Category: Government News|Haryana

  • अंगदान करने वाले परिवारों का कर्ज कभी नहीं उतार पाएगा समाज

    अंगदान करने वाले परिवारों का कर्ज कभी नहीं उतार पाएगा समाज

    चंडीगढ़ : हरियाणा की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान और आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने बुधवार को चंडीगढ़ में पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पीजीआईएमएस रोहतक के चिकित्सा अधीक्षक, सोटो हरियाणा और अंग प्रत्यारोपण टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल, सोटो हरियाणा की पूरी टीम और ट्रांसप्लांट सर्जनों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि इनके अथक प्रयासों से हरियाणा आज अंगदान के क्षेत्र में देश का आदर्श राज्य बन रहा है।

    आरती सिंह राव ने पीजीआईएमएस रोहतक के कुलपति डॉ एच के अग्रवाल,समर्पित डॉक्टरों, सर्जनों, सोटो हरियाणा की पुरी टीम,नर्सिंग स्टाफ, और पूरी मेडिकल टीम को ब्रेन-डेड दाताओं के अंग प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह नेक कार्य कई लोगों के जीवन को बचा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने विशेष रूप से उस केस का जिक्र किया जिसमें पीजीआईएमएस रोहतक की टीम ने आर्मी हेलीकॉप्टर से किडनी को चंडीमंदिर स्थित आर्मी कमांड हॉस्पिटल पहुंचाया था। उन्होंने कहा कि समय पर ट्रांसप्लांट होने से एक जवान की जान बच गई। उन्होंने कहा कि मेडिकल टीम, प्रशासन और सशस्त्र बलों के बीच यह अनुकरणीय तालमेल मानवता की सेवा की भावना को दिखाता है। यह सिर्फ अंगदान नहीं, राष्ट्र सेवा है।

    आरती सिंह राव ने कहा कि डॉ अग्रवाल की टीम ने पीजीआईएमएस ने पिछले दो महीनों में 5 सफल अंगदान करवाकर नया कीर्तिमान बनाया है। सोटो हरियाणा की काउंसलिंग टीम के शब्दों में वो ताकत है जो दुख में डूबे ब्रेन -डेड व्यक्ति के परिवार को भी अंगदान करने के लिए मना लेती है। उन्होंने कहा कि मौत अटल है, पर अंगदान से हम मौत को भी मात दे सकते हैं। अंगदान से बड़ा पुण्य कोई नहीं।स्वास्थ्य मंत्री  आरती राव ने अंगदान करने वाले सभी परिवारों को नमन किया। उन्होंने कहा कि जिस परिवार ने अपने कलेजे के टुकड़े को खोने के बाद भी दूसरों की भलाई के बारे में सोचा, वो परिवार नहीं, देवता समान है। अंगदान करने वाले सभी परिवारों का समाज  सात जन्मों में भी क़र्ज़ नहीं उतार पाएगा।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी अंगदान को महादान कहा है। उनकी प्रेरणा से हरियाणा में जागरूकता तेजी से बढ़ी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत में हर साल लाखो लोग अंगों के इंतजार में दम तोड़ देते हैं। ब्रेन डेड के परिवार की एक ‘हां’ 8 परिवारों के घर का चिराग दोबारा से जला सकती है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंर्ती  आरती सिंह राव ने डॉ. कुंदन मित्तल,चिकित्सा अधीक्षक,डॉ. सुखबीर सिंह,नोडल अधिकारी, सोटो,ट्रॉमा आईसीयू इंचार्ज डॉ. तरुण यादव ,डॉ. अंकुर गोयल, नेफ्रोलॉजिस्ट सर्जन डॉ. विवेक सिंह ठाकुर ,डॉ. गौरव पांडेय,दीप्ति खरब ,ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर, सोटो, राजेश कुमार, कंसल्टेंट आईईसी, सोटो,पीजीआईएमएस, रोहित, ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर को प्रशंसा -पत्र देकर सम्मानित किया।

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार

    चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित डेमू  ट्रेन हरियाणा को दिए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो भारत को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और भविष्य उन्मुख सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में नई पहचान दिलाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय रेल निरंतर आधुनिक तकनीक, हरित ऊर्जा और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हरियाणा को देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन मिलना इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार प्रदेश को भविष्य की तकनीकों और आधुनिक परिवहन सुविधाओं से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने कहा कि रेलवे बोर्ड द्वारा जींद-सोनीपत बीच  10 कोच वाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित डीपीआरएस 1200 किलोवाट डेमू ट्रेन के संचालन को मंजूरी प्रदान की गई है। यह ट्रेन 75 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से संचालित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना हरियाणा को देश में स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक रेल परिवहन तकनीक का अग्रणी केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नायब सिंह सैनी ने कहा कि हाइड्रोजन आधारित ट्रेनें भविष्य के परिवहन का मजबूत आधार बनेंगी। इससे न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि ग्रीन एनर्जी और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को भी नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास, तकनीक और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा यह परियोजना प्रदेश के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि  इससे हरियाणा में औद्योगिक विकास, निवेश, तकनीकी नवाचार और आधुनिक रेल नेटवर्क को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से नई तकनीक आधारित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और हरियाणा इस परिवर्तन का अग्रणी भागीदार बनकर उभर रहा है।

  • मुख्यमंत्री ने अमृतेश्वर महोत्सव एवं भजन संध्या में की शिरकत

    मुख्यमंत्री ने अमृतेश्वर महोत्सव एवं भजन संध्या में की शिरकत

    चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराएं समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं। आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में भाईचारे, सेवा और सकारात्मकता की भावना मजबूत होती है। मुख्यमंत्री मंगलवार देर सायं श्री अमृतेश्वर महोत्सव एवं भजन संध्या कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संत-महात्माओं का आशीर्वाद समाज को सही दिशा प्रदान करता है और युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहन दे रही है।

    भजन संध्या कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना एवं गौसेवा कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

    स्वामी सम्पूर्णानंद ब्रह्मचारी द्वारा आयोजित भजन संध्या में प्रसिद्ध गायक बी प्राक समेत कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सरोबार कर दिया । इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष श्री मोहन लाल कौशिक सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

  • बिजली कर्मचारियों की जान बचाना मेरी पहली प्राथमिकता

    बिजली कर्मचारियों की जान बचाना मेरी पहली प्राथमिकता

    चण्डीगढ़ : हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऊर्जा विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और किसी भी कर्मचारी का जीवन किसी भी मुआवजे से कहीं अधिक मूल्यवान है। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा, “मुझे कर्मचारियों की जिंदगी बचानी है, मैं मुआवजा देना नहीं चाहता, क्योंकि कर्मचारियों का सुरक्षित रहना ही मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के दौरान जब भी कोई दुर्घटना होती है, तो उसका दर्द केवल परिवार ही नहीं बल्कि पूरे विभाग और सरकार को भी होता है। इसी भावना के साथ ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने आज ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर्स यूनियन, हिसार के पदाधिकारियों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान उन्होंने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उन्हें सकारात्मक समाधान का आश्वासन दिया।

    सेफ्टी किट उपयोग के लिए दिया जाएगा सर्कलवार प्रशिक्षण- विज

    बैठक में श्री विज ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जोखिमपूर्ण कार्यों में लगे प्रत्येक कर्मचारी को आधुनिक सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी किट) अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं तथा इनका उपयोग सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों ने बैठक में अवगत कराया कि ऐसे सभी कर्मचारियों को सेफ्टी किट उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। इस पर ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि कर्मचारियों को सर्कल स्तर पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाए ताकि वे सुरक्षा उपकरणों का सही एवं प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में दिन-रात कार्य करते हैं और सरकार उनकी सुरक्षा, सुविधा तथा सम्मान के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। दो फीडरों से बिजली आपूर्ति लेने वाले डिफॉल्टर उपभोक्ताओं पर होगी कार्यवाही- विज

    बैठक के दौरान यूनियन पदाधिकारियों ने दो फीडरों से बिजली आपूर्ति लेने वाले डिफॉल्टर एवं घरेलू उपभोक्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई की मांग रखी, जिस पर श्री विज ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिजली कनेक्शन और आपूर्ति व्यवस्था पूरी पारदर्शिता एवं नियमों के अनुसार संचालित होनी चाहिए।

    बिजली चोरी रोकने पर चलेगा अभियान- विज

    ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी की समस्या पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। यूनियन पदाधिकारियों की मांग पर ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों और क्षेत्रों की जानकारी यूनियन द्वारा दी गई है, वहां विशेष अभियान चलाकर बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाती है बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं के अधिकारों का भी हनन करती है।

    रिस्क अलाउंस हेतू अन्य विभागों व अन्य राज्यों में किया जाएगा अध्ययन- विज

    बैठक में कर्मचारियों को रिस्क भत्ता देने की मांग भी उठाई गई, जिस पर ऊर्जा मंत्री ने ऊर्जा विभाग के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिए कि अन्य विभागों व अन्य राज्यों  में दिए जा रहे रिस्क अलाउंस का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की जाए ताकि इस विषय पर उपयुक्त निर्णय लिया जा सके। बैठक में ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक श्री बिक्रम सिंह सहित ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशंस वर्कर्स यूनियन, हिसार के चेयरमैन देवेन्द्र सिंह हुड्डा, प्रधान सुरेश राठी, कार्यवाहक महासचिव राजेन्द्र राणा, ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा यूनियन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

  • हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हलसा) ने पीजीआईएमईआर

    हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हलसा) ने पीजीआईएमईआर

    चंडीगढ़ : हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हलसा) ने एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया, जिसमें कुल 314 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश तथा हालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति दीपक सिबल के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में पंजाब राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की सदस्य श्रीमती किरण सिबल ने रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया।

    श्रीमती किरण सिबल ने स्वैच्छिक रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाते हुए रक्तदान के महत्व को एक महान मानवीय कार्य बताया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि रक्तदान केवल एक चिकित्सीय आवश्यकता नहीं है, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है और लोगों, विशेष रूप से युवाओं को आगे आकर इस तरह की जीवनरक्षक पहलों में नियमित रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने शिविर के आयोजन और समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने में हालसा और पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के प्रयासों की सराहना भी की। पंचकुला की पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता और अतिरिक्त उपायुक्त निशा ने भी इस अवसर पर उपस्थित होकर प्रतिभागियों को रक्तदान के लाभों के बारे में आम जनता में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। इस शिविर को चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. सुचेत सचदेव के नेतृत्व में 15-20 सदस्यों की एक समर्पित चिकित्सा टीम का सहयोग प्राप्त था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों, आईटीबीपी जवानों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों, आम जनता, सामाजिक संगठनों और अधिवक्ताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी और जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली, जो सामाजिक जिम्मेदारी और सामुदायिक सेवा की प्रबल भावना को दर्शाती है।

  • मुख्यमंत्री ने राज्य में निर्माणाधीन बड़ी विकास परियोजनाओं की समीक्षा की

    मुख्यमंत्री ने राज्य में निर्माणाधीन बड़ी विकास परियोजनाओं की समीक्षा की

    चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में एक उच्च स्तरीय ‘प्रगति’ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें राज्यभर में चल रही 75 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने प्रत्येक परियोजना का कार्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश देते हुए सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र की तीन बड़ी परियोजनाओं पर विशेष चर्चा हुई। फरीदाबाद सिविल अस्पताल में बनने वाले ‘मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल’ एवं सर्विस ब्लॉक के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इसका कार्य 28 प्रतिशत पूरा हो चुका है तथा यह परियोजना 18 जनवरी 2028 तक पूर्ण हो जाएगी। इसके साथ ही, सोनीपत सिविल अस्पताल परिसर में 138.12 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 100 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि इसका 20 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा यह परियोजना 19 अक्टूबर 2027 तक पूर्ण कर ली जाएगी। वहीं, असंध, करनाल में 76.19 करोड़ रुपये की लागत से 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण कार्य के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी कि इसका 25 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। पानीपत शुगर मिल में इथेनॉल प्लांट स्थापना को मंजूरी

    अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि सहकारिता विभाग के तहत पानीपत शुगर मिल्स में 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 90 KLPD क्षमता का नया मल्टी-फीड इथेनॉल प्लांट स्थापित करने को मंजूरी मिल गई है। इसकी निविदा प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए मामला हाई-पावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) के समक्ष भेजा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना वर्ष 2027-28 के दौरान पूर्ण हो जाएगी।

    अग्निशमन सेवा के आधुनिकीकरण और आपदा प्रबंधन को मिलेगा बल

    मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि अग्निशमन सेवा को आधुनिक बनाने के लिए जींद के खेड़ी मसानिया में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले फायर ट्रेनिंग सेंटर के लिए भूमि की रजिस्ट्री कराई जा चुकी है तथा ड्राइंग-डिजाइन तैयार करने के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि PWD (B&R) को हस्तांतरित कर दी गई है।इसके साथ ही, आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 120 करोड़ रुपये की लागत से 104 मीटर ऊंचे एरियल लैडर प्लेटफॉर्म की खरीद के लिए मंजूरी उपरांत संशोधित RFP सरकार को भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सभी परियोजनाओं में निर्धारित नियमों एवं समय-सीमा का पालन अनिवार्य है तथा किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

     

  • फील्ड में रह कर समस्याओं का समाधान करें अधिकारी : कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा

    फील्ड में रह कर समस्याओं का समाधान करें अधिकारी : कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा

    चंडीगढ़ : हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने दोनों विभागों के अधिकारियों को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि भीषण गर्मी के दौर में आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध करवाना तथा मानसून से पहले सड़क मरम्मत एवं निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में जितना हो सके, फील्ड में रह कर समस्याओं का समाधान करें। बकायदा उन्होंने इस संबंध में एक्सईएन, एसडीओ को लेकर भी निर्देश दिये है।

    साथ ही उन्होंने प्रदेशभर के उपायुक्त को पत्राचार करते हुए कहा कि प्रदेशभर में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी, जल संकट से संबंधित शिकायतों के समाधान, सड़कों की मरम्मत, गड्ढों को भरने तथा अन्य विकास कार्यों में लगातार जुटे हुए हैं। ऐसे समय में अधिकारियों का अधिक समय फील्ड में लगना आवश्यक है, ताकि लोगों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

    मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी ईंधन संरक्षण, अनावश्यक यात्राओं में कमी तथा वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार द्वारा भी तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने इसी उद्देश्य से सभी उपायुक्तों से आग्रह किया गया है कि वर्तमान गर्मी के मौसम में, जहां तक संभव हो, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण विभाग से संबंधित समीक्षा बैठकों का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया जाए। इससे अधिकारियों का अधिक समय फील्ड कार्यों में लगेगा, प्रशासनिक समय एवं ईंधन की बचत होगी तथा पेयजल एवं सड़क संबंधी कार्यों में और अधिक तेजी लाई जा सकेगी।

  • अनुसूचित जाति के लोगों के लिए मत्स्य पालन विभाग की विशेष योजना

    अनुसूचित जाति के लोगों के लिए मत्स्य पालन विभाग की विशेष योजना

    चंडीगढ़ : मत्स्य पालन विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के लोगों के लिए “डेवलपमेंट ऑफ शेड्यूल्ड कास्ट फैमिली अंडर फिशरीज सेक्टर स्पेशल कंपोनेंट योजना” के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के तहत अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को मछली पालन व्यवसाय से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य रखा गया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत पंचायत तालाब पट्टे पर लेने के लिए प्रथम वर्ष में पट्टा राशि का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर, जो भी कम हो, अनुदान के रूप में दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त द्वितीय एवं आगामी वर्षों में पट्टा राशि पर 40 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता प्रदान की जाएगी।

    रेहड़ी, जाल व खाद-खुराक पर भी सहायता

    मत्स्य पालन विभाग द्वारा अधिसूचित पानी में मछली पकड़ने के लिए ठेकेदारों को स्वीकृत बोली का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5 लाख रुपये तक की राशि प्रदान की जाएगी। वहीं रेहड़ी (स्टोव, गैस चूल्हा, बर्तन आदि सहित) खरीदने पर 60 प्रतिशत या अधिकतम 36 हजार रुपये प्रति लाभार्थी का अनुदान दिया जाएगा।इसी प्रकार मछली पालन हेतु खाद-खुराक पर कुल लागत 1 लाख 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम 90 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा, जाल खरीदने पर 60 प्रतिशत या अधिकतम 24 हजार रुपये प्रति लाभार्थी की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

     

  • हरियाणा में ओटी असिस्टेंट की शैक्षणिक योग्यता बढ़ाई

    हरियाणा में ओटी असिस्टेंट की शैक्षणिक योग्यता बढ़ाई

    चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा सुधार करते हुए ऑपरेशन थिएटर (ओटी) असिस्टेंट की शैक्षणिक योग्यता को बढ़ाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट वेलफेयर एसोसिएशन, हरियाणा ने  ओटी असिस्टेंट की योग्यता को “दस जमा दो साइंस” कक्षा उत्तीर्ण से बढ़ाकर “बीएससी ओटी टेक्नोलॉजी” किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। एसोसिएशन के प्रधान राहुल जागलान एवं महासचिव राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से चंडीगढ़ में विशेष मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मंत्री का आभार व्यक्त किया।

    एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि यह निर्णय केवल एक शैक्षणिक सुधार नहीं है, बल्कि हरियाणा की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। इससे सरकारी अस्पतालों में सर्जिकल सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा तथा मरीजों की सुरक्षा पहले से अधिक सुनिश्चित हो सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों पर कैशलेस सर्जिकल लोड लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आधुनिक और अत्याधुनिक सर्जिकल उपकरणों के प्रभावी संचालन के लिए तकनीकी रूप से दक्ष स्टाफ की आवश्यकता समय की मांग है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने “बीएससी ओटी टेक्नोलॉजी” योग्यता लागू करने का निर्णय लिया है।

    उन्होंने कहा कि ऑपरेशन थिएटर किसी भी अस्पताल या मेडिकल संस्थान की “बैक बोन” (रीढ़ की हड्डी) होता है। ओटी असिस्टेंट (OTA) ही इस विभाग के सुचारू, सुरक्षित और प्रभावी संचालन के लिए तकनीकी रूप से योग्य और जिम्मेदार कर्मी होते हैं। आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में सफल सर्जरी का आधार एक कुशल ऑपरेशन थिएटर टीम होती है, और सरकार का यह निर्णय इस व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने एसोसिएशन के सदस्यों से पूरी निष्ठा, समर्पण और पेशेवर दक्षता के साथ जनता की सेवा करने का आह्वान किया है।

    एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि यह निर्णय केवल एक शैक्षणिक सुधार नहीं है, बल्कि हरियाणा की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। इससे सरकारी अस्पतालों में सर्जिकल सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा तथा मरीजों की सुरक्षा पहले से अधिक सुनिश्चित हो सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों पर कैशलेस सर्जिकल लोड लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आधुनिक और अत्याधुनिक सर्जिकल उपकरणों के प्रभावी संचालन के लिए तकनीकी रूप से दक्ष स्टाफ की आवश्यकता समय की मांग है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने “बीएससी ओटी टेक्नोलॉजी” योग्यता लागू करने का निर्णय लिया है।

    उन्होंने कहा कि ऑपरेशन थिएटर किसी भी अस्पताल या मेडिकल संस्थान की “बैक बोन” (रीढ़ की हड्डी) होता है। ओटी असिस्टेंट (OTA) ही इस विभाग के सुचारू, सुरक्षित और प्रभावी संचालन के लिए तकनीकी रूप से योग्य और जिम्मेदार कर्मी होते हैं। आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में सफल सर्जरी का आधार एक कुशल ऑपरेशन थिएटर टीम होती है, और सरकार का यह निर्णय इस व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने एसोसिएशन के सदस्यों से पूरी निष्ठा, समर्पण और पेशेवर दक्षता के साथ जनता की सेवा करने का आह्वान किया है।

  • आशा वर्कर्स ने स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा 9 सूत्रीय मांग-पत्र

    आशा वर्कर्स ने स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा 9 सूत्रीय मांग-पत्र

    चंडीगढ़ : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से चंडीगढ़ में आज आशा वर्कर्स के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस औपचारिक बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री को अपनी मुख्य समस्याओं से अवगत कराया और उन्हें 9 सूत्री मांग-पत्र सौंपा। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को बेहद ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने आशा वर्कर्स के काम की सराहना करते हुए विश्वास दिलाया कि सरकार उनकी समस्याओं के प्रति पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया कि आशा वर्कर्स की जितनी भी जायज मांगें हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।

    स्वास्थ्य मंत्री ने नेशनल हेल्थ मिशन हरियाणा के डायरेक्टर को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने डायरेक्टर को निर्देश दिए कि सौंपे गए 9 सूत्री मांग-पत्र के सभी बिंदुओं और तकनीकी मुद्दों का गहराई से अध्ययन किया जाए और इस पर त्वरित  उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए।