Category: Himachal

  • Landslide से चौकीदार का घर ढहा, बाल-बाल बचा परिवार, देखें वीडियो

    Landslide से चौकीदार का घर ढहा, बाल-बाल बचा परिवार, देखें वीडियो

    डलहौजीः प्रसिद्ध पर्यटन स्थल डलहौजी के बकरोटा में फिरोज बिल्ला कोठी के चौकीदार पवन का पूरा घर भूस्खलन के कारण पूरी तरह खत्म हो गया। बताया जा रहा है कि बीती रात 10:00 बजे जब पवन अपने परिवार सहित सो रहा था तो उसे ऊपर से कुछ गिरने की आवाज आई। जब वह परिवार सहित बाहर निकला तभी उसका घर भूस्खलन में ढह गया। वह कुछ भी नहीं बचा पाए।

    वहीं गनीमत यह रही कि पूरा परिवार भूस्खलन की चपेट में आने से बच गया। एसडीएम डलहौजी अनिल भारद्वाज ने मौके पर पहुंचे मुआयना लिया और परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन उन्हें हर संभव मदद प्रदान करेगा।

  • चंद सैकेंड में गिर गया मकान, पेट्रोल पंप संचालकों को DC ने किए आदेश जारी, देखें Live

    चंद सैकेंड में गिर गया मकान, पेट्रोल पंप संचालकों को DC ने किए आदेश जारी, देखें Live

    बिलासपुरः हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मंडी जिले में भारी बारिश के बाद ब्यास नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। मंडी में ब्यास का पानी पंचवक्त्र मंदिर के प्रांगण तक पहुंच गया है। साल 2023 में भी यह मंदिर आधा ब्यास में डूब गया था। इस बार दोबारा ब्यास का पानी मंदिर के प्रांगण तक पहुंचा है। वहीं स्वारघाट में बारिश ने कहर बरपाया हुआ है। जहां, मझेड़ गांव में ताश के पत्तों के तरह मकान ढह गया।

    इस घटना की वीडियो भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि चंद सैकेंड में मकान मलबे में तबदील हो गया। घटना के दौरान मकान को खाली करके लोग पहले ही निकल गए थे। वहीं कुल्लू डीसी तोरुल एस रवीश ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को इमरजेंसी के लिए पेट्रोल-डीजल रिजर्व रखने और जमाखोरी नहीं करने के आदेश जारी किए हैं। 25 हजार लीटर से अधिक क्षमता वाले पंपों को कम से कम 5 हजार लीटर डीजल और 3 हजार लीटर पेट्रोल रिजर्व रखने को कहा गया है। छोटे वाहनों (LMV) में एक बार में अधिकतम 20 लीटर और भारी वाहनों (HMV) को 100 लीटर तक ही ईंधन मिलेगा।

    ब्यास नदी ने चंडीगढ़-मनाली फोरलेन को जगह-जगह तहस नहस किया है। इसे बहाल होने में 2 दिन लग सकते हैं। चंडीगढ़ और मनाली के बीच काफी संख्या में टूरिस्ट फंसे हुए हैं। स्थानीय लोग उनके लिए खाने का प्रबंध कर रहे हैं। बारिश को देखते हुए कुल्लू, मंडी और चंबी में आज भी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। लैंडस्लाइड की वजह से 675 सड़कें बंद पड़ी हैं। थोड़ी राहत की बात यह है कि अगले 48 घंटे तक मानसून थोड़ा कमजोर पड़ेगा। आज सिर्फ शिमला और मंडी में ही बारिश का यलो अलर्ट है। हालांकि, 29 अगस्त से मानसून फिर सक्रिय होगा।

     

  • भारी बारिश से 13.90.15 लेवल पहुंचा पौंग डैम में पानी का स्तर, देखें वीडियो

    भारी बारिश से 13.90.15 लेवल पहुंचा पौंग डैम में पानी का स्तर, देखें वीडियो

    तलवाड़ा: हिमाचल और पंजाब में पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है। यह बारिश अभी भी नहीं रुक रही। ऐसे में होशियारपुर तलवाड़ा पौंग डेम का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर 13.90.15 लेवल तक पहुंच चुका है। बता दें कि पौंग बांध की सुरंग से 33,000 क्यूसेक और फ्लड गेट से 42,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

