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  • ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरों की तर्ज पर करवाए जा रहे हैं विकास कार्य – डिप्टी स्पीकर

    ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरों की तर्ज पर करवाए जा रहे हैं विकास कार्य – डिप्टी स्पीकर

    चण्डीगढ़ : हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में जींद में विकास कार्यों को अभूतपूर्व गति मिली है। जिले में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समान रूप से विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे आमजन को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। डॉ. मिड्ढा आज जींद में आयोजित जनता दरबार में क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न गांवों और शहर से आए नागरिकों की शिकायतों एवं मांगों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। कई समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के त्वरित निपटान के लिए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

    उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली, सिंचाई तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में अनेक विकास कार्य करवाए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरों की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गांवों में सड़क निर्माण, गलियों का सुदृढ़ीकरण, जल निकासी व्यवस्था, सामुदायिक भवनों तथा अन्य जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जा रहा है।

  • हरियाणा सरकार ने व्यापारियों के हित में लिया एक और निर्णय

    हरियाणा सरकार ने व्यापारियों के हित में लिया एक और निर्णय

    चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने व्यापारी वर्ग को बहुत बड़ी राहत देते हुए एक ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रदेश के व्यापारियों के लंबे समय से लंबित पड़े टैक्स मामलों के स्थाई और त्वरित निपटान के लिए सरकार ने आधिकारिक तौर पर ‘एकमुश्त निपटान योजना-2026’ को लागू करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम से राज्य के व्यापारिक समुदाय को अदालती मुकदमों और पुराने टैक्स विवादों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सकेगी, जिससे प्रदेश में व्यापार करने की सुगमता को और बढ़ावा मिलेगा।

    एक सरकारी प्रवक्ता ने इस योजना के क्रियान्वयन और समय-सीमा की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह विशेष राहत योजना आज यानी 1 जून 2026 से शुरू होकर आगामी 28 सितंबर 2026 तक प्रभावी रूप से लागू रहेगी। उन्होंने इस बात पर भी विशेष बल दिया कि हरियाणा सरकार की यह नीति पहले भी व्यापारियों के बीच बेहद लोकप्रिय और सफल रही है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि वर्ष 2025 में भी प्रदेश के रिकॉर्ड 1,15,223 व्यापारियों ने इस योजना का भरपूर लाभ उठाया था और अपने पुराने कर विवादों को सुलझाया था।

    छोटे और बड़े करदाताओं को मिलने वाली वित्तीय राहत को लेकर सरकार ने इस बार और भी ज्यादा उदार और सरल प्रावधान किए हैं। इस योजना के सबसे महत्वपूर्ण पहलू को रेखांकित करते हुए प्रवक्ता ने बताया कि जिन छोटे करदाताओं पर किसी भी वित्तीय वर्ष में 1 लाख रुपये तक का टैक्स बकाया है, उनका कर, ब्याज और जुर्माना बिना किसी आवेदन के स्वतः (ऑटोमेटिकली) माफ कर दिया जाएगा, यानी उन्हें किसी भी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही, हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत जिन व्यापारियों का बकाया 1 लाख रुपये से अधिक का है, उनके मामलों में सरकार द्वारा 70 प्रतिशत तक टैक्स छूट का एक बेहतरीन प्रावधान किया गया है।

    प्रवक्ता ने आगे बताया कि व्यापारियों को आर्थिक संबल देने के लिए इसमें और भी कई बड़ी सहूलियतें जोड़ी गई हैं। इस योजना के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र मामलों में व्यापारियों को ब्याज और जुर्माने में पूरे 100 फीसदी की भारी छूट दी जाएगी, जिससे उनकी वर्षों पुरानी बड़ी देनदारियां बेहद कम हो जाएंगी। इतना ही नहीं, सरकार ने व्यापारियों की नकदी की समस्या और व्यावहारिक दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए यह भी बड़ी राहत दी है कि वे अपनी अंतिम निपटान राशि का भुगतान एक साथ करने के बजाय आसान किस्तों में भी कर सकेंगे।

    सरकार का यह निर्णय किसी एक सीमित क्षेत्र के लिए नहीं है, बल्कि इसका दायरा बेहद व्यापक रखा गया है। इस पूरी योजना के तहत हरियाणा सरकार के कुल 7 टैक्स अधिनियमों के तहत आने वाले तमाम लंबित मामलों का निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। हरियाणा सरकार अपने राज्य के व्यापारियों को देश की आर्थिक तरक्की की रीढ़ मानती है, और प्रवक्ता के अनुसार यह ‘एकमुश्त निपटान योजना-2026’ राज्य के व्यापारी भाई-बहनों को पुराने करों के मानसिक और आर्थिक बोझ से मुक्त कर उन्हें निर्बाध रूप से आगे बढ़ने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगी। सरकार ने सभी पात्र व्यापारियों से अपील की  है कि वे समय रहते 28 सितंबर से पहले इस योजना का लाभ अवश्य उठाएं।

  • प्रदेश में तीन नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने की प्रशासनिक मंजूरी मिली 

    प्रदेश में तीन नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने की प्रशासनिक मंजूरी मिली 

    चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आमजन तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के तीन अलग-अलग जिलों में नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत गुरुग्राम, भिवानी और हिसार जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिससे स्थानीय आबादी को सीधे तौर पर आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। सरकार के इस निर्णय के अनुसार गुरुग्राम जिला के गांव घामडोज में एक नया उप-स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा, जबकि भिवानी जिला के गांव धनाना तथा हिसार जिला के गांव सिसाय बोला में एक-एक नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्थापना की जाएगी। इन केंद्रों के बनने से आसपास के दर्जनों गांवों की निर्भरता बड़े शहरों के अस्पतालों पर कम होगी।

    हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज या आपातकालीन स्थिति में दूरदराज के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि उन्हें उनके घर के नजदीक ही बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकें। स्वास्थ्य मंत्री ने आगे जोड़ा कि इन नए सामुदायिक और उप-स्वास्थ्य केंद्रों के खुलने से  स्थानीय स्तर पर मुफ्त दवाएं, जांच और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। सरकार का लक्ष्य आगामी दिनों में ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक मजबूत करना है ताकि ‘स्वस्थ हरियाणा’ के संकल्प को धरातल पर उतारा जा सके।

  • मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक संपन्न, 16 में से 13 मामलों का हुआ समाधान

    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक संपन्न, 16 में से 13 मामलों का हुआ समाधान

    चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अधिकारी जन शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। सरकार की प्राथमिकता आम नागरिकों को त्वरित राहत प्रदान करना है, इसलिए प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय सीमा में उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी जनता के साथ संवाद बनाए रखें और समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक एवं जवाबदेह दृष्टिकोण अपनाएं, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बन सके। मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, सोहना विधायक श्री तेजपाल तंवर, गुरुग्राम के विधायक श्री मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 16 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 13 का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि 03 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।

    सड़क सुधार कार्यों में समन्वय से कार्य करें सभी विभाग : मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के दौरान गुरुग्राम की सड़क व्यवस्था और आधारभूत ढांचे से संबंधित शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने एचएसआईआईडीसी, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम गुरुग्राम तथा जीएमडीए के अधिकारियों से विभागवार जानकारी लेते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति पर जवाब तलब किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को केवल प्राप्त शिकायतों के आधार पर ही नहीं, बल्कि क्षेत्र का नियमित निरीक्षण कर स्वयं भी उन स्थानों की पहचान करनी चाहिए जहां सड़क मरम्मत या पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि नागरिकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक सड़क सुधार कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि राज्य सरकार की ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसी भी सड़क संबंधी समस्या का शीघ्र निवारण हो सके और आमजन को बेहतर एवं सुरक्षित यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

    धोखाधड़ी से मकान हड़पने के मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश

    बैठक में लक्ष्मण विहार निवासी एक महिला शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी व्यथा रखते हुए बताया कि एक फाइनेंसर ने ऋण के लेनदेन के दौरान विश्वास का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी से उनके मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह बकाया राशि लौटाने के लिए तैयार है, लेकिन इसके बावजूद फाइनेंसर मकान पर कब्जा बनाए हुए है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान तैनात रहे संबंधित तहसीलदार की भूमिका की भी जांच कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। साथ ही मुख्यमंत्री ने फाइनेंसर के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने तथा मकान को कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए।

    सेक्टर 4 की समस्याओं की विस्तृत रिपोर्ट बनाने के दिए निर्देश

    बैठक में सेक्टर-4 निवासी एक शिकायतकर्ता ने क्षेत्र में जलभराव, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेक्टर-4 में मौजूद सभी प्रमुख समस्याओं का व्यापक सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सीएम विंडो के एमिनेंट पर्सन को भी निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को बंद करने से पूर्व शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। शिकायतकर्ता की सहमति और संतुष्टि प्राप्त होने के बाद ही शिकायत के निस्तारण को अंतिम रूप दिया जाए, ताकि आमजन को वास्तविक राहत मिल सके और शिकायत निवारण प्रणाली पर उनका विश्वास और मजबूत हो।

     
  • युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए हर वर्ग की भागीदारी जरूरी

    युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए हर वर्ग की भागीदारी जरूरी

    चंडीगढ़ : राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर नशे के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संस्थान के विद्यार्थियों ने तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों को दर्शाते हुए सामाजिक चेतना जगाई। इसके साथ ही, अगद तंत्र विभाग से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनीता यादव ने अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीज व उनके परिजनों तथा संस्थान के कर्मचारियों को नशे का सेवन न करने और दूसरों को जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

    डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। परिवार, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को मिलकर जन जागरूकता अभियान चलाने होंगे, ताकि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि संस्थान के अगद तंत्र विभाग में नशे के आदी लोगों के उपचार सुविधा उपलब्ध है। आयुर्वेदिक चिकित्सा, परामर्श और जीवनशैली सुधार के माध्यम से मरीजों को नशे की लत से बाहर निकालने का प्रयास किया जाता है। प्रोफेसर प्रह्लाद रघु ने आह्वान किया कि कि नशे की समस्या को छिपाने के बजाय उसे छोड़ने के लिए विशेषज्ञों की सहायता लें और नशामुक्त, स्वस्थ एवं सकारात्मक समाज के निर्माण में अपना योगदान दें, क्योंकि उपचार का उद्देश्य केवल नशा छुड़ाना ही नहीं, बल्कि व्यक्ति को स्वस्थ कर उसे समाज की मुख्य धारा से दोबारा जोड़ना है। अगद तंत्र विभाग से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनीता ने बताया कि नुक्कड़ नाटक में माध्यम से विद्यार्थियों ने दिखाया कि किस प्रकार नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। नाटक के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

  • इग्नू में जुलाई 2026 सत्र के लिए प्रवेश प्रारम्भ

    इग्नू में जुलाई 2026 सत्र के लिए प्रवेश प्रारम्भ

    चंडीगढ़ : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जुलाई 2026 प्रवेश सत्र के लिए विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र करनाल के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्म पाल ने बताया कि इग्नू देश का सबसे बड़ा मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा विश्वविद्यालय है, जो गुणवत्तापूर्ण, लचीली एवं किफायती शिक्षा के माध्यम से लाखों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ रहा है।

    उन्होंने बताया कि हाल ही में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के लिए इग्नू में अनेक आकर्षक कार्यक्रम उपलब्ध हैं। इनमें बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीएजी), बैचलर ऑफ कॉमर्स (बीकॉम), बैचलर ऑफ साइंस (बीएससी), बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए), बैचलर ऑफ सोशल वर्क (बीएसडब्ल्यू), बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस (बीलिस) तथा विभिन्न विषयों में ऑनर्स डिग्री कार्यक्रम प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त प्रबंधन, शिक्षा, पर्यटन, ग्रामीण विकास, पत्रकारिता, स्वास्थ्य, कंप्यूटर, पर्यावरण, योग, संस्कृत, उर्दू, उद्यमिता, साइबर सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा एवं भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे क्षेत्रों में भी अनेक रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

    डॉ. धर्म पाल ने बताया कि इग्नू लगभग 350 से अधिक प्रमाणपत्र, डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों, नौकरीपेशा व्यक्तियों, महिलाओं, ग्रामीण युवाओं, दिव्यांगजनों, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से वंचित वर्गों तथा दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक उच्च शिक्षा पहुंचाना है। इच्छुक विद्यार्थी जुलाई 2026 प्रवेश सत्र के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल https://ignouadmission.samarth.edu.in/ के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विभिन्न कार्यक्रमों की पात्रता, अवधि, शुल्क, अध्ययन माध्यम एवं अन्य विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इग्नू के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिलों की अंतिम तिथि 15 जुलाई है।

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 312 ईआरवी वाहनों को दिखाई हरी झंडी

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 312 ईआरवी वाहनों को दिखाई हरी झंडी

    चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को गुरुग्राम के लेजर वैली पार्क में आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा पुलिस के लिए 312 इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल्स (ईआरवी) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों में 310 मोटरसाइकिलें और 2 होंडा एलिवेट गाड़ियां शामिल हैं, जिन्हें होंडा इंडिया फाउंडेशन ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से उपलब्ध कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रदेश में जन सुरक्षा को और मजबूत बनाने के साथ-साथ आपात स्थिति में लोगों तक शीघ्र सहायता पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। नई ईआरवी के माध्यम से पुलिस की पहुंच बढ़ेगी और संकट की स्थिति में लोगों को पहले से अधिक तेजी से सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि तकनीक और संसाधनों से सुसज्जित पुलिस व्यवस्था ही नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करती है।

    मुख्यमंत्री ने हरियाणा पुलिस के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि देश में पुलिस का औसत रिस्पांस टाइम लगभग 18 मिनट है, जबकि हरियाणा पुलिस ने इसे घटाकर मात्र 7 मिनट 3 सेकंड तक पहुंचा दिया है। यह उपलब्धि पुलिस विभाग की प्रतिबद्धता, बेहतर प्रबंधन और आधुनिक कार्यप्रणाली का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जनता को समय पर सहायता उपलब्ध कराना ही सुशासन का वास्तविक स्वरूप है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम को 60 मोटरसाइकिलें और एक होंडा एलिवेट गाड़ी, फरीदाबाद को 40 मोटरसाइकिलें और एक होंडा एलिवेट गाड़ी उपलब्ध करवाई गई है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के अन्य जिलों को 210 मोटरसाइकिलें दी गई हैं। इन वाहनों को विभिन्न संवेदनशील और प्रमुख क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस सहायता कम से कम समय में उपलब्ध हो सके।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी भी सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों से जनहित के कार्यों को नई गति मिलती है और यह पहल भी उसी सोच का उदाहरण है। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि नई ईआरवी के शामिल होने से हरियाणा पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि ये वाहन किसी भी सूचना पर तेजी से घटनास्थल तक पहुंचने में सक्षम होंगे, जिससे लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना और अधिक आसान होगा।

    पुलिस आयुक्त शिवास कविराज ने कहा कि आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित ये वाहन पुलिसिंग को और प्रभावी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि मोटरसाइकिल आधारित ईआरवी भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संकरी गलियों में तेजी से पहुंचकर आपात स्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी तथा नागरिकों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने में सहायक साबित होंगी। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक बिमला देवी, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, एचएमएसआई के सीनियर डायरेक्टर एवं होंडा इंडिया फाउंडेशन के ट्रस्टी विनय ढींगरा, एचएमएसआई की डायरेक्टर सचिमी ताकाता, एचएमएसआई के डायरेक्टर एवं सीएफओ तोयोहिरो हाबा तथा होंडा इंडिया फाउंडेशन के ऑपरेटिंग ऑफिसर राजीव तनेजा सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • CM नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम से राज्यव्यापी योग अभ्यास अभियान का किया शुभारंभ

    CM नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम से राज्यव्यापी योग अभ्यास अभियान का किया शुभारंभ

    चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि भारत की महान सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है, जिसने हजारों वर्षों से मानवता को संतुलित, स्वस्थ और आध्यात्मिक जीवन की राह दिखाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने योग को विश्व पटल पर स्थापित किया और आज पूरी दुनिया इसे अपना रही है। योग हमारे ऋषि-मुनियों और साधकों की अमूल्य देन है, जिसका वैश्विक स्तर पर सम्मान और अभिनंदन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित महाराणा प्रताप स्वर्ण जयंती पार्क (लेजर वैली) में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित राज्यव्यापी योग अभ्यास अभियान के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित योग साधकों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, नलवा के विधायक रणबीर पनिहार उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर अभियान का शुभारंभ करने उपरांत अपने संबोधन में कहा कि योग किसी धर्म या संप्रदाय से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि मानवता की एक वैज्ञानिक और आध्यात्मिक धरोहर है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखे गए प्रस्ताव को रिकॉर्ड 177 देशों का समर्थन मिला और 21 जून, 2015 को पहली बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। तब से योग का वैश्विक विस्तार निरंतर बढ़ रहा है और करोड़ों लोग इससे जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि “खेलेगा भारत तो खिलेगा भारत” और “योग की डोज, आधा घंटा रोज” जैसे संदेश आज के समय की आवश्यकता हैं। योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर हम स्वस्थ, ऊर्जावान और सकारात्मक जीवन जी सकते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने इस वर्ष 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को भव्य और व्यापक स्तर पर मनाने का निर्णय लिया है। 1 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में जिला, उपमंडल, ब्लॉक, वार्ड और ग्राम पंचायत स्तर पर योग शिविर आयोजित किए जाएंगे। राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम 21 जून को पंचकूला में आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ है, जो आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। आधुनिक जीवनशैली ने जहां अनेक सुविधाएं प्रदान की हैं, वहीं तनाव, अनिद्रा, अनियमित खान-पान और मानसिक अशांति जैसी समस्याएं भी बढ़ी हैं। ऐसे समय में योग शरीर को निरोगी, मन को स्थिर और जीवन को संतुलित बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार की थीम ‘योग युक्त, नशा मुक्त हरियाणा’ है। प्रदेश के युवाओं को योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से योग को अपनाने और नशे से दूर रहने का आह्वान भी किया।

    मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे 21 जून तक आयोजित होने वाले योग कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें तथा हरियाणा को देश का सबसे स्वस्थ, जागरूक और खुशहाल राज्य बनाने के संकल्प में सहभागी बनें। इस अवसर पर हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य ने विभिन्न योग क्रियाओं के लाभ बताते हुए मुख्यमंत्री  नायब सिंह तथा हज़ारो योग साधकों को सामूहिक योगाभ्यास कराया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, मंडलायुक्त रवि प्रकाश गुप्ता, सीपी शिवास कविराज, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, योग प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में योग साधक उपस्थित रहे।

       
  • मन की बात’ देश को जोड़ने और प्रेरित करने का सशक्त माध्यम   

    मन की बात’ देश को जोड़ने और प्रेरित करने का सशक्त माध्यम  

    चंडीगढ़ : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि “देश हमारा है, इसे आगे बढ़ाने के लिए हमें स्वयं आगे आना होगा, यही ‘मन की बात’ कार्यक्रम का मूल उद्देश्य है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम अत्यंत प्रेरणादायक है, जिसने पूरे देश को एक सूत्र में बांधा है। विज आज अंबाला छावनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने एवं देखने के उपरांत मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे।

    विज ने कहा कि प्रधानमंत्री प्रत्येक माह ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों से सीधे संवाद करते हैं और विभिन्न क्षेत्रों में हो रही उपलब्धियों तथा सकारात्मक प्रयासों की जानकारी साझा करते हैं। उन्होंने बताया कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों गुरविंद्र सिंह और अन्वेष से दूरभाष पर बातचीत कर उनकी खेल उपलब्धियों की सराहना की तथा उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चयनित होने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विज ने कहा कि उनकी उपलब्धियां अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और वे भी सकारात्मक ऊर्जा के साथ अपने खेल में आगे बढ़ेंगे।

    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी के मौसम में स्वयं को सुरक्षित रखने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की। उन्होंने देसी पेय पदार्थों के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि लस्सी, आम पन्ना तथा आम से बने अन्य पारंपरिक पेय पदार्थ स्वास्थ्यवर्धक हैं और देश में आसानी से उपलब्ध हैं। कार्यक्रम के दौरान खगोल विज्ञान (एस्ट्रोनॉमी) के विषय पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि भारत में विज्ञान और खगोल विज्ञान का ज्ञान अत्यंत प्राचीन और समृद्ध रहा है। आज की युवा पीढ़ी छोटे-छोटे विज्ञान क्लब बनाकर इस ज्ञान को आगे बढ़ा रही है और समाज में वैज्ञानिक जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और जल शुद्धिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रकाश डाला। एक गांव का उदाहरण देते हुए बताया गया कि वहां के युवाओं ने एक छोटी नदी, जो गंदगी और गाद से भर चुकी थी, को साफ कर उसका पुराना स्वरूप वापस दिलाया और उसे स्वच्छ बनाया। विज ने कहा कि यह हम सभी के लिए प्रेरणा का विषय है और यह संदेश देता है कि “देश हमारा है, इसे आगे बढ़ाने के लिए हमें स्वयं आगे आना होगा।”

     
  • पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक 

    पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक 

    चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी आपस में मिली हुई हैं और दोनों की विचारधारा एक जैसी है। पंजाब में हुए निकाय चुनावों में जिस प्रकार कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई गईं, उसने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बैलट पेपर से चुनाव करवाकर पंजाब सरकार ने यह साबित कर दिया कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी हार से डरी हुई थी।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को कपूरथला पहुंचे, जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पंजाब सरकार ने जनता से बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन उन्हें पूरा करने में विफल रही। जनता अब समझ चुकी है कि केवल घोषणाएं करने और सब्जबाग दिखाने से विकास नहीं होता। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार को जनता को यह बताना चाहिए कि चुनावों के दौरान किए गए वादों में से आखिर कितने वादे पूरे किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विकास कार्यों के नाम पर अपेक्षित कार्य नहीं हुए और कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब हुई है। पंजाब में गैंगस्टरवाद को बढ़ावा मिला, जिससे आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।

    उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा नशे के खिलाफ चलाई गई ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ मुहिम भी अपेक्षित परिणाम देने में असफल रही है। युवाओं को नशे से बचाने और नशे की समस्या को खत्म करने के लिए ठोस कार्रवाई की बजाय केवल प्रचार पर अधिक ध्यान दिया गया। सरकार को इस दिशा में गंभीर प्रयास करने चाहिए थे, लेकिन धरातल पर अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दिए। हरियाणा की डबल इंजन सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं को दी गति

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में डबल इंजन सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने का कार्य किया है। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के साथ राज्य सरकार की चिरायु योजना को जोड़कर प्रदेश के लाखों परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिया गया है। गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विकासपरक नीतियों पर विश्वास जता रही है तथा आने वाले समय में पंजाब में कमल खिलाने का कार्य करेगी। जनता विकास, सुशासन और जवाबदेही की राजनीति चाहती है तथा केवल वादों से अब संतुष्ट नहीं होगी।