Haryana News: विपुल गोयल ने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में सुनी 14 शिकायतें

11 शिकायतों का किया मौके पर ही समाधान

चंडीगढ़: हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति की बैठकों में प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री विपुल गोयल सोमवार को नूंह में लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान उन्होंने कुल 14 शिकायतों में से 11 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया, जबकि तीन मामलों को आवश्यक कार्रवाई एवं प्रगति रिपोर्ट के लिए अगली बैठक तक स्थगित किया गया। दो मामलों में एसआईटी गठित कर जांच के आदेश दिए हैं। तावडू की रजनी की शिकायत पर एसडीएम, डीएसपी एवं सीएमओ की अध्यक्षता में एसआईटी तथा रसूलपुर निवासी मनीषा की वन स्टॉप सेंटर में दुर्व्यवहार एवं छेड़छाड़ संबंधी शिकायत पर डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री विपुल गोयल ने बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को जिले के सभी विद्यालयों का व्यापक निरीक्षण कर एक माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों पर अवैध कब्जे, चारदीवारी, विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के लिए आवश्यक स्वीकृतियां लेकर विकास कार्य शीघ्र शुरू करने के भी निर्देश दिए। गांव रीगढ़ में दूषित पेयजल से कैंसर फैलने की शिकायत पर मंत्री ने बताया कि जल स्रोतों के वैज्ञानिक परीक्षण में कोई अनियमितता नहीं मिली तथा कैंसर की आशंका वाले 62 लोगों की स्वास्थ्य जांच में भी किसी में कैंसर के लक्षण नहीं पाए गए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान मंत्री ने मेडिकल कॉलेज एवं प्राथमिक तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रैशनलाइजेशन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में बढ़ते मरीजों को देखते हुए अस्पताल की क्षमता बढ़ाने तथा बैडों की संख्या में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।  

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