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  • आईएएस अधिकारियों हेतु वर्ष 2025-26 की वार्षिक जीपीएफ विवरणी वेबसाइट और डिजीलॉकर पर मिलेगी उपलब्ध

    आईएएस अधिकारियों हेतु वर्ष 2025-26 की वार्षिक जीपीएफ विवरणी वेबसाइट और डिजीलॉकर पर मिलेगी उपलब्ध

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार के कर्मचारियों एवं हरियाणा कैडर के अखिल भारतीय सेवा (आईएएस) अधिकारियों की वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) की वार्षिक विवरणी कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। राज्य सरकार के सभी जीपीएफ अभिदाता प्रधान महालेखाकार (A&E) कार्यालय की वेबसाइट https://cag.gov.in/ac/haryana/en पर जाकर अपनी वार्षिक विवरणी डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए अभिदाताओं को अपना सीरीज़ कोड, जीपीएफ खाता संख्या तथा कर्मचारी पिन/पासवर्ड दर्ज करना होगा।

    विभाग के एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारियों की सुविधा के लिए वर्ष 2025-26 की वार्षिक जीपीएफ विवरणी डिजीलॉकर पर भी उपलब्ध कराई गई है। अभिदाता https://www.digilocker.gov.in पर लॉग-इन करके निम्नलिखित प्रक्रिया के जरिए अपनी विवरणी प्राप्त कर सकते हैं, जैसे कि अपने डिजीलॉकर खाते में लॉग-इन करें और “Search Documents” टैब पर जाएं,

    सर्च बॉक्स में “Principal Accountant General (A&E), Haryana” टाइप करें, प्राप्त परिणामों में से “GPF Statement” विकल्प का चयन करें। अपनी जीपीएफ संख्या, सीरीज़ कोड दर्ज करें तथा संबंधित वित्तीय वर्ष का चयन करें। इसके बाद वार्षिक जीपीएफ विवरण को देखा एवं डाउनलोड किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 तथा उसके बाद की वार्षिक जीपीएफ विवरणियां भी डिजीलॉकर के माध्यम से डाउनलोड करने हेतु उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी अभिदाता को जीपीएफ विवरण डाउनलोड करने या इससे संबंधित कोई कठिनाई आती है, तो वे कार्यालयीन समय के दौरान जीपीएफ हेल्पलाइन नंबर 0172-3503960 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, कर्मचारी अपनी समस्या या प्रश्न ई-मेल के माध्यम से haryana@cag.gov.in पर भी भेज सकते हैं।

  • राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से शिक्षा मंत्री ने की शिष्टाचार भेंट

    राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से शिक्षा मंत्री ने की शिष्टाचार भेंट

    शिक्षा क्षेत्र के विकास एवं विश्वविद्यालयों की स्थिति की राज्यपाल ने की समीक्षा

    चंडीगढ़: हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने आज यहां लोक भवन में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल और शिक्षा मंत्री के बीच हरियाणा के शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता, सुलभता तथा समग्र विकास को और सुदृढ़ बनाने संबंधी मुद्दों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की। इस दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने राज्यपाल को अवगत कराया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अनेक जनहितकारी पहल कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों तथा छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष बल दे रही है। शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल को उच्च शिक्षा संस्थानों को सुदृढ़ बनाने, शैक्षणिक आधारभूत ढांचे को सशक्त करने तथा ‘सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा’ के सरकार के संकल्प के अनुरूप समावेशी एवं समान शैक्षिक अवसरों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।
  • प्रदेश में खुलेंगे 700 वीटा बूथ – CM Nayab Singh Saini

