मणिमहेश यात्रा में फंसे लोग, बिजली गुल, मोबाइल नेटवर्क ठप!

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शिमलाः हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से 4 जिलों में हालात खराब हैं। मंडी, कुल्ल, चंबा और कांगड़ा के कई इलाकों में लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि प्रदेशभर में बीती शाम 6 बजे तक दो नेशनल हाईवे सहित 582 रोड बंद थे। हिमाचल में 20 जून से जारी भारी बारिश और आपदा ने प्रदेश में भीषण तबाही मचा दी है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार अब तक 312 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, 38 लोग लापता हैं और 374 लोग घायल हुए हैं। करीब 3736 घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, वहीं 1854 मवेशियों की मौत हुई और 25,755 पोल्ट्री वर्ड्स तबाह हो गए हैं।

485 दुकानें और 3367 पशुशालाएं भी पूरी तरह जमींदोज हो गई हैं। प्रदेश को अब तक 2753 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान पहुंच चुका है। भारी बारिश के कारण 1 नेशनल हाईवे और 524 सड़कें बंद हैं। विद्युत आपूर्ति की 1230 और जलापूर्ति की 416 परियोजनाएं ठप हैं। चंबा जिले से संपर्क पूरी तरह टूट गया है और वहां की आपदा की जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। उधर, चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर कैंची मोड का हिस्सा धंस गया है। भरमौर से अब तबाही की तस्वीरें सामने आने लगी है और लोग पैदल ही चंबा की तरफ मणिमहेश से आ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, देर रात को भी मंडी और कुल्लू के कई इलाकों में भारी बारिश होती रही। हालांकि, वीरवार को धूप खिली है। लेकिन हालात बेहद खराब हो गए हैं। मनाली देश दुनिया से कट गई है। कांगड़ा में पौंग बांध से एक लाख से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। चंबा में मणिमहेश यात्रा पर गए हजारों लोग फंसे हुए हैं और यहां पर मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से गायब है। लाहौल-स्पीति के काजा और छतडू इलाके में बारिश से हालात बेहद खराब है।

प्रवासी कपड़ा व्यापारी 130 किलोमीटर पैदल चलकर कुल्लू पहुंचे और बताया कि कोखसर और छतडू में सैकड़ों वाहन चालक और सैलानी फंसे हुए हैं। बादल फटने और बाढ़ के कारण रास्ते टूट गए हैं। कुल्लू-मनाली अटल टनल और कोखसर-काजा मार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। वहीं, चंबा में मोबाइल नेटवर्क बहाल होने के बाद लोग वहां के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। जिन्हें देख कर अंदाजा लगाया जा सकता की वहां के हालात क्या बने हुए हैं।

 

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