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  • कृषि मंत्री ने दलहन फसलों के महत्व पर डाला प्रकाश

    कृषि मंत्री ने दलहन फसलों के महत्व पर डाला प्रकाश

    चंडीगढ़: हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि दलहन फसलें न केवल देश की पोषण सुरक्षा की रीढ़ हैं, बल्कि ये मृदा स्वास्थ्य सुधार, नाइट्रोजन स्थिरीकरण तथा कृषि लागत में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बदलते जलवायु परिदृश्य में दलहन फसलें किसानों के लिए एक जलवायु-सहिष्णु एवं टिकाऊ विकल्प के रूप में उभर रही हैं। हरियाणा सरकार राज्य में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    मंत्री आज मध्यप्रदेश के सिहोर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद तथा मध्य प्रदेश सरकार के कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत आयोजित राष्रीराय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन में संबोधित कर रहे थे।

    वर्ष 2022-23 में हरियाणा राज्य में खरीफ दालों का क्षेत्र 70000 एकड़ था, जो अब बढ़कर 100000 एकड़ तक हो गया है। अनुसंधान प्रसार के बिना कृषि विकास संभव नहीं है। दलहन उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मूल्य संवर्धन, विपणन, भंडारण एवं मूल्य स्थिरता पर भी समान रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित हो सके।

    हरियाणा राज्य में 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। ’’राष्ट्रीय दलहन मिशन’’ के अंतर्गत राज्यों की सक्रिय भागीदारी से ही बेहतर परिणाम संभव हैं। इस दिशा में विशेष रूप से उत्पादकता बढ़ाने की रणनीति, बीज एवं तकनीक तक पहुंच, मूल्य शृंखला एवं बाजार, किसान कल्याण एवं जोखिम प्रबंधन, अनुसंधान-विस्तार-निजी क्षेत्र समन्वय तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से नवाचार को खेत तक पहुंचाना जरूरी है।

    यह कार्यशाला ’’राज्यों और केंद्र के बीच समन्वित रोडमैप’’ तैयार करने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। हरियाणा राज्य इस मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए ’’पूर्ण सहयोग’’ देने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • मुख्यमंत्री सुक्खू ने विधायकों के साथ विकास प्राथमिकताओं पर की चर्चा

    मुख्यमंत्री सुक्खू ने विधायकों के साथ विकास प्राथमिकताओं पर की चर्चा

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायक प्राथमिकता बैठक के दूसरे दिन के पहले सत्र में कुल्लू, मण्डी तथा शिमला जिला के विधायकों के साथ उनकी प्राथमिकताओं पर चर्चा की। वर्तमान सरकार ने तीन वर्षों के दौरान अपने संसाधनों से 26,683 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के स्वामित्व से लगभग 401 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ हुआ है और प्रतिवर्ष 20 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। वर्तमान सरकार के प्रयासों से कड़छम-वांगतू जल विद्युत परियोजना में राज्य को मिलने वाली रॉयल्टी 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है जिससे राज्य को हर वर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। 15वें वित्त आयोग द्वारा हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 37,199 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी। यह राशि घटते अनुपात में राज्य को जारी की गई। प्रदेश को वर्ष 2021-22 में 10,249 करोड़ रुपये, वर्ष 2022-23 में 9,377 करोड़ रुपये, वर्ष 2023-24 में 8,057 करोड़ रुपये, वर्ष 2024-25 में 6,249 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 3,257 करोड़ रुपये राजस्व घाटा अनुदान प्राप्त हुआ। अब 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान को बंद करने से प्रदेश को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। राजस्व घाटा अनुदान समाप्त करना हिमाचल जैसे पहाड़ी व कठिन भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य के साथ अन्याय है। केन्द्र सरकार के इस निर्णय से राज्य की विकास योजनाएं प्रभावित होंगी तथा प्रदेश में चल रही कल्याणकारी योजनाओं व वेतन एवं पेंशन इत्यादि पर भी विपरीत असर पड़ने की संभावना है। केन्द्र सरकार से हिमाचल की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए राजस्व घाटा अनुदान को बहाल करने तथा विशेष आर्थिक सहायता देने का अनुरोध किया। सीमावर्ती पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत-चीन सीमा पर शिपकी-ला दर्रे पर बॉर्डर टूरिज्म गतिविधियों की शुरूआत की गई है। केन्द्रीय बजट 2026-27 में पूर्वोत्तर राज्यों के लिए के लिए ‘बौद्ध सर्किट’ की घोषणा की गई है लेकिन हिमाचल प्रदेश, जो बौद्ध संस्कृति का एक बड़ा केन्द्र है, यहां के बौद्ध सर्किट को इससे बाहर रखना भेदभावपूर्ण है। हिमाचल में विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं परन्तु पर्यटन के विकास के लिए किसी योजना का बजट में प्रावधान नहीं है।

