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  • भाजपा सरकार की नीतियों पर जनता का भरोसा: मुख्यमंत्री

    भाजपा सरकार की नीतियों पर जनता का भरोसा: मुख्यमंत्री

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 20 फरवरी से शुरू होने जा रहा हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र प्रदेश के विकास की दिशा, जनकल्याण की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं को सशक्त आधार प्रदान करेगा। प्रदेश की बीजेपी सरकार ने कार्यभार संभालते समय जो संकल्प पत्र प्रदेश की जनता के समक्ष रखा था, वह हमारे लिए गीता के समान है। वह सुशासन, पारदर्शिता तथा जनहित के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का स्पष्ट दस्तावेज है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को हरियाणा निवास चंडीगढ़ में पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सूचना एवं जनसंपर्क भाषा विभाग के महानिदेशक के.मकरंद पांडुरंग व मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय मौजूद थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि पूरा देश जानता है कि भाजपा सरकारों में कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं है। प्रदेश की बीजेपी सरकार ने भी अपने संकल्पों को जमीन पर उतारने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि 19 सितम्बर, 2024 को जारी किए गए संकल्प पत्र के 217 वादों में से 60 वादे पूरे किए जा चुके हैं और 120 वादों पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 मार्च, 2025 को उन्होंने विधानसभा में बतौर वित्त मंत्री अपना पहला बजट प्रस्तुत किया था। उस बजट वर्ष में 248 घोषणाएं की गई थी। इनमें से 77 बजट घोषणाएं पूरी कर ली गई हैं और 165 बजट घोषणाओं का कार्य अंतिम चरण में है, जिन्हें जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा।

    2 हजार से ज्यादा मिले अब तक सुझाव

    मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए बजट बनाने की प्रक्रिया जारी है। पूर्व-बजट परामर्श की परंपरा को निभाते हुए, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ अब तक कुल 13 बैठकें की हैं। इनमें उन्हें 2 हजार 199 सुझाव प्राप्त हुए। इस बार प्रदेश सरकार ने ए.आई. चैटबॉट का नया प्रयोग किया। इसके माध्यम से भी लगभग 12 हजार 400 सुझाव प्राप्त हुए हैं। इन सभी पर मंथन जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार कम से कम 4-5 हजार सुझावों को आगामी बजट वर्ष 2026-27 में सम्मिलित करेंगे।

    जन भावनाओं के अनुरूप होगा आगामी बजट

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका हरियाणा की जनता से वादा है कि आगामी बजट वर्ष 2026-27 न केवल जनता की भावनाओं और आकांक्षाओं को भली-भांति पूरा करेगा, बल्कि उनके परिवारों, गांवों, शहरों, जिलों और समूचे हरियाणा के विकसित भविष्य की सुदृढ़ नींव रखेगा। उन्होंने हरियाणा की अर्थव्यवस्था और राजकोष की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 29 जनवरी, 2026 को योजना विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य का सकल घरेलू उत्पाद अर्थात् जी.डी.पी. वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमानित आंकड़ों के अनुसार 13 लाख 67 हजार 769 करोड़ रूपये रही है। जबकि गत वर्ष के इन्हीं आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में यह 12 लाख 13 हजार 951 करोड़ रूपये थी। ये आंकड़ें दर्शाते हैं कि वर्ष 2025-26 में वर्ष 2024-25 के मुकाबले राज्य की जी.डी.पी. 12.67 प्रतिश्त की दर से बढ़ी है। 29 जनवरी, 2026 को योजना विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में राज्य की प्रतिव्यक्ति आय 3 लाख 58 हजार 171 रूपये रही है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिव्यक्ति आय 2 लाख 19 हजार 575 रूपये है। हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय देश के शीर्ष 5 राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षो में हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय लगातार बढ़ी है। वर्ष 2014-15 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 47 हजार 382 रूपये थी। इन आंकड़ों से यह पूर्णतः स्पष्ट होता है कि पिछले 10 वर्षों में राज्य की प्रति व्यक्ति आय में लगभग ढाई गुणा की वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार के सभी विभागों का वास्तविक खर्चा 1 लाख 75 हजार 801 करोड़ रुपए था, जबकि वर्ष 2014-15 में यह केवल 61 हजार 904 करोड़ रुपए था। चालू वित्त वर्ष में 16 फरवरी, 2026 तक सभी विभागों का वास्तविक खर्चा 1 लाख 59 हजार 747 करोड़ रूपये है। मार्च माह तक यह आंकड़ा लगभग 2 लाख करोड़ रूपये हो जाएगा, जो कि बजट का लगभग 98 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि विपक्ष बार-बार टिप्पणियां करता है कि सरकार अर्थव्यवस्था पर खर्च नहीं कर रही है, लेकिन वे उन्हें बताना चाहेंगे कि प्रदेश सरकार के समय में अर्थव्यवस्था पर हुआ वास्तविक खर्च उनके समय में हुए वास्तविक खर्च से लगभग तीन गुणा है। लगभग 11 विभागों जिनमें पुलिस, परिवहन, राजस्व, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान शामिल हैं, का वर्ष 2025-26 के लिए कुल व्यय 80 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है। लगभग 21 विभागों का अब तक का व्यय वर्ष 2025-26 के लिए 70 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है तथा लगभग 18 विभागों का कुल व्यय वर्ष 2025-26 के लिए 60 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है।

