Category: Haryana

  • कल तक इंटरनेट रहेंगा बंद

    कुरुक्षेत्र : किसानों के आंदोलन को देखते हुए हरियाणा में इंटरनेट पर पाबंदी बढ़ा दी गई है। हरियाणा के सात जिलों में इंटरनेट पर पाबंदी बढ़ाई गई है। अब 19 फरवरी रात 12 बजे तक इंटरनेट पर पाबंदी रहेगी। अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद  और सिरसा  में इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी।   इससे पहले 11 फरवरी को सुबह छह बजे से लेकर 13 फरवरी की रात 12 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगाई थी।  साथ ही एसएमएस और डोंगल सर्विस पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था।  

    गौर रहे कि किसानों के दिल्ली कूच का आज छठा दिन है। दिल्ली कूच के लिए निकले किसान पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर डटे हुए हैं। केंद्र-किसानों के बीच शाम को चंडीगढ़ में मीटिंग होगी। यह चौथी वार्ता है। इससे पहले 3 मीटिंग बेनतीजा रहीं थी। इस मीटिंग में कोई फैसला न हुआ तो किसानों ने दिल्ली कूच करने का ऐलान किया है। इस आंदोलन के दौरान अब तक एक किसान और सब इंस्पेक्टर की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है।
     
    बताया जा रहा है कि पंजाब के किसानों के समर्थन में हरियाणा के किसान भी आ गए हैं। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) ने दोपहर में कुरुक्षेत्र में किसान-खाप पंचायत बुलाई है। यहां से हरियाणा में आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया जाएगा। बीते दिन शनिवार को किसान नेता सरवण पंधेर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार चाहे तो अध्यादेश लाकर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी दे सकती है।

  • बड़ी खबरः सुबह-सुबह BJP विधायक की फॉर्च्यूनर का ट्रक से हुआ एक्सीडेंट 

    फतेहाबादः हरियाणा में फतेहाबाद से बड़ी खबर सामने आई है। जहां आज सुबह-सुबह भाजपा विधायक दुड़ाराम की फॉर्च्यूनर कार का शनिवार सुबह हिसार के पास एक्सीडेंट हो गया। गनीमत यह रही है कि हादसे में विधायक बाल-बाल बच गए। हालांकि, उनके निजी सचिव (PA) राजबीर को मामूली चोटें आई हैं। हादसे के बाद फतेहाबाद से दूसरी गाड़ी मंगाकर विधायक दिल्ली के लिए रवाना हो गए। विधायक दुड़ाराम सुबह फतेहाबाद से दिल्ली के लिए निकले थे।

    हिसार एयरपोर्ट के पास अचानक उनकी फॉर्च्यूनर कार की ट्रक से टक्कर हो गई। इसके बाद आसपास के लोग इकट्‌ठे हो गए। विधायक को लोगों ने संभाला तो वह बिल्कुल ठीक थे। उनके PA राजबीर को हल्की चोटें आई थी। मौके पर ही उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद विधायक दूसरी गाड़ी में दिल्ली के लिए निकल गए। एक्सीडेंट को लेकर दुड़ाराम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी गाड़ी सामने जा रही गाड़ी से हल्की टच हुई थी। मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं। उन्हें कोई चोटें नहीं लगी।

  • कोचिंग सेंटरों को लेकर आई अहम खबर, सरकार ने की सख्ती

    करनालः हरियाणा में अब कोई भी कोचिंग इंस्टीट्यूट बिना रजिस्ट्रेशन नहीं चल पाएगा। साथ ही एग्जाम टाइम में स्टूडेंट्स के बढ़ते मेंटल प्रेशर को कम करने के लिए इंस्टीट्यूट में साइक्लोजिस्ट (मनोवैज्ञानिक) रखना होगा। इंस्टीट्यूट स्टूडेंट्स को अच्छे नंबर दिलाने वाले वादे का प्रचार भी नहीं कर सकेंगे। सरकार इसे लेकर 20 फरवरी को बजट सत्र में हरियाणा कोचिंग इंस्टीट्यूट (कंट्रोल एंड रेगुलेशन) बिल 2024 पेश करने जा रही है। बिल में कॉमर्शियल कोचिंग इंस्टीट्यूट पर अंकुश लगाने को लेकर कई मानक तय किए गए हैं। हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट (DHE) की ओर से कोचिंग इंस्टीट्यूट पर शिकंजा कसने के लिए कंट्रोल और रेगुलेशन का ड्राफ्ट तैयार किया है।