    पौंग बांध से कुल 75000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं हिमाचल से एक लाख 71000 पानी पीछे से आ रहा है जिसके चलते पौंग डैम का लेवल बढ़ता जा रहा है और ब्यास दरिया में छोड़ा जा रहा है। लगातार फ्लड गेट खोले हुए हैं। प्रशासन की ओर से लगातार अपील की जा रही है कि गाड़ी से निचले इलाकों में और नदी-दरिया के पास में कोई भी ना जाए। अपने पशु भी चराने के लिए इलाके में न लेकर जाए क्योंकि ब्यास दरिया का पानी छोड़ा जा रहा है।

     

     

  • अर्थी लेकर जा रहे लोगों पर गिरी दीवार, 5 घायल

    अर्थी लेकर जा रहे लोगों पर गिरी दीवार, 5 घायल

    हमीरपुरः हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के ख्याह गांव में अंतिम संस्कार के लिए अर्थी लेकर जा रहे लोगों पर गोशाला की दीवार गिर गई। इस हादसे में पांच लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में लाया गया। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार मंगलवार सुबह 10 बजे जब गांव के लोग मृतक वीरेंद्र कुमार की अर्थी को लेकर श्मशान घाट जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, मृतक वीरेंद्र कुमार शिक्षा विभाग में बतौर मुख्य अध्यापक कार्यरत थे। वह कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। वीरेंद्र का बीती रात निधन हो गया था।

    जिसके चलते लोग उनकी अर्थी को अंतिम संस्कार के लिये शमशान घाट ले जा रहे थे। इस दौरान गांव में जर्जर हो चुकी गौशाला अचानक गिर गई और अर्थी सहित 5 लोग मलबे में फंस गए। इस दौरान विपन शर्मा, शशि शर्मा, ऋषि शर्मा, मुकेश और रमेश घायल हो गए। वहीं बीच बचाव में लोगों ने फंसे हुए लोगों और अर्थी को मलवे में से बाहर निकाला है।

    इस घटना के दौरान जो लोग घायल हुए हैं। उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज हमीरपुर पहुंचाया गया। जहां पर उनका इलाज चल रहा है। हादसे के चश्मदीद अशोक कुमार बताया कि गांव में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी, जिनके अंतिम संस्कार के लिए लोग अर्थी को उठाकर जा रहे थे। तब यह हादसा पेश आया और अर्थी समेत लोग मलबे में फंस गए। जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकल गया। हादसे से में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों का हमीरपुर के मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।

  • बारिश ने मचाई तबाही, ब्यास दरिया में पहले सड़क समाई, फिर गिरा वाहन, देखें वीडियो

    बारिश ने मचाई तबाही, ब्यास दरिया में पहले सड़क समाई, फिर गिरा वाहन, देखें वीडियो

    मनालीः हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच बारिश ने तबाही मचाई है। जगह-जगह भूस्खलन से राज्य में तीन नेशनल हाईवे सहित 690 सड़कें बंद हैं। 2,349 बिजली ट्रांसफार्मर व 234 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। इससे कई इलाकों में बिजली-पानी की आपूर्ति ठप है। आठ जिलों में आज शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं। भारी बारिश से मनाली में जगह-जगह भारी नुकसान हुआ है।

    मंगलवार की सुबह मनाली भी इस आपदा की चपेट में आ गया। धुंधी और अंजचनी महादेव में पानी आने ब्यास नदी में भयानक बाढ़ आ गई है। ओल्ड मनाली को जोड़ने वाला पुल बह गया। दूसरी ओर रायसन में एक होटल पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं मनाली के लेफ्ट बैंक रोड की एक वीडियो सामने आई हैं। वीडियो में देखा जा सकता हैकि एक वाहन सड़क के दूसरे किनारे पर खड़ा है। इस दौरान पहले नदी ने सड़क लील ली और फिर यह वाहन नदी में समा गया। बता दें कि ब्यास नदी का रौद्र रूप देखकर प्रशासन भी हैरान है।

