Friendship Day 2025: क्या AI भी बन सकता है आपका सच्चा दोस्त? जानें

नई दिल्ली: 21वीं सदी की इस शुरुआत में जहां दोस्ती चाय की दुकान पर घंटो तक बाते करना, पार्क में एक-दूसरे के साथ टहलकर दुख की बातें करना या स्कूल-कॉलेज की कॉमन यादें हुआ करती थी। ऐसे में आज दोस्ती की परिभाषा ही तेजी से बदल चुकी है। अब इंसान न सिर्फ इंसानों से बल्कि एआई असिस्टेंट्स के साथ भी बात कर रहा है। अपने दिल की बातें कर रहा है और अकेलेपन को कम करने का यह आज के समय में जरिया बन चुका है।
कई रिपोर्ट्स में यह बताया गया है कि एआई आज सिर्फ जानकारी ही नहीं देता बल्कि भावनाओं को समझने और जवाब देने की क्षमता भी रखता है। चैट जीपीटी जैसे मॉडलों के साथ यूजर्स अब रिलेशनशिप, मानसिक तनाव, करियर से जुड़े हुए सवाल यहां तक की अकेलेपन की बातें भी शेयर कर रहे हैं। उन्हें तुरंत बिना किसी परेशानी के अपने सवालों का जवाब मिलता है।
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