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  • मुख्यमंत्री ने की तारा देवी मंदिर में प्रार्थना, प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना

    मुख्यमंत्री ने की तारा देवी मंदिर में प्रार्थना, प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अपनी धर्मपत्नी विधायक कमलेश ठाकुर के साथ शिमला के शोघी स्थित तारा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण तथा नए धार्मिक स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मूलभूत सुविधाओं में सुधार पर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन विरासत और आधुनिक विकास के बीच एक महत्त्वपूर्ण सेतु का कार्य करता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु प्रदेश के शक्तिपीठों में आध्यात्मिक शांति की खोज में आते हैं, जिससे स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिलता है।

    इस अवसर पर मंदिर समिति ने मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया। मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान राज्य ने तीन बड़ी चुनौतियों का सामना किया, जिनमें प्राकृतिक आपदा सबसे बड़ी रही। इसके अतिरिक्त, आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियां हमारे समक्ष रहीं।

    उन्होंने कहा कि दैवीय शक्ति के आशीर्वाद से और प्रदेशवासियों के सहयोग से सरकार ने इन सभी चुनौतियों को सफलतापूर्वक पार किया है। इस अवसर पर विधायक संजय अवस्थी, विनोद सुल्तानपुरी और अनुराधा राणा, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर तथा ज़िला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • नव वर्ष पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने राज्यपाल को दी हार्दिक बधाई

    नव वर्ष पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने राज्यपाल को दी हार्दिक बधाई

    शिमला: नव वर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अपनी धर्मपत्नी एवं देहरा से विधायक कमलेश ठाकुर के साथ आज लोक भवन पहुंच कर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी।

    मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया तथा कमलेश ठाकुर ने लेडी गवर्नर को पारंपरिक हिमाचली शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और समग्र विकास की कामना की।

    राजस्व एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार, विधायक संजय अवस्थी ने भी राज्यपाल को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।

  • मुख्यमंत्री ने गिरिराज साप्ताहिक का नया साल 2026 कैलेंडर पेश किया

    मुख्यमंत्री ने गिरिराज साप्ताहिक का नया साल 2026 कैलेंडर पेश किया

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज गिरिराज साप्ताहिक का वर्ष 2026 का कैलेंडर जारी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरिराज साप्ताहिक प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने समाज के प्रत्येक वर्ग के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कई कल्याणकारी निर्णय लिए हैं और इन पहलों को सही परिप्रेक्ष्य में प्रचारित करने में गिरिराज साप्ताहिक की भूमिका महत्त्वपूर्ण है।

    इस अवसर पर सचिव सूचना एवं जन संपर्क राकेश कंवर, संपादक गिरिराज रीना नेगी, योग राज, सहायक संपादक विवेक शर्मा, लुभित सिंह और उप संपादक चन्द्रशेखर भी उपस्थित थे।

  • नव वर्ष 2026 पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने लोगों को दी हार्दिक शुभकामनाएं

    नव वर्ष 2026 पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने लोगों को दी हार्दिक शुभकामनाएं

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों को नव वर्ष 2026 की हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि नया साल आप सबके लिए अपार खुशियां लेकर आए तथा नव वर्ष नई आशाओं, नए संकल्पों और नई ऊर्जा का प्रसार करें।

    उन्होंने कहा कि गत वर्ष प्रदेश ने कई आपदाओं का सामना किया और प्रदेश की जनता ने सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कई चुनौतियों का सामना किया। यह वर्ष हमारे प्रदेश के लिए विकास और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों भरा साल रहा है। हमने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। सरकार की चिट्टा मुक्त हिमाचल मुहिम को अपार जन समर्थन मिला है। भविष्य में भी सरकार अपने लोगों तथा प्रदेश के हितों के लिए मजबूती से खड़ी रहेगी।

    सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कांगड़ा वैली कार्निवल, शिमला विंटर कार्निवल और डलहौजी विंटर फेस्ट जैसे आयोजनों की अभिनव पहल की। प्रदेश के इतिहास में नव वर्ष के अवसर पर शुरू की गई इन पहलों से पहली बार पर्यटन उद्योग को प्रोत्साहन मिला है। इस शुरूआत से शिमला, चंबा और धर्मशाला में पर्यटकों के आवागमन में भारी वृद्धि देखी गई है जिससे क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा मिला है।

    उन्होंने हिमाचलवासियों का आह्वान किया कि इस नए साल में सब मिलकर अपने प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि आपकी सहभागिता ही हमारी असली शक्ति है।
    उन्होंने कामना की कि यह नव वर्ष सभी के जीवन में सुख, शांति और अपार समृद्धि लेकर आएगा।

  • मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यवस्था परिवर्तन की सराहना की

    मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यवस्था परिवर्तन की सराहना की

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की प्रतिबद्धता को व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान हुए सरकार ने कई महत्त्वपूर्ण क़दम उठाए हैं। इसके तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित सीनियर सिटीजन ओपीडी शुरू की गई हैं। ये विशेष परामर्श स्लॉट प्रदेश के प्रमुख अस्पतालों में क्रियाशील हो चुके हैं, जिससे बुजु़र्गों को लंबी क़तारों से राहत मिली है।

    विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए आईजीएमसी, शिमला तथा मेडिकल कॉलेज टांडा, हमीरपुर एवं नेरचौक और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशलिटी आयुर्विज्ञान, चमियाणा के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) अधोसंरचना स्थापित करने के लिए प्रत्येक संस्थान को पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही आईजीएमसी और टांडा में एआई-सुविधा से लैस स्मार्ट लैब स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे स्वचालन के माध्यम से जांच की प्रतीक्षा अवधि में उल्लेखनीय कमी आएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशलिटी आयुर्विज्ञान, चमियाणा में एक उन्नत बाल चिकित्सा केंद्र (एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर) स्थापित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है, ताकि प्रदेश में ही विश्वस्तरीय बाल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। राज्य सरकार ने 21 दिसंबर से एक व्यापक पल्स पोलियो अभियान सफलतापूर्वक चलाया, जिसके तहत शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए घर-घर जाकर ‘मॉप-अप’ अभियान संचालित किया गया।

    सुक्खू ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य संस्थानों की अधोसंरचना में सुधार के साथ-साथ उच्च स्तरीय तकनीक और विशेषज्ञ रोगी देखभाल सुविधा को घर-द्वार के निकट उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस क्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये का निवेश सुनिश्चित किया गया है ताकि मरीज़ों को उन्नत उपचार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि हिमाचल के स्वास्थ्य क्षेत्र को आधुनिक बनाने का सपना अब साकार हो रहा है, क्योंकि अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशलिटी आयुर्विज्ञान, चमियाणा और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हो चुकी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी पहल हिमाचल को चिकित्सा के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित कर रही है। वर्ष 2026 की शुरुआत तक प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी सुविधाओं के विस्तार की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दुर्गम क्षेत्रों से लेकर शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रही है। प्रशासन एक ऐसे सुदृढ़ स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण को केंद्र में रखकर कार्य कर रहा है जिसमें कमज़ोर वर्गों को प्राथमिकता प्रदान की जा रही है। एआई आधारित जांच प्रणाली और विशेषज्ञ वृद्धावस्था देखभाल इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। यह व्यवस्थित बदलाव हिमाचल प्रदेश को एक आदर्श ‘हेल्थ स्टेट’ के रूप में स्थापित कर रहे हैं, जहां संवेदनशील देखभाल के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा तकनीक के साथ मरीज़ों को उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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  • मुख्यमंत्री सुक्खू ने जसवंत सिंह पटियाल को याद कर श्रद्धांजलि की अर्पित

    मुख्यमंत्री सुक्खू ने जसवंत सिंह पटियाल को याद कर श्रद्धांजलि की अर्पित

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री के प्रेस सचिव अरुण पटियाल के 77 वर्षीय पिता जसवंत सिंह पटियाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका निधन परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

    मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति इस कठिन व दुःखद घड़ी में संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

  • आईजीएमसी मामले पर मुख्यमंत्री सुक्खू सख्त, नई जांच समिति गठित

    आईजीएमसी मामले पर मुख्यमंत्री सुक्खू सख्त, नई जांच समिति गठित

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए आईजीएमसी में हुई घटना की पुनः जांच के लिए एक नई समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, लेकिन मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में नैतिकता को बनाए रखने के लिए चिकित्सकों के लिए अनिवार्य ह्यूमन बिहेवियर और मैन-मैनेजमेंट कोर्स शुरू करने का निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सकों द्वारा मरीजों के साथ किए जाने वाले अच्छे व्यवहार के आधार पर उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में अंक शामिल करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई मरीज या तीमारदार चिकित्सकों के साथ दुर्व्यवहार करता है तो चिकित्सकों को इसकी सूचना अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भर रही है ताकि स्वास्थ्य कर्मी बिना किसी मानसिक दबाव के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में अब तक सैकड़ों पद भरे जा चुके हैं और भविष्य में और भर्तियां भी की जाएंगी।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षित चिकित्सकों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन देने पर भी विचार कर रही है ताकि सार्वजनिक चिकित्सा क्षेत्र में अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों को आकर्षित किया जा सके।

    बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, स्वास्थ्य सचिव संदीप कदम, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. राकेश शर्मा, स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. गोपाल बेरी, विशेष सचिव डॉ. अश्वनी शर्मा एवं जितेंद्र सांजटा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • शिमला विंटर कार्निवल के फिनाले के लिए राज्यपाल को आमंत्रण

    शिमला विंटर कार्निवल के फिनाले के लिए राज्यपाल को आमंत्रण

    शिमला: शिमला नगर निगम के महापौर सुरेन्द्र चौहान ने उप-महापौर उमा कौशल के साथ आज लोक भवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से भेंट की। इस अवसर पर महापौर ने राज्यपाल को 1 जनवरी, 2026 को शिमला विंटर कार्निवल के समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। शिमला नगर निगम द्वारा ऐतिहासिक रिज पर इस कार्निवल का आयोजन 24 दिसंबर से 1 जनवरी, 2026 तक किया जा रहा है।

    महापौर ने राज्यपाल को कार्निवल के दौरान आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि कार्निवल के जरिए से हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, व्यंजनों और विरासत को प्रदर्शित किया जा रहा है। यह कार्निवल ‘नशा मुक्त हिमाचल’ की थीम पर आयोजित किया जा रहा है। इसके जरिए राज्य की विविध सांस्कृतिक विरासत से पर्यटकों को रू-ब-रू करवाया जा रहा है।

    इस पहल की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ऐसे आयोजन न सिर्फ राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं बल्कि युवाओं को अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर भी प्रदान भी प्रदान करते हैं, जिससे युवाओं को नशे से दूर रखा जा सकता है। इस अवसर पर शिमला नगर निगम के आयुक्त भूपेंद्र अत्री भी उपस्थित थे।

     

  • MNREGA खत्म करने के फैसले के खिलाफ मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया विरोध

    MNREGA खत्म करने के फैसले के खिलाफ मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया विरोध

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज रिज मैदान शिमला में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त करने के विरोध में अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ धरना दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने मनरेगा को समाप्त कर ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों के साथ कुठाराघात किया है।

    उन्होंने कहा कि मनरेगा को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए कांग्रेस सरकार द्वारा आरम्भ किया गया था, जोकि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह तथा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की सोच थी। मनरेगा में पहले ग्राम पंचायत के प्रधान और ग्राम सभा की मांग पर लोगों के लिए विकास योजनाएं बनती थीं तथा लागू की जाती थीं। जबकि अब प्रधान योजनाएं नहीं बनाएंगे। अब इस योजना के लिए केन्द्र सरकार द्वारा धनराशि का आवंटन होगा तथा उनके द्वारा ही क्षेत्र विशेष में विकास के लिए केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी केन्द्र सरकार के इस निर्णय के विरोध में जिला तथा ब्लॉक स्तर पर धरना देगी ताकि लोगों को केन्द्र सरकार के इस जन विरोधी निर्णय के बारे में जागरूक किया जा सके। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए और भी दुःख का विषय है कि मनरेगा में पहले प्रदेश के लिए 100 प्रतिशत दिहाड़ी केन्द्र सरकार द्वारा वहन किया जाता था तथा अतिरिक्त 80 रूपये प्रदेश सरकार द्वारा अपनी तरफ से मजदूरों को दिहाड़ी के दिये जाते थे। उन्होंने कहा कि अब नये प्रावधानों के अनुसार प्रदेश के लिए 90 प्रतिशत दिहाड़ी केन्द्र सरकार द्वारा दिया जाएगा तथा 10 प्रतिशत दिहाड़ी प्रदेश सरकार द्वारा वहन किये जाएंगे। उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग की कि इस योजना को पंचायतों की मांग के आधार पर किया जाए तथा उनकी विकासात्मक जरूरतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

    नई योजना में जिला परिषदों में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिये जा रहे पैसों को भी समाप्त कर दिया है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा सेब पर आयात शुल्क घटाने का भी विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के बागवानों को काफी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि वे इस मसले को केन्द्र सरकार से उठायेंगे ताकि प्रदेश के बागवानों के हितों की रक्षा की जा सके।

    इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विनय कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, आयुष मंत्री यादवेन्द्र गोमा, सह प्रभारी हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी चेतन चौहान, विधायक चन्द्रशेखर, अनुराधा राणा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, पार्षद, विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री सुक्खू ने पांगी क्षेत्र के विकास का दिया भरोसा

    मुख्यमंत्री सुक्खू ने पांगी क्षेत्र के विकास का दिया भरोसा

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से आज यहां चंबा जिला के पांगी क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर उन्हें क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगों से अवगत करवाया।मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनकी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

    इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य चुन्नी लाल, पंचायत समिति पांगी की अध्यक्ष किरण, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सुभाष भी उपस्थित थे।