    जिनके समय में अर्थव्यवस्था लचर—पचर थी वो सुझाव दें रहे

    मुख्यमंत्री ने इस बीच विपक्ष पर निशाना भी साधा, उन्होंने कहा कि जिनके समय में अर्थव्यवस्था लचर पचर थी, आज वो बाहर बैठ कर सुझाव दें रहे है कि प्रदेश सरकार का अच्छा आर्थिक प्रबंधन नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार अपने राजकोष का कितना अच्छा प्रबंधन कर रही है, यह जानने के लिए राजकोषीय घाटा सबसे उत्तम तरीका है। वर्ष 2024-25 में राज्य का राजकोषीय घाटा तत्कालीन जी.डी.पी. का 2.83 प्रतिशत रहा, जबकि 2014-15 में यह 2.88 प्रतिशत था। ध्यान रहे कि एफ.आर.बी.एम. एक्ट के अनुसार उस समय भी राजकोषीय घाटे की ऊपरी सीमा 3 प्रतिशत थी और आज भी 3 प्रतिशत है। यह तथ्य है कि राजकोषीय घाटा उस समय हमसे अधिक था। हमारे कुशल वित्तीय प्रबंधन का यह पहला परिचायक है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 16 वें वित्त आयोग (2026-2031) की सिफारिशों के अनुसार हरियाणा का केंद्रीय करों में हिस्सा 1.093 प्रतिशत से बढ़कर 1.361 प्रतिशत हुआ है, जो 15वें वित्त आयोग की तुलना में 24.52 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि को दर्शाता है। 13वें वित्त आयोग की रिपोर्ट से राज्यों को केंद्रीय करों में मिलने वाले हिस्से में हरियाणा 20वें स्थान पर, 14वें वित्त आयोग में 17वें स्थान पर, 15वें वित्त आयोग में 21वें स्थान पर था। परंतु अब 16वें वित्त आयोग में हरियाणा पहले स्थान पर आ गया है।  
  • High Power Purchase Committe की बैठक में अहम फैसले, विकास योजनाओं पर जोर

    High Power Purchase Committe की बैठक में अहम फैसले, विकास योजनाओं पर जोर

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य में विकास कार्यों को और गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 40 से अधिक विभागों की विभिन्न खरीद प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया है। यह निर्णय सोमवार को देर सांय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में लिया गया। बैठक में बिजली, जनस्वास्थ्य, लोक निर्माण, सिंचाई, परिवहन, आईटी सहित अनेक विभागों की परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई तथा कई विकास कार्यों के टेंडर जारी किए गए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आमजन को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए ताकि कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे हों। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे और एक-एक पैसे के सदुपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। “विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    पेयजल परियोजनाओं को मिली मंजूरी

    बैठक में पलवल शहर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए अमृत-2 योजना के तहत दो रेनिवेल तथा एक बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। इस परियोजना पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसी प्रकार महेंद्रगढ़ के गांव सिरोही बिहाली में 6 एमएलडी क्षमता के जलघर निर्माण की प्रक्रिया पूरी की गई, जिस पर 53.47 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इस जलघर से आसपास के लगभग 39 गांवों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। रेवाड़ी शहर में 27 करोड़ रुपये की लागत से 8 एमएलडी क्षमता का रॉ-वाटर स्टोरेज टैंक भी बनाया जाएगा, जिससे शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ होगी।

    सड़क व भवन निर्माण कार्यों को स्वीकृति

    झज्जर के गांव छुछकवास – मातनहेल सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए 37.89 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई। टोहाना में धारसूल-रतिया सड़क के सुदृढ़ीकरण पर 46.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 9.37 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय महिला महाविद्यालय, गुरुग्राम में शैक्षणिक ब्लॉक का निर्माण और 13.60 करोड़ रुपये की लागत से फतेहाबाद में आबकारी भवन का निर्माण किया जाएगा। एचएसआईआईडीसी द्वारा सोहना में उद्योगों के लिए 12.80 करोड़ रुपये की लागत से फेसिलिटेशन सेंटर का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

    शहरी परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सिटी बस सेवा के तहत फरीदाबाद और गुरुग्राम में 200 सिटी इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया है। इसके अलावा अंबाला में 13 करोड़ रुपये तथा हिसार में 14 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक बस डिपो का निर्माण किया जाएगा। परिवहन विभाग के लिए 19 क्रेनों की खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। फरीदाबाद में 16.50 करोड़ रुपये की लागत से जिमखाना क्लब का निर्माण किया जाएगा।

    सुरक्षा एवं ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय

    पुलिस विभाग द्वारा जिला सचिवालयों एवं अन्य सरकारी भवनों के लिए 163 सिंगल डोर एवं 183 सीसीटीवी इंटीग्रेटेड मल्टी-ज़ोन मेटल डोर मशीनों की खरीद प्रक्रिया पूरी की गई। ऊर्जा क्षेत्र में पानीपत और करनाल में 7 नए 33 केवी सब-स्टेशनों के लिए 57.25 करोड़ रुपये की लागत से ट्रांसफॉर्मर एवं अन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई। सोनीपत, रोहतक और झज्जर में भी 7 नए 33 केवी सब-स्टेशनों के लिए 62.75 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे जाएंगे। अंबाला के मुसिम्बल तथा यमुनानगर के सैदोपुर में 40 करोड़ रुपये की लागत से 66-66 केवी के नए सब-स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। रेवाड़ी के धारूहेड़ा में 33.75 करोड़ रुपये की लागत से 66 केवी सब-स्टेशन तथा गुरुग्राम के सेक्टर-75ए में 75 करोड़ रुपये की लागत से 220 केवी सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

    दामला ब्रिज व भालोठ डिस्ट्रीब्यूटरी का होगा कायाकल्प

    यमुनानगर के गांव दामला में 13.39 करोड़ रुपए की लागत से ब्रिज का निर्माण करनें, रोहतक में भालोठ डिस्ट्रीब्यूटरी के चार आरडी की रिमोडलिंग करने व क्षमता बढाने के कार्य पर 97.45 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, राजा शेखर वुंडरू, जी अनुपमा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. साकेत कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, प्रधान सचिव विजय दहिया, आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाईन, आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।      
  • 26 फरवरी से सेकेंडरी की वार्षिक परीक्षा का आयोजन

    26 फरवरी से सेकेंडरी की वार्षिक परीक्षा का आयोजन

    चंडीगढ़: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा सैकेण्डरी व सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) नियमित/स्वयंपाठी वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2026 के लिए प्रवेश-पत्र (एडमिट कार्ड) कल से बोर्ड वेबसाइट www.bseh.org.in पर जारी होंगे। सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) नियमित/स्वयंपाठी की वार्षिक परीक्षाएं 26 फरवरी से 20 मार्च, 2026 तक तथा सीनियर सैकेण्डरी की परीक्षाएं 25 फरवरी से 01 अप्रैल, 2026 तक संचालित करवाई जाएंगी। इन परीक्षाओं में प्रदेशभर में 1421 परीक्षा केन्द्रों पर करीब 566400 परीक्षार्थी प्रविष्ट होंगे। परीक्षाओं का समय दोपहर 12:30 बजे से 3:30 बजे तक रहेगा।

    इस आशय की विस्तृत जानकारी देते हुए बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि सैकेण्डरी एवं सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) वार्षिक परीक्षाओं के प्रवेश-पत्र (एडमिट कार्ड) कल से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर लाईव होंगे। सभी विद्यालय मुखिया बोर्ड वेबसाइट www.bseh.org.in पर अपने यूजर आई.डी. व पासवर्ड से लॉगिन करके आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए विद्यालय में अध्ययनरत परीक्षार्थियों के प्रवेश-पत्र का रंगीन प्रिंट आऊट ए-4 साईज पेपर पर डाउनलोड करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि यदि परीक्षार्थी के विवरणों में कोई त्रुटि है तो तुरंत बोर्ड कार्यालय में सम्पर्क करते हुए शुद्धि से सम्बंधित मूल दस्तावेज एवं वांछित शुद्धि शुल्क सहित बोर्ड कार्यालय में उपस्थित होकर शुद्धि करवा सकते हैं। सभी परीक्षार्थी प्रवेश पत्र पर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करें।

    उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त स्वयंपाठी परीक्षार्थी जिन द्वारा कम्पार्टमेंट (E.I.O.P.), अतिरिक्त विषय एवं पूर्ण विषय अंक सुधार/आंशिक अंक सुधार की परीक्षा दी जानी है वे अपना प्रवेश-पत्र बोर्ड वेबसाइट पर दिये गये लिंक से पिछला अनुक्रमांक/नाम, पिता का नाम, माता का नाम भरते हुए प्रवेश पत्र का रंगीन प्रिंट आऊट ए-4 साईज पेपर पर डाउनलोड कर सकते हैं।