    जिला कुल्लू

    मनाली

    विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि आरडीजी बंद होना प्रदेश के लिए अच्छा नहीं है और सभी को मिलकर केंद्र सरकार पर इसे बहाल करने के लिए दबाव डालना चाहिए। मनाली में आईस स्केटिंग रिंक का निर्माण करने और लेफ्ट बैंक सड़क को सुदृढ़ करने की मांग की। पर्यटन सीजन के दौरान पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने और बर्फ हटाने के लिए छोटी मशीनें प्रदान करने का आग्रह भी किया।

    कुल्लू

    विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कुल्लू हवाई अड्डे के विस्तार की मांग करते हुए कुल्लू के लिए हैली-टैक्सी सुविधा शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत सड़कों के निर्माण कार्य को समयबद्ध पूरा करने और मणिकर्ण के लिए वैकल्पिक सड़क बनाने की मांग की, ताकि क्षेत्र में जाम की समस्या से छुटकारा मिल सके। कुल्लू में मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में स्टाफ बढ़ाने का भी आग्रह किया।

    बंजार

    विधायक सुरेंद्र शौरी ने बंजार क्षेत्र में सड़क व्यवस्था को मजबूत करने तथा बिजली की समस्या का समाधान करने के लिए बजौरा सब-स्टेशन को सुदृढ़ करने का आग्रह किया। औट-लुहरी सड़क में सुधार लाने और लारजी में वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने की मांग भी की।

    आनी

    विधायक लोकेंद्र कुमार ने आनी आदर्श स्वास्थ्य संस्थान में सुविधाएं सुदृढ़ करने का आग्रह किया। चिट्टा माफिया पर कड़ी कार्रवाई और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। बागवानों की सुविधा के लिए क्षेत्र में एंटी हेल गन स्थापित करने की मांग भी की।

    मंडी जिला

    करसोग

    विधायक दीपराज ने बैठक में करसोग आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेज के भवन का मामला उठाया। उन्होंने करसोग क्षेत्र में बस सुविधा बढ़ाने और क्षेत्र की सड़कों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया।

    सुंदरनगर

    विधायक राकेश जम्वाल ने सीएचसी निहरी और पीएचसी बलग के भवन निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने निहरी के लिए सतलुज से पानी उठाने और डैहर में पानी की सुविधा तथा सुंदरनगर में सीवरेज सुविधा में सुधार लाने की मांग की। आईटीआई डैहर के भवन तथा सुंदरनगर इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा करने का आग्रह किया।

    नाचन

    विधायक विनोद कुमार ने क्षेत्र में आपदा से प्रभावित फुटओवर ब्रिज बनाने, डिग्री कॉलेज में बन रहे इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने चैलचौक-पंडोह सड़क को सीआरआईएफ के तहत की मांग की। उन्होंने मंडी-जंजैहली सड़क के सुधारीकरण प्रस्ताव को स्वीकृत करने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।

    द्रंग

    विधायक पूर्ण सिंह ठाकुर ने क्षेत्र की सड़कों में सुधार लाने और क्षेत्र में बस सेवा को बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने पधर से मंडी फोरलेन के बीच स्थानीय लोगों को हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। ज्वालापुर पीएचसी भवन के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग भी की।

    जोगिंदर नगर

    विधायक प्रकाश राणा ने अपने क्षेत्र में बंद सड़कों को खोलने और विधानसभा क्षेत्रफल के अनुपात में कर्मचारी तैनात करने की मांग की। क्षेत्र में पानी और बिजली की सुविधा में सुधार लाने का आग्रह भी किया।

    धर्मपुर

    विधायक चंद्रशेखर ने जोगिंदर नगर-धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र को जोड़ने के लिए निर्माणाधीन लाल बहादुर शास्त्री सेतु का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की। धर्मपुर, संधोल और टिहरा स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने का आग्रह किया। धर्मपुर बस अड्डे को हर वर्ष होने वाले नुकसान को रोकने के लिए योजना बनाने की मांग की। अपने क्षेत्र में दूध के कलैक्शन सेंटर और चिलिंग प्लांट लगाने का आग्रह किया।

    बल्ह

    विधायक इंद्र सिंह गांधी ने बल्ह विधानसभा क्षेत्र में अधूरे कलवर्ट और पुलों के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने की मांग की। अपने क्षेत्र में पीने के पानी की सुविधा प्रदान करने वाली परियोजनाओं को सुदृढ़ करने का आग्रह किया।

    मंडी

    विधायक अनिल शर्मा ने बड़े वाहनों के लिए मंडी बाईपास सड़क का निर्माण करने का आग्रह किया। मंडी जेल को शिफ्ट करने की मांग की। आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पीने के पानी की योजनाओं को छह महीने के भीतर बहाल करने की सराहना करते हुए टारना स्टोरेज टैंक को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की। कोटली में बिजली की समस्या का समाधान करने का भी आग्रह किया।

    सरकाघाट

    विधायक दिलीप ठाकुर ने सिविल अस्पताल सरकाघाट के भवन के अधूरे कार्य को पूरा करने के साथ-साथ क्षेत्र में चिकित्सकों के खाली पदों को भरने की मांग की। सरकाघाट क्षेत्र के लिए निर्माणाधीन पेयजल परियोजना का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की बात की। आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों की हालत सुधारने का आग्रह किया।

    जिला शिमला

    चौपाल

    विधायक बलबीर वर्मा ने सैंज-देहा-चौपाल सड़क के सुधारीकरण की मांग की। क्षेत्र में सरकारी कार्यालयों में खाली पदों को भरने के साथ-साथ बर्फबारी के दौरान विद्युत की बेहतर व्यवस्था के लिए आपूर्ति शिलाई से प्रदान करने की बात की। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार सहित अन्य प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  
  • CM Nayab Singh Saini का बड़ा ऐलान, सरकार के संकल्प जमीन पर उतरे, काम में आई तेजी

    CM Nayab Singh Saini का बड़ा ऐलान, सरकार के संकल्प जमीन पर उतरे, काम में आई तेजी

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने अपने संकल्प-पत्र में 217 संकल्प लिए थे, जिनमें से 60 पूरे किए जा चुके हैं और शेष संकल्पों पर तेजी से काम चल रहा है, जिन्हें जल्द पूरा कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा, कालका से विधायक शक्ति रानी शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग, प्रसिद्ध बॉलीवुड कलाकार यशपाल शर्मा तथा मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय भी उपस्थित रहे।

    पारदर्शी शासन पर जनता का भरोसा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का संविधान पूरी मजबूती से लागू है और सरकार संविधान की भावना के अनुरूप काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता ने भ्रष्टाचार-मुक्त और पारदर्शी शासन के लिए भाजपा को चुना है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर जनता का भरोसा लगातार बढ़ा है। इसी विश्वास के आधार पर राज्य में डबल इंजन सरकार को तीसरी बार बड़ा जनादेश मिला है।

    भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, युवाओं को अवसर

    राज्य में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है, जिससे गरीब परिवारों के बच्चे भी बिना सिफारिश के सरकारी नौकरियां हासिल कर रहे हैं। शपथ ग्रहण से पहले ही 24,000 युवाओं को जॉइनिंग लेटर दिए गए और इस वर्ष भी बड़े स्तर पर भर्तियां की जा रही हैं। आयोग के माध्यम से भी भर्ती प्रक्रिया जारी है। सरकार सभी रिक्त पदों को पारदर्शिता के आधार पर भर रही है। हरियाणा के युवा देश के अन्य राज्यों में भी अपनी प्रतिभा से स्थान बना रहे हैं और दूसरे राज्यों के युवा भी यहां अवसर पा रहे हैं। यह स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का संकेत है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में न तो भेदभाव होता है और न ही सिफारिश की संस्कृति, बल्कि योग्य युवाओं को ही अवसर मिलता है।

    गरीब, महिलाएं और किसानों के लिए योजनाएं

    किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस पूरी तरह मुफ्त किया गया है, गरीब परिवारों को रियायती दर पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं और पात्र महिलाओं के लिए ‘लाडो लक्ष्मी’ योजना शुरू की गई है। ऐसी महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं पंचायतों से जुड़े फैसलों के तहत लंबे समय से बसे ग्रामीण परिवारों को मालिकाना हक देने का निर्णय भी लिया गया है। किसानों के लिए 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर की जा रही है।

    विकसित भारत की दिशा में तेज रफ्तार

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है। केंद्र के बजट में विकसित भारत की स्पष्ट झलक दिखाई दी। आगामी हरियाणा का बजट जन आशाओं और उम्मीदों पर खरा उतरेगा।

    तथ्य आधारित सुझावों से ही मजबूत होगा लोकतंत्र

    1984 की घटनाओं से जुड़ी पीड़ा आज भी लोगों के मन में है और ऐसे मामलों में संवेदनशीलता जरूरी है। पीड़ितों को न्याय दिलाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ है। लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब सरकार विपक्ष की बात भी सुने और जनहित के अच्छे सुझावों को स्वीकार करे। विधानसभा में भी विपक्ष को बार-बार तथ्य आधारित सुझाव देने के लिए कहा जाता है, जिन्हें सरकार अवश्य अपनाएगी, लेकिन बिना तथ्यों के आरोप लगाना लोकतंत्र को कमजोर करता है।

    विदेश नीति से व्यापार और रोजगार को मजबूती

    ट्रेड डील पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति के कारण भारत के कई देशों के साथ मजबूत संबंध बने हैं, जिससे व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को मजबूती मिलेगी। भाजपा की राजनीति सेवा, पारदर्शिता और विकास पर आधारित है, जबकि विपक्ष आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता विकास और सुशासन की नीतियों को ही समर्थन देती रहेगी।  
  • युवा कलाकार की कला को मिला दर्शकों का भरपूर प्यार

    युवा कलाकार की कला को मिला दर्शकों का भरपूर प्यार

    चंडीगढ़: फरीदाबाद के अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में इस बार सोनीपत की युवा कलाकार नीतू के ब्रश और पेंसिल का हुनर न केवल बोल रहा है, बल्कि दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। मेले के शोर-शराबे के बीच, नीतू द्वारा लगाया स्टॉल एक जीवंत स्टूडियो का रूप ले चुका है, जहाँ कला प्रेमी ठहरकर पेंटिंग की बारीकियों को निहार रहे हैं। उनकी कला मेले के सबसे चर्चित और भीड़भाड़ वाले स्थलों में शामिल हो गई है, जहां पर्यटक उनकी कला को न केवल देख रहे हैं, बल्कि लाइव स्केच बनवाने का अनुभव भी ले रहे हैं। शिल्प मेले में स्टॉल नंबर 1104 के समीप सोनीपत से आई नीतू द्वारा लाइफ स्केच, कलरफुल स्केच और पोर्ट्रेट आर्ट में अपनी कला प्रदर्शित कर रही है। वह अपने सामने व्यक्ति को बैठाकर लाइव स्केच तैयार कर रही है, जो देखने वालों के लिए बेहद आकर्षक अनुभव बन रहा है। उनकी कलाकृतियों में चेहरे के भाव, आंखों की गहराई और रंगों का संतुलन दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित कर रहा है। उनकी पेंटिंग में जीवन की सजीव और भावनाओं की गहराई साफ झलक रही है।

    हरियाणा सरकार द्वारा शिल्पकारों को उपलब्ध करवाया जा रहा अंतरराष्ट्रीय मंच

    नीतू ने हरियाणा सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार द्वारा उन्हें सूरजकुंड जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध करवाकर उनकी कला को नई पहचान दिला रहे है। सूरजकुंड मेले में अपनी कला का प्रदर्शन करना उनके लिए गर्व की बात है और यह अनुभव उन्हें नई प्रेरणा भी देता है।  
  • सूरजकुंड मेले में मेघालय पवेलियन बना खास आकर्षण

    सूरजकुंड मेले में मेघालय पवेलियन बना खास आकर्षण

    चंडीगढ़: फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित किए जा रहे 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला में में मेघालय को उत्तर प्रदेश के साथ थीम राज्य के रूप में चुना गया है। सूरजकुंड मेले में मेघालय द्वारा की समृद्ध विरासत, जीवंत संस्कृति, व्यंजन और अद्वितीय शिल्प कौशल का प्रदर्शन किया जा रहा है। मेघालय की संस्कृति और विरासत की थीम पर डिजाइन किया गया मेघालय मंडप वहां की कलात्मक और उत्कृष्टता का शानदार प्रतिनिधित्व कर रहा है। मेघालय मंडप में विभिन्न प्रकार की स्टालें सजाई गई हैं, जो मेघालय के विश्व प्रसिद्ध शिल्प का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। मेघालय मंडप में लकड़ी का सामान सहित पीतल आदि से निर्मित सामान सूरजकुंड मेले की खूबसूरती को और गरिमा को बढ़ा रहे हैं। मेघालय मंडप का एक प्रमुख आकर्षण यहां के पारंपरिक व्यंजन है, जो आगंतुकों को मजेदार जायके का स्वाद दे रहे हैं। इन प्रमुख व्यंजनों में मेघालय की विभिन्न डिशेज शामिल हैं। सूरजकुंड मेले में आ रहे पर्यटकों को मेघालय मंडप अवश्य देखना चाहिए, जो इसकी कला, संस्कृति, कला और पारंपरिक शिल्प कौशल का एक अनूठा अनुभव प्रदान करता है।

    39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में आंध्र प्रदेश की ‘चमड़े की चित्रकारी’ कला बनी खास आकर्षण

    फरीदाबाद के प्रसिद्ध सूरजकुंड में लोकल फॉर ग्लोबल-आत्मनिर्भर भारत की पहचान थीम के साथ आयोजित किए जा रहे 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में देश-विदेश से आए शिल्पकार अपनी पारंपरिक और विशिष्ट कलाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में आंध्र प्रदेश से आए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिल्पकार शिंदे श्रीरामुलु अपनी दुर्लभ एवं पारंपरिक ‘चमड़े की चित्रकारी’ कला के साथ मेले में सहभागिता कर रहे हैं, जो पर्यटकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। शिंदे श्रीरामुलु बताते हैं कि चमड़े की चित्रकारी एक पारंपरिक कला है, जिसमें प्राकृतिक (ऑर्गेनिक) रंगों के माध्यम से चित्रांकन किया जाता है। इस कला से निर्मित उत्पाद मुख्य रूप से होम डेकोर के लिए तैयार किए जाते हैं, जिनमें लैम्प शेड, डोर हैंगिंग्स, वॉल पेंटिंग्स सहित अनेक सजावटी वस्तुएं शामिल हैं। उनकी इस उत्कृष्ट कला के लिए वर्ष 2006 में तत्कालीन माननीय राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा, उन्हें सूरजकुंड मेला प्राधिकरण की ओर से ‘कलानिधि पुरस्कार’, ‘कलामणि पुरस्कार’ एवं ‘कला श्री पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया गया है। उल्लेखनीय है कि श्रीरामुलु वर्ष 2006 से लगातार सूरजकुंड मेले के प्रत्येक संस्करण में भाग ले रहे हैं और अपनी कला का नियमित रूप से प्रदर्शन कर रहे हैं श्रीरामुलु ने बताया कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला उनकी कला को प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट मंच है। यहां देश-विदेश के दूर-दराज क्षेत्रों से लाखों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, जिससे उनकी कला को व्यापक पहचान मिलने के साथ-साथ उनके व्यवसाय को भी सकारात्मक और उत्साहजनक प्रतिसाद मिलता है। सूरजकुंड मेले में उनकी स्टॉल संख्या 1228 पर प्रदर्शित चर्म चित्रकारी कला और उससे निर्मित उत्पाद दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। यह मेला पारंपरिक शिल्प एवं लोक कलाओं के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक सशक्त मंच सिद्ध हो रहा है।
  • परीक्षा ड्यूटी हेतु 11 फरवरी तक अपडेट करें स्टाफ स्टेटमेंट विद्यालय

    परीक्षा ड्यूटी हेतु 11 फरवरी तक अपडेट करें स्टाफ स्टेटमेंट विद्यालय

    चंडीगढ़ , 6 फरवरी – हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से संबद्ध सैकेण्डरी एवं सीनियर सैकेण्डरी(नियमित/मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षाएं 25 फरवरी से आयोजित करवाई जा रही हैं। इन परीक्षाओं के संचालन हेतु सभी राजकीय व अराजकीय विद्यालयों के अध्यापक, प्राध्यापक व प्रधानाचार्य की परीक्षाओं में ड्यूटियां लगाई जानी है।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि सभी राजकीय व अराजकीय विद्यालयों के मुखिया उन द्वारा पूर्व में भेजी गई स्टाफ स्टेटमैंट में 09 से 11 फरवरी, 2026 तक अपडेट करना सुनिश्चित करें, ताकि परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केन्द्र पर लगाई जाने वाली परीक्षा ड्यूटी में होने वाली परेशानी/समस्या से बचा जा सके। स्टाफ स्टेटमेंट अपडेट करने हेतु बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर लिंक 09 फरवरी, 2026 से उपलब्ध होगा। सभी विद्यालय समय रहते स्टाफ स्टेटमैंट का डाटा संशोधित/अपडेट करना सुनिश्चित करें।

    उन्होंने आगे बताया कि पूर्व में राजकीय व अराजकीय विद्यालयों द्वारा जो स्टाफ स्टेटमेंट भरी गई थी, यदि विद्यालय में कार्यरत किसी अध्यापक, प्राध्यापक व प्रधानाचार्य के विवरणों में जैसे- किसी प्रकार के अवकाश (CCL, Medical, Privilege, Earned leave & Any other leave) या सेवानिवृत अथवा स्थानान्तरण (निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्राध्यापक व अध्यापक विद्यालय छोड़ चुके हो), मोबाइल नम्बर में कोई संशोधन है या अन्य कोई कारण है तो उसे भी बोर्ड की वेबसाइट पर दिए गए लिंक पर समय रहते अपडेट करना सुनिश्चित करें।

     
  • सूरजकुंड मेले में खूब पसंद किए जा रहे हैं मिट्टी के बर्तन, हथकरघा उत्पाद और सजावटी वस्तुएं

    सूरजकुंड मेले में खूब पसंद किए जा रहे हैं मिट्टी के बर्तन, हथकरघा उत्पाद और सजावटी वस्तुएं

    पर्यटकों को भा रही हैं लोक कलाओं पर आधारित वस्तुएं

    चंडीगढ़, 6 फरवरी – फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित किए जा रहे 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में देश – विदेश से आए कलाकार कला, संस्कृति तथा पारंपरिक शिल्पों का भव्य प्रदर्शन कर रहे हैं। सूरजकुंड मेले में मिट्टी के बर्तन, सजावटी वस्तुएं, हस्तकरघा उत्पाद और लोक कलाएं विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। राजस्थान की मिट्टी के बर्तन और अन्य सजावटी सामान मेले की शान बढ़ा रहे हैं और पर्यटक इन स्टाल्स से खूब खरीदारी कर रहे हैं।

    रंग-बिरंगे घड़े, सुराही, दीये, पानी की बोतल, फूलदान और कलात्मक प्लेटें और विशुध्द मिटटी से निर्मित अन्य सामान सहज ही पर्यटकों का अपनी और आकर्षित कर रही हैं। इन सामान और बर्तनों पर पारंपरिक राजस्थानी डिजाइन और चमकीले रंगों से कलात्मक डिज़ाइन बनाये जाते हैं, जो राज्य की समृद्ध संस्कृति को दर्शाते हैं। कई कारीगर वहीं चाक पर मिट्टी को आकार देते हुए दिखाई देते हैं, जिससे आगंतुक उनकी कला को करीब से समझ पाते हैं। सूरजकुंड मेले में टेराकोटा और अन्य प्रकार की मिट्टी की वस्तुएं भी उपलब्ध हैं, जिनमें घर सजाने के लिए मूर्तियां, खिलौने और हस्तनिर्मित सजावटी सामान शामिल हैं। ये वस्तुएं केवल सजावट के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय ग्रामीण जीवन और परंपराओं की झलक भी प्रस्तुत करती हैं। सूरजकुंड मेले का उद्देश्य ऐसे ही पारंपरिक शिल्पों को बढ़ावा देना और कारीगरों को सीधे अपने उत्पाद बेचने का अवसर देना है।

    हस्तशिल्प मेले में राजस्थान के राजसमंद के गांव मौलेना से आए लक्ष्मी लाल कुमार और सहायक राजकुमार बताते हैं कि वे यह उनकी पुश्तैनी कला है और वे 2009 से मेले में आ रहे हैं। उन्हें उनकी कला के लिए वर्ष 2017 में कलामणी अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया था। उन्होंने बताया कि राजस्थानी कुम्हार पीढिय़ों से चली आ रही तकनीकों का उपयोग करते हैं, इसलिए उनके बनाए बर्तन मजबूत, पर्यावरण-अनुकूल और उपयोगी होते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान पर मिट्टी से बने 200 से अधिक सामान उपलब्ध हैं। उनकी दुकान पर मैजिक दीपक भी उपलब्ध है, जिसको देखकर पर्यटक आश्चर्यचकित हो रहे हैं।

    सूरजकुंड मेला केवल खरीदारी का स्थान नहीं, बल्कि भारतीय हस्तकला की जीवंत प्रदर्शनी है। यहां आने वाले लोग न केवल सुंदर मिट्टी के बर्तन और सजावटी सामान खरीदते हैं, बल्कि कारीगरों की मेहनत और रचनात्मकता को भी सराहना कर रहे हैं। इस प्रकार राजस्थानी मिट्टी की कला इस मेले की पहचान बनकर भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

  • मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का बढ़ाया मनोबल, परीक्षा तनाव से दूर रहने की दी सलाह

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का बढ़ाया मनोबल, परीक्षा तनाव से दूर रहने की दी सलाह

    चंडीगढ़, 6 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय द्वारा आरकेएसडी कॉलेज कैथल के सभागार में आयोजित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एग्जाम वॉरियर्स विशेष एपिसोड के लाइव प्रसारण को देखा। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को परीक्षा का दबाव न लेने का आह्वान करते हुए कहा कि परीक्षा आपकी पहचान नहीं बल्कि परीक्षा के लिए किए गए आपके प्रयास, मेहनत व सोच ही आपकी असली पहचान है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम सबने परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में भाग लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को सुना। प्रधानमंत्री जी ने परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के मन में उठने वाले डर और तनाव को लेकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर वर्ष बच्चों की परीक्षाओं से पहले उनसे जुड़कर चर्चा करते हैं। आज भी उन्होंने परीक्षा के अलावा विकसित भारत, स्वच्छता एवं कर्तव्य पालन को लेकर विद्यार्थियों से बातचीत की और इन सभी विषयों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा है कि आज जो बच्चे हैं, वे विकसित भारत के मजबूत स्तंभ होंगे। इसलिए हम सभी को देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सामूहिक रूप से अधिक मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि वे स्वच्छता जैसे अभियानों में बढ़चढ़ कर भाग लें।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि परीक्षा पर चर्चा केवल अंकों की बात नहीं है, बल्कि यह आपके मन, आत्मविश्वास और सपनों की चर्चा है। यह खुद को परखने और आत्मविकास का अवसर भी है। परीक्षा में कई बार अंक कम आ जाते हैं, उससे घबराना नहीं चाहिए। हमें निरंतर कड़ी मेहनत और प्रयास करने चाहिए। हमें अपने जीवन में विजन और सोच बड़ी रखनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को आगामी परीक्षाओं की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप अपने जीवन में निरंतर आगे बढ़े, ऊंचाई को छुए और विकसित भारत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। निश्चित रूप से आप सभी विद्यार्थी वर्ष 2047 में विकसित भारत के मजबूत स्तंभ होंगे। इस अवसर पर हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी, पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा, पूर्व विधायक लीला राम, जिला परिषद चेयरमैन कर्मबीर कौल, नगर परिषद चेयरपर्सन सुरभि गर्ग, आरकेएसडी कॉलेज समिति प्रधान अश्वनी शोरेवाला सहित गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

  • हरियाणा में निवेश के नए अवसर, कनाडाई प्रतिनिधिमंडल संग CM Saini की अहम बातचीत

    हरियाणा में निवेश के नए अवसर, कनाडाई प्रतिनिधिमंडल संग CM Saini की अहम बातचीत

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से बुधवार देर सांय चंडीगढ़ स्थित उनके आवास ‘संत कबीर कुटीर’ पर कनाडा के अल्बर्टा प्रांत की स्वदेशी संबंध मंत्री राजन साहनी के नेतृत्व में आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से भेंट की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच निवेश, नवाचार, शिक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा वैश्विक सहयोगों के लिए हमेशा तैयार है, जिससे प्रदेश में कौशल वृद्धि, नवाचार और आर्थिक विकास को गति मिले। हरियाणा के बड़ी संख्या में छात्र कनाडा में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिससे शैक्षणिक सहयोग दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया है।

    सैनी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार द्विपक्षीय सहयोग, शैक्षणिक आदान-प्रदान और आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देने वाले सभी विषयों को अपना पूरा समर्थन प्रदान करेगी। हरियाणा का विदेश सहयोग विभाग अंतरराष्ट्रीय संबंधों, नवाचार और विदेशी निवेश जैसे क्षेत्रों पर लगातार कार्य कर रहा है।

    बैठक के दौरान उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। इस दौरान हरियाणा में कनाडा विश्वविद्यालय के परिसर बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। कनाडा के अल्बर्टा प्रांत की स्वदेशी संबंध मंत्री राजन साहनी ने हरियाणा के औद्योगिक विकास, नवाचार और मानव संसाधन विकास से जुड़ी नीतियों की सराहना की।

    बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अल्बर्टा के उन्नत कौशल विकास तंत्र और शिक्षा एवं रोजगार के संबंध में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जिसमें मुख्य रूप से कौशल प्रशिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा और उद्योग आधारित कार्यक्रमों में साझेदारी पर भी मंथन हुआ ताकि हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।

    इसके साथ- साथ प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग, कृषि, लॉजिस्टिक्स और मुक्त व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार सांझा किए। मुख्यमंत्री ने हरियाणा की नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि आधारित उद्योगों और आपूर्ति श्रृंखला अवसंरचना में बढ़ती क्षमताओं के मद्देनजर तकनीकी आदान-प्रदान, निवेश जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग, विदेश सहयोग विभाग के सलाहकार पवन चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मजदूरों को बड़ी राहत, 29 सेवाएं Right To Service Act में शामिल

    मजदूरों को बड़ी राहत, 29 सेवाएं Right To Service Act में शामिल

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की कुल 29 सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के दायरे में लाते हुए इन सेवाओं के लिए समय-सीमा निर्धारित की है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में अधिसूचना जारी की गई है।

    अधिसूचित सेवाओं में श्रमिकों के बच्चों के लिए पहली कक्षा से बारहवीं कक्षा तक स्कूल की वर्दी, किताबों एवं कॉपियों हेतु वित्तीय सहायता, छात्रवृत्ति, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा की कोचिंग, यूपीएससी तथा एचपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु वित्तीय सहायता शामिल है। इसके अतिरिक्त, खेल प्रतियोगिताओं तथा सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए श्रमिकों के बच्चों को वित्तीय सहायता भी अधिसूचित की गई है।

    महिला श्रमिकों तथा श्रमिकों की पुत्रियों के विवाह हेतु कन्यादान सहायता, पुरुष श्रमिकों तथा उनके पुत्रों के विवाह हेतु शगुन सहायता, महिला श्रमिकों एवं पुरुष श्रमिकों की पत्नियों के प्रसूति हेतु वित्तीय सहायता को भी सेवा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लाया गया है। इसके साथ ही, श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को दांतों के उपचार, चश्मा, साइकिल, महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन, एलटीसी, निःशक्तता, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र/श्रवण सहायक उपकरण, तिपहिया साइकिल तथा श्रमिकों के दृष्टिबाधित, शारीरिक या मनोबाधित निःशक्त बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की सेवाएं भी अधिसूचित की गई हैं। इन सभी सेवाओं के लिए 60 दिनों की समय-सीमा तय की गई है।

    अधिसूचना में मृतक श्रमिकों के आश्रितों को वित्तीय सहायता, मृतक श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना तथा मृतक श्रमिकों के आश्रितों को दाह संस्कार हेतु वित्तीय सहायता को भी शामिल किया गया है। इन सेवाओं के लिए 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

    इसके अतिरिक्त, हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास नीति के अंतर्गत आने वाली सेवाओं को भी हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाया गया है। इनमें सिलिकोसिस से प्रभावित श्रमिकों के लिए पुनर्वास सहायता, सिलिकोसिस पुनर्वास पेंशन, पारिवारिक पेंशन, बच्चों की शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता, तथा लड़कियों और लड़कों के विवाह हेतु वित्तीय सहायता शामिल है। इन सेवाओं के लिए 60 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। मृत्यु उपरांत सहायता तथा अंतिम संस्कार सहायता के लिए 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

    अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की अधिकांश सेवाओं के लिए श्रम कल्याण अधिकारी को पदानामित अधिकारी, उप श्रम आयुक्त (कल्याण) को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी तथा कल्याण आयुक्त को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी नामित किया गया है। वहीं हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास नीति से जुड़ी सेवाओं के मामलों में सहायक निदेशक/उप निदेशक को पदनामित अधिकारी, संबंधित संयुक्त निदेशक को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी तथा श्रम आयुक्त को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी अधिसूचित किया गया है।