    इसमें सरकार की ओर से गाइडलाइन तय कर ली गई हैं। इसमें लोकल लेवल पर इंस्टीट्यूट की मनमानी रोकने के लिए कमेटी बनाने का लॉ दिया गया है। बिल की खास बात यह है कि इंस्टीट्यूट को बच्चे की मानसिक विकास की निगरानी करनी होगी। कोचिंग इंस्टीट्यूट अपने स्टूडेंट्स से अच्छे नंबर दिलाने का वादा नहीं करेगा। कोचिंग संस्थानों को अपने केंद्रों में दी जाने वाली कोचिंग की गुणवत्ता या कोचिंग में प्रस्तावित सुविधाओं या हासिल किए गए परिणाम या कक्षाओं का हिस्सा रहे छात्रों के बारे में किसी भी दावे से जुड़ा गुमराह करने वाला प्रचार नहीं करना होगा। कोई भी कोचिंग सेंटर स्नातक से कम शिक्षा वाले ट्यूटर को नियुक्त नहीं करेंगे।

    इस बिल में डिस्ट्रिक्ट अथॉरिटी के पास सिविल प्रोसीजर कोड 1908 के तहत कोर्ट की शक्तियां होंगी। यदि कोचिंग इंस्टीट्यूट कानून के किसी भी प्रोविजन को तोड़ते हैं तो उसे पहली बार 25 हजार रुपए का जुर्माना देना होगा। दूसरी बार गलती करने के बाद भी कोचिंग इंस्टीट्यूट के खिलाफ आरोप साबित होता है तो कारण बताओ नोटिस और सुनवाई का पूरा मौका दिया जाएगा। इसके बाद डिस्ट्रिक्ट अथॉरिटी इंस्टीट्यूट का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर देगी। ऐसे इंस्टीट्यूट जिन पर आरोप है, स्टूडेंट या पेरेंट्स अपील अथॉरिटी के पास केस फाइल कर सकते हैं और उसको सुलझा सकते हैं। कोई भी कोचिंग इंस्टीट्यूट रेसिडेंटल और ऑनलाइन कोचिंग या ट्यूशन सेंटर वैलिड रजिस्ट्रेशन के बगैर नहीं चलाया जा सकता है।

    20 फरवरी से शुरू होने वाले हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में 4 अहम विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें कोचिंग संस्थानों पर शिकंजा कसने के लिए हरियाणा कोचिंग इंस्टीट्यूट (कंट्रोल और रेगुलेशन) बिल 2024 के अलावा गृह विभाग की ओर से तैयार किए गए मृत शरीर सम्मान विधेयक 2024 और रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन आफ दी ट्रैवल एजेंसी एक्ट 2024 को पेश करने के लिए विधानसभा में भेजा जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार किए गए हुक्का बारों के खिलाफ विधेयक को अंतिम रूप दिया जा चुका है। कानूनी राय के बाद इसे भी जल्द भेजा जाएगा। दरअसल गृह विभाग के उक्त दो विधेयकों को बीती कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई थी। लिहाजा अब इन विधेयकों को पेश करने में किसी भी तरह की कोई कानूनी अड़चन नहीं है।

  • संदिग्ध हालत में महिला हुई लापता, 1 साल पहले हुई थी शादी

    करनालः हरियाणा के करनाल से बड़ी खबर सामने आई है। जहां असंध गांव में पति से झगड़े के बाद मायके आयी एक विवाहित युवती संदिग्ध हालात में लापता हो गई। बताया जा रहा है कि महिला की शादी को करीब 1 साल हुआ था और अब 10 दिन से मायके में थी। परिजनों ने आसपास में तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने शिकायत पर गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। युवती के पिता ने पुलिस को बताया कि उसकी 23 वर्षीय बेटी शादीशुदा है। उसका किसी बात को लेकर उसके पति से झगड़ा हो गया था।

    इसके बाद उसने उसे कॉल भी किया था। मामला शांत हो जाए, इसलिए उसने अपनी बेटी को अपने घर पर बुला लिया था। पिता ने बताया कि बीती 9 फरवरी की सुबह करीब 11 बजे वह अचानक घर से बिना बताए कही चली गई। हमने सोचा कि वह वापस आ जाएगी, लेकिन जब देर शाम तक भी वह नहीं लौटी तो चिंता हुई। उसके फोन पर कॉल किया गया तो फोन बंद आया। शिकायतकर्ता ने बताया कि शाम को ही तलाश शुरू की गई थी।

    बस स्टैंड, अस्पताल, करनाल बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित अनेक स्थानों पर सर्च किया गया, लेकिन वह नहीं मिली। फिर रिश्तेदारों के पास कॉल किया गया और पता किया गया कि क्या उनकी बेटी उनके घर आई है, लेकिन उन्हें सिर्फ एक ही जवाब मिला, वह यहां नहीं आई। परिजन अपनी बेटी को तलाश करके थक चुके थे, शायद ही कोई ऐसी जगह बची हो जहां उन्होंने उसे तलाश नहीं किया, लेकिन कोई भी पता नहीं चल पाया। एक सप्ताह बाद परिजनों ने असंध थाना में अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत दी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की हाइट 5 फुट 5 इंच है, और उसने गुलाबी सूट, क्रीम कलर की पजामी व पांव में चप्पल डाले हुए है। जांच अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि विवाहिता के लापता होने की शिकायत मिली है। गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है।

  • सराफा की दुकान पर लुटेरों ने चलाई गोलियां, देखें CCTV

    पंचकूला: मदनपुर में एक ज्वेलरी शॉप को लूटने की कोशिश के दौरान गोलिया चलने का मामला सामने आया है। नकाबदोशी लुटेरों ने दुकान के अंदर घुसकर एक फायर किया और दुकान के बाहर करीब तीन फायर किए। दुकान के बाहर भीड़ इकठी हुई तो लुटेरे  मौके से फरार हो गए।

    डेराबस्सी निवासी गुरिंदर पाल सिंह ने बताया कि करीब 9:30 बजे वह अपनी दुकान बंद करने लगा था। तभी अचानक करीब तीन युवक दुकान के अंदर दाखिल हुए और उनमे से एक युवक ने पिस्तौल निकाल ली। इस दौरान लुटेरों ने  दीवार पर एक फायर किया। गोली की आवाज़ सुनकर बाहर भीड़ इकट्ठी हो गई। जिसके बाद आरोपी दुकान के बाहर चले गए और तीन हवाई फायर कर मौके से आरोपी फरार हो गए।

    घटना की सुचना मिलते ही एसएचओ चंडी मंदिर पृथ्वी सिंह वह पंचकूला के एसीपी और आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। सीन ऑफ क्राइम टीम ने मौके से गोली के खोल भी बरामद करके अपने कब्जे में लिए। यह घटना दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस न ने  सीसीटीवी की वीडियो फुटेज के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

  • शंभू बॉर्डर पर GRP सब इंस्पेक्टर की मौ+त

    अंबालाः किसानों के दिल्ली कूच के दौरान शंभू बॉर्डर पर आंसू गैस के प्रभाव से पानीपत जीआरपी में तैनात सब इंस्पेक्टर हीरालाल की मौत हो गई। वह पानीपत की समालखा चौकी में तैनात थे और किसानों के दिल्ली कूच के आह्वान के बाद शंभू बॉर्डर पर फोर्स के साथ गए थे। हीरालाल की मौत पर परिवार में मातम छा गया। मूल रूप से चुलकाना गांव निवासी हीरालाल (52) जीआरपी में सब इंस्पेक्टर थे। उनकी समालखा जीआरपी चौकी में ड्यूटी थी। परिजनों ने बताया कि हीरालाल को तीन-चार तीन पहले समालखा चौकी से अंबाला भेजा गया था।

    उनकी ड्यूटी शंभू बॉर्डर पर लगाई गई थी। वहां माेर्चा संभाले हुए थे। बताया जा रहा है कि हीरालाल को आंसू गैस चढ़ गई। उनको अंबाला के नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां वीरवार देर शाम को उनकी मौत हो गई। परिवार के सदस्य सूचना मिलते ही अंबाला पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन पैतृक चुलकाना गांव में शव का अंतिम संस्कार करेंगे। सब इंस्पेक्टर हीरालाल मूल रूप से पानीपत के चुलकाना गांव हैं। वे समालखा में परिवार के साथ रहते थे। उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिवार व गांव में मातम छा गया।

    परिजन सूचना मिलते ही अंबाला पहुंचे। उनका पैतृक गांव चुलकाना में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। सूरत पाल सिंह, प्रभारी ने बताया कि सब इंस्पेक्टर हीरालाल को तीन-चार दिन पहले अंबाला मुख्यालय भेजा गया था। मुख्यालय से उनकी ड्यूटी किसानों के दिल्ली कूच आंदोलन में लगी थी। उनको शुक्रवार को हीरालाल की मौत की सूचना मिली है। जीआरपी पीड़ित परिवार के साथ है। 

  • शंभू बॉर्डर पर हुआ टकराव, निहंग को लगी गोली

    अंबालाः किसान शंभू बॉर्डर पर वीरवार को दिन भर शांति के बाद देर रात जहां एक और किसान नेताओं और केंद्रिय मंत्रियों के बीच बैठक चल रही है वहीं शंभू सीमा पर एक बार फिर टकराव की स्थिती बन गई है। निहंग सिख की पीठ में रबर की गोली लगी है। वह अस्पताल में उपचाराधीन है। पुलिस फोर्स ने आंसू गैस के गोले दागे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ निहंग घग्गर के पुल पर बैरिकेड के पास जाकर पुलिसकर्मियों को ललकार रहे थे। समझाने पर नहीं माने तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट का प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा है।

    इससे पहले अंबाला में शंभू बॉर्डर पर बुधवार देर शाम को अंधेरा होने के बाद किसान शांत हो गए थे और ट्रैक्टर-ट्रालियों में चले गए थे। इस बीच रात को करीब 11 बजे अचानक कुछ किसान बॉर्डर के समीप पहुंचे। इतने में किसानों को समीप आते देखकर पुलिस ने उन्हें पीछे हटने के लिए अनाउंसमेंट की लेकिन वे नहीं मानें। इस पर किसानों व जवानों में अचानक रात को एक बार फिर टकराव की स्थिति बन गई। पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले दागे गए तो किसानों ने भी पथराव किया।

    दरअसल, बुधवार को दोपहर के समय टकराव के दौरान कुछ युवा किसान ट्रैक्टर लेकर आगे बढ़ रहे थे। आंसू गैस के हमलों व रबर की गोलियों के बावजूद यह ट्रैक्टर हरियाणा पुलिस नाके के बेहद करीब पहुंच गया था। ऐसे में जबरदस्त टकराव के बाद किसान ट्रैक्टर छोड़कर वापस लौट गए थे। बताया जा रहा है कि रात के समय पुलिस नाके से चंद कदम की दूरी पर फंसे ट्रैक्टर को वापस ले जाने का कुछ किसान प्रयास कर रहे थे। तभी सुरक्षाबलों ने उन्हें नजदीक आने से मना किया और नहीं मानने के बाद टकराव शुरू हो गया। तनातनी के बीच करीब एक घंटे तक जोरमाइश चली, जिसके बाद किसान पीछे हटे। हालांकि वह ट्रैक्टर को नहीं निकाल पाए। वीरवार को भी ट्रैक्टर वहीं खड़ा रहा।

  • HIV पॉजिटिव संक्रमित युवक ने अस्पताल में किया हंगामा

    पानीपतः एचआईवी पॉजिटिव एक युवक ने जिला नागरिक अस्पताल में जमकर उत्पात मचाया। वह अपने खून की संक्रमित सुई लेकर स्टाफ नर्सों के पीछे दौड़ पड़ा। युवक शहर के नूरवाला क्षेत्र का बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि परिवार द्वारा उपेक्षित होने के बाद युवक मानसिक रूप से भी परेशान है। युवक ने डॉक्टर को भी सिरिंज मारने का प्रयास किया। कर्मचारियों ने युवक को काफी मशक्कत के बाद पकड़कर लेटाया। डॉक्टरों ने उसे समझाया तो वह रोने लगा और आपबीती सुनाई।

    वह आश्वासन के बाद कुछ शांत हुआ। घटना मंगलवार रात की है। दरअसल नूरवाला का 22 साल का युवक चिकन कॉर्नर चलाता था। उसके पिता की तीन साल पहले मौत हो गई थी। डेढ़ साल पहले युवक की तबीयत बिगड़ी तो उसने नागरिक अस्पताल में अपनी जांच कराई। वह इसमें एचआईवी पॉजिटिव पाया गया। उसने खुद कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से अपना छह माह तक इलाज कराया। उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली। माता-पिता ने उसे घर से निकालकर संपत्ति से बेदखल कर दिया। युवक फुटपाथ पर सो कर अपना जीवन व्यतीत करने लगा। उसको समाज की उपेक्षा का सामना करना पड़ा। युवक उसको एड्स रोगी बोलकर चिढ़ाने लगे। उसको इसी झगड़े में चार माह जेल में भी रहना पड़ा। अब वो एक माह पहले से बाहर आया था।

    मंगलवार को उसके सौतेले पिता ने उसकी डंडों से पिटाई कर दी। युवक रोते हुए इलाज कराने नागरिक अस्पताल में पहुंचा। यहां कर्मचारियों ने उसे बेड पर लेटा दिया। वो समाज की उपेक्षा पर चिल्ला चिल्लाकर रो रहा था। उसने मिनी ऑपरेशन थियेटर में जाकर सिरिंज उठाई और अपनी बाजू में मारी। फिर इस सिरिंज को लेकर वो स्टाफ नर्सों व कर्मचारियों के पीछे दौड़ा। स्टाफ नर्स कमरे में घुस गई कर्मचारी बर्न वार्ड की और भाग गए। युवक ने यहां जमकर हुड़दंग मचाया। सुरक्षाकर्मियों ने उसको किसी तरह से काबू किया। डॉ. सुखदीप कौर ने बताया कि रात को इलाज कराने नागरिक अस्पताल में आया था। वो मानसिक रूप से काफी परेशान हो चुका है। उसकी पारिवारिक समस्याएं भी हैं। युवक ने कई कर्मियों को सिरिंज माने का प्रयास किया है। पुलिस को इसकी सूचना दी गई है। समाज से डॉक्टरों की ओर से ये ही अपील है कि वो ऐसे रोगियों की उपेक्षा न करें। ये भी हमारे समाज का हिस्सा हैं।

  • कल फिर होंगे टोल फ्री, किसान नेता ने किया ऐलान

    अंबालाः किसानों के दिल्ली कूच का आज तीसरा दिन है। मंगलवार को शंभू बॉर्डर पर हुए बवाल के बाद बुधवार को भी तनाव की स्थिति बनी रही। शाम को तय हुआ कि वीरवार शाम पांच बजे एक बार फिर केंद्र किसानों से बात करेगा। वहीं अब भारतीय किसान यूनियन चढूनी कल हरियाणा में 3 घंटे टोल फ्री करेगी। गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि पश्चिमी यूपी में भी टोल फ्री करवाए जाएंगे। 17 फरवरी को भारतीय किसान यूनियन ट्रैक्टर मार्च निकालेगी।

    कुरुक्षेत्र के चढूनी गांव में भारतीय किसान यूनियन की बैठक में यह फैसला लिया जाएगा। वहीं हरियाणा पंजाब के शंभू बॉर्डर पर किसान यूनियन अब भटके हुए आंदोलन को राह दिखाने में जुट गई है। सुबह 10 बजे से बॉर्डर पर दोनों तरफ शांति बनी हुई है। यूनियन की तरफ से दो दिन से आगे बढ़कर टकराव कर रहे युवा किसानों को पीछे किया गया है। बुजुर्ग किसान खुद हाथ में झंडे लेकर बॉर्डर पर मोर्चा संभाले हैं। जब तक वार्ता नहीं हो जाती है तब तक शांति बनी रहेगी।

  • किसानों के दिल्ली कूच को लेकर CM खट्टर का आया बड़ा बयान, देखें वीडियो

    अंबालाः किसानों ने 13 फरवरी को दिल्ली की ओर कूच करने का ऐलान किया है, उनकी सारी मांगें हरियाणा से नहीं बल्कि केंद्र सरकार से हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि हरियाणा सरकार ने किसानों के हित में कई अहम फैसले लिए हैं। हरियाणा में किसानों के हित में कई योजनाएं चल रही हैं। हरियाणा सरकार 14 फसलों की खरीद कर रही है, वहीं पंजाब की बात करें तो धान और गेहूं की फसल की भी खरीद केंद्र सरकार कर रही है। पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के राम मंदिर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान के मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि इससे साफ है कि राजनीति की जा रही है।

    हरियाणा सरकार का काम कानून व्यवस्था बनाए रखना है। पिछले किसान आंदोलन के दौरान लाल किले पर जो हुआ वह सबने देखा। मौजूदा किसान आंदोलन पर सियासत जारी है। उन्होंने आप सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी चाहती तो किसानों को रोक सकती थी। किसान ट्रैक्टर के साथ कई अन्य सामान भी लेकर जा रहे हैं। बातचीत से मसले सुलझाये जा सकते हैं। लोकतांत्रिक तरीके से सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है। पिछली बार भी यह आंदोलन एक साल तक चला था जिससे हरियाणा के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।