    इसी प्रकार मुक्त विद्यालय परीक्षा (फ्रेस, रि-अपीयर,अतिरिक्त विषय, सी.टी.पी., ओ.सी.टी.पी., मर्सी चांस, पूर्ण विषय अंक सुधार व आंशिक अंक सुधार श्रेणी) के लिए परीक्षार्थी अपना पिछला अनुक्रमांक/नाम, पिता का नाम, माता का नाम /रजिस्ट्रेशन नं0 भरते हुए प्रवेश पत्र का रंगीन प्रिंट आऊट ए-4 साईज पेपर डाउनलोड करें। यदि विवरणों में कोई अशुद्धि है तो शुद्धि हेतु परीक्षार्थी 20 फरवरी, 2026 तक मूल दस्तावेजों व शुद्धि शुल्क सहित बोर्ड कार्यालय में व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर शुद्धि करवा सकते हैं। परीक्षा समाप्ति उपरांत फोटो व हस्ताक्षर में परिवर्तन की अनुमति किसी भी परीक्षार्थी को नहीं होगी। यदि किसी विद्यालयी/स्वयंपाठी या मुक्त विद्यालय परीक्षार्थी का अनुक्रमांक किसी कारण से रोका गया है तो ऐसे विद्यालय/परीक्षार्थी बोर्ड कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में व्यक्तिगत तौर पर वांछित साक्ष्यों/दस्तावेज सहित उपस्थित होकर अपना प्रवेश-पत्र जारी करवा सकते हैं।

    यदि किसी दिव्यांग परीक्षार्थी को लेखक की सुविधा लेनी है तो परीक्षा केन्द्र के मुख्य केन्द्र अधीक्षक/केन्द्र अधीक्षक द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी से प्रामाणिक दिव्यांग प्रमाण पत्र/UDID Card की जांच करने उपरान्त दिव्यांग परीक्षार्थी को परीक्षा आरंभ होने से एक घण्टा पूर्व लेखक उपलब्ध करवाया जाएगा, इसके अतिरिक्त बोर्ड कार्यालय में सहायक सचिव द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी से प्रामाणिक दिव्यांग प्रमाण पत्र/ UDID Card की जांच करने उपरान्त दिव्यांग परीक्षार्थी को परीक्षा आरंभ होने से एक दिन पूर्व लेखक उपलब्ध करवाया जाएगा।

    किसी भी प्रकार की कठिनाई आने पर बोर्ड वेबसाइट पर जारी हैल्पलाइन नं० 01664-254309, सैकेण्डरी शाखा की ई-मेल assec@bseh.org.in सीनियर सैकेण्डरी शाखा की ई-मेल assrs@bseh.org.in व adhos@bseh.org.in पर तुरन्त संपर्क करते हुए समाधान करवाना सुनिश्चित करें।

     

  • सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए Online Pass जरुरी

    सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए Online Pass जरुरी

    चण्डीगढ़: हरियाणा के महाधिवक्ता तथा उच्च न्यायालय कार्यालय में प्रवेश को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन विज़िटिंग पास प्रणाली लागू की जा रही है।

    एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अब हरियाणा के महाधिवक्ता तथा उच्च न्यायालय के कार्यालय में कार्यालयों से संबंधित किसी भी आधिकारिक कार्य अथवा किसी केस या सुनवाई के लिए आने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों एवं संबंधित व्यक्तियों को एलएमएस पोर्टल (https://lmshry.gov.in) के माध्यम से पूर्व में ऑनलाइन विज़िटिंग पास बनवाना अनिवार्य होगा।

    उन्होंने बताया कि ऑनलाइन विजिटिंग पास के संबंध में आवेदक के पास अपना एम्प्लॉई आईडी कार्ड अनिवार्य होना चाहिए, गेट पास के प्रिंटआउट को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता से सत्यापित करवाना होगा तथा पास जारी होने के उपरांत संबंधित कार्यालय से उसका सत्यापन करवाना आवश्यक होगा।

    प्रवक्ता ने बताया कि इस नई प्रणाली के माध्यम से कार्यालय में प्रवेश प्रक्रिया को अधिक संगठित, सुरक्षित एवं डिजिटल बनाया गया है, ताकि कार्य निष्पादन में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी। यह व्यवस्था 09 फरवरी, 2026 से प्रभावी हो चुकी है।

     

  • हरियाणा–यूरोपीय संघ वर्किंग ग्रुप से उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा: CM Saini

    हरियाणा–यूरोपीय संघ वर्किंग ग्रुप से उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा: CM Saini

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा भारत और यूरोपियन संघ के साथ हुए भारत-यूरोपियन मुक्त व्यापार समझौते ने प्रदेश के लिए व्यापार के नए अवसर खोल दिए हैं। उन्होंने हरियाणा के उद्यमियों से इस समझौते का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा-यूरोपियन संघ वर्किंग ग्रुप की स्थापना करने की घोषणा भी की। शुक्रवार को नई दिल्ली में हरियाणा यूरोपियन व्यापार संघ की बैठक में बोल रहे थे। भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच उभरता आर्थिक और रणनीतिक सहयोग केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है। यह हमारी सभ्यताओं, सशक्त लोकतांत्रिक परंपराओं और दूरदर्शी विकास यात्राओं के बीच विश्वास, साझेदारी और साझा भविष्य का सेतु है। यह समझौता हमारे संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला एक ऐतिहासिक अध्याय है। यूरोपीय संघ के 27 देशों का यह विशाल और समृद्ध बाजार विश्व के सर्वोच्च गुणवत्ता मानकों और क्रय-शक्ति के लिए जाना जाता है। इस ऐतिहासिक समझौते के माध्यम से अब हरियाणा और भारत के उत्पादों के लिए यूरोप के द्वार पूरी तरह खुल चुके हैं। हमारे उद्यमों, हमारे किसानों और हमारे युवाओं के लिए यह एक नया बाजार ही नहीं, बल्कि नए अवसरों का महासागर है। इसमें संभावनाओं की अनंत लहरें समाहित हैं। हमें इसका लाभ उठाना चाहिए।

    हम अपने सामान की गुणवत्ता पर ध्यान दें

    हम अपने सामान की गुणवत्ता पर ध्यान दें, ताकि हमारे सामान पर विश्वास जमें। इससे दुनिया भर में हमारे सामान की विश्वनीयता बढ़ेगी। भारत-ईयू समझौता से आईटी सेवाएं, डेटा विज्ञान और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में यूरोप में आपके कौशल की मांग बढ़ेगी। लाखों उच्च-स्तरीय रोजगार के अवसर आपके लिए उपलब्ध होंगे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए भी यह समझौता आशा की नई किरण है। अब हरियाणा के फल, सब्जियां और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद सीधे यूरोप के प्रमुख बाजारों तक पहुंचेंगे। ब्रुसेल्स, बर्लिन और पेरिस के सुपरमार्केट में जब हमारे किसानों की मेहनत दिखाई देगी। हमारे राज्य की वास्तविक शक्ति हमारे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों में निहित है। यूरोपीय तकनीक और हरियाणा के कुशल श्रम मिलकर हमारी उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता को वैश्विक स्तर तक पहुंचाएगा।

    निवेशकों के लिए हरियाणा में अनुकूल वातावरण

    हरियाणा में निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण है। प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। हरियाणा सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस को सरल बनाया है। आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया है। श्रम कानूनों में सुधार कर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को अपनी प्राथमिकता बनाया है। हमारा संदेश स्पष्ट है कि आप हमारे राज्य में आएं, निवेश करें और हम आपकी सफलता के सहभागी बनेंगे। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की गरिमा, पारस्परिक सम्मान और विश्वास के आधार पर हम मिलकर एक बेहतर विश्व का निर्माण करेंगे।

    भारत को विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने की ओर तेजी से हो रहा काम

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। उस ओर तेजी से कार्य हो रहा है। वहीं 2047 में हरियाणा की अर्थव्यव्स्था को 1 ट्रिलियन खड़ा करना है, इसके लिए सभी प्रदेशवासियों का योगदान आवश्यक है। इस यूरोपियन व्यापार समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू शून्य सीमा शुल्क व्यवस्था है। इसके अंतर्गत हमारे कपड़ा, चमड़ा और हस्तशिल्प उद्योगों को अब भारी करों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे हमारे उत्पाद यूरोप में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध होंगे और हमारे निर्यात में 30 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान है। यह वृद्धि हमारे बुनकरों, कारीगरों और लघु उद्यमियों के जीवन में समृद्धि का प्रकाश लेकर आएगी। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के क्षेत्र में भी यह समझौता हमारे लिए नए खोलेगा। ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों की अग्रणी यूरोपीय कंपनियां हरियाणा को अपना मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए आगे आएंगी।  

    हरियाणा सरकार का लक्ष्य विकसित हरियाणा बनाना

    उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि वर्ष 2026 में हुआ भारत-यूरोपियन मुक्त व्यापार समझौता हमारे इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है। हरियाणा जिसे देश का उद्योगिक इंजन माना जाता है, इस ऐतिहासिक समझौते के तहत यूरोप के लिए रेड कारपेट बिछाने के लिए तैयार है। हरियाणा सरकार का लक्ष्य विकसित हरियाणा बनाना है और प्रदेश को ग्लोबल मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाना है। हमारी सरकार मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाने जा रही है। इसका मूल मंत्र यूरोपियन गुणवत्ता और भारतीय प्रतिभा का संगम है। हरियाणा के पास प्रतिभा, भूमि और एक मजबूत औद्योगिक इको सिस्टम है।

    इस बैठक में पहुंचे उद्यमियों व निवेशकों ने अपने सुझाव रखे

    इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के मकरंद पांडुरंग, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग, एचएसआईआईडीसी के सीसीआई सुनील शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।    
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर सीएम सैनी का निशाना, कहा– ‘जनता को सिर्फ गुमराह किया’

    भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर सीएम सैनी का निशाना, कहा– ‘जनता को सिर्फ गुमराह किया’

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 55 साल देश पर शासन किया जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महज 11 साल के शासन में देश की तस्वीर बदलने का काम किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभा रही, उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से सीख लेनी चाहिए, ताकि उन्हें पता लगे कि विपक्ष की क्या भूमिका होती है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस के राज में देश लगातार भ्रष्टाचार के दल-दल में फंसता चला गया। देश का विकास जिस गति से होना चाहिए था, वह नहीं हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 वर्षों में भारत का नाम दुनिया भर में रोशन करने का काम किया। कांग्रेस शासनकाल में केवल भ्रष्टाचार ही हुए।

    आम आदमी पार्टी की विधायक द्वारा लगाए गए आरोप मनगढ़ंत

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी की विधायक द्वारा लगाए गए सभी आरोप मनगढ़ंत है। आम आदमी पार्टी अपने को छिपाने के लिए ऐसा कर रही है। आम आदमी पार्टी ने पहले दिल्ली की जनता को सबज़-बाग दिखाए और दिल्ली की जनता को धोखा दिया। इसके बाद उन्होंने पंजाब में ऐसे वायदे किए जो आज तक पूरे नहीं किए गए। इसके लिए पंजाब के लोगों में पीड़ा है। पंजाब की जनता ने पहले कांग्रेस पार्टी को वोट दिया लेकिन कांग्रेस ने उन्हें धोखा दिया। इसके बाद आप को वोट दिया लेकिन आप ने उनके साथ महाधोखा किया। आज पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है, किसानों की हालत दयनीय है। पंजाब में बाढ़ आई तो केजरीवाल पंजाब में किसानों को 20 हजार रुपये मुआवजा देने की बात कर रहे थे लेकिन गुजरात गए तो वहां कहा कि पंजाब के किसानों को 50 हजार रुपये मुआवजा दिया। उन्होंने किसानों के साथ धोखा किया। आम आदमी पार्टी की विधायक के सभी आरोप तथ्यहीन है और अपनी कमियों को छिपाने का काम कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी पंजाब में दबाव की राजनीति कर रही है। उन्हें जनता से किए वायदे पूरे करने चाहिए।

    पंजाब हमारा घर है

    नायब सिंह सैनी ने पंजाब से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पंजाब हमारा घर है। पंजाब में उन्हें कोई बुलाता है तो वहां जरूर जाते हैं। पंजाब गुरूओं की धरती है और हमारे लिए यह सौभाग्य की बात है कि गुरुओं ने अपने चरणों से हरियाणा की धरती को भी पवित्र किया है।

    सेवा तीर्थ बनाना बेहतर

    प्रधानमंत्री कार्यालय के नए दफ्तर सेवा तीर्थ के उद्घाटन से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह एक अच्छा कार्य है। कांग्रेसी तो राज करते थे लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का भाव सेवा करना है। उन्होंने नगर निगम चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि चुनाव को लेकर उनकी पूरी तैयारी है। हरियाणा के आमजन का उन्हें पूरा आशीर्वाद है।  
  • हरियाणा में कैंसर इलाज अब और आसान, नए डे-केयर सेंटर शुरू

    हरियाणा में कैंसर इलाज अब और आसान, नए डे-केयर सेंटर शुरू

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को चंडीगढ़ से राज्य के 17 जिलों में डे-केयर कैंसर सेंटर (DCCC) का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस प्रकार के सेंटर पहले ही पांच जिलों में लॉन्च किए जा चुके है, और आज से राज्य के 22 जिलों में डे-केयर कैंसर सेंटर चालू हो गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में यह घोषणा की थी जिसे आज पूर्ण कर दिया गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुई। मुख्यमंत्री द्वारा 17 जिलों में शुरू किये डे-केयर कैंसर सेंटर प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन डे-केयर कैंसर सेंटर का उद्देश्य कैंसर रोगियों को सुलभ, किफायती और उनके घर के नजदीक उपचार उपलब्ध कराना है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कैंसर हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभरा है। इसका ईलाज काफी महंगा है, ऐसे में आमजन को ध्यान में रखते हुए कैंसर रोगियों के लिए सेंटर खोले गए है।

    स्वास्थ्य विभाग राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD) के तहत रोकथाम, स्क्रीनिंग और उपचार की व्यापक सेवाएं प्रदान कर रहा है। 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए मुख,स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की नियमित जांच की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नए केंद्रों के शुरू होने से मरीजों को कीमोथेरेपी, फॉलो-अप उपचार व देखभाल जैसी सुविधाएं अपने जिले में ही मिल सकेंगी। यहां कैंसर ओपीडी, पेन एवं पेलिएटिव केयर ओपीडी और उपचार के बाद व्यवस्थित फॉलो-अप की सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध होंगी।

