केंद्रीय मंत्री ने 41वें राज्य स्तरीय पशुधन मेले का किया अवलोकन

चंडीगढ़: केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि हरियाणा नस्ल की गाय ने पूरी दुनिया में विख्यात होकर ख्याति प्राप्त की है। दूध उत्पादन में भी हरियाणा प्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश के कुल दूध उत्पादन का 36 प्रतिशत यानी करीब 125.42 लाख मिलियन दूध हरियाणा प्रदेश में उत्पादन हो रहा है। प्रदेश सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि वो प्रत्येक गांव में सहकारी समितियां खोलकर पशुपालकों को लाभ दें। दूध के निर्यात को बढ़ाने में सहकारी समिति अच्छी भूमिका निभा सकती हैं। केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह शनिवार को कुरुक्षेत्र में आयोजित 41वें राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की भूमि पर आयोजित इस मेले में प्रदेशभर से अच्छी नस्ल के पशुओं को लेकर पशुपालक पहुंचे हैं। यहां के पशुपालकों में पशुओं के प्रति काफी प्यार -प्रेम देखने को मिला है। देश के करीब 10 करोड़ लोगों की आजीविका पशुधन के क्षेत्र पर निर्भर है। इसी क्षेत्र ने महिलाओं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। डेयरी के विकास के लिए केंद्र सरकार ने कई प्रकार की योजनाएं चलाई हुई हैं। केंद्र की तरफ से आने वाले समय में और योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा। इस समय 19 लाख करोड़ रुपए का बाजार किया जा रहा है। वर्ष 2014 में देश में दूध का कुल उत्पादन 146.3 मिलियन टन होता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पशुपालकों की चिंता व्यक्ति की और इस क्षेत्र की तरफ पूरा ध्यान दिया। कृषि विभाग से अलग करके पशुपालन विभाग का अलग मंत्रालय बनाया गया, ताकि पशुपालन के क्षेत्र को ऊंचाइयों तक लेकर जाया जा सके। प्रधानमंत्री के प्रयास से अब देश में दूध उत्पादन 248 लाख मिलियन टन पर पहुंच गया है। इस बंपर उत्पादन के साथ भारत विश्व में सबसे ज्यादा मात्रा में दूध का उत्पादन करने वाला देश बन गया है। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पूरा करने में पशुपालक अपनी अहम भूमिका अदा करेंगे।

नस्ल सुधार के लिए पशुओं में लगाई जिनोमिक चिप

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पशुओं की नस्ल सुधार के लिए पशुपालन विभाग कुछ पशुओं में जिनोमिक चिप लगा रहे हैं। ये चिप समय समय पर पशुओं में होने वाली बीमारियों व अन्य परिवर्तनों की जानकारी देती है। इस चिप के माध्यम से ही वैज्ञानिक शोध करते हैं। केंद्र सरकार ने एनडीएलएम कार्यक्रम चलाया हुआ है। इस कार्यक्रम के तहत एफएमडी टीका पशुओं को दिया जा रहा है। प्रदेश में इन वैक्सीन को केंद्र सरकार की तरफ से मुफ्त में मुहैया करवाया जा रहा है। इसके अलावा करीब 70 मोबाइल वेटनरी क्लीनिक हरियाणा में चलाए हुए हैं।

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