ब्यास नदी में Sher-e-Punjab Cafe सहित बही दुकानें, स्कूल कॉलेज बंद, देखें वीडियो

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शिमलाः हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने खूब कहर ढाया है। कई जिलों में स्कूल और कॉलजों में छुट्टियां कर दी गई हैं तो नेशनल हाईवे सहित सैंकड़ों सड़कें बंद हैं। मनाली में बीते 24 घंटे की बारिश के चलते काफी नुकसान हुआ है। वाहंग में एक होटल ब्यास नदी में बह गया है। शेरे-ए-पंजाब रेस्टोरेंट का केवल गेट ही बचा और बाकी का पूरा होटल सामान सहित बह गया। अहम बात है कि होटल के पास की दुकानें भी बीती रात को ब्यास नदी बहा ले गई है। लेह मनाली हाईवे भी शहर से तीन चार किमी आगे समाहण में पूरा बह गया है।

कुल्लू से मनाली के बीच भी चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे कई स्थानों पर टूट गया है। उधर, 8 जिलों में स्कूल कॉलेज बंद किए गए हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए, मंडी, कांगड़ा चंबा और कुल्लू में रेड अलर्ट जारी किया है। इससे पहले, सोमवार को भारी बारिश के चलते चंबा की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा को रोक दिया। उधर, ऑक्सीजन की कमी के चलते मणिमहेश यात्रा पर गए पंजाब के 4 श्रद्धालुओं की मौत भी हो गई। ऐसे में चंबा के हंडसर और भरमौर में बड़ी संख्या श्रद्धालु फंस हुए हैं। उधर, नूरपुर में डडवाड़ा गांव के रहने वाले गुरुदेव सिंह (72) की खड्ड में बहने से मौत हो गई। हिमाचल प्रदेश में मौसम में खासा बदवाल हुआ है और सर्दियों का सीजन शुरू होने से पहले ही ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है।

लाहौल स्पीति के शिंकुला, कुगती जोत, बारालाचा पर लगातार दो दिन से बर्फ गिर रही है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते मंगलवार के लिए शिमला, सोलन, ऊना, कांगड़ा, चंबा, मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर और कुल्लू के बंजार, सदर और मनाली में शिक्षण संस्थानों बंद रहेंगे। उधर, हिमाचल में इस बार का अब तक 20 जून से 25 अगस्त 2025 तक बारिश और आपदाओं में प्रदेशभर में 306 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 367 लोग घायल हुए हैं और 372 लोग लापता हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 1,843 मवेशियों की मौत हुई है और 25,755 पोल्ट्री बर्ड्स भी काल का ग्रास बने हैं। बारिश और भूस्खलन के कारण बड़ी संख्या में घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार 321 मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि 1,641 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसी तरह कई दुकानें, गोशालाएं और शेड भी नुकसान की चपेट में आए।

किसानों को अब तक लगभग 38.87 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, सड़कों के टूटने और बह जाने से लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा क्षति हुई है। विभाग को अब तक 1,310.79 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। इसके अलावा जलशक्ति विभाग को 813.85 करोड़, बिजली विभाग को 139.46 करोड़ और शिक्षा विभाग को 20.45 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी करीब 4.30 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों की बात करें तो मंडी में 1,321.64 करोड़, कांगड़ा में 741.72 करोड़, चंबा में 622.84 करोड़ और कुल्लू में 619.78 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कुल मिलाकर हिमाचल प्रदेश को इस मानसून सीज़न में अब तक लगभग 2,394 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

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