    ये केंद्र ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर कार्य करेंगे। पीजीआईएमएस रोहतक, नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (NCI) झज्जर, सर्वोदय अस्पताल फरीदाबाद और अटल कैंसर केयर सेंटर, अंबाला छावनी हब के रूप में जिला अस्पतालों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि अंबाला छावनी स्थित अटल कैंसर केयर सेंटर पहले से ही कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, सर्जरी और पेलिएटिव केयर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं दे रहा है। वर्ष 2025 में यहां हजारों मरीजों को उपचार दिया गया, जिनमें बड़ी संख्या में कीमोथेरेपी सत्र, मैमोग्राफी, ब्रैकीथेरेपी और कैंसर सर्जरी शामिल हैं।

    जिला स्तर पर सेवाएं मिलने से मरीजों के यात्रा, ठहरने और अन्य खर्चों में कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सहयोग भी सुनिश्चित कर रही है। हरियाणा रोडवेज की बसों में कैंसर मरीज और एक सहायक को मुफ्त यात्रा सुविधा दी जा रही है।

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग के माध्यम से स्टैज 3 और 4 के कैंसर मरीजों, जिनकी पारिवारिक आय 3 लाख रुपये प्रतिवर्ष से कम है, को 3 हजार रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता दी जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डे-केयर कैंसर सेंटरों की स्थापना से मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो पाएंगी। इस दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव ने डे-केयर कैंसर सेंटर को सफलतापूर्वक शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ़ को बधाई दी। यह कदम हरियाणा के प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य और भलाई के प्रति मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्वास्थ्य विभाग कैंसर केयर सेवाओं को बढ़ाने और कैंसर का जल्दी पता लगाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। विभाग का प्रयास है कि हर मरीज़ को मदद के साथ—साथ बेहतर इलाज मिल सके।

    इस दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, स्वास्थ्य विभाग के सचिव आर.एस. ढिल्लों, डीजीएचएस डॉ. मनीष बंसल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री की त्वरित कार्रवाई से सेक्टर-85 की सड़क समस्या सुलझी, 7 हजार से अधिक लोगों को राहत

    मुख्यमंत्री की त्वरित कार्रवाई से सेक्टर-85 की सड़क समस्या सुलझी, 7 हजार से अधिक लोगों को राहत

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अधिकारी जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ करें तथा किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के समग्र विकास और आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिले से जुड़ी प्रत्येक समस्या पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और उनका शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकार निरंतर जन समस्याओं की समीक्षा कर रही है, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके और विकास कार्यों में गति बनी रहे। मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक बिमला चौधरी, सोहना विधायक तेजपाल तंवर भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 17 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 12 का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि 5 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।

    एक माह में गुरुग्राम की क्षतिग्रस्त सड़कों को मोटरेबल बनाने के निर्देश

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सेक्टर-10ए स्थित उमंग भारद्वाज चौक से वाया गाडौली होते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे तक सड़क की खस्ताहाल स्थिति की शिकायत पर संज्ञान लिया। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 24 घंटे के भीतर सड़क को गड्ढा-मुक्त किया जाए। सड़क पर यदि कहीं भी अतिक्रमण है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर तुरंत हटाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क चाहे किसी भी विभाग से संबंधित हो, चाहे वह एचएसआईआईडीसी, नगर निगम या जीएमडीए के अधीन हो, नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करते हुए अगले एक महीने के भीतर सभी सड़कों की मरम्मत कर उन्हें मोटरेबल बनाया जाए।

    मुख्यमंत्री की त्वरित पहल से सेक्टर-85 की सड़क समस्या का समाधान, 7,000 से अधिक लोगों को मिलेगी राहत

    बैठक में सेक्टर-85 स्थित कार्नेशन रेजीडेंसी आरडब्ल्यूए द्वारा प्रस्तुत की गई सड़क अवरोध से संबंधित शिकायत पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिछली बैठक में गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों की एक समिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित निजी भूमि अब बिल्डर द्वारा खरीद ली गई है तथा वहां बनी पुरानी इमारतों को हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके उपरांत दो सप्ताह के भीतर 24 मीटर चौड़ी संपर्क सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिससे सेक्टर-86 मुख्य मार्ग और द्वारका एक्सप्रेसवे से सीधा संपर्क स्थापित हो सकेगा। इस निर्णय से लगभग 7,000 निवासियों एवं 800 स्कूली छात्रों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी संवेदनशील पहल, त्वरित सुनवाई और समिति गठन के कारण यह लंबे समय से लंबित समस्या हल हो सकी है।

    सूरत नगर फेज-1 को जलभराव से मुक्त कर गलियों का जीर्णोद्धार करने के निर्देश

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूरत नगर फेज-1 में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को एक माह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र की सभी प्रभावित गलियों को जलभराव से मुक्त कर उनका जीर्णोद्धार किया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके। पानी की निकासी की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से दुरुस्त की जाए और जहां आवश्यकता हो वहां पंप लगाकर पानी निकाला जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा तय समय सीमा में काम पूरा न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी .एस.ढेसी, जीएमडीए के सीईओ पी.सी मीणा, डीसी अजय कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
  • किसानों, उद्योगों और युवा रोजगार के लिए बजट में प्रावधान

