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  • मुख्यमंत्री ने बस दुर्घटना में तीन लोगों के निधन पर शोक व्यक्त किया

    मुख्यमंत्री ने बस दुर्घटना में तीन लोगों के निधन पर शोक व्यक्त किया

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र के गारटोला में गत सायं बस दुर्घटना में तीन लोगों के निधन पर शोक व्यक्त किया है। इस दुर्घटना में घायल 21 लोग उपचाराधीन हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत प्रदान करने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना तथा शोकाकुल परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

  • गरीब एवं भूमिहीन लोगों के अतिक्रमण के मामलों में रियायत के लिए बनाएंगे नीति- मुख्यमंत्री

    गरीब एवं भूमिहीन लोगों के अतिक्रमण के मामलों में रियायत के लिए बनाएंगे नीति- मुख्यमंत्री

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर में लगभग 19.40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नगर निगम कार्यालय भवन के शिलान्यास और छोटे व्यापारियों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए लगभग 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित दुकानों तथा ग्रामीण हाट के उद्घाटन किए। इसके उपरांत टाउन हॉल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकारी भूमि पर कई वर्षों पहले बसे गरीब एवं भूमिहीन लोगों के मकानों को रियायत प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार एक नीति बनाने पर विचार करेगी ताकि उन्हें राहत प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अतिक्रमण के मामलों के संबंध में उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अध्ययन कर रही है तथा इस पर उचित निर्णय लिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हैं। सरकार राज्य के सभी मेडिकल कालेजों में अत्याधुनिक मशीनें स्थापित करवाने तथा सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों एवं प्रोफेसरों की भर्ती पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है, ताकि लोगों को प्रदेश की भीतर ही एम्स एवं पीजीआई स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इन चिकित्सा संस्थानों में प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण पर प्रदेश सरकार 125 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। राज्य सरकार आम मरीजों को अत्यंत महंगी रोबोटिक सर्जरी कम खर्च पर उपलब्ध करवा रही है। इन कॉलेजों में पीजी की सीटों में भी बड़े स्तर पर बढ़ोतरी की जा रही है। इससे प्रदेश में अधिक स्पेशिलस्ट डॉक्टर उपलब्ध होंगे और स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त होंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने यूपीए शासनकाल में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद से हमीरपुर के लिए मेडिकल कालेज स्वीकृत करवाया था। वर्तमान प्रदेश सरकार इस कॉलेज के लिए अभी तक लगभग 500 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। उन्होंने कहा कि जोल सप्पड़ के नए परिसर में इस कॉलेज का शीघ्र ही संचालन आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमकेयर योजना को बंद नहीं करेगी, लेकिन इस योजना के नाम पर हुए घोटाले का पर्दाफाश किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सुधार किए हैं और सीबीएसई स्कूलों की स्थापना से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में लगभग 24 हजार की वृद्धि हुई है। प्रदेश सरकार ने एचपीपीएससी और हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से सभी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करके प्रतिभाशाली युवाओं के साथ न्याय किया है।

    उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना, अन्य जलविद्युत परियोजनाओं और वाइल्ड फ्लॉवर हॉल जैसे मामलों में प्रदेश सरकार ने दृढ़ता के साथ अपना पक्ष रखा है, जिससे हिमाचल के हितों की रक्षा हुई है और प्रदेश को अरबों रुपये का राजस्व सुनिश्चित हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम हमीरपुर में शामिल हुए नए क्षेत्रों के लोगों को पांच साल तक करों में छूट प्रदान की जाएगी। हमीरपुर में लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के सबसे बड़े बस अड्डे का निर्माण किया जा रहा है और वर्तमान बस अड्डे की जगह लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सिटी सेंटर का निर्माण किया जाएगा। यहां शहरवासियों और प्रतिदिन बाहर से आने वाले लोगों को शॉपिंग, मनोरंजन एवं पार्किंग सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पुराने व्यवसायियों को भी इस सिटी सेंटर या अन्य उपयुक्त स्थानों पर समायोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में विभिन्न विभागों, निगमों एवं बोर्डों के पांच राज्य स्तरीय कार्यालय स्थापित किए गए हैं और कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

    मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में दशहरा उत्सव और अन्य आयोजनों के लिए उपयुक्त जगह विकसित करने तथा अन्य मांगों को भी पूरा करने की घोषणा की। उन्होंने हमीरपुर शहर के रेहड़ी-फहड़ी धारकों के लिए भी बेहतर सुविधाएं प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।

    इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर, अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल, ओबीसी आयोग के सदस्य राजीव राणा, एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुमन भारती, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, सुभाष ढटवालिया, पूर्व विधायक मनजीत डोगरा, उपायुक्त गंधर्वा राठौड़, पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

     

     

  • ई-वाहन खरीदना होगा आसान: हरियाणा ई-वाहन नीति में किए जाएं आवश्यक बदलाव – राव नरबीर

    ई-वाहन खरीदना होगा आसान: हरियाणा ई-वाहन नीति में किए जाएं आवश्यक बदलाव – राव नरबीर

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण कम करने के लिए ई-वाहन नीति में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, कारों तथा टाटा मैजिक जैसे ई-वाहनों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी सीधे लाभार्थी को देने की व्यवस्था की जाए, ताकि खरीदारों को वाहन खरीदते समय ही सब्सिडी का लाभ मिल सके।

    बुधवार को हरियाणा ई-वाहन नीति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत-2047 के विजन के तहत प्रदूषण मुक्त भारत बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने पीएम ई-वाहन जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं। हरियाणा एनसीआर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए विशेष रूप से गुरुग्राम और फरीदाबाद की जरूरतों को देखते हुए हरियाणा ई-वाहन नीति-2022 में दिल्ली की तर्ज पर आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए।

    बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा की मौजूदा ई-वाहन नीति वर्ष 2027 तक लागू है। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की नीतियों का अध्ययन कर सभी आवश्यक संशोधन शीघ्र किए जाएंगे, ताकि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को और अधिक प्रोत्साहन मिल सके। डॉ. अग्रवाल ने जानकारी दी कि विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से केंद्र सरकार द्वारा गठित अर्जुन एसपीबी के माध्यम से एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की जाएंगी, जिनमें इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना प्रमुख हिस्सा होगा।

    उन्होंने बताया कि एयर क्वालिटी कंट्रोल प्रोजेक्ट के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में लगभग 90 करोड़ रुपये की लागत से 500 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। इन बसों के संचालन के लिए 200 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और चार्जिंग स्टेशन विकसित करने वालों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके अलावा नए इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर खरीदने तथा पुराने थ्री-व्हीलर बदलने पर प्रोत्साहन, उद्योगों में स्वच्छ डीजी सेट के उपयोग को बढ़ावा देने, सीईएमएस (Continuous Emission Monitoring System) उपकरण लगाने पर सहायता, शहरी निकायों में धूल एवं ठोस कचरा प्रबंधन की क्षमता बढ़ाने, पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाने, बायो-डीकंपोजर के उपयोग पर अनुसंधान, वायु गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ करने तथा सीएक्यूएम (CAQM) स्टेशनों के विकास जैसे कार्य भी इस परियोजना के तहत किए जाएंगे।

    राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाया जाए, ताकि लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए अधिक प्रोत्साहन मिल सके और हरियाणा स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त परिवहन की दिशा में तेजी से आगे बढ़े।

     

  • Himachal News: राज्यपाल ने शिमला ज़िले के मेधावियों को किया सम्मानित

    Himachal News: राज्यपाल ने शिमला ज़िले के मेधावियों को किया सम्मानित

    युवाओं से हरित उद्यमिता अपनाने का आह्वान

    शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि प्रतिष्ठित सेवाओं में चयनित होने का लक्ष्य निर्धारित करना सराहनीय है, लेकिन सफलता केवल एक करियर की उपलब्धि तक सीमित नहीं है। उन्होंने युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और वैज्ञानिक अनुसंधान, विशेषकर औषधीय पौधों एवं प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में उपलब्ध विविध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया क्योंकि हिमाचल प्रदेश में इन क्षेत्रों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्यपाल आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला में एक प्रमुख हिंदी दैनिक समाचार समूह द्वारा आयोजित ‘शिमला के मेधावी’ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने शिमला जिले के 35 से अधिक विद्यालयों के लगभग 600 मेधावियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। गुप्ता ने कहा कि न्यूज़ीलैंड ने वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप मनुका पौधे का बाजार विकसित किया है, दक्षिण कोरिया ने जिनसेंग को एक महत्वपूर्ण आर्थिक संसाधन में परिवर्तित किया है, जबकि लैवेंडर की खेती से जम्मू-कश्मीर के लोगों के जीवन में उल्लेखनीय सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन आया है। हिमाचल प्रदेश में औषधीय जड़ी-बूटियों, सुगंधित पौधों तथा अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों का समृद्ध भंडार है। वैज्ञानिक खेती, मूल्य संवर्धन और नवाचार के माध्यम से इस भंडार का सर्वोत्तम उपयोग कर हजारों युवाओं के लिए सतत् आजीविका के अवसर सृजित किए जा सकते हैं। यदि हमारे युवा नवाचार को प्रदेश के समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों के साथ जोड़ें, तो हिमाचल प्रदेश भारत के बागवानी केन्द्र के साथ-साथ हरित उद्यमिता की राजधानी के रूप में भी उभर सकता है। शिक्षा के महत्व को इंगित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है बल्कि यह चरित्र निर्माण, नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं को समाज तथा राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए सक्षम बनाने का माध्यम है। उन्होंने मेधावियों को देश के स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों के अनुरूप सशक्त, प्रगतिशील और नैतिक मूल्य आधारित भारत का प्रतिनिधि बताया। राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धियां उनकी कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और ज्ञान प्राप्त करने की अटूट जिज्ञासा का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम एवं अन्य गतिविधियों में उनकी उत्कृष्टता की भी सराहना की। वास्तविक शिक्षा केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं होती। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से नशे की बुराई के प्रति सचेत रहने का आह्वान करते हुए कहा कि मादक पदार्थों का दुरुपयोग समाज के लिए एक बड़े खतरे के रूप में उभर रहा है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा अपने मित्रों और सहपाठियों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। नशामुक्त हिमाचल ही सशक्त और समृद्ध हिमाचल की आधारशिला है। इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यापीठ संस्थान द्वारा शुरू की गई ‘कलम ऑफ हिमाचल’ पहल का भी शुभारंभ किया। इससे पूर्व आयोजनकर्ता समाचार पत्र समूह के राज्य ब्यूरो प्रमुख राजेश मंढोतरा ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। राज्यपाल का स्वागत करते हुए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी है और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करना चाहिए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं और अवसर प्रदान किए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित किए गए पांच नए शैक्षणिक केन्द्रों तथा परिसर में प्रस्तावित सौर पैनल निर्माण इकाई की जानकारी देते हुए कहा कि इन पहलों से विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। विद्यापीठ संस्थान के निदेशक रमेश शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया। निदेशक रविन्द्र अवस्थी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, अभिभावक, शिक्षक, विश्वविद्यालय के प्राध्यापक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।  
  • प्रदेश के 573 स्थानों पर चलाया गया गहन तलाशी अभियान

    प्रदेश के 573 स्थानों पर चलाया गया गहन तलाशी अभियान

    शिमला: पुलिस विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत सोमवार कोे प्रदेश के सभी जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) एवं जिला पुलिस द्वारा राज्य-स्तर पर मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं तस्करी की रोकथाम के लिए निर्जन, एकांत तथा अर्ध-सार्वजनिक स्थानों/ सुनसान पहाड़ी क्षेत्र, जंगलों, परित्यक्त भवन, खाली कमरे, पार्किंग स्थल, नदी किनारे, पुराने बस-स्टैंड, गैराज शेड इत्यादि का व्यापक निरीक्षण एवं गहन तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान ऐसे स्थानों, गांव एवं शहरों में संदिग्ध व्यक्तियों की आवश्यकता अनुसार मूत्र के नमूने एकत्रित कर रैंडम स्क्रीनिंग भी की गई।

    इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेशभर में 573 निर्जन, एकांत एवं अर्ध-सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण कर गहन तलाशी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान 840 संदिग्ध व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 114 व्यक्तियों के मूत्र के नमूने एकत्र किए गए। इसके अतिरिक्त 1774 वाहनों की तलाशी ली गई, 169 कोटपा चालान किए गए तथा एक अभियोग पंजीकृत किया गया। अभियान के दौरान 2.57 ग्राम हेरोईन/चिट्टा बरामद किया गया तथा दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त 885 चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर ‘नो ड्रग एब्यूज हेयर’ सूचना पट्ट (बोर्ड/पोस्टर) स्थापित किए गए, ताकि ऐसे स्थानों पर मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध स्पष्ट संदेश प्रसारित करते हुए जन-जागरूकता को सुदृढ़ किया जा सके।

    इस अभियान का मुख्य उद्देश्य निर्जन, एकांत एवं अर्ध-सार्वजनिक स्थलों में मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना, नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता को सुदृढ़ करना, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना तथा ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षित एवं नशा-मुक्त वातावरण स्थापित करना है।

    प्रवक्ता ने अपील की कि चिट्टा/नशे से संबंधित किसी भी सूचना को तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाना में दें। सूचना देने वालों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। मुख्यमंत्री के सशक्त नेतृत्व और युवाओं की सहभागिता से हिमाचल पुलिस प्रदेश में चिट्टे के समूल नाश के लिए दृढ़ संकल्पित है।

     

  • मुख्यमंत्री ने ममलीग में ग्रीन पंचायत योजना के तहत सौर ऊर्जा परियोजना का किया उद्घाटन

    मुख्यमंत्री ने ममलीग में ग्रीन पंचायत योजना के तहत सौर ऊर्जा परियोजना का किया उद्घाटन

    सरकार शहरों की तर्ज पर गांवों में भी देना चाहती सुविधाएं: मुख्यमंत्री

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम से जिला सोलन की ग्राम पंचायत ममलीग में ग्रीन पंचायत योजना के अन्तर्गत 500 किलोवाट क्षमता की ग्राउंड माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन किया। दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस परियोजना का कार्य 23 दिसम्बर, 2024 को आरम्भ किया गया था तथा 24 फरवरी, 2026 को विद्युत ग्रिड से जोड़ दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से वर्तमान में लगभग 3000 यूनिट प्रतिदिन स्वच्छ विद्युत का उत्पादन हो रहा है तथा वार्षिक लगभग आठ लाख यूनिट उत्पादन होगा। उन्होंने कहा कि विद्युत खरीद समझौते के अनुसार हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड 3.50 रूपये प्रति यूनिट खरीद करेगा, जिससे राज्य को स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ दीर्घकालिक एवं स्थिर राजस्व प्राप्त होगा। सुक्खू ने कहा कि इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका जनहितकारी राजस्व वितरण मॉडल है तथा प्राप्त आय का 25 प्रतिशत ग्राम पंचायत के विकास कार्यों, 25 प्रतिशत अनाथों एवं विधवाओं के कल्याण, 20 प्रतिशत प्रदेश सरकार, 20 प्रतिशत हिमऊर्जा तथा 10 प्रतिशत संचालन एवं रखरखाव पर खर्च किया जाएगा। इससे स्थानीय समुदाय को प्रत्यक्ष आर्थिक एवं सामाजिक लाभ प्राप्त होंगे। इस परियोजना से ग्राम पंचायत को प्रतिवर्ष 14 लाख रूपये की आय होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 वर्ष की परियोजना आयु वाली यह सौर ऊर्जा परियोजना स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण विकास तथा सामाजिक समृद्धि का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश के सतत विकास लक्ष्यों को सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम सिद्ध होगी। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के प्रयास कर रही है तथा पंचायतों में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का निर्माण करना इस दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती से उगाये गए उत्पादों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है और दूध को भी देश में सबसे ज्यादा समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि गांवों में भी शहरों की तर्ज पर सुविधाएं मिलें। ममलीग में उपस्थित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने इस परियोजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार ला रही है। मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से आज सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों के 80 प्रतिशत से ज्यादा पद भरे जा चुके हैं। इसके अलावा पैरा मेडिकल स्टाफ और टेक्नीशियन के पद भी भरे गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश के सरकारी संस्थानों में एमआरआई, थ्री टेस्ला और रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना प्रारम्भ हो गई हैं, जो पहले केवल बड़े शहरों और बड़े अस्पतालों में थीं। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ भी राज्य सरकार ने एक बड़ा अभियान छेड़ा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सभी वर्गों को अपना सहयोग देना चाहिए ताकि हिमाचल प्रदेश चिट्टा मुक्त बन सके। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया भी शिमला में उपस्थित थे।  
  • प्रधानमंत्री की उपस्थिति में जल्द होगा किशाऊ एमओयू हस्ताक्षरित, मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

    प्रधानमंत्री की उपस्थिति में जल्द होगा किशाऊ एमओयू हस्ताक्षरित, मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

    मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित कर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा

    शिमला: ‘किशाऊ बहुउद्देश्यीय जलविद्युत परियोजना’ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में साझेदार राज्यों और भारत सरकार के मध्य शीघ्र ही ‘समझौता ज्ञापन’ हस्ताक्षरित होने की संभावना है। 422 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना के लिए औपचारिक एमओयू हस्ताक्षरित होने से पूर्व, भारत सरकार ने एमओयू का प्रारूप साझेदार राज्यों को भेजकर इस पर सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज किशाऊ बहुद्देश्यीय परियोजना के एमओयू के प्रारूप की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों के अधिकारों और हितों की रक्षा सुनिश्चित कर राज्य सरकार इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हाल ही में हुई बैठक में 422 मेगावाट किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना के क्रियान्वयन पर सहमति बनी है, जिसके तहत हिमाचल प्रदेश को परियोजना में कोई वित्तीय निवेश किए बिना प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने पूर्व के समझौते के प्रारूप को अस्वीकृत किया और प्रदेश के हितों को सुरक्षित रखते हुए राज्य सरकार ने प्रस्तावित शर्तों और प्रावधानों के लिए सभी हितधारकों से स्वीकृति प्रदान करवाई। इससे राज्य के दीर्घकालिक हितों की रक्षा सुनिश्चित हुई और परियोजना के क्रियान्वयन का मार्ग भी प्रशस्त हुआ। संशोधित व्यवस्था के तहत सभी साझेदार राज्यों को बिजली और पानी में उनका वैध हिस्सा मिलेगा, जबकि हिमाचल प्रदेश को भी अपनी आवश्यकता के अनुसार जलाशय से पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। राज्य ने यमुना बेसिन में 378 मिलियन घन मीटर जल पर अपना अधिकार सुरक्षित किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने हमेशा हिमाचल प्रदेश के हितों को सर्वोपरि रखा है और राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना पर इस समझौते को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस रणनीतिक जीत से इस महत्त्वपूर्ण परियोजना में हिमाचल प्रदेश का वैध हिस्सा और दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित हुए हैं।

    राज्य सरकार भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की परियोजनाओं से हिमाचल प्रदेश को मिलने वाले 13,066 मिलियन यूनिट बिजली के लंबित बकाये को प्राप्त करने के लिए भी प्रयास तेज कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद यह मामला लगभग 15 वर्षों से लंबित है।

    हाल ही में किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना में हिमाचल प्रदेश के वित्तीय योगदान को लेकर वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से पिछले आठ वर्षों से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हुआ है। इससे सरकार को राज्य पर पड़ने वाले भारी वित्तीय बोझ को टालने में सफलता मिली है जबकि पूर्व भाजपा सरकार ने इस परियोजना में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये का योगदान देने पर सहमति व्यक्त की थी।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने राज्य की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए इसका पुरजोर विरोध किया और सफलतापूर्वक ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की, जिसके तहत हिमाचल प्रदेश को परियोजना में कोई पूंजीगत निवेश नहीं करना होगा, जबकि राज्य को उसके सभी वैध लाभ पूर्ववत प्राप्त होते रहेंगे।

    बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर. डी. नजीम, प्रधान सचिव देवेश कुमार तथा हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक उपस्थित थे जबकि मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

     

  • राज्यपाल ने गंगा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया

    राज्यपाल ने गंगा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया

    शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज लोकभवन में प्रो. विवेकानन्द तिवारी द्वारा लिखित पुस्तक ‘भारतीय कला, लोक परंपरा एवं संगीत में गंगा का प्रवाह’ का विमोचन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि भारत के लोगों के लिए गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि देश की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। समय के साथ गंगा का मार्ग और स्वरूप बदलता रहा है, लेकिन वह हमेशा जीवनदायिनी नदी के रूप में हमारी सभ्यता का पालन-पोषण करती रही है।

    गुप्ता ने कहा कि गंगा शाश्वतता और पवित्रता का प्रतीक है तथा भारतीय कला, साहित्य, पौराणिक कथाओं और सांस्कृतिक परंपराओं में उसका विशेष स्थान रहा है। अनेक पीढ़ियों के कवियों, कलाकारों और विद्वानों ने गंगा से प्रेरणा लेकर अपनी रचनाओं को समृद्ध किया है। इसी कारण गंगा भारत की सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न हिस्सा बन गई है। राज्यपाल ने कहा कि गंगाजल आज भी हिंदू धार्मिक अनुष्ठानों और जीवन के विभिन्न संस्कारों में अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जाता है। भारतीय कला में गंगा को एक दिव्य देवी और संरक्षक के रूप में चित्रित किया गया है, जो पवित्रता, करुणा और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक है। प्रो. विवेकानन्द तिवारी को पुस्तक के प्रकाशन पर बधाई देते हुए गुप्ता ने कहा कि यह पुस्तक पाठकों को भारतीय कला, लोक परंपराओं और संगीत पर गंगा के गहरे प्रभाव को समझने में मदद करेगी तथा देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और जागरूकता को बढ़ाएगी।

  • मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से फोन पर बात की, अधिकारों के लिए मांगा सहयोग

    मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से फोन पर बात की, अधिकारों के लिए मांगा सहयोग

    शिमला: किशाऊ बाँध पर बड़ी जीत के बाद सुक्खू सरकार ने बीबीएमबी एरियर को वापिस लेने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से हिमाचल प्रदेश के लंबित वित्तीय अधिकारों और बकाया राशि की वसूली के मुद्दे पर केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से फोन पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार से इस मामले में सक्रिय सहयोग का आग्रह करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश लंबे समय से अपने वैधानिक अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहा है और अब राज्य सरकार इन अधिकारों को हर हाल में सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना पर हिमाचल प्रदेश तभी आगे बढ़ेगा, जब हरियाणा सरकार बीबीएमबी से संबंधित अपने हिस्से के बकाया भुगतान के संबंध में स्पष्ट सहमति व्यक्त करेगी तथा सर्वोच्च न्यायालय में इस आशय का शपथ-पत्र दायर करेगी। हिमाचल प्रदेश के हितों की अनदेखी कर राज्य से किसी नए परियोजना पर सहयोग की अपेक्षा करना उचित नहीं होगा। बार-बार आग्रह करने के बावजूद पंजाब और हरियाणा ने हिमाचल प्रदेश को उसके अधिकार से वंचित रखा है। मुख्यमंत्री के आग्रह पर केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आश्वासन् दिया कि वह इस विषय पर हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे तथा हिमाचल प्रदेश के वैधानिक अधिकारों के संरक्षण और समाधान के लिए आवश्यक पहल करेंगे।

    लगभग 15 वर्ष पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेशों में स्पष्ट रूप से हिमाचल प्रदेश को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की परियोजनाओं एवं उनसे प्राप्त होने वाले लाभों में 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिकार स्वीकार किया है। इसके बावजूद हिमाचल प्रदेश पिछले एक दशक से अधिक समय से अपने हिस्से की 13,066 मिलियन यूनिट बिजली तथा उससे जुड़े वित्तीय लाभों से वंचित है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद अब प्रदेश सरकार बीबीएमबी से अपने हिस्से के लगभग 4,200 करोड़ रुपये के बकाया की वसूली के लिए सभी आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक कदम उठा रही है। यह राशि हिमाचल प्रदेश के लोगों का वैधानिक अधिकार है और राज्य सरकार इसे प्राप्त करने के लिए पूरी दृढ़ता से प्रयासरत है।

    422 मेगावाट की किशाऊ बाँध परियोजना पर वर्ष 2023 में पुराने समझौते को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अस्वीकार कर दिया था, जिसके तहत हिमाचल को बिजली उत्पादन की लागत का एक बड़ा हिस्सा वहन करना पड़ता। लेकिन मुख्यमंत्री सुक्खू के कड़े रुख के बाद अब राज्य को बिना एक भी पैसा लगाए सालाना 600 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा, जो हिमाचल प्रदेश के अधिकारों की एक बड़ी जीत है।

  • नीट पेपर लीक से लाखों युवाओं के सपने हुए चकनाचूरः मुख्यमंत्री

    नीट पेपर लीक से लाखों युवाओं के सपने हुए चकनाचूरः मुख्यमंत्री

    शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल को बनाएंगे देश का नंबर वनः मुख्यमंत्री

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल ही में केन्द्र सरकार के कार्यकाल में हुए नीट पेपर लीक ने लाखों विद्यार्थियों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। शिमला स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में यूथ कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के तहत संगठन प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन कर विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे। केन्द्र सरकार द्वारा लागू की गई अग्निवीर योजना ने हिमाचल प्रदेश के युवाओं के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश के बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होते थे, लेकिन अब चार वर्ष की अल्पकालिक सेवा वाली व्यवस्था के कारण युवाओं का रुझान प्रभावित हुआ है। कांग्रेस सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए पुलिस सहित विभिन्न विभागों में पारदर्शी तरीके से नियमित भर्ती कर रही है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती और अधीनस्थ चयन आयोग की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए। जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे गए। वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य चयन आयोग का गठन किया है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर केन्द्र सरकार के कार्यकाल में नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जिससे देशभर के लाखों युवाओं के सपने हुए चकनाचूर हुए। सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में 21वें स्थान पर पहुंच गया था, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से प्रदेश अब पांचवें स्थान पर आ गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश का नंबर एक राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक सुविधाओं से युक्त सीबीएसई स्कूल स्थापित कर रही है तथा उनमें शिक्षकों की नियुक्तियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को यहां की शिक्षा व्यवस्था पर गर्व होगा। राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ बना रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में प्रदेश के लोग हर वर्ष उपचार के लिए राज्य से बाहर लगभग एक हजार करोड़ रुपये खर्च करते हैं। इसे देखते हुए सरकार प्रदेश में एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक मशीनें और उपकरण उपलब्ध करा रही है। सभी मेडिकल कॉलेजों में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं तथा रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी शुरू की जा चुकी है, जिससे सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार गाय का दूध 61 रुपये तथा भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद रही है। सामाजिक सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के लगभग 6,000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाकर उनके समग्र विकास की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने उठाई है। कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। केन्द्र की भाजपा सरकार ने राज्य के आरडीजी का अधिकार छीना और भाजपा सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को भी बंद करने की बात कहती है। फिर लोग भाजपा को वोट क्यों देंगे? उन्होंने कहा कि 2027 में इतिहास बदलेगा। उनका राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू हुआ और कांग्रेस पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया। कांग्रेस की विचारधारा ने देश को आजादी दिलवाने के साथ-साथ विकास की मजबूत नींव रखी। पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में पंचवर्षीय योजनाओं की शुरुआत हुई, आईआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना हुई तथा देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए। उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि जहां राहुल गांधी देशभर में छात्रों की आवाज बुलंद कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू छात्र राजनीति से आगे बढ़कर आज प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं। आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में देशभर में अनेक पेपर लीक हुए, जबकि हिमाचल में वर्तमान सरकार ने पेपर लीक मामलों के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की है। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी ज्योतिष एच.एम. ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन आयोजित कर विद्यार्थियों और आम जनता को नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों के प्रति जागरूक किया जाएगा। युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में सभी सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं। इस अवसर पर नीट पेपर के लीक होने के कारण उत्पन्न स्थितियों से 21 मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा।