यादातर लोगो जो चीजों में चेहरे देखते हैं वह पहचान लेते हैं कि ये चेहरे वास्तविक नहीं हैं। ऐसे में समस्या उस समय खड़ी होती है जब लोग दृश्य पैटर्न की ऐसी व्याख्या करते हैं जिसका कोई अर्थ ही नहीं होता या जब उन्हें वास्तविक धारणाओं और भ्रामक धारणाओं के बीच अंतर करने में दिक्कत आती है। -

Manicure करवाना पड़ा भारी, नाखूनों से शरीर में गया Dangerous Virus
सेहत: अपने नाखूनों को सुंदर बनाने के लिए लड़कियां क्या-क्या नहीं करती। हाथों में मैनीक्योर करवाती हैं। नेल्स की शेप बनाती हैं और सुंदर-सुंदर नेल आर्ट करवाती हैं परंतु यदि वही नेल आर्ट्स या मैनीक्योर आपके लिए प्रॉबल्म बन जाए तो क्या होगा। ऐसा ही 23 साल की लड़की के साथ हुआ है। मैनीक्योर करवाना उस उस समय महंगा पड़ा जब नाखून में ऐसा वायरस चला गया जो यौन संचारित संक्रमण का कारण बन सकता है। लड़की ने बताया कि 1 जून 2023 को वो ऐक्रेलिक नेल मैनीक्योर करवाने के लिए पोर्टलैंड के सैलून में गई थी। इस दौरान उसको संक्रमण हो गया।उंगलियों में पड़े छाले
हालांकि यह सिंपल ब्यूटी सर्विस थी। इसकी कीमत आमतौर पर 5-6 हजार के बीच होती है जिसके परिणामस्वरुप कथित तौर पर एसटीआई हर्पीज वायरस का संक्रमण हुआ है। मैनीक्योर करवाने के लिए गई इस लड़की को कुछ घंटे के बाद ही दाहिनी तर्जनी उंगली पर सूजन महसूस होने लग गई और वह बीमार महसूस करने लग गई। 4 दिन केे बाद जब उसकी उंगलियों में दर्दनाक छाले पड़ गए तो वह डॉक्टर के पास गई। उसकी उंगलियों की हालत देखकर डॉक्टर्स ने उसके घावों से स्वाब लिया और उसके छालों के नमूने लेकर टेस्टिंग के लिए भेज दिए। टेस्टिंग से उन्हें यह पता चला कि उसको हर्पेटिक व्हाइटलो संक्रमण हो गया था। यह हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस के कारण होने वाला उंगली का इंफेक्शन है। यह एक सामान्य वायरस है जो अमेरिका में एक लाख लोगों में करीबन 3 को ही प्रभावित करता है। इसके कई प्रकार हैं जिसमें एएसवी-1 (HSV-1) जो ओरल हर्पीज और कोल्ड कोर का कारण बनता है। वहीं एचसीवी-2 (HSV-2) जेनिटल हर्पीज का कारण बनेगा हालांकि यह साफ नहीं है कि महिला को कौन से प्रकार का इंफेक्शन हुआ था। आमतौर पर संक्रमित लार और जननांग लिक्विड के जरिए से फैलने वाला हर्पेटिक व्हाइटलो इंफेक्शन शेयर किए जाने वाले नेल इक्यूरमेंट या मेडिकल इक्यूपमेंट जैसी दूषित चीजों के जरिए से भी फैल सकता है। इसका कोई भी इलाज नहीं है। इसके चलते घाव और छाले हो सकते हैं। यह संक्रामक संक्रमण अक्सर उंगलियों के सिरे या नाखूनों के आस-पास दर्दनाक छाले, सूजन और लालिमा जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसके अलावा यह बुखार और लिम्फ नोड्स में सूजन पैदा हो सकते हैं। संक्रमण के शुरुआती चरण में आपकी उंगली में दर्द और झुनझुनी महसूस होती है। इसके चलते कुछ दिनों में आपके नाखून के पास छाले बन सकते हैं। इससे त्वचा कोमल और सेंसिटिव हो जाती है। जैसे-जैसे इंफेक्शन बढ़ता है, सूखने लगता है और ठीक हो जाता है तो उस दौरान त्वचा पर पपड़ी सी बन जाती है। हर्पेटिक व्हाइटलो के ज्यादातर मामलों में एक उंगली प्रभावित होती है पर इंफेक्शन की गंभीरता के आधार पर दूसरी उंगलियों में भी यह इंफेक्शन फैल सकता है। डॉक्टर वैसे तो घाव की उपस्थिति और रोगी के लक्षणों के आधार पर हर्पेटिक व्हाइटलो का ट्रीटमेंट कर सकते हैं। वैसे तो हर्पेटिक व्हाइटलो संक्रमण आमतौर पर खुद ठीक हो जाता है परंतु इस प्रक्रिया में मदद के लिए एंटीवायरल दवाईयों की जरुरत भी हो सकती है। -

Chemical Shampoo के अलावा बालों का दुश्मन है Hard Water, डॉक्टर ने खुद बताया Reason
ब्यूटी: बाल झड़ना आज के समय में आम दिकक्त बन चुका है। इस प्रॉब्लम से महिलाएं ही नहीं पुरुष और यहां तक की बच्चे भी परेशान हैं। मौसम सर्दी का हो या गर्मी का बालों के झड़ने की दिक्कत से 12 महीने और हर मौसम परेशान रहते हैं। वैसे तो इसके कई सारे कारण हो सकते हैं परंतु अक्सर हम अपने बड़ों को कहते हुए भी सुनते हैं कि शहर का पानी बहुत हार्ड है इसके कारण बाल टूट रहे हैं लेकिन क्या सच में ऐसा होता है? क्या नोएडा, बैंग्लोर, मुंबई या किसी ओर शहर के पानी के कारण बाल टूटते हैं? डॉक्टर ने इस बारे में खुलकर बात की। तो चलिए आपको बताते हैं कि क्या पानी के चलते भी बाल टूटते हैं।
मैग्नीशियम और सल्फेट्स के कारण होता है पानी हार्ड
एक्सपर्ट्स की मानें तो पानी की कठोरता (हार्डनेस) आमतौर पर उसमें पाए जाने वाले मैग्नीशियम और सल्फेटस के चलते होती है। ग्रांउडवाटर दिन ब दिन कम होता जा रहा है। बैंगलुरु, नोएडा और यहां तक कि दुनिया भर में पानी की कमी के कारण मिनरल्स उसमें मिक्स हो रहे हैं जिसके कारण पानी हार्ड होता जा रहा है। सभी जगह लोग ज्यादातर बोरवेल के पानी पर निर्भर हैं इसमें कैल्शियम और मैग्नीशियम काफी ज्यादा मात्रा में मौजूद होते हैं।
यह पानी स्कैल्प और बालों में कुछ ऐसे क्षण छोड़ देता है जिसके कारण ड्राईनेस, जलन होती है और आखिर में बाल टूटने लग जाते हैं हालांकि सिर्फ और सिर्फ हार्ड वॉटर ही बालों के गंभीर रुप से झड़ने का कारण नहीं हो सकता। इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं परंतु इस बात में कोई दो राय नहीं है कि हार्ड वॉर्टर बाल झड़ने की समस्या को बढ़ाता है
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अकेले में Heart Attack आए तो क्या करें, जानें Experts के आसान Tips
लाइफस्टाइलः हार्ट अटैक आना अब आम हो गया है। जिससे दुनिया भर में लाखों लोग अपनी जान गंवा रहे है। पहले हार्ट अटैक आना बहुत रेयर माना जाता था, लेकिन पिछले 2-3 सालों से यह बढ़ता जा रहा है। WHO के अनुसार 2019 में लगभग 1.79 करोड़ लोगों की मौत हार्ट और ब्लड वेसल्स की बीमारियों से हुई है। इनमें से 85% लोगों की मौत का कारण हार्ट अटैक या स्ट्रोक है। हार्ट अटैक अचानक, बिना किसी चेतावनी के भी पड़ सकता है। इसका मतलब साफ है कि हर पल महत्वपूर्ण है। लेकिन अगर आप अकेले हों तो क्या होगा?। एक्सपर्ट के अनुसार कुछ आसान तरीके है जो आपकी जान बचा सकते हैं।
अगर आपको हार्ट अटैक के कोई भी लक्षण महसूस हों, तो इंतजार न करें तुरंत इमरजेंसी हेल्प को कॉल करें। उन्हें अपने लक्षण बताएं और अपनी कंडीशन के बारे में जानकारी दें। हो सके तो मदद मिलने तक कॉल पर बने रहें क्योंकि देरी करने से कंडीशन और बिगड़ सकती है या आपके बचने की संभावना कम हो सकती है।
मदद के लिए घर तैयार करें
जब आप मदद आने का इंतजार कर रहे हों तो अपने घर को तैयार रखें, ताकि इमरजेंसी हेल्पर्स जल्दी पहुंच सकें। अगर रात का समय हो, तो अपने बरामदे की लाइटें जला दें ताकि वे आसानी से आपका घर ढूंढ सकें। अपने सामने के दरवाजे को पहले से ही खोल दें ताकि अगर आप बाद में उसे खोलने में कमजोर हो जाएं, तब भी वे अंदर आ सकें।इसके बाद अपनी एनर्जी बचाने के लिए आराम से बैठें या लेट जाएं। बिस्तर या सोफे पर पैरों को थोड़ा ऊपर उठाकर लेटने से सांस लेना आसान हो जाता है और ब्लड फ्लो बेहतर होता है। अगर लेटना मुश्किल लगे तो कुर्सी पर शांत बैठ जाएं और ज्यादा हिलने-डुलने से बचें। स्थिर रहने से बेहोश होने या गिरने का खतरा कम हो जाता है।
दोस्त या परिवार वालों को फोन करें
इमरजेंसी हेल्प को कॉल करने के बाद, अपने किसी परिवार के सदस्य या दोस्त को फोन करें। उन्हें बताएं कि क्या हुआ है और कि एम्बुलेंस आ रही है। वे अस्पताल में आपसे मिल सकते हैं, डॉक्टरों को आपकी सेहत से जुड़ी जानकारी दे सकते हैं और जरूरत पड़ने पर आपकी मदद कर सकते हैं।