    किसानों, उद्योगों और युवा रोजगार के लिए बजट में प्रावधान

    चंडीगढ़: हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने केंद्रीय बजट 2026-27 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कदम बताया है।

    कैबिनेट मंत्री आज गुरुग्राम के बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव दरबारीपुर में केंद्रीय बजट 2026 को लेकर आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि यह बजट विशेष रूप से गांव, गरीब, किसान, युवा और महिला सहित सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं से देश में गरीबी लगातार कम हो रही है और यह बजट गरीब को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    ग्रामीण विकास विभाग के बजट में इस वर्ष 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय को मिलाकर देखा जाए तो दोनों का संयुक्त बजट अब 4 लाख 35 हजार 779 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो सरकार की गांव और किसान के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    कृषि विभाग का बजट बढ़ाकर इस वर्ष 1,32,561 करोड़ रुपये कर दिया गया है। कृषि शिक्षा और अनुसंधान, विशेषकर आईसीएआर के लिए 9,967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे नवाचार और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा।

    किसानों को सस्ती खाद और उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए 1,70,944 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जिससे खेती की लागत कम होगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जनवरी 2026 में प्रदेश के विभिन्न जिलों में हितधारकों के साथ सीधी बैठक कर बजट को लेकर सुझाव मांगे हैं, जिन्हें समीक्षा के बाद बजट में शामिल किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं को नए अवसर, महिलाओं को सशक्त मंच और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की ऊर्जा प्रदान करेगा। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तथा पूरी केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

     

  • केंद्रीय मंत्री ने 41वें राज्य स्तरीय पशुधन मेले का किया अवलोकन

    केंद्रीय मंत्री ने 41वें राज्य स्तरीय पशुधन मेले का किया अवलोकन

    चंडीगढ़: केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि हरियाणा नस्ल की गाय ने पूरी दुनिया में विख्यात होकर ख्याति प्राप्त की है। दूध उत्पादन में भी हरियाणा प्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश के कुल दूध उत्पादन का 36 प्रतिशत यानी करीब 125.42 लाख मिलियन दूध हरियाणा प्रदेश में उत्पादन हो रहा है। प्रदेश सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि वो प्रत्येक गांव में सहकारी समितियां खोलकर पशुपालकों को लाभ दें। दूध के निर्यात को बढ़ाने में सहकारी समिति अच्छी भूमिका निभा सकती हैं। केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह शनिवार को कुरुक्षेत्र में आयोजित 41वें राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की भूमि पर आयोजित इस मेले में प्रदेशभर से अच्छी नस्ल के पशुओं को लेकर पशुपालक पहुंचे हैं। यहां के पशुपालकों में पशुओं के प्रति काफी प्यार -प्रेम देखने को मिला है। देश के करीब 10 करोड़ लोगों की आजीविका पशुधन के क्षेत्र पर निर्भर है। इसी क्षेत्र ने महिलाओं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। डेयरी के विकास के लिए केंद्र सरकार ने कई प्रकार की योजनाएं चलाई हुई हैं। केंद्र की तरफ से आने वाले समय में और योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा। इस समय 19 लाख करोड़ रुपए का बाजार किया जा रहा है। वर्ष 2014 में देश में दूध का कुल उत्पादन 146.3 मिलियन टन होता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पशुपालकों की चिंता व्यक्ति की और इस क्षेत्र की तरफ पूरा ध्यान दिया। कृषि विभाग से अलग करके पशुपालन विभाग का अलग मंत्रालय बनाया गया, ताकि पशुपालन के क्षेत्र को ऊंचाइयों तक लेकर जाया जा सके। प्रधानमंत्री के प्रयास से अब देश में दूध उत्पादन 248 लाख मिलियन टन पर पहुंच गया है। इस बंपर उत्पादन के साथ भारत विश्व में सबसे ज्यादा मात्रा में दूध का उत्पादन करने वाला देश बन गया है। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पूरा करने में पशुपालक अपनी अहम भूमिका अदा करेंगे।

    नस्ल सुधार के लिए पशुओं में लगाई जिनोमिक चिप

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पशुओं की नस्ल सुधार के लिए पशुपालन विभाग कुछ पशुओं में जिनोमिक चिप लगा रहे हैं। ये चिप समय समय पर पशुओं में होने वाली बीमारियों व अन्य परिवर्तनों की जानकारी देती है। इस चिप के माध्यम से ही वैज्ञानिक शोध करते हैं। केंद्र सरकार ने एनडीएलएम कार्यक्रम चलाया हुआ है। इस कार्यक्रम के तहत एफएमडी टीका पशुओं को दिया जा रहा है। प्रदेश में इन वैक्सीन को केंद्र सरकार की तरफ से मुफ्त में मुहैया करवाया जा रहा है। इसके अलावा करीब 70 मोबाइल वेटनरी क्लीनिक हरियाणा में चलाए हुए हैं।