    नदी का बहाव इतना तेज था कि फोरलेन और हाईवे का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से बह गया। इस वजह से मनाली का संपर्क बाकी इलाकों से पूरी तरह से कट गया है। मनाली में इस वक्त हजारों की संख्या में पर्यटक फंसे हुए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे स्थित होटलों को खाली करवा लिया है और बाकी पर्यटक अपने होटलों में ही रहने को मजबूर हैं। बाढ़ के कारण मनाली के बाहंग इलाके में स्थित मशहूर ‘शेर-ए-पंजाब’ रेस्टोरेंट पूरी तरह से बह गया। अब सिर्फ उसका गेट ही बचा है। इस रेस्टोरेंट के साथ की चार दुकानें भी पानी में समा गईं।

  • चंद सैकेंड में सेउ बाग में बह गई पुलिया, आबादी वाले इलाके में घुसा पानी, अलर्ट जारी, देखें वीडियो

    चंद सैकेंड में सेउ बाग में बह गई पुलिया, आबादी वाले इलाके में घुसा पानी, अलर्ट जारी, देखें वीडियो

    मनालीः हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर चलातार जारी है। मौसम विभाग की तरफ से रेड अलर्ट के बाद मनाली में बीती रात से भारी बारिश हो रही है। बीती रात को लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ब्यास नदी का पानी आलू ग्राउंड तक सड़क पर आ गया और आलू ग्राउंड, वॉल्वो बस स्टैंड, ग्रीन टैक्स बैरियर डूब गए। कुल्लू के मनाली के 14 मील में ब्यास नदी का पानी बढ़ने से आबादी वाले इलाके में घुस गया। जिसे आबादी वाले इलाके में रह रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। लगघाटी में लैंडस्लाइड होने से सड़के टूट गई है। वहीं इसकी वीडियो सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि सड़क टूटने के कारण कैसे लोग जान जोखिम में डालकर स्कूटी को निकाल रहे है।

    दरअसल, लगघाटी में लैंडस्लाइड ने तबाही मचाई दी है। जिसके चलते पेड़-बिजली के खंभे गिर गए। वहीं जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी कर दिया गया है, ऐसे में लोगों से यात्रा ना करने की अपील की जा रही है। वहीं कुल्लू के सेउ बाग की पुलिया देखते ही देखते चंद सैंकेड में बह गई। उधर, बाहंग क्षेत्र के किनारे रहने वाले लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। उधर, मनाली के बाहंग में कुछ दुकानें, और शेरे-ए-पंजाब होटल और घर नदी में बह गया है। बीती रात को ब्यास नदी के ऊफान में कैफे का केवल गेट ही बचा, बाकी सामान सहित सब कुछ बह गया। इसके साथ में शेड्स भी नदी में बह गए हैं।

    जानकारी के अनुसार, रात को आलू ग्राउंड में सब्ज़ी मंडी किसान भवन (एपीएमसी बिल्डिंग) में एपीएमसी का एक कर्मचारी दीप चंद (36, निवासी कटराई, कुल्लू भवन में फंस गया था। ब्यास नदी का पानी भवन के दोनों ओर भर गया, जिससे वह बाहर नहीं निकल पाया और बाद में पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। फिर हाइड्रा क्रेन और स्थानीय कर्मचारियों की मदद से दीप चंद को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसी बीच मनाली-केलांग-लेह मार्ग पर समाहन के पास सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है।

    भूस्खलन और कटाव से कई जगहों पर यातायात बाधित हुआ है। प्रशासन ने कहा कि हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है और प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है। मनाली में ब्यास नदी की तबाही से लोगों में दहशत का माहौल है, वहीं प्रशासन ने अपील की है कि लोग नदी किनारे न जाएं और सावधानी बरतें। मनाली में होटल में फंसे ओम ठाकुर ने बताया कि वह टूअर लेकर स्पीति गए थे और फिर लौटते हुए 3 दिन से मनाली में फंसे हुए हैं। बीती रात से ही मनाली में बारिश हो रही है और ब्यास नदी पूरे ऊफान पर है।

  • ब्यास नदी में Sher-e-Punjab Cafe सहित बही दुकानें, स्कूल कॉलेज बंद, देखें वीडियो

    ब्यास नदी में Sher-e-Punjab Cafe सहित बही दुकानें, स्कूल कॉलेज बंद, देखें वीडियो

    शिमलाः हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने खूब कहर ढाया है। कई जिलों में स्कूल और कॉलजों में छुट्टियां कर दी गई हैं तो नेशनल हाईवे सहित सैंकड़ों सड़कें बंद हैं। मनाली में बीते 24 घंटे की बारिश के चलते काफी नुकसान हुआ है। वाहंग में एक होटल ब्यास नदी में बह गया है। शेरे-ए-पंजाब रेस्टोरेंट का केवल गेट ही बचा और बाकी का पूरा होटल सामान सहित बह गया। अहम बात है कि होटल के पास की दुकानें भी बीती रात को ब्यास नदी बहा ले गई है। लेह मनाली हाईवे भी शहर से तीन चार किमी आगे समाहण में पूरा बह गया है।

    कुल्लू से मनाली के बीच भी चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे कई स्थानों पर टूट गया है। उधर, 8 जिलों में स्कूल कॉलेज बंद किए गए हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए, मंडी, कांगड़ा चंबा और कुल्लू में रेड अलर्ट जारी किया है। इससे पहले, सोमवार को भारी बारिश के चलते चंबा की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा को रोक दिया। उधर, ऑक्सीजन की कमी के चलते मणिमहेश यात्रा पर गए पंजाब के 4 श्रद्धालुओं की मौत भी हो गई। ऐसे में चंबा के हंडसर और भरमौर में बड़ी संख्या श्रद्धालु फंस हुए हैं। उधर, नूरपुर में डडवाड़ा गांव के रहने वाले गुरुदेव सिंह (72) की खड्ड में बहने से मौत हो गई। हिमाचल प्रदेश में मौसम में खासा बदवाल हुआ है और सर्दियों का सीजन शुरू होने से पहले ही ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है।

    लाहौल स्पीति के शिंकुला, कुगती जोत, बारालाचा पर लगातार दो दिन से बर्फ गिर रही है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते मंगलवार के लिए शिमला, सोलन, ऊना, कांगड़ा, चंबा, मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर और कुल्लू के बंजार, सदर और मनाली में शिक्षण संस्थानों बंद रहेंगे। उधर, हिमाचल में इस बार का अब तक 20 जून से 25 अगस्त 2025 तक बारिश और आपदाओं में प्रदेशभर में 306 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 367 लोग घायल हुए हैं और 372 लोग लापता हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 1,843 मवेशियों की मौत हुई है और 25,755 पोल्ट्री बर्ड्स भी काल का ग्रास बने हैं। बारिश और भूस्खलन के कारण बड़ी संख्या में घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार 321 मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि 1,641 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसी तरह कई दुकानें, गोशालाएं और शेड भी नुकसान की चपेट में आए।

    किसानों को अब तक लगभग 38.87 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, सड़कों के टूटने और बह जाने से लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा क्षति हुई है। विभाग को अब तक 1,310.79 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। इसके अलावा जलशक्ति विभाग को 813.85 करोड़, बिजली विभाग को 139.46 करोड़ और शिक्षा विभाग को 20.45 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी करीब 4.30 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों की बात करें तो मंडी में 1,321.64 करोड़, कांगड़ा में 741.72 करोड़, चंबा में 622.84 करोड़ और कुल्लू में 619.78 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कुल मिलाकर हिमाचल प्रदेश को इस मानसून सीज़न में अब तक लगभग 2,394 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

  • ताश के पत्तों की तरह गिरी 3 मंजिला इमारत, शिंकुला दर्रा में हुई सीजन की पहली बर्फबारी, देखें वीडियो

    ताश के पत्तों की तरह गिरी 3 मंजिला इमारत, शिंकुला दर्रा में हुई सीजन की पहली बर्फबारी, देखें वीडियो

    धर्मशालाः हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बाद 8 जिलों ऊना, कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, सोलन, कुल्लू, बिलासपुर, लाहौल स्पीति और मंडी में स्कूल व कॉलेजों में आज (25 अगस्त) छुट्टी कर दी गई है। वहीं लाहौल स्पीति के शिंकुला दर्रा में बीती रात में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। धर्मशाला में चड़ी रोड पर एचआरटीसी वर्कशॉप के पास बहुमंजिला ईमारत ढह गई। इस ईमारत को पहले ही असुरक्षित घोषित किया जा चुका था।

    इस जगह पर हुए भूस्खलन के कारण धर्मशाला चड़ी रोड भी बंद हो गया था, इस जगह का अधिकारियों ने उपायुक्त हेमराज बैरवा के नेतृत्व में दौरा किया था। लगातार बारिश व भूस्खलन के चलते यह भवन गिर गया है। चंबा जिला के भरमौर की सैहली पंचायत में आज सुबह पहाड़ी से भारी लैंडस्लाइड हो गया। इससे एक घर को नुकसान पहुंचा है। शिमला के ISBT के समीप पांजड़ी में एक बहुमंजिला मकान के आगे लगी सुरक्षा दीवार गिर गई। इससे मकान को खतरा पैदा हो गया है।

    24 घंटे से जारी बारिश से दो नेशनल हाईवे चंडीगढ़-मनाली और पठानकोट-भरमौर समेत 482 सड़कें बंद पड़ी हैं। इससे सड़क किनारे सैकड़ों वाहन, टूरिस्ट और लोकल लोग सड़क खुलने के इंतजार में हैं। चंबा के भरमौर में मणिमहेश यात्रा को आए कई श्रद्धालु सड़क किनारे फंसे हुए हैं।

    ब्यास नदी पर बने पंडोह डैम का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी छोड़ने का अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय जनता और टूरिस्ट को नदी किनारे नहीं जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग आज दोपहर बाद तीन बजे तक चंबा और कांगड़ा जिला में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में अगले 4 दिन तक बारिश जारी रहेगी। इन जिलों में एक दो स्पेल भारी से भारी बारिश का हो सकता है।

     

  • मणिमहेश यात्रा में Punjab के 3 श्रद्धालुओं की मौत

    मणिमहेश यात्रा में Punjab के 3 श्रद्धालुओं की मौत

    चंबाः हिमाचल प्रदेश के मणिमहेश में 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार तीनों श्रद्धालुओं की जान मणिमहेश यात्रा के दौरान ऑक्सीजन की कमी से गई है। इनके शव पोस्टमॉर्टम के लिए भरमौर लाया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। 2 युवकों की बीती रात व एक की आज सुबह मौत हो गई। मृतकों की पहचान 18 वर्षीय अमन निवासी पठानकोट, 18 वर्षीय रोहित निवासी गुरदासपुर और 26 वर्षीय अनमोल निवासी गुरदासपुर के रूप में हुई है। अमन और रोहित के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

    माउंट ट्रेनिंग और एनडीआरएफ की टीम द्वारा शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भरमौर लाया जा रहा है और और आगे की कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अमन को बीती रात को कमल कुंड से रेस्क्यू किया गया और गौरीकुंड में मौत हो गई, जबकि रोहित की मौत कुगती ट्रैक पर ऑक्सीजन की कमी से हुई है। वहीं अनमोल की मौत धंचो में आज सुबह 10 बजे हुई। एसडीएम भरमौर कुलबीर सिंह राणा ने बताया कि बीती रात और आज सुबह 3 श्रद्धालुओं की जान गई है। तीनों पंजाब के रहने वाले है।

    एसडीएम भरमौर ने बताया कि पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश के कारण मणिमहेश यात्रा पर अस्थाई रोक लगा दी गई है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रुकने के निर्देश दिए गए हैं। हिमाचल में बीते 24 घंटे से भारी बारिश हो रही है। वहीं भारी बारिश से पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे जगह जगह लैंडस्लाइड के कारण बंद पड़ा है। इससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। इससे कई जगह मणिमहेश यात्री फंसे हुए हैं। बता दें कि इस बार मणिमहेश यात्रा आधिकारिक तौर 16 अगस्त को शुरू हुई और 31 अगस्त तक चलनी है। मगर इस बार भारी बारिश ने इस यात्रा में खलल डाला है। इसी तरह इस साल 14 श्रद्धालुओं की ऑक्सीजन की कमी और यात्रा के दौरान पत्थर लगने व गिरने से जान चली गई है।

     

  • बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात, लोगों के घरों में घुसा, पानी, तैर रही गाड़ियां, देखें वीडियो

    बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात, लोगों के घरों में घुसा, पानी, तैर रही गाड़ियां, देखें वीडियो

    कांगड़ाः हिमाचल में लगातार बारिश होने के कारण नदी, नाले उफान पर हैं। कई जगह सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात नजर आ रहे हैं। कई जिलों में बारिश के चलते आज स्कूलों को बंद करना पड़ा है। रविवार को दिनभर जोरदार बारिश हुई. इससे कई क्षेत्रों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। वहीं, कई जगह सड़कों पर यातायात भी प्रभावित हुआ है. 25-26 अगस्त के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई सड़कें बंद हैं। दूसरी ओर कांगड़ा के इंदौरा क्षेत्र में तारा खड्ड का बहाव मुड़ने से भारी नुकसान हुआ है। इंदौरा क्षेत्र पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। रिहायशी क्षेत्र में खड्ड का बहाव आने से कई गाड़ियां भी बह गईं। लोगों के घर पानी में डूब गए हैं। दोपहिया वाहन तिनकों की तरह बह गए। कई वाहन आधा से एक किलोमीटर दूर मिले हैं, जबकि कइयों का कोई पता नहीं है।

    इंदौरा क्षेत्र के हजारों लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। इस आपदा से लोगों को भारी नुकसान हुआ है। लोग अभी भी सहमे हुए हैं। इंदौरा के वार्ड नंबर दो, तीन और चार में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इस आपदा से हजारों की आबादी प्रभावित हुई है। इंदौरा में में बस अड्डा से लेकर तारा खड्ड पुल तक ज्यादा नुकसान हुआ है, क्योंकि यह क्षेत्र नीचे है। ऊंचाई वाले क्षेत्र में कम नुकसान हुआ है। प्रशासन ने क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है, ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो।घरों में पानी घुसने से लोगों का कीमती सामान खराब हो गया है। कमरों में बेड पानी में तैर रहे हैं। घरों में चार से पांच फीट तक पानी भर गया है।

    पंजाब से सटे इंदौरा व नूरपुर में भारी नुकसान हुआ है। नूरपुर के विधायक रणवीर सिंह निक्का का कंडवाल स्थित कार्यायल, होटल परिसर व घर में पानी भर गया। भारी बरसात के कारण रविवार को जसूर में फोरलेन सड़क निर्माण के तहत बने अस्थाई काजवे से पानी की उचित निकासी न होने से पानी उक्त काजवे की पुलियों के ऊपर से बहने लगा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। विधायक रणवीर सिंह निक्का ने बताया कि नूरपुर क्षेत्र के तहत बन रहे फोरलेन सड़क मार्ग की पानी निकासी के लिए नालियां अच्छी गुणवत्ता की तथा पर्याप्त साइज की बनाई जाए व साथ ही नागाबाड़ी व राजा का बाग में फोरलेन सड़क मार्ग पर पानी की निकासी के लिए बढ़िया ढंग से काजवे बनाए जाए, ताकि बरसात में पानी लोगों के घरों में न जा सके।