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  • 38 चिकित्सा अधिकारी प्रमोट होकर बने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी

    38 चिकित्सा अधिकारी प्रमोट होकर बने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी

    हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन” की वर्षों पुरानी मांग पूरी

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने राज्य के 38 चिकित्सा अधिकारियों को पदोन्नत कर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के पद पर नियुक्त कर दिया है। सरकार के इस कदम से “हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन” की एक बहुत पुरानी और चीर लंबित मांग पूरी हो गई है, जिससे राज्य के सरकारी डॉक्टरों में खुशी की लहर है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पिछले दिनों एसोसिएशन के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चिकित्सा अधिकारियों की पदोन्नति में आ रही बाधाओं और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के पद पर प्रमोशन की मांग को प्रमुखता से उनके सामने रखा था। डॉक्टरों की जायज मांगों और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की जरूरत को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस पर तुरंत सकारात्मक रुख अपनाया और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को इस संबंध में फाइल पर तेजी से काम करते हुए त्वरित कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के बाद विभाग ने तत्परता से काम किया और आधिकारिक तौर पर 38 चिकित्सा अधिकारियों को एसएमओ (SMO) के पद पर प्रमोट करने के आदेश जारी कर दिए। सरकार के इस फैसले से न केवल डॉक्टरों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि विभिन्न सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी मिलने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। एसोसिएशन ने सरकार के इस त्वरित फैसले का स्वागत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त किया है।    
  • कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा: जलापूर्ति और सीवरेज सेवाओं में होगा व्यापक सुधार

    कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा: जलापूर्ति और सीवरेज सेवाओं में होगा व्यापक सुधार

    डबल इंजन सरकार प्रदेश में जलापूर्ति, सीवरेज और स्वच्छता सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है

    चंडीगढ़: हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश में पेयजल, सीवरेज एवं स्वच्छता संबंधी आधारभूत ढांचे को मजबूत करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से वर्ष 2026-27 के लिए 2,534.39 करोड़ रुपये की लागत से 712 नई जलापूर्ति, सीवरेज एवं बरसाती जल निकासी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके तहत हरियाणा के अलग अलग इलाकों में नई जलापूर्ति, सीवरेज एवं बरसाती जल निकासी संबंधित परियोजनाओं में अब तेजी से काम पूरा होगा, इसका मुख्य उद्देश्य यही है कि आमजन को बेहतर से बेहतर सुविधा मिले। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार प्रदेश में जलापूर्ति, सीवरेज और स्वच्छता सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना, बेहतर सीवरेज व्यवस्था उपलब्ध कराना और जल प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आमजन को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिलेगा। हरियाणा जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (WSSB) की 59वीं बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 2,534.39 करोड़ रुपये की लागत से 712 नई जलापूर्ति, सीवरेज एवं बरसाती जल निकासी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके तहत तेजी से विकसित हो रहे शहरों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 603.32 करोड़ रुपये की लागत से 69 जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें बहादुरगढ़, धारूहेड़ा, झज्जर, नारनौल, रेवाड़ी और कुरुक्षेत्र की प्रमुख जलापूर्ति योजनाएं शामिल हैं। मंत्री ने बताया कि शहरी सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 526.49 करोड़ रुपये की लागत से 18 सीवरेज परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इनमें बहादुरगढ़, झज्जर, नारनौल, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, जगाधरी और रोहतक की प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ऐलनाबाद और बवानी खेड़ा में बरसाती जल निकासी व्यवस्था में सुधार के लिए 19.11 करोड़ रुपये की लागत से 2 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। रणबीर गंगवा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 1,108.28 करोड़ रुपये की लागत से 603 नई जलापूर्ति संवर्धन एवं सुधार योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन योजनाओं के तहत नए नलकूप लगाए जाएंगे, नहर आधारित जल घर बनाए जाएंगे, मौजूदा नहर आधारित जल घरों का संवर्धन किया जाएगा, विभिन्न बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, नए विकसित क्षेत्रों में नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी तथा पुरानी पाइप लाइनों को बदला जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज सुविधाओं के विस्तार के लिए 203.58 करोड़ रुपये की लागत से 13 महाग्राम सीवरेज परियोजनाओं तथा 71.58 करोड़ रुपये की लागत से 3 महाग्राम जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें उज्जीना, बबाइन तथा रामसरण माजरा, उमरी एवं टिकली समूह के 5 गांवों की प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्रामीण बस्तियों में पेयजल आपूर्ति के लिए 2 कार्यों को 0.44 करोड़ रुपये तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के संस्थागत सुदृढ़ीकरण के लिए 2 कार्यों को 1.58 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने विभाग को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूरा करने, विभागीय प्रतिष्ठानों पर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने तथा जल शुल्क संग्रहण में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 31 मार्च, 2027 तक शहरी जल कनेक्शनों का दायरा 90 प्रतिशत से बढ़ाकर 93 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सुरक्षित पेयजल, प्रभावी सीवरेज व्यवस्था और सतत जल प्रबंधन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। हरियाणा सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण पेयजल, बेहतर स्वच्छता सुविधाएं तथा आधुनिक जल प्रबंधन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतया प्रतिबद्ध है।              
  • ‘एक पेड़ मां के नाम’ बने जनआंदोलन, हर व्यक्ति लगाए और संभाले एक पौधा: राव नरबीर सिंह

    ‘एक पेड़ मां के नाम’ बने जनआंदोलन, हर व्यक्ति लगाए और संभाले एक पौधा: राव नरबीर सिंह

    चंडीगढ़: हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने प्रदेश के लोगों से आह्वान किया है कि मानसून के दौरान हर वर्ष मनाए जा रहे वन महोत्सव के दौरान पौधारोपण करें और प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ संकल्प को पूरा करें। देश में जलवायु परिवर्तन आज एक वैश्विक समस्या बन गई है। हर कोई देश अपने – अपने तरीकों से वैज्ञानिक अनुसंधान के कार्यक्रम चलाकर पर्यावरण संतुलन पर जोर दे रहा है और इसी को देखते हुए हरियाणा ने पहली बार 100 करोड़ रुपये के ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड का किया गया बजट प्रावधान किया है। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 2 करोड़ 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। यह अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत चलाया जा रहा है।इसके अलावा, राज्य में ‘कैंपा’ (CAMPA) योजना के तहत भी 20 लाख और पौधे लगाने की मंजूरी दी गई है।

    मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पौधा लगाना ही काफी नहीं है बल्कि जब तक पौधा जड़ पकड़कर पेड़ का रुप ना ले तब तक उसकी देखभाल करना भी जरूरी है। देश में वन महोत्सव बनाने की शुरुआत वर्ष 1950 में की गई थी और हर वर्ष नए थीम के साथ सभी राज्य अपने यहां मानसून के दौरान लगभग एक महीने तक कार्यक्रम चलाते हैं। इस वर्ष 77 वें वन महोत्सव के दौरान हरियाणा में भी राज्यस्तरीय व जिला स्तरीय अनेक आयोजन किए जाएंगे। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने कैच द रेन अभियान चलाया है ताकि लोग बारिश के पानी की एक-एक बूंद बचाकर जल संचय का संकल्प लें। मानसून के जल का अधिकतम संचय हो इस लिए आस-पास के तालाबों और जलाशयों को संवारें और इस्तेमाल के योग्य बनाएं।

    विश्व पर्यावरण दिवस-2026 भी हरियाणा के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण साबित हुआ। एक ओर जहां पूरे प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं दूसरी ओर शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़कर हरियाणा को हरित और पर्यावरण-अनुकूल राज्य बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए दूरदर्शी एवं प्रभावी कदम उठा रही है। सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि भावी पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, बेहतर पर्यावरण और गुणवत्तापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना भी है। पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक प्रगति एक-दूसरे के पूरक हैं तथा हरित प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भविष्य की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी हैं।

    उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 1972 में पर्यावरण संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी। वर्ष 1973 में ‘ओनली वन अर्थ’ थीम के साथ इसका पहला आयोजन हुआ था। इसके बाद जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक प्रदूषण, जैव विविधता संरक्षण, वनों की कटाई, खाद्य सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र पुनर्स्थापन जैसे विषयों को केंद्र में रखकर यह दिवस मनाया जाता रहा है। इस वर्ष की थीम ‘प्रकृति से प्रेरित—जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए’ निर्धारित की गई है, जो प्रकृति आधारित समाधानों के माध्यम से जलवायु चुनौतियों का सामना करने का संदेश देती है।

    राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित 100 करोड़ रुपये का ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड हरियाणा में शून्य-उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरी हरितीकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि तथा प्रकृति-आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से वायु एवं जल प्रदूषण की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार आधारित निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

     

  • वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत पर जाना आवश्यक, इसलिए प्रधानमंत्री सौर, वायु और हाइड्रोजन ऊर्जा को दे रहे प्रोत्साहन – ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत पर जाना आवश्यक, इसलिए प्रधानमंत्री सौर, वायु और हाइड्रोजन ऊर्जा को दे रहे प्रोत्साहन – ऊर्जा मंत्री अनिल विज

    चण्डीगढ: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ करने जा रहे हैं, इसको लेकर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि वर्तमान में जिस प्रकार से मौजूदा परिस्थिति बनी हुई है तेल, कोयला जैसे स्रोत धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं तो वैकल्पिक स्रोत पर जाना बहुत आवश्यक है। इसलिए प्रधानमंत्री सौर ऊर्जा, वायु ऊर्जा और हाइड्रोजन ऊर्जा को बहुत प्रोत्साहन दे रहे हैं।

    विज आज पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को नित नई ऊंचाइयों पर लेकर जा रहे हैं। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन भी हरियाणा से होने जा रहा है। जिस प्रकार से मौजूदा परिस्थितियां बनी हुई हैं और तेल व कोयला जैसे स्रोत धीरे धीरे खत्म हो रहे हैं तो वैकल्पिक स्रोतों पर जाना बहुत आवश्यक है इसलिए प्रधानमंत्री सोलर ऊर्जा, वायु ऊर्जा को और हाइड्रोजन ऊर्जा को बहुत प्रोत्साहन दे रहे हैं।

  • महेंद्रगढ़ के डोंगरा अहीर में खुलेगा नया राजकीय नर्सिंग कॉलेज, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दी जानकारी

    महेंद्रगढ़ के डोंगरा अहीर में खुलेगा नया राजकीय नर्सिंग कॉलेज, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दी जानकारी

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। सरकार द्वारा महेंद्रगढ़ जिले के गांव डोंगरा अहीर में नया राजकीय नर्सिंग कॉलेज खोलने की औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और जल्द ही इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए आगामी विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।

    हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि डोंगरा अहीर और आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा काफी समय से यहां एक नर्सिंग कॉलेज खोलने की मांग की जा रही थी। ग्रामीणों की इस बेहद जरूरी और वाजिब मांग को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने इसे तुरंत मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि इस कॉलेज के खुलने से न केवल डोंगरा अहीर बल्कि महेंद्रगढ़ जिले के दर्जनों गांवों की बेटियों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा। अब ग्रामीण क्षेत्र की युवतियों को नर्सिंग जैसे सम्मानजनक और प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई करने के लिए अपने घर से दूर बड़े शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा और वे अपने क्षेत्र में ही रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।

    स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि इस संस्थान के शुरू होने से क्षेत्र की बेटियों के लिए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए द्वार खुलेंगे, जिससे वे आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ बन सकेंगी। इसके साथ ही, इस कॉलेज की स्थापना से पूरे क्षेत्र के चिकित्सा ढांचे को भी मजबूती मिलेगी और आने वाले समय में स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो सकेंगी। विभाग को इस संबंध में जल्द से जल्द आगे की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

  • हरियाणा में अनुसंधान और नवाचार को मिलेगी बड़ी गति, CM Nayab Singh Saini ने 20 करोड़ रुपये के राज्य अनुसंधान कोष को दी मंजूरी

    हरियाणा में अनुसंधान और नवाचार को मिलेगी बड़ी गति, CM Nayab Singh Saini ने 20 करोड़ रुपये के राज्य अनुसंधान कोष को दी मंजूरी

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की उच्च शिक्षा प्रणाली को अनुसंधान, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों के माध्यम से पूरी तरह बदलने का एक बड़ा खाका पेश किया है, जो कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत व विकसित हरियाणा बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार देर शाम सिविल सचिवालय में विजन 2047 को लेकर उच्चतर शिक्षा विभाग व कुलगुरुओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और घोषणा की कि हरियाणा के नवाचार-आधारित परिवर्तन को गति देने के लिए 20 करोड़ रुपये का ‘हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष’ स्थापित किया गया है, जिसके तहत प्रदेश के 27 उच्च शिक्षा संस्थानों की 90 अनुसंधान परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपना वादा निभाते हुए प्रदेश में 20 किलोमीटर की परिधि में छात्राओं के लिए कॉलेज की स्थापना की गई है, जिससे छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने में सुविधा हो रही है।

    वास्तविक चुनौतियों का समाधान बनेंगी अनुसंधान परियोजनाएं

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष’ विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें राज्य की जमीनी समस्याओं के समाधान केंद्रों में बदलेगा। ये सभी 90 परियोजनाएं कृषि, भूजल संरक्षण, जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य सेवा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ग्रामीण विकास, औद्योगिक नवाचार और समावेशी शिक्षा जैसे हरियाणा के विशिष्ट विषयों पर केंद्रित हैं।

    अनुसंधान का लाभ उद्योगों को भी मिले

    अनुसंधान केवल प्रकाशनों और प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका सीधा लाभ हमारे किसानों, उद्योगों और स्थानीय समुदायों को मिलना चाहिए। अकादमिक ज्ञान जब व्यावहारिक तकनीकों, पेटेंटों, स्टार्टअप्स और बेहतर सार्वजनिक सेवाओं में बदलेगा, तभी हरियाणा के लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।

    ‘नीव’ पोर्टल से होगी अकादमिक प्रगति की लाइव ट्रैकिंग

    उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए मुख्यमंत्री ने (नीव) पोर्टल की समीक्षा की। यह पोर्टल राज्य के सभी संस्थानों के अनुसंधान, पेटेंट, प्लेसमेंट, स्टार्टअप और छात्रों के परिणामों की लाइव ट्रैकिंग करेगा। इस डेटा-आधारित पोर्टल को तैयार करने और आगे बढ़ाने में मुख्यमंत्री के कार्यवाहक निदेशक और स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    उच्च शिक्षा को वैश्विक पहचान दिलाने में कारगार होंगी योजनाएं

    मुख्यमंत्री ने शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कई अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में मॉडल संस्कृति कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। आधुनिक तकनीकों के लिए स्वायत्त एआई डिजिटल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 50,000 रुपये तक के पेटेंट पंजीकरण शुल्क की प्रतिपूर्ति सहायता दी जाएगी।

    उच्च शिक्षा गुणवत्ता और अनुसंधान उत्कृष्टता कोष’ बनाया गया

    10 करोड़ रुपये का ‘उच्च शिक्षा गुणवत्ता और अनुसंधान उत्कृष्टता कोष’ बनाया गया है। छात्रों को इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और सीधे प्लेसमेंट से जोड़ने के लिए एक सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद् के अध्यक्ष प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा ने इन मॉडल संस्कृति कॉलेज की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। नायब सिंह सैनी ने कहा कि इन दूरदर्शी पहलों से हरियाणा में एक अनुसंधान-आधारित, प्रौद्योगिकी-सक्षम और रोजगारोन्मुखी शिक्षा तंत्र का निर्माण हो रहा है, जो आने वाले समय में राज्य को देश के भीतर नवाचार, कौशल और उद्यमिता का अग्रणी केंद्र बनाएगा।

    शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को देश के अग्रणी केंद्रों में करना है स्थापित

    इस दौरान हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि वर्ष 2047 तक हरियाणा को गुणवत्तापूर्ण उच्चतर शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल, रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में भारत के अग्रणी केंद्रों में स्थापित करना हमारा लक्ष्य है।
  • बरवाला की बदलेगी तस्वीर: हिसार, अग्रोहा व टोहाना रोड पर बनेंगे भव्य स्वागत द्वार, कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने किया शिलान्यास

    बरवाला की बदलेगी तस्वीर: हिसार, अग्रोहा व टोहाना रोड पर बनेंगे भव्य स्वागत द्वार, कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने किया शिलान्यास

    चंडीगढ़: हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने सोमवार को हिसार के बरवाला में सौंदर्यीकरण और विकास को नई पहचान देने वाली महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने हिसार, अग्रोहा व टोहाना रोड पर बनने वाले भव्य स्वागत द्वार की नींव रखते हुए कहा कि इन स्वागत द्वारों के निर्माण से बरवाला की पहचान और अधिक सुदृढ़ होगी तथा नगर में प्रवेश करने वाले लोगों को एक आकर्षक और आधुनिक प्रवेश द्वार मिलेगा। यह परियोजना शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ बरवाला की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी नई मजबूती देगी।

    लगभग 84 लाख रुपये की लागत से टोहाना रोड पर स्वागत द्वार का निर्माण होगा। इसी प्रकार से लगभग 98 लाख 31 हजार 500 रुपये की लागत से अग्रोहा रोड तथा 77 लाख 5 हजार रुपये की लागत से हिसार रोड पर स्वागत द्वारा का निर्माण किया जाएगा। इन स्वागत द्वार के अतिरिक्त कैबिनेट मंत्री ने लगभग 3 करोड़ 40 लाख 70 हजार रुपये की लागत से बरवाला-टोहाना रोड पर बने स्वर्ग आश्रम में होने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का शिलान्यास भी किया।

    कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि उक्त कार्यों के अलावा बरवाला नगर परिषद क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से पार्क निर्माण, लेबर शेड, स्वच्छता, गलियों व सड़कों के निर्माण तथा पुस्तकालयों के निर्माण जैसे अन्य कार्य भी जनता को समर्पित किए गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार बिना किसी भेदभाव के प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास कार्य करा रही है। सड़क, पेयजल, सीवरेज, स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार योजनाएं लागू की जा रही हैं। नगरों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और सभी योजनाएं तय समय सीमा में पूरी हों, ताकि आमजन को उनका लाभ शीघ्र मिल सके। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समन्वय से ही विकास कार्यों को गति मिलती है और सरकार जनता के विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास कर रही है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने 17 जुलाई को जींद में आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशाल जनसभा कार्यक्रम में क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों से पहुंचने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम हरियाणा के विकास के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में जींद पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि सभी की भागीदारी प्रदेश के विकास के संकल्प को और मजबूत करेगी। इस दौरान उन्होंने आमजन से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं।

    मंत्री रणबीर गंगवा ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर बरवाला नगर परिषद चेयरमैन रमेश बैटरीवाला, सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

  • बरवाला में बनेगा 50 बेड का आधुनिक अस्पताल : कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा

    बरवाला में बनेगा 50 बेड का आधुनिक अस्पताल : कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा

    चंडीगढ़: हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं को गांव और कस्बों तक सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में हिसार जिले के बरवाला उप जिला अस्पताल परिसर में 50 बिस्तरों का नया एवं अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण किया जाएगा।

    अस्पताल निर्माण के लिए 65 करोड़ 66 लाख 52 हजार रुपये के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीकृति दे दी है। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि इस परियोजना की ड्रॉइंग पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है तथा निर्माण कार्य लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग के माध्यम से राज्य बजट के अंतर्गत कराया जाएगा। वर्ष 2026-27 के बजट में स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किया गया है, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति मिलेगी।

    लगभग 24 माह की अवधि में तैयार होने वाला यह आधुनिक अस्पताल बरवाला सहित आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के हजारों लोगों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा। अस्पताल बनने से मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। नए अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद इस परियोजना पर शीघ्र कार्य प्रारंभ होगा और बरवाला क्षेत्र को एक आधुनिक एवं सुविधा संपन्न 50 बिस्तरों का अस्पताल मिलेगा, जिससे पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

  • योजनाओं को समयबद्व ढंग से निर्धारित अवधि में करें पूरा- CM Nayab Singh Saini

    योजनाओं को समयबद्व ढंग से निर्धारित अवधि में करें पूरा- CM Nayab Singh Saini

    चण्डीगढ: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अधिकारी राज्य में क्रियान्वित योजनाओं को समयबद्व ढंग से निर्धारित अवधि में पूरा करना सुनिश्चित करें ताकि जनता को उनका समय पर लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्टेट प्रगति प्रोजेक्ट बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इसमें 75 करोड़ रुपए से अधिक की 12 योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी योजना की कार्य अवधि न बढाई जाए। इससे योजना की लागत भी बढ़ती है और उसका आर्थिक बोझ सरकार पड़ता है। इसके अलावा जनता को भी उनका लाभ समय पर नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि एप्पल मार्केट पिंजौर एवं अंतर्राष्ट्रीय फल फूल सब्जी एवं बागवानी मण्डी गन्नौर में बनाए जाने वाले शैडों पर सौर ऊर्जा उपकरण लगाए जाएं ताकि इन मंडियों को बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सके। मंडी में तीन एसी शैड बनाए जा चुके है। इसमें 20 प्रतिशत ग्रीन एरिया विकसित किया जाएगा। इसके अलावा सड़कों के दोनों तरफ भी पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने मंडी में रैनीवेल, लाईट एवं साउंड तथा बरसाती पानी के भण्डारण एवं उपयोग के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। यह उत्तर भारत की बेहतरीन एवं शानदार मंडी होगी जिसमें यूपी, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश आदि कई राज्यों के किसान अपने उत्पादों की बिक्री कर लाभ उठा सकेंगे।

    पंचायतों में ऑप्टीकल फाईबर कनेक्शन पहुंचाने का कार्य अंतिम चरण में

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में भारतनेट की सेवाओं के विस्तार कार्य में तेजी लाई जाए ताकि जल्द से जल्द सभी पंचायतों में बेहतर इंटरनेट की सेवाएं सुलभ करवाई जा सकें। अब तक राज्य की 5200 ग्राम पंचायतों में ऑप्टीकल फाईबर कनेक्शन पहुंचाने के लिए कार्य अंतिम चरण में हैं। शेष एक हजार ग्राम पंचायतों में भी जल्द ही यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत हर ग्राम पंचायत, स्कूल, स्वास्थय केन्द्र, आंगनबाड़ी, ई लाईब्रेरी आदि सार्वजनिक स्थलों में कनेक्शन प्रदान किए जाएगें।

    नूंह में 156 करोड़ से बनेगा 7 मंजिला 100 बेड अस्तपाल

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नूंह में लगभग 156 करोड़ रुपए की लागत से 7 मंजिला 100 बेड का अस्तपाल बनाया जाएगा। इसकी चारदीवारी बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है जो आगामी दो साल में पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा महेन्द्रगढ जिला के नसीबपुर में राव तुलाराम शहीद स्मारक बनाया जाएगा जिसकी ड्राईंग तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि पानीपत के कालाअम्ब में 16 एकड़ भूमि पर मराठा शौर्य स्मारक का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

    पिंजौर गार्डन तक बनेगा फोरलेन कोरिडोर

    लगभग 152 करोड़ रुपए की लागत से पिंजौर में एप्पल मार्केट बनाने के लिए टैण्डर लगाए गए हैं जिसका कार्य इसी माह में शुरू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पिंजौर गार्डन तक फोरलेन बनाने तथा सुन्दर कोरिडोर के रुप में विकसित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा टिक्करताल सड़क मार्ग को भी चौड़ा एवं मजबूत बनाया जाएगा। नायब सिंह सैनी ने कहा कि लाला लाजपतराय यूनिवर्सिटी हिसार में 153 करोड़ रुपए की लागत से पशु फार्म, पशु शेड, बीज स्टोर आदि बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा पशु चिकित्सा एवं विज्ञान महाविद्यालय का भी निर्माण किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सेक्टर 5 पंचकूला में 55 करोड़ रुपए की लागत से राज्य स्तरीय म्यूजियम का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।

    हिसार में आईएमसी, गुरूग्राम में ग्लोबल सिटी विकसित

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर हिसार में 707 करोड़ रुपए की लागत से विकसित करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। इसकी कार्य योजना तैयार कर ली गई है जिसके जल्द ही टेण्डर किए जाएगें। इसी प्रकार गुरूग्राम में 1003 करोड़ रुपए की लागत से ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा हैं। उन्होने कहा कि ग्लोबल सिटी से पटौदी रोड़ को चौड़ा करने तथा एनएच 48 एवं द्वारका एक्सप्रेस वे से लिंक करने का कार्य किया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरूण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव ए के सिंह, अनुराग अग्रवाल, विजयेन्द्र कुमार,आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, जे गणेशन, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के महानिदेशक के मकरंद पांडुरंग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।  
  • हरियाणा में आमजन की शिकायतों के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम बनी सीएम विंडो

    हरियाणा में आमजन की शिकायतों के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम बनी सीएम विंडो

    चंडीगढ़: हरियाणा में सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सुशासन को मजबूत करने की दिशा में सीएम विंडो आमजन की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के अनुरूप सीएम विंडो पर शिकायत प्राप्त होते ही उसे तत्काल संबंधित विभाग को भेज दिया जाता है और शिकायत के निस्तारण के लिए एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए जाते हैं।

    इसी व्यवस्था का परिणाम है कि अब तक सीएम विंडो पर 15,71,284 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 14,09,483 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। शेष शिकायतों पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई जारी है। मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव एवं सीएम विंडो की मॉनिटरिंग के प्रभारी श्री अजय कुमार ने सोमवार को हरियाणा निवास, सेक्टर-3, चंडीगढ़ से विभिन्न विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी स्वयं सीएम विंडो की नियमित मॉनिटरिंग करते हैं और शिकायतों के निस्तारण संबंधी फीडबैक लगातार उनसे प्राप्त करते हैं।

    अजय कुमार ने अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि जब कोई नागरिक सीएम विंडो पर अपनी शिकायत दर्ज करता है तो वह सीधे मुख्यमंत्री से न्याय और सहायता की अपेक्षा करता है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या औपचारिकता स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और तथ्यात्मक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने रैंडम आधार पर 16 शिकायतों की जांच की। कई मामलों में विभागीय स्तर पर अनावश्यक देरी और लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस के अलावा, उन्होंने फतेहाबाद जिले के ढाणी माजरा निवासी बनवारी लाल की भावांतर भरपाई की राशि दो वर्ष बाद भी जारी न होने संबंधी शिकायत पर फतेहाबाद कृषि विभाग के उपनिदेशक को आगामी सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए।

    इसी प्रकार सोनीपत जिले के नाथूपुर गांव में कथित रूप से फर्जी बिलों के माध्यम से पंचायत निधि से लगभग 68 लाख रुपये निकाले जाने पर सरपंच को तथा पानीपत में बेगमपुर ड्रेन से मिट्टी की कथित अवैध खुदाई एवं बिक्री संबंधी शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिला उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे सीएम विंडो पर लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले।

    उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार ने 25 दिसंबर 2014 को सुशासन दिवस के अवसर पर सीएम विंडो की शुरुआत की थी। पहले यह व्यवस्था जिला मुख्यालयों पर लागू की गई और बाद में लोगों की सुविधा को देखते हुए इसे उपमंडल स्तर तक विस्तारित किया गया। शिकायत दर्ज होते ही आवेदक को एसएमएस के माध्यम से पंजीकरण संख्या भेजी जाती है, जिससे वह अपनी शिकायत की प्रगति की ऑनलाइन निगरानी कर सकता है।

    हरियाणा सरकार का लक्ष्य सीएम विंडो के माध्यम से प्रदेशवासियों को पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी प्रशासन उपलब्ध कराना है, ताकि प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध समाधान हो और सुशासन के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत बने। बैठक में मुख्यमंत्री के ओएसडी विवेक कालिया, के.एस. संधू तथा विभिन्न विभागों के सीएम विंडो के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।