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  • 3 दिनों में दर्ज रिकॉर्ड तोड़ बारिश, 24 घंटों में 11 की मौत

    3 दिनों में दर्ज रिकॉर्ड तोड़ बारिश, 24 घंटों में 11 की मौत

    शिमलाः देश के पंजाब, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उतराखंड सहित कई राज्यों में बारिश से हालात बेहद खराब हो गए है। दरअसल, लगातार हो रही बारिश ने कोहराम मचा दिया है। प्रदेश में जगह जगह पर मलबे की चपेट में घरों सहित बस की चपेट में आने से 11 लोगों की मौतें हुई हैं। भूस्खलन के चलते शिमला, मंडी, कुल्लू सहित राज्य के अन्य जिलों में कई भवन खतरे की जद में आ गए है। मंडी में भूस्खलन की जद में आने से एक पूरा गांव खाली कर दिया गया है। राज्य में भारी संख्या में सडक़ें यातायात के लिए बाधित चल रही है। आवाजाही न होने से प्रदेश में जनजीवन की रफ्तार पूरी तरह से थम गई है।

    बात करें जिला शिमला की तो यहां के रामपुर बीथल के पास काली मिट्टी के समीप चलती बस पर पत्थर गिर गया। जिससे बस में सवार दो महिलाओं की मौत हो गई। जबकि बस में सवार 15 यात्रियों को भी चोटियों आई है। कुल्लू के अखाड़ा बाजार में देर रात लैंडस्लाइड की चपेट में आने से 2 घर गिर गए। जिसमें 2 लोग दब गए। मंडी के सुंदरनगर में लैंडस्लाइड से 2 घरों के मलबे में दबने से 7 लोगों की मौत हो गई । जिनमें 4 एक ही परिवार के सदस्य थे। प्रदेश में भारी बारिश के चलते जगह जगह पर भूस्खलन हो रहा है। जो जानलेवा बन गया है।

    मंडी के जोगेंद्रनगर के कुंडुनी गांव में पहाड़ दरकने से 10 जमींदोज हो गए। यहां 6 से ज्यादा घर गिरने के कगार पर हैं। प्रशासन ने गांव खाली कराते हुए 24 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया। शिमला के कृष्णानगर में भी भूस्खलन होने के बाद 6 मकानों को खाली करवाया गया है। शहर के अनाडेल व पटयोग में भी प्रशासन द्वारा घर खाली करवाए गए है। प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश हुई है। जिससे प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर नदी-नाले उफान पर है। अत्याधिक बारिश होने के चलते अब हर ओर लैंडस्लाइड हो रहा है। जिससे भारी नुकसान दर्ज किया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन द्वारा भी जनता को ऐतिहात बरतने का सुझाव दिया गया है।

    हिमाचल प्रदेश में 3 दिनों के दौरान रिकॉर्ड तोड़ बारिश रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश में सितंबर माह के शुरूआती तीन दिनों में सामान्य से 534 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। बिलासपुर में सामान्य से 1007, कुल्लू में 1035 और सोलन में 1005 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। इसके अलावा शिमला में 766, सिरमौर में 792, लाहौल स्पीति में 668 और ऊना में 543 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। प्रदेश में उक्त तीन दिनों के दौरान सामान्य बारिश 16.4 मिलीमीटर दर्ज की जाती है। जबकि प्रदेश में 3 दिनों मे 104 मिलीमीटर बारिश हुई है।

  • कुदरत का कहर! पहाड़ टूटने से 5 की मौत, पत्थर गिरने से गाड़ियां हुई क्षतिग्रस्त, देखें वीडियो

    कुदरत का कहर! पहाड़ टूटने से 5 की मौत, पत्थर गिरने से गाड़ियां हुई क्षतिग्रस्त, देखें वीडियो

    मंडीः हिमाचल प्रदेश के लोग इन दिनों प्राकृति की मार झेल रहे हैं। बारिश-बाढ़ और लैंडस्लाइड से बुरा हाल है। किन्नौर जिले से एक बार फिर प्रकृति के प्रकोप ने खतरनाक तबाही मचा दी है। ताजा मामला सुंदरनगर के जंगमबाग में पहाड़ दरकने का है। जहां मलबे के नीचे दबकर 5 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में मां और बेटी समेत एक बुजुर्ग महिला शामिल है। पहाड़ दरकने से 2 घर भी मलबे की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी तुरंग मौके पर पहुंचे, टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

    दूसरी ओर नेशनल हाईवे-05 पर वांगटू ब्लॉक पॉइंट के पास खड़ी आधा दर्जन गाड़ियों पर अचानक विशाल चट्टानें गिर गईं, जिससे वहां खड़े वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसकी तस्वीरें काफी डरावनी है। बताया जा रहा हैकि सभी गाड़ी मालिकों को सूचित किया गया है कि ऐसी स्थिति में सुरक्षित स्थान चिन्हित करके अपनी गाड़ियां वहीं खड़ी करें और किसी भी जोखिम से बचें।

    सुंदरनगर में पुलिस और NDR-SDRF के जवान रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। मंडी डीसी अपूर्व देवगन की देखरेख में यह ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सुंदरनगर के जंगमबाग में मंगलवार देर शाम को मलबे से 28 साल की भारती और तीन से चार साल की बच्ची कीरत को बाहर निकाला गया। दोनों को उपचार से लिए संदुरनगर अस्तपताल भेजा गया, जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के एसएमओ चमन सिंह ने बताया कि महिला और बच्ची को जब अस्पताल पहुंचाया गया तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

    बता दें कि घरों में कुल 6 लोग मलबे में फंसे हैं। इनमें मृतक महिला का पति सोनू सिंह और उसकी सास अभी तक मलबे में फंसे हैं। दोनों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश लगातार जारी है। इसी बीच मलबे की जद में आए दूसरे घर की एक महिला के भी फंसे होने की जानकारी सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही डीसी मंडी अपूर्व देवगन, एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी, तहसीलदार अंकित शर्मा मौके पर पहुंचे। 4 से 5 जेसीबी मशीनरी समेत स्थानीय लोग भी राहत और बचाव कार्यों में सहयोग दे रहे हैं। अभी तक 5 लोग की मौत की पुष्टि हो चुकी हैं।

  • न्यू बस स्डैंट के पास लैंडस्लाइड से गिरा मकान , सड़क धंसने से नेशनल हाईवे-05 बंद, देखें वीडियो

    न्यू बस स्डैंट के पास लैंडस्लाइड से गिरा मकान , सड़क धंसने से नेशनल हाईवे-05 बंद, देखें वीडियो

    कुल्लूः हिमाचल प्रदेश में बारिश ने कोहराम मचाया हुआ है। प्रदेश में दो दिन से लगातार हो रही बारिश जानलेवा होने लगी है। भारी बारिश जानमाल के नुकसान का बड़ा कारण बन चुकी है। लगातार बारिश से जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। आनी में भयानक भूस्खलन हुआ, मंजर देख लोगों की चीखें निकल गईं। आनी के नए बस अड्डे में मंगलवार सुबह एक निर्माणाधीन भवन भूस्खलन की चपेट में आ गया। दोमंजिला मकान ढहकर भूस्खलन की वजह से सीधे सड़क पर पहुंच गया।

    इस भूस्खलन के कारण आसपास के मकानों को खतरा पैदा हो गया है, जबकि बस अड्डे के साथ बने भवनों को भी खतरा बन गया है। इससे पूर्व 24 अगस्त 2023 को इसी स्थान पर आठ मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए थे। इस भवन को भी उसी समय खाली करवाया गया था। प्रशासन की ओर से इससे असुरक्षित घोषित करार दिया था। एसडीएम आनी लक्षमण कनेट थोड़ी देर में इस क्षेत्र का दौरा करेंगे ताकि अन्य भूस्खलन से संवेदनशील भवन से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए यदि आवश्यक हुआ तो आस पास के भवनों को खाली करवाया जाएगा।

    कुल्लू के ढालपुर में एक मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। इस हादसे में तीन लोग मलबे में दब गए, जिसमें एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम ढालपुर में अटल सदन के पीछे पहुंची व तीनों को कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया गया। इसमें महिला की हालत नाजुक बनी हुई है।

    उधर, कुल्लू में ब्यास नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिससे नदी किनारे रह रहे लोगों के मन में डर बना है। पहले भी ब्यास नदी अपना रौद्र रूप दिखा चुकी है। औट-लुहरी-सैंज राष्ट्रीय राजमार्ग 305 में कमांद कैंची के पास लगभग 30 मीटर सड़क धंसने से पूरे चलौहन वार्ड पर भी खतरा मंडरा रहा है।

  • सड़क धंसने से कसोल-मणिकर्ण मार्ग पर गिरा ट्रक, देखें वीडियो

    सड़क धंसने से कसोल-मणिकर्ण मार्ग पर गिरा ट्रक, देखें वीडियो

    कुल्लूः हिमाचल में लगातार हो रही बारिश से भारी नुकसान हो रहा है। आनी उपमंडल के पटारना गांव में शुक्रवार भारी बारिश और भूस्खलन के कारण तीन भवन और तीन गोशालाएं पूरी तरह नष्ट हो गईं। इस आपदा में स्थानीय निवासी शारदा देवी की मलबे में दबने से मौत हो गई। लीला देवी लापता हैं। एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ, जिसका इलाज आनी अस्पताल में चल रहा है। वहीं आज कुल्लू ज़िले के मणिकर्ण-कसोल मार्ग से चौंकाने वाला दृश्य सामने आया है।

    लगातार बारिश के बीच सड़क धंसने से एक ट्रक अचानक फिसलकर नीचे जा गिरा, लेकिन गनीमत रही कि वह नीचे सड़क पर ही अटक गया। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना की वीडियो भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता हैकि सड़क धंसने के दौरान कैसे लोगों द्वारा ट्रक को बचान की कोशिश की जा रही है। लेकिन लोग ट्रक को बचाने में नाकाम रहे और ट्रक फिसलकर नीचे गिर गया। गनीमत यह रही के नीचे सड़क पर ट्रक अटक गया और बड़ा हादसा होने से टल गया।

    दूसरी ओर इस बार मानसून में नॉर्मल से अधिक बारिश के कारण सेब बागवानों करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। भारी बारिश के कारण पहले बड़े पैमाने पर ली‌फ फॉल हुआ। बाद में फ्रूट ड्रॉप हो गया। ड्रॉपिंग से बगीचों में झड़े हुए सेब के ढेर लग गए। इस वजह से न तो सेब का अच्छा साइज और न ही क्वालिटी फ्रूट बन पाया। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सेस रेन की वजह से 15 सितंबर के बाद होने वाला लीफ-फॉल इस बार जुलाई में ही शुरू हो गया था। नुकसान की यही बड़ी वजह है।

    सेब उत्पादक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोहन ठाकुर ने बताया कि अर्ली लीफ फॉल की वजह से सेब का अच्छा साइज नहीं बन पाया। सेब बगीचों में जो पत्तियां 15 सितंबर के बाद झड़ती थी, इस बार वह 15 जुलाई के बाद ही झड़ने लग गई। इससे सेब का साइज नहीं बन पाया। सेब की बड़े पैमाने पर ड्रापिंग हो गई। इससे बागवानों को लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है।

  • फिर से बंद हुआ Chandigarh-Manali National Highway, भरभराकर गिरा पहाड़, देखें वीडियो

    फिर से बंद हुआ Chandigarh-Manali National Highway, भरभराकर गिरा पहाड़, देखें वीडियो

    मंडीः हिमाचल में लगातार बारिश होने से भारी नुकसान हो रहा है। वहीं चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे एक बार फिर यातायात के लिए बंद हो गया है। इस बार पंडोह और औट के बीच स्थित खोतीनाला के पास भारी लैंडस्लाइड के कारण यह हाईवे बंद हो गया है। हाईवे आज सुबह करीब 7 बजे बंद हुआ। लैंडस्लाइड का लाइव वीडियो भी सामने आया है जिसमें इसके गिरने का भयावह दृश्य देखने को मिल रहा है। जब खोतीनाला के पास लैंडस्लाइड हुआ तो उस वक्त पंडोह पुलिस चौकी की टीम भी यहां पर मौजूद थी।
    Read in English:

    Landslide Shuts Down Chandigarh-Manali Highway in Mandi, Police Prevent Major Tragedy

    पुलिस कर्मी चेत राम ने पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों को देखते हुए तुरंत प्रभाव से सारा ट्रेफिक रूकवा दिया और जो वाहन आगे खड़े थे उन्हें तुरंत प्रभाव से पीछे करवाया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जैसे ही उन्हें वाहनों सहित हटाया गया उसके कुछ ही देर बाद पहाड़ पूरी तरह से जमींदोज हो गया। यदि पुलिस कर्मी उन्हें समय पर नहीं रोकते तो यहां कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था। इन्होंने इसके लिए पुलिस, प्रशासन और पुलिस कर्मी का आभार जताया है।

    पंडोह पुलिस चौकी के प्रभारी अनिल कटोच ने बताया कि मलबा गिरने से पहले ही ट्रैफिक को रोक दिया गया था जिस कारण कोई भी हादसा नहीं हुआ है। मलबा काफी ज्यादा है और इसे हटाने में अभी समय लग जाएगा। उसके बाद ही हाईवे यातायात के लिए बहाल हो पाएगा। बता दें कि चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बार-बार यातायात के लिए बंद हो रहा है। लेकिन इस बार जहां पर लैंडस्लाइड हुआ है यह एक नया स्पाट है। इससे पहले यहां कोई लैंडस्लाइड नहीं हुआ था।

  • Punjab News: रावी में पानी की चपेट में आए घर और दुकाने, 80 गांवों को हुआ नुकसान, देखें वीडियो

    Punjab News: रावी में पानी की चपेट में आए घर और दुकाने, 80 गांवों को हुआ नुकसान, देखें वीडियो

    पठानकोटः हिमाचल में पहाड़ों और बंजर भूमि में भारी बारिश के कारण बांध पूरी तरह पानी से लबालब हैं और नहरों में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे नदियाँ और नहरें उफान पर हैं, जिससे लोगों को भारी नुकसान हो रहा है। अगर ज़िले के सीमावर्ती क्षेत्र की बात करें, तो इस क्षेत्र के लोग रावी, जलाली और उज नदियों की चपेट में आ गए हैं और लगभग 80 गांवों को बड़ा नुकसान हुआ है।

    कई परिवार ऐसे हैं. जिनकी ज़िंदगी इन नदियों ने बेपटरी कर दी है और इन परिवारों को फिर से शून्य से शुरुआत करनी होगी। इन नदियों के कारण किसी परिवार का घर क्षतिग्रस्त हुआ है, तो किसी की दुकान इन नदियों की चपेट में आ गई है। इतना ही नहीं, जहां किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, वहीं कई जानवर भी इन नदियों में बहते देखे गए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले भी बारिश के कारण पानी आता था।

    लेकिन इस बार पानी ने लोगों को काफी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि पानी के कारण बनी दुकानें तबाह हो गई हैं। दुकानों और घरों में पानी घुसने से दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। ऐसे में लोगों की निगाहें सरकार की घोषणा पर टिकी हैं क्योंकि किसानों को तो फसलों के नुकसान का मुआवजा मिलेगा, लेकिन जिनकी पूरी आजीविका इस पानी में डूब गई है, क्या उनकी आजीविका सरकार लेगी या नहीं।

  • बारिश से मची तबाही, स्कूलों में छुट्टी का ऐलान, खड्ड में बही स्विफ्ट कार, देखें वीडियो

    बारिश से मची तबाही, स्कूलों में छुट्टी का ऐलान, खड्ड में बही स्विफ्ट कार, देखें वीडियो

    शिमलाः हिमाचल प्रदेश में देर रात मंडी, ऊना, कुल्लू सहित अन्य जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। वहीं, मनाली, सिरमौर और कुल्लू जिले के निरमंड, आनी में स्कूल और अन्य सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं। वहीं, कुल्लू के आसपास करीब 9 स्कूलों में भी 29 अगस्त को छुट्टी घोषित की गई है। आनी में लैंडस्लाइड में एक घर दब गया है और दो महिलाएं लापता हैं, एक को बचाया गया है। चंबा में ज्यादा परेशानी है औऱ यहां पर मणिमहेश यात्रा पर गए 3 हजार से अधिक श्रद्धालु फंसे हुए हैं। चंबा से भरमौर तक का हाईवे बीच बीच में टूट गया है और यहां पर आवाजाही थम गई है। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि चार हेलिकॉप्टर चंबा में तैनात किए गए हैं और मौसम पर उड़ान निर्भर करेगी।

    जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे, पंडोह से आगे कैंची मोड़ और बनाला में बंद है। बीती रात को बनाला में फिर से लैंडस्लाइड हुआ है। कुल्लू के लिए मंडी से कटौला होते हुए आवाजाही हो रही है, लेकिन केवल छोटी गाड़ियों को एकतरफा भेजा जा रहा है। शुक्रवार को किन्नौर जिले के लिप्पा गांव के पेजर खड्ड में आज सुबह बादल फट गया। अचानक आई बाढ़ से स्थानीय लोगों के सेब के बागों को नुकसान पहुंचा है। इस दौरान नाले में आए तेज बहाव में जम्मू-कश्मीर के दो मजदूर हादसे का शिकार हो गए। हालांकि दोनों मजदूर किसी तरह स्वयं घटनास्थल से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली।

    उन्होंने तुरंत दोनों को रेस्क्यू कर प्राथमिक उपचार दिया और बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिकांग पियो के क्षेत्रीय अस्पताल रेफर किया गया। धर्मशाला में कांगड़ा की एडीएम शिल्पी बेक्टा ने बताया कि बीबीएबी से पहले ही सूचना दी गई थी कि पौंग बांध से पानी छोड़ा जाएगा. यह सिलसिला पिछले एक हफ़्ते से लगातार जारी है। एडीएम ने कहा कि हमारा प्राथमिक लक्ष्य सभी लोगों को सुरक्षित निकालकर शेल्टर तक पहुंचाना है। फिलहाल फतेहपुर में एक रेस्क्यू शेल्टर बनाया गया है, जहां 27 परिवारों के 127 लोग रह रहे हैं। वहीं इंदौरा में तीन शेल्टर स्थापित किए गए हैं, जहां करीब 820 लोग ठहरे हुए हैं। एडीएम ने कहा कि ब्यास नदी का जलस्तर घटने के बाद ही नुक़सान का पूरा आकलन किया जा सकेगा।

     

  • मणिमहेश यात्रा में फंसे लोग, बिजली गुल, मोबाइल नेटवर्क ठप!

    मणिमहेश यात्रा में फंसे लोग, बिजली गुल, मोबाइल नेटवर्क ठप!

    शिमलाः हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से 4 जिलों में हालात खराब हैं। मंडी, कुल्ल, चंबा और कांगड़ा के कई इलाकों में लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि प्रदेशभर में बीती शाम 6 बजे तक दो नेशनल हाईवे सहित 582 रोड बंद थे। हिमाचल में 20 जून से जारी भारी बारिश और आपदा ने प्रदेश में भीषण तबाही मचा दी है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार अब तक 312 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, 38 लोग लापता हैं और 374 लोग घायल हुए हैं। करीब 3736 घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, वहीं 1854 मवेशियों की मौत हुई और 25,755 पोल्ट्री वर्ड्स तबाह हो गए हैं।

    485 दुकानें और 3367 पशुशालाएं भी पूरी तरह जमींदोज हो गई हैं। प्रदेश को अब तक 2753 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान पहुंच चुका है। भारी बारिश के कारण 1 नेशनल हाईवे और 524 सड़कें बंद हैं। विद्युत आपूर्ति की 1230 और जलापूर्ति की 416 परियोजनाएं ठप हैं। चंबा जिले से संपर्क पूरी तरह टूट गया है और वहां की आपदा की जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। उधर, चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर कैंची मोड का हिस्सा धंस गया है। भरमौर से अब तबाही की तस्वीरें सामने आने लगी है और लोग पैदल ही चंबा की तरफ मणिमहेश से आ रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार, देर रात को भी मंडी और कुल्लू के कई इलाकों में भारी बारिश होती रही। हालांकि, वीरवार को धूप खिली है। लेकिन हालात बेहद खराब हो गए हैं। मनाली देश दुनिया से कट गई है। कांगड़ा में पौंग बांध से एक लाख से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। चंबा में मणिमहेश यात्रा पर गए हजारों लोग फंसे हुए हैं और यहां पर मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से गायब है। लाहौल-स्पीति के काजा और छतडू इलाके में बारिश से हालात बेहद खराब है।

    प्रवासी कपड़ा व्यापारी 130 किलोमीटर पैदल चलकर कुल्लू पहुंचे और बताया कि कोखसर और छतडू में सैकड़ों वाहन चालक और सैलानी फंसे हुए हैं। बादल फटने और बाढ़ के कारण रास्ते टूट गए हैं। कुल्लू-मनाली अटल टनल और कोखसर-काजा मार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। वहीं, चंबा में मोबाइल नेटवर्क बहाल होने के बाद लोग वहां के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। जिन्हें देख कर अंदाजा लगाया जा सकता की वहां के हालात क्या बने हुए हैं।

     

  • पड़ोसी राज्य में रावी ने मचाई तबाही, तिनके की तरह नदी में बहे घर, देखें वीडियो

    पड़ोसी राज्य में रावी ने मचाई तबाही, तिनके की तरह नदी में बहे घर, देखें वीडियो

    चंबाः हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में रावी नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारी बारिश के चलते नदी में आई बाढ़ से जिले के होली उपमंडल में स्थित सलून गांव में भारी तबाही मच गई है। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के कम से कम 9 घर रावी नदी में समा चुके हैं, जबकि बाकी बचे मकानों पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।

    प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे रावी नदी का उफान गांव के किनारे बने घरों को एक-एक कर अपनी चपेट में लेता जा रहा है। मकान ताश के पत्तों की तरह ढहते दिखाई दिए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और भय का माहौल पैदा हो गया है।

    स्थानीय प्रशासन के अनुसार, सलून गांव अब लगभग अस्तित्वहीन होने की कगार पर है। बाढ़ के चलते मिट्टी का कटाव इतनी तेजी से हो रहा है कि जमीन खिसकती जा रही है और घरों की नींव धंस रही है। स्थानीय लोगों को तात्कालिक रूप से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, लेकिन गांव में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

  • तलाब में तब्दील हुई ARNI University, 400 छात्र फंसे, SDRF ने किया रेस्क्यू, देखें वीडियो

    तलाब में तब्दील हुई ARNI University, 400 छात्र फंसे, SDRF ने किया रेस्क्यू, देखें वीडियो

    कांगड़ाः हिमाचल प्रदेश में बुधवार को मौसम साफ रहने के बावजूद लोगों की दुष्वारियां कम नहीं हो रहीं। कांगड़ा जिले में पौंग बांध का जलस्तर खतरे के निशान से तीन फीट ऊंचा पहुंच चुका है। पौंग बांध से ब्यास नदी में छोड़े जा रहे पानी के कारण फतेहपुर और इंदौरा विधानसभा क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। वहीं देर रात अचानक ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से अरनी यूनिवर्सिटी, इंदौरा का परिसर डूब गया। यूनिवर्सिटी में सैकड़ों छात्र-छात्राएं और स्टाफ फंस गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम इंदौरा सुरेन्द्र ठाकुर ने एनडीआरएफ से मदद मांगी।

    एनडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कठिन हालात के बीच 412 विद्यार्थियों और 15 स्टाफ सहित कुल 427 लोगों को सुरक्षित निकाला। यह रेस्क्यू ऑपरेशन रात 2:05 बजे तक चला। अगले दिन 27 अगस्त को भी टीम ने अभियान जारी रखा और यूनिवर्सिटी परिसर से 26 और लोगों में 19 पुरुष, 7 महिलाएं को सुरक्षित बाहर लाया। इस ऑपरेशन की कमान ललित मोहन सिंह, डिप्टी कमांडेंट 14वीं बटालियन एनडीआरएफ ने संभाली।

    इसी दौरान इंदौरा उपमंडल के मंड और सनोअर क्षेत्रों में बाढ़ से फंसे 15 ग्रामीणों 8 महिलाएं, 4 पुरुष और 3 बच्चों को भी टीम ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।सोलन जिले के दून विधानसभा क्षेत्र की राजकीय प्राथमिक पाठशाला शेरला का भवन भारी वर्षा व जमीन धंसने से ध्वस्त हो गया। कसौली के अंतर्गत गढ़खल-गुनाई वाया मध्याना सड़क गोड़ती के पास भूस्खलन से 100 मीटर गहरी खाई बन गई और सड़क धंसने का खतरा बना है।

    सिरमौर जिले की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाड़थल मधाना के भवन से सात फीट दूर जमीन धंस गई है। इससे भवन गिरने का खतरा है। शिमला जिले में सड़कें बाधित होने से सब्जी मंडी में फूलगोभी और मटर की फसल नहीं पहुंची। प्रदेश में दो राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) सहित 582 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में एनएच-305 और मंडी में एनएच-तीन बंद हैं। प्रदेश में 1155 ट्रांसफार्मर व 346 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं।