Category: Government News>Haryana Govt

  • प्रॉपर्टी आईडी मामले में हरियाणा Right to Service कमीशन के निर्देश, शिकायतकर्ता को मुआवजा देने का निर्णय

    प्रॉपर्टी आईडी मामले में हरियाणा Right to Service कमीशन के निर्देश, शिकायतकर्ता को मुआवजा देने का निर्णय

    चंडीगढ़, 27 फरवरी — हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने अंबाला निवासी श्रीमती सुरजीत कौर के नए प्रॉपर्टी आईडी जारी करने संबंधी प्रकरण में सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने मामले की समीक्षा के दौरान प्रशासनिक प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने पर बल दिया। आयोग के संज्ञान में आया कि शिकायतकर्ता की अपीलें प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (एफजीआरए) स्तर पर निरस्त कर दी गई थीं। तत्पश्चात आयोग द्वारा 09.02.2026 को पारित अंतरिम आदेश के बाद संबंधित संपत्ति को अधिकृत श्रेणी में दर्शाया गया।

    पूर्व में 04.02.2026 को नगर निगम द्वारा प्रस्तुत उत्तर में प्लॉट को अधिकृत नहीं बताया गया था। हालांकि, आयोग द्वारा विस्तृत तथ्यों की मांग किए जाने के उपरांत यह स्पष्ट किया गया कि संपत्ति गांव की सीमा एवं अधिकृत क्षेत्र की सीमा पर स्थित है। आयोग ने अपने अवलोकन में यह भी उल्लेख किया कि हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के अंतर्गत एफजीआरए एवं एसजीआरए को अपीलों के निस्तारण हेतु 30 कार्य दिवस का समय निर्धारित है। आयोग ने सुझाव दिया कि नागरिकों की शिकायतों का समाधान यथासंभव प्रारंभिक स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें उच्च स्तर तक जाने की आवश्यकता न पड़े।

    आयोग ने 09.10.2025 को अपील निरस्त करने वाले तत्कालीन एफजीआरए तथा 01.12.2025 को अपील निरस्त करने वाले अधिकारी को हरियाणा सेवा का अधिकार (प्रबंधन) विनियम, 2015 के विनियम 10 के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों अधिकारियों से अधिनियम की धारा 17(1)(डी) के तहत स्पष्टीकरण मांगा गया है कि राज्य सरकार को विभागीय कार्रवाई की संस्तुति क्यों न की जाए।

    आयोग ने शिकायतकर्ता को हुई असुविधा को ध्यान में रखते हुए अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार 5,000 रुपये का मुआवजा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। यह राशि प्रारंभिक रूप से नगर निगम अंबाला के कोष से अदा की जाएगी, जिसे नियमानुसार संबंधित अधिकारियों से वसूल किया जा सकेगा।

    आयोग ने निर्देश दिया है कि यदि 13.03.2026 तक मुआवजा अदा नहीं किया जाता है, तो अधिनियम की धारा 17(2) के तहत आगे की कार्यवाही की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त दंड एवं मुआवजा भी निर्धारित किया जा सकता है। साथ ही, आयुक्त, नगर निगम अंबाला को 16.03.2026 तक अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित तत्कालीन एफजीआरए को भी आदेश की प्रति प्रेषित कर 09.03.2026 तक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है।

    उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि नागरिक सेवाओं में लापरवाही या अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जा रही है और भविष्य में भी की जाती रहेगी। आयोग ने  दोहराया कि राज्य सरकार की मंशा नागरिक सेवाओं को समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराने की है, और सभी अधिकारी उसी भावना के अनुरूप कार्य करें।

     
  • फसल क्षति पर त्वरित मुआवजा देने की व्यवस्था लागू: CM Nayab Singh Saini

    फसल क्षति पर त्वरित मुआवजा देने की व्यवस्था लागू: CM Nayab Singh Saini

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह पहली सरकार है जो प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर प्रभावित किसानों को शत-प्रतिशत मुआवजा किसान के खातों में पहुंचाने का काम किया है। उसी तर्ज पर राज्य सरकार भी किसानों को मुआवजा प्रदान कर रही है।

    मुख्यमंत्री हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में वीरवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक बलराम दांगी द्वारा मुआवजे के संबंध में पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे। नायब सिंह सैनी ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने महम विधानसभा क्षेत्र के गांवों के किसानों को लगभग साढ़े 6 करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर वितरित किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में पटवारी गांव में जाकर चौपाल पर बैठ जाता था और कुछ किसानों का नाम लिख लेता था। बाकी किसान केवल उम्मीद लगाए रह जाते थे। इनके समय में ऐसा सिस्टम था। परंतु वर्तमान सरकार ने पटवारियों की जिम्मेदारी तय की है और उन पर कार्रवाई भी की है।

    पटवारी की जिम्मेदारी तय की है कि अगर किसी किसान की फसल का खराबा हुआ है तो उसकी शत-प्रतिशत सूचना सरकार को लिखित में देगा। इतना ही नहीं, मुआवजा के लिए अलग स्लैब बनाई है और पूरा मुआवजा किसानों को देने का काम कर रहे हैं। नायब सिंह सैनी ने कहा कि अगर किसी की गलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी और यदि कोई किसान बचा है तो मुआवजा उसे पहुंचाने का काम करेंगे।

  • आदमपुर और नलवा में जलभराव समस्या के स्थायी समाधान की ओर बड़ा कदम

    आदमपुर और नलवा में जलभराव समस्या के स्थायी समाधान की ओर बड़ा कदम

    चंडीगढ़: हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने सदन में बताया कि आदमपुर विधानसभा क्षेत्र के सारंगपुर और महलसरा गांव के खेतों से बाढ़ के पानी की निकासी के लिए 1650.00 लाख रुपये की दो योजनाएं व नलवा विधानसभा क्षेत्र के आर्य नगर, टोकस और पत्तन गांव के खेतों से बाढ़ के पानी की निकासी के लिए 421.00 लाख रुपये की एक परियोजना को हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 57वीं बैठक में मंजूरी दी गई है।

    हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी आज बजट सत्र के दौरान पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रही थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के शेष प्रभावित गांवों में ई.पी./डी.पी. पंप लगाकर अस्थायी रूप से जल निकासी की व्यवस्था की गई थी। आगामी मानसून सीजन के दौरान स्थिति की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर समस्या के स्थायी समाधान के लिए HSDR-FCB की अगली बैठक में अतिरिक्त बाढ़ नियंत्रण योजनाओं का प्रस्ताव रखा जाएगा।

    साथ ही उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हाल ही में घोषणा की थी कि हिसार घग्गर ड्रेन की क्षमता बढ़ाई जाएगी जिससे हिसार, सिरसा, फतेहाबाद में जलभराव की समस्या का भी स्थाई समाधान होगा।

  • Stadium, Coaching और आधुनिक सुविधाओं पर बढ़ाया जाएगा फोकस, खेल मंत्री का बड़ा ऐलान

    Stadium, Coaching और आधुनिक सुविधाओं पर बढ़ाया जाएगा फोकस, खेल मंत्री का बड़ा ऐलान

    चंडीगढ़: हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को सुविधा देने के लिए कटिबद्ध है। खेल मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे।

    खेल विभाग द्वारा मार्च 2008 में जिला खेल परिषद, सिरसा को गांव मसीता में एक खेल स्टेडियम के निर्माण हेतु 12.67 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई थी जिसका निर्माण वर्ष 2009 में ग्राम पंचायत द्वारा कर दिया गया था।

    ग्राम पंचायत के अनुरोध पर खेल विभाग द्वारा फरवरी 2010 में 20.65 लाख रुपये तथा मई 2017 में अतिरिक्त 18.96 लाख रुपये की राशि जिला खेल परिषद, सिरसा को गांव मसीता में एक बहुउद्देशीय हॉल के निर्माण हेतु स्वीकृत की गई थी। इस हॉल के निर्माण से संबंधित जांच चल रही है , जिसके कारण निर्माण कार्य लंबित है।

     

     

  • CM Nayab Singh Saini के विजन को आगे बढ़ाने में बड़ा कदम, 5 हजार KM सड़कें वर्क प्लान में हुई शामिल

    CM Nayab Singh Saini के विजन को आगे बढ़ाने में बड़ा कदम, 5 हजार KM सड़कें वर्क प्लान में हुई शामिल

    चंडीगढ़: हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश की सड़कें आमजन के लिए सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक हों। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए 4 अक्टूबर, 2025 को ‘म्हारी सड़क’ ऐप लॉन्च की गई, जिसके माध्यम से सड़क संबंधी शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और तेजी लाई गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में 5 हजार किलोमीटर सड़कों को वर्क प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा, जिससे सड़क ढांचे को और सुदृढ़ किया जा सके।

    रणबीर गंगवा हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक पूजा द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि लोक निर्माण विभाग ने सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के अंतर्गत छोटे गड्ढों की मरम्मत को गजट में अधिसूचित कर निर्धारित समय-सीमा तय की है।

    उन्होंने बताया कि छोटे गड्ढों की मरम्मत के लिए कनिष्ठ अभियंता (JE) को 10 दिन का समय निर्धारित किया गया है। यदि इस अवधि में समाधान नहीं होता है तो मामला स्वतः उपमंडल अधिकारी (SDO) और कार्यकारी अभियंता (XEN) के स्तर पर अग्रसारित हो जाता है। 12 दिनों के भीतर शिकायत का समाधान कर उसे ऐप पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

    मंत्री ने जानकारी दी कि अब तक ऐप पर 37,368 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 19,523 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, जबकि 2,285 शिकायतों को अस्वीकृत किया गया है। अस्वीकृत शिकायतों में अधिकांश गांव की गलियों से संबंधित थीं, जो विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं।

    कार्य में लापरवाही बरतने वाले 19 अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने साफ किया कि जैसे ही कोई शिकायत ऐप पर दर्ज होती है, वह संबंधित विभाग के पास स्वतः पहुंच जाती है—चाहे सड़क लोक निर्माण विभाग (PWD), शहरी स्थानीय निकाय (ULB), एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी, मार्केटिंग बोर्ड, जिला परिषद या किसी अन्य विभाग के अधीन हो।

    रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकार सड़क अवसंरचना को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा ‘म्हारी सड़क’ ऐप इस दिशा में एक प्रभावी और पारदर्शी पहल साबित हो रही है।

  • भ्रष्टाचार मुक्त शासन की दिशा में हरियाणा सरकार के ठोस कदम

    भ्रष्टाचार मुक्त शासन की दिशा में हरियाणा सरकार के ठोस कदम

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के मामले पर सदन के समक्ष बताया कि इस प्रकरण में शामिल हरियाणा सरकार के विभाग व बोर्ड कॉरपोरेशन सहित संपूर्ण राशि का शत-प्रतिशत भुगतान आईडीएफसी फर्स्ट बैंक द्वारा विभिन्न विभागों के खातों में वापस जमा कर दिया गया है। बैंक द्वारा कुल 556 करोड़ रुपये जमा करवाए गए हैं, जिसमें लगभग 22 करोड़ रुपये ब्याज भी शामिल हैं। 24 घंटे से भी कम समय में सरकार द्वारा बैंक के उच्चाधिकारियों के सहयोग से पूरा पैसा रिकवर कर लिया गया है।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में कहा कि आज देश में नरेंद्र मोदी जैसा मजबूत चौकीदार है, जिनके नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार जनता के पैसे की एक -एक पाई का हिसाब रख रही है। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा के 2 करोड़ 80 लाख लोगों की मेहनत का पैसा है और इसे उनके कल्याण पर ही खर्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई हाई-लेवल कमेटी कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगी।

    उन्होंने कहा कि अब हरियाणा में शासन की कार्यप्रणाली पूरी तरह बदल चुकी है। भ्रष्टाचार की फाइलें दबाने का समय खत्म हो गया है। डबल इंजन की सरकार हर पाई का हिसाब रखती है और यह सुनिश्चित करती है कि कोई पैसा गलत तरीके से खर्च न हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में, भारतीय जनता पार्टी की सरकार जीरो टॉलरेंस टू करप्शन की नीति के साथ काम कर रही है।

    उन्होंने कहा कि बैंक ने बताया कि यह प्रकरण मुख्य रूप से चंडीगढ़ की शाखा का था, और मिडिल तथा लोअर लेवल के कर्मचारियों की मिली-भगत से हुआ। नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि सरकार बैंक के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगी कि इस प्रकरण में शामिल कोई भी व्यक्ति, चाहे वह सरकारी अधिकारी हो या बैंक कर्मचारी, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दोहराया कि किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी को इस मामले में माफ नहीं किया जाएगा।

  • सरकार ने बुजुर्गों के कल्याण के लिए उठाए कई बड़े कदम: CM Nayab Singh Saini

    सरकार ने बुजुर्गों के कल्याण के लिए उठाए कई बड़े कदम: CM Nayab Singh Saini

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बुजुर्ग हमारे सम्मानीय हैं और उनकी सुरक्षा और सम्मान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री आज हरियाणा विधान सभा के बजट सत्र के दौरान पेंशन काटने के संबंध में एक सवाल के संबंध में बोल रहे थे। उन्होंने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संकल्प पत्र में यह स्पष्ट किया है कि 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग यदि किसी बीमारी से पीड़ित होते हैं, तो उनके परिवार को ईलाज की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

    उनके ईलाज की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार ने व्यवस्था करते हुए 5 लाख रुपये तक राशि सुनिश्चित कर रखी है। पेंशन को लेकर विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा पेंशन बंद किए जाने को लेकर विपक्ष अफवाहें फैला रहा है। यह अफवाहें फैलाकर पाप कर रहे है कि बुजुर्गों की पेंशन काट दी गई है। बुजुर्गों के बीच ऐसा भ्रम फैलाना पूरी तरह गलत है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पेंशन काटी नहीं है, बल्कि उसमें बढ़ोतरी कर उनके सम्मान को बढ़ाने का काम किया है। प्रदेश में आज बुजुर्गों को उनके मोबाइल पर एसएमएस के जरिए से सूचना मिलती है कि उनकी पेंशन बैंक खाते में जमा हो गई है। वे आसानी से बैंक से राशि निकाल सकते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के समय की तुलना करते हुए कहा कि पहले बुजुर्गों को कई महीनों तक पेंशन नहीं मिलती थी। उन्हें कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। गर्मी और दूरी में परेशानियां होती थीं, और उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं था।

    उन्होंने कहा कि पेंशन के संबंध में यदि कोई शिकायत आती है तो उसे सत्यापित करना सरकार की जिम्मेदारी है। सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान पेंशन को होल्ड कर दिया जाता है, लेकिन सत्यापन पूरा होते ही राशि जारी कर दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने बुजुर्गों के लिए पारदर्शी, सम्मानजनक और सुविधाजनक व्यवस्था बनाई है।

  • भारत निर्वाचन आयोग की पहल, राज्य निर्वाचन आयुक्तों का राष्ट्रीय सम्मेलन

    भारत निर्वाचन आयोग की पहल, राज्य निर्वाचन आयुक्तों का राष्ट्रीय सम्मेलन

    चण्डीगढ: भारत निर्वाचन आयोग 24 फरवरी 2026 मंगलवार को भारत मंडपम, नई दिल्ली में निर्वाचन आयोग एवं राज्य निर्वाचन आयुक्तों का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित करेगा। यह सम्मेलन 27 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित किया जा रहा है। इससे पूर्व ऐसा सम्मेलन वर्ष 1999 में आयोजित किया गया था।

    गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे। इस अवसर पर निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित रहेंगे। सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयुक्त अपने कानूनी एवं तकनीकी विशेषज्ञों सहित सम्मेलन में भाग लेंगे। सभी 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी सम्मेलन में भाग रहेंगे।

    इस गोलमेज सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रियाओं एवं व्यवस्थाओं के संदर्भ में निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यों में समन्वय स्थापित करना है, ताकि वे अपने-अपने कानूनी ढांचे के अंतर्गत बेहतर तालमेल से कार्य कर सकें। विचार-विमर्श से रचनात्मक संवाद को बढ़ावा देने तथा निर्वाचन प्रबंधन में सहकारी संघीयता की भावना को सुदृढ़ करना है।

    एक दिवसीय सम्मेलन में ईवीएम, मतदाता सूची के विषयों सहित निर्वाचन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने और प्रौद्योगिकी के साझा उपयोग पर चर्चा की जाएगी। आयोग के वरिष्ठ अधिकारी हाल ही में प्रारंभ किए गए ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित प्रमुख तकनीकी एवं कार्यान्वित पहलों पर प्रस्तुतियां देंगे तथा इसके माध्यम से निर्वाचन सेवाओं को सुव्यवस्थित करने की बदलावकारी संभावनाओं को रेखांकित करेंगे। प्रस्तुतियों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की मजबूती, पारदर्शिता एवं सुरक्षा उपायों को भी उजागर किया जाएगा।

    राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दी जाने वाली तुलनात्मक प्रस्तुति जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के संदर्भ में चुनावी मतदाता सूची मतदाताओं की पात्रता की तैयारी से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर सार्थक चर्चा के लिए दी जाएगी।

    राज्य निर्वाचन आयोगों का गठन संविधान के 73वें एवं 74वें संशोधनों के प्रावधानों के अंतर्गत संबंधित राज्यों के कानूनों द्वारा किया गया है। संविधान के अनुच्छेद 243 के एवं 243 ए के तहत पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के चुनावों के लिए मतदाता सूचियों की तैयारी तथा चुनावों के संचालन, निर्देशन एवं नियंत्रण का दायित्व राज्य निर्वाचन आयोगों को सौंपा गया है।

     

  • हरियाणा के तकनीकी शिक्षा संस्थानों को मिलेगा आईआईटी स्तर का मार्गदर्शन: महीपाल ढांडा

    हरियाणा के तकनीकी शिक्षा संस्थानों को मिलेगा आईआईटी स्तर का मार्गदर्शन: महीपाल ढांडा

    चंडीगढ़, 20 फरवरी: हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा तकनीकी शिक्षा विभाग के माध्यम से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की (आईआईटी रुड़की) के साथ 20 फरवरी, 2026 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन राज्य के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि यह समझौता राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी एवं बहुतकनीकी संस्थानों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान एकीकरण, संकाय विकास और नवाचार आधारित शिक्षण को नई गति प्रदान करेगा। इस समझौता ज्ञापन पर आईआईटी रुड़की की ओर से प्रो. विवेक कुमार मलिक, डीन (प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श) तथा हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से श्री प्रभजोत सिंह महानिदेशक तकनीकी शिक्षा, हरियाणा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त आईआईटी रुड़की इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी एवं उन्नत अनुसंधान के क्षेत्र में वैश्विक ख्याति रखता है। इस सहयोग से हरियाणा के राज्य इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों (एसआईईटीएस) राजकीय बहुतकनीकी संस्थानों तथा तकनीकी विश्वविद्यालयों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह समझौता आईआईटी रुड़की और तकनीकी शिक्षा विभाग के बीच एक सशक्त शैक्षणिक सेतु स्थापित करेगा, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञता एवं संसाधनों का लाभ प्राप्त होगा।

    उन्होंने बताया कि समझौता ज्ञापन की प्रमुख विशेषताओं में संकाय विकास एवं क्षमता निर्माण के अंतर्गत संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और संरचित ज्ञान-साझाकरण पहलें शामिल हैं। छात्र प्रशिक्षण एवं परियोजना-आधारित शिक्षण के तहत संस्थागत नियमों के अनुरूप आईआईटी रुड़की में प्रशिक्षण और अनुसंधान के अवसर उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त संयुक्त अनुसंधान, संकाय विनिमय और शैक्षणिक संसाधनों के साझा उपयोग के माध्यम से अनुसंधान सहयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए हैकाथॉन, इन्क्यूबेशन कार्यक्रम, स्टार्ट-अप मार्गदर्शन तथा प्रौद्योगिकी आधारित पहलों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि संकाय को भी आधुनिक अनुसंधान, उद्योगोन्मुखी दृष्टिकोण और नवीन शिक्षण पद्धतियों से सशक्त बनाना है। यह समझौता प्रदेश में एक गतिशील, नवाचार-केंद्रित और उद्योग-संबद्ध शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र की नींव रखेगा।

    उन्होंने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्चतर शिक्षा श्री विनीत गर्ग के मार्गदर्शन तथा तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश को तकनीकी नेतृत्व की दिशा में अग्रसर करेगी।

    यह समझौता गैर-वित्तीय एवं गैर-बाध्यकारी प्रकृति का है तथा पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा, जो भविष्य में परियोजना-विशिष्ट सहयोग के लिए एक संरचित एवं लचीला ढांचा प्रदान करेगा।

    इस अवसर पर डॉ. वाई.पी.एस. बरवाल, निदेशक तकनीकी शिक्षा, श्री अनिल कुमार, अतिरिक्त निदेशक प्रो. अमित अग्रवाल, एसोसिएट डीन कॉर्पोरेट इंटरैक्शन (एडीसीआई) आईआईटी रुड़की सहित तकनीकी शिक्षा निदेशालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

     
  • हरियाणा में विकास और जनकल्याण सरकार की प्राथमिकता: CM Nayab Singh Saini

    हरियाणा में विकास और जनकल्याण सरकार की प्राथमिकता: CM Nayab Singh Saini

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार की नीयत, नीति और अंत्योदय के संकल्प पर ही प्रदेश में तीसरी बार डबल इंजन की सरकार बनी है। उचाना के विकास के पहिए को अब और भी तीव्र गति दी जाएगी और यहां की खुशहाली में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री जींद के उचाना में बुधवार को धन्यवाद रैली को संबोधित कर रहे थे। रैली में पहुंचने पर आयोजक एवं उचाना विधानसभा से विधायक देवेन्द्र चतुर्भुज अत्री ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का स्वागत किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने 103 करोड़ 31 लाख रुपये लागत की 5 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किए हैं। इनमें 28 करोड़ 54 लाख रुपये लागत के 3 उद्घाटन और 74 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत के 2 शिलान्यास शामिल हैं। इस दौरान प्रदेश के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री णबीर गंगवा, समाज कल्याण व अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी, हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण मिड्ढा, विधायक पवन खरखौदा भी मौजूद थे।

    उचाना की भूमि परिश्रम, परंपरा और प्रगति का संगम है

    रैली में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उचाना की भूमि परिश्रम, परंपरा और प्रगति का संगम है। यह हरियाणा की वह धड़कन है, जहां जब किसान का पसीना मिट्टी में मिलता है, तो देश के अन्न भंडार भर जाते हैं। जब यहां का युवा संकल्प लेता है, तो पूरी दुनिया में भारत की प्रतिभा का परचम लहराता है। अन्न भण्डार भरने वाले किसानों की भूमि उचाना को लम्बे समय से नजर अंदाज किया गया। झूठे वायदे करके आपके वोटों की फसल तो दो-दो-तीन-तीन पीढ़ियों तक काटी गई, लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं किया गया। पिछले लंबे समय से आपको झूठे सपने दिखाकर अपनी पीढ़ियों को आगे बढ़ाने के अलावा कुछ नहीं किया। परिवारवाद की दलदल में फंसे ये लोग आपके बच्चों के भविष्य को लेकर संजीदा नहीं रहे। सिर्फ अपने बच्चों का भविष्य ही सुरक्षित किया है लेकिन प्रदेश सरकार ने विकास के मामले में इस क्षेत्र का हक सूद समेत लौटाने का काम किया है और आगे भी यह जारी रहेगा।

    98 में से 78 घोषणाओं पर काम हुआ पूरा

    हमने राजनीति को केवल सत्ता का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम माना है। उचाना हलके के विकास को गति देने के लिए 11 वर्षो के कार्यकाल में 98 सीएम अनाउंसमेंट हुई। इनमें से 78 का काम पूरा हो चुका और 15 का काम प्रगति पर है। उचाना विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हलके में विकास कार्यों पर पिछले 11 वर्षों में 1 हजार 409 करोड़ रुपये इस सरकार में खर्च किए गए हैं। जबकि, कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल में मात्र 386 करोड़ रुपये खर्च किये गये थे। बीजेपी के शासन में उचाना तहसील को उपमंडल और अलेवा उप-तहसील को तहसील का दर्जा दिया गया। भाजपा सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में भी जनकल्याण के काम गति से कर रही है। बीजेपी का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतना है। विपक्ष केवल आरोप लगाता है, लेकिन सरकार के पास काम का रिपोर्ट कार्ड है। प्रदेश सरकार ने जो कहा, वह करके दिखाया है।

    संकल्प को पूरा कर रही है सरकार

    कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में इस क्षेत्र को केवल सब्जबाग दिखाते हुए वोट लेने का काम किया। विपक्ष आज मुद्दा विहिन हो चुका है लेकिन हम जो कहते हैं, उसे करते भी हैं। इसका प्रमाण यह है कि हमने पिछले विधानसभा चुनावों के अपने संकल्प-पत्र के 217 संकल्पों में से 60 को एक साल में ही पूरा कर दिखाया है। प्रदेश सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल में भी प्रदेश के सर्वांगीण विकास और हर वर्ग के हितों की सुरक्षा के लिए अनेक ठोस कदम उठाए हैं। इसी के तहत गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है।

    किसान हित हमारी नीतियों के केन्द्र में है

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसान हित हमारी नीतियों के केन्द्र में है। कांग्रेस के राज में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को डब्बे में डाल दिया गया था, लेकिन बीजेपी सरकार ने हमेशा किसानों के लिए ही काम किया है। आज प्रदेश में किसानों की सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश में फसल खराब होने पर गत 11 सालों में किसानों को मुआवजे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 15 हजार 448 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। कांग्रेस सरकार के 10 साल के शासनकाल में 1 हजार 138 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि जारी की गई थी।

    आप पार्टी पर भी साधा निशाना

    कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मिलकर लड़ती है। कुरुक्षेत्र में लोकसभा चुनाव के दौरान भी इन्होंने ऐसा ही किया था, लेकिन जनता ने इन्हें सबक सिखाने का काम किया है। आम आदमी पार्टी ने पंजाब में वायदा किया कि 1 हजार रुपये महिलाओं को देंगे, अब चुनाव में केवल 7—8 महीने बचे हैं, लेकिन अब तक वहां किसी कुछ नहीं जबकि हरियाणा में बहनों-बेटियों को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश की बीजेपी सरकार ने ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ शुरू की। इस योजना के तहत 2100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 9 लाख 22 हजार से अधिक बहन-बेटियों को 634 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। पिछले एक साल में 36 हजार युवाओं को बिना पर्ची-खर्ची के सरकारी नौकरियां दी गई हैं। इन्हें मिलाकर पिछले 11 सालों में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं।

    गुमराह और दुष्प्रचार करना ही कांग्रेस का काम

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस का काम केवल और केवल दुष्प्रचार करना है। मुद्दा हासिल करने के लिए ये हाथ पांव मार रहे है, लेकिन इनके पल्ले कुछ नहीं है। मनरेगा की आड़ में हुए भ्रष्टाचार को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने विकसित भारत-जी राम जी ग्रामीण को शुरु किया। 100 नहीं, 125 दिन की रोजगार की गारंटी दी, साथ ही 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ इसके लिए आवंटित किए। लेकिन कांग्रेस इसे लेकर भी दुष्प्रचार करने लगी। कांग्रेस केवल और केवल झूठ बोलती है, 24 घंटे बिजली देने की भी कांग्रेस ने बात कहीं थी, लेकिन किया कुछ नहीं। कांग्रेस ने पेंशन के मुद्दे पर भी प्रदेश को गुमराह करने की कोशिश की।

    उचाना अब विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा: विधायक देवेंद्र चतुर्भुज अत्री

    धन्यवाद रैली के आयोजक एवं उचाना विधानसभा से विधायक देवेन्द्र चतुर्भुज अत्री ने अपने संबोधन में कहा कि धन्यवाद रैली केवल कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि उचाना अब विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में तीसरी बार बनी बीजेपी सरकार में विकास की रफ्तार भी बढ़ती जा रही है। उचाना में विकास तेजी से करवाया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने उचाना क्षेत्र के 6 गांवों का आईएमटी में चयनित होने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार भी जताया। देवेन्द्र चतुर्भुज अत्री ने कहा कि पहले जो भी उचाना से चुनाव जीता, उसने दिल्ली और चंडीगढ़ से ही राजनीति की। इतना ही नहीं, उचाना से विजयी होने वाले बड़े बड़े ओहदों पर भी रहे, लेकिन उनका जनता से कोई लेना देना नहीं था।