    प्रदेश में खुलेंगे 700 वीटा बूथ – CM Nayab Singh Saini

    साझा डेयरी योजना के तहत पंचायती जमीन पर बनेंगे पशु शैड

    चण्डीगढ: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि सहकारी समितियों के तहत पंजीकृत महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके अलावा, साझा डेयरी योजना के तहत पंचायती जमीन पर इन समूहों के लिए शैड तथा पशुओं की खरीद के लिए ऋण सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री सोमवार देर सायं चण्डीगढ़ में सहकारी फेडरेशन, डेरीफेड, वीटा बूथ, हरहित स्टोर, लेबरफेड, हाउसफेड आदि सहकारी फेडरेशनों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सहकारिता एवं मंत्री अरविन्द शर्मा भी मौजूद रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में आय के स्त्रोतों की बढ़ोतरी के लिए सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। सहकारी समितियों के तहत पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को 10 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। दुग्ध उत्पादन एवं अन्य दुग्ध उत्पाद के लिए बजट की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने सहकारिता विभाग द्वारा सर्दियों में 3 रुपए, गर्मियों में 5 रुपए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में 2 रुपए के हिसाब से बढाने की घोषणा की। अब यह राशि 5 रुपए तथा 7 रुपए प्रति लीटर की गई है। उन्होंने कहा कि दुग्ध मार्केटिंग के लिए 3 रुपए प्रति लीटर की बढौतरी की जा रही है ताकि वीटा दूध को अन्य दूध की तर्ज पर मुनाफे में लाया जा सके।

    मुर्राह नस्ल की भैंस हरियाणा की पहचान

    मुर्राह नस्ल की भैंस हरियाणा की पहचान है। दुग्ध उत्पादन को बढाने के लिए और ज्यादा सार्थक प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए पेक्स में महिलाओं के समूहों को दूध की डेयरी शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 143 स्वयं सहायता समूहों ने दूध की बिक्री के लिए सहमति जताई है। जल्द ही सहकार से समृद्धि की ओर ले जाने के लिए इन समूहों के लिए शैड बनवाकर आधुनिक डेरी सुविधाएं सुलभ करवाकर कार्य शुरू करवाया जाएगा।

    710 सहकारी समितियों का ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन

    राज्य की 800 सहकारी समितियों में से 710 का ऑनलाईन रजिस्ट्रशन किया गया है। इस अभियान में तेजी लाई जा रही है ताकि सभी समितियों का पंजीकरण ऑनलाईन कर शेयर ट्रांसफर सेवा शुरू की जा सके। उन्होंने कहा कि सीएम पेक्स को एम पेक्स में बदलने के लिए कार्य किया जाए ताकि इनमें सीएससी, कैटल फीड, बीज बिक्री, खाद, कीटनाशक दवाईयां आदि 33 प्रकार के कार्य आरम्भ किये जा सके। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तरह सहकारी समितियों को लाभ में लाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य योजना बनाई जाए। सहकारी समितियों के माध्यम से हर घर को काम मिल सकता है। इस प्रकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती के साथ हरियाणा को डेरी विकास क्षेत्र में नई ऊंचाईयों तक ले जाना है।

    प्रदेश में खुलेंगे 700 वीटा बूथ

    प्रदेश में रोजगार को बढावा देने के लिए 674 वीटा बूथ खोले जा चुके हैं तथा जल्द ही 318 बूथ ओर खोले जाएगें। इसके अलावा 240 बूथों के लिए प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि वीटा बूथ सेंटरों की संख्या बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से प्रतिदिन 5 लाख लीटर दूध की खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि दुग्ध से कई तरह के उत्पाद तैयार किए जाएं ताकि सहकारी फेडरेशन को घाटे से उबारा जा सके। इसके लिए जल्द ही आईसक्रीम बनानी शुरू की जाएगी।

    बावल दुग्ध प्लांट की क्षमता बढाकर 5 लाख लीटर होगी

    वीटा दुध एवं उत्पादों की बिक्री के लिए रेलवे तथा डिफेंस के लिए प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि बावल में 1.50 लाख लीटर क्षमता का दुग्ध प्लांट लगाया जा रहा है जिसकी क्षमता बढाकर चरणबद्व तरीके से 5 लाख लीटर की जाएगी। इसके अलावा अम्बाला में भी 1.50 लाख लीटर क्षमता का प्लांट लगाया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के हर जिले में 5 से 10 हजार लीटर क्षमता के 21 मिल्क चिलिंग सेंटर खोले जाएगें। हरियाणा राज्य परिवहन के बस अड्डों पर 75 बूथ खोले गए हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों, टूरिज्म क्षेत्रों तथा ग्रुप हाऊसिंग सोसायटियों तथा सिविल अस्पतालों में भी जन औषधि स्टोर की तरह वीटा बूथ खोले जाएगें। इसी प्रकार प्रदेश में 1400 हरहित स्टोर खोले जाएगें तथा पंचायतों में आईओसीएल के लिए 300 स्थलों की पहचान की गई है।

    चीनी मिलों में पिराई का लक्ष्य 130 दिन, रिकवरी लक्ष्य बढाकर 10 प्रतिशत किया जाए

    सहकारी चीनी मिलों में पिराई का लक्ष्य 130 दिन किया जाए तथा रिकवरी लक्ष्य बढाकर 10 प्रतिशत किया जाए। इसके अलावा गन्ने का क्षेत्रफल बढाने के लिए ड्रीप इरीगेशन का उपयोग के साथ किसानों को ज्यादा से ज्यादा गन्ना लगाने हेतू प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए बोर्ड आफ डायरेक्टर की तिमाही बैठक किसानों के साथ की जाए। कैथल चीनी मिल में उच्च क्वालिटी का गुड़ बनाया जाए। उन्होंने राज्य के विभागों, बोर्ड एवं कारपोरेशनों में चीनी के पाउच का उपयोग करने के निर्देश दिए। चीनी मिलों में सुगरकेन हारवेस्टर मशीनों के अलावा कम्प्रेस बायो गेस प्लांट लगाने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। हरकोफेड द्वारा गरीब परिवारों को 7 प्रतिशत ब्याज पर 12.50 लाख रुपए तक का आवास ऋण मुहैया करवाया जा रहा है। अब तक 21 हजार लोगों के मकान बनवाए जा चुके है। सहकारी फेडरेशन में खरीदे गए ट्रेक्टर, अन्य वाहनों की उपलब्धता की विस्तृत रिपोर्ट बनाई जाए। इसके अलावा कस्टम हायर सेंटरों में खरीद किए गए कृषि उपकरणों की भी सूची बनाई जाए ताकि इन उपकरणोंं का समुचित उपयोग सुनिश्चित हो । उन्होंने कहा कि लेनदेन में होने वाले फ्रॉड के लिए लेनदेन के सभी कार्य ऑनलाईन किए जाएं। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त प्रधान सचिव विजयेन्द्र कुमार, प्रधान सचिव सहकारिता पंकज यादव, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव अजय कुमार सहित सहकारी फेडरेशनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।  
  • पद्म भूषण तरलोचन सिंह प्रथम डॉ. रतन सिंह जग्गी स्मृति पुरस्कार से सम्मानित

    पद्म भूषण तरलोचन सिंह प्रथम डॉ. रतन सिंह जग्गी स्मृति पुरस्कार से सम्मानित

    चंडीगढ़, 27 जुलाई : पंजाबी, हिंदी और गुरमत साहित्य के महान विद्वान पद्मश्री डॉ. रतन सिंह जग्गी की 100वीं जयंती के अवसर पर पंजाब कला परिषद द्वारा आज पंजाब कला भवन में डॉ. रतन सिंह जग्गी मेमोरियल फाउंडेशन के सहयोग से एक स्मृति समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर पंजाब विधानसभा के स्पीकर स.कुलतार सिंह संधवां ने पूर्व सांसद एवं राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष पद्म भूषण स.तरलोचन सिंह को प्रथम डॉ. रतन सिंह जग्गी स्मृति सम्मान से सम्मानित किया। सम्मान के अंतर्गत उन्हें 51,000 रूपये की नकद राशि, शॉल तथा स्मृति-चिह्न भेंट किया गया। समारोह के दौरान स्पीकर संधवां ने पंजाब कला भवन परिसर में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित डॉ. रतन सिंह जग्गी ओपन एयर थिएटर तथा उनकी प्रतिमा का भी लोकार्पण किया।

    मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए स्पीकर स कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि आज हम एक ऐसे कर्मयोगी का स्मरण कर रहे हैं, जो वास्तविक अर्थों में युगपुरुष थे। उन्होंने कहा कि डॉ. जग्गी की रचनाओं ने समाज को जोड़ने का कार्य किया और उनकी साहित्यिक विरासत आज भी लोगों को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि यह पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है कि आज सरदार तरलोचन सिंह जैसे व्यक्तित्व को सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने संसद में सत्य की आवाज़ बनकर सिखों और पंजाबियों का प्रभावशाली नेतृत्व किया। स्पीकर ने जग्गी परिवार द्वारा फाउंडेशन के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों की विशेष सराहना करते हुए कहा कि कोई भी राष्ट्र अपनी भाषा, साहित्य और कला के माध्यम से ही जीवित रहता है।

    सम्मान प्राप्त करने के बाद पद्म भूषण स.तरलोचन सिंह ने पंजाब कला परिषद और डॉ. रतन सिंह जग्गी मेमोरियल फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. जग्गी के साहित्यिक योगदान तथा उनके हस्तलिखित शोध कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) के इस युग में भी उनके द्वारा किए गए कार्यों की कल्पना करना कठिन है। उन्होंने कहा कि डॉ. जग्गी आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रकाश-स्तंभ बने रहेंगे। उन्होंने सम्मान स्वरूप प्राप्त 51,000 रूपये की राशि फाउंडेशन को वापस समर्पित करते हुए आग्रह किया कि इस धन से डॉ. जग्गी की पुस्तकें युवाओं को निःशुल्क वितरित की जाएँ।

    पंजाब कला परिषद के चेयरमैन स्वर्णजीत सवी ने परिषद की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. रतन सिंह जग्गी स्मृति पुरस्कार प्रत्येक वर्ष 27 जुलाई को प्रदान किया जाएगा और इसकी शुरुआत आज से की गई है। उन्होंने डॉ. रतन सिंह जग्गी मेमोरियल फाउंडेशन का विशेष धन्यवाद करते हुए बताया कि फाउंडेशन ने लगभग 20 लाख रूपये व्यय कर कला भवन के ओपन एयर थिएटर का कायाकल्प कराया है।

    डॉ. अमरजीत सिंह ने ‘पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति को डॉ. रतन सिंह जग्गी का योगदान’ विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि डॉ. जग्गी ने छह दशकों से अधिक समय तक पूर्ण समर्पण और निष्ठा के साथ मध्यकालीन साहित्य का गहन अध्ययन एवं शोध किया। वे अंग्रेज़ी, हिंदी, पंजाबी, उर्दू, फ़ारसी और संस्कृत भाषाओं के प्रकांड विद्वान थे। उन्होंने पुस्तकों, टीकाओं और विश्वकोशीय ग्रंथों के माध्यम से साहित्य जगत को अत्यंत समृद्ध और ज्ञानवर्धक योगदान दिया।

    पंजाब कला परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. योगराज ने तरलोचन सिंह का सम्मान-पत्र पढ़ते हुए उनके जीवन और सेवाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स.तरलोचन सिंह अल्पसंख्यकों, धर्म, समाज और संस्कृति के प्रति समर्पित व्यक्तित्व हैं। उन्होंने पंजाब सरकार के सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग सहित अनेक महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएँ दीं। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर भारत के राष्ट्रपति सचिवालय तक अपनी जिम्मेदारियाँ निभाईं। वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष, अध्यक्ष तथा राज्यसभा सदस्य भी रहे। भारतीय ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने खेलों के माध्यम से स्वस्थ समाज के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके उत्कृष्ट सार्वजनिक जीवन और सेवाओं के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2021 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया।

    समारोह के अंत में डॉ. रतन सिंह जग्गी मेमोरियल फाउंडेशन के चेयरमैन एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मालविंदर सिंह जग्गी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज, चंडीगढ़ के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत शब्द-गायन से हुआ। इस अवसर पर विधायक स गुरदित्त सिंह सेखों, डॉ. रतन सिंह जग्गी की धर्मपत्नी डॉ. गुरशरण कौर जग्गी, अमरजीत सिंह ग्रेवाल, राजस्व विभाग के सचिव मनवेश सिंह सिद्धू, भाषा विभाग के निदेशक जसवंत सिंह ज़फ़र, गुलज़ार सिंह संधू, डॉ. दीपक मनमोहन सिंह, पद्मश्री प्राण सभरवाल, पद्मश्री जगजीत सिंह दरदी सहित साहित्य और संस्कृति जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित रहीं।

     

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन मोहन लाल बडौली को कार्यभार ग्रहण कराया

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन मोहन लाल बडौली को कार्यभार ग्रहण कराया

    चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ स्थित  हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के नवनियुक्त चेयरमैन मोहन लाल बडौली को उनके पद का कार्यभार ग्रहण कराया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  मोहन लाल बडौली को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री बडौली अपने अनुभव, संगठनात्मक क्षमता एवं कार्यकुशलता के बल पर हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे तथा जनहित एवं प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    कार्यभार ग्रहण के दौरान कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, डॉ अरविन्द कुमार शर्मा, श्याम सिंह राणा, विधायक कृष्णा गहलावत, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार  राजीव जेटली, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

     
  • नांगल चौधरी में मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक हब परियोजना को मिलेगी नई रफ्तार 

    नांगल चौधरी में मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक हब परियोजना को मिलेगी नई रफ्तार 

    चंडीगढ़ : हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक हब (आईएमएलएच) परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एचएसआईआईडीसी) के प्रबंध निदेशक  सुशील सारवान, नारनौल के उपमंडल अधिकारी  अनिरुद्ध यादव सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक में बताया गया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का क्रियान्वयन हरियाणा मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक हब प्रोजेक्ट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। परियोजना का विकास, संचालन और रखरखाव सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाएगा।

    आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने परियोजना स्थल पर अब तक हुए कार्यों और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग का लगातार प्रयास है कि राज्य में आधुनिक औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि उद्योगों को बेहतर माहौल मिले, निवेश बढ़े और रोजगार के नए अवसर पैदा हों। उन्होंने कहा कि नांगल चौधरी का मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक हब इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है।

    उन्होंने परियोजना के बेहतर और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए हितधारकों और उद्योग विशेषज्ञों से सुझाव, विचार और फीडबैक लिए, ताकि इसे और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में इन्फ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र की कई प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया। इनमें सीमेंस, केईसी इंटरनेशनल, दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड, डीआरए इन्फ्राकॉन तथा टाटा समूह सहित अन्य कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

    बैठक में आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने सभी हितधारकों का उनके बहुमूल्य सुझावों और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बैठक से मिले सुझाव परियोजना की अंतिम कार्ययोजना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना हरियाणा को लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ उत्तर भारत में व्यापार और माल परिवहन को भी नई गति देगी।

  • संत महापुरुष समाज को सत्य, सेवा और राष्ट्रभक्ति की राह दिखाते हैं: CM Saini

    संत महापुरुष समाज को सत्य, सेवा और राष्ट्रभक्ति की राह दिखाते हैं: CM Saini

    नायब सिंह सैनी ने जींद के उझाणा गांव में आयोजित मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह में की शिरकत

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत-महापुरुषों का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है। उनके आदर्श मानवता, सेवा, समरसता और राष्ट्र निर्माण का संदेश देते हैं। वर्तमान पीढ़ी को उनके जीवन मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है, ताकि समाज में सद्भाव और संस्कारों की भावना और अधिक मजबूत हो सके। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह बात सोमवार को जींद जिले के गांव उझाना में श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाक नाथ जी महाराज के नवनिर्मित समाधि स्थल पर आयोजित मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, रोहतक स्थित मठ अस्थल बोहर के महंत तथा राजस्थान के तिजारा से विधायक महंत बालक नाथ, उझाना मठ के महंत राज नाथ, महंत पूर्ण नाथ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उझाना में सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये तथा गांव के अन्य विकास कार्यों के लिए 51 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग के अनुरूप गांव में सड़क निर्माण, कुंड तालाब के जीर्णोद्धार, पानी निकासी का स्थाई समाधान तथा गांव के स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू करवाई जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंदिर में मत्था टेका तथा यज्ञ में पूर्णाहुति दी और ध्वजारोहण भी किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी महा मानव की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा का अर्थ केवल विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाना नहीं होता बल्कि अपने जीवन में श्रद्धा को प्रतिष्ठित करना, अपने आचरण में सत्य को अपनाना, अपने व्यवहार में करुणा को उत्पन्न करना तथा समाज में सेवा तथा सद्भाव को प्रतिष्ठित करना है। उन्होंने खुशी जाहिर की कि उझाना का पावन मठ लगभग 600 वर्षों से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। भारत की सबसे बड़ी शक्ति हमारी आध्यात्मिक परंपरा में है। नायब सिंह सैनी ने उझाना के धाम द्वारा गौशाला के संचालन की सराहना करते हुए कहा कि गौशाला भारतीय संस्कृति की करुणा और संवेदना का जीवंत प्रतीक है। हमारी परंपरा में गौसेवा धार्मिक आस्था होने के साथ-साथ सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। प्रकृति और गौमाता की रक्षा व सम्मान की संस्कृति ही भारत को विश्वगुरु बनाएंगे। संतों ने सदैव समाज को एकजुट करने, मानव सेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया है। जब-जब समाज भटका है, तब-तब संतों ने दीपक बनकर समाज को नई रोशनी दिखाई है। संतों के बताए मार्ग पर चलकर ही सशक्त और संस्कारित समाज का निर्माण किया जा सकता है। हरियाणा सरकार संत-महापुरुषों के विचारों और उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने ‘संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ शुरू की है, जिसके माध्यम से महापुरुषों की जयंतियां और स्मृति दिवस व्यापक स्तर पर मनाए जा रहे हैं, ताकि नई पीढ़ी उनके जीवन से प्रेरणा ले सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों को नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक जैसे कार्य भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। मोदीजी के नेतृत्व में जहां एक तरफ देश में आधुनिक ढांचे और सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमारी प्राचीन आध्यात्मिक परंपराएं संवर रही है। चुनाव के समय लिए गए 217 संकल्पों में से डेढ़ साल के समय में 66 संकल्प पूरे किए जा चुके हैं जबकि शेष संकल्पों को पूरा करने की प्रक्रिया चल रही है। भाजपा की तीसरे कार्यकाल में हरियाणा में देश के अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे अधिक फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही हैं, लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है, गरीब महिलाओं की रसोई में 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है, मरीजों के लिए मुफ्त डायलिसिस तथा जिला अस्पतालों के जीर्णोद्धार तथा नए मेडिकल कॉलेज खोलने का कार्य हरियाणा में तेज गति से करवाया जा रहा है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के कल्याण और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास की नीति पर कार्य कर रही है और प्रदेश में पारदर्शी तथा जनहितैषी शासन व्यवस्था स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाक नाथ जी महाराज की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। उन्होंने उपस्थितगण से संतों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, पर्यावरण संरक्षण, गौसेवा, समाज सेवा और मानव कल्याण में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

    संत समाज के महापुरुष और मुख्यमंत्री का एकसाथ होना अद्भुत संगम: कृष्ण बेदी

    कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि जींद की धरती पर आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम विशेष शुभ मुहूर्त में बना है। आज हम सबका यह सौभाग्य है कि हम सब अपने संत समाज के महापुरुषों और प्रदेश के मुख्य सेवक यानी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक साथ देख पा रहे हैं। सेवक और संत दोनों के एक ही मंच पर दर्शन होना सौभाग्य की बात होती है। यह संगम प्रदेश में विकास, सुख, शांति और समृद्धि की बहार को और तेज करने वाला है।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री की सरलता और कार्यशैली से सभी प्रभावित: डॉ. कृष्ण मिड्ढा

    हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकऱ डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के हर परिवार की जरूरत के अनुसार योजनाएं और नीतियां लागू की हैं। सरकार द्वारा जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं व नीतियों का लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रदेश में युवाओं को योग्यता के आधार पर बिना खर्ची-बिना पर्ची सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री के इस कार्य की पूरे देश में चर्चा हो रही है। दूसरे प्रदेशों के मुख्यमंत्री भी हरियाणा के मुख्यमंत्री जैसी मुस्कुराहट, सरलता, कार्यशैली की तारीफ करने के साथ-सा खुद भी इसी व्यवहार को अपनाने का प्रयास कर रहे हैं।

    हरियाणा में हो रहे हैं तेज गति से विकास कार्य: विधायक महंत योगी बालक नाथ

    राजस्थान के तिजारा से विधायक महंत योगी बालक नाथ ने कहा कि हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तीव्र गति से विकास कार्य करवा रहे हैं। राजस्थान में अभी बहुत विकास कार्यों की जरूरत है, पर हरियाणा में भाजपा सरकार ने तो खेतों के रास्ते तक भी पक्के कर दिए हैं। मानव जाति के उत्थान के लिए बाबा खाकनाथ जी के संदेश को जन-जन तक पहुंचकर मानव कल्याण का कार्य करें।    
  • हरियाणा ने Certified जमीन के Record Online किए

    हरियाणा ने Certified जमीन के Record Online किए

    अब नागरिक घर बैठे अप्लाई और डाउनलोड कर सकते हैं

    चंडीगढ़: ज़मीन से जुड़ी सेवाओं को तेज़, पारदर्शी और पेपरलेस बनाने के मकसद से नागरिकों के लिए एक बड़ा सुधार करते हुए, हरियाणा सरकार ने एक ऑनलाइन सिस्टम शुरू किया है। इससे लोग रेवेन्यू ऑफिस जाए बिना जमाबंदी, म्यूटेशन, फर्द बदर और रजिस्टर्ड सेल डीड की डिजिटल रूप से सर्टिफाइड कॉपी के लिए अप्लाई कर सकते हैं और उन्हें हासिल कर सकते हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि विभाग ने ‘रेवेन्यू हरियाणा पोर्टल’ पर नया मॉड्यूल शुरू किया है, जिससे नागरिक एक आसान ऑनलाइन प्रोसेस के ज़रिए सर्टिफाइड ज़मीन के रिकॉर्ड हासिल कर सकते हैं। सभी डिविजनल कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर को पूरे राज्य में इस सिस्टम को एक जैसा लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसे आसानी से लागू करने के लिए डिपार्टमेंट ने रेवेन्यू अधिकारियों के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर और नागरिकों के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइडेंस वाला एक डिटेल्ड यूज़र मैनुअल भी तैयार किया है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि आवेदक ओटीपी ऑथेंटिकेशन के ज़रिए अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं और ज़रूरी डॉक्यूमेंट चुनकर और ज़िला, तहसील और गाँव जैसी जानकारी भरकर एप्लीकेशन सबमिट कर सकते हैं। हर एप्लीकेशन के लिए एक यूनिक ट्रैकिंग आईडी बनेगी और उसे वेरिफिकेशन के लिए संबंधित पटवारी या रेवेन्यू अधिकारी के पास इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजा जाएगा। एप्लीकेशन मंज़ूर होने और तय फीस ऑनलाइन जमा करने के बाद डिजिटल रूप से सर्टिफाइड डॉक्यूमेंट अपने आप बन जाएगा और आवेदक के डैशबोर्ड से डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा। म्यूटेशन, रजिस्टर्ड सेल डीड और फर्द बदर की सर्टिफाइड कॉपी के लिए 100 रुपये की एक जैसी फीस लगेगी, चाहे डॉक्यूमेंट कितना भी बड़ा हो। जमाबंदी के लिए, पहले 10 पेज तक 100 रुपये की फीस लगेगी, जबकि उसके बाद हर पेज के लिए 5 रुपये अतिरिक्त फीस लगेगी। तय फीस ऑनलाइन जमा की जा सकती है, जिसके बाद डिजिटल रूप से सर्टिफाइड डॉक्यूमेंट आवेदक के डैशबोर्ड से डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा। डॉ. मिश्रा ने कहा कि इस पहल से तहसील ऑफिस के बार-बार चक्कर लगाने की ज़रूरत काफी कम होने ज़मीन के रिकॉर्ड हासिल करने में देरी कम होने और एंड-टू-एंड डिजिटल वर्कफ़्लो के ज़रिए पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। यह ऑनलाइन सिस्टम हर एप्लीकेशन और मंज़ूरी का पूरा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड रखकर जवाबदेही भी मज़बूत करेगा। डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए अपलोड किए गए रिकॉर्ड्स के सही होने की ज़िम्मेदारी संबंधित पटवारी या राजस्व अधिकारी की तय की गई है। अपलोड करने के बाद किसी भी सुधार की प्रक्रिया केवल तय आधिकारिक प्रक्रिया के ज़रिए ही की जाएगी। वित्त आयुक्त ने कहा कि यह पहल राज्य की राजस्व प्रशासन को आधुनिक बनाने और टेक्नोलॉजी-आधारित, नागरिक-अनुकूल प्लेटफॉर्म के ज़रिए सरकारी सेवाएँ पहुँचाने की व्यापक कोशिशों का हिस्सा है, जिससे ज़मीन के रिकॉर्ड तक पहुँच तेज़, ज़्यादा पारदर्शी और परेशानी-मुक्त हो सकेगी।
  • शिक्षा मंत्री ने हरियाणा के राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल का किया दौरा

    शिक्षा मंत्री ने हरियाणा के राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल का किया दौरा

    चंडीगढ़: हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने आज पंचकूला के सेक्टर-26 स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में सफाई व्यवस्था, कक्षाओं में पठन-पाठन का माहौल तथा विद्यार्थियों को दी जा रही विभिन्न बुनियादी सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।

    निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्कूल के कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और खेल के मैदान का अवलोकन किया। उन्होंने स्कूल में पाई गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करने के साथ-साथ सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। ढांडा ने कहा हरियाणा सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि गरीब से गरीब बच्चे को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

    विद्यालय के अध्यापकों एवं प्रशासनिक स्टाफ के साथ संवाद करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं। उन्होंने स्टाफ को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को और अधिक बेहतर, आधुनिक एवं प्रभावकारी तरीकों से शिक्षा प्रदान की जाए। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अध्यापकों को पढ़ाई के नए और रोचक तरीकों का समावेश करना चाहिए ताकि विद्यार्थियों में सीखने के प्रति स्वाभाविक रुचि पैदा हो सके।

    मंत्री महीपाल ढांडा ने शिक्षा के साथ-साथ खेलों के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए खेलों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। हरियाणा खेलों की भूमि है और हमारे विद्यालयों से ही भविष्य के ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होते हैं।

    मंत्री ने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए कि वे बच्चों को खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करें और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मॉडल संस्कृति स्कूलों की परिकल्पना सरकारी शिक्षा प्रणाली को निजी स्कूलों से बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई है। सरकार इन स्कूलों में शिक्षकों की क्षमता निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।

     

  • Haryana News: विपुल गोयल ने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में सुनी 14 शिकायतें

    Haryana News: विपुल गोयल ने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में सुनी 14 शिकायतें

    11 शिकायतों का किया मौके पर ही समाधान

    चंडीगढ़: हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति की बैठकों में प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री विपुल गोयल सोमवार को नूंह में लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान उन्होंने कुल 14 शिकायतों में से 11 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया, जबकि तीन मामलों को आवश्यक कार्रवाई एवं प्रगति रिपोर्ट के लिए अगली बैठक तक स्थगित किया गया। दो मामलों में एसआईटी गठित कर जांच के आदेश दिए हैं। तावडू की रजनी की शिकायत पर एसडीएम, डीएसपी एवं सीएमओ की अध्यक्षता में एसआईटी तथा रसूलपुर निवासी मनीषा की वन स्टॉप सेंटर में दुर्व्यवहार एवं छेड़छाड़ संबंधी शिकायत पर डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री विपुल गोयल ने बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को जिले के सभी विद्यालयों का व्यापक निरीक्षण कर एक माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों पर अवैध कब्जे, चारदीवारी, विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के लिए आवश्यक स्वीकृतियां लेकर विकास कार्य शीघ्र शुरू करने के भी निर्देश दिए। गांव रीगढ़ में दूषित पेयजल से कैंसर फैलने की शिकायत पर मंत्री ने बताया कि जल स्रोतों के वैज्ञानिक परीक्षण में कोई अनियमितता नहीं मिली तथा कैंसर की आशंका वाले 62 लोगों की स्वास्थ्य जांच में भी किसी में कैंसर के लक्षण नहीं पाए गए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान मंत्री ने मेडिकल कॉलेज एवं प्राथमिक तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रैशनलाइजेशन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में बढ़ते मरीजों को देखते हुए अस्पताल की क्षमता बढ़ाने तथा बैडों की संख्या में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।