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  • मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में 50वीं जनजातीय परिषद बैठक, विकास के कई ऐलान

    मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में 50वीं जनजातीय परिषद बैठक, विकास के कई ऐलान

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद् की 50वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अनुसूचित क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने को प्राथमिकता दे रही है। बस और ट्रेवलर वाहनों की खरीद पर पात्र युवाओं को 40 प्रतिशत तक सब्सिडी और सड़क कर में चार माह की छूट दी जाएगी। जनजातीय इलाकों में सौर ऊर्जा क्षेत्र में स्वरोजगार बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र की परियोजनाओं को ब्याज उपदान मिलेगा। साथ ही, पांगी और स्पीति में विद्युत आपूर्ति सुधारने हेतु 1.2 मेगावाट और 2 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र शीघ्र चालू किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास में भी विशेष ध्यान दे रही है। इन क्षेत्रों में 3,148 किलोमीटर मोटर योग्य सड़कों का निर्माण हुआ है, जिनमें से 61 प्रतिशत पक्की सड़के हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और पशुपालन के क्षेत्र में भी व्यापक प्रगति हुई है। ईएमआरएस पांगी, भरमौर और लाहौल में नए परिसर निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण पूरा किया गया है, जबकि निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा, जनजातीय भवन रामपुर और नूरपुर में शीघ्र जनता की सुविधा के लिए समर्पित किए जाएंगे।

    बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने महिला अधिकारों की सुरक्षा, नए मार्गों का निर्माण, निर्बाध सम्पर्क सुविधा तथा प्राकृतिक खेती उपमंडलों के विकास पर भी जोर दिया। बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने 2025-26 के लिए 638.73 करोड़ रुपये के विकास प्रावधान की जानकारी दी। बैठक में शिक्षा मंत्री, विधायक, गैर सरकारी सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • हिमाचल में विकास की नई रफ्तार CM Sukhu बोले, बदलाव अब तेजी से दिखेगा

    हिमाचल में विकास की नई रफ्तार CM Sukhu बोले, बदलाव अब तेजी से दिखेगा

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज मण्डी के पड्डल मैदान में आयोजित जन संकल्प रैली के दौरान पिछले तीन वर्षों के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि किस तरह प्रदेश सरकार ने राज्य में आर्थिक, राजनीतिक और प्राकृतिक चुनौतियों का दृढ़ता से सामना किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार नेे पांच वर्षों के वित्तीय कुप्रबन्धन से प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ा। वर्तमान प्रदेश सरकार को इस कर्ज को चुकाने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है। यही नहीं, कर्मचारियों के एरियर की अदायगी का 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारी का बोझ भी वर्तमान सरकार पर छोड़ गई।

    उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने कस्टमाईजड पैकेज के नाम पर बिना रजिस्ट्री के 4500 बीघा भूमि सिर्फ एक करोड़ 12 लाख रुपये में बेच दी। हमारी सरकार प्रदेश की संपदा और हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। हिमाचल के हितों को लुटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर और सबसे समृद्ध राज्य बनाने के लिए बड़े निर्णय लिए गए हैं, साथ ही केन्द्र और पड़ोसी राज्यों से अपने हक लेने के लिए मजबूती से अपना पक्ष रखा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइल्ड फ्लावर हॉल, शिमला मामले में कानूनी लड़ाई जीती है, जिससे प्रदेश को हर वर्ष 20 करोड़ रुपये की आय होगी। प्रदेश सरकार के प्रयासों से कड़छम-वांगतु परियोजना में रॉयल्टी 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई है, जिससे प्रदेश को हर वर्ष 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल में शराब की दुकानों को रिन्यू करने से मात्र 450 करोड़ रुपये की आय हुई जबकि वर्तमान सरकार ने एक वर्ष में ही आबकारी से 450 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कि भाजपा दुष्प्रचार और व्यक्तिगत आक्षेप की राजनीति कर रही है। यहां तक कि मैंने जब अपनी ऑल्टो गाड़ी का प्रयोग किया, उस पर भी ओछी टिप्पणियां की गई। लेकिन प्रदेश सरकार अपनी उपलब्धियों के दम पर वर्ष 2027 में 52 सीटर वॉल्वो में पुनः सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा कि राजनीति के सच्चे सेवक किसी से नहीं घबराते, वर्ष 2027 में हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा।

    सुक्खू ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के लिए जनहित सर्वोपरि है। हमने सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना लागू की। कानून बनाकर अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा दिया। यह सरकार की गारंटी नहीं थी, बल्कि संवेदनशील सोच का परिणाम है। उन्होंने प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रभावितों की मदद के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों को भी इंगित किया।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ओपीएस देने का निर्णय राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं लिया गया बल्कि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए लिया गया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के जन सरोकार व देश सेवा के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने दो प्रधानमंत्री देश की एकता और अखंडता के लिए बलिदान किये हैं। राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर योगदान दिया है।

    उन्होंने प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर हिमाचल के निर्माण के लिए सहयोग देने का आग्रह करते हुए कहा कि हम दो वर्ष में हिमाचल की तकदीर और तस्वीर बदलेंगे। निर्णायक युद्ध में जीत जनता की होगी और कांग्रेस पुनः सत्तासीन होगी।

  • राज्य ने खोया एक समर्पित सिपाही, उप-मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया दुःख

    राज्य ने खोया एक समर्पित सिपाही, उप-मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया दुःख

    शिमला: उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने 13वीं बटालियन डोगरा रेजिमेंट के हवलदार संजीव कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया है। बैजनाथ उपमंडल के डंडेरा गांव के निवासी हवलदार संजीव कुमार का कमांड अस्पताल, बेंगलुरु में बीमारी के कारण निधन हो गया।

    उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि हवलदार संजीव कुमार ने राष्ट्र की सेवा में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया, जिसे सदैव सम्मानपूर्वक याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कठिन घड़ी में प्रदेश सरकार शहीद के परिजनों के साथ है और हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

    मुकेश अग्निहोत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

  • सेवा और समर्पण को सलाम: सीएम सुक्खू ने हवलदार संजीव कुमार के निधन पर संवेदना जताई

    सेवा और समर्पण को सलाम: सीएम सुक्खू ने हवलदार संजीव कुमार के निधन पर संवेदना जताई

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने 13वीं बटालियन डोगरा रेजिमेंट के हवलदार संजीव कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया है। वह बैजनाथ के डंडेरा गांव के निवासी थे और कमांड अस्पताल बेंगलुरु में बीमारी के कारण उनका निधन हो गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हवलदार संजीव कुमार ने राष्ट्र की सेवा में जो योगदान दिया वह हमेशा याद रखा जाएगा। इस कठिन समय में राज्य सरकार संजीव कुमार के परिवार के साथ खड़ी है और सभी आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

  • डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

    डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भारत रत्न और भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीम राव अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर आज चौड़ा मैदान, शिमला स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर एक महान राजनीतिज्ञ और सामाजिक उन्नायक थे। उन्होंने समानता, न्याय और अधिकारों की लड़ाई लड़ी। उन्होंने भारतीय संविधान तैयार करते समय सभी के लिए समान अधिकार सुनिश्चित किए और देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी विरासत आधुनिक भारत को आकार दे रही है।

    ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, उप महापौर उमा कौशल, महाधिवक्ता अनूप रत्न, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, पूर्व महापौर, पार्षदगण, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और अन्य गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे।

  • प्रदेश सरकार का ट्रांसपोर्ट अपडेट: ई-रिक्शा संचालन 20 किमी क्षेत्र तक सीमित, नए परमिट जारी

    प्रदेश सरकार का ट्रांसपोर्ट अपडेट: ई-रिक्शा संचालन 20 किमी क्षेत्र तक सीमित, नए परमिट जारी

    शिमला: प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि परिवहन विभाग ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत राज्य के विभिन्न उप-मंडलों के पहाड़ी क्षेत्र और सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिगत समस्त क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों को राज्य के उप-मंडलों में यात्री अनुबंधित कैरिज परमिट के तहत ई-रिक्शा परमिट प्रदान करने की अनुमति दी है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके तहत कांगड़ा जिला के उप-मंडल पालमपुर में 30, धर्मशाला (जिसमें मैक्लोडगंज शामिल है) में 36 परमिट की अनुमति होगी। चंबा जिला के उप-मंडल चंबा (सदर) में पांच, भटियात में नौ, किन्नौर जिला के कल्पा/रिकांगपिओ में 15, सांगला में 10, सिरमौर जिला के नाहन उप-मंडल में 15, राजगढ़ में दो परमिट की अनुमति होगी।

    मंडी जिला के जोगिंदर नगर में 15, पधर में 35, सरकाघाट में पांच, धर्मपुर में पांच, कुल्लू जिला के उप-मंडल कुल्लू में 30, भुंतर में 15, बंजार में 20, मनाली में 30, पतलीकुहल में 15, नग्गर में 15 परमिट, जिला शिमला के उप-मंडल ठियोग में छह, रोहड़ू में 20, सोलन जिला के उप-मंडल कंडाघाट में तीन, अर्की में दो, नालागढ़ में 10, बद्दी में 15, ऊना जिला के हरोली उप-मंडल में 17, शेष ऊना जिला (ऊना मुख्यालय और अन्य क्षेत्र) में 20 परमिट की अनुमति होगी। कुल परमिटों की संख्या 400 होगी।

    उन्होंने बताया कि इन उप-मंडलों/क्षेत्रों में केवल ई-रिक्शा के ही नए पंजीकरण की अनुमति दी जाएगी। राज्य के शेष उप-मंडलों में ऑटो-रिक्शा/ई-रिक्शा का परिचालन निषिद्ध रहेगा, हालांकि, यह प्रतिबंध राज्य में वैध परमिट के आधार पर पहले से चल रहे ऑटो-रिक्शा पर लागू नहीं होगा। इस अधिसूचना के तहत पंजीकृत/अधिकृत प्रत्येक ई-रिक्शा के परिचालन का क्षेत्र संबंधित उप-मंडल के मुख्यालय से 20 किलोमीटर की परिधि तक ही सीमित रहेगा, जहां ऐसा पंजीकरण/प्राधिकार प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि एक बार जब ई-रिक्शा एक विशेष उप-मंडल में पंजीकरण या संचालन के लिए अधिकृत हो जाता है, तो निर्धारित मुख्यालय स्थायी और अपरिवर्तित रहेगा, जिसे किसी भी परिस्थिति में बदला, स्थानांतरित या परिवर्तित नहीं किया जाएगा। वाहन उसी उप-मंडल की न्यायिक सीमाओं के भीतर संचालित होगा और निर्धारित दायरे से बाहर कोई भी परिचालन इस अधिसूचना और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा।

  • CM सुक्खू ने टोंग-लेन स्कूल में बच्चों से की मुलाकात, शिक्षकों और ट्रस्ट के कार्यों की प्रशंसा

    CM सुक्खू ने टोंग-लेन स्कूल में बच्चों से की मुलाकात, शिक्षकों और ट्रस्ट के कार्यों की प्रशंसा

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज धर्मशाला के सराह स्थित टोंग-लेन स्कूल का दौरा किया और छात्र-छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने बच्चों की रुचियों के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने और राष्ट्र व समाज के विकास में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि टोंग-लेन संस्थान अपने आरंभ से ही झुग्गी-झोंपड़ी और वंचित वर्ग के बच्चों के जीवन में सुधार लाने के लिए सराहनीय कार्य कर रहा है और शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को सशक्त बना रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार जनता की सरकार है और उनके अधिकारों तथा कल्याण की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों को उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुख आश्रय सहायता कोष की स्थापना की है, जिसके अंतर्गत सरकार इन बच्चों की शिक्षा सहित अन्य खर्च वहन कर रही है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी को पुष्पांजलि भी अर्पित की। टोंग-लेन चौरिटेबल ट्रस्ट मुख्य रूप से गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को टोंग-लेन स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करने के लिए कार्य करता है। इस अवसर पर उपायुक्त हेमराज बैरवा, टोंग-लेन ट्रस्ट के प्रबंधन तथा स्कूल के शिक्षक भी उपस्थित थेे।

  • हिमाचल में Forensic क्षमताओं को मिली मजबूती, धर्मशाला में सीएम सुक्खू ने नए भवन का उद्घाटन किया

    हिमाचल में Forensic क्षमताओं को मिली मजबूती, धर्मशाला में सीएम सुक्खू ने नए भवन का उद्घाटन किया

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज क्षेत्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (आरएफएसएल उत्तरी क्षेत्र) धर्मशाला में डिजिटल फॉरेंसिक डिवीजन और उन्नत उपकरण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। यह सुविधा लगभग तीन करोड़ रुपये की अत्याधुनिक अवसंरचना से निर्मित की गई है, जिसमें ऐसे उन्नत उपकरण शामिल हैं, जो क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन से भी डेटा निकालने और उसका विश्लेषण करने में सक्षम हैं।

    इसके अलावा, लगभग 1.05 करोड़ रुपये की लागत से एक उन्नत उपकरण प्रयोगशाला स्थापित की गई हैं, जिसमें अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरण लगाए गए हैं। इन प्रयोगशालाओं में लगाए गए उपकरणों की कुल कीमत लगभग 1.50 करोड़ रुपये है। ये सुविधाएं हिमाचल प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में फॉरेंसिक जांच में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और दक्षता को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगी। यह नया प्रभाग विशेष रूप से उन मामलों में, जहां सजा सात वर्ष या उससे अधिक हो, अपराध स्थल से सबूतों को संरक्षित करने में जांच एजेंसियों की मदद करेगा।

    इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत संसाधन केंद्र (डीपीआरसी) कांगड़ा के 3.92 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने जिला परिषद, कांगड़ा के डीपीओ कर्मचारी आवास का शिलान्यास भी किया, जिस पर लगभग 2.26 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विधायक सुरेश कुमार, मुख्य सचिव संजय गुप्ता और सचिव (ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज) सी. पॉलरासु भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष को HIMUDA का 11 लाख रुपये का योगदान

    मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष को HIMUDA का 11 लाख रुपये का योगदान

    शिमला: नगर नियोजन, आवास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज जिला कांगड़ा के धर्मशाला में हिमुडा की ओर से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को सुख आश्रय कोष के लिए 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के योगदान की अनाथ बच्चों, निराश्रित महिलाओं और अन्य जरूरतमंद लोगों के हित में सुख आश्रय कोष के तहत की जा रही विभिन्न कल्याणकारी पहलों को संबल प्रदान करने में दूरगामी भूमिका है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर लाभार्थी को सुरक्षित और सम्मानपूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे है। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विधायक राम कुमार और मुख्य सचिव संजय गुप्ता, हिमुडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र वशिष्ठ भी उपस्थित थे।

  • MSHIPA में आधार प्रमाणीकरण अधिकारियों का प्रशिक्षण संपन्न

    MSHIPA में आधार प्रमाणीकरण अधिकारियों का प्रशिक्षण संपन्न

    शिमला: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान मशोबरा में आधार प्रमाणीकरण संचालकों और निरीक्षकों के लिए एक दिवसीय राज्य स्तरीय मेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।

    इस कार्यशाला में डिजिटल टेक्नोलॉजीज एवं गवर्नेंस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड से 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आधार प्रमाणीकरण प्रणाली, नियम, प्रक्रियाएं, सर्वोत्तम प्रथाएं और सुरक्षित एवं सुचारू सेवा प्रदान करने के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल को शामिल किया गया।

    सत्र के दौरान कौशल विकास, डेटा की शुद्धता, गोपनीयता और व्यावहारिक समस्या-समाधान पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों ने चर्चा और वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित व्यावहारिक जानकारी हासिल की। कार्यक्रम का शुभारम्भ यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ के उप-निदेशक तेजिंदर पाल सिंह ने किया। यूआईडीएआई मुख्यालय से अनिल शर्मा, अनुपालन विभाग के एएम कुलदीप शर्मा और राज्य परियोजना प्रबंधक विजय एस. सिंह ने विस्तृत तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्रों का